हमारा ये गठबंधन सच्चे अर्थ में भारत की आत्मा है: एनडीए संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी
एनडीए ने हमेशा करप्शन-फ्री स्थिर सरकार देश को दी है: पीएम मोदी
हम सर्वमत का निरंतर प्रयास करेंगे और देश को आगे ले जाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे: एनडीए संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी
दक्षिण भारत में एनडीए ने एक नई राजनीति की नींव मजबूत की है: पीएम मोदी
विजय की गोद में उन्माद पैदा नहीं होता है। पराजित लोगों के प्रति उपहास हमारे संस्कार नहीं हैं: एनडीए संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी

भारत माता की.. भारत माता की।

मैं सबसे पहले तो इस सभागृह में उपस्थित एनडीए घटक दलों के सभी नेतागण, नवनिर्वाचित सभी सांसदगण और हमारे राज्यसभा के भी सांसदगण आप सबका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे लिए खुशी की बात है कि इतने बड़े समूह को आज मुझे यहां स्वागत करने का अवसर मिला है, जो साथी विजय हो करके आए हैं वे सभी अभिनंदन के अधिकारी हैं लेकिन जिन लाखों कार्यकर्ताओं ने दिन-रात परिश्रम किया है ना उन्होंने दिन देखा ना रात देखी और इतनी भयंकर गर्मी में हर दल के कार्यकर्ताओं ने जो पुरुषार्थ किया है, परिश्रम किया है मैं आज संविधान सदन के इस सेंट्रल हॉल से सिर झुकाकर के उनको प्रणाम करता हूं।

साथियों,

मेरा बहुत सौभाग्य है कि एनडीए के नेता के रूप में आप सब साथियों ने सर्वसम्मति से चुनकर के मुझे एक नया दायित्व दिया है और इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। व्यक्तिगत जीवन में एक मैं जवाबदारी का अहसास करता हूं जब 2019 में इस सदन में मैं बोल रहा था आप सबने मुझे नेता के रूप में चुना था और तब मैंने एक बात पर बल दिया था- ‘विश्वास’, आज जब आप मुझे फिर से एक बार ये दायित्व देते हैं इसका मतलब है कि हम दोनों के बीच आपस में विश्वास का सेतु इतना मजबूत है। ये अटूट रिश्ता विश्वास की मजबूत धरातल पर है और ये सबसे बड़ी पूंजी होती है और इसलिए ये पल मेरे लिए भावुक करने वाले भी हैं और आप सबके प्रति जितना धन्यवाद करूं उतना कम है।

साथियों,

बहुत कम लोग इन बातों की चर्चा करते हैं शायद उनको सूट नहीं करता होगा लेकिन हिंदुस्तान के इतने महान लोकतंत्र की ताकत देखिए कि एनडीए आज देश में 22 राज्यों में लोगों ने उनको सरकार बनाकर के सेवा करने का मौका दिया है। हमारा ये अलायंस सच्चे अर्थ में भारत की असली जो स्पिरिट है जो भारत का आत्मा है भारत की जड़ों में जो रचा-बसा है उसका एक अर्थ में प्रतिबिंब है और मैं इसलिए कह रहा हूं कि थोड़ी नजर करें हमारे देश में 10 ऐसे राज्य जहां हमारे आदिवासी बंधुओं की संख्या प्रभावी रूप से है, निर्णायक रूप से है। जहां आदिवासियों की आबादी ज्यादा है ऐसे 10 राज्यों में से 7 राज्यों में एनडीए सेवा कर रहा है। साथियों, हम सर्वपंथ समभाव के हमारे संविधान को समर्पित है और देश में चाहे हमारा गोवा हो या हमारा नॉर्थ ईस्ट हो जहां बहुत बड़ी मात्रा में हमारे ईसाई भाई-बहन रहते हैं आज उन राज्यों में भी एनडीए के रूप में सेवा का अवसर हमें मिला हुआ है।

साथियों,

प्री-पोल अलायंस हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास में और हिंदुस्तान की राजनीति में गठबंधन के इतिहास में प्री-पोल अलायंस इतना सफल कभी भी नहीं हुआ है जितना की एनडीए हुआ है और ये गठबंधन का विजय हमने बहुमत हासिल किया है और कई बार मैं कह चुका हूं शब्द अलग होंगे लेकिन मेरे भाव उसमें एक सातत्य है। सरकार चलाने के लिए बहुमत आवश्यक है लोकतंत्र का वो ही एक सिद्धांत है लेकिन देश चलाने के लिए सर्वमत बहुत जरूरी होता है और देशवासियों को मैं यहां से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपने जिस प्रकार से हमें बहुमत देकर के सरकार चलाने का सौभाग्य दिया है ये हम सबका दायित्व है कि हम सर्वमत का निरंतर प्रयास करेंगे और देश को आगे ले जाने के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे।

साथियों,

एनडीए को करीब-करीब 3 दशक हो चुके हैं यानी कि आजादी के 75 साल में 3 दशक एनडीए ये सामान्य घटना नहीं है विविधता से भरे हुए अपने लोकतांत्रिक और सामाजिक रचना के बीच में ये 3 दशक की यात्रा ये एक बहुत बड़ी मजबूती का संदेश देती है और आज मैं बड़े गर्व के साथ कहता हूं कि एक समय वो था कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में इस अलायंस का हिस्सा था, व्यवस्थाओं से जुड़ा रहता था और आज सदन में बैठ करके आपके साथ काम करते-करते मेरा भी नाता इससे 30 सालों का रहा है और मैं कह सकता हूं हकीकत, तथ्यों के आधार पर कह सकता हूं ये सबसे सफल अलायंस है। हम गर्व से कह सकते हैं कि 5 साल का टर्म होता है इस अलायंस ने 30 साल में से 5-5 साल के तीन टर्म सफलतापूर्वक पार किए हैं और अलायंस चौथे टर्म में एंटर कर रहा है।

साथियों,

इस बात को जो राजनीति के विशेषज्ञ हैं अगर मुक्त मन से, मुक्त मन शब्द बहुत महत्ता है वे सोचेंगे तो पाएंगे कि एनडीए सत्ता प्राप्त करने का या सरकार चलाने का कुछ दलों का जमावड़ा नहीं है, ये राष्ट्र प्रथम की मूल भावना से नेशन फर्स्ट के प्रति कमिटेड वैसा ये समूह है और 30 साल का लंबा कालखंड शुरू में शायद असेंबल हुआ होगा लेकिन आज मैं कह सकता हूं कि भारत की राजनीति व्यवस्था में एक ऑर्गेनिक अलायंस है और ये मूल्य स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी, श्री प्रकाश सिंह जी बादल, श्री बाला साहेब ठाकरे, श्री जॉर्ज फर्नांडिस, श्री शरद यादव अनगिनत नाम में कह सकता हूं इन लोगों ने जिस बीज को बोया था वो आज भारत की इस जनता ने विश्वास का सिंचन कर-करके इस बीज को वटवृक्ष बना दिया है और हम सबके पास ऐसे महान नेताओं की विरासत है और हमें इसका गर्व है। बीते 10 वर्षों में हमने एनडीए की उसी विरासत, उसी मूल्यों को लेकर के निरंतर आगे बढ़ने का और देश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जैसा मैंने कहा मुक्त मन से राजनीति के विश्लेषक अगर विश्लेषण करेंगे तो देखेंगे कि एनडीए के ये जो लोग दिखते हैं ना उसमें कॉमन चीज नजर आती है और वो है गुड गवर्नेंस। इन सबने अपने-अपने समय में, अपने-अपने कार्यकाल में जब-जब जहां सेवा करने का मौका मिला है गुड गवर्नेंस इस देश को दिया है और इस प्रकार से एनडीए एक प्रकार से एनडीए कहते ही गुड गवर्नेंस ये अपने आप पर्यायवाची बन जाता है।

साथियों,

हम लोगों के सभी के कार्यकाल में चाहे मैं गुजरात में रहा हूं चाहे बाबू हमारे आंध्र में रहे हो या नीतीश जी ने बिहार के लिए भरपूर सेवा की हम सबके अंदर केंद्र बिंदु में गरीब का कल्याण केंद्रस्थ रहा है और देश ने एनडीए के, गरीब कल्याण के, गुड गवर्नेंस के 10 साल को देखा है इतना ही नहीं है मैं कह सकता हूं देश ने इसे जिया है। जनता-जनार्दन ने सरकार क्या होती है, सरकार क्यों होती है, सरकार किसके लिए होती है, सरकार कैसे काम करती है इसको पहली बार अनुभव किया है वरना जनता और सरकारों के बीच में खाई की व्यवस्था ही बनी हुई थी हमने उसको पाट दिया है। हमने सबका प्रयास का मंत्र देश को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए चरितार्थ करके देखा है।

साथियों,

एनडीए सरकार में हम अगले 10 साल में मैं बहुत जिम्मेवारी के साथ कह रहा हूं, अगले 10 साल में गुड गवर्नेंस, विकास, नागरिकों के जीवन में क्वालिटि ऑफ लाइफ और मेरा व्यक्तिगत रूप से एक बहुत बड़ा ड्रीम है, मैं लोकतंत्र की समृद्धि को जब सोचता हूं तो मैं चाहता हूं कि सामान्य मानवी के जीवन में से और खासकर के मध्यम वर्ग, उच्च मध्यम वर्ग उनके जीवन में से सरकार की दखल जितनी कम हो उतनी लोकतंत्र की मजबूती है और आज के टेक्नोलॉजी के युग में बहुत आसानी से हम वरना एक दिन में 10 काम हो तो 10 अलग-अलग वो सारी चीजें मांगेंगे। हम बदलाव चाहते हैं। गुड गवर्नेंस का ये भी एक महत्वपूर्ण पहलू है हम विकास का नया अध्याय लिखेंगे, गुड गवर्नेंस का नया अध्याय लिखेंगे, जनता- जनार्दन की भागीदारी का नया अध्याय लिखेंगे और सब मिल करके विकसित भारत के सपने को साकार करके रहेंगे।

साथियों,

एनडीए में और मैं अगर विस्तार से कहूं तो सदन में किसी भी दल का कोई भी जन प्रतिनिधि होगा मेरे लिए सब बराबर है जब मैं सबका प्रयास की बात करता हूं तो मैं सदन में भी चाहे वो लोकसभा हो या राज्यसभा हमारे लिए सब बराबर है और ये ही एक भाव है जिसके कारण 30 साल से एनडीए अलायंस मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। अपना-पराया कुछ नहीं है। सबको गले लगाने में हमने कभी कोई कमी नहीं रखी है उसी का परिणाम है कि जनता का विश्वास भी जीत पाते हैं। साथियों, हमने 2024 में जिस टीम भावना से काम किया है और ग्रास रूट लेवल पर किया है सिर्फ फोटो ऑप नेता मिल करके हाथ हिलाएं और तुम- तुम्हारे रास्ते मैं-मेरे ऐसा नहीं है ग्रास रूट लेवल तक सबने मिल करके ये जो काम किया है और उसी ने हमें ऑर्गेनिक अलायंस का सामर्थ्य दिया है। एक- दूसरे का सहयोग किया है, हर किसी ने यही सोचा जहां कम- वहां हम अगर कोई कमी है तो मैं आऊंगा मैं मेहनत करूंगा लेकिन तुम्हें कमी नहीं रहने दूंगा जहां कम- वहां हम यह हर कार्यकर्ता ने जी करके दिखाया है और तभी तो जीत आती है। साथियों, कभी-कभी मैं कह सकता हूं कि हमारा 10 साल का अनुभव है, भारत के हर क्षेत्र का और भारत के हर नागरिक का जो एस्पिरेशंस हैं, रीजनल एस्पिरेशंस हैं वे और नेशनल एस्पिरेशंस इसका एक अटूट नाता होना चाहिए, इसके बीच में हवा तक गुजर ना सके इतना जुड़ाव होना चाहिए तब देश आगे बढ़ेगा।

साथियों,

इस चुनाव में मैं कुछ उल्लेख जरूर करना चाहूंगा जो मेरी नजरिए से मैंने देखा है दक्षिण भारत में एनडीए ने एक नई राजनीति की नींव मजबूत की है अब देखिए कर्नाटक एंड तेलंगाना अभी- अभी तो इनकी सरकारें बनी थीं लेकिन पल भर में ही लोगों का विश्वास टूट गया, भ्रम से लोग बाहर आ गए और एनडीए को गले लगा लिया। कर्नाटक और तेलंगाना में दोनों जगह। साथियों, तमिलनाडु में, मैं तमिलनाडु की टीम को भी बधाई देना चाहूंगा और वहां हमारा एनडीए समूह बहुत बड़ा भी है और कईयों को पता था हम शायद एक सीट नहीं ला पाएंगे लेकिन इस लड़ाई में हम साथ रहेंगे और मैंने बहुत से एनडीए के साथी तमिलनाडु में ऐसे हैं कि जिनका कोई उम्मीदवार नहीं था लेकिन इस झंडे को ऊंचा रखने के लिए वो जी जान से जुटे रहे और इसलिए आज तमिलनाडु में भले हम सीट नहीं जीत पाए लेकिन जिस तेजी से एनडीए का वोट शेयर बढ़ा है वो साफ-साफ संदेश दे रहा है कल में क्या लिखा हुआ है?

साथियों,

पुडुचेरी हो, केरल हो.. केरल हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं के बलिदान यूडीएफ हो या एलडीएफ हो शायद हिंदुस्तान के राजनीतिक जीवन में इतना जुल्म एक विचारधारा को लेकर के जीने वाले लोगों पर हुआ होगा तो सिर्फ मैं कह सकता हूं केरल में हुआ होगा, जम्मू- कश्मीर से भी ज्यादा हुआ है उसके बावजूद भी सामने कहीं विजय नजर नहीं आता था उन्होंने परिश्रम की पराकाष्ठा में कभी पीछे नहीं रहे पीढ़ियां खपा दी, पीढ़ियां खपा दी और आज पहली बार संसद में केरल से हमारा प्रतिनिधि बनके आया है। साथियों, अरुणाचल में हमने लगातार हमारी सरकार बनती रही है और भारी समर्थन से बनती है। सिक्किम में भी हमारे एनडीए की सरकार करीब- करीब क्लीन स्वीप के साथ, अरुणाचल क्लीन स्वीप, आंध्र मैं अभी बाबू को पूछ रहा था बोले हिस्टोरिकल ये सबसे हाईएस्ट विक्ट्री है और जो यहां दिखता है ना पवन, ये पवन नहीं आंधी है। आंध्र ने इतना बड़ा हमारे प्रति जनमत दिया है जी हिंदुस्तान के लिए एक सामान्य मानवी की विकास की जो जिजीविषा है उसका प्रतिबिंब है और महाप्रभु जगन्नाथ और मैंने अनुभव किया हमेशा, मैं हमेशा मानता हूं ईश्वर के अनेक रूप होते हैं लेकिन जब मैं भगवान महाप्रभु जगन्नाथ जी को याद करता हूं तो मैं हमेशा मानता हूं ये गरीबों के देवता हैं और वहां जो क्रांति रूप परिणाम आया है मैं एक रिवोल्यूशन देख रहा हूं और मैं इसके साथ कह सकता हूं कि विकसित भारत का हमारा जो सपना है आने वाले 25 वर्ष पहले मैंने 10 साल कहा था यहां मैं 25 साल कह रहा हूं आने वाले 25 साल महाप्रभु जगन्नाथ जी की कृपा से उड़ीसा देश की विकास यात्रा के ग्रोथ इंजन में से एक होगा।

साथियों,

हम लोग 4 जून के नतीजे चल रहे थे मैं तो अपने काम में कुछ व्यस्त था बाद में फोन आना शुरू हो गए तो मैंने किसी को पूछा यार ये तो ठीक है आंकड़े- वाकड़े तो मुझे ये बताओ कि ईवीएम जिंदा है कि मर गया क्योंकि ये लोग तय करके बैठे थे कि भारत के लोकतंत्र और लोकतंत्र की प्रक्रिया के प्रति विश्वास ही लोगों का उठ जाए और लगातार ईवीएम को गाली देना और मुझे तो लगता था शायद इस बार वो ईवीएम की अर्थी जुलूस निकालेंगे लेकिन चार जून शाम आते- आते उनको ताले लग गए ईवीएम ने उनको चुप कर दिया ये ताकत है भारत के लोकतंत्र की, ये ताकत है भारत की निष्पक्षता की, ये भारत की ताकत है भारत के चुनावी तंत्र की, चुनाव आयोग की और मैं मानता हूं कि ये आशा करता हूं कि पांच साल तो अब ईवीएम शायद मुझे नहीं सुनाई देगा लेकिन जब 2029 में हम जाएंगे तो फिर से शायद ईवीएम को लेकर के नाचने की शुरुआत करेंगे। क्योंकि इनके सुधरने की संभावनाएं बहुत कम है। आप देखिए चुनाव के समय मैंने पहली बार देखा शायद हर तीसरे दिन इलेक्शन कमीशन के काम में रुकावट आए इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खटखटाए गए, भांति-भांति की एप्लीकेशन और एक ही टोली थी और लोकतंत्र के प्रति जिनका भारी अविश्वास है ऐसे लोग सुप्रीम कोर्ट का उपयोग करते हुए कैसे रुकावट डाले इसका निरंतर प्रयास करते रहे। और चुनाव आयोग की ताकत का एक बड़ा हिस्सा अदालतों में पीक आवर्स में चुनाव के पीक आवर्स में यानी कितनी निराशा लेकर के ये लोग मैदान में आए थे, कि उन्होंने पूरा हमला उसी इंस्टिट्यूट पर लगा दो, ताकि चुनाव के कोई भी परिणाम आए हम दुनिया के सामने भारत को भी बदनाम कर ले ये षड्यंत्र का हिस्सा था दोस्तों, और कभी भी देश उनको माफ नहीं करेगा। साथियों, इंडी गठबंधन वाले जब ईवीएम का विरोध करते हैं तो मैं सिर्फ एक चुनाव के रूप में नहीं देख रहा मैं मानता हूं ये लोग मन से पिछली शताब्दी के सोच वाले लोग हैं, वे टेक्नोलॉजी का महत्व ना समझते हैं ना टेक्नोलॉजी स्वीकार करने को तैयार हैं और ये सिर्फ ईवीएम में दिखाई दिया ऐसा नहीं यूपीआई में दिखाया जब हमने कहा कि हिंदुस्तान के लोग डिजिटल ट्रांजेक्शन करेंगे फिनटेक की दुनिया में आज हिंदुस्तान का नाम हो गया मानने को तैयार नहीं, आधार आज देश की पहचान बना है मैं तो देख रहा हूं कि मुझे कई देश कहते हैं हमें आधार की पद्धति से आगे बढ़ना है आप कैसे मदद कर सकते उस आधार को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बार.. बार.. बार.. बार जाकर के परेशानियां पैदा की यानी मूलत: ये प्रगति के विरोधी, आधुनिकता के विरोधी, टेक्नोलॉजी के विरोधी इंडी अलायंस हमने देखा है।

साथियों,

इस देश के लिए ये भी चिंता का विषय है कि विश्व में भारत के लोकतंत्र की ताकत को कम आंकने का प्रयास और कितना एक्सट्रीम है मैं दुनिया में ढोल पीट रहा हूं कि हम मदर ऑफ डेमोक्रेसी है और ये दुनिया में जाकर के बता रहे नहीं नहीं हमारे देश में तो डेमोक्रेसी जैसा कुछ नहीं वो मोदी बैठ गया है वो चाय बेचने वाला यहां पहुंच कैसे गया कुछ तो गड़बड़ की होगी ये जो इनकी मनोस्थिति है जी। भारत के नागरिकों को चुनाव प्रक्रिया के प्रति अविश्वास पैदा करने का जो उनका षड्यंत्र है मैं मानता हूं कि अब दुनिया भी भारत के लोकतंत्र की विविधता, विशालता, व्यापकता, गहनता इन सबको भी जानने- समझने के लिए आकर्षित होगी ऐसे इस चुनाव के नतीजे में देख रहा हूं। साथियों, जब एक तारीख को मतदान पूरा हुआ और 4 तारीख को काउंटिंग इस बीच की चीजों को आप देखिए योजनाबद्ध तरीके से देश को हिंसा की आग में झोंकने का बयान दिए जाते रहे। यहां इकट्ठे होना यहां पहुंचना यहां करना कुछ लोग इस चीज को गंभीर नहीं लेंगे लेकिन ये बहुत गंभीर है आप भारत के लोकतंत्र को पहले उसकी व्यवस्था को अनादर करते हो अब परिणाम आने से पहले एक ऐसा माहौल बना दो कि बस आग लगा देंगे, हर प्रकार से उन शब्दों का अर्थ यही निकलता है उन्होंने देश को उस दिशा में ले जाने का प्रयास किया था लगातार देश को गुमराह करने का प्रयास किया गया, देश के लोगों को बांटने का प्रयास किया अरे चुनाव एक ऐसा लोकोत्सव हो होता है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को हम जोड़े, तोड़ने के लिए नहीं होता है लेकिन हर प्रकार से कोशिश यही की गयी। साथियों, मैं मानता हूं कि 2024 के लोकसभा के चुनाव के जो नतीजे हैं हर पैरामीटर से देखेंगे दुनिया ये मानती है और मानेगी ये एनडीए का महा विजय है और आपने देखा दो दिन कैसा चला जैसे हम तो हार चुके हैं गए सब चारों तरफ यही दिखता था क्योंकि उनको अपने कार्यकर्ताओं का मोरल हाई करने के लिए ऐसे काल्पनिक, फरेब ये करने पड़ रहे और साथियों गठबंधन के इतिहास में अगर आंकड़ों के हिसाब से देखें तो ये सबसे मजबूत गठबंधन की सरकार है लेकिन कोशिश ये की गई कि इस विजय को स्वीकार ना करना उसको पराजय के छाया में डुबो के रखना लेकिन उसके ऐसी चीजों की बाल मृत्यु हो जाती है और हो भी गई लेकिन देशवासी जानते हैं कि ना हम हारे थे ना हम हारे हैं लेकिन चार तारीख के बाद हमारा जो व्यवहार रहा है वो हमारी वो पहचान बताता है कि हम विजय को पचाना जानते हैं, हमारे संस्कार ऐसे हैं कि विजय की गोद में उन्माद पैदा नहीं होता है और ना ही पराजित लोगों के प्रति उपहास करने के हमारे संस्कार हैं। हम विजय को भी पचाते हैं और पराजित का भी उपहास करने की विकृति हम नहीं पालते ये हमारे संस्कार हैं। आप किसी भी बालक को पूछो कि भाई लोकसभा के चुनाव के पहले सरकार किसकी थी तो कहेगा एनडीए 24 के नतीजों के बाद सरकार किसकी बनी एनडीए तो हारे कहां से भाई पहले भी एनडीए थी, आज भी एनडीए और कल भी एनडीए है। आप सोचिए 10 साल बाद भी कांग्रेस 100 के आंकड़े को नहीं छू पाई और अगर मैं 14, 19 और 24 तीन चुनाव को जोड़ करके कहूं कांग्रेस के कुल तीन चुनाव जोड़ दूं और इन तीन चुनाव में जितनी सीटें इन्हें मिली है उससे ज्यादा हमें इस चुनाव में मिली है और मैं साफ देख रहा हूं। साथियों, इंडी वालों को ये अंदाज नहीं है वे धीरे-धीरे पहले तो डूब रहे थे अब तेज गति से ये गर्त में जाने वाले हैं। साथियों, इंडी अलायंस वाले देश के सामान्य नागरिकों की जो समझ है आज भी वो उसके सामर्थ्य को समझ नहीं पाए या समझना चाहते नहीं हैं भारत के सामान्य व्यक्ति की भी एक समझ है और जो जमीन से जुड़ा रहता है ना वो समझ को छूता है, समझता है, पहचानता है वो वहां नहीं है। साथियों, इन लोगों का जो व्यवहार रहा है चार तारीख के बाद मैं आशा करता था कि वे लोकतंत्र का सम्मान करेंगे लेकिन उनके व्यवहार से लगता है कि शायद उनमें ये संस्कार आएं इसके लिए हमें और इंतजार करना पड़ेगा और तो मैं ज्यादा कुछ कह नहीं सकता और ये वो लोग हैं जो खुद की पार्टी के पीएम का अपमान करते हैं, उसके निर्णयों को फाड़ देते हैं खुद की पार्टी के विदेशी मेहमान आ जाएं तो उसके लिए चेयर नहीं होती थी ये सारे दृश्य आपने देखें हैं और मैं समझता हूं कि इन सारी स्थितियों में से हम लोकतंत्र की मजबूती और जनता- जनार्दन के प्रति आस्था इसको हम साथियों लोकतंत्र हमें सबका सम्मान करना सिखाती है, विपक्ष में भी जो सांसद जीत करके आए हैं मैं उनको भी बधाई देता हूं और मैं पिछले 10 वर्ष में एक चीज मिस कर रहा था कि डिबेट, पार्टिसिपेशन, क्वालिटी ऑफ डिबेट्स मैं मिस कर रहा हूं लेकिन मैं आशा करता हूं अब इस नया जो सदन बना है वो कमी मुझे खलेगी नहीं शायद हमारे साथी भी राष्ट्र हित की नियत के साथ सदन में आएंगे और भले वो विपक्ष में बैठे होंगे लेकिन राष्ट्र के विपक्ष में नहीं है हमारे विपक्ष में है, राष्ट्र में तो हम सब एक ही दिशा में है, राष्ट्र में हमारा कोई पक्ष- विपक्ष नहीं है, राष्ट्र में हम 140 करोड़ है और मैं आशा करता हूं कि वो राष्ट्र हित की भावना को लेकर के सदन में आएंगे, सदन को समृद्धि देने में वे कुछ न कुछ योगदान करेंगे।

साथियों,

24 का जनादेश एक बात को बार-बार मजबूती दे रहा है कि देश को आज के वातावरण में सिर्फ और सिर्फ एनडीए पर ही भरोसा है और जब इतना अटूट विश्वास है इतना भरोसा है तो स्वाभाविक है देश की अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी और मैं इसे अच्छा मानता हूं और हम सबका कर्तव्य भी मानता हूं और इन अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए और मैंने पहले भी कहा था जो 10 वर्ष हमने काम किया है वो तो ट्रेलर है और वो मेरा चुनावी वाक्य नहीं था ये मेरा कमिटमेंट है हमें और तेजी से और विस्तार से और तेज गति से देश के आकांक्षाओं को पूर्ण करने में रत्ती भर भी विलंब नहीं ही करना है। जनता- जनार्दन चाहती है हम पहले से ज्यादा डिलीवर करें, जनता चाहती है कि हम खुद ही हमारे पुराने रिकॉर्ड तोड़े और मैं साथियों एक तरफ एनडीए रखू दूसरी तरफ भारत के लोगों के सपने और संकल्पों को रखूं तो मैं कहूंगा एनडीए- न्यू इंडिया, डेवलप इंडिया, एस्पिरेशनल इंडिया और इसी सपने और संकल्पों को पूरा करना ये हम सबका संकल्प भी है, कमिटमेंट भी है और हमारे पास रोड मैप भी है।

साथियों,

एनडीए ने हमेशा करप्शन फ्री, रिफॉर्म ओरिएंटेड, स्थिर सरकार देश को दी है जब- जब हमें अवसर मिला हम लोगों ने काम किया है उसके सामने कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए अब उन्होंने पुरानी अपनी छवि सुधारने के लिए नाम बदल दिया लेकिन पहचान घोटालों की है आए दिन घोटाले यही पहचान रही है और नाम बदलने के बावजूद भी देश उनके घोटालों को नहीं भूला है, उनको नकारा है और मैं कह सकता हूं साथियों इंडी अलायंस वालों ने एक व्यक्ति का अप्रोच करने के वन प्वाइंट एजेंडा के कारण देश की जनता ने उनको ही अपोजिशन में बिठा दिया है। एनडीए विकसित भारत इस संकल्प को लेकर के चुनाव में गया था, देश के लिए सकारात्मक सोच को लेकर के गया था, देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य को समझ कर के नए अवसरों को लेकर के देश को आगे बढ़ने की बात लेकर के गया था जबकि हमारे सामने जो लोग थे वो भ्रम फैलाना झूठ फैलाना यही गुमराह करने वाले काम यही करते रहे थे। अब एनडीए और उनका का देखें इवन नामांकन में जाएंगे तो भी आपको दिखेगा उनका चुनाव प्रचार उनका नामांकन हम लोगों का एक- एक दृश्य देख लीजिए और उनका एक- एक दृश्य देखिए कितना बड़ा अंतर है हर चीज में उनका कैरेक्टर दिखाई देता है और क्या रहा फोटो ऑफ के लिए तो उन्होंने अलायंस घोषित कर दिया लेकिन कितने ही राज्यों में वो आपस में लड़ते रहे हैं चुनावी जंग में एक- दूसरे की पीठ में छुरा भोकते रहे कभी उन्होंने कहा ये तो हमारा वैचारिक अलायंस है वो विचार लेवल पर ठीक है बाकी नीचे तो हमारा अपना हम तैयार करेंगे और अब फिर उन्होंने कहा हम तो सीट के आधार पर अलायंस करेंगे टोटल ना भी करें ये भी खेल खेला और अभी- अभी तो चुनाव पूरा हुआ और शुरु कर दिया कि ये तो हमारा अलायंस लोकसभा के चुनाव के लिए था बाद में नहीं है ये भी शुरू कर दिया यानी मैंने बहुत पहले कहा था आप देख लेना 4 जून के बाद बिखराव शुरू हो जाएगा और वो शुरू हो चुका है इसका मतलब ये हुआ कि वो सिर्फ और सिर्फ सत्ता सुख के लिए एक- दूसरे का साथ देने की कोशिश करते थे लेकिन उनमें उनका अगर स्वार्थ निश्चित होता तो तो साथ देना वरना नहीं देना ये कैरेक्टर था। साथियों, ये लोग कितने ही बड़े झूठ बोलते रहे हैं और आप देखिए चुनाव के समय उन्होंने देश के सामान्य नागरिक को गुमराह करने के लिए जो पर्चियां बांटी ये देंगे और वो देंगे और ढिकाना देंगे फलाना देंगे दो दिन से मैं देख रहा हूं कि कांग्रेस के दफ्तरों पर लोग कतार लगाकर खड़े हैं कि पर्ची है एक लाख रुपए कहां है लाओ भाई मांग रहे हैं लोग यानी आपने जनता- जनार्दन की आंखों में कैसा उनको भ्रमित किया, कैसी आंख में धूल झोंक दी वो बेचारा सामान्य नागरिक मान के चलता था हां भाई चार जून के बाद रुपया मिल जाएगा इसलिए वो जाकर खड़ा रह गया और अब उसको धक्का मारा जा रहा है, डंडे मारे जा रहे वहां से निकाला जा रहा है अब इस प्रकार का चुनाव ये अपने आप में देश के गरीबों का अपमान है, हमारे देश के सामान्य नागरिकों का अपमान है और कभी भी देश ऐसी हरकतों को ना भूलता है, ना ही माफ कभी करता है।

साथियों,

हमारे लिए संतोष की बात है कि हम एक कमिटमेंट से काम करते रहे हैं 10 साल में हमने 25 करोड़ गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला है, गरीब कल्याण का एक सुरक्षित मजबूत कवच दिया है हमने उसको और उसके अंदर भी एक नए एस्पिरेशन पैदा हुई कि हां अब मुझे गरीब नहीं रहना है और उसके लिए मुझसे जो हो सके मैं हर अवसर का फायदा उठाऊंगा। तीन करोड़ गरीबों को घर ऐसे कहने का आंकड़ा नहीं जी कितनी मेहनत पड़ती है मुझे मालूम है लेकिन हम सफलतापूर्वक इसको कर पाए हैं। चार करोड़ लोगों को दे चुके हैं, तीन करोड़ का हम संकल्प लेकर के आज से आगे बढ़ेंगे यानी ये भी हिम्मत है कि चार करोड़ देने के बाद जिन परिवारों का विस्तार हुआ है, जरूरत पड़ी है और राज्यों की भी उसमें इच्छा है तीन करोड़ नए घर बनाने का संकल्प। 70 वर्ष की आयु से ऊपर के व्यक्तियों को नागरिकों को 5 लाख रुपए तक इलाज के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था। मुद्रा योजना के तहत हमारे नौजवानों को कारोबार के लिए 20 लाख तक की उनकी बैंक से उनको लोन मिले इसकी व्यवस्था ये मैं समझता हूं कि वायदा हमारे तीसरे कार्यकाल की ये गारंटियां हैं सब मैं अभी बताता नहीं हूं लेकिन इन गारंटी के प्रति हम कमिटेड है और उसे पूर्ण करने के लिए हम कोई कमी नहीं रखेंगे। साथियों, गरीब का सशक्तिकरण और मिडिल क्लास को सुविधा ये हमारी प्राथमिकता है क्योंकि मध्यम वर्ग अब इस देश का एक बहुत बड़ा चालक वर्ग है, भारत की ग्रोथ स्टोरी में ये ऐसे- ऐसे नए फोर्सेस मैं देख रहा हूं जो हमारी बहुत बड़ी शक्ति बनने वाले हैं और इसलिए हम उस पर भी उतना ही और मिडिल क्लास की बचत कैसे बढ़े, सेविंग कैसे बने उसके लिए उसके क्वालिटी ऑफ लाइफ के लिए हम क्या कर सकते हैं हमारी योजनाओं का विस्तार कैसे किया जाए हमारे नीति नियमों में बदलाव कैसे किया जाए उस पर भी हम आने वाले दिनों में काम करेंगे।

साथियों,

पंचायत से पार्लियामेंट तक हमारी नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी ये हमारा कमिटमेंट है और हमने हमारे पिछले कार्यकाल में नारी शक्ति बंधन अधिनियम करके उस बात को हमने आगे बढ़ाया और वो दिन दूर नहीं होगा जब हमारे सदन में बहुत बड़ी तादाद में हमारी माताएं- बहनें देश का नेतृत्व करती हुई दिखाई देंगी। इस पूरे चुनाव में हम सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवारों को टिकट देने वाली पार्टी रहे हैं ये हमारा कमिट है। हमारी महिला सांसदों को जो आशीर्वाद देश की जनता ने दिया है मैं इसके लिए विशेष रूप से उनका आभार व्यक्त करता हूं और साथियों आपने देखा होगा जी-20 समिट में दुनिया के सामने एक विषय लेकर के हम बड़े आग्रह से गए हैं और वो है एंपावरमेंट ऑफ वूमेन, डेवलपमेंट ऑफ वूमेन इन सारी बातों से तो हम परिचित हैं हमने एक नया शिफ्ट किया है और हम जी 20 समिट से भी इसको आगे बढ़ा रहे हैं वूमेन लेड डेवलपमेंट। एक बार हमारा प्रकार का कमिटमेंट बनता है तो परिवर्तन बिल्कुल साफ नजर आता है।

साथियों,

एनडीए का ये कार्यकाल बड़े फैसलों का है, तेज विकास का है और अब हम समय गंवाना नहीं चाहते कि हम पांच नंबर की इकोनॉमी से तीन नंबर की इकोनॉमी पर पहुंचना है और ये खाली पांच और तीन का आंकड़ा नहीं है उसके कारण जो अर्थव्यवस्था का कद बन जाता है वो सामान्य मानवी की आशा- आकांक्षाओं को पूरी करने के लिए सरलता बढ़ जाती है जी। देश के लिए जो जरूरतें हैं वो आराम से पूरी करने का सामर्थ्य बन जाता है और इसलिए हम उस दिशा में बड़ी कोशिश करके आगे बढ़ना चाहते हैं राज्यों का सहयोग भी उसमें उतना ही महत्त्वपूर्ण है और भारत के संविधान ने हमसे जिस प्रकार का दिशा- निर्देश किया है कोऑपरेटिव फेडरलिज्म का लेकिन मैंने उसमें आग्रह रखा है कॉम्पिटेटिव कोऑपरेटिव फेडरलिज्म हमारे राज्यों के बीच में भी तंदुरुस्त स्पर्धा हो राज्य और केंद्र के बीच में भी तंदुरुस्त स्पर्धा हो हम अच्छा करने की स्पर्धा करें और उस दिशा में हम आगे बढ़ना चाहते हैं और हमने देखा है जब कॉम्पिटेटिव कोऑपरेटिव फेडरलिज्म की बात करता हूं आपने देखा जी- 20 समिट हम एक जगह पर कर सकते थे हम भी मालाएं पहन करके फोटो निकलवा सकते थे लेकिन हिंदुस्तान के अनेक शहरों में 200 से ज्यादा मीटिंग हुई और दुनिया भर के नीति निर्धारक जो कहे जी- 20 देशों के और बाकी भी पांच- सात देशों के वो हिंदुस्तान के कोने- कोने गए उनके देशों में जाकर के भारत की विविधता भारत की विशालता इसकी चर्चा कर रहे हैं उनके लिए आश्चर्य है ये, हमने तो दिल्ली आकर के वापस जाते थे पता ही नहीं था कि देश इतना बड़ा है, ये अपनी एक ताकत का परिचय हुआ है। हमने कोविड में देखा राज्यों के साथ कोऑपरेशन के साथ हमने जिस प्रकार से लड़ाई लड़ी और एक सूत्र में रह कर लड़ाई लड़ी, दल किसी का भी हो सरकार में लेकिन हमने इस काम को किया क्योंकि हमारा कोऑपरेटिव फेडरेलिज्म के प्रति कमिटमेंट है। एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट एक ऐसा मॉडल है गवर्नेंस का जिसमें राज्य भी उतना ही सक्रियता से हमारे साथ जुड़े हुए हैं और दुनिया के लिए जो डेवलपिंग कंट्रीज हैं उनके लिए गवर्नेंस का एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत हो रहा है जिसका आप तो केस स्टडी के रूप में दुनिया के अनेक यूनिवर्सिटी केस स्टडी करना शुरू की अब उसको हम आगे बढ़ाते हुए एस्पिरेशनल ब्लॉक की तरफ ले जा रहे हैं ताकि हमारे ग्रास रूट लेवल पर भी जो वीक एरियाज हैं जहां सुविधाएं भी सामान्य एवरेज से भी नीचे हैं उसको हम जल्दी से जल्दी स्टेज की एवरेज तक लाना चाहते हैं। देश का रीजन कोई भी क्षेत्र हो सर्वांगीण विकास को लेकर के हम चलेंगे। साथियों, गत 10 वर्ष में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हमने एक बहुत बड़ा यानी सोचने में भी बदलाव लाएं जमीन पर तो लाएं ही लाएं वरना हमारे देश में सोचा चलेगा यार एक बार कर लो ना उस सारे में से बदलाव नहीं अब तो अच्छा ही चाहिए, बड़ा ही चाहिए, जल्दी से जल्दी पहुंचाने वाला चाहिए, सामान्य मानवी के मन को हमने इससे प्रेरित भी किया है और पुरुषार्थ करके हमने उस दिशा में काम किया है। पांच साल में हमें गति शक्ति यानी इस प्रकार के प्लेटफार्म पर जो काम किया है जो काम 6-6, 8-8 महीने तक नहीं होता था वो आज 15-20 दिन में कर सकते हैं सब टेक्नोलॉजी का उपयोग करके हम काम कर रहे हैं और ये जब होता है तो उसका मूल फायदा देश के नौजवानों के लिए रोजगार के अति अवसर बन जाते हैं उनके लिए जीवन में सिलेक्शन के लिए बहुत बड़ा दायरा बढ़ जाता है और वो हमें साथियों आज भारत दुनिया में विश्व के लिए एक नया मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है और जब हम मैन्युफैक्चरिंग हब कह रहे तब सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक गुड्स या सर्विसेज की मैं बात नहीं कर रहा हूं मैं फूड प्रोसेसिंग में भी आज दुनिया में हम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और वो भारत के किसानों को बहुत बड़ी ताकत देने वाला है। उसी प्रकार से स्पेस हो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हो, स्टार्टअप्स की बात हो, स्किल जॉब अपॉर्चुनिटी की बात हो आज भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा, बढ़ रहा है ये मेरा विश्वास है। साथियों, मुद्रा योजना, ड्रोन दीदी, विश्वकर्मा योजना इसने भी नई संभावनाओं को जन्म दिया है।

साथियों,

हमारी संस्कृति, हमारी विरासत उसके प्रति हम जितना ध्यान केंद्रित करेंगे दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा और इसलिए हम उन दिशा में और मैं मानता हूं भारत के लिए टूरिज्म एक ऐसा एवेन्यू है जो गत शताब्दी में हमें कभी यानी आज से लेकर के पीछे के 100 साल मैं कहूं ऐसा अवसर नहीं मिला है जैसा आने वाले 25 साल में मिलने वाला है। दुनिया भारत की तरफ मुड़ने वाली है अब हमारा काम है हम इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को विकसित करें, हमारी विरासत के प्रति हमारा पर्यटन का विकास करते हुए एक विन विन सिचुएशन का हम फायदा उठाएं और उसमें बहुत अधिक निवेश की संभावनाएं मैं देखता हूं और ये एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हर स्तर के लोग कमाते हैं गरीब से गरीब आदमी भी कमाता है और बड़ी- बड़ी होटल वाला भी कमाता है हर कोई इसमें कमाता है और हमने टूरिज्म पर हम बल देना चाहते हैं बहुत पोटेंशियल है। आज इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र खुले हैं इसका फायदा इसको मिलता है एयरवे हो, रेलवे हो, हमारे एक्सप्रेसवे हो ये हमारा यातायात जितना बेहतर हो रहा है, हमारा डिजिटल कनेक्टिविटी का जो काम है ये इसके लिए बहुत बड़ा पॉजिटिव ग्राउंड तैयार कर रहा है और जिसका फायदा मिलने वाला है और जो वोकल फॉर लोकल और रीजनल टूरिज्म इसको एक बल देने का काम है। साथियों, अब दुनिया एक नए युग में प्रवेश कर रही है जिस समय औद्योगिक क्रांति हुई उस समय हम गुलामी के दौर से गुजरे तो औद्योगिक क्रांति का जितना फायदा लेना चाहिए हम नहीं ले पाए अब एक नया युग शुरू हो रहा है हरित युग, ग्रीन एरा भारत के पास बहुत संभावनाएं हैं इसका नेतृत्व करने की और हम इसके लिए आने वाले दिनों में ग्रीन हाइड्रोजन की बात हो ग्रीन एनर्जी हो या ग्रीन जॉब्स हो या ग्रीन मोबिलिटी हो इन सारे विषयों को हम इतनी तेजी से आगे बढ़ाना चाहते हैं ताकि हरित युग का नेतृत्व दुनिया में भारत का सामर्थ्य सिद्ध कर दें ये हम चाहते हैं। साथियों, इसी सिलसिले में इस 5 जून को जब पर्यावरण दिवस था 4 जून को नतीजे आ गए थे तो उसी दिन मेरे मन में एक विचार आया कि कार्यक्रम 5 जून को हमने आरंभ किया- ‘एक पेड़ मां के नाम’, हर किसी को मां के प्रति श्रद्धा होती है और मैं भी देशवासियों को कहूंगा कि आने वाले समय में कभी आपकी माता जी का जन्मदिन हो या कोई और शुभ दिन हो अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाइए और मां जीवित है तो साथ लेकर जाइए उनकी फोटो आप सोशल मीडिया में अपलोड कीजिए और मां नहीं हैं उनकी फोटो रख करके एक पेड़ लगाइए और वो अपनी मां का भी सम्मान होगा और धरती मां की सेवा होगी हम इन दो माताओं की सेवा करें।

साथियों,

एनडीए अब भारत आइसोलेशन में नहीं जी सकता, वैश्विक परिवेश में भारत की भूमिका दिनों दिन बहुत बढ़ती चली जा रही है। 2014 में जब एनडीए की सरकार बनी पूरे विश्व में उसी एक पल से एक नया जिज्ञासा पैदा हुई थोड़ी आशा के संकेत उनको नजर आने लगे और फिर उस बदलाव बहुत बड़ा तेजी से आया और पिछले 10 वर्ष में भारत ने जिन कामों को बल दिया है आज भारत की छवि विश्व बंधु की बन चुकी है दोस्तों, विश्व हमें एक बंधु के रूप में स्वीकार कर रहा है और जब दुनिया हमें विश्व बंधु के रूप में स्वीकारती है तो हमारी वैश्विक जिम्मेवारियों को भी हमने हमारे आने वाले रोड मैप में महत्व देना ही होगा और भारत की सफल विदेश नीति ने अच्छे परिणाम भी दिए हैं। हमने हर संकट को उस प्रकार से हैंडल किया जिस प्रकार से मानवीय मूल्यों को हमने प्राथमिकता दी उसका परिणाम है कि सामान्य मानवी के मन में ये विश्व बंधु वाला भाव बहुत मजबूत हुआ और भारत का सेवा भाव का जो कैरेक्टर है उसको विश्व ने पहचाना है चाहे यूक्रेन का संकट हो चाहे अफगानिस्तान का संकट हो हर हमारे लोगों को बचाना हो हमने किसी भी क्षेत्र में हमने कोई कमी नहीं रखी है और साथियों इस क्षमता के कारण भारत में निवेश की संभावनाएं बहुत बढ़ने वाली है मैं राज्यों से भी कहूंगा कि आप प्रगतिशील नीतियां बनाकर रेडी रहिए विश्व आज आपके दरवाजे पर दस्तक दे रहा है और जो राज्य ज्यादा स्पष्ट नीतियों के साथ आएगा जो राज्य उन कंपनियां विदेश से आने वाले लोगों को ठीक से हैंडल करेगा उसको बेनिफिट मिलने ही वाला है और भारत ने जो नीतियां बनाई हैं, भारत ने जो वातावरण बनाया है उसका लाभ भारत के हर राज्य को मिलना चाहिए और उस दिशा में हम तेजी से काम करना चाहते हैं। साथियों, हमने जी-20 समिट में देखा है दुनिया का भारत के प्रति नजरिया बदला है जो लोग इन चीजों को माइन्यूटली देखते हो उनको पता होगा कि जी- 20 एक प्रकार से कई संकटों से गुजर रहा था उतार- चढ़ाव आते रहते थे, बिखराव भी नजर आ रहा था लेकिन भारत में जी-20 आने के बाद नए प्राण से भर गया है, नया सामर्थ्य आ गया है और ये भारत की ताकत है कि उसने पूरे विश्व को जोड़ने में जी-20 के माध्यम से बहुत बड़ा काम किया है और उसके इन दिनों भी जो परिणाम आए इसके बाद मेरा काफी समय विदेश के सरकारों से फोन पर अभिनंदन स्वीकार करने में गया और शायद मुझे 14 और 19 में भी ऐसा अनुभव नहीं था जितना इस बार फ्लो है। दुनिया के करीब-करीब अब नाम लें उसने भारत को शुभेच्छा व्यक्त की है या बात करने की कोशिश की है यानी ये वैश्विक जो हमारा ताकत है उसका परिचय करवा रहा है और उसके कारण मैं मानता हूं कि विश्व में हमारा सम्मान और साथ-साथ भारत में निवेश ये दोनों संभावनाएं बढ़ रही हैं।

साथियों,

हमारे संविधान का ये 75वां वर्ष है हम चाहते हैं कि संविधान हमारी संवैधानिक संस्थाओं का संरक्षण भर इसके मात्र के लिए है ऐसा नहीं कोई अदालत में धाराओं का उपयोग करके काम करने के लिए नहीं है ये एक हमारी भावना है, हमारा स्पिरिट है और हमें इस 75 साल को ऐसे मनाना है ताकि हम संविधान के स्पिरिट को जन- जन तक पहुंचाएं, हर जन को संविधान की जो भावना है, कर्तव्य की भावना है अनेक बातें उनके प्रति समर्पण उसका बढ़ें उस दिशा में हम काम करना चाहते हैं। साथियों, छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 350 वर्ष के उत्सव में देश आज रंगा हुआ है और हम हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है क्योंकि उसमें राष्ट्र प्रथम की भावना है। छत्रपति शिवाजी महाराज को याद करते ही राष्ट्र प्रथम की भावना हमें मजबूती देती है और इसलिए हम देश में इसी एजेंडा को आगे रखते हुए और जब इसी समय 350 साल का पर्व आया है तो हमें अपनी पॉलिसी और परफॉर्मेंस और सामान्य मानवी का जीवन बेहतर करना है उस पर जरा भी विलंब नहीं करना है। साथियों, विकास की सारी तैयारियां, रोड मैप लेकर हम चलेंगे ही चल रहे हैं लेकिन साथ- साथ हम नए- नए सांसद आए हैं कुछ पुराने सांसद हैं कोई ज्यादा अनुभवी सांसद भी हैं आप देखते हैं कि इन दिनों पिछले दो दिन से आप टीवी पर देखते होंगे एक भी सच्चाई मुझे उसमें नजर नहीं आई कोई ये कह रहा है कोई वो कह रहा था सब मैंने कहा कि भाई पूछो तो ये जानकारी लाते कहां से हैं। गप- गोले चला रहे हैं किसी के खाते में कुछ भी डाल कर के चल रहा है मतलब ये थोड़े दिन क्योंकि 10 साल से ऐसे अवसर नहीं मिले हैं तो शायद ये उबाल जरा ज्यादा रहेगा लेकिन आप मान के चलिए जी ऐसे लोग कोई पहुंचेंगे बस साब मेरा अच्छा संबंध है मंत्री में आपका नंबर कर सकता हूं आया हमें भी पता नहीं होता यार हो सकता है मिनिस्टर बनने का ये रास्ता होगा तो हम भी गलती से उसका हाथ पकड़ लेते हैं और वो पता नहीं वो किस खाई में डुबो देता है कभी-कभी तो शायद आप तो टेक्नोलॉजी ऐसी है कि हो सकता है मेरे सिग्नेचर से कोई लिस्ट बाहर निकल जाए कि ये मंत्री बन गए हो सकता है कोई बुद्धिमान डिपार्टमेंट भी बांट दें तो आजकल कई लोग सरकार बनाने में लगे हुए हैं, मंत्री पद बांट रहे हैं, पद बांट रहे हैं, व्यवस्था बांट रहे हैं मैं आपसे आग्रह पूर्वक कहता हूं और जो मोदी को जानते हैं ये सारे प्रयास निरर्थक है भाई। आप भी किसी का फोन आ जाए तो 10 बार वेरीफाई कीजिए कि जिसने फोन किया है वो सचमुच में अथॉरिटी है अदर वाइज कोई भी कहेगा कि भाई आपका नाम हो गया है सुबह परिवार को बुला लीजिए शपथ समारोह में आना है हो गया तो ऐसी गप बाजी करने वाली एक बहुत बड़ी फौज रहती है कुछ लोग आदतन करते रहते हैं, कुछ लोग मजा आती है और कुछ लोग बद इरादे से करते हैं मेरा सभी सांसदों से आग्रह है कि हम इन सारे षड्यंत्रों का शिकार ना बनें। दूसरा हमारे जो इंडी अलायंस वालों ने इस चुनाव में फेक न्यूज में एक्सपर्टाइज कर लिया डबल पीएचडी कर लिया है उन्होंने वो शायद इसका भरपूर उपयोग करेंगे हम कृपा करके इन चीजों से दूर रहें, अफवाहों से दूर रहें ये जो टीम बैठी है वो अनुभवी टीम है मुझे भी सही सलाह देने वाली टीम है और इसलिए टीम मिलकर के बहुत सही निर्णय करने वाली है। कृपा करके ब्रेकिंग न्यूज के आधार पर देश चलेगा नहीं ये मान के चलिए।

साथियों,
विकसित भारत का संकल्प लेकर के हम चले हैं तीन नंबर की इकोनॉमी पहुंचना मैं जानता हूं निश्चित रोड मैप के साथ उसको हम पार करने वाले हैं और मैंने पहले भी कहा था कि मेरा पल- पल देश के नाम है, मेरा पल-पल आप लोगों के नाम है, मैं 24/7 अवेलेबल हूं। हमें मिलकर के देश को आगे बढ़ाना है। फिर से एक बार आप लोगों ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, जो प्यार दिखाया है और जो समर्थन दिया है वाकई मैं मानता हूं भारत के लोकतंत्र की एक बहुत बड़ी ताकत है मैं जितना आपका आभार व्यक्त करूं उतना कम है और मैं विश्वास दिलाता हूं कि मैं आपकी आशा- अपेक्षाओं को पूरी करने में परिश्रम करने में कोई कमी नहीं रखूंगा। मेरे लिए जन्म सिर्फ और सिर्फ वन लाइफ- वन मिशन और वो है मेरी भारत माता। ये मिशन है 140 करोड़ देशवासियों के सपनों को पूरा करने के लिए खप जाना, ये मिशन है 140 करोड़ देशवासियों को हजार साल की मुसीबतों से जो गुजरी हुई पीढ़ी दर पीढ़ी है उसे मुक्ति दिला करके सम्मान के साथ विश्व में मेरा हर देशवासी दुनिया उसे देखे तो उसका मन कर जाए काश ये हिंदुस्तान का है अरे नजर मिल जाए तो अच्छा होगा ये मैं स्थिति पैदा करना चाहता हूं। उसका मन लालायित होना चाहिए हिंदुस्तानी है अरे यार जरा हाथ मिला लूं कुछ एनर्जी मुझे भी आ जाए मैं देश को इस ऊंचाई पर ले जाना चाहता हूं और साथियों मुझे पक्का विश्वास है आपका साथ, आपका सहयोग, आपका अनुभव बहुत बड़े परिणामों की संभावनाएं लेकर के आया है। लोकसभा का ये गठन उन सभी आकांक्षाओं को पूरा करेगा मैं फिर एक बार आप सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।

 

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
'Best Never The Loudest': Bear Grylls Gives Shoutout To ‘Powerful Leader’ PM Modi

Media Coverage

'Best Never The Loudest': Bear Grylls Gives Shoutout To ‘Powerful Leader’ PM Modi
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Cabinet approves infrastructure projects between National Highway-19 and Varanasi Ring Road in Uttar Pradesh worth Rs.14447.64 crore
July 15, 2026

The Cabinet Committee on Economic Affairs, chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi, today has approved the development of a Link/Connector Corridor between National Highway-19 (NH-19) and the Varanasi Ring Road with riverbank connectivity along the River Ganga for the decongestion of Varanasi City in Uttar Pradesh. The 46.039 km project, comprising a six-lane elevated main carriageway, an iconic cable-stayed bridge, an extradosed Foot Over Bridge-cum-Major Bridge, loops, ramps, link roads and service roads, will be implemented under the Hybrid Annuity Model (HAM) at a total capital cost of Rs.14,447.64 crore including a civil construction cost of Rs.6,037.85 crore (including utility shifting, excluding GST) and a land acquisition cost of Rs.541.11 crore under NH(O).

The project will provide seamless connectivity between NH-19 and the Varanasi Ring Road, significantly decongesting the city’s road network and improving urban mobility. Designed for an operating speed of 80–100 km/h, it is expected to reduce the average travel time across the project influence area from approximately 60 minutes to 20 minutes, representing a reduction of nearly 67 per cent. Travel time between NH-19 and Kashi Railway Station will be reduced from approximately 50 minutes to about 25 minutes, resulting in a saving of about 25 minutes (nearly 50 per cent).

Aligned with the PM Gati Shakti National Master Plan, the corridor will strengthen multimodal connectivity by providing seamless access to major highways, railway stations, Lal Bahadur Shastri Airport and Ramnagar IWAI Port, while significantly improving connectivity to key religious, educational and cultural landmarks, including the Kashi Vishwanath Temple, Banaras Hindu University (BHU), Namo Ghat, Ramnagar Fort and the Ghats of Varanasi. By linking important economic, social and logistics nodes, the project will improve logistics efficiency, enhance road safety, facilitate tourism and pilgrimage, and support sustainable regional economic growth across eastern Uttar Pradesh.

The corridor has been conceived as a transformative urban mobility project to decongest the road network of Varanasi & Chandauli by providing a high-speed, access-controlled connection between NH-19, the Varanasi Ring Road (NH-135B), Ramnagar/ BHU and other major urban destinations. With more than 15 crore tourists and pilgrims visiting Varanasi every year, the project will significantly improve connectivity to major religious, educational and cultural landmarks, including the Kashi Vishwanath Temple, Banaras Hindu University (BHU), Namo Ghat, Ramnagar Fort, the Ghats of Varanasi, and Kashi Railway Station, while substantially reducing congestion on the existing city road network. An elevated spur between BHU/Lanka and Samne Ghat will further ease traffic congestion at the heavily trafficked Lanka Junction by separating through traffic from local traffic movements.

The project will improve road safety through controlled-access movement, reduce vehicle operating costs and emissions, enhance travel reliability, and facilitate the efficient movement of passenger and freight traffic. It will also decongest NH-19, the BHU-Ramnagar Corridor and NH-35 by diverting through traffic away from the densely developed urban core.

The project incorporates several landmark engineering features, including an iconic 910 m cable-stayed bridge across the River Ganga, a 1.32 km extradosed Foot Over Bridge-cum-Major Bridge with travelators providing seamless pedestrian connectivity to the Kashi Vishwanath Temple, a Rail Over Bridge over the existing/proposed Malviya Bridge, dedicated emergency parking bays, noise barriers, façade lighting and architectural elements inspired by the cultural heritage of Varanasi. These features will not only improve transportation efficiency but also enhance the city’s urban landscape, create an iconic addition to Varanasi’s skyline, and reinforce its position as one of India’s foremost religious and cultural destinations.

Planned in accordance with the PM Gati Shakti National Master Plan, the corridor will strengthen multimodal connectivity by linking one Economic Node (Chandauli SEZ), one Social Node (Chandauli Aspirational District) and six major Logistics Nodes, namely Lal Bahadur Shastri Airport, Kashi Railway Station, Banaras Railway Station, Varanasi City Railway Station, Pt. Deen Dayal Upadhyay Junction and Ramnagar IWAI Port. By providing seamless connectivity between these transport hubs and key destinations such as the Kashi Vishwanath Temple, Banaras Hindu University (BHU), Namo Ghat, Ramnagar Fort and the Ghats of Varanasi, the project will enhance multimodal integration, improve logistics efficiency, facilitate tourism and pilgrimage, and support sustainable regional economic development across eastern Uttar Pradesh.

Overall, the proposed Ganga Elevated Corridor will create a modern, high-capacity urban transport corridor that transforms mobility in Varanasi by providing faster, safer and more reliable connectivity, significantly reducing congestion, strengthening multimodal integration, enhancing tourism and pilgrimage infrastructure, and supporting sustainable economic growth in line with the vision of PM Gati Shakti and Viksit Bharat.

Map of Corridor: