यह चुनाव कांग्रेस के भ्रष्टाचार और लूट के पंजे को मध्य प्रदेश से दूर रखने के लिए है: बैतूल में पीएम मोदी
जैसे-जैसे 17 नवंबर की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कांग्रेस के नेताओं के दावों की पोल खुलती जा रही है। एमपी से मिल रही रिपोर्ट्स बता रहीं है कि कांग्रेस ने हार मानकर खुद को भाग्य भरोसे छोड़ दिया है: पीएम
बैतूल में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मान लिया है कि उनके फर्जी वादे मोदी की गारंटी के सामने टिक नहीं पाते।

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...।
बालाजी महाराज की... बालाजी महाराज की... जब इस धरती पर आया हूं तो माता चण्डी, बाबा मड़देव, बाबा महादेव, हनुमान जी महाराज और मुक्तागिरी जैसे तीर्थ क्षेत्रों को मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

मैं मूलतः पार्टी के संगठन का कार्यकर्ता रहा हूं। कितना भी बड़ा नेता क्यों न आता हो, लेकिन सुबह 11 बजे सुबह की सभा करना लोहे के चने चबाने जैसा काम होता है। लेकिन आप ने तो कमाल किया है। मैं देख रहा हूं वहां ऊपर तक पीछे लोग दिख रहे हैं। पता नहीं उन्हें सुनाई देता होगा कि नहीं सुनाई देता होगा। ऐसा प्यार इतने सुबह-सुबह और इतने दूर-सुदूर क्षेत्रों में वो भी दिवाली के दूसरे-तीसरे दिन, ये बहुत बड़ा कमाल का काम आप कर रहे हैं। आप सबको मेरा शत-शत नमन। ये एक तरह से एमपी के चुनाव में मेरी जनसभाओं का आखिरी दौर है। कल शाम को प्रचार अभियान पूरा हो जाएगा। लेकिन मैं कल भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्मस्थान पर हूं, कल उनका जन्मदिवस है और कल झारखंड का भी जन्मदिवस है। और इसलिए कल जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए मैं कल भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली को उस मिट्टी को माथे पर चढ़ाने के लिए जा रहा हूं। और इसलिए एक प्रकार से आज का दिवस इस चुनाव अभियान का मेरा मध्य प्रदेश का आखिरी दिवस है, और उस समय आपने कमाल करके दिखाया है। ये मेरे लिए यादगार दृश्य है। बीते दिनों मैं राज्य के कोने-कोने में गया हूं। भाजपा के प्रति जो स्नेह है, जो विश्वास है, वो अभूतपूर्व है। आपके इस उत्साह ने, इस जोश ने मध्य प्रदेश में तय कर दिया है- फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार...। मध्य प्रदेश के मेरे भाई-बहन 17 नवंबर को इतिहास रचने के लिए घर से निकलेंगे। ये चुनाव है...मध्य प्रदेश के विकास को डबल इंजन की रफ्तार देने का। ये चुनाव है...नौजवानों को, महिलाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर देने के लिए। ये चुनाव है...कांग्रेस के लूट और भ्रष्टाचार के पंजे को फिर कभी भी मध्य प्रदेश की तिजोरी पर हाथ न लगाने देने का। आपको याद रखना है- कांग्रेस का पंजा सिर्फ छीनना जानता है, लूटना जानता है। और आपका तो अनुभव है जहां-जहां कांग्रेस आई- तबाही लाई।

मेरे परिवारजनों,
जैसे-जैसे 17 नवंबर की तारीख नज़दीक आ रही है, वैसे-वैसे कांग्रेस नेताओं के दावों की पोल खुलती जा रही है। आज हमें पूरे एमपी से रिपोर्ट मिल रही है कि कांग्रेस ने हार मानकर खुद को भाग्य भरोसे छोड़ दिया है। अब साधु-महात्माओं के पास डोरे-धागे के लिए जा रहे हैं, कुछ नसीब खुल जाए। और कांग्रेस के जो पुराने लोग है, वो तो कहीं नजर ही नहीं आ रहे हैं। आधे-अधूरे मन से वो बेचारे जारे रहे हैं वो बेचारे क्या करे। कांग्रेस के कई लोग तो घर बैठ गए हैं, उनका बाहर निकलने का भी मन नहीं कर रहा है। हर कांग्रेस को लगता है कि किस मुंह से बात करें। कांग्रेस ने मान लिया है कि मोदी की गारंटी के सामने कांग्रेस के झूठे वायदे एक पल भी टिक नहीं सकते हैं।

साथियों,
मोदी की गारंटी का मतलब क्या होता है पूरा हिंदुस्तान जानता है अरे पूरी दुनिया भी मानती है कि मोदी की गारंटी मतलब.गारंटी पूरा होने की भी गारंटी। ये कांग्रेस वाले छत पर चढ़-चढ़ कर के चिल्ला रहे पे कि कभी भी जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 नहीं हटेगा। कांग्रेस वाले ये भी कहते थे कि तीन तलाक के खिलाफ़ कानून तो बन ही नहीं सकता। कांग्रेस वाले हमसे राम मंदिर निर्माण की तारीख पूछा करते थे। अरे करतारपुर कॉरिडोल के लिए भी सवाल उठाते थे। इन लोगों को पता नहीं है मोदी किस मिट्टी का बना है। ये नर्मदा का पानी पीकर के बड़ा हुआ है, और हम जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं। दिखाते हैं ना? कर के दिखाते हैं कि नहीं दिखाते है? हर वादा पूरा करते हैं कि नहीं करते हैं? और सीने की चोट और डंकी की चोट पर करते हैं कि नहीं करते हैं? कांग्रेस ने दशकों तक आदिवासी समाज के वोट बटोरे, झूठ बोलकर वोट पाए। लेकिन सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, ऐसी सुविधाओं से आदिवासियों को कांग्रेस ने हमेशा वंचित रखा। आप याद रखिएगा... कांग्रेस जो वायदा करती है वो कभी पूरा नहीं करती है। आपको याद होगा पिछली बार कर्जमाफी का वायदा सरकार बनने के डेढ़ साल बाद तक ये लोग पूरा नहीं कर पाए, लूटने में ही पड़े रहे। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी है, जो जितना वायदा करती है...उससे भी ज्यादा करने का प्रयास करती है। आप हमरा कोई भी घोषणापत्र देख लीजिए, क्या कभी भी किसी घोषणापत्र में लिखा था कि हम आदिवासी बेटी को देश की राष्ट्रपति बनाएंगे? लिखा था कहीं? कहीं नहीं लिखा, लेकिन हमारे दिल में आपकी जगह है। और इसलिए जब मौका आया तो भाजपा आदिवासी गौरव को मान देती है, आपकी भावनाओं को समझती है। और इसलिए एक आदिवासी बेटी, गांव में पैदा हुई बेटी गरीब परिवार में पैदा हुई बेटी द्रौपदी मुर्मू जी देश की राष्ट्रपति हैं और देश का नेतृत्व कर रही है। ये भाजपा सरकार ही है, जो देशभर में आदिवासी सेनानियों के, आदिवासी संस्कृति के भव्य स्मारक बना रही है। ये क्षेत्र सरदार गंजन सिंह कोरकू और सरदार विष्णु सिंह गोंड की भूमि है। कांग्रेस ने कभी ऐसे वीरों को याद नहीं किया। कुछ दिन पहले जबलपुर में, रानी दुर्गावती के शौर्य और गोंड संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले भव्य स्मारक का शिलान्यास करने का आप सबने मुझे सौभाग्य दिया है, और कल जैसा मैंने कहा पूरा देश, भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को, जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाएगा। और कल जनजातीय गौरव दिवस पर, आदिवासी समाज के विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपए की एक बहुत महत्वपूर्ण योजना भी केंद्र सरकार शुरू करने जा रही है।

साथियों,
गरीब कल्याण की योजनाओं के लिए भाजपा सबसे आगे बढ़कर काम करती है। मेरे गरीब भाई-बहनों की चिंता को समझते हुए हमने मुफ्त राशन की योजना लागू की। आपको याद होगा कोरोना के समय कितनी भयंकर स्थिति थी। मौत मंडरा रहा था। दुनिया भर से मौत की खबरें आती थी। परिवार में भी डर रहता था, अगर बेटा बीमार है, तो मां उसकी मदद नहीं कर सकती थी। मां बीमार है तो बेटा उसकी मदद नहीं करता था। ऐसा संकट पूरी दुनिया ने झेला। हम भी उन मुसीबतों को झेलते थे। घर से बाहर निकलना मौत का बुलावा बन गया था। तब गरीब से निकला हुआ मोदी चैन से बैठ नहीं सकता था। मेरे देशवासियों को मैं उनके नसीब पर छोर नहीं सकता था। परमात्मा नें मुझे शक्ति दी समझ दी उस काम को करने में मैं अपनी पूरी शक्ति खपा देता हूं। और तब जाकर हमने निर्णय किया था, कुछ भी हो जाए किसी के भी घर का चूल्हा बूझना नहीं चाहिए। गरीब की संताने भूखे सोने नहीं चाहिए। किसी भी मां की आंख में आंसू नहीं होना चाहिए। और इसलिए मैंने सरकार के अन्न के भंडार खोल दिए। मुफ्त राशन पहुंचाया, घर-घऱ पहुंचाया, आज भी चालू है मुफ्त राशन। आज भी मुफ्त राशन मिल रहा है। ये योजना दिसंबर महीने में पूरी होने वाली है। लेकिन मोदी ने तय किया है कि ये दिसंबर तक भले ही पूरी होती होगी, लेकिन मेरा संकल्प है, मेरा निश्चय है इस मुफ्त राशन की योजना को पांच साल और बढ़ा दिया जाएगा। मुझे बताइए हमारे घर के पास कोई गरीब आ जाए, पड़ोस में कोई गरीब हो, हम उसको रोटी खिलाएं तो संतोष होता है कि नहीं होता है? पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है? अगर ऐसा सेवा का काम करें तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है? मुझे बताइए ये मोदी दो साल से ये पुण्य का काम कर रहा है? और आगे पांच साल के लिए भी ये पुण्य का काम जारी रहेगा। मुझे बताइये.. ये पुण्य किसको मिलेगा? जरा जल्दी जोर से बताइए.. ये पुण्य किसको मिलेगा? ये पुण्य किसको मिलेगा? ये पुण्य किसको मिलेगा? ये मोदी को नहीं आपको मिलेगा क्योंकि आपने वोट देकर के मोदी को बैठाया और इसलिए पुण्य का काम हुआ और इसलिए इस पुण्य के सच्चे हकदार आप हैं। ये पुण्य आप ने किया है, मोदी तो निमित है। आप मुझे बताइए, गरीब के पास पक्का घर हो, गरीब के घर में भी शौचालय हो, घर में गैस की सुविधा हो, बिजली भी आती हो, पानी का नल हो और नल में जल हो। कौन परिवार होगा जो ये नहीं चाहता होगा? हर कोई यही चाहता है कि नहीं चाहता है? चाहता है कि नहीं चाहता है? और मोदी के आने के बाद ही लोगों के मन में इच्छा जगी क्या? पहले भी चाहता था कि नहीं चाहता था? चाहता था कि नहीं चाहता था? लेकिन पहले वाले सोये पड़े थे। ये गरीब मां का बेटा, जो गरीब की जिनगी जीकर के आया था, उसने तय किया कि गरीब की आवश्यकताएं क्या होती हैं, उसको मैं पूरा करूंगा और मैं कर रहा हूं। गरीब की सेवा का ये काम मोदी पूरे समर्पण के भाव से कर रहा है। आज भाजपा सरकार, आपका हक समझकर ये सुविधाएं दे रही है। जब ऐसे काम होते हैं, तभी देश को भरोसा होता है कि- मोदी की गारंटी यानि हर गारंटी पूरा होने की गारंटी।

साथियों,
मध्य प्रदेश भाजपा ने हर क्षेत्र, हर वर्ग के लिए शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। मैं मध्य प्रदेश भाजपा के नेतृत्व को बधाई देता हूं। ये संकल्प पत्र, मध्य प्रदेश के लोगो का विकास पत्र है। हर आदिवासी बाहुल्य ब्लॉक में एकलव्य आवासीय विद्यालय...हर आदिवासी जिले में एक मेडिकल कॉलेज...लाडली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ पक्के आवास...धान और गेहूं किसानों के MSP के लिए भी एमपी भाजपा की गारंटी की वाहवाही हो रही है, चारों तरफ जय जयकार हो रहा है। वन उपजों को लेकर, तेंदुपत्ता की खरीद को लेकर जो संकल्प लिया गया है, उससे भी बहुत सारे आदिवासी परिवारों को लाभ होगा। कांग्रेस तो अपने जमाने में, आज जो भाषण झाड़ते हैं ना नेता आकर के, उन्हें अपने पाप भी याद नहीं है। कांगरेस तो सिर्फ, आप हैरान हो जाएंगे सुनकर के, 6 या 7 वन उपजों पर ही MSP देती थी। जरा बोलेंगे कितने? कितनी वन उपजों पर एमएसपी देती थी? कितनी? सब बोलिए जरा कितनी? 6 या 7 कितनी? जबकि भाजपा कितनी वन उपजों पर एमएसपी देती है मालूम है आपको? 90 वन उपज को भाजपा एमएसपी देती है। कितने? कितने?

साथियों,
हमारे देश में करीब ढाई करोड़ ऐसे छोटे किसान हैं जो मोटा अनाज उगाते हैं। मोटा अनाज उगाने वाले ऐसे करोड़ों छोटे किसानों के बारे में पहली बार भाजपा ने ही सोचा है। हमने मोटे अनाज को श्रीअन्न की पहचान दी है। भाजपा का प्रयास है कि श्री अन्न को पूरी दुनिया के बाज़ारों में ले जाना है। आपको मालूम होगा मैं अमेरिका गया था। व्हाइट हाउस में जो खाना परोसा गया ना वो भी मोटे अनाज से बना हुआ था। अभी जी-20 में दुनिया भर के बड़े-बड़े लीडर आये थे सबको भी मेरे छोटे-छोटे किसान जो खेती करते हैं ना वो मोटा अनाज खिलाया था ताकि पूरी दुनिया में ये मेरा मोटा अनाज पहुंचे। वो श्रीअन्न है, सुपर फूड है। अब फाइव स्टार होटेल में भी लिखते हैं सुपर फूड ये-ये मिलेगा। ये काम मोदी करता है। हमारे मक्का किसानों को बेहतर कीमत मिले, इसके लिए आज मक्के का निर्यात भी हो रहा है रिकॉर्ड निर्याता हो रहा है, दुनिया के देशों में जा रहा है। भाजपा पूरे देश में इथेनॉल प्लांट भी लगा रही है, मक्के मे से इथेनॉल बनाना, जिससे गाड़ी चलती है पेट्रोल से जैसे गाड़ी चलती है ना, मक्के से बने इथेनॉल से चलाते हैं यहां पर। और इसके कारण किसानों को भी मक्के का ज्याजा पैसा मिलना शुरू हुआ है।

मेरे परिवारजनों,
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार निश्चित देख, उसके नेताओं पर एक और साइड इफेक्ट हुआ है। हार तय देख, कांग्रेस के नेता बौखला गए हैं। कांग्रेस के नेताओं ने सरकारी कर्मचारियों को, अधिकारियों को धमकाना शुरू कर दिया है। मैं एमपी के हर सरकारी कर्मचारी और अधिकारी से कहूंगा कि, कांग्रेस की धमिकयों से डरने की ज़रूरत नहीं है। आप ईमानदारी से अपना काम करते रहें। एमपी में आज भी भाजपा है, 3 दिसंबर के नतीजों के बाद भी भाजपा सरकार ही है। कांग्रेस के धमकीबाज़ नेताओं की तो खुद, उनका तो हाल ये है, धमकियां को दे फिरते हैं, लेकिन उनकी खुद की कोई गारंटी नहीं है। इनके तो भ्रष्टाचार के पाप ही इतने हैं कि, उन्हें चिंता रहती है, दो कांग्रेस वाले चर्चा कर रहे थे, एक कह रहा था कि यार इस चुनाव में लक काम करेगा कि नहीं करेगा? लक की चर्चा कर रहे थे, तो दूसरे कांग्रेसी नेता ने कहा अरे लक को मारो गोली, ये मोदी कहीं लॉकर खोल देगा ना, तो लेने के देने पड़ जाएंगे। आज ये सब जो चोरा कंपनियां है ना उनको डर है कि कहीं लॉकर ना खोल दे और हमारे लक को ही ताला ना लगा दे इसलिए कांग्रेस के इन भ्रष्ट नेताओं की धमकियों की परवाह मत कीजिए।

मेरे परिवारजनों,
2014 में आपने मुझे देश की सेवा के लिए दिल्ली भेजा था। उसके बाद साल दर साल...हर रोज कांग्रेस की नफरत, दिनोदिन पारा चढ़ता ही जाता है। आपने देखा होगा पहले जहां दो गाली देते थे वो 20 गाली दे रहे हैं। जो पहले पांच गाली देते थे वो आज मोदी को 50 गाली दे रहे हैं। ये गालियां मैं खाता हूं आपके लिए, ये नफरत मैं झेलता हूं आपके लिए, क्योंकि आप सर उठाकर जीये और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें इसलिए गालियां मोदी खा रहा है, ये नफरत मोदी झेल रहा है। और ये मोदी को गालियां क्यों देते हैं? मोदी से नफरत क्यों करते हैं? ये मोदी को बदनाम क्यों करते हैं? क्योंकि मोदी ने इन लोगों के भ्रष्टाचार पर, बड़े-बड़े घोटालों पर रोक लगा दी, उनकी कटकी बंद हो गई, मलाई मिलती नहीं है। ये वो लोग हैं जिनके रहते, उनके प्रधानमंत्री कहते थे कि दिल्ली से 100 पैसा निकलता है तो गांव में जाते-जाते 15 पैसा हो जाता है। वो कौन सा पंजा था जो 100 रुपये को घिसता था और वो 15 रुपये हो जाता था? ये कौन पंजा इस रुपये को मारता था? लेकिन भाजपा सरकार अगर आपके लिए 100 रुपये भेजती है तो वो पूरे के पूरे आपके बैंक खाते में जमा हो जाते हैं। आज शत-प्रतिशत पैसा असली हकदार को मिलता है। हर लाभार्थी के फोन पर तुरंत मैसेज आ जाता है कि पैसा मिल गया। पक्के आवास का पैसा...सीधे बैंक खाते में। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 12 हज़ार रुपए...सीधे बैंक खाते में। किसान की फसल का पैसा...सीधा किसान के बैंक खाते में। लाडली बहना, लाडली लक्ष्मी, दलित, आदवासी युवाओं की स्कॉलरशिप, गैस की सब्सिडी, ये सबकुछ सीधे बैंक खाते में आता है। बीच में कोई बिचौलिया नहीं कोई कटकी कंपनी नहीं, कोई जेब भर सकता नहीं कोई आपकी जेब काट सकता नहीं। तो फिर मोदी को गाली देंगे कि नहीं देंगे, गुस्सा करेंगे कि नहीं करेंगे? आप मुझे बताइए जो लोग आज तक काली कमाई करते थे, लूटते थे उनके ऊपर मुझे सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कि नहीं करनी चाहिए? आप मुझे पूरी ताकत से आशीर्वाद दीजिए करनी चाहिए कि नहीं करनी चाहिए? जिन्होंने लूटा है वो उन्हें लौटाना चाहिए कि नहीं लौटाना चाहिए? जिन्होंने जनता से धोखा किया है उन्हें जेल जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए? क्या ये काम मोदी करता है तो सही करता है? ये काम मोदी करता है तो सही करता है? अगर ये काम मोदी करता है तो ये मेरे लिए करता हूं की आपके लिए करता हूं। मोदी के लिए करता हूं की आपके लिए करता हूं? भाइयों-बहनों मैं आपके भविष्य की भी चिंता करता हूं और आपके बच्चों के भविष्य की चिंता करने के लिए भी मैं यहां बैठा हुआ हूं।

मेरे परिवारजनों,
मैं अक्सर कहता हूं कि कांग्रेस अब सातवें आसमान में उड़ रही है, हवा में उड़ रही है उसे जमीन पर गरीब दिखाई देते ही नहीं हैं और ना ही जमीनी सच्चाई जानते हैं। मैंने सुना कल एक महाज्ञानी कांग्रेस के कह रहे थे कि भारत के पास, यहां के सब लोगों के पास मेड इन चाइना मोबाइल फोन होता है। एक महाज्ञानी कांग्रेस के कह रहे थे कि आप सबके पास मेड इन चाइना मोबाइल फोन होता है। अरे मूर्खों के सरदार, किस दुनियां में रहते हैं ये लोग? कांग्रेस के नेताओं को अपने देश की उपलब्धियां ना देखने की मानसिक बीमारी हो गई है। पता नहीं विदेश के वो कौन से चश्मे पहने हैं कि उनका देश की स्थिति का पता ही नहीं होता है। आज भारत दुनिया में, सच्चाई क्या है.. आज भारत दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है। जब कांग्रेस, केंद्र सरकार में थी तो भारत में हर साल 20 हजार करोड़ रुपए से भी कम के मोबाइल फोन बना करते थे। आज भारत में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के मोबाइल बना करते हैं। करीब-करीब एक लाख करोड़ रुपए का मोबाइल फोन भारत दूसरे देशों को एक्सपोर्ट करता है। चुनाव के समय जिन्हें मेक इन इंडिया की बात याद आती हो...वो स्वदेशी के महत्व को कभी समझ ही नहीं सकते। आज पूरा देश लोकल के लिए वोकल हो रहा है। त्योहारों के अवसर पर भारत में बने उत्पाद, भारतीयों के बनाए उत्पाद खरीद रहा है। इस दिवाली ने तो रिकॉर्ड कर दिया है। जो इस विषय के जानकार लोग है व्यापारी लोग हैं उन्होंने कल स्टेटमेंट क्या दिया है? उन्होंने कहा है कि इस बार दिवाली में पौने चार लाख रुपये की खरीदी देशवासियों ने की और देश में बन चीजों की की। ये पैसा देशवासियों की जेब में गया है। और कहते हैं पहले अगर इतना खर्चा होता था तो एक लाख करोड़, डेढ़ लाख करोड़ का माल तो बाहर का होता था, इस बार सारा माला हिंदुस्तान का खरीदा गया है। लेकिन क्या कांग्रेस के किसी भी नेता ने... आप मुझे बताइये भारत में बनी चीज की बिक्री होनी चाहिए इससे आप सहमत हैं कि नहीं है? हमारे देश का माल ही बिकना चाहिए, इससे आप सहमत हैं कि नहीं हैं? कांग्रेस के लोगों को ये बोलने में क्या शर्म आती है भाई? क्यों शर्म आती है? उनके पेट में क्यो दर्द होता है? क्या उनका विदेशों से कोई साठगांठ है? कि विदेश का ही माल आना चाहिए... भाइयों-बहनों कांग्रेस ने एक बार भी लोकल के लिए वोकल होने की बात नहीं की है, बिल्कुल नहीं बोलते हैं

साथियों,
जब से केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी है, तब से आत्मनिर्भर भारत अभियान, हर भारतीय का संकल्प बन चुका है। भाजपा सरकार बैतूल के गुड़ को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट प्रोग्राम के तहत बढ़ावा दे रही है। गुड़ क्‍लस्‍टर बनने से भी यहां अनेक नए रोज़गार बनेंगे। बैतूल सहित एमपी के अनेक आदिवासी क्षेत्रों में फर्नीचर इंडस्ट्री के लिए बहुत संभावनाएं हैं। बैतूल जिले में वुडन क्‍लस्‍टर, फर्नीचर क्‍लस्‍टर भी विकसित किया जा रहा है। इससे सैकड़ों छोटे-छोटे उद्योग विकसित होंगे। हज़ारों नए रोजगार यहीं पर सृजित होंगे। कुछ दिन पहले ही, केंद्र सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना शुरु की है। इससे, फर्नीचर के काम में जुटे हमारे बढ़ई, राजमिस्त्री, ऐसे अनेक कारीगरों को लाखों रुपए की मदद भाजपा सरकार देगी। भाजपा की डबल इंजन की सरकार यहां आधुनिक टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी। यहां मेलघाट टाइगर रिज़र्व है, आदिवासी कला-संस्कृति का खज़ाना है। गोंड राजवंश के प्रतीक सिंगोरगढ़, मदन महल और रामनगर के गढ़ों के संरक्षण का काम भी तेजी से हो रहा है।

मेरे परिवारजनों,
मतदान के लिए अब सिर्फ 3 दिन बाकी है। मध्य प्रदेश का हर भाजपा कार्यकर्ता, हर नेता, बीते अनेक महीनों से निरंतर डटा हुआ है। मैं भाजपा के हर कार्यकर्ता की प्रशंसा करता हूं। आपको कोई भी बूथ पीछे नहीं रहना चाहिए। हर बूथ पर कमल खिलना चाहिए, हर बूथ पर विजय होना है। और इस बार तो हम एमपी में एक और नज़ारा देख रहे हैं। मैं देख रहा हूं हर बूथ पर हमारी माताएं-बहनें जो मिहनत कर रही है कमल के फूल के लिए मेरी माताएं-बहने जो काम कर रही है मैं उनका विशेष रूप से प्रणाम करता हूं, विशेष आदर करता हूं। जब बहनों का इतना आशीर्वाद है, तब प्रचंड विजय सुनिश्चित हो जाता है।

भाइयों-बहनों
आप घर-घर जाएंगे? आप घर-घर जाएंगे? मैं आप का जवाब सुनना चाहता हूं। आप घर-घऱ जाएंगे? भाजपा की बात बताएंगे? ऐसा तो नहीं होगा इतनी बड़ी सभा हो गई, मोदी जी भी इतने खुश हो गए, अरे याद करवा बहुत काम कर लिया दो दिन सो जाओ, अब 17 तारीख को जाएंगे ऐसा तो नहीं करोगे ना? ज्यादा काम करोगे ना? एक-एक मिनट खपा दोगे ना? हर जगह पर कमल खिलाओगे ना? बूथ जीतने के लिए मेहनत करोगे ना? पक्का करोगे? अच्छा, चुनाव का काम करोगे एक मेरा काम करोगे? एक मेरा काम करोगे, क्यों? आवाज़ धीमी हो गयी भाई? मेरा काम करोगे? ये चुनाव का काम नहीं है। मेरा निजी काम है। फिर भी करोगे? पक्का करोगे? अच्छा तो मेरा एक काम करना। आप घर-घर जाना और कहना कि अपने मोदी जी आए थे और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है? मेरे प्रणाम पहुंचाओगे? हर घर पहुंचओगे? मेरे जब प्रणाम पहुंचाओगे न तो हर घऱ से मुझे आशीर्वाद मिलेगा और जब हर परिवार का आशीर्वाद मिल जाता है ना तो मोदी को एक नई ऊर्जा मिल जाती है, नई ताकत मिल जाती है और आप की सेवा करने के लिए दौड़ का काम करने के लिए पूरा सामर्थ्य बढ़ जाता है और इसलिए हर घर जाकर कहना.. मोदी जी आये थे, मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। बहुत-बहुत धन्यवाद, मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...।
बहुत बहुत धन्यवाद।

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Text of PM’s speech during the launch of various development works in Silchar, Assam
March 14, 2026
Today, North-East India is the center of India’s Act East Policy; It is becoming a bridge that connects India with South-East Asia: PM
बराक वैली के किसानों और चाय बागान श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है; डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है: प्रधानमंत्री
हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं; कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था, इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!