सूरत के विकास को गति देने के लिए आज सड़क, बिजली और इंडस्ट्रियल सेक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है जो विकास को गति देंगे और लोगों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' को अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे: प्रधानमंत्री
 प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आज भारत 'प्रकृति के साथ सामंजस्य में प्रगति' के सिद्धांत से निर्देशित होकर विकास की ओर अग्रसर है
बीते 12 वर्षों से देश में चल रहा 'वेस्ट टू वेल्थ' जन आंदोलन शहरों की स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और हमारे शहरी क्षेत्रों को ग्रीन और क्लीन बनाए रखने में मदद कर रहा है: प्रधानमंत्री
अभूतपूर्व वैश्विक चुनौतियों के बीच भी देश 140 करोड़ भारतीयों के साझा प्रयासों और सहभागिता के बल पर लगातार आगे बढ़ रहा है: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय।

गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी सी आर पाटिल, राज्य के उपमुख्यमंत्री भाई हर्ष संघवी, गुजरात भाजपा के अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा जी, उपस्थित अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और यहाँ उपस्थित सूरत के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

कैसे हो सभी, और अपना सूरत मजे में है ना? तुम क्या लेकर आये हो भाई, धन्यवाद दोस्त, बहुत अच्छा चित्र बनाया है तुमने, जरा एसपीजी के लोग, यह भाई भेंट देना चाहते हैं, बहुत आभार भाई, मेरी टीम को दे दो।

साथियों,

मेरी बात शुरु करुं उससे पहले, कुछ दिन पहले ही मेरे अनन्य साथी, जिनके साथ मैंने वर्षों तक काम किया और जीवन के अंतिम क्षण तक जो कार्यरत रहे, ऐसे कनुभाई मावाणी की विदाई, आदर पूर्वक मैं उनको श्रद्धांजलि देता हूं। एक साथी खोने का दर्द स्वभाविक है, लेकिन आज सूरत की धरती पर आया हूं तब, उनके पुण्य स्मरण के साथ मेरी बात आगे बढाता हूं।

साथियों,

मुझे कई बार लगता है कि, ये सूरत शहर नहीं है, सूरत एक स्पिरिट है, और ये स्पिरिट हो, तो ही पर्यावरण दिवस पर प्रत्येक परिवार को जोड़कर, ऐसे 15000 पर्यावरण को समर्पित, ऐसे बहुत अच्छे पोस्टर बनाकर लोग लाए हैं। जो-जो परिवार के साथियों ने यह कार्य किया है, उन सभी का मैं बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। क्योंकि जब उन्होंने यह विचार किया होगा न, तो उनका मन अब इस पर्यावरण की रक्षा में लगा होगा। और हमारे काठियावाड़ के बहुत सारे भाई यहाँ सूरत में रहते हैं, और उनकी वहाँ खेती है, तो मेरा उनको एक आग्रह है कि पर्यावरण के एक कार्य के भाग के रुप में ‘खेत बचाओ’, वह अभियान में जुड़ जाएंI केमिकल फ्री खेती, अपने बुजुर्ग जो प्राकृतिक खेती करते थे, और मैं तो सूरत के जो-जो लोगों की जहाँ-जहाँ खेती हो, सभी को मुझे हक से कहना है, कि इतना मेरा काम करना।

साथियों,

यहाँ सभी ने मेरा स्वागत किया, अलग-अलग स्मृति चिन्ह दिए, भेंट-सौगात दी, लेकिन इसके अलावा भी अनमोल भेट सूरत ने मुझे दी है, इससे भी अधिक मूल्यवान। सूरत का कचरा मुझे भेट दिया है। 1 लाख लोगों ने 5 दिन सफाई का अभियान चलाया। मेरे लिए यह सबसे बड़ी सौगात है और मैं 1 लाख लोगों का और पूरे सूरत का हृदय से आभार मानता हूं। लोगों को होगा कि यह कैसा प्रधानमंत्री है? स्वागत में कचरा मिला उसका गौरव कर रहा है, क्योंकि मुझे स्वच्छता, उसको संस्कार बनाना है। 1 लाख लोगों का जुड़ना, यानी 1 लाख परिवारों का जुड़ना, और यह केवल स्वच्छता का अभियान नहीं है, यह एक प्रकार से स्वस्थ भविष्य के लिए संस्कार पर्व है, और उसके लिए सूरत के सभी साथी बहुत-बहुत अभिनंदन के अधिकारी हैं।

साथियों,

स्थानीय निकायों के चुनावों के बाद, मैं पहली बार गुजरात आया हूं, सूरत आया हूं। मैं सूरत से, पूरे गुजरात के लोगों का वंदन करता हूं, अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

ढाई दशक से अधिक का समय हो गया है, आप हम सभी को, भाजपा को, निरंतर अपना आशीर्वाद दे रहे हैं। और समय के साथ ये आशीर्वाद बढ़ता ही जा रहा है। देखिए एक बेटी आप सबको खींचकर ले गई। हाल ही में, जिला परिषद, तहसील परिषद, नगरपालिका और महानगरपालिका के चुनाव हुए हैं। इनमें गुजरात के लोगों ने भाजपा को इतना समर्थन दिया, कि पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए। और मैं आज ज्यादा खुश इसलिए हूं कि मेरे रिकॉर्ड भी आप सब ने तोड़ दिए। मैं राजनीति में बहुत देर से आया था, शायद 87 में मैं पॉलिटिक्स में आया, और उसके बाद पहला चुनाव था सूरत अहमदाबाद कॉरपोरेशन वगैरह का, और पहले चुनाव में हमने भारी विजय प्राप्त किया, और तब से लेकर आज तक ये विजय की यात्रा चल ही रही है। दुनिया के लोकतांत्रिक समाज में, ऐसा कम ही देखने को मिलता है। किसी भी दल को इतने लंबे समय तक जनता जनार्दन के आशीर्वाद मिले और सेवा का अवसर मिलना, ये बहुत बड़ी बात है।

साथियों,

यहां सूरत और नवसारी के अनेक चुने हुए जन-प्रतिनिधि भी आए हुए हैं। मैं आप सभी को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। हम सभी को हमेशा याद रखना है, गुजरात की जनता ने हमारे सेवा भाव को अपना समर्थन दिया है। ये प्रचंड विजय, सेवा के इस मिशन को और विस्तार देने के लिए है। हम सभी को, अब और भी अधिक परिश्रम करना है। हमारा संकल्प, विकसित गुजरात, विकसित भारत, इस संकल्प को सिद्ध करना, सेवा के भाव से समर्पित होकर के करना है। जब मैं कहता हूं, सूरत एक शहर नहीं, सूरत एक स्पिरिट है, इसके पीछे मेरा conviction है। आप कल्पना कर सकते हैं, पूरे हिन्दुस्तान में जो शहर लगातार स्वच्छता के अवार्ड प्राप्त करता हो, स्वाभाविक है उसको मन कर जाए, यार बहुत हो गया, इतने अवार्ड ले लिए, अब क्या करना है। लेकिन सूरत ऐसा नहीं कर रहा है, वो आज भी सफाई के अभियान को प्राथमिकता देता है, तब मैं कहता हूं, सूरत शहर नहीं, सूरत एक स्पिरिट है।

साथियों,

ये जो हमारा संकल्प है, विकसित भारत का, विकसित गुजरात का। ये संकल्प, देश के गांव, हर जिले, हर शहर को, हम जब विकसित करेंगे, तभी सिद्ध होने वाला है। और इसलिए, सभी चुने हुए भाजपा जन-प्रतिनिधियों की भूमिका बहुत बड़ी है।

साथियों,

आज का दिन एक और सुखद संयोग का है। आज 5 जून, पर्यावरण दिवस है। और पर्यावरण दिवस के इस अवसर पर, मैं देश के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक, सूरत में हूं। और ये कितना बड़ा गर्व का विषय है, ये यही सूरत है, जो कभी प्लेग जैसी महामारी से प्रभावित था, और आज स्वच्छता के लिए, पहचाना जा रहा है। इसके लिए बीते ढाई दशक से निरंतर प्रयास किए गए हैं। इसमें सूरत के सभी लोग, अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सबका योगदान है। मुझे बताया गया है कि बीते कुछ दिनों में यहां स्वच्छता के लिए विशेष अभियान भी चला है। मैं आप सभी सूरत के वासियों को, और देशी भाषा में कहते है सूरतियों को, मेरे प्यारे सूरतियों को बहुत-बहुत अभिनंदन। सूरत के विकास को गति देने के लिए आज यहां अनेक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मैं आप सभी को इन प्रोजेक्ट्स के लिए बहुत–बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

दुनिया, अब हरित युग की तरफ, Green Future की तरफ बहुत ही सावधान हो चुकी है, धीरे-धीरे कदम रखने का प्रयास भी कर रही है। भारत भी ग्रीन ग्रोथ पर बहुत अधिक काम कर रहा है। और इसमें भी गुजरात ने बरसों पहले ही तेज कदम उठाने शुरू कर दिए थे। गुजरात राज्य है, जिसने इस शताब्दी के प्रारंभ में ही सरकार ने क्लाइमेट चेंज का अलग डिपार्टमेंट बनाया था। एक अलग डिपार्टमेंट बनाया था। ऐसी व्यवस्था बनाने वाला गुजरात, देश का पहला राज्य था। और जैसा अभी मुख्यमंत्री जी ने जिसका वर्णन किया, गुजरात के अपने पाटण के चारणका गांव में, भारत का पहला सोलर पार्क भी बनाया गया था। और एक प्रकार से उस समय तो वो तीर्थ क्षेत्र बन गया था, लोग देखने आते थे कि इतना, दूर-दूर तक दिखाई दे इतना बड़ा सोलर प्लांट।

साथियों,

गुजरात में उस समय आप सभी ने जो किया, उसने पूरे देश को प्रेरणा दी है। आज भारत, प्रकृति के साथ प्रगति का मंत्र लेकर विकास कर रहा है। इकोनॉमी भी, इकोलॉजी भी।

और साथियों,

सूरत में तो ये प्रत्यक्ष दिखता है। आजकल सूरत की 'सर्कुलर वाटर इकोनॉमी' की बहुत चर्चा होती है। यहां शहर के वेस्ट वॉटर को ट्रीट करके इंडस्ट्री को सप्लाई किया जाता है। इससे गंदे पानी का मैनेजमेंट भी हो जाता है, और पानी से कमाई भी होती है। बीते 12 वर्षों से देश में waste to wealth का एक बहुत बड़ा जन-आंदोलन चला है। ये हमारे शहरों की स्वच्छता और उन्हें ग्रीन और क्लीन बनाने में बहुत काम आ रहा है।

साथियों,

अब प्रयास ये है कि आने वाले कई दशकों तक सूरत के लिए पीने के पानी की पूरी व्यवस्था हो, इसके लिए तापी बराज प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा वॉटर मैनेजमेंट और वॉटर ड्रेनेज भी सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। आज भी यहां ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण हुआ है।

साथियों,

सूरत सिर्फ स्वच्छता और सर्कुलर इकॉनॉमी तक ही सीमित नहीं है। बल्कि ग्रीन ग्रोथ के दूसरे माध्यमों का भी अभूतपूर्व गति से विस्तार हो रहा है। अब जैसे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी है। सूरत, ऐसी व्यवस्था बनाने में जुटा है, जहां सड़कों पर चलने वाली सारी बसें इलेक्ट्रिक होंगी। साथ ही यहां सूरत मेट्रो का भी विस्तार हो रहा है। ये सारे कदम, हरित शहर के रूप में सूरत की पहचान को और सशक्त करेंगे। और हां, आने वाले समय में, हज़ीरा इंडस्ट्रियल एरिया, ग्रीन स्टील के उत्पादन के लिए भी जाना जाएगा। यानी स्टील के प्रोडक्शन में, ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल होगा।

साथियों,

आज दुनिया अभूतपूर्व चुनौतियों के दौर से गुज़र रही है। कुछ समय पहले मैंने कहा था, कि ये दशक, दुनिया के लिए आपदा का दशक सिद्ध हो रहा है। हमने बीते समय में एक के बाद एक वैश्विक आपदाएं देखी हैं। पहले बहुत बड़ा कोरोना का संकट आया, फिर जगह-जगह युद्ध शुरू हो गए, और अब इतना बड़ा ऊर्जा संकट, इसने पूरी दुनिया को अस्त व्यस्त कर दिया है। दुनिया भर में पेट्रोल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, गैस की सप्लाई चेन ध्वस्त हो रही है।

लेकिन भाइयों और बहनों,

मुझे बहुत संतोष है कि 140 करोड़ भारतीयों के साझा प्रयासों से, देश ऐसे हर संकट का मजबूती से मुकाबला कर रहा है। इस लड़ाई में आप मेरे साथ हैं ना? हमें यह लड़ाई भी जीतनी है न?

 

और साथियों,

इसमें भी गुजरात की बहुत बड़ी भूमिका है। बीते वर्षों में गुजरात ने रिफाइनिंग के क्षेत्र में, सोलर और विंड पावर के क्षेत्र में, अपना जो सामर्थ्य बढ़ाया है, वो देश के बहुत काम आ रहा है। आज भारत की रीन्युएबल कैपेसिटी, 250 गीगावॉट है। हमारे देश में कभी मेगावॉट से आगे सोचा ही नहीं जाता था, आज गीगावॉट की चर्चा हो रही है। और इसमें 50 गीगावॉट का योगदान अकेले गुजरात का है। 250 गीगावॉट में 50 गीगावॉट, आप सबकी ताकत है ये। यानी देश की ग्रीन एनर्जी का पांचवां हिस्सा, अकेला गुजरात प्रोड्यूस करता है। सौर ऊर्जा के उत्पादन में गुजरात ने प्रशंसनीय काम किया है। और अब, जब देश ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है, तो इसमें भी गुजरात का रोल बहुत बड़ा होने वाला है।

साथियों,

ये जो वैश्विक संकट चल रहा है, ये दिखाता है कि एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भरता कितनी ज़रूरी है। और बीते 12 वर्षों में देश ने जो कैपेसिटी तैयार की है, उसका कितना बड़ा महत्व है। एक तरफ हमने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की। दूसरी तरफ हमने Renewable Energy में ऐतिहासिक निवेश बढ़ाया। 12 वर्ष पहले भारत में सौर ऊर्जा का उत्पादन नाम मात्र का था, आज हम दुनिया के टॉप 5 देशों में से एक हैं, 5 देशों में से एक हैं। और सिर्फ सौर ऊर्जा ही नहीं, हमने भारत में Ethanol Blending की कैपेसेटी बढ़ाई, रेलवे के बिजलीकरण को गति दी, परमाणु ऊर्जा पर काम किया, हमारा जो बिजली का ट्रांसमिशन नेटवर्क पुराना पड़ गया था, उसका आधुनिकीकरण किया, उसका विस्तार किया। गैस पाइपलाइन के नेटवर्क का दायरा बहुत अधिक बढ़ाया। हमारे जो पोर्ट हैं, उनकी कैपेसिटी बढ़ाई, ताकि वहां ज्यादा से ज्यादा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पहुंच सकें और जहां संभव है, वहां स्टोर भी हो सकें। आने वाले समय में देश का ये सामर्थ्य और अधिक बढ़ने वाला है। इस दिशा में हमारी सरकार के प्रयास लगातार जारी हैं।

साथियों,

यहां सूरत में आपके बीच आने से पहले मैं हजीरा गया था, अभी हर्ष भाई जिसका वर्णन कर रहे थे। आत्मनिर्भर भारत का क्या मतलब होता है, ये हजीरा जाने पर भी साफ दिखता है। हजीरा आज केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। यह एक ऐसा इकोसिस्टम बन चुका है जहां, एनर्जी है, स्टील है, डिफेंस प्रोडक्शन है, पोर्ट है, और ग्लोबल ट्रेड का इकोसिस्टम है। हजीरा, देश के एक बड़े Maritime-Industrial Hub के रूप में विकसित हो रहा है, आत्मनिर्भर भारत के एक बड़े सेंटर के रूप में उभर रहा है।

लेकिन साथियों,

आज देश में कुछ निराशावादी लोग हैं, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का मज़ाक उड़ाते रहते हैं। देश के इस संकल्प को वो लगातार नीचा ही दिखाते हैं, ये वो लोग हैं जिन्होंने हमेशा भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा। वो लोग ये भूल जाते हैं, कि दूसरों पर निर्भर देश, विकास की वो ऊंचाई कभी प्राप्त नहीं कर सकता, जिसका वो हकदार है।

साथियों,

आत्मनिर्भर भारत को गति देने के लिए, आज देश का कनेक्टिविटी पर बहुत अधिक फोकस है। वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और बुलेट ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट, भारत की इसी प्राथमिकता को दर्शाते हैं। आज वड़ोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के एक बड़े हिस्से का उद्घाटन हो गया है। ये देश के दो बड़े इंडस्ट्रियल और ट्रेड सेंटर्स को और बेहतर कनेक्टिविटी देगा।

साथियों,

हमारा प्रयास सबको जोड़ने का है, सबको समान अवसर और सुविधा देने का है। दूर-सूदूर के इलाके, आदिवासी क्षेत्र, जिन तक सुविधाएं नहीं पहुंचीं, उन तक आज आधुनिक कनेक्टिविटी पहुंच रही है। दाहोद-बोडेली-वापी कॉरिडोर, इसी संकल्प का प्रतिबिंब है। आप सोचिए, नर्मदा और तापी जिलों के आदिवासी क्षेत्रों तक फोर-लेन की सुविधा पहुंच रही है। इससे यात्रा का समय बहुत कम होगा, किराया भाड़ा कम होगा, यानी आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को, पढ़ाई, दवाई और कमाई की बेहतरीन सुविधा मिलेगी।

साथियों,

इस कॉरिडोर से, छोटा उदयपुर, नर्मदा, भरूच और तापी जिलों के आदिवासी क्षेत्रों के, ये इंडस्ट्रियल बेल्ट से जुड़ जाएंगे। इससे, दक्षिण गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में टूरिज्म को भी बल मिलेगा। Statue of Unity, सापुतारा और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा।

साथियों,

आज यहां सूरत में एक आधुनिक ESIC अस्पताल का भी लोकार्पण हुआ है। ये अस्पताल हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों और उनके परिवारों के लिए, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र बनेगा। दूसरे राज्यों से जो साथी यहां रहने आए हैं, रोजगार करने आए हैं, उन्हें भी इस अस्पताल से बहुत मदद मिलने वाली है।

साथियों,

हमारी सरकार, देश के विकास को सर्वोपरि रखते हुए काम कर रही है। और इसलिए, देश का भरोसा भाजपा पर है, भाजपा के विकास कार्यों पर है। इसलिए देश की जनता बार-बार भाजपा को जनादेश दे रही है। हाल में ही हुए, बंगाल के चुनाव, आपको लगता होगा कि मैं बंगाल बोल दिया, एकदम से यहां ऊर्जा आ गई, लेकिन मेरा अनुभव था, मैं पिछले दिनों 5 देशों की यात्रा पर था, वहां भी बंगाल-बंगाल चल रहा था, हर कोई बंगाल की चर्चा करता था। चुनाव बंगाल के, असम और पुडुचेरी के चुनावों में, भाजपा को, NDA को बहुत बड़ा जनादेश मिला है। इसके अलावा जो पंचायतों और कॉर्पोरेशन के भी चुनाव देशभर में हो रहे हैं, वहां भी बीजेपी को विजय मिल रही है।

साथियों,

ऐसे हर चुनाव का एक ही मैसेज है, देश अराजकता, अनिश्चितता और निराशा को पसंद नहीं करता। कांग्रेस, बीते 12 वर्षों से अराजकता और अनिश्चितता फैलाकर अपने लिए अवसर खोज रही है, लेकिन देश की जनता, उसे बार बार करारा जवाब दे रही है। गुजरात के आप लोगों ने तो कांग्रेस को हाशिए पर धकेल दिया है, लेकिन जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां भी जनता कांग्रेस के कुशासन से तंग आ गई हैं। अभी-अभी हिमाचल में भी स्थानीय निकाय के चुनाव हुए, कांग्रेस की सरकार है, वहां कांग्रेस बुरी तरह से हार गई। हिमाचल की जनता ने, कांग्रेस के कुशासन को नकार दिया है। इससे पहले, हरियाणा के निकाय चुनावों में कांग्रेस को हार मिली, और पंजाब के लोगों ने भी कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दे दिया है। संदेश ये है कि, कांग्रेस की परजीवी पॉलिटिक्स नहीं चलेगी, कांग्रेस की अराजकता में अवसर ढूंढने की राजनीति नहीं चलेगी। कर्नाटका की जनता में भी कांग्रेस सरकार को लेकर के बहुत आक्रोश है। और यही कारण है, कि कर्नाटका में भी कांग्रेस को सीएम बदलना पड़ रहा है।

साथियों,

भारत, नकारात्मकता से कहीं आगे निकल चुका है। ये असीमित आशावाद वाला देश है। अद्भुत आकांक्षाओं से लैस देश है। भारत के नागरिक सपनों से भरे हुए हैं, संकल्पों से भरे हुए हैं। और संकल्प को सिद्धि में बदलने के लिए प्रतिबद्ध जनता जनार्दन है। और जब देश की जनशक्ति संकल्पित है, तो देश हर लक्ष्य पा सकता है। और यही, यही भारत की ताकत है। आइए, हम विकसित भारत के निर्माण को मिलकर, एक साथ मिलकर के गति दें, हम सपनों को संकल्प में बदलें, और संकल्प को सिद्धि में परिवर्तित करने के लिए अपने आप को झोंक दे दोस्तों। मैं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं। आप दो कदम चलेंगे, मैं तीन कदम चलने के लिए तैयार हूं। रूकना और थकना हमें मंजूर नहीं है। इसी आह्वान के साथ, एक बार फिर विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

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Prime Minister expresses grief over loss of lives due to boat capsizing in South 24 Parganas district of West Bengal
July 13, 2026
Prime Minister announces ex-gratia

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has expressed deep grief over the loss of lives due to the capsizing of a boat in the South 24 Parganas district of West Bengal.

The Prime Minister conveyed his thoughts to the bereaved families in this hour of grief and prayed for the speedy recovery of the injured.

The Prime Minister announced that an ex-gratia of Rs. 2 lakh from the Prime Minister’s National Relief Fund (PMNRF) would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000.

The Prime Minister’s Office posted on X;

“The loss of lives due to the capsizing of a boat in the South 24 Parganas district of West Bengal is deeply painful. My thoughts are with the bereaved families in this hour of grief. May the injured recover at the earliest.

An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM @narendramodi”