पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग से पता चलता है कि बिहार ने एनडीए सरकार को बनाए रखने का फैसला कर लिया है: औरंगाबाद में पीएम मोदी
'फिर एक बार, NDA सरकार... बिहार में फिर से सुशासन सरकार...': औरंगाबाद में पीएम मोदी
‘मैं जो कहता हूँ, वो करता हूँ’: पीएम मोदी ने राम मंदिर, अनुच्छेद 370 को हटाने और ऑपरेशन सिंदूर को एनडीए की प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में गिनाया।

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

सूर्य देव के इ पावन भूमि के हम नमन करीत ही! उम्गेश्वरी माता एवं देवकुंड के इ वैभवशाली भूमि पर अपने सब के अभिनन्दन करीत ही !

साथियों,

औरंगाबाद, तप-त्याग और बलिदान की भूमि है। इस मिट्टी ने अनुग्रह बाबू और जगतपति जगदेव जी के रूप में महान स्वतंत्रता सेनानी दिए। औरंगाबाद हो या गयाजी हो...ये पक्के इरादे वाली धरती है। दशरथ मांझी जी...इसी का प्रतीक रहे हैं। मैं इस क्षेत्र की सभी महान विभूतियों को नमन करता हूं।

साथियों,

कल ही बिहार ने पहले चरण का मतदान किया है। और वाकई बिहार के लोगों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बिहार के इतिहास का अब तक का सबसे अधिक मतदान हुआ है। और इसमें हमारी माताएं-बहने सुबह से ही कतार लगा के खड़ी हो गई और उन्होंने तो सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पहले चरण में करीब पैंसठ परसेंट वोटिंग हुई है...ये दिखाता है कि NDA सरकार की वापसी का मोर्चा...खुद बिहार की जनता ने संभाला हुआ है। बिहार के नौजवानों ने संभाला है, बिहार की माताओं बहनों ने संभाला है, बिहार के किसान भाइयों ने संभाला है। साथियों, पहले चरण के मतदान से ये स्पष्ट है... बिहार के लोग अब किसी भी कीमत पर जंगलराज को लौटने देना नहीं चाहते। बिहार का नौजवान...RJD के झूठे वादों पर नहीं...NDA के ईमानदार इरादों पर वोट दे रहा है। आरजेडी ने झूठे वादों का भ्रम फैलाने की भरसक कोशिश की...इनके वादों पर तो खुद कांग्रेस को ही भरोसा नहीं है... इसलिए वो RJD के घोषणापत्र की बात ही नहीं करती। बिहार के लोगों ने...बिहार के नौजवानों ने भी...RJD के झूठ के पिटारे को खारिज कर दिया है।

साथियों,

बिहार का मतदाता...नरेंद्र-नीतीश के ट्रैक रिकॉर्ड पर भरोसा कर रहा है...हमारे पक्के इरादों को समर्थन दे रहा है। पहले चरण के मतदान से ये तय है...फिर एक बार...NDA सरकार! फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार...बिहार में फिर से...सुशासन सरकार!

साथियों,

मुझे बिहार के सामर्थ्य पर भरोसा है। बिहार के पास मां गंगा का आशीर्वाद है...यहां इतनी ऊपजाऊ भूमि है,यहां इतने परिश्रमी लोग हैं... बिहार को समृद्ध बनाने का संकल्प सच हो सकता है।

साथियों,

आप याद रखिए... आपने जब यहां नीतीश जी को अवसर दिया...तो उनके कार्यकाल के पहले नौ साल दिल्ली में RJD-कांग्रेस की सरकार थी। तब इन लोगों ने मिलकर दिल्ली में बैठे-बैठे दिन-रात एक ही काम किया बिहार से बदला लेना। और वो लगातार बिहार के विकास में रोड़े अटकाते रहते थे। नीतीश जी को काम नहीं करने देते थे। बिहार का एक काम होने नहीं देते थे। 2014 में जब आपने मुझे सेवा का अवसर दिया...जब पहली बार बिहार में डबल इंजन की सरकार बनी। हमारी डबल इंजन की सरकार ने बिहार के विकास के लिए तीन गुना ज्यादा पैसा दिया...आज बिहार के हर इलाके में...सड़कें बन रही हैं...लंबे-लंबे पुल बन रहे हैं...रेलवे के ट्रैक बन रहे हैं... नए अस्पताल और नए कॉलेज बन रहे हैं।

साथिय़ों,

अब NDA की डबल इंजन सरकार ने बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए नए संकल्प लिए हैं। हमने अपने घोषणापत्र में बताया है कि इन संकल्पों को सिद्धि का रास्ता क्या है। हम इसे कैसे करेंगे ये भी बताया है। अपनी घोषणाओं को हम कैसे पूरा करने वाले हैं।

साथियों,

NDA के पास हर क्षेत्र से और उसकी आवश्यकता के अनुसार वहां के लोगों की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग योजना है। कहीं फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग पर बल दिया जा रहा है। कहीं टूरिज्म का विकास हो रहा है। कहीं टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों का विस्तार करने वाले हैं। कहीं मैन्युफेक्चरिंग से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यानि जहां जैसा सामर्थ्य है, वहां वैसी ही इंडस्ट्री लगाई जा रही है। जैसे मगध का हमारा ये क्षेत्र है...यहां हज़ारों एकड़ इलाके में उद्योगों का खाका खींचा गया है। इसके लिए बिजली, सड़क, रेल का नेटवर्क, तेज़ी से बनाया जा रहा है। गया जी में बिहार का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन रहा है। इसका फायदा...इस पूरे क्षेत्र को होगा।


साथियों,

मोदी और नीतीश जी का ट्रैक रिकॉर्ड सबके सामने है। अब आप याद कीजिए, जब मैं कहता हूं ये करने वाला हूं तो मैं उसे करके ही रहता हूं। मैं आपको याद दिलाता हूं, बिहार के मेरे भाई-बहन मोदी ने कहा था, मोदी ने कहा था- राम मंदिर बनेगा...आप मुझे बताइए, मंदिर बना की नहीं बना? मंदिर बना की नहीं बना? डंके की चोट पर बना कि नहीं बना। 500 साल का अधूरा काम पूरा किया कि नहीं किया। मोदी ने देश को वादा किया था और मैंने कहा था आर्टिकल 370 की दीवार गिरेगी...आप मुझे बताइए.. 370 हटा कि नहीं हटा? और मोदी ने बिहार की इसी धरती से पहलगाम हमले का बदला लेने की बात भी कही थी... और फिर आपने ऑपरेशन सिंदूर में तबाह होते पाकिस्तान को भी देखा है… मैंने बिहार की धरती से जो कहा था वो किया कि नहीं किया?

साथियों,

मोदी ने वन रैंक वन पेंशन,हमारे देश की रक्षा करने वालों, हमारे देश के वीर जवानों, हमारे फौजियों को वादा किया था, हम वन रैंक वन पेंशन लागू करेंगे। आज 7 नवंबर को ही वन रैंक वन पेंशन लागू हुए 11 वर्ष हो रहे हैं,.. 11 वर्ष। हमारे सैनिक परिवार...चार दशकों से OROP की मांग कर रहे थे। लेकिन कांग्रेस हर बार उनसे झूठ बोलती रही। कांग्रेस ने पांच सौ करोड़ रुपए दिखाकर कहा था कि लो OROP लागू हो गया। और इसके बाद भी उसने पूर्व फौजियों से किया वायदा कभी नहीं निभाया। आप मुझे बताइए अपने फौज के जवानों के किया वादा कोई धोखा कर सकता है क्या?. धोखा करना चाहिए क्या? अगर वे ऐसा धोखा करते हैं तो वो कितने निकम्मे लोग हैं। वो आप जानते हैं कि नहीं जानते हैं? मैंने अपने सैनिक भाइयों को OROP लागू करने की गारंटी दी थी। आप मुझे बताइए, ये गारंटी मैंने पूरी कि नहीं की। ये गारंटी मैंने पूरी कि नहीं की? और साथियों ये ऐसे ही गारंटी पूरी नहीं हुई है। आप जानते हैं इन 11 सालों में हमारे जो फौजी भाई-बहन हैं, जो निवृत्त फौजी भाई-बहन हैं, उनके परिवारों को कितना पैसा मिला है, आप अंदाजा कर सकते हैं। अब तक OROP लागू करने के कारण एक लाख करोड़.. कितना? कितना? कितना? ये आरजेडी वालों को एक लाख करोड़ रुपए कैसे लिखना, एक के पीछे कितने बिंदू लगेंगे, उनको इतना भी समझ नहीं आएगा। एक लाख करोड़ रुपया देश के खजाने से फौजियों के खाते में गए हैं। बताइए...कांग्रेस-आरजेडी वाले ये लोग 500 करोड़ का झूठ बोल रहे थे। यही इनकी सच्चाई है...इनकी राजनीति झूठ पर ही टिकी हुई है।

इसलिए साथियों,

जब हम कहते हैं कि बिहार में एक करोड़ नए रोजगार देंगे...तो देश के बिहार के नौजवानों को हमारी बात पर भरोसा होता है। बीते कुछ सालों में ही बिहार में लाखों भर्तियां हुई हैं...पूरी ईमानदारी से भर्तियां हुई हैं। जबकि साथियों, आपके सामने RJD-कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड भी है...ये वो लोग हैं... जो बिहार के युवाओं से नौकरी के बदले जमीन लिखवा लेते हैं… आपको नौकरी चाहिए तो आपके खेत मेरे परिवारवालों के नाम कर दो, ये खेल चला अदालत ने भी माना और आज ये जमानत पर बैठे हुए हैं। जांच एजेंसियां इनकी जांच कर रही हैं..ये जंगलराज वाले जमानत पर चल रहे हैं...ये आरजेडी-कांग्रेस वाले बिहार के युवाओं को कभी भी नौकरी नहीं दे सकते।

साथियों,

आप औरंगाबाद के लोग तो नक्सलवाद...माओवादी आतंक से भी पीड़ित रहे हैं। वो दिन भुलाए नहीं भूलते...जब अंधेरा होने से पहले ही यहां सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था। यहां से आने-जाने वाली बसों को सुरक्षित चलने के लिए नक्सलियों को रंगदारी देनी होती थी। स्कूटर-मोटरसाइकिल से तो आने-जाने की कोई सोच भी नहीं पाता था। इस क्षेत्र की चर्चा...देश और दुनिया में नरसंहारों के लिए होती थी।

साथियों,

जैसे ही जंगलराज की सरकार गई...नीतीश जी के नेतृत्व में आप सुशासन लाए... तो नरसंहार की घटनाएं बंद हो गईं। जब आपने दिल्ली में मोदी को बिठाया...तो मैंने तय किया... कि नक्सलवाद..माओवादी आतंक की कमर तोड़कर करके रहूंगा। हमने नक्सलवाद, माओवादी आतंक के खिलाफ कार्रवाई की। आज बिहार...माओवादी आतंक के डर से मुक्त हो रहा है। माओवादी आतंक अब समाप्ति के कगार पर है। और य़े इसलिए हुआ है...क्योंकि बिहार में डबल इंजन की सरकार है।

साथियों,

जंगलराज और सुशासन राज में क्या अंतर आया है...ये हमने कल मतदान वाले दिन भी देखा है। कल बिहार के हर गरीब..दलित-महादलित, पिछड़े-अतिपिछड़े सबने, बिना किसी रोकटोक के वोट डाला। जबकि हमने जंगलराज का वो दौर भी देखा है। जब बूथ लूटे जाते थे...मतदान के दिन...गोलियां चलती थीं, बम फटते थे। खून की नदियां बहाई जाती थीं...गरीबों, दलितों, पिछड़ों की आवाज़ कुचल दी जाती थी।

साथियों,

जंगलराज के गुर्गे...साजिश तो अभी भी बहुत कर रहे हैं...लेकिन मैं चुनाव आयोग की प्रशंसा करूंगा। मैं चुनाव आयोग को बधाई दूंगा कि प्रथम चरण के चुनाव इतने अच्छे तरीके से संपन्न कराए हैं। और मुझे कुछ लोगों ने बताया कि कल जो मतदान का लोकतंत्र का उत्सव चल रहा था । बहुत सारे विदेश के लोग ये हमारे चुनाव देखने के लिए आए थे। हमारा मतदान देखने के लिए आए थे, मतदाताओं के उत्साह उमंग देख करके वो भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे थे।

साथियों,

आपको एक बात हमेशा याद रखनी है। जंगलराज वालों के पास हर वो चीज़ है, जो निवेश और नौकरी के लिए खतरा हैं। ये जंगलराज वालों का खतरा है। ये अभी से बच्चों तक को रंगदार बनाने की बातें कर रहे हैं। खुलेआम कर रहे हैं। ये लोग खुली घोषणा कर रहे हैं...कि भइया की सरकार आएगी तो...कट्टा, दु-नाली, फिरौती, रंगदारी, यही सब चलेगा। और इसलिए आपको इन लोगों से बहुत सतर्क रहना है। बिहार को कट्टा सरकार नहीं चाहिए...बिहार को कुशासन सरकार नहीं चाहिए…



साथियों,

बिहार को भाजपा-NDA पर भरोसा है। क्योंकि NDA ने बिहार को जंगलराज से बाहर निकाला। अब बिहार को विश्वास है...कि NDA ही बिहार को विकसित बना करके ही रहेगी। इसलिए बिहार...NDA के ईमानदार संकल्प पत्र पर विश्वास करता है। बिहार की बहनें-बेटियां सब देख रही हैं।

((साथियों ये उमंग और उत्साह यहां पंडाल से भी ज्यादा लोग बाहर हैं.. चारो तरफ जो मैं उत्साह उमंग देख रहा हूं माताओं-बहनों में जो उत्साह देख रहा हूं मैं बिहार का उज्जवल भविष्य देख रहा हूं।))

साथियों

ये एनडीए ही है जिसने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया...ये NDA ही है...NDA ने सरकारी नौकरी में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया.ये NDA ही है...जिसने विधानसभा और लोकसभा में भी महिलाओं को आरक्षण दिया.. और ये NDA ही है...जो बहनों-बेटियों को स्व-रोजगार के अवसर दे रहा है। लखपति दीदी का अभियान चल रहा है।

साथियो,

ये लोग जो संविधान दिखाने वाले लोग हैं न, उन्हें समान्य समाज के गरीबों की कभी याद नहीं आई। ये मोदी है जिसने सामान्य समाज के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण दे करके उनकी जिंदगी बदलने का काम किया है। हम सिर्फ घोषणाएं नहीं करते...काम करते हैं। जैसे मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना है..बिहार की एक करोड़ 40 लाख बहनों के खाते में...दस-दस हज़ार रुपए पहुंच चुके हैं। इस पैसे से किसी ने सिलाई मशीन खरीदी...किसी ने कुछ सामान बेचना शुरू किया...हमने जो कहा वो करके दिखाया... इसलिए बहनों को भरोसा है कि...NDA ही उनको जीवन के हर कदम पर आगे भी मदद करेगी।

साथियों,

अभी हमारे सम्राट जी लालटेन वाले की झूठ की बात कह रहे थे मैं आपको 2019 की बात याद दिलाता हूं। 2019 में जनवरी फरवरी महीने में हमने पीएंम किसान सम्मान योजना शुरू की और किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपया भेजना शुरू किया तो बिहार झारखंड और बंगाल जैसे राज्यों में ये पराजय के कारण भयभीत लोग झूठ फैलाने में लगे किसानों को जाके कहने लगे देखिए ये मोदी जी ने जो पैसा भेजा है ना वो आपसे सूद समेत वापस लेने वाला है। डरा रहे थे और झारखंड के एक इलाके में तो लोगों ने पैसा जमा करने से मना कर दिया इतना झूठ चलाते थे आज उस बात को 2019 से 2025 आ गया आज भी किसानों को पैसे देने का काम जारी है। मोदी जो कहता है ना वो काम पूरा करता है।

साथियों,

मोदी वंचितों को वरीयता देता है...पिछड़ों को प्राथमिकता देता है। आप देखिए...बिहार में साठ लाख गरीबों को पक्के आवास मिले हैं। 60 लाख ये पक्के घर...हमारे गरीब परिवारों को, हमारे दलित परिवारों को, हमारे माहदलित परिवारों को मेरे पिछड़े परिवारों को, मेरे अतिपिछड़े परिवारों के टोलों में बनाए गए हैं। उनको एक नई जिंदगी देने का काम किया। घर-घर बिजली, नल, शौचालय, मुफ्त गैस कनेक्शन...ये सबकुछ पहुंच रहा है। इसका फायदा भी वंचितों को ही सबसे ज्यादा हुआ है। मुफ्त अनाज हो या मुफ्त इलाज...इससे गरीब का, वंचित का फायदा हो रहा है।

साथियों,

कांग्रेस ने छोटे किसानों को कभी पूछा तक नहीं। ये मोदी है जो छोटे किसानों की चिंता करता है। हमारी सरकार किसानों के खाते में छह-छह हज़ार रुपए जमा कराती है। और अब तो बिहार एनडीए ने घोषणा की है...जब फिर से यहां NDA सरकार बनेगी, तो तीन हज़ार रुपए बिहार के किसानों को अतिरिक्त दिए जाएंगे। यानि डबल इंजन सरकार...बिहार के किसानों को नौ हज़ार रुपए देगी।

साथियों,

कांग्रेस और RJD ने...आप किसानों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाया था। आप याद कीजिए...उत्तर कोयल बांध परियोजना की चर्चा कबसे चल रही थी... इस क्षेत्र के किसानों ने तो उम्मीद ही छोड़ दी थी। इस बांध के निर्माण का काम पूरा हो...इसके लिए हमने अतिरिक्त पैसा दिया और अब बांध का काम तेजी से चल रहा है। और मुझे मालूम है ये सुशील जी जब सांसद के रूप में काम को लेकर के दिन-रात मेहनत करते थे।

साथियों,

लालटेन वालों ने खेत को सिंचाई के लिए तरसाया...और बिहार को अंधेरे में रखा। हमारी सरकार बिजली कारखाने लगा रही है। कुछ महीने पहले ही...मुझे नबीनगर कारखाने के अगले चरण का शिलान्यास करने का अवसर मिला था। इससे आपको बिजली भी मिलेगी...और नौजवानों को रोजगार भी मिलेगा।

साथियों,

कांग्रेस और आरजेडी वाले सत्ता के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। औरंगाबाद तो इसका सबसे बड़ा साक्षी है। यहां जो कुटुंबा सीट है...उस पर क्या हुआ, ये पूरे बिहार ने देखा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तक को आरजेडी ने अपमानित किया। आरजेडी ने कांग्रेस को सिर्फ वही सीटें दीं...जहां वो 35-40 साल से नहीं जीत पाई है। आरजेडी ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखकर...मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी भी चोरी कर ली... आज भी अनेकों सीटों पर आरजेडी-कांग्रेस वाले आमने-सामने हैं। आप मुझे बताइए...जो अपने साथियों को धोखा दे सकते हैं...वो आपके सगे हो सकते हैं क्या? आपका भला कर सकते हैं क्या? ये वादे पूरे कर सकते हैं क्या?

साथियों,

कांग्रेस और आरजेडी...सिर्फ अपमान की, गाली-गलौज की राजनीति करते हैं। आपने देखा...कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार ने छठी मैया की पूजा को ड्रामा कहा। ये लोग महाकुंभ को भी फालतू कहते हैं...इन्हें हमारे हर पर्व-त्योहार से चिढ़ है। ये नामदार...हमारी आस्था को ऐसे ही अपमानित करते हैं। मैं जरा अपनी माताओ-बहनों से पूछना चाहता हूं..छठी मैया का महापर्व हमारी माताएं-बहनें पानी तक नहीं पीती पानी तक नहीं पीती ऐसी साधना करती हैं। अब उनको नौटंकी कहना.. ड्रामा कहना वो छठी मैया का अपमान है कि नहीं है? अपमान है कि नहीं है? जिन्होंने इस महान तपस्या का अपमान किया है उनको सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? इस चुनाव में उनको सजा दोगे कि नहीं दोगे? सारी माताएं-बहने पूरी ताकत से सजा दोगे कि नहीं दोगे?

साथियों,

याद रखना...11 नवंबर को अपने एक वोट से इन्हें सज़ा देनी है। आपका वोट उन्हे सजा देने की ताकत रखता है। NDA की अब तक की सबसे बड़ी विजय इस चुनाव में पक्की है दोस्तों। और इसलिए 14 तारीख के बाद आपको मैं कह रहा हूं विजयोत्सव की तैयारी कर लीजिए। जनता का मिजाज बताता है और कांग्रेस वालों की बातें भी बताती है कि वो पराजय के कारण अभी से ढूंढने में लग गए हैं। अभी से क्यों हार गए बिहार इसके लिए क्या-क्या कहना है अभी से इसकी प्रैक्टिस करना चालू कर दिया है उन्होंने... और इसलिए भाइयों-बहनों विजयी की ओर आगे बढ़ना है आपके आशीर्वाद से। मैं सभी उस्मीदवारों से आग्रह करूंगा कि जरा आगे आइए.. एक-एक दो-दो कदम आपके इन सभी उम्मीदवारों को आशीर्वाद चाहिए।

मेरे साथ बोलिए..

भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय!

वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे.. वंदे..

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आपने सिर्फ पदकों की संख्या ही नहीं बढ़ाई, बल्कि पूरी पीढ़ी को तैयार किया: CWG चैंपियंस से पीएम मोदी
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।