भारत माता की...
भारत माता की...
भारत माता की...
मैं मेरा भाषण शुरू करूं उससे पहले...ये बच्ची इतनी छोटी उम्र में इतना चित्र लेकर के आई है, उसके हाथ दुख रहे हैं, उधर भी कुछ बच्चे चित्र लेकर के आए हैं मैं एसपीजी के लोगों को कहता हूं कि उसे कलेक्ट कर ले... और आपने उसके पीछे अपना नाम और एड्रेस लिखा है तो मैं आपको चिट्ठी लिखूंगा... अगर आपने पीछे अपना नाम-पता लिखा है तो मैं जरूर चिट्ठी लिखूंगा। मेरे एसपीजी के लोग आएंगे सब कलेक्ट कर लेंगे। सारे लोग जो लाएं हैं कलेक्ट कर लीजिए..
वोलिए भारत माता की...
जो इस चुनाव में उम्मीदवार है, कैंडिडेट हैं वो जरा आगे आ जाएं.... जो इस चुनाव में कैंडिडेट हैं वो आगे आ जाएं... एक मिनट मैं सारे उम्मीदवारों से मिलकर दोबारा दो मिनट में आता हूं आपके पास।
नामोनिर राइजोलोई, मरोम आरु, श्रोद्धा जोनाइसु।
अप्रैल का ये महीना...बोहाग बिहू के उत्सव का समय है। आप सभी, उत्सव की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन इस बार...बोहाग बिहू के साथ-साथ लोकतंत्र का भी उत्सव है। और मतदान में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। जो उत्साह मैं यहां देख रहा हूं...जो जोश मैं पूरे असम में देख रहा हूं...वो अद्भुत है, अभूतपूर्व है। और ये जो जनता जनार्दन दूर-दूर वहां रोड पर भी खड़े रहने की जगह नहीं है। ये मैदान भर चुका है। मैं गुजरात में सालों तक काम किया है, अगर मुझे सुबह दस-ग्यारह बचे मीटिंग करनी हो तो मैं इतने लोग इकट्ठे नहीं कर पाता था। आपने तो रिकॉर्ड तोड़ दिया रिकॉर्ड। मैं आपके इस उत्साह, इस उमंग... और मुझे आशीर्वाद देने आए हैं.. मैं फिर से आपको प्रणाम करता हूं। असम की जनता ने इस बार दो काम पक्के कर लिए हैं। एक, असम में बीजेपी-NDA सरकार की हैट्रिक लगेगी... और दूसरा काम क्या है करने वाले पता है आपको... पता है.. मैं बताता हूं... और दूसरा काम जो हैं, कांग्रेस के शाही परिवार के जो नामदार हैं ना जो दिल्ली में बैठे हैं। असम के चुनाव के नतीजे के बाद उनकी हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड भी असम के लोग ही बनवाएंगे। तो बीजेपी की हैट्रिक और शाही परिवार के नामदार की पराजय की सेंचुरी। आज बारपेटा का ये जनसैलाब एक ही घोषणा कर रहा है...
आकौ एबार… आकौ एबार… आकौ एबार…
आकौ एबार… बीजेपी सरकार!
आकौ एबार… एनडीए सरकार!

साथियों,
आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भी है। 6 अप्रैल, आज भाजपा का स्थापना दिवस है। मैं देश और दुनिया में...भाजपा परिवार से जुड़े सभी लोगों का, सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करता हूं...अपनी शुभकामनाएं देता हूं। राष्ट्र प्रथम के मंत्र के साथ हम सभी मां भारती की सेवा में जुटे हुए हैं। हमारा संकल्प देश को विकसित बनाना है, हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाना है। और इसी संकल्प के साथ इस चुनाव में भी भाजपा आपसे आशीर्वाद मांग रही है।
साथियों,
कांग्रेस वो पार्टी है जो कभी दूरगामी सोच के साथ विकास के काम नहीं करती। कांग्रेस, शॉर्ट टर्म काम करती है, ताकि उसमें करप्शन कर सके। वहीं बीजेपी, एक लंबे विजन के साथ काम करने वाली पार्टी है। हम विकसित असम से विकसित भारत का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। और इसलिए हमने बीते 10 साल में पूरी मेहनत से काम किया है।
साथियों,
बीते 10 साल असम में शांति और सद्भाव की स्थापना के थे... आने वाले साल असम की समृद्धि को विस्तार देंगे। बीते 10 साल...असम को असुविधा और असुरक्षा से बाहर निकालने के थे। आने वाला समय, असम की आत्मनिर्भरता का होगा। बीते 10 साल... असम की पहचान को बचाने के थे। अब हमें असम की पहचान को दुनिया में बुलंद करना है। करना है कि नहीं करना है.. बुलंद करना है कि नहीं करना है.. दुनिया भर में असम की पहचान बनानी है कि नहीं बनानी है। आपका वोट इस बार...विकसित असम के निर्माण की नींव को मजबूत करने वाला है। और साथियों, आप सब जानते हैं...भाजपा जो कहती है, वो करके दिखाती है। हम असम को उस बुलंदी की तरफ लेकर जा रहे हैं, जिसके असम के लोग हकदार है।
साथियों,
यहां से मानस नेशनल पार्क ज्यादा दूर नहीं है। मां कामाख्या का आशीर्वाद इस पूरे क्षेत्र पर है। यहां आस्था और अध्यात्म से जुड़े बड़े स्थान हैं। असम में जैसे-जैसे कनेक्टिविटी सशक्त हो रही है.. यहां टूरिज्म का भी विस्तार होता जा रहा है। और इसका फायदा पूरे असम को होगा।

साथियों,
असम का हमारा ये क्षेत्र ‘खार-भात’ के लिए जाना जाता है। और मैं सभी धान किसानों को एक खुशखबरी देना चाहता हूं। अब यहां से जोहा राइस....जरा मेरे किसान भाई-बहन, ये आपके लिए बता रहा हूं। हमारे इस क्षेत्र के किसान जो जोहा राइस पैदा करते हैं ना.. वो जोहा राइस की खुशबू अब यूरोप में भी फैलेगी। हाल में ही, असम का जोहा राइस, इंग्लैंड और इटली को एक्सपोर्ट होना शुरू हो गया है। ये असम के सभी धान किसानों की मेहनत का सम्मान है। यहां हमने जो जोगीघोपा में मल्टी-मॉडल पार्क बनवाया है...वो भी इस क्षेत्र के किसानों का सामर्थ्य बढ़ा रहा है। वहां ऐसी सुविधाएं हैं, जिससे किसानों की फल-सब्जी और अन्य उपज सुरक्षित भी रहती हैं...और एक्सपोर्ट में भी बहुत सुविधा होती है।
साथियों,
देश के जिन एक दो राज्यों में, ऊंगली पर गिन लो इतने से भी कम, सिर्फ एक-दो राज्यों में ये कांग्रेस की सरकारें बची हैं...वहां कांग्रेस कभी जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर नहीं जाती। जबकि बीजेपी सरकार, साफ नीयत से जनता को बताती है... कि हमने जनता की सेवा के लिए क्या किया। हमारी बीजेपी-NDA सरकार किसानों की समृद्धि के लिए क्या कर रही है... मैं आपको इससे जुड़े कुछ आंकड़े बताना चाहता हूं। ये आंकड़े आप याद रखेंगे... भाई ये बच्चा कब से खड़ा जरा यह चित्र भी ले लीजिए.. इसके हाथ टूट जाएंगे.. जरा एसपीजी के लोग ये ले लीजिए...बेटा, ले लेता है... हाथ नीचे रखो.. थक जाओगे बेटा.. बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा इतना बढ़िया चित्र बना के लेके आए हो। आप हाथ नीचे रखो ये एसपीजी के लोग आकर ले लेंगे। छोटे-छोटे बच्चे कभी मुझे लगता है कि उसके हाथ थक जाएंगे। जरा एसपीजी के लोग ले लीजिए जल्दी...
साथियों,
साल 2013 में जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी...तब धान का MSP, मात्र तेरह सौ रुपए प्रति क्विंटल था।.. ये आंकड़ा आपको याद रहेगा... हमारी बीजेपी की सरकार बनने से पहले... जब कांग्रेस की सरकार थी तब यहां धान के किसानों को एमएसपी कितना मिलता था याद रहा आंकड़ा...प्रति क्विंटल 13 सौ रुपया कितना... जरा बोलिए सब लोग प्रति क्विंटल कितना... प्रति क्विंटल कितना.. और आज कितना मिलता है पता है। आज धान का MSP…करीब दो हज़ार तीन सौ सत्तर रुपए। और असम की बीजेपी-NDA सरकार, अपनी तरफ से भी इसमें वृद्धि करती है। यानि धान किसानों की कमाई कहीं अधिक बढ़ रही है। 2014 से पहले के 10 वर्षों में जब कांग्रेस सत्ता में थी... तब देश के धान किसानों को MSP के सिर्फ 4 लाख करोड़ रुपए मिले थे। कितने.. चार लाख करोड़... कितने... अरे जोर से बोलिए ना कितने मिले थे... अरे कांग्रेस के पापों की बात करनी है...कितने मिले थे.. लेकिन 2014 के बाद 10 वर्षों में...हमारी सरकार ने धान किसानों को चार गुणा अधिक.. 16 लाख करोड़ रुपए MSP के रूप में दिए हैं। उनके 4 लाख करोड़ और हमारे... हमारे साफ है कि कांग्रेस कभी धान किसानों का भला नहीं कर सकती।
साथियों,
कांग्रेस की सरकार तो किसान के हक का पैसा भी बिचौलियों को लुटा देती थी। हमारी सरकार सीधे किसान के बैंक खाते में पैसा जमा करती है। पीएम किसान सम्मान निधि से असम के किसानों को... अबतक साढ़े सात हज़ार करोड़ रुपए उससे भी ज्यादा मिल चुके हैं। बीते सालों में इतने बड़े वैश्विक संकट आए... लेकिन हमने खाद की बढ़ी हुई कीमतों का, जो फर्टिलाइनर था दुनियाभर में दाम बढ़ गया, लेकिन हमने भारत के किसानों को वो बोझ नहीं पड़ने दिया। दुनिया में यूरिया की जो बोरी तीन हज़ार रुपए पहुंच गई...तीन हजार रुपये एक बोरी का... लेकिन बीजेपी-NDA सरकार ने उसे तीन सौ रुपए में किसानों को दे दिया। किसान के हित में ऐसे फैसलों की वजह से ही...असम के किसानों की पहली पसंद बीजेपी है, NDA है। अहोमॉर कृषक-सकलर प्रोथोम पोसोन्द बीजेपी, एन डी ए।
साथियों,
यहां बड़ी संख्या में हमारी माताएं-बहनें आई हैं। ये मेरा सौभाग्य है...
कि मुझे देश की मातृशक्ति की सेवा का इतना अवसर देश ने दिया।
बीजेपी-NDA की डबल इंजन सरकार जहां भी है...वहां बहनों-बेटियों का भरपूर आशीर्वाद हमें मिल रहा है।

साथियों,
पक्का घर हो, शौचालय हो, नल से जल हो, मुफ्त गैस कनेक्शन हो...
ऐसी अनेक योजनाओं का सबसे अधिक लाभ मेरी माताओ-बहनों को हुआ है। आज केंद्र सरकार की योजनाओं से हमारी बहनों को कमाई के नए अवसर मिल रहे हैं। लखपति दीदी अभियान से अभी तक तीन करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। तीन करोड़ बहनें लखपति दीदी इनमें लाखों बहनें मेरे असम की भी हैं। यहां असम में अरुणोदोई योजना से भी... हर परिवार की बहनों को मदद मिल रही है। नारीशक्ति को लगातार सशक्त करना बीजेपी की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। नारीहॉक्तिक हॉबल करातु बीजेपीर एक दांगोर प्राथोमिकता।
साथियों,
विकसित भारत बनाने के लिए...विधानसभा में, संसद में महिलाओं की और बड़ी भूमिका हो, ये बहुत ज़रूरी है। इसलिए, हमारी सरकार ने नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इससे, महिलाओं के लिए Thirty three percent आरक्षण तय हुआ है। देश की बहनों-बेटियों ने पहले ही 40 साल से इसका इंतज़ार किया है। इसलिए, अब जरूरी है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को ये हक मिले। आप मेरी माताएं-बहनें और भाइयों बताइए 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए। पार्लियामेंट में ज्यादा महिलाएं आनी चाहिए कि नहीं आनी चाहिए। देश का भाग्य निर्धारित करने में महिलाओं की ताकत बढ़नी चाहिए कि नहीं बढ़नी चाहिए... आप सब हमसे सहमत हैं.. इसके लिए कानून में कुछ संशोधन आवश्यक हैं। इसलिए, 16 अप्रैल से सरकार ने संसद का एक विशेष सत्र बुलाया है।
साथियों,
हमने देश की सभी पार्टियों से इसको लेकर चर्चा की है। हमने सभी से कहा है कि आइए, देश की बहनों-बेटियों के हक से जुड़े इस काम को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। और हां...कुछ लोग इस नेक काम को लेकर भी भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। देश के सभी राज्यों को इससे फायदा ही होगा...किसी भी राज्य को इससे नुकसान नहीं होगा। नॉर्थ ईस्ट हो, साउथ इंडिया हो...जहां पॉपुलेशन को कंट्रोल किया गया है, उनका रिप्रेजेंटेशन बिल्कुल कम नहीं होगा। हम ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं... जिसमें महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें मिलें। अभी जितनी सीटें हैं, उनमें और वृद्धि हो। इसलिए मैं असम की बहनों से भी विशेष रूप से कहूंगा... आप सभी राजनीतिक दलों के सभी नेताओं से कहिएगा कि इस कानून को सब मिलकर पास करें।
साथियों,
विकसित असम के लिए, विकसित भारत के लिए... हर क्षेत्र..हर वर्ग का विकसित होना बहुत ज़रूरी है। लेकिन कांग्रेस ने अपने 60-65 साल के राज में...हमारे ट्राइबल परिवार...आदिवासियों के साथ सबसे बड़ा अन्याय किया है। सबसे ज्यादा गरीबी अगर कहीं थी... तो आदिवासी क्षेत्रों में रही। और हिंसा की, बम-बंदूक की सबसे बड़ी समस्या कहीं थी...वो आदिवासी क्षेत्रों में रही। देश के ट्राइबल समाज को...कांग्रेस ने सिर्फ यही सबकुछ दिया है। साथियों, कुछ साल पहले तक नॉर्थ ईस्ट में ही...हर वर्ष औसतन एक हज़ार से अधिक लोग उग्रवाद के कारण मारे जाते थे। बोडो क्षेत्र में क्या-क्या हुआ है... हमें कितने लोगों को खोना पड़ा है... कितनी पीढ़ियों के सपने कुचले गए हैं... ये तो आपने बहुत निकट से देखा भी है और भुगता भी है। सालों-साल ये खूनी खेल चलता रहा... क्योंकि कांग्रेस की राजनीति, कांग्रेस का करप्शन इसी से फलता-फूलता था। कांग्रेस, कागज़ों पर समझौता कराती थी... और जमीन पर आदिवासी समाज को धोखा देती थी। इसलिए, कांग्रेस के समझौते टूट जाते थे। बोडो समाज के साथ इन्होंने ऐसा ही किया था। साथियों, हमारी सरकार ने ट्राइबल क्षेत्रों में विकास पर फोकस किया है...स्थाई शांति पर फोकस किया है। इसी का नतीजा है कि... यहां असम में, नॉर्थ ईस्ट में... अब शांति का उत्सव मनाया जा रहा है। हमने ईमानदारी के साथ स्थाई शांति के लिए समझौता किया है। और उस समझौते की एक-एक लाइन पर काम करने का प्रयास हो रहा है। ऐसे 10 हज़ार युवा...जिन्होंने बंदूक छोड़ी है उनको मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम किया जा रहा है।

साथियों,
मैं असम के आप लोगों से कहूंगा...यहां के नौजवानों से कहूंगा...
असम में शांति अनेक बलिदानों के बाद आई है...लिहाज़ा, शांति और विकास के लिए कांग्रेस को असम से दूर रखना बहुत ज़रूरी है।
हांति आरु विकाहोर बाबे कांग्रेसक अहोमॉर परा दूरत रखातु बहुत जरुरी।
साथियों,
यहां तो बहुत बड़ी संख्या में हमारे सैनिक परिवार भी रहते हैं। असम के वीरों ने देश के लिए अनेक बलिदान दिए हैं। लेकिन कांग्रेस, मोदी को नीचा दिखाने के लिए सेना के शौर्य को भी गाली देती है। सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो... हमने देखा है कि कांग्रेस ने हमेशा दुश्मनों के एजेंडे को ही हवा दी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी... हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान को कुछ ही घंटों में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। लेकिन कांग्रेस ने वही गीत गाया...जो पाकिस्तान ने लिखा था... जिसकी धुन पाकिस्तान ने तैयार की थी... और जो पाकिस्तान को पसंद है। कांग्रेस नेताओं का ये पाकिस्तान कनेक्शन, हमेशा देश पर भारी प़ड़ता है।
साथियों,
कांग्रेस ने हमारी फौज से कैसे विश्वासघात किया है...इसका एक उदाहरण वन रैंक वन पेंशन भी है। कांग्रेस ने मेरे फौजी भाइयों को दशकों तक OROP से वंचित रखा। कांग्रेस सिर्फ 500 करोड़ रुपए दिखाकर झूठ कहती थी कि OROP लागू करेगी। ये बीजेपी-NDA सरकार है जिसने OROP का लाभ मेरे फौजी परिवारों को दिया। और अब तक एक लाख चौबीस हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा यानि करीब-करीब सवा करोड रुपया..OROP के पूर्व फौजियों को उनके खाते में जमा कर दिया गया है।

साथियों,
सत्ता के लिए कांग्रेस कुछ भी कर सकती है। और असम को इसका बहुत नुकसान हुआ है। हमारे बोडो समाज की हु-दुम पूजा... और कोच राजबंशी समाज का बा-थौ... ये प्रकृति, संस्कृति और आस्था के तालमेल का शानदार उदाहरण है। बारपेटा को तो हमारे पवित्र सत्रों की भूमि भी कहा जाता है। श्रीमंत शंकरदेव जी, माधव देव जी, दामोदर देव जी, हरिदेव जी...ऐसे गुरुओं की परंपरा पूजनीय है।ये हमारी आस्था है। लेकिन कांग्रेस ने तो हमारी आस्था को भी घुसपैठियों को सौंप दिया। हमारे पवित्र सत्र की हज़ारों बीघा ज़मीन पर... कांग्रेस ने घुसपैठियों को कब्ज़ा करने दिया था। यहां बरपेटा सत्र की बहुत बड़ी ज़मीन भी अवैध कब्ज़े में थी। साथियों, कांग्रेस ने असम की जमीन पर अवैध कब्ज़े होने दिए...बीजेपी-NDA ऐसे हर अवैध कब्ज़ों से असम को मुक्त करा रही है। और अब...हमारी सरकार, असम की मूल संतानों को, जनजातीय समाज को, चाय बगान के साथियों को जमीन के अधिकार दे रही है। हज़ारों बीघा जमीन के पट्टे, असम के ऐसे लाखों ज़रूरतमंद परिवारों को दिए गए हैं।
साथियों,
आपको बहुत सावधान और बहुत सतर्क रहना है। कांग्रेस खुलकर घुसपैठियों का साथ दे रही है... आप मुझे बताइए.. ये घुसपैठियों को निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए… पूरी ताकत से बताइए .. घुसपैठियों को निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए घुसपैठिए जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए… कांग्रेस, अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रही है। कांग्रेस असम में ऐसा कानून बनाने की बात कर रही है... जिसके बाद घुसपैठिया शब्द बोलने वाले को भी जेल हो जाएगी। बताएए, ऐसा कानून मंजूर है क्या आपको… कांग्रेस, कानून में ही घुसपैठियों को पीड़ित घोषित कर देगी...और यहां की जो बहुसंख्यक मूल संतानें हैं, जनजातियां हैं... उन पर हमेशा जेल का खतरा मंडराता होगा। अपने हर इंटरव्यू में, भाषण में ये कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता ऐसे असम विरोधी कानून की चर्चा कर रहे हैं। इसलिए साथियों, बीजेपी को दिया आपका वोट, असम को सुरक्षा देगा, असम की पहचान बचाएगा।
आपोनालोके बीजेपीक दिया भोटे,
अहोमॉक पुरक्खा दिबो, अहोमॉर पोरिचय बचाबो।
साथियों,
अब मतदान की घड़ी आ ही गई है। आने वाले तीन दिन आप सबको बहुत मेहनत करनी है। हर बूथ पर बीजेपी के, NDA के ये सभी उम्मीदवार, विजयी हों... हर बूथ में जीतना है... जीतेंगे... एक-एक बूथ जीतेंगे... सभी बूथ पक्का जीतेंगे, बूथ पे मतदान बढ़ाएंगे... ज्यादा से ज्यादा लोग मतदान करे ये सुनिश्चित करना है। अच्छा, मेरा एक काम करेंगे... ऐसे नहीं जोर से बोलो तो बताऊं... मेरा एक काम करेंगे... देखिए, तीन दिन बचे हैं.. घर-घर जाकर के करेंगे... रह किसी को मिल कर के करेंगें। मैं आप पर भरोसा करूं... ये मोदी जी का पर्सनल काम है करोगे... एक-एक घर जाना है और हर घर जाकर के कहना कि मोदी जी आए थे.. और मोदी जी ने आपके परिवार को बोहाग बिहू की शुभकामनाएं दी हैं। ये मेरी बात बता दोगे... मेरे प्रणाम बता दोगे..
बहुत-बहुत धन्यवाद।
बोलिए, भारत माता की...
भारत माता की..
भारत माता की..
भारत माता की..
वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...


