बेंगलुरु की रैली में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर पीएम मोदी ने कहा, “आज बेंगलुरु की धरती से भगवा सूर्य का उदय हुआ है।”
कर्नाटक और पूरे देश की महिलाएं कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगी क्योंकि उसने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने में बाधा डाली है: पीएम मोदी
लोग बार-बार भाजपा सरकारों को इसलिए चुनते हैं क्योंकि उन्हें हमारे गवर्नेंस और डेवलपमेंट के एजेंडे पर भरोसा है: बेंगलुरु में पीएम मोदी
असम में लगातार तीसरी बार NDA सरकार बनी, भाजपा को बंगाल में पहली बार इतना बड़ा समर्थन मिला: प्रधानमंत्री

साथियों,

ये चुनाव परिणाम भारत की राजनीतिक दशा-दिशा के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये भारत के नौजवानों, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मिडिल क्लास...हर वर्ग का मूड दर्शाता है। इन परिणामों का एक बहुत बड़ा मैसेज ये भी है...कि अस्थिरता में घिरी इस दुनिया में, भारत की जनता स्थिरता का मंत्र दे रही है। भारत की जनता कह रही है कि..हमें Speed चाहिए, हमें Scams नहीं, Solutions चाहिए, हमें राष्ट्रनीति वाली राजनीति चाहिए।

साथियों,

आज पूरा का पूरा देश...भाजपा की राष्ट्रनीति के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है और कर्नाटक तो हमेशा से ही बीजेपी के लिए ऊर्जा का केंद्र रहा है। जब बीजेपी, उतनी बड़ी पार्टी नहीं थी...तब भी कर्नाटक ने बीजेपी को एक बड़ी शक्ति बनाया था। आज आंध्रा में NDA सरकार है... अगर लोकसभा सदस्यों के हिसाब से देखें...तो कर्नाटक में बीजेपी नंबर वन है...तेलंगाना में बीजेपी दूसरे नंबर पर है। पुडुचेरी में बीजेपी-NDA की लगातार दूसरी बार सरकार बन रही है। आपको याद होगा सिर्फ दस साल पहले यानि फिछले एक चुनाव के पहले बंगाल में हमारे सिर्फ तीन एमएलए थे, यानि एक चुनाव के पहले यानि दस साल पहले जो चुनाव हुआ था सिर्फ तीन एमएलए, ब आज वहां दो सौ से अधिक विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, अभी केरलम में भी हम एक से तीन एमएलए तक पहुंच गए हैं और जब तीन पहुंच जाते हैं ना तब वो दिन दूर नहीं जब केरलम में भी बीजेपी एनडीए की संख्या तीन से बढ़ंकर बहुमत के आंकड़े को पार कर जाएगी।

साथियों,

हम 12 साल से केंद्र में हैं, देश के 21 से ज्यादा प्रदेशों में बीजेपी-एनडीए की सरकारें हैं। और हम राज्य के विकास से देश के विकास का मंत्र लेकर काम कर रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ, आप कांग्रेस को देखिए...जिस पार्टी को 40 साल पहले 400 से अधिक सीटें मिली थीं...वो पिछले तीन इलेक्शन में सब कुछ मिलाकर भी 100 का आंकड़ा छू नहीं पा रहे हैं। लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों का अहंकार इतना अधिक है...कि अपनी पराजय के लिए भी पूरी दुनिया को दोष दे रहे हैं। संविधान, लोकतंत्र, संवैधानिक प्रक्रियाएं, कोर्ट... इनके प्रति इतनी घृणा, मेरे सार्वजनिक जीवन में मैंने कभी भी किसी भी मेनस्ट्रीम पोलिटिकल पार्टी को ऐसा करते हुए नहीं देखा है। इतनी निराशा के गर्त में डूबे हुए हैं कि गाली-गलौज के सिवाय, भद्दी भाषा के प्रयोग करने के सिवाय अब उनके पास कोई एजेंडा नहीं बचा है।

साथियों,

बीजेपी की सरकारों के लिए लोककल्याण सर्वोपरि है और ये शब्द नहीं है हमने जी कर के दिखाया है। तभी तो 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। हमारा मंत्र सबका साथ सबका विकास का है। हमारा मोडेल गुड गवर्नेंस का है। हर राज्य में जनता बीजेपी को दूसरी बार... तीसरी बार फिर से सेवा करने का अवसर देती है। लेकिन कांग्रेस की कोई भी राज्य सरकार...दूसरी बार सत्ता में वापस नहीं लौटी है। सरकार बनने के कुछ ही महीनों में कांग्रेस के प्रति एंटी-इन्कंबेंसी शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए है...क्योंकि कांग्रेस को सिर्फ विश्वासघात करना आता है। क्योंकि ये खुद भी झूठे हैं और इनकी गारंटियां भी झूठी हैं। कांग्रेस की सत्ता की किताब में गवर्नेंस का चैप्टर ही नहीं है। यहां कर्नाटक में भी पिछले तीन साल से हम यही देख रहे हैं। जनता की समस्याएं सुलझाने के बजाय, यहां की सरकार का ज्यादातर समय आपस के झगड़े सुलझाने में लग रहा है। ये तय नहीं हो पाता है कि ये मुख्यमंत्री कितने दिन रहेंगे। ये तय नहीं हो पाता है कि दूसरे को मौका मिलेगा कि नहीं मिलेगा,, लटकाए रखा है। इतना ही नहीं, ये मैं देख रहा हूं इनकी इकोसिस्टम... तमिलनाडु में प्रक्रिया चल रही थी और इनकी इकोसिस्टम दिल्ली में बैठे-बैठे देश को गुमराह करते थे कि देखो चार तारीख को नतीजे आ गए, पांच हो गई... छह हो गई... सात हो गई... आठ हो गई तमिलनाडु में सरकार नहीं बन रही है.. अरे भाई केरल में तो पूर्ण बहुमत है वहां तो बना लो... ये इकोसिस्टम केरल के लिए चुप है.. नेता तक नहीं तय कर पा रहे हैं। ढाई-ढाई साल का फॉर्मुला करें कि एक-एक साल के पांच मुख्यमंत्री का फॉर्मुला करें अभी तक उन्हें नतीजा हाथ नहीं लगा है। और अपने पार्टी के नेताओं से भी वादे करना और फिर पीठ में छुरा भोंकना... छत्तीसगढ़े में वही किया.. राजस्थान में वही किया.. कर्नाटक में अभी भी वो खेल चल रहा है। अब केरल की बारी है। साथियों में हिमाचल में तो कांग्रेस सरकार की हालत सुन के आप हैरान हो जाओगे। ये इनकी इकोसिस्टम है मीडिया वाले बात बाहर आने नहीं देते। हिमाचल की हालत ये हैं के वे सरकारी कर्मचारियों को, उनकी सैलरी तक नहीं दे पा रहे हैं। इधर, तेलंगाना में क्या हाल है। किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ रहा है...यानि कांग्रेस जहां पर भी है, वहां या तो शाही दरबार की खातिरदारी में खजाने की लूट हो रही है...या लूटे हुए पैसों के लिए झगड़ा हो रहा है।

साथियों,

कांग्रेस की पहचान एक परजीवी पार्टी की हो गई है। वो पहला मौका मिलते ही अपने साथियों के साथ ही विश्वासघात करती है। और इसलिए कहा जाता है कि कोई ऐसा सगा नहीं जिसे कांग्रेस ने ठगा नहीं। अभी तमिलनाडु में ही देखिए.. 25-30 साल से कांग्रेस का डीएमके के साथ घनिष्ठ संबंध था। डीएमके साथ गठबंधन ने कितनी ही बार कांग्रेस को संकटों से बाहर निकाला और 2014 से पहले दस साल उनकी जो सरकार थी वो भी डीएमके कारण ही टिकी थी लेकिन क्या हुआ, जिस डीएमके के साथ 25-30 साले से जीने-मरने का नाता था हर पल जो डीएमके कांग्रेस की भलाई के लिए काम करती थी, लेकिन जैसे ही सत्ता का खेल कहीं और मुड़ गया तो सत्ता के लालच में सत्ताभूखी कांग्रेस ने पहला मौका मिलते ही डीएमके के पीठ में छुरा भोंक दिया। परजीवी कांग्रेस को अब एक और पार्टी चाहिए जिसकी पीठ पर सवार होकर प्रासंगिक बना रह सके।

साथियों,

कांग्रेस ने एक और विश्वासघात देश की बहनों-बेटियों के साथ किया है। दशकों से कांग्रेस देश की महिलाओं की आंखों में धूल झोंकती रही है। कांग्रेस...महिला आरक्षण का वादा करती थी...और फिर अपने ही सहयोगी दलों से इसका विरोध करवाती थी। बड़ा खेल चलता था। बीजेपी ने इस खेल को खत्म किया... महिलाओं के लिए तैंतीस परसेंट आरक्षण का कानून बनाया। लेकिन साथियों, कांग्रेस देश की सबसे बड़ी नारी विरोधी पार्टी है। इसलिए कांग्रेस ने संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन को गिरा दिया। ये संशोधन अगर पास हो जाता... तो लोकसभा में कर्नाटक की सीटें कहीं अधिक हो जाती...बढ़ जाती। कर्नाटक से बहुत बड़ी संख्या में बहनें-बेटियां MLA बनतीं, MP बनतीं...देश के भाग्य का निर्णय करने में भागीदार बनती। लेकिन कांग्रेस ने ये होने नहीं दिया। देश की नारी...कर्नाटका की महिलाएं...कांग्रेस को इस पाप के लिए कभी माफ नहीं करेंगी।

साथियों,

आज देश विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में जुटा है। इस मंत्र को लेकर चल पड़ा है और इस संकल्प की सिद्धि में कर्नाटक की बहुत बड़ी भूमिका है। इसलिए ये ज़रूरी है...कि कर्नाटक में ease of living और ease of doing business, दोनों बेहतर हो.. मैं कर्नाटक के हर परिवारजन को भरोसा दिलाता हूं...कि बीजेपी-NDA सरकार, अपनी तरफ से हर प्रयास कर रही है।

साथियों,

बीजेपी के लिए देश का हित, देश के लोगों का हित ये हमारे लिए सर्वोपरि है। आप देख रहे हैं कि इस समय वैश्विक स्तर पर किस तरह की चुनौतियां हैं। वेस्ट एशिया में संकट की स्थितियां लगातार बनी हुई हैं। युद्ध के इस माहौल का बहुत नकारात्मक असर, पूरे विश्व पर पड़ा है। और भारत भी इससे प्रभावित हो रहा है। हमारे नाडप्रभु केंपैगौड़ा जी...कर्तव्य पालन की मिसाल रहे हैं। उनकी धरती से यहां देश के लोगों से भी एक आग्रह करना चाहता हूं। देश के बढ़ते हुए सामर्थ्य में...हमें अपना संयम भी बढ़ाना होगा। हमें मिलकर संसाधनों को बचाना होगा, देश के हितों की रक्षा करनी होगी। जिस तरह कोरोना काल में, हमने संकटों का मिलकर सामना किया था...

वैसे ही, देशभक्ति की भावना से...हमें फिर एक बार भारत को इन वैश्विक संकटों से निकालने के लिए...एक साथ खड़ा होना ही होगा... अपने-अपने कर्तव्यों पर बल देना होगा। मुझे विश्वास है...ऐसा करके हम हर चुनौती का सामना कर पाएंगे। एक बार फिर...यहां इतनी बड़ी संख्या में आने के लिए...और सुबह-सुबह आने के लिए और ये केसरिया सूरज उगाने के लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

यहां कुछ बच्चे बढ़िया-बढ़िया चित्र बना के ले आए हैं, जरा हमारे एसपीजी के लोग ये चित्र ले लें इन बच्चों से... अगर आपका एड्रेस लिखा होगा तो मैं चिट्ठी लिखूंगा आप को...

बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा... देखिए... इधर भी कोई चित्र लेकर भाग रहा है... ले लो भाई...
भारत माता की...

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धन्यवाद

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प्रधानमंत्री ने कतर राज्‍य के फादर अमीर महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया
July 12, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कतर राज्य के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताया, जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि के नए शिखर तक पहुंचाया। श्री मोदी ने उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद किया, जिनसे उन्हें फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।

प्रधानमंत्री ने कतर के अमीर, महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

‘‘कतर राज्‍य के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर हम गहरा शोक व्यक्त करते हैं। एक दूरदर्शी नेता जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि के नए शिखर तक पहुंचाया, हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं जिनसे मुझे फरवरी 2024 में कतर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। मैं कतर के अमीर, महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी और पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

@TamimBinHamad”