बीते 5 वर्षों में, छत्तीसगढ़ में सिर्फ कांग्रेसी नेताओं के बच्चों और उनके रिश्तेदारों को ही फायदा पहुंचा: पीएम मोदी
छत्तीसगढ़ को देश के टॉप राज्यों में लाना और गरीब, आदिवासी तथा पिछड़ों के हितों की रक्षा करना भाजपा का संकल्प: पीएम मोदी
जहां कांग्रेस रहेगी, वहां कभी विकास नहीं हो सकता: छत्तीसगढ़ के कांकेर में पीएम मोदी
भाजपा ने जब एक आदिवासी परिवार की बेटी को राष्ट्रपति बनाने का फैसला किया तो कांग्रेस ने उनका अपमान और उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया: पीएम मोदी

भारत माता की... छत्तीसगढ़ महतारी की जय! जय माँ दंतेश्वरी! जय शीतला माता! जय बूढ़ा देव, जय बड़ा देव! सपाय बस्तर चो दादा, दीदी, आया-बूआ कुन सेवा-जोहार! भगवान प्रवीर, शहीद वीर नारायण सिंह और शहीद गुंडाधुर की धरती पर आज मुझे आपके दर्शन का सौभाग्य मिला है। छत्तीसगढ़ में भाजपा के समर्थन में जो आंधी चल रही है, उसकी एक झलक यहां कांकेर में भी दिख रही है। आप इतनी बड़ी तादाद में हमारे सभी साथियों को आशीर्वाद देने आए है मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

आज बस्तर की इस पावन धरती से मुझे भी भाजपा के संकल्प के साथ जुड़ने का अवसर मिला है। भाजपा का संकल्प- छत्तीसगढ़िया पहचान को सशक्त करने का है। भाजपा का संकल्प- हर गरीब-आदिवासी-पिछड़े के हितों की रक्षा करना है। भाजपा का संकल्प- छत्तीसगढ़ को देश के टॉप राज्यों में लाने का है। आप याद रखिए,
कांग्रेस और विकास में छत्तीस का आंकड़ा है। जहां कांग्रेस रहेगी, वहां विकास हो ही नहीं सकता। छत्तीसगढ़ ने भरी हुंकार... छत्तीसगढ़ ने भरी हुंकार... छत्तीसगढ़ ने भरी हुंकार...

मेरे परिवारजनों,
कल ही, छत्तीसगढ़ ने अपना स्थापना दिवस मनाया है। छत्तीसगढ़ के लोगों और भाजपा ने साथ मिलकर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया।
कितनी ही चुनौतियों से लड़ते हुए हमने छत्तीसगढ़ में नई व्यवस्थाएं बनाईं। लेकिन जब तक दिल्ली में कांग्रेस की सरकार रही, वो यहां की भाजपा सरकार से दुश्मनी निकालती रही। लेकिन फिर भी हम छत्तीसगढ़ को विकास के नए पथ पर ले गए। अब छत्तीसगढ़ 25 साल का होने वाला है। और पचीस साल होने का मतलब क्या होता है
परिवार में बेटे-बेटियों के जीवन में भी ये 25 साल आयु वाला मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए, ये चुनाव सिर्फ विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं है। बल्कि ये आपके भविष्य, आपके बच्चों के भविष्य का फैसला करने का चुनाव है।

(बेटी ये आपकी तस्वीर मैंने देखी है... तुम इतना बढ़िया काम करके लाई हो.. मैं तुम्हें आशीर्वाद देता हूं.. लेकिन बेटी थम जाओगी.. तुम कब से खड़ी हो.. ये पुलिस के जवानों से मैं कहता हूं वो तस्वीर बेटी देना चाहे तो उस तस्वीर को ले लीजिए, और ये मुझे जरूर पहुंच जाएगी.. थैंक्यू बेटा थैंक्यू बहुत बढ़िया काम किया है तुमने और तुम्हारा पता उसमें लिख देना मैं जरूर तुझे चिट्ठी लिखूंगा।)

आपने बीते 5 साल में कांग्रेस सरकार की नाकामी देखी है। इन 5 वर्षों में कांग्रेस के नेताओं की कोठियां, उनके बंगले, उनकी कारें, इन्हीं का विकास हुआ है। इन 5 वर्षों में कांग्रेस के नेताओं के बच्चों और उनेक रिश्तेदारों को ही फायदा हुआ है। कांकेर के, बस्तर के गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों को क्या मिला? छत्तीसगढ़ के लोगों को कांग्रेस ने टूटी-फूटी सड़कें दी है। आप लोगों को कांग्रेस ने बीमार-बदहाल स्कूल-अस्पताल दिए हैं। कांग्रेस ने सरकारी दफ्तरों में घूसखोरी का नया रिकॉर्ड बनाया है। कांग्रेस शासन में आपको नौकरियों की बंदरबांट, हत्या-अपराध-हिंसा, यही सबकुछ मिला है। इसलिए तंग आ गया छत्तीसग़ढ़ का एक-एक मेरा भाई-बहन, बस्तर का एक-एक मेरा भाई-बहन। आज पूरा छत्तीसगढ़ कह रहा है- अउ नइ सहिबो, अउ नइ सहिबो... अउ नइ सहिबो बदल के रहिबो...

मेरे परिवारजनों,
गरीब की चिंता, भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। हम आपके वर्तमान और आपके भविष्य, दोनों की चिंता करते हैं। इसलिए बीते 9 वर्षों के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार ने जो भी योजनाएं बनाई हैं, उनका लक्ष्य एक ही रहा है- गरीब का कल्याण। आदिवासी का कल्याण। झुग्गी-झोंपड़ी, कच्चे मकान का जीवन कितना कठिन होता है, ये मैं भलीभांति जानता हूं। इसलिए, हमने गरीबों को पक्के घर की योजना बनाई। मेरे प्यारे भाइयों बहनों जब गरीब के लिए दिल में दर्द होता है न तब काम कैसे होते हैं मैं बताता हूं। अभी तक देशभर में 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को पक्का घर मिल चुका है। छत्तीसगढ़ के लाखों गरीब परिवारों के लिए भी लाखों घऱ बनाने तय हैं। और मैं आपको वादा करता हूं, अभी मेरा ये कार्यकाल पूरा नहीं किया है, जैसे-जैसे परिवार बढ़ते जाते हैं, बेटे-बेटी अलग रहने जाते हैं, उनको और मकान की जरूरत पड़ती है। ये आपका मोदी इनके लिए भी घर बनाएगा। लेकिन यहां की कांग्रेस सरकार, पिछले पांच साल में मैंने देखा, देश भर में तो मैं काम कर पाता हूं, लेकिन यहां गरीब के घर भी बनने में रोड़े अटकाते हैं रोड़े अटकाते हैं। उनको गरीब की चिंता नहीं हैं उनको चिंता ये है कि अगर गरीब को घर मिल जाएगा, तो मोदी का जय जयकार करेगा और इसलिए गरीब का घर मत बनने दो... मैं आज आपको ये वायदा करता हूं। ये मोदी की गारंटी है, छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद पीएम आवास योजना के काम को और तेज किया जाएगा, यहां के हर गरीब को, हमारे आदिवासी भाई-बहनों को, पिछड़े परिवारों को, दलित परिवारों को जिनके पास पक्का घर नहीं है मोदी की गारंटी है पक्का घर मिलेगा।

साथियों,
आपने देखा है, कोरोना का इतना बड़ा संकट आया। दुनिया के अनेक देशों में खाने का संकट पैदा हो गया। अपने गरीब भाई-बहनों को इस परेशानी से बाहर निकालने की चिंता भी आपके सेवक मोदी ने ही की। भाजपा सरकार ने आपके लिए मुफ्त राशन देने वाली योजना बनाई। लेकिन कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में इस योजना में भी घोटाला कर दिया घोटाला। आज़ादी के अनेक दशक तक कांग्रेस की सरकारें पूरे देश में रही। पंचायत से पार्लियामेंट तक उनका ही झंडा था। लेकिन गरीब के घर शौचालय नहीं बना था, पानी की सुविधा नहीं पहुंची थी, गैस कनेक्शन की तो बात ही कहां थी, बैंक के दरवाजे तक नहीं जाता था, बैंक के खाते का तो सवाल तक नहीं था। छत्तीसगढ़ में तो परिस्थतियां और भी विकट थीं। ये काम भी आप मेरे प्यारे भाई-बहनों के आशीर्वाद से मोदी बिना थके कर रहा है।

साथियों,
मोदी को आपके स्वास्थ्य की, इलाज पर होने वाले खर्च की भी उतनी ही चिंता है। बस्तर से ही आपको याद होगा बस्तर से ही मैंने आयुष्मान भारत योजना के तहत गांव-गांव अच्छे अस्पताल बनाने के अभियान की शुरुआत की थी। आज देश के लोगों ने, तब हमने इसका नाम रखा था हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। ये सरकारी तरीका होता है तो हमने नाम रखा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, लेकिन मेरे देशवासियों ने उसका काम देखा, उसका उपयोग देखा तो गांव-गांव लोगो ने क्या किया। उसका नाम ही बदल दिया। और मैं भी हैरान था, क्या बढ़िया नाम लोग बोलने लगे। क्या नाम रखा.. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की जगह उन्होंने लिख दिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर। ये काम किया है.. कितना उपयोगी हुआ होगा, तब ये नाम मेरे देश के गांववालों ने निकाला होगा। छत्तीसगढ़ में भी हज़ारों ऐसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। अस्पताल में गरीब को इलाज के पैसे ना देने पड़ें, इसके लिए आयुष्मान योजना भी मोदी ने चलाई है। छत्तीसगढ़ के दो करोड़ से अधिक साथी इसके लाभार्थी हैं। लाखों साथी इस योजना के तहत अपना मुफ्त इलाज करा भी चुके हैं।

साथियों,
भाजपा सरकार ने बीते सालों में हजारों जन औषधि केंद्र खोले हैं ताकि गरीब को सस्ती दवाएं मिलें। हमने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजनाएं इसलिए बनाई ताकि गरीब को भी मुश्किल समय में मदद मिल सके। किसानों, दुकानदारों, श्रमिकों के पास 60 वर्ष के बाद कोई सुरक्षा गारंटी नहीं होती थी। हमने अटल पेंशन और मानधन योजनाएं बनाईं, जिससे एक तय पेंशन सुनिश्चित हो रही है। और गरीब हित में ये जो भी योजनाएं बनी हैं, इनके सबसे बड़े लाभार्थी कौन हैं? इसके सबसे बड़े लाभार्थी हमारे SC/ST/OBC वर्ग के मेरे परिवारजन हैं।

मेरे परिवारजनों,
मोदी की गारंटी यानि हर गारंटी पूरा करने की गारंटी। गंगा जी की कसम खाकर झूठी घोषणा करने का काम सिर्फ कांग्रेस के नेता ही कर सकते हैं। 9 साल पहले तक जो काम असंभव लगते थे, वो काम भी हमने पूरे किए हैं, क्योंकि उनकी गारंटी मोदी ने दी थी। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के आरक्षण भी, महिलाओं के लिए आरक्षण कितने समय से लटका पड़ा था? ये काम भी किसने पूरा किया? किसने पूरा किया? किसने पूरा किया? मोदी ने गारंटी पूरी की कि नहीं पूरी की? हम समाज के उन वर्गों को भी पूछ रहे हैं, जिन्हें पहले किसी ने नहीं पूछा। हमारे विश्वकर्मा साथी, हर गांव में कोई न कोई परिवार होता है कुम्हार हो, लोहार हो, मालाएं बनाने वाले मालाकार हो, मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार हो, खिलौना बनाने वाले छोटे-छोटे लोग हो , टोकरी बनाने वाले हो, बांस पर काम करने वाले हो, जूते बनाने वाले, कपड़े धोने वाले, ऐसे अनेक छोटे-छोटे परिवार, बिखड़े हुए ये परिवार कोई उनकी सुध भी नहीं लेता था। मोदी है उसे उनका दर्द भी पता चलता है। और हमने ऐसे परिवारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत हर विश्वकर्मा साथी को हजारों रुपए की आर्थिक मदद देने का निर्णय किया है उनको ट्रेनिंग देंगे, आधुनिक औजार देंगे, उनको बैंक से पैसा देंगे, उनको बाजार की व्यवस्था करेंगे।

मेरे परिवारजनों,
हर क्षेत्र, हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचे, सबको सम्मान का जीवन मिले, ये भाजपा की नीति है। तुष्टिकरण किसी का नहीं और विकास से वंचित भी कोई नहीं रहे यही भाजपा की नीति है। देश के इतिहास में पहली बार भाजपा ने एक आदिवासी परिवार की बेटी को राष्ट्रपति बनाने का फैसला किया। लेकिन कांग्रेस ने उनका भी विरोध किया। उनके खिलाफ अपप्रचार किया, भला-बुरा कहा। कांग्रेस का ये विरोध भाजपा के विरुद्ध नहीं था, बल्कि ये आदिवासी बेटी के विरोध में था।
छत्तीसगढ़ के हर आदिवासी को, आदिवासी की बेटी का ये अपमान हमेशा-हमेशा याद रखना है, और कांग्रेस को इसकी सजा देनी है। सजा देंगे ना.. दोनों हाथ जरा ऊपर करके बताइये कि सजा देंगे ना। आदिवासी बेटी के अपमान का बदला लेंगे ना ? कांग्रेस को सजा देंगे ना?

साथियों,
कांग्रेस की यही मानसिकता है जिसके कारण दशकों तक आदिवासी समाज वंचित रहा। छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में आदिवासी आरक्षण के मामले में कांग्रेस की भूमिका को आदिवासी समाज नहीं भूल सकता। महरा-महारा समाज को SC का दर्जा देकर, उनकी लंबे समय से लंबित मांग को भाजपा सरकार ने पूरा किया। 12 समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करके, उन्हें ST का दर्जा देकर उनके भविष्य का रास्ता भी भाजपा सरकार ने प्रशस्त किया। ये हमारी सरकार है जिसने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। मेडिकल के ऑल इंडिया कोटे में ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था भी भाजपा सरकार ने की है। कांग्रेस ने ओबीसी को क्या दिया? सिर्फ धोखा और गाली। मुझे भी नहीं छोड़ा। जब मैं 13-14 में चुनाव के मैदान में आया तब मुझे गाली इसलिए देते थे कि मैं ओबीसी समाज से आता था। ये इनकी मानसिकता है। ये हमारी सरकार है जिसने मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई मातृभाषा में हो, इसकी व्यवस्था की है। इसके सबसे अधिक लाभ भी गरीब,SC/ST/OBC माताओं की संतानों को ही होगा। हमारे ये बच्चे अंग्रेजी की वजह से पढ़ने में पीछे रह जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। भाजपा सरकार बनने के बाद, छत्तीसगढ़ में भी मातृभाषा में पढ़ाई पर बल दिया जाएगा। गांव के गरीब के बेटे-बेटी भी डॉक्टर बन सकेंगे, इंजिनीयर बन सकेंगे ये मेरा सपना है।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस कभी नेक नीयत से काम नहीं कर सकती। 10 साल पहले केंद्र सरकार में लाखों करोड़ के घोटाले करके कांग्रेस ने काली कमाई से अपनी तिजोरी भर ली थी। लेकिन अब 10 साल से कांग्रेस, केंद्र सरकार में नहीं है। ऐसे में कांग्रेस की तिजोरी खाली हो रही है। और इसलिए जहां-जहां राज्य में कांग्रेस की सरकार हैं, वहां के लोगों को ये कांग्रेस अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए गरीब से गरीब लोगों को लूट रही है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में से लूट चलाई जा रही है। यहां छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस ने पिछले पांच साल यही किया है और छत्तीसगढ़ में कौन सा खेल चल रहा है?
यहां के मुख्यमंत्री के बारे में कहा जाता है- 30 टके कक्का- आपका काम पक्का। 30 टके कक्का- आपका काम पक्का... 30 टके कक्का- आपका काम पक्का... ऐसे 30 टके कक्का वाली कांग्रेस सरकार को अब आपको बाहर का रास्ता दिखाना है। दिखाओगे ना... दिखाओगे ना... दोनों हाथ ऊपर कर के बताइए.. ये तीस टके वाला कक्का जाएगा ना... जाएगा ना...

साथियों,
छत्तीसगढ़ में अथाह खनिज संपदा है। कोयला हो, लोहा हो, अब मुझे बताइए, मोदी प्रधानमंत्री बना है उसके बाद आया है क्या? उसके पहले था कि नहीं था? लेकिन कांग्रेस ने आपको कभी इसका लाभ नहीं लेने दिया। ये मोदी है जिसने तय किया कि छत्तीसगढ़ से जो खनिज निकलेगा, उसका बड़ा हिस्सा इस इलाके में रहने वाले छत्तीसगढ़ के लोगों को भी मिलेगा। जहां से निकलता है पहला हक उनका होगा। मोदी ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड बनाया, आपके हक के हजारों करोड़ रुपए यहां की सरकार को भेजे। इस पैसे से आपके घर के पास अच्छा स्कूल बने कॉलेज बने, अस्पताल बने। लेकिन कांग्रेस के लोगों ने इस पैसे को भी लूट लिया। कांग्रेस की सरकार जब भ्रष्टाचार करती है, तो सिर्फ राज्य का नुकसान नहीं होता, बल्कि हर परिवार का भी नुकसान होता है। आपके बच्चों के भविष्य को भी वो उजाड़ देते हैं। आपका कोयला है, लेकिन आपको बिजली पर्याप्त मिलती नहीं। वजह जानते हैं क्या है? कांग्रेस के लोग आपके कोयले में भी कमीशन खा रहे हैं।

साथियों,
कांग्रेस को गौमाता से कितनी नफरत है, ये हम सब जानते हैं। कांग्रेस ने गौमाता के नाम पर भी पशुपालकों को धोखा ही दिया है। और आज मैं एक बहुत बड़ा खुलासा छत्तीसगढ़ के लोगों के सामने कर रहा हूं। कांग्रेस ने दावा किया है कि यहां छत्तीसगढ़ में उसने 300 से ज्यादा गोवर्धन प्लांट चालू करवाए। लेकिन केंद्र सरकार ने जब इनका वेरिफिकेशन करवाया तो सामने आया कि इसमें करीब-करीब 250 गोवर्धन प्लांट फर्जी हैं, बंद पड़े हैं। कागज पर हैं। ये कांग्रेस की सच्चाई है, यही कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड है। कांग्रेस, केंद्र सरकार को दिए जाने वाले आंकड़ों में भी हेरा-फेरी कर रही है। आदत जाती नहीं चोरी करने की। कांग्रेस के लोगों ने गौमाता के नाम पर भी भ्रष्टाचार की खूब मलाई खाई है। मेरी दाई और दीदी याद कीजिए, 5 साल पहले इन्होंने जोर-शोर से आपसे शराबबंदी का वादा किया था। शराबबंदी का वादा किया था ना? माताओं-बहनों को कहा था ना? लेकिन आप आज भी परेशान हैं। आपकी कमाई लुट रही है। आपके बच्चों का नुकसान हो रहा है। लेकिन कांग्रेस सरकार ने वायदा पूरा करने के बजाय यहां शराब घोटाला कर दिया। यानि इसमें भी फायदा कांग्रेस के नेताओं को हुआ। इसलिए हर दाई-दीदी कह रही है, गुस्से में आकर के कह रही है, अपने बच्चों की चिंता को लेकर के कह रही है- अउ नइ सहिबो, अउ नइ सहिबो, अउ नइ सहिबो, अउ नइ सहिबो, बदल के रहिबो!

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस ने सबसे बड़ा धोखा, छत्तीसगढ़ के हमारे युवाओं के साथ किया है। जो वादे किए, वो तो पूरे किए ही नहीं, उल्टा भर्तियों से सैकड़ों करोड़ रुपए कमा लिए। PSC को भी इन्होंने कांग्रेस कमेटी का दफ्तर बना दिया। PSC परीक्षा में कांग्रेस के लोगों के बच्चे ही भर्ती किए गए, आपके बच्चों को बाहर कर दिया गया। परिवारवाद-भाई भतीजावाद और भ्रष्टाचार, यही कांग्रेस की नीति है। यही कांग्रेस की रीति है। आपके बच्चों की चिंता मोदी को है, भाजपा को है। इसलिए मैं आज छत्तीसगढ़ के हर युवा को कहूंगा। छत्तीसगढ़ को लूटने वाला, युवाओं को धोखा देने वाला, कितना भी ताकतवर क्यों न हो, मोदी की गारंटी है जिसेने छत्तीसगढ़ को लूटा है उनको सबकुछ लौटाना पड़ेगा। ये मोदी की गारंटी है लूटनेवाला एक भी बचने वाला नहीं है। भ्रष्टाचार से लड़ने का ये काम आपने मुझे दिया है। आपने इसी काम के लिए मुझे बैठाया है, मौज मजा के लिए नहीं बिठाया है। और इसलिए.. आप मुझे बताइये कि ये काम मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? जरा पूरी ताकत से पता चले दिल्ली वालों को भी पता चले.. ये काम मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? चोर लूटेरों को ठीक करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना चाहिए कि नहीं ल़ड़ना चाहिए? लूटेरों का हिसाब चुकता करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? ये गरीब का पैसै वापस आना चाहिए किन नहीं आना चाहिए? आपके आशीर्वाद से ये काम कभी रोकने वाला नहीं हूं दोस्तों। और इसलिए ये लोग मुझे भले लाखों गालियां देते रहें, ये आपके आशीर्वाद की ताकत है कि न मोदी डिगता है न मोदी डरता है मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ ना कार्रवाई को रोकता है।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस के नेता कैसे झूठ बोलते हैं, इसका उदाहरण धान की खऱीद भी है। ये समझना, बड़े डिटेल में आज बताउंगा मैं आपको। कितना झूठ बोलते हैं आप देखिए.. पिछले 9 सालों में ही भाजपा की केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के धान किसानों से 1 लाख करोड़ रुपए का धान खरीदा है। कितना? कितना? कितना? ये दिल्ली की भाजपा सरकार ने खरीदा है। और यहां कांग्रेस वाले झूठ बोलते हैं कि ये पैसे उन्होंने दिए हैं। धान की खऱीद का पैसा किसानों के बैंक अकाउंट में जमा हो, बिचौलियों के पास ना जाए, ये प्रबंध भी ये आपके मोदी ने पक्का कर लिया है। इसलिए छत्तीसगढ़ के धान किसानों की खुशहाली की गारंटी भी भाजपा ही दे सकती है। और मेरे धान किसान मेरी गारंटी पर भरोसा करना। पीएम किसान सम्मान निधि से देशभर के किसानों को 2 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपए भी भाजपा सरकार ने दिए हैं। छत्तीसगढ़ के हर किसान को भी इस योजना के तहत 28 हजार रुपए मिले हैं। और ये भी सीधे किसानों के बैंक खातों में दिए गए हैं। आपके कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज-श्रीअन्न को देश-विदेश के बाज़ारों तक पहुंचाने का बीड़ा भी भाजपा सरकार ने उठाया है। भाजपा सरकार बनेगी तो आपके इस श्री अन्न की भी अच्छी कीमत आपको मिलने वाली है।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस के वादे, बस्तर के उस मक्का प्लांट की तरह है, वो मक्का प्लांट वाली बात याद है ना? भूल गए...सालों पहले ये कांग्रेस वालों ने गाजे-बाजे के साथ ये मक्का प्लांट का शिलान्यास किया था। कांग्रेस के नेता कहते थे कि प्लांट लगेगा तो मक्का किसानों को ज्यादा पैसा मिलेगा। कहा गया था कि मक्का प्लांट से इथेनॉल बनाया जाएगा, लेकिन मक्का प्लांट को भी लटका दिया गया। जिन किसानों से ज़मीन ली गई थी, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। लेकिन आज बस्तर के किसान पूछ रहे हैं कि- बताओ कक्का, कहां गया हमारा मक्का? बताओ कक्का, कहां गया हमारा मक्का? बताओ कक्का, कहां गया हमारा मक्का? मक्का प्लांट के नाम पर आपको धोखा देने वालों को क्या आप माफ कर सकते हैं? आप माफ कर सकते हैं? ऐसे धोखे को फिर से मौका दे सकते हैं?

मेरे परिवारजनों,
बीते 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ के तेंदुपत्ता संग्राहकों को भी कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार ने जमकर लूटा है। पिछली भाजपा सरकार बहुत बड़ी मात्रा में तेंदुपत्ता की खरीद करती थी, ज्यादा बोनस देती थी, दूसरी सुविधाएं देती थी। कांग्रेस सरकार ने इन सब पर ब्रेक लगा दिया। इसलिए तेंदुपत्ता संग्राहक आदिवासी भी कह रहा है- अउ नइ सहिबो... अउ नइ सहिबो... अउ नइ सहिबो, बदल के रहिबो! मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। भाजपा सरकार बनते ही, तेंदुपत्ता की खरीद का विस्तार किया जाएगा। यहां तेंदूपत्ते की अच्छी कीमत पर खरीद भी होगी, बोनस और दूसरी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

साथियों,
ये मोदी है, जो आपकी वन उपज का महत्व समझता है। 2014 तक, कांग्रेस की सरकार सिर्फ 5, 6 या 7 वन उपजों पर ही MSP देती थी। आज देशभर में लगभग 90 वन उपज MSP के दायरे में है। छत्तीसगढ़ में भी दर्जनों वन उपजों पर आज MSP मिल रहा है, तो ये भाजपा सरकार के कारण मिल रहा है। भाजपा सरकार ने ही जगह-जगह वनधन केंद्र खोले हैं। जिसमें बड़ी संख्या में हमारी आदिवासी बहनों को रोजगार मिला है। कांग्रेस सरकार तो आदिवासी परिवारों को पट्टे तक देने में लापरवाही कर रही है। कांग्रेस ने यहां पिछले 5 साल में जितने पट्टे दिए हैं, उससे पांच गुना अधिक पट्टे भाजपा सरकार ने दिए थे।

साथियों,
एक तरफ कांग्रेस के झूठे वायदे तो दूसरी भाजपा है। भाजपा जो कहती है, वो करके दिखाती है। भाजपा सरकार बनते ही, यहां इस क्षेत्र में नए उद्योग आएंगे, नई फैक्ट्रियां लगेगीं। कुछ दिन पहले ही मुझे जगदलपुर में 24 हजार करोड़ रुपए के आधुनिक स्टील कारखाने के लोकार्पण का अवसर मिला था। बस्तर में कच्चा माल था, लोहा था। फिर भी कांग्रेस वालों ने यहां दशकों तक कोई स्टील फैक्ट्री नहीं बनाई। अगर यहां स्टील फैक्ट्री पहले बन जाती तो, कांग्रेस के ठेकेदारों का कमीशन बंद हो जाता। इसलिए कांग्रेसी, इस नए बने स्टील प्लांट से भी चिढ़े हुए हैं। अफवाहे फैला रहे हैं। कांग्रेस को अपने लोगों की तिजोरी की चिंता है और मोदी के लिए तो आप ही उसका परिवार हैं। आपकी चिंता ये मोदी की चिंता। और इसलिए हमने बस्तर में ही स्टील कारखाना बनाया है। इस कारखाने से बस्तर के 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा, दोस्तों, एक लाख से अधिक युवाओं को..

मेरे परिवारजनों,
विकसित भारत के लिए छत्तीसगढ़ का तेज़ विकास ज़रूरी है। हमें आने वाले 5 वर्षों में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव मजबूत करनी है। इसलिए, कांकेर सहित, पूरे बस्तर की हर सीट पर भाजपा ने ऊर्जावान और आपके लिए समर्पित उम्मीदवार दिए हैं। ये कमल के सिपाही हैं। और कमल, समृद्धि का प्रतीक है, हमारी संस्कृति का भी प्रतीक है। हर बूथ पर, भाजपा के इन उम्मीदवारों को मिलने वाला आशीर्वाद, ये मोदी को ही मिलने वाला है।

साथियों,
आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए हैं। लेकिन आपके अनेक साथी, चाहकर भी यहां नहीं पहुंच पाए। मैं एक काम आपसे चाहता हूं.. करोगे?.. मेरा एक काम करोगे? जरा हाथ ऊपर करके बताइए तो विश्वास हो जाए मुझे.. मेरा एक काम करोगे? पीछे बताइये मेरा काम करोगे? ये पंडाल के बाहर जो मुझे दूर-दूर तक सुन रहे हैं मेरा काम करोगे? पक्का करोगे? देखिए, छोटा सा काम है.. करोगे ना.. मेरे लिए बहुत जरूरी है करोगे ना? जरा फिर से बोलिए ना करोगे ना? पक्का करोगे? मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप यहां से जब वापस जाएंगे तो आप हर परिवार में जाइए और उनको कहिए कि मोदी कांकेर आए थे, आपका बेटा कांकेर आया था, आपका भाई मोदी कांकेर आया था.. ये मोदी ने आपको जय जोहार कहा है। ये मेरा जोहार पहुंचा दोगे? मेरा जोहार पहुंचा दोगे? घर-घऱ जाकर पहुंचा दोगे? हर मां को पहुंचा दोगे? हर दीदी को पहुंचा दोगे? इतना काम करोगे? अच्छा मेरा एक और काम है करोगे? देखिए आज मैं क्यों आया हूं कांकेर? क्यों आया हूं? आपके बीच क्यों आया हूं? देखिए, वोट तो आप देने वाले ही हैं, भाजपा को जिताने वाले ही हैं। मैं तो इसलिए आया हूं कि 3 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के चुनाव के नतीजे आएंगे। आपके आशीर्वाद से भाजपा को बहुमत मिलेगा और हफ्ते के भीतर-भीतर नई सरकार बनेगी, भाजपा के मुख्यमंत्री बनेंगे। मैं आपके पास आया हूं कि जब भाजपा के मुख्यमंत्री का शपथ समारोह होने वाला है. मैं आपको निमंत्रण देने आया हूं। आओगे ना? आओगे ना? मैं आपको भाजपा की सरकार के भाजपा के मुख्यमंत्री के शपथ समारोह के लिए आज आप सबको निमंत्रण देने के लिए आया हूं। और मेरा आग्रह है, धीरे-धीरे ठंड शुरू हुई है। सुबह ठंड लग रही है ना? लेकिन हमें सात तारीख को सात बजे ही वोट के लिए लाइन में लग जाना है। लग जाएंगे? ज्यादा से ज्यादा मतदान करेंगे? हर परिवार से मतदान कराएंगे? हर पोलिंग बूथ पर जाएंगे?

मेरे साथ बोलिए भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

बहुत-बहुत धन्यवाद

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Text of PM’s address at the News18 Rising Bharat Summit
February 27, 2026
Developed nations are eager to sign trade deals with India because a confident India is rising beyond doubt and despair: PM
In the last 11 years, a new energy has flowed into the nation's consciousness, India is determined to regain its rightful strength: PM
India's Digital Public Infrastructure has today become a subject of global discussion: PM
Today, every move India makes is closely watched and analysed across the world, the AI Summit is a clear example of this: PM
Nation-building never happens through short-term thinking; It is shaped by a long-term vision, patience and timely decisions: PM

इजराइल की हवा यहाँ भी पहुँच गई है।

नमस्कार!

नेटवर्क 18 के सभी पत्रकार, इस व्यवस्था को देखने वाले सभी साथी, यहां उपस्थित सभी महानुभाव, देवियों और सज्जनों!

आप सभी राइजिंग भारत की चर्चा कर रहे हैं। और इसमें strength within पर आपका जोर है, यानी साधारण शब्दों में कहूं, तो देश के अपने खुद के सामर्थ्य पर आपका फोकस है। और हमारे यहां तो शास्त्रों में कहा गया है - तत् त्वम असि! यानी जिस ब्रह्म की खोज मे हम निकले हैं, वो हम ही हैं, वो हमारे भीतर ही है। जो सामर्थ्य हमारे भीतर है उसे हमें पहचानना है। बीते 11 वर्षों में भारत ने अपना वही सामर्थ्य पहचाना है, और इस सामर्थ्य को सशक्त करने के लिए आज देश निरंतर प्रयास कर रहा है।

साथियों,

सामर्थ्य किसी देश में अचानक पैदा नहीं होता, सामर्थ्य पीढ़ियों में बनता है। वो ज्ञान से, परंपरा से, परिश्रम से और अनुभव से निखरता है, लेकिन इतिहास के एक लंबे कालखंड में, गुलामी की इतनी शताब्दियों में, हमारे सामर्थ्यवान होने की भावना को ही हीनता से भर दिया गया था। दूसरे देशों से आयातित विचारधारा ने समाज में कूट-कूट कर ये भर दिया था, कि हम अशिक्षित हैं और अनुगामी यानी, फॉलोअर हैं, हमारे यहां ये भी कहा गया है – यादृशी भावना यस्य, सिद्धिर्भवति तादृशी। यानी जैसी जिसकी भावना होती है, उसे वैसी ही सिद्धि प्राप्त होती है। जब भावना में ही हीनता थी, तो सिद्धि भी वैसी ही मिल रही है। हम विदेशी तकनीक की नकल करते थे, विदेशी मुहर का इंतजार करते थे, ये वो गुलामी थी जो राजनीतिक और भौगोलिक से ज्यादा मानसिक गुलामी थी। दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी, भारत गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाया। और इसका नुकसान हम आज तक उठा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण, हम ट्रेड डील्स में हो रही चर्चा में देख रहे हैं। कुछ लोग चौंक गए हैं कि अरे ये क्या हो गया, कैसे हो गया, विकसित देश भारत से ट्रेड डील्स करने में इतने उत्सुक क्यों हैं। इसका उत्तर है हताशा, निराशा से बाहर निकल रहा आत्मविश्वासी भारत। अगर देश आज भी 2014 से पहले वाली निराशा में होता, फ्रेजाइल फाइव में गिना जाता, पॉलिसी पैरालिसिस से घिरा होता, अगर ये हाल होते तो कौन हमारे साथ ट्रेड डील्स करता, अरे हमारी तरफ देखता भी नहीं।

लेकिन साथियों,

बीते 11 वर्षों में देश की चेतना में नई ऊर्जा का प्रवाह हुआ है। भारत अब अपने खोये हुए सामर्थ्य को वापस पाने का प्रयास कर रहा है। एक समय में जब भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा दबदबा था, तो हमारा क्या सामर्थ्य था? भारत की मैन्युफैक्चरिंग, भारत के प्रोडक्टस की क्वालिटी, भारत की अर्थ नीति, अब आज का भारत फिर से इन बातों पर फोकस कर रहा है। इसलिए हमने मैन्युफैक्चरिंग पर काम किया, हमने मेक इन इंडिया पर बल दिया, हमने अपनी बैंकिंग सिस्टम को सशक्त किया, महंगाई जो डबल डिजिट की दर से भाग रही थी, उसका कंट्रोल किया और भारत को दुनिया का ग्रोथ इंजन बनाया। भारत का यही सामर्थ्य है कि दुनिया के विकसित देश सामने से भारत के साथ ट्रेड डील करने के लिए खुद आगे आ रहे हैं।

साथियों,

जब किसी राष्ट्र के भीतर, छिपी हुई उसकी शक्ति जागती है, तो वह नई उपलब्धियां हासिल करता है। मैं आपको कुछ और उदाहरण देता हूं। जैसे मैं जब कभी दूसरी देशों के हेड ऑफ द गर्वमेंट से मिलता हूं, तो वो जनधन, आधार और मोबाइल की इतनी शक्ति के बारे में सुनने के लिए बहुत उत्सुक होते हैं। जिस भारत में एटीएम भी, दुनिया की विकसित देशों की तुलना में काफी समय बाद आया, उस भारत ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम में ग्लोबल लीडरशिप कैसे हासिल कर ली? जहां पर सरकारी मदद की लीकेज को कड़वा सच मान लिया गया था, वो भारत डीबीटी के जरिये 24 लाख करोड़ रूपये, यानी Twenty four trillion रुपीज कैसे लाभार्थियों को भेज पा रहा है? भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आज पूरे विश्व के लिए चर्चा का विषय बन चुका है।

साथियों,

दुनिया हैरान होती है, कि जिस भारत में 2014 तक, करीब तीन करोड़ परिवार अंधेरे में थे, वो आज सोलर पावर कैपेसिटी में दुनिया के टॉप के देशों में कैसे आ गया? जिस भारत के शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधरने की कोई उम्मीद ना थी, वो भारत आज दुनिया का तीसरा बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश कैसे बन गया? जिस भारत के रेलवे की पहचान सिर्फ लेट-लतीफी और धीमी-रफ्तार से होती थी, वहां वंदे भारत, नमो भारत, ऐसी सेमी-हाईस्पीड कनेक्टिविटी कैसे संभव हो पा रही है?

साथियों,

एक समय था, जब भारत नई टेक्नोलॉजी का सिर्फ और सिर्फ कंज्यूमर था। आज भारत नई टेक्नोलॉजी का निर्माता भी है और नए मानक भी स्थापित कर रहा है। और ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि हमने अपने सामर्थ्य को पहचाना है, जिस Strength Within की आप चर्चा कर रहे हैं, ये उसका ही उदाहरण है।

साथियों,

जब हम गर्व से आगे बढ़ते हैं, तो दुनिया हमें जिस नजर से देखती रही है, वो नजर भी बदली है। आप याद कीजिए, कुछ साल पहले तक दुनिया में, ग्लोबल मीडिया में, भारत के किसी इवेंट की कितनी कम चर्चा होती थी। भारत में होने वाले इवेंट्स को उतनी तवज्जो ही नहीं दी जाती थी। और आज देखिए, भारत जो करता है, जो एक्शन यहां होते हैं, उसका वैश्विक विश्लेषण होता है। AI समिट का उदाहरण आपके सामने है, इसी भवन में हुआ है। AI समिट में 100 से ज्यादा देश शामिल हुए, ग्लोबल नॉर्थ हो या फिर ग्लोबल साउथ, सभी एक साथ, एक ही जगह, एक टेबल पर बैठे। दुनिया के बड़े-बड़े कॉर्पोरेशन्स हों या फिर छोटे-छोटे स्टार्ट अप्स, सभी एक साथ जुटे।

साथियों,

अब तक जितनी भी औद्योगिक क्रांतियां आई हैं, उनमें भारत और पूरा ग्लोबल साउथ सिर्फ फॉलोअर रहा है। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस युग में, भारत निर्णयों में सहभागी भी है और उन्हें शेप भी कर रहा है। आज हमारे पास खुद का AI स्टार्टअप इकोसिस्टम है, डेटा-सेंटर में निवेश करने की ताकत है और AI डेटा को स्टोर करने के लिए, प्रोसेस करने के लिए, जिस पावर की सबसे ज्यादा ज़रूरत है, उस पर भी भारत तेजी से काम कर रहा है। हमने न्यूक्लियर पावर सेक्टर में जो Reform किया है, वो भी भारत के AI इकोसिस्टम को मजबूती देने में मदद करेगा।

साथियों,

AI समिट का आयोजन पूरे भारत के लिए गौरव का पल था। लेकिन दुर्भाग्य से देश की सबसे पुरानी पार्टी ने, देश के इस उत्सव को मैला करने का प्रयास किया। विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस ने सिर्फ कपड़े नहीं उतारे, बल्कि इसने कांग्रेस के वैचारिक दिवालिएपन को भी expose कर दिया है। जब नाकामी की निराशा-हताशा मन में हो, और अहंकार सिर चढ़कर बोलता हो, तब देश को बदनाम करने की ऐसी सोच सामने आती है। ज़ाहिर है, कांग्रेस की इस हरकत से देश में गुस्सा है। इसलिए, इन्होंने अपने पाप को सही ठहराने के लिए महात्मा गांधी जी को आगे कर दिया। कांग्रेस हर बार ऐसा ही करती है। जब अपने पाप को छुपाना हो तो कांग्रेस बापू को आगे कर देती है, और जब अपना गौरवगान करना हो, तो एक ही परिवार को सारा क्रेडिट देती है।

साथियों,

कांग्रेस अब विचारधारा के नाम पर केवल विरोध की टूलकिट बनकर रह गई है। और ये अंध-विरोध की मानसिकता इतनी बढ़ गई है, कि ये देश को हर मंच, हर प्लेटफॉर्म पर नीचा दिखाने से नहीं चूकते। देश कुछ भी अच्छा करे, देश के लिए कुछ भी शुभ हो रहा हो, कांग्रेस को विरोध ही करना है।

साथियों,

मेरे पास एक लंबी सूची है, देश की संसद की नई इमारत बनी, उसका विरोध। संसद के ऊपर अशोक स्तंभ के शेरों का विरोध। अब जिनके बब्बर शेर सामान्य नागरिकों के जूते खाकर के भाग रहे थे, उनके संसद भवन के शेर के दांत देखकर के डर लग गया उनको। कर्तव्य भवन बना, उसका भी विरोध। सेनाओं ने सर्जिकल स्ट्राइक की, उसका भी विरोध। बालाकोट में एयर स्ट्राइक हुई, उसका भी विरोध। ऑपरेशन सिंदूर हुआ, उसका भी विरोध। यानी देश की हर उपलब्धि पर कांग्रेस के टूलकिट से एक ही चीज निकलती है- विरोध।

साथियों,

देश ने आर्टिकल 370 की दीवार गिराई, देश खुश हुआ। लेकिन कांग्रेस ने विरोध किया। हमने CAA का कानून बनाया- उसका विरोध। हम महिला आरक्षण कानून लाए- उसका विरोध। तीन तलाक के विरुद्ध कानून लाए- उसका विरोध। हम UPI लेकर आए, उसका विरोध। स्वच्छ भारत अभियान लेकर आए, उसका विरोध। देश ने कोरोना वैक्सीन बनाई, तो उसका भी विरोध।

साथियों,

लोकतंत्र में विपक्ष का मतलब सिर्फ अंध-विरोध नहीं होता, डेमोक्रेसी में विपक्ष का मतलब वैकल्पिक विजन होता है। इसलिए देश की प्रबुद्ध जनता, कांग्रेस को सबक सिखा रही है, आज से नहीं, बीते चार दशकों से लगातार ये काम देश की जनता कर रही है। मैं जो कहने जा रहा हूं, मीडिया के साथी उसका भी ज़रा एनालिसिस करिएगा। आपको पता लगेगा कि कांग्रेस के वोट चोरी नहीं हो रहे, बल्कि देश के लोग अब कांग्रेस को वोट देने लायक ही नहीं मानते। और इसकी शुरुआत 1984 के बाद ही होनी शुरू हो गई थी। 1984 में कांग्रेस को 39 परसेंट वोट मिले थे, और 400 से अधिक सीटें मिली थीं। इसके बाद हुए चुनावों में कांग्रेस के वोट कम ही होते चले गए। और आज कांग्रेस की हालत ये है कि, देश में सिर्फ, सिर्फ चार राज्य ऐसे बचे हैं, जहां कांग्रेस के पास 50 से ज्यादा विधायक हैं। बीते 40 वर्षों में युवा वोटर्स की संख्या बढ़ती गई और कांग्रेस साफ होती गई। कांग्रेस, परिवार की गुलामी में डूबे लोगों का एक क्लब बनकर रह गई है। इसलिए पहले मिलेनियल्स ने कांग्रेस को सबक सिखाया, और अब जेन जी भी तैयार बैठी है।

साथियों,

कांग्रेस और उसके साथियों की सोच इतनी छोटी है, कि उन्होंने दूरदृष्टि से काम करने को भी गुनाह बना दिया है। आज जब हम विकसित भारत 2047 की बात करते हैं, तो कुछ लोग पूछते हैं— “इतनी दूर की बात अभी क्यों कर रहे हो?” कुछ लोग ये भी कहते हैं कि तब तक मोदी जिंदा थोड़ी रहेगा, सच्चाई यह है कि राष्ट्र निर्माण कभी भी तात्कालिक सोच से नहीं होता। वो एक बड़े विजन, धैर्य और समय पर लिए गए निर्णयों से होता है। मैं कुछ और तथ्य नेटवर्क 18 के दर्शकों के सामने रखना चाहता हूं। भारत हर साल विदेशी समुद्री जहाजों से मालढुलाई पर 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करता है किराए पर। फर्टिलाइजर के आयात पर हर साल सवा दो लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। पेट्रोलियम आयात पर हर साल 11 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यानी हर वर्ष लाखों करोड़ रुपये देश से बाहर जा रहे हैं। अगर यही निवेश 20–25 वर्ष पहले आत्मनिर्भरता की दिशा में किया गया होता, तो आज ये पूंजी भारत के इंफ्रास्ट्रचर, रिसर्च, इंडस्ट्री, किसान और युवाओं की क्षमताओं को मजबूत कर रही होती। आज हमारी सरकार इसी सोच के साथ काम कर रही है। विदेशी जहाजों को 6 लाख करोड़ रुपए ना देना पड़े इसलिए भारतीय शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। फर्टिलाइजर का domestic प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए नए प्लांट लग रहे हैं, नैनो-यूरिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल ब्लेंडिंग, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, सोलर और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्राथमिकता दी जा रही है।

और साथियों,

हमें भविष्य की ओर देखते हुए भी आज ही निर्णय लेने हैं। इसलिए आज भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण हो रहा है। रक्षा उत्पादन में, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में, ड्रोन टेक्नोलॉजी में, क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में, और उसमें निवेश, आने वाले दशकों की आर्थिक सुरक्षा की नींव है। 2047 का लक्ष्य कोई राजनीतिक नारा नहीं है। यह उस ऐतिहासिक भूल को सुधारने का संकल्प भी है, जहाँ कांग्रेस की सरकारों के समय कई क्षेत्रों में समय रहते निवेश नहीं किया। आज अगर हम ख़ुद स्वदेशी जहाज, स्वदेशी शिप्स बनाएँगे, ख़ुद एनर्जी का प्रोडक्शन करेंगे, ख़ुद नई टेक्नोलॉजी डेवलप करेंगे, तो आने वाली पढ़ियाँ इम्पोर्ट के बोझ की नहीं, एक्सपोर्ट की क्षमता पर चर्चा करेंगी। राष्ट्र की प्रगति “आज की सुविधा” से नहीं, “कल की तैयारी” से तय होती है। और दूरदृष्टि से की गई मेहनत ही 2047 के आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत की आधारशिला है। और इसके लिए कांग्रेस अपने कितने ही कपड़े फाड़ ले, हम निरंतर काम करते रहेंगे।

साथियों,

राष्ट्र निर्माण की, Nation Building की एक बहुत अहम शर्त होती है- नेक नीयत की। कांग्रेस और उसके साथी दल, इसमें भी फेल रहे हैं। कांग्रेस और उसके साथियों ने कभी नेक नीयत के साथ काम नहीं किया। गरीब का दुख, उसकी तकलीफ से भी इन्हें कोई वास्ता नहीं है। जैसे बंगाल में आज तक आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई। अगर नेक नीयत होती तो क्या गरीबों को 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज देने वाली इस योजना को बंगाल में रोका जाता क्या? नहीं। आप भी जानते हैं कि देश में पीएम आवास योजना के तहत गरीबों के लिए पक्के घर बनवाए जा रहे हैं। नेटवर्क 18 के दर्शकों को मैं एक और आंकड़ा देता हूं। तमिलनाडु के गरीब परिवारों के लिए, करीब साढ़े नौ लाख पक्के घर एलोकेट किए गए हैं, साढ़े नौ लाख। लेकिन इनमें से तीन लाख घरों का निर्माण अटक गया है, क्यों, क्योंकि DMK सरकार गरीबों के इन घरों के निर्माण में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। इसकी वजह क्या है? इसकी वजह है, नीयत नेक नहीं है।

साथियों,

मैं आपको एग्रीकल्चर सेक्टर का भी उदाहरण देता हूं। कांग्रेस के समय में खेती-किसानी को अपने हाल पर छोड़ दिया गया था। छोटे किसानों को कोई पूछता नहीं था, फसल बीमा का हाल बेहाल था, MSP पर स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट फाइलों में दबा दी गई थी, कांग्रेस बजट में घोषणाएं जरूर करती थी, लेकिन ज़मीन पर कुछ नहीं होता था, क्योंकि उसकी नीयत ही नहीं थी। हमने देश के किसानों के लिए नेक नीयत के साथ काम करना शुरू किया, और आज उसके परिणाम दुनिया देख रही है। आज भारत दुनिया के बड़े एग्रीकल्चर एक्सपोर्टर्स में से एक बन रहा है। हमने हर स्तर पर किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच बनाया है। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के खाते में चार लाख करोड़ रुपए से अधिक जमा किए गए हैं। हमने लागत का डेढ़ गुणा MSP तय किया और रिकॉर्ड खरीद भी की है। मैं आपको सिर्फ दाल का ही आंकड़ा देता हूं। UPA सरकार ने 10 साल में सिर्फ 6 लाख मीट्रिक टन दाल, किसानों से MSP पर खरीदी- 6 लाख मीट्रिक टन। और हमारी सरकार अभी तक, करीब 170 लाख मीट्रिक टन, यानी लगभग 30 गुणा अधिक दाल MSP पर खरीद चुकी है। अब आप तय करिये, कौन किसानों के लिए काम करता है।

साथियों,

यूपीए सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए भी किसानों को मदद देने में कंजूसी करती थी। अपने 10 साल में यूपीए सरकार ने सात लाख करोड़ रुपए का कृषि ऋण किसानों को दिया। 7 lakh crore rupees. जबकि हमारी सरकार इससे चार गुणा अधिक यानी 28 लाख करोड़ रुपए दे चुकी है। यूपीए सरकार के दौरान जहां सिर्फ पांच करोड़ किसानों को इसका लाभ मिलता था, आज ये संख्या दोगुने से भी अधिक करीब-करीब 12 करोड़ किसानों को पहुंची है। यानी देश के छोटे किसान को भी पहली बार मदद मिली है। हमारी सरकार ने पीएम फसल बीमा योजना का सुरक्षा कवच भी किसानों को दिया। इसके तहत करीब 2 लाख करोड़ रुपए किसानों को संकट के समय मिल चुके हैं। हम नेक नीयत से काम कर रहे हैं, इसलिए भारत के किसानों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है, और आय में भी वृद्धि हो रही है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अब अगला चरण भारत के विकास का निर्णायक दौर है। वर्तमान में लिए गए निर्णय ही भविष्य की दिशा तय करेंगे। हमें अपने सामर्थ्य को पहचानते हुए, उसे बढ़ाते हुए आगे चलना है। हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में श्रेष्ठता को लक्ष्य बनाए, हर संस्था excellence को अपना संस्कार बनाए, हम सिर्फ उत्पाद न बनाएं, best-quality product बनाएं, हम सिर्फ रुटीन काम न करें, world-class काम करें, हम क्षमता को performance में बदलें। मैंने लाल किले से कहा है- यही समय है, सही समय है। यही समय है, भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं, बहुत-बहुत धन्यवाद। नमस्कार।