तेलंगाना, वीर रामजी गोंड और कोमाराम भीम जैसी महान विभूतियों की धरती है।
केंद्र सरकार की PM JANMAN पहल से आदिवासी कल्याण के लिए ₹24,000 करोड़ खर्च होंगे, जिससे चेंचू, कोलम और कोंडा रेड्डी जैसी विभिन्न जनजातियां लाभान्वित होंगी।
मोदी की गारंटी से तेलंगाना में किसानों के लिए 'हल्दी बोर्ड' का गठन संभव हुआ।
कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना BRS सरकार द्वारा किया गया एक बड़ा घोटाला है।
तेलंगाना ने राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा विकसित भारत को साकार करने में उसकी भूमिका और भी अहम है।

ना तेलंगाणा कुटुम्ब सभ्युल्लन्दरिकी नमस्कारालु!

आप सभी विकास के इस उत्सव में इतनी बड़ी संख्या में आए हैं...हम सभी आपके बहुत-बहुत आभारी हैं। अभी से कुछ देर पहले मैंने तेलंगाना और देश के विकास से जुड़ी हजारों करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। कुछ लोग आदत से मजबूर होते हैं, मेहनत करने की कुछ आदत भी कम होती है और इसलिए बड़ी सरल भाषा में कह देते हैं कि ये तो चुनावी सभा है। मेरे भाइयों और बहनों और मेरे कुछ साथी जो भांति-भांति का एनालसिस करते हैं जरा समझो ये चुनावी सभा नहीं है, चुनाव की तो अभी घोषणा भी नहीं हुई है।आज देश में विकास का जो उत्सव चल रहा है, उसमें मैं अपने तेलंगाना के भाइयों और बहनों के बीच उत्सव मनाने आया हूं। आप मेरी बात से सहमत है ना... सहमत है ना... सहमत है ना ?

इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहने आई हैं आप सहमत हैं ना। मैं हिंदी बोलूंगा तो चलेगा ना ? क्योंकि मैं तेलुगु में भाषण नहीं कर सकता हूं। लेकिन ये आपका प्यार है कि आप मेरी बात सुनना भी चाहते हैं और समझने का प्रयास भी करते हैं। फिर भी इतना प्यार भी देते हैं, इतना आशीर्वाद देते हैं मैं आपका बहुत आभारी हूं।

साथियों,
बीजेपी की केंद्र सरकार किस स्पीड से और कितने बड़े स्केल से विकास उत्सव मना रही है, ये बताने के लिए मैं आपको और देश को और ये जो बार-बार चुनाव-चुनाव लिखते हैं ना उनको खास मै 15 दिन का हिसाब देता हूं। दे दूं आपको? मैं अपना 15 दिन का हिसाब दे दूं? देखिए 15 दिन में क्या-क्या हुआ।
15 दिन में- दो-दो IIT, एक ट्रिपल आईटी DM, तीन IIM और एक Indian Institute of Skills (IIS) इसके कैंपस का लोकार्पण हुआ है।
15 दिन में- देश के 5 अलग-अलग राज्यों में 5 एम्स का लोकार्पण हुआ है।
15 दिन में- किसानों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी स्टोरेज स्कीम शुरू हुई है।
15 दिन में- 18 हजार cooperatives के कंप्यूटराइजेशन के काम पूरा होने का लोकार्पण हुआ है।
15 दिन में- सिंदरी में देश के बड़े खाद कारखाने का लोकार्पण हुआ है।
15 दिन में- भारत के सबसे लंबे केबल आधारित ब्रिज का लोकार्पण हुआ है।
15 दिन में- रेलवे से जुड़ी 2000 से अधिक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है।
15 दिन में ही- ऑयल और गैस सेक्टर से जुड़े डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स देश को मिले हैं।
15 दिन में ही- केजी बेसिन में ‘फर्स्ट ऑयल’ का लोकार्पण हुआ है। वहां से निकले कच्चे तेल के पहले टैंकर को हरी झंडी दिखाई है।
15 दिन में- ग्लोबल टेक्सटाइल इवेंट का उद्घाटन हुआ है। 15 दिन के ये काम, आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत के निर्माण को और सशक्त कर रहे हैं। अब बताइए ये विकास का उत्सव है कि नहीं है? ये लोगों के कल्याण का उत्सव है कि नहीं है? ये लोगों की भलाई का उत्सव है कि नहीं है? अरे चुनाव जब आएगा तब देखा जाएगा, मुझे तो देश को आगे बढ़ाना है। मैं सही बोल रहा हूं ना?

साथियों,
कल भी मैंने अब आप देखिए.. ये चुनाव-चुनाव करते हैं ना आप देखिए कल भी मैने दिनभर सभी मंत्रियों और भारत सरकार के सभी वरिष्ठ सचिव और अधिकारी एक प्रकार से टॉप टीम, करीब सबा सौ लोग पूरा दिन उन लोगों के साथ बैठा। और क्या किया? चुनाव की चर्चा नहीं की वहां मैंने विकसित भारत के निर्माण के एक्शन प्लान पर एक-एक मुद्दे पर चर्चा की। विकसित भारत के एक्शन प्लान पर देशभर में Fifteen Lakh लोग अब तक अपने सुझाव दे चुके हैं। Three Lakhs Seventy Five Thousand से ज्यादा स्टेकहोल्डर्स अब तक इसमें सक्रिय रूप से जुड़े हैं। विकसित भारत के विजन को लेकर करीब Three Thousand Meetings हो चुकी हैं। तीन हजार मीटिंग.. देश को विकसित बनाने के लिए दिन-रात काम। करीब-करीब 12 सौ
Twelve Hundred यूनिवर्सिटीज़ ने इसमें हिस्सा लिया है। बड़ी बात ये है कि इनमें अब तक करीब 11 लाख..Eleven Lakhs युवाओं ने हिस्सा लिया है, अपने मौलिक सुझाव दिए हैं. जो हमारे युवा विकसित भारत के सबसे बड़े निर्माता और और सबसे बड़े लाभार्थी, ये हमारी बहुत बड़ी ताकत है। राष्ट्र के विकास के लिए भाजपा का यही कमिटमेंट, है जिसके कारण, तेलंगाना के भी लोग पूरे जोश से कह रहे हैं... तेलंगाना के गांव-गांव से आवाज आ रही है। नौजवान भी बोल रहा है, बुजुर्ग भी बोल रहे हैं, महिलाएं भी बोल रही है, शहरवाले भी बोल रहे हैं, किसान भी बोल रहा है, मजदूर भी बोल रहा है कि
अबकी बार, 400 पार! अबकी बार चार सौ पार... अबकी बार... अबकी बार... अबकी बार... नालगु वंदलु दाटाली, बीजेपी-कि वोटु वेय्याली

साथियों,
ये धरती रामजी गोंड और कोमाराम भीम जैसी महान विभूतियों की धरती है। आज़ादी के इतने दशकों तक, तेलंगाना की इस धरती ने जो योगदान दिया उस योगदान को कभी सम्मान नहीं दिया गया। 2014 के बाद बीजेपी की केंद्र सरकार ने तेलंगाना के विकास को, आदिवासी समाज के सम्मान को इतना महत्व दिया। आप मुझे बताइये, क्या बीजेपी सरकार आने से पहले कोई कल्पना कर सकता था कि एक आदिवासी महिला देश की राष्ट्रपति बनेंगी? क्या कोई कल्पना कर सकता था? पलहे कभी लगता था कि ऐसा हो सकता है। क्या कोई कल्पना कर सकता था कि भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा? आदिवासियों के विकास के लिए देश में अलग मंत्रालय बनाने का काम बीजेपी सरकार ने ही किया था। आज़ादी की लड़ाई में जनजातीय समाज के योगदान को समर्पित म्यूजियम बनाए जा रहे हैं। ये काम भी केंद्र की बीजेपी सरकार ने शुरू किया है। हैदराबाद में जो म्यूजियम बन रहा है, हमने उसका नाम रामजी गोंड के नाम पर रखा है।

साथियों,
आदिवासी समाज को सम्मान मिले, ये परिवारवादी पार्टियों को बर्दाश्त नहीं हो सकता। हमने जनजातीय समाज के लिए जब भी फैसले किए, इन्होंने उन फैसलों का विरोध करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। साथियों, बीजेपी, आदिवासी कल्याण को, आदिवासी गौरव को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। आदिवासी समाज में भी, जो लोग अति पिछड़े हैं, जो अब तक विकास से वंचित हैं, उनके लिए बीजेपी सरकार ने पीएम जनमन योजना शुरू की। इस योजना पर 24 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इसका लाभ तेलंगाना की भी चैन्चु, कोलम, कोन्डा रेड्डी, थोटी ऐसी छोटी-छोटी जो आदिवासी समाज की जातियां हैं.. दूर-दूर है इनके लाभ मिलने वाला काम है। तेलंगाना में ‘सम्मक्का सारक्का’ सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही है।

साथियों,
आज पूरे देश में मोदी की गारंटी इसकी बहुत चर्चा है। यहां तेलंगाना के लोगों का सपना था कि ‘टरमरिक बोर्ड’ बने, था कि नहीं था? तेलंगाना के किसानों के लिए ‘टरमरिक बोर्ड’ अब एक सच्चाई बन चुका है कि नहीं बन चुका है, बन गया ना? मैंने कहा था, कपास के किसानों की हर तरह से मदद करेंगे। बीजेपी सरकार ने कपास की MSP में रिकॉर्ड वृद्धि की है। आज देश में जो 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क बन रहे हैं, उनमें से एक मेगा पार्क तेलंगाना में बन रहा है।
इसलिए लोग कहते हैं कि मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरी होने की गारंटी।- मोदी गैरंटी अंटे गारंटी-गा पूर्ति अय्ये गारंटी

साथियों,
तेलंगाना के लोग ये जान चुके हैं कि परिवारवादी पार्टियों के चेहरे अलग हो सकते हैं, लेकिन चरित्र एक ही होता है- और ये चरित्र क्या है? दो पक्की चीजें हैं इनके चरित्र में एक झूठ और दूसरा लूट! तेलंगाना में जैसे TRS के BRS बनने से कुछ नहीं बदला था, वैसे ही BRS की जगह काँग्रेस आने से कुछ नहीं बदलने वाला क्योंकि एक ही चट्टे-बट्टे के लोग हैं ये। BRS ने अपनी सरकार में कालेश्वरम प्रोजेक्ट जैसे घोटाले किए। कॉंग्रेस की सरकार उस पर कार्रवाई करने के बजाय फाइलों को दबाकर बैठ गई है। तुम भी भले हम भी भले, तुमने खाया और अब मैं खाऊंगा। यहीं करते हैं।

साथियों,
भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण में आकंठ डूबे इंडी गठबंधन के नेता बौखलाते जा रहे हैं। अब इन्होंने 2024 के चुनाव का अपना असली घोषणापत्र निकाला है। मैं इनके परिवारवाद पर सवाल उठाता हूं तो इन लोगों ने अब बोलना शुरू कर दिया है कि मोदी का कोई परिवार नहीं है। अब तो कल ये कह देंगे कि कभी तुझे जेल की सजा नहीं हुई इसलिए तुम राजनीति में नहीं आ सकते ये भी कह देंगे। तेलंगाना के मेरे भाइयों बहनों मेरा जीवन खुली किताब जैसा है। आप मुझे देशवासी भलीभांति जानते हैं, समझते हैं। मेरी पल-पल की खबर देश रखता है। और कभी रात देर तक जब काम करता हूं और खबर बाहर निकल जाती है तो देश से लाखों लोग मुझे लिखते हैं और बताते हैं कि इतना काम मत करिए, कुछ आराम करिए। ये प्यार भाइयों-बहनों एक सपना लेकर मैंने बचपन में घर छोड़ा था, और जब मैंने अपना घर छोड़ा तब एक सपना लेकर के चला था कि मैं देशवासियों के जिऊंगा। मेरा पल-पल अब सिर्फ आपके लिए होंगे। मेरा कोई निजी सपना नहीं होगा आपके सपने यही मेरा संकल्प होगा। जिंदगी खपा दूंगा तो आपके सपनों को पूरा करने के लिए आपके बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए। और इसलिए देश के कोटि-कोटि लोग मुझे अपना मानते हैं। अपने परिवार के सदस्य की तरह प्यार करते हैं। और इसलिए मैं कहता हूं कि 140 करोड़ देशवासी यही मेरा परिवार है। ये नौजवान यही मेरा परिवार है। आज देश की करोड़ों बेटियां, माताएं, बहनें यही मेरा परिवार है। आज देश का हर गरीब ये मेरा परिवार है। देश के कोटि-कोटि बच्चे बुजुर्ग ये मोदी का परिवार है। जिसका कोई नहीं है वे भी मोदी के हैं और मोदी उनका है। मेरा भारत मेरा परिवार... मेरा भारत मेरा परिवार यहीं भावनाओं का विस्तार लेकर के मैं सपनों को संकल्प के साथ सिद्ध करने के लिए जी रहा हूं, आपके लिए जूझ रहा हूं और आपके लिए जूझता रहूंगा। इसलिए आज पूरा देश एक सुर में कह रहा है। मैं हूं मोदी का परिवार... मैं हूं मोदी का परिवार
नेने मोदी कुटुम्बम् !
आप भी मेरे साथ बोलिए...
मैं हूं मोदी का परिवार..
मैं हूं... मैं हूं... मैं हूं...
नेने मोदी कुटुम्बम् ! नेने...नेने... नेने

साथियों,
आखिर में, मैं तेलंगाना के लोगों को देश के अन्य लोगों का एक संदेश भी देना चाहता हूं। और गर्व से भरे हुए लोगों को कहना चाहता हूं... राममंदिर में सोने के दरवाजे हों या फिर मंदिर के स्तंभ, उनके निर्माण में तेलंगाना की भूमिका रही है। इसके लिए पूरा देश तेलंगाना के लोगों का आभार व्यक्त करता है। रामलला का आशीर्वाद पूरे तेलंगाना के लोगों पर है। हम विकसित भारत-विकसित तेलंगाना का लक्ष्य जरूर हासिल करेंगे। भाइयों-बहनों मैं आपसे यही आग्रह करता हूं कि 2047, 25 साल हमारे पास है, इतनी मेहनत करनी है..इतनी मेहनत करनी है देश को दुनिया के समृद्ध देशों के बराबरी में लाकर के खड़ा रखना है। हमारे मां-बाप को तो मुसीबतों में जिंदगी गुजारनी पड़ी, लेकिन अपने बच्चों को मुसीबत में जीने के लिए मजबूर नहीं करेंगे और इसलिए तेलंगाना मुझको आपका आशीर्वाद चाहिए, मुझे आपका अपार प्रेम चाहिए। मैं आपके प्यार का भूखा हूं और एक सेवक के नाते आपको समर्पित हूं।

मेरे साथ बोलिए... भारता माता की... दोनों मुट्ठी बंद कर पूरी ताकत से बोलिए... भारता माता की... भारता माता की... भारता माता की...

बहुत बहुत धन्यवाद

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.