"मेक इन इंडिया, मेक फॉर द ग्लोब के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा भारत"
"वडोदरा जो एक सांस्कृतिक और शिक्षा के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है, अब एक विमानन क्षेत्र के हब के रूप में एक नई पहचान विकसित करेगा"
"एयर ट्रैफिक के मामले में हम दुनिया के शीर्ष तीन देशों में पहुंचने वाले हैं"
"महामारी, युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला संबंधी व्यवधानों के बावजूद, भारत ने विकास की गति को बनाए रखा है"
"भारत किफायती लागत पर निर्माण और उच्च उत्पादन का अवसर पेश कर रहा है"
"आज का भारत, एक नए माइंडसेट, एक नए वर्क कल्चर के साथ काम कर रहा है"
"आज हमारी पॉलिसी स्टेबल है, प्रिडिक्टेबल है और फ्यूचरिस्टिक है"
"हमारा लक्ष्य 2025 तक अपने रक्षा निर्माण को 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक करना है। हमारा रक्षा निर्यात भी 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक होगा"

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी, गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी देश के रक्षामंत्री श्रीमान राजनाथ सिंह जी, श्रीमान ज्योतिरादित्य सिंधिया जी, टाटा सन्स के चेयरमैन, Airbus इंटरनेशनल के चीफ कमर्शियल ऑफिसर, डिफेंस और एविएशन सेक्टर के उद्योगों के साथ जुड़े सभी साथी, देवियों और सज्जनों ! नमस्कार।

अपने यहां गुजरात में तो दिवाली देव दिवाली तक चलती है, और दिवाली के इस पर्व के दौरान वड़ोदरा को, गुजरात को, देश को एक अनमोल भेट मिली है। गुजरात के लिए तो नया साल है, मैं भी नये साल में आज पहली बार गुजरात आया हूं। आप सभी को नये साल की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

आज भारत को दुनिया का बड़ा Manufacturing Hub बनाने की दिशा में, हम बहुत बड़ा कदम उठा रहे हैं। भारत आज अपना फाइटर प्लेन बना रहा है। भारत आज अपना टैंक बना रहा है, अपनी सबमरीन बना रहा है। और सिर्फ इतना ही नहीं, भारत में बनी दवाइयां और वैक्सीन भी आज दुनिया में लाखों लोगों का जीवन बचा रही हैं। भारत में बने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, भारत में बने मोबाइल फोन, भारत में बनी कारें, आज कितने ही देशों में छाई हुई हैं। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द ग्लोब इस मंत्र पर आगे बढ़ता रहा भारत, आज अपने सामर्थ्य को और बढ़ा रहा है। अब भारत, ट्रांसपोर्ट प्लेन्स का भी बहुत बड़ा निर्माता बनेगा। आज भारत में इसकी शुरुआत हो रही है। और मैं वो दिन देख रहा हूं, जब दुनिया के बड़े पैसेंजर प्लेन्स भी भारत में ही बनेंगे और उन पर भी लिखा होगा- Make in India.

साथियों,

आज वड़ोदरा में जिस Facility का शिलान्यास हुआ है, वो देश के डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर को ट्रांसफॉर्म करने की ताकत रखता है। ये पहली बार है कि भारत के डिफेंस एरोस्पैस सेक्टर में इतना बड़ा निवेश हो रहा है। यहां बनने वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हमारी सेना को तो ताकत देंगे ही, इससे Aircraft manufacturing के लिए एक नए इकोसिस्टम का भी विकास होगा। शिक्षा और संस्कृति के केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित ये हमारा वड़ोदरा अब एविएशन सेक्टर के हब के रूप में नई पहचान लेकर के दुनिया के सामने सर ऊंचा करेगा। वैसे तो भारत पहले से ही काफी देशों में विमान के छोटे-मोटे पूर्जे, Parts निर्यात करता रहा है, लेकिन अब देश में पहली बार मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बनने वाला है। मैं इसके लिए टाटा ग्रुप को और Airbus डिफेन्स कंपनी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मुझे बताया गया है कि इस प्रोजेक्ट से भारत की 100 से ज्यादा MSMEs भी जुड़ेंगी। भविष्य में यहां दुनिया के दूसरे देशों के लिए एक्सपोर्ट के ऑर्डर भी लिए जा सकेंगे। यानि मेक इन इंडिया, मेक फॉर द ग्लोब का संकल्प भी इस धरती से और मजबूत होने वाला है।

साथियों,

आज भारत में, दुनिया का तेज़ी से विकसित होता एविएशन सेक्टर है। एयर ट्रैफिक के मामले में हम दुनिया के टॉप तीन देशों में पहुंचने वाले हैं। अगले 4-5 वर्षों में करोड़ों नए यात्री हवाई सफर के यात्री होने वाले हैं। उड़ान योजना से भी इसमें बहुत मदद मिल रही है। अनुमान है कि आने वाले 10-15 वर्षों में भारत को करीब-करीब 2000 से ज्यादा पैसेंजर और कार्गो एयरक्राफ्ट की जरूरत होगी। अकेले भारत को 2000 एयरक्राफ्ट की जरूरत होना यानि यही बताता है कि विकास कितनी तेजी से होने वाला है। इस बड़ी डिमांड को पूरा करने के लिए भारत अभी से तैयारी कर रहा है। आज का ये आयोजन उसी दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

साथियों,

आज के इस आयोजन में विश्व के लिए भी एक संदेश है। आज भारत दुनिया के लिए एक Golden Opportunity लेकर आया है। कोरोना और युद्ध से बनी परिस्थितियों के बावजूद, Supply-chain में रुकावटों के बावजूद, भारत के manufacturing sector का growth momentum बना हुआ है। ये ऐसे ही नहीं हुआ है। आज भारत में operating conditions लगातार सुधर रही हैं। आज भारत में जोर cost competitiveness पर है, Quality पर भी है। आज भारत, Low Cost Manufacuring और High Output का अवसर दे रहा है। आज भारत के पास Skilled Manpower का बहुत बड़ा Talented Pool है। बीते आठ वर्षों में जो Reforms हमारी सरकार ने किए हैं, उन्होंने भारत में Manufacturing का एक अभूतपूर्व Environment तैयार कर दिया है। Ease of Doing Bussiness पर जितना जोर आज भारत का है, उतना पहले कभी नहीं था। Corporate tax structure को आसान बनाना हो, उसे globally competitive बनाना हो, अनेक सेक्टर्स में automatic route से 100 परसेंट FDI का रास्ता खोलना हो, डिफेंस, माइनिंग, स्पेस जैसे सेक्टर्स को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलना हो, Labour Reforms करना हो, 29 central labor laws को सिर्फ 4 codes में बदलना हो, 33 हजार से ज्यादा compliances को खत्म करना हो, दर्जनों Taxes के जाल को खत्म करके, एक Goods and Services Tax बनाना हो, भारत में आज Economic Reforms की नई गाथा लिखी जा रही है। इन Reforms का बड़ा फायदा हमारे मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को ही मिल रहा है, और क्षेत्र तो फायदा उठा ही रहे हैं।

और साथियों,

इस सफलता के पीछे एक और बड़ी वजह है, बल्कि मैं कहूंगा कि सबसे बड़ी वजह है और वो है, माइंडसेट में बदलाव, मानसिकता में बदलाव। हमारे यहां लंबे समय से सरकारें इसी माइंडसेट से चलीं कि सब कुछ सरकार ही जानती है, सब कुछ सरकार को ही करना चाहिए। इस माइंडसेट ने देश के टेलेंट को दबा दिया, भारत के प्राइवेट सेक्टर का सामर्थ्य बढ़ने नहीं दिया। सबका प्रयास की भावना को लेकर आगे बढ़ रहे देश ने अब पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर, दोनों को समान भावना से देखना शुरू किया है।

साथियों,

पहले की सरकारों में माइंडसेट ऐसा भी था कि समस्याओं को टाल दिया जाए, कुछ सब्सिडी देकर manufacturing sector को जिंदा रखा जाए। इस सोच ने भी भारत के manufacturing sector का बहुत नुकसान किया। इस वजह से पहले ना ही कोई ठोस नीति बनाई गई और साथ ही, logistics, Electricity Supply- Water Supply ऐसी जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसका परिणाम क्या हुआ, मेरे देश की युवा पीढ़ी इसको भलीभांति जान सकती है। अब आज का भारत, एक नए माइंडसेट, एक नए work-culture के साथ काम कर रहा है। हमने काम चलाऊ फैसलों का तरीका छोड़ा है और विकास के लिए, निवेशकों के लिए कई तरह के incentive लेकर आए हैं। हमने Production Linked Incentive स्कीम लॉन्च की, जिससे बदलाव दिखने लगा। आज हमारी पॉलिसी stable है, predictable है और futuristic है। हम पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान और national logistics policies के जरिए देश की लॉजिस्टिक व्यवस्था में सुधार ला रहे हैं।

साथियों,

पहले एक माइंडसेट ये भी था कि भारत manufacturing में बेहतर नहीं कर सकता, इसलिए उसे सिर्फ सर्विस सेक्टर पर ध्यान देना चाहिए। आज हम सर्विस सेक्टर भी संवार रहे हैं और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी समृद्ध बना रहे हैं। हम जानते हैं कि आज दुनिया में कोई भी देश सिर्फ सर्विस सेक्टर या मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का विकास करके आगे नहीं बढ़ सकता। हमें विकास के holistic approach को अपनाना होगा। और आज का नया भारत उसी रास्ते पर आत्मविश्वास के साथ चल पड़ा है। पहले की सोच में एक और गलती भी थी। माइंडसेट ये था कि हमारे यहां skilled manpower की कमी है, देश की स्किल पर भरोसा नहीं था, देश की टैलेंट पर भरोसा नहीं था और इसलिए manufacturing के क्षेत्र पर एक प्रकार से उदासीनता रही, उस पर कम ध्यान दिया गया। लेकिन आज भारत manufacturing में भी सबसे आगे रहने की तैयारी में है। सेमी-कंडक्टर से लेकर एयरक्राफ्ट तक, हम हर क्षेत्र में सबसे आगे रहने के इरादे के साथ बढ़ रहे हैं। ये इसलिए संभव हुआ, क्योंकि पिछले 8 वर्षों में हमने स्किल डवलपमेंट पर फोकस किया और उसके लिए माहौल तैयार किया। इन सारे बदलावों को आत्मसात करते हुए आज मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारत की विकास यात्रा इस पड़ाव पर पहुंची है।

साथियों,

हमारी सरकार की investment-friendly नीतियों का फल FDI में भी दिखता है। पिछले आठ वर्षों में 160 देशों से ज्यादा की कंपनियों ने भारत में निवेश किया है। और ऐसा भी नहीं कि ये विदेशी निवेश सिर्फ कुछ industries में ही आया हो। इसका फैलाव अर्थव्यवस्था के 60 से ज्यादा sectors को कवर करता है, 31 राज्यों के अंदर इन्वेस्टमेंट पहुंचा है। अकेले aerospace सेक्टर में ही 3 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है। साल 2000 से 2014 तक इस सेक्टर में जितना निवेश हुआ था, उससे यानि वो 14 साल की तुलना में इन आठ वर्षों में पाँच गुना ज्यादा निवेश हुआ है। आने वाले वर्षों में, आत्मनिर्भर भारत अभियान के बड़े Pillars - डिफेन्स और एरोस्पैस सेक्टर होने वाले हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2025 तक हमारी डिफेन्स manufacturing का स्केल 25 बिलियन डॉलर पार कर जाएगा। हमारे डिफेन्स एक्स्पोर्टस भी 5 बिलियन डॉलर से अधिक होंगे। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर से भी इस सेक्टर को स्केल-अप करने में मदद मिलेगी। वैसे मैं आज देश के रक्षा मंत्रालय और गुजरात सरकार की भी भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं, तारीफ करता हूं। आपने देखा होगा कुछ दिन पहले उन्होंने गांधीनगर में बहुत शानदार Def-expo का आयोजन किया। Defence से जुड़े सारे equipments का वहां बहुत बड़ा कार्यक्रम हुआ, और मुझे कहते हुए खुशी हो रही है और राजनाथ जी को मैं बधाई देता हूं ये अभी तक का सबसे बड़ा Def-expo था। और इसमें सबसे बड़ी खूबी ये थी कि Def-expo में प्रदर्शित सभी उपकरण और technologies सब के सब भारत में बने थे। यानि प्रोजेक्ट C-295 का प्रतिबिंब हमें आने वाले वर्षों के Def-expo में भी दिखाई देगा। मैं टाटा ग्रुप को और Airbus को इसके लिए भी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आज के इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं इंडस्ट्री से जुड़े साथियों से अपना एक आग्रह दोहराना चाहता हूं। और मुझे खुशी है कि अनेक क्षेत्र के सभी वरिष्ठ उद्योग जगत के साथी आज इस महत्वपूर्ण घटना के साक्षी बनने के लिए हमारे बीच पधारे हैं। देश में इस समय निवेश के लिए जो अभूतपूर्व विश्वास बना है, उसका अधिक से अधिक लाभ आप उठाएं, आप जितने aggressively आगे बढ सकते हैं ये मौका जाने मत दीजिए। देश के जो स्टार्ट-अप्स हैं, मैं उद्योग जगत के establish जो प्लेयर्स हैं उनसे आग्रह करुंगा, देश के जो स्टार्ट-अप्स हैं हम उन्हें कैसे आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं, मैं तो चाहता हूं सब बड़ी इंडस्ट्री एक एक स्टार्ट-अप सेल अपने यहां बनाएं और देश भर में जो हमारे नए नौजवान स्टार्ट-अप में काम करते हैं, उनका अध्ययन करें और उनके काम में उनकी रिसर्च क्या मैच कर सकती है, उसका hand holding करें, आप देखिए बहुत तेजी से आप भी बढ़़ेंगे और मेरे वो नौजवान आज स्टार्ट-अप की दुनिया में हिन्दुस्तान का नाम रौशन कर रहे हैं, उनकी भी ताकत अनेक गुणा बढ़ जाएगी। रिसर्च में अभी भी प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी सीमित ही है। इसको हम मिलकर बढ़ाएंगे तो इनोवेशन का, मैन्युफैक्चरिंग का और सशक्त इकोसिस्टम विकसित कर पाएंगे। सबका प्रयास का मंत्र हम सबको काम आएगा, हम सबके लिए मार्गदर्शक रहेगा और हम सब उसी राह पर चल पड़ेंगे। एक बार फिर सभी देशवासियों को इस आधुनिक एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। देश के नौजवानों के लिए अनेक नए अवसर इंतजार कर रहे हैं। मैं देश की युवा पीढ़ी को भी विशेष रूप से शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !

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मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे: पीएम मोदी
April 18, 2026
Women may forget everything, but will never forget insult to their pride: PM
Those parties that have opposed the Nari Shakti Vandan Adhiniyam Amendment in Parliament are taking women's power for granted: PM
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Amendment was a 'Mahayagya' to empower women of the 21st century : PM
One major reason for opposition to Nari Shakti Vandan Adhiniyam by dynastic parties is their fear : PM
The blessings of the country's 100 percent Nari Shakti are with us: PM
We will remove every obstacle coming in the way of women's reservation: PM
Snatching away women's rights, these people were thumping the tables ; That was an assault on the dignity of women, on their self-respect: PM
For opposing women’s reservation, the opposition will be punished for the sin they have committed: PM

आज मैं एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर विशेष कर देश की माता बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं! आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया है। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया! और मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों, उनसे मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

साथियों,

हमारे लिए देश हित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सब कुछ हो जाता है, दल हित, देश हित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को, देश हित को, इसका खामियाजा उठना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश के नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

साथियों,

कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी, देश की नारी शक्ति देख रही थी, मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ, कि जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा, जैसी परिवारवादी पार्टियां, खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छिनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर उसके आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती, इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोग के उन सबके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने, इन्हीं लोगों ने, संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था, खुशियां मनाई थीं। कल संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा, ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं, वो ये भूल रहे हैं, कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है, वो उनकी की मंशा भाप रही है और सच्चाई भी भली भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है और जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे।

साथियों,

सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से भी कुछ छिनने का नहीं था। नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ ना कुछ देने का था, देने के लिए संशोधन का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।

नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञन था। देश की 50% यानी आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नियत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था। नारी को भारत की विकास यात्रा में सहयात्री बनाने और सबको जोड़ने का प्रयास था। नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की हर राज्य की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। राज्य छोटा हो, राज्य बड़ा हो, राज्य की आबादी कम हो या राज्य की आबादी ज्यादा हो। सब की समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। लेकिन इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है, भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, टीएमके जैसे दल, इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं, ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं।

साथियों,

कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है, उसने हमेशा से ही महिला आरक्षण को रोकने के लिए षड्यंत्र किए हैं। इस दिशा में पहले जितनी बार भी प्रयास हुए, हर बार कांग्रेस ने इसमें रो़ड़े अटकाए हैं। इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला आरक्षण को रोकने के लिए एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया। कभी संख्या को लेकर, कभी किसी और तरीके से, कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह करने की कोशिश की। ऐसा करके इन दलों ने भारत के नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। अपना मुखौटा उतर दिया है।

साथियों,

मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेंगी। कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने का, महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का, अवसर खो दिया। कांग्रेस खुद देश के अधिकांश हिस्सों में अपना वजूद खो चुकी है। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों के पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए है। लेकिन कांग्रेस, ये भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े, इसलिए कांग्रेस ने इस संशोधन का विरोध करवारकर अनेक क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलना का राजनीतिक षड्यंत्र किया है।

साथियों,

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी और दूसरी पार्टियां, इतने वर्षों से हर बार वही बहाने, वही कुतर्क गढ़ते आए हैं, बनाते आए हैं, कोई ना कोई टेक्निकल पेंच फंसाकर, ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते रहे हैं। देश राजनीति का यह भद्दा पैटर्न बराबर समझ चुका है, और उसके पीछे की वजह भी जान चुका है।

भाइयों बहनों,

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है, इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है, अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। आज पंचायतों में, लोकल बॉडीज में, जिन हजारों लाखों महिलाओं ने अपनी क्षमता को साबित किया है, जब आगे बढ़कर लोकसभा और विधानसभाओं में आना चाहती हैं, देश की सेवा करना चाहती हैं, परिवारवादियों के भीतर उनसे असुरक्षा की भावना बैठी हुई है। परिसीमन के बाद महिलाओं के लिए कहीं ज्यादा सीटें होंगी, महिलाओं का कद बढ़ेगा, इसीलिए, इन लोगों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध किया है। देश की नारीशक्ति कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इस पाप के लिए कभी माफ नहीं करेगी।

मेरे प्रिय देशवासियों,

कांग्रेस और उसके साथी दल, डिलिमिटेशन पर लगातार, लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। क्योंकि, बांटो और राज करो, काँग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है। और, कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। इसलिए, ये झूठ फैलाया गया कि डिलिमिटेशन यानी परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा! जबकि, सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है, कि न किसी

राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का representation कम होगा। बल्कि,सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी काँग्रेस,DMK,TMC और समाजवादी पार्टी जैसे दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए।

साथियों,

ये संशोधन बिल सभी दलों, और सभी राज्यों के लिए एक मौका था, एक अवसर था। ये बिल पास होता तो तमिलनाडु, बंगाल, यूपी, केरलम, हर राज्य की सीटें बढ़तीं। लेकिन अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से इन दलों ने, अपने राज्य के लोगों को भी धोखा दे दिया। जैसे कि, DMK के पास मौका था कि वो और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद, विधायक बना सकती थी, तमिलनाडु की आवाज़ और मजबूत कर सकती थी! लेकिन, उसने वो मौका खो दिया। TMC के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था। लेकिन TMC ने भी ये मौका गवां दिया। समाजवादी पार्टी के पास भी मौका था कि वो महिला विरोधी छवि होने के दाग को कुछ कम कर सके। लेकिन सपा भी इसमें चूक गई। समाजवादी पार्टी लोहिया जी को तो पहले ही भूल चुकी है। सपा ने नारीशक्ति वंदन संशोधन का विरोध करके, लोहिया जी के सारे सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। सपा महिला आरक्षण विरोधी है, ये यूपी की और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।

साथियों,

महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके, कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है। कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। 21वीं सदी के विकसित भारत के लिए, जो भी निर्णय, जो भी रिफॉर्म्स ज़रूरी हैं, जो भी निर्णय देश ले रहा है, कांग्रेस उन सबका विरोध करती है, उसे खारिज कर देती है, उस काम के अंदर खलल डालती है। यही कांग्रेस का इतिहास है और यही कांग्रेस की नेगेटिव पॉलिटिक्स है।

साथियों,

ये वही कांग्रेस है, जिसने जनधन-आधार-मोबाइल की त्रिशक्ति का विरोध किया। कांग्रेस ने, डिजिटल पेमेंट्स का विरोध किया, कांग्रेस ने, GST का विरोध किया, कांग्रेस ने, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का विरोध किया, कांग्रेस ने, ट्रिपल तलाक के विरुद्ध कानून का विरोध किया। कांग्रेस ने, आर्टिकल 370 हटाने का विरोध किया। हमारा संविधान, हमारे कोर्ट, जिस यूनिफॉर्म सिविल कोड, समान नागरिक आचार संहिता को, यूसीसी को ज़रूरी बताते हैं, कांग्रेस उसका भी विरोध करती है। Reform का नाम सुनते ही कांग्रेस, विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। ऐसा कोई भी काम जिससे देश मजबूत होता है, कांग्रेस उसमें बाधाएं खड़ी करने के लिए पूरी शक्ति लगा देती है। कांग्रेस, वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करती है, कांग्रेस, देश से घुसपैठियों को भगाने का विरोध करती है, कांग्रेस, मतदाता सूची के शुद्धिकरण, SIR का विरोध करती है, कांग्रेस, वक्फ बोर्ड में Reform का विरोध करती है।

साथियों,

कांग्रेस ने, शरणार्थियों को सुरक्षा देने वाले CAA कानून तक का विरोध किया। इस पर झूठ बोलकर-अफवाहें फैलाकर देश में बवंडर खड़ा कर दिया। कांग्रेस, माओवादी-नक्सली हिंसा को समाप्त करने के देश के प्रयासों में भी रुकावटें डालती है। कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है, कोई भी Reform आए तो झूठ बोलो, भ्रम फैलाओ। इतिहास साक्षी है, कांग्रेस ने हमेशा यही नेगेटिव रास्ता चुना है।

साथियों,

जो भी कार्य देश के लिए जरूरी फैसला होता है, कांग्रेस इसको कार्पेट के नीचे डाल देती है। कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से भारत विकास की उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया, जिसका भारत हकदार है। आजादी के समय, उस दौर में हमारे साथ और भी कई देश आजाद हुए थे। ज्यादातर देश हमसे बहुत आगे निकल गए, और इसकी वजह थी, कि कांग्रेस हर Reform को रोककर बैठी रही। लटकाना-भटकाना- अटकाना यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, यही कांग्रेस का वर्क कल्चर रहा है। कांग्रेस ने पड़ोसी देशों के साथ सीमा-विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने पाकिस्तान के साथ पानी के बंटवारे से जुड़े विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण के निर्णय को 40 साल तक लटकाए रखा। कांग्रेस ने सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन को 40 साल तक रोके रखा।

साथियों,

कांग्रेस के इस रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है। कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियों ने भुगता है। आज देश के सामने जितनी भी बड़ी चुनौतियां हैं, वो कांग्रेस के इसी रवैये से उपजी हुई हैं। इसलिए, ये लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है, ये लड़ाई, कांग्रेस की उस एंटी-रिफॉर्म मानसिकता के साथ है, जिसमें सिर्फ नेगेटिविटी है, नकारात्मकता है। और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है, कि देश की सभी बहनें-बेटियां, कांग्रेस की इस मानसकिता को करारा जवाब देकर रहेगी।

साथियों,

कुछ लोग देश की महिलाओं के सपने टूटने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं। लेकिन, ये विषय कामयाबी या नाकामयाबी क्रेडिट का था ही नहीं। मैंने संसद में भी कहा था, आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिये, मैं इसका क्रेडिट, विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के सभी लोगों को दे दूँगा। लेकिन, महिलाओं को दक़ियानूसी सोच से देखने वाले फिर भी अपने झूठ पर अड़े रहे, कायम रहे!

साथियों,

नारीशक्ति को भागीदारी दिलाने की लड़ाई दशकों से चल रही है। वर्षों से मैं भी इसके लिए प्रयास करने वालों में से एक हूं। कितनी ही महिलाएं ये विषय मेरे सामने उठाती रही हैं। कितनी ही बहनों ने पत्र के द्वारा मुझे सारी बातें बताई हैं। मेरे देश की माताएं-बहनें-बेटियां, मैं जानता हूं, आज आप सब दुखी हैं। मैं भी आपके इस दुःख में दुःखी हूँ। आज भले ही, बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 परसेंट नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे, हटाकर के रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है, हमारी हिम्मत भी अटूट है और हमारा इरादा भी अडिग है। महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से कभी भी रोक नहीं पाएंगे, सिर्फ वक्त का इंतजार है। नारी शक्ति के सशक्तीकरण का बीजेपी-एनडीए का संकल्प अक्षुण्ण है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम हार गए। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं। हमारे पास आगे अभी और मौके आएंगे, हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए, इस संकल्प को पूरा करना ही है। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।