विकसित भारत के लिए विकसित हरियाणा, यही हमारा संकल्प है: प्रधानमंत्री
हमारा प्रयास देश में बिजली उत्पादन बढ़ाना है, बिजली की कमी राष्ट्र निर्माण में बाधा नहीं बननी चाहिए: प्रधानमंत्री
हमारे द्वारा शुरू की गई सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल को शून्य किया जा सकता है: प्रधानमंत्री
हमारा प्रयास हरियाणा के किसानों की क्षमता में वृद्धि करना है: प्रधानमंत्री

हरियाणा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान नायब सिंह सैनी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी मनोहर लाल जी, राव इंद्रजीत सिंह जी, कृष्णपाल जी, हरियाणा सरकार के मंत्रिगण, सांसद और विधायकगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों। हरियाणा के मेरे भाई-बेहणा ने मोदी की राम-राम।

साथियों,

आज मैं उस धरती को प्रणाम करता हूं, जहां मां सरस्वती का उद्गम हुआ। जहां मंत्रा देवी विराजती हैं, जहां पंचमुखी हनुमान जी हैं, जहां कपालमोचन साहब का आशीर्वाद है, जहां संस्कृति, श्रद्धा और समर्पण की त्रिवेणी बहती है। आज बाबा साहेब अंबेडकर जी की एक सौ पैंतीसवीं जयंती भी है। मैं सभी देशवासियों को अंबेडकर जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। बाबा साहेब का विजन, उनकी प्रेरणा, निरंतर विकसित भारत की यात्रा में हमें दिशा दिखा रही है।

साथियों,

यमुनानगर सिर्फ एक शहर नहीं, ये भारत के औद्योगिक नक्शे का भी अहम हिस्सा है। प्लाईवुड से लेकर पीतल और स्टील तक, ये पूरा क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था को मज़बूती देता है। कपाल मोचन मेला, ऋषि वेदव्यास की तपोभूमि और गुरु गोविंद सिंह जी की एक प्रकार से शस्त्र भूमि।

साथियों,

ये आपने आप में एक गरिमा बढ़ाने वाली बात है। और यमुनानगर के साथ तो, जैसे अभी मनोहर लाल जी बता रहे थे, सैनी जी बता रहे थे, मेरी कई पुरानी यादें जुड़ी हुई हैं। जब मैं हरियाणा का प्रभारी था, तो पंचकूला से यहां आना-जाना लगा रहता था। यहां काफी सारे पुराने कार्यकर्ताओं के साथ मुझे काम करने का अवसर मिला है। ऐसे कर्मठ कार्यकर्ताओं की ये परंपरा आज भी चल रही है।

साथियों,

हरियाणा लगातार तीसरी बार, डबल इंजन सरकार के विकास की डबल रफ्तार को देख रहा है। और अब तो सैनी जी कह रहे हैं ट्रिपल सरकार। विकसित भारत के लिए विकसित हरियाणा, ये हमारा संकल्प है। इस संकल्प की सिद्धि के लिए, हरियाणा के लोगों की सेवा के लिए, यहां के युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए, हम ज्यादा स्पीड से, ज्यादा बड़े स्केल पर काम करते रहते हैं। आज यहां शुरू हुई विकास परियोजनाएं, ये भी इसी का जीता जागता उदाहरण हैं। मैं हरियाणा के लोगों को इन विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

मुझे गर्व है कि हमारी सरकार बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाते हुए चल रही है। बाबा साहेब अंबेडकर ने उद्योगों के विकास को सामाजिक न्याय का मार्ग बताया था। बाबा साहेब ने भारत में छोटी जोतों की समस्या को पहचाना था। बाबा साहेब कहते थे कि, दलितों के पास खेती के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है, इसलिए दलितों को उद्योगों से सबसे अधिक फायदा होगा। बाबा साहेब का विजन था कि, उद्योगों से दलितों को ज्यादा रोजगार मिलेंगे और उनका जीवन स्तर ऊपर उठेगा। भारत में औद्योगीकरण की दिशा में बाबा साहेब ने देश के पहले उद्योग मंत्री डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर काम किया था।

साथियों,

औद्योगीकरण और मैन्यूफैक्चरिंग के इस तालमेल को दीनबंधु चौधरी छोटू राम जी ने भी गांव की समृद्धि का आधार माना था। वो कहते थे- गाँवों में सच्ची समृद्धि तब आएगी, जब किसान खेती के साथ-साथ छोटे उद्योगों के माध्यम से भी अपनी आय बढ़ाएगा। गांव और किसान के लिए जीवन खपाने वाले चौधरी चरण सिंह जी की सोच भी इससे अलग नहीं थी। चौधरी साहब कहते थे- औद्योगिक विकास को कृषि का पूरक होना चाहिए, दोनों हमारी अर्थव्यवस्था के स्तंभ हैं।

साथियों,

मेक इन इंडिया के, आत्मनिर्भर भारत के, मूल में भी यही भावना है, यही विचार है, यही प्रेरणा है। इसलिए, हमारी सरकार भारत में मैन्युफेक्चरिंग पर इतना बल दे रही है। इस वर्ष के बजट में हमने, मिशन मैन्युफेक्चरिंग की घोषणा की है। इसका मकसद है कि, दलित-पिछड़े-शोषित-वंचित नौजवानों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले, नौजवानों को ज़रूरी ट्रेनिंग मिले, व्यापार-कारोबार का खर्चा कम हो, MSME सेक्टर को मजबूती मिले, उद्योगों को टेक्नॉलॉजी का लाभ मिले और हमारे उत्पाद दुनिया में सबसे बेहतरीन हों। इन सारे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत जरूरी है कि, देश में बिजली की कोई कमी ना हो। हमें एनर्जी में भी आत्मनिर्भर होना ही होगा। इसलिए आज का ये कार्यक्रम बहुत अहम है। आज दीनबंधु चौधरी छोटूराम थर्मल पावर प्लांट की तीसरी इकाई का काम शुरू हुआ है। इसका फायदा यमुनानगर को होगा, उद्योगों को होगा भारत में जितना औद्योगिक विकास, जैसे प्लाईवुड बनता है, उसका आधा तो यमुनानगर में होता है। यहां एल्युमिनियम, कॉपर और पीतल के बर्तनों की मैन्युफैक्चरिंग बड़े पैमाने पर होती है। यहीं से पेट्रो-केमिकल प्लांट के उपकरण दुनिया के कई देशों में भेजे जाते हैं। बिजली का उत्पादन बढ़ने से इन सभी को फायदा होगा, यहां मिशन मैन्यूफैक्चरिंग को मदद मिलेगी।

साथियों,

विकसित भारत के निर्माण में बिजली की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है। और हमारी सरकार बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चौ-तरफा काम कर रही है। चाहे वन नेशन-वन ग्रिड हो, नए कोल पावर प्लांट हों, सोलर एनर्जी हो, न्यूक्लियर सेक्टर का विस्तार हो, हमारा प्रयास है कि, देश में बिजली का उत्पादन बढ़े, राष्ट्र निर्माण में बिजली की कमी बाधा ना बने।

लेकिन साथियों,

हमें कांग्रेस के दिनों को भी भूलना नहीं चाहिए। हमने 2014 से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, वो दिन भी देखे हैं, जब पूरे देश में ब्लैकआउट होते थे, बिजली गुल हो जाती थी। कांग्रेस की सरकार रहती तो देश को आज भी ऐसे ही ब्लैकआउट से गुजरना पड़ता। ना कारखाने चल पाते, ना रेल चल पाती, ना खेतों में पानी पहुंच पाता। यानि कांग्रेस की सरकार रहती तो, ऐसे ही संकट बना रहता, बटा रहता। अब इतने वर्षों के प्रयासों के बाद आज हालात बदल रहा है। बीते एक दशक में भारत ने बिजली उत्पादन की क्षमता को करीब-करीब दोगुना किया है। आज भारत अपनी ज़रूरत को पूरी करने के साथ-साथ पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात भी करता है। बिजली उत्पादन इस पर भाजपा सरकार के फोकस का लाभ हमारे हरियाणा को भी मिला है। आज हरियाणा में 16 हजार मेगावॉट बिजली का उत्पादन होता है। हम आने वाले कुछ सालों में ये क्षमता, 24 हजार मेगावॉट तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर के काम कर रहे हैं।

साथियों,

एक तरफ हम थर्मल पावर प्लांट में निवेश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ देश के लोगों को पावर जेनरेटर बना रहे हैं। हमने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली स्कीम शुरू की है। अपने छत पर सोलर पैनल लगाकर आप अपना बिजली का बिल जीरो कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जो अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा, उसे बेचकर कमाई भी कर सकते हैं। अब तक देश के सवा करोड़ से ज्यादा लोग इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। मुझे खुशी है कि, हरियाणा के भी लाखों लोगों ने इससे जुड़ने के लिए अप्लाई किया है। और जैसे-जैसे इस योजना का विस्तार हो रहा है, इससे जुड़ा सर्विस इकोसिस्टम भी बड़ा हो रहा है। सोलर सेक्टर में नई स्किल्स बन रही है। MSME के लिए नए मौके बन रहे हैं और युवाओं के लिए अनेक अवसर तैयार हो रहे हैं।

साथियों,

हमारे छोटे-छोटे शहरों में छोटे उद्योगों को पर्याप्त बिजली देने के साथ ही सरकार इस तरफ भी ध्यान दे रही है कि, उनके पास पर्याप्त पैसे रहें। कोरोना काल में MSME को बचाने के लिए लाखों करोड़ रुपए की सहायता सरकार ने दी है। छोटे उद्योग भी अपना विस्तार कर सकें, इसके लिए हमने MSME की परिभाषा बदली है। अब छोटे उद्योगों को ये डर नहीं सताता कि, जैसे ही वो आगे बढ़े, सरकारी मदद छिन जाएगी। अब सरकार, छोटे उद्योगों के लिए स्पेशल क्रेडिट कार्ड की सुविधा देने जा रही है। क्रेडिट गारंटी कवरेज को भी बढ़ाया जा रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही मुद्रा योजना को 10 साल पूरे हुए हैं। आपको जानकर के खुशी भी होगी और सुखद आश्चर्य भी होगा। मुद्रा योजना में पिछले 10 साल में, देश के सामान्य लोग जो पहली बार उद्योग के क्षेत्र में आ रहे, कारोबार के क्षेत्र में आ रहे थे, उनको बिना गारंटी तैंतीस लाख करोड़ रुपए, आप कल्पना कीजिए, तैंतीस लाख करोड़ रुपए बिना गारंटी के लोन के रूप में दिए जा चुके हैं। इस योजना के 50 परसेंट से भी ज्यादा लाभार्थी SC/ST/OBC परिवार के ही साथी हैं। कोशिश यही है कि, ये छोटे उद्योग, हमारे नौजवानों के बड़े सपनों को पूरा करें।

साथियों,

हरियाणा के हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत, हर भारतीय की थाली में नजर आती है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार किसानों के दुख-सुख की सबसे बड़ी साथी है। हमारा प्रयास है कि हरियाणा के किसानों का सामर्थ्य बढ़े। हरियाणा की भाजपा सरकार, अब राज्य की 24 फसलों को MSP पर खरीदती है। हरियाणा के लाखों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ भी मिला है। इस योजना के तहत, लगभग नौ हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के क्लेम दिए गए हैं। इसी तरह पीएम किसान सम्मान निधि से, साढ़े 6 हजार करोड़ रुपए हरियाणा के किसानों की जेब में गए हैं।

साथियों,

हरियाणा सरकार ने अंग्रेज़ों के जमाने से चले आ रहे आबियाना को भी खत्म कर दिया है। अब आपको नहर के पानी पर टैक्स भी नहीं देना पड़ेगा और आबियाने का जो 130 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया था, वो भी माफ हो गया है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार के प्रयासों से किसानों को, पशुपालकों को, आय के नए साधन मिल रहे हैं। गोबरधन योजना, इससे किसानों के कचरे के निपटारे और उससे आय का अवसर मिल रहा है। गोबर से, खेती के अवशेष से, दूसरे जैविक कचरे से बायोगैस बनाई जा रही है। इस वर्ष के बजट में, देशभर में 500 गोबरधन प्लांट बनाने की घोषणा की गई है। आज यमुनानगर में भी नए गोबरधन प्लांट की आधारशिला रखी गई है। इससे नगर निगम के भी हर साल 3 करोड़ रुपए बचेंगे। गोबरधन योजना, स्वच्छ भारत अभियान में भी मदद कर रही है।

साथियों,

हरियाणा की गाड़ी अब विकास के पथ पर दौड़ रही है। यहां आने से पहले मुझे हिसार में लोगों के बीच जाने का अवसर मिला। वहां से अयोध्या धाम के लिए सीधी हवाई सेवा शुरु हुई है। आज रेवाड़ी के लोगों को बाइपास की सौगात भी मिली है। अब रेवाड़ी के बाजार, चौराहों, रेलवे फाटकों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। ये चार लेन का बाइपास गाड़ियों को बड़ी आसानी से शहर से बाहर निकाल देगा। दिल्ली से नारनौल की यात्रा में एक घंटा कम समय लगेगा। मैं आपको इसकी बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारे लिए राजनीति सत्ता सुख का नहीं, सेवा का माध्यम है, जनता की भी सेवा का माध्यम और देश की सेवा का भी माध्यम। इसलिए भाजपा जो कहती है, उसे डंके की चोट पर करती भी है। हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनने के बाद हम लगातार आपसे किए वायदे पूरे कर रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस-शासित राज्यों में क्या हो रहा है? जनता से पूरा विश्वासघात। पड़ोस में देखिए हिमाचल में, जनता कितनी परेशान है। विकास के, जनकल्याण के सारे काम ठप पड़े हैं। कर्नाटका में बिजली से लेकर दूध तक, बस किराए से लेकर बीज तक- हर चीज़ महंगी हो रही है। मैं सोशल मीडिया पर देख रहा था, कर्नाटका में कांग्रेस सरकार ने जो महंगाई बढ़ाई है., भांति-भांति के टैक्स लगाए हैं। सोशल मीडिया में इन लोगों ने बड़ा articulate किया है और उन्होंने कहा है और A टू Z, पूरी ABCD, और हर अक्षर के साथ कैसे –कैसे उन्होंने टैक्स बढ़ाए, उसका A टू Z पूरा लिस्ट बनाकर के ये कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की पोल खोलकर रखी है। खुद वहां के मुख्यमंत्री के करीबी कहते हैं कि, कांग्रेस ने कर्नाटका को करप्शन में नंबर वन बना दिया है।

साथियों,

तेलंगाना की कांग्रेस सरकार भी जनता से किए वादे भूल गई है, वहां कांग्रेस, वहां की सरकार जंगलों पर बुलडोजर चलवाने में व्यस्त है। प्रकृति को नुकसान, जानवरों को खतरा, यही है कांग्रेस की कार्यशैली! हम यहां कचरे से गोबरधन बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं और बने बनाए जंगलों को उजाड़ रहे हैं। यानि सरकार चलाने के दो मॉडल आपके सामने हैं। एक तरफ कांग्रेस का मॉडल है, जो पूरी तरह झूठ साबित हो चुका है, जिसमें सिर्फ कुर्सी के बारे में सोचा जाता है। दूसरा मॉडल बीजेपी का है, जो सत्य के आधार पर चल रहा है, बाबा साहेब अंबेड़कर ने दी हुई दिशा पर चल रहा है, संविधान की मर्यादाओं को सर आंखों पर चढ़ाकर चल रहा है। और सपना है विकसित भारत बनाने के लिए प्रयास करना। आज यहां यमुनानगर में भी हम इसी प्रयास को आगे बढ़ता देखते हैं।

साथियों,

मैं आपसे एक और अहम विषय की चर्चा करना चाहता हूं। कल देश ने बैसाखी का पर्व मनाया है। कल ही जलियांवाला बाग हत्याकांड के भी 106 वर्ष हुए हैं। इस हत्याकांड में अपनी जान गंवाने वालों की स्मृतियां आज भी हमारे साथ हैं। जलियांवाला हत्याकांड में शहीद हुए देशभक्तों और अंग्रेज़ों की क्रूरता के अलावा एक और पहलू है, जिसे पूरी तरह अंधेरे में डाल दिया गया था। ये पहलू, मानवता के साथ, देश के साथ खड़े होने के बुलंद जज्बे का है। इस जज्बे का नाम- शंकरन नायर था, आपने किसी ने नहीं सुना होगा। शंकरन नायर का नाम नहीं सुना होगा, लेकिन आजकल इनकी बहुत चर्चा हो रही है। शंकरन नायर जी, एक प्रसिद्ध वकील थे और उस जमाने में, 100 साल पहले अंग्रेज़ी सरकार में बहुत बड़े पद पर विराजमान थे। वो सत्ता के साथ रहने का सुख, चैन, मौज, सब कुछ कमा सकते थे। लेकिन, उन्होंने विदेशी शासन की क्रूरता के विरुद्ध, जलियावाला बाग की घटना से व्यतीत होकर, मैदान में उतर उठे, उन्होंने अंग्रेजों के विरूद्ध आवाज़ उठाई, उन्होंने उस बड़े पद से लात मारकर के उसे छोड़ दिया, केरल के थे, घटना पंजाब में घटी थी, उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का केस लड़ने का खुद ने फैसला किया। वो अपने दम पर लड़े, अंग्रेज़ी साम्राज्य को हिला कर रख दिया। जिस अंग्रेज़ी साम्राज्य का सूरज, जिनका सूरज कभी अस्त नहीं होता था, उसको शंकरन नायर जी ने जलियांवाला हत्याकांड के लिए कोर्ट में कठघरे में खड़ा कर दिया।

साथियों,

ये सिर्फ, मानवता के साथ खड़े होने का ही मामला भर नहीं था। ये एक भारत, श्रेष्ठ भारत का भी बहुत उत्तम उदाहरण था। कैसे दूर-सुदूर दक्षिण में केरला का एक व्यक्ति, पंजाब में हुए हत्याकांड के लिए अंग्रेज़ी सत्ता से टकरा गया। यही स्पिरीट हमारी आजादी की लड़ाई की असली प्रेरणा है। यही प्रेरणा, आज भी विकसित भारत की यात्रा में हमारी बहुत बड़ी ताकत है। हमें केरल के शंकरन नायर जी के योगदान के बारे में जरूर जानना चाहिए और पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, यहां के एक-एक बच्चें को जानना चाहिए।

साथियों,

गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति- इन चारों स्तंभों को सशक्त करने के लिए डबल इंजन सरकार निरंतर काम कर रही है। हम सभी के प्रयासों से, हरियाणा जरूर विकसित होगा, मैं अपनी आंखों से देख रहा हूं, हरियाणा फलेगा, फूलेगा, देश का नाम रोशन करेगा। आप सभी को इन अनेक विकास कार्यों के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिये -

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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भारत-UK कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक ट्रेड एग्रीमेंट को प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक माइलस्टोन बताया
June 17, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, has expressed delight that the India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement will enter into force on 15 July 2026.

The Prime Minister said that the agreement will significantly boost bilateral trade and investment.

Shri Modi stated that the agreement will unlock numerous opportunities for Indian farmers, workers, MSMEs, startups and innovators and contribute meaningfully to the realisation of Viksit Bharat 2047.

The Prime Minister noted that both he and UK Prime Minister Keir Starmer, who are in Evian for the G7 Summit, are very happy with the significant momentum being added to India-UK economic ties.

The Prime Minister wrote on X;

“A historic milestone for India-UK relations.

Delighted to note that the India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement will enter into force on 15th July 2026.

This agreement will significantly boost our bilateral trade and investment.

It will also unlock numerous opportunities for Indian farmers, workers, MSMEs, startups and innovators and contribute meaningfully to the realisation of Viksit Bharat 2047.

Both PM Starmer and I, who are in Evian for the G7 Summit, are naturally very happy with the significant momentum being added to our economic ties.

@Keir_Starmer”