आज से भारत का विमानन क्षेत्र एक नई उड़ान भरने जा रहा है, सफ्रान की यह नई सुविधा भारत को एक वैश्विक एमआरओ केन्द्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी: प्रधानमंत्री
हाल के वर्षों में भारत का विमानन क्षेत्र अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है; आज भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू विमानन बाजारों में शामिल है: प्रधानमंत्री
हम बड़े सपने देख रहे हैं, बड़ा काम कर रहे हैं और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
भारत में निवेश करने वालों को हम सिर्फ निवेशक ही नहीं, बल्कि सह-निर्माता - एक विकसित राष्ट्र की ओर हमारी यात्रा में शामिल हितधारक - मानते हैं: प्रधानमंत्री

भारत के सिविल एविएशन मिनिस्टर के. राम मोहन नायडू जी, तेलंगाना के चीफ मिनिस्टर रेवंत रेड्डी जी, सफ्रान ग्रुप से जुड़े सभी महानुभाव, देवियों और सज्जनों !

मुझे समय की सीमा है, क्योंकि मुझे पार्लियामेंट पहुंचना है, राष्ट्रपति जी का कार्यक्रम है इसलिए मैं लंबी बात ना करते हुए, बहुत तेजी से कुछ बातें बता करके अपनी बात मैं पूरी करूंगा। आज से भारत का एविएशन सेक्टर एक नई उड़ान भरने जा रहा है। सफ्रान की ये नई फैसिलिटी भारत को एक Global MRO Hub के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। ये MRO फैसिलिटी हाईटेक एयरोस्पेस की दुनिया में युवाओं के लिए नए अवसर भी बनाएगी। मैं सभी, और मैं अभी 24 नवंबर को ही सफ्रान बोर्ड और मैनेजमेंट के लोगों से मिला हूं, पहले भी मेरी उनसे मुलाकातें हुई हैं, हर चर्चा में मुझे उनमें भारत को लेकर विश्वास और उम्मीद दिखाई दी है। मुझे उम्मीद है कि सफ्रान का भारत में इन्वेस्टमेंट आगे भी इसी गति से जारी रहेगा। आज इस फैसिलिटी के लिए मैं टीम सफ्रान को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आप भी जानते हैं पिछले कुछ वर्षों में भारत का एविएशन सेक्टर अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है। आज भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़े डोमेस्टिक एविएशन मार्केट में शामिल है। हमारा रॉबस्टिक मार्केट अब दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा मार्केट है। आज भारत के लोगों का एस्पिरेशंस एक नये आसमान पर हैं। ऐसे में भारत में ऐयर ट्रेवल की डिमांड लगातार बढ़ रही है। और इसलिए हमारे एयरलाइंस लगातार अपने एक्टिव फ्लीट को बढ़ा रही है। भारत की एयरलाइन कंपनियों ने 1500 से ज्यादा नए एयरक्राफ्ट का आर्डर दिया है।

साथियों,

भारत के एविएशन सेक्टर में तेज एक्सटेंशन के चलते Maintenance, Repair, and Overhaul (MRO) के सुविधाओं की ज़रूरत भी बढ़ रही है। हमारे 85 परसेंट MRO का काम देश के बाहर होता आ रहा है। इससे खर्च बढ़ता था, समय ज्यादा लगता था, और एयरक्राफ्ट लंबे समय तक ग्राउंडेड रहते थे। ये स्थिति भारत जैसे विशाल एविएशन मार्केट के लिए ठीक नहीं थी। इसलिए आज भारत सरकार देश के, दुनिया के एक बड़े MRO केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। अब पहली बार देश में एक ग्लोबल OEM Deep Level Servicing की सुविधा स्थापित कर रहा है।

साथियों,

सफ्रान की ग्लोबल ट्रेनिंग, नॉलेज ट्रांसफर और भारत के इंस्टीट्यूशंस के साथ साझेदारी, इससे देश में एक ऐसी वर्कफोर्स तैयार होगी, जो आने वाले वर्षों में पूरे MRO इकोसिस्टम को नई गति, नई दिशा देगी। इस फैसिलिटी से देश के दक्षिण भारत के नौजवानों के लिए रोजगार के अनेक अवसर बनेंगे। और हम सिर्फ एविएशन MRO तक सीमित नहीं रहना चाहते, हम शिपिंग से जुड़े MRO इकोसिस्टम पर भी बहुत बड़े स्केल पर काम कर रहे हैं।

साथियों,

हम हर सेक्टर में डिजाइनिंग इंडिया को भी बड़े पैमाने पर प्रमोट कर रहे हैं। मैं सफ्रान की टीम से आग्रह करूंगा कि आप भारत में एयरक्राफ्ट इंजन और कंपोनेंट डिजाइन की संभावनाओं को भी एक्सप्लोर करें। इसमें MSME’s का, हमारा बहुत बड़ा नेटवर्क और हमारा युवा टैलेंट पूल आपको बहुत मदद करेगा। सफ्रान एयर स्पेस प्रोपल्शन सिस्टम पर, बड़े स्तर पर काम करता है। मैं चाहूंगा कि आप प्रोपल्शन डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी भारत के टैलेंट को, और अवसरों का उपयोग करें।

Friends,

आज का भारत सिर्फ बड़े सपने नहीं देख रहा, भारत बड़े फैसले ले रहा है, और उनसे भी बड़ी उपलब्धि हासिल कर रहा है। We are dreaming big, doing bigger and delivering best. और भारत का बहुत जोर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर है।

साथियों,

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और ग्लोबल इंडस्ट्रीज को आकर्षित करने के लिए हमने स्वतंत्र भारत के कुछ सबसे बड़े रिफॉर्म्स किए हैं। पहला हमने अर्थव्यवस्था के दरवाजे खोले, दूसरा हमने अपने फंडामेंटल्स को और मजबूत किया, तीसरा हमने बिजनेस को आसान बनाया।

साथियों,

आज अधिकांश सेक्टर में 100 परसेंट FDI Automatic Routes से संभव है। डिफेंस जैसे सेक्टर जहां पहले प्राइवेट सेक्टर को जगह नहीं थी, वहां भी 74 परसेंट FDI Automatic Routes से खोल दिया गया है। स्पेस सेक्टर में भी बड़ी अप्रोच अपनाई गई है। और इन कदमों ने दुनिया को साफ संदेश दिया है, India welcomes investments, India welcomes innovation, Production Links Incentive schemes ने Global Manufacturers को मेक इन इंडिया की ओर आकर्षित किया है। बीते 11 साल में 40,000 से अधिक कंपनी कंप्लेंसेस हमने कम किए हैं। भारत ने बिजनेस से जुड़े सैकड़ों प्रावधानों को decriminalised किया है। नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम ने अनेकों एप्रुवल्स को एक ही प्लेटफार्म पर ला दिया है। जीएसटी रिफॉर्म्स, faceless assessment नए लेबर कोड्स और IBC, इन सबने गवर्नेंस को पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी बनाया, इन्हीं प्रयासों की वजह से आज भारत को एक Trusted Partner, एक मेजर मार्केट और एक राइजिंग मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देखा जा सकता है।

साथियों,

भारत के पास तेज ग्रोथ है, स्थिर सरकार है, रिफॉर्म से जुड़ा माइंडसेट है, बहुत बड़ा यंग टैलेंट पूल है, एक विशाल डॉमेस्टिक मार्केट है, और सबसे खास बात भारत में निवेश करने वालों के लिए, उनके लिए हम सिर्फ इन्वेस्टर नहीं, बल्कि को-क्रिएटर मानते हैं। हम उन्हें विकसित भारत के जर्नी के स्टेकहोल्डर मानते हैं। इसलिए मैं सभी इन्वेस्टर से कहूंगा India is proving by betting on India is the smartest business decision of this decade. एक बार फिर आप सभी को इस आधुनिक MRO फैसिलिटी के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरी समय की सीमा है, मैं आपकी इजाजत लेता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद !

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प्रधानमंत्री 5 जून को सूरत और दमन के दौरे पर जाएंगे
June 04, 2026
प्रधानमंत्री सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री 8-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के प्रमुख पैकेज राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री एनएच-56 के महत्वपूर्ण खंडों को चार-लेन बनाने की आधारशिला रखेंगे; यह परियोजना जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाएगी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच को सुगम बनाएगी
प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री दमन में नमो हवाई अड्डा का नया टर्मिनल भवन राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए 885 करोड़ रुपये की बंदरगाह परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 5 जून, 2026 को गुजरात और दमन का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2:30 बजे, सूरत जिले के हजीरा में चल रहे औद्योगिक कार्यों और अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री शाम लगभग 4:15 बजे, सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री दमन के लिए रवाना होंगे, जहां शाम लगभग 6:15 बजे वे दमन स्थित नामो हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दमन में स्थित नामो अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। फिर सायं लगभग 7:15 बजे प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, समर्पण और शिलान्यास करेंगे। वे लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

सूरत में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री सूरत में सड़क, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों में फैली 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच उच्च गति परिवहन, लॉजिस्टिक्‍स दक्षता और आर्थिक संपर्क में सुधार होगा। प्रधानमंत्री प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें जनजातीय क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए राष्‍ट्रीय राजमार्ग-56 के महत्वपूर्ण खंडों को चार लेन का बनाना शामिल है।

प्रधानमंत्री सूरत में 200 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो प्रमुख स्‍पेशियलिटिज में आधुनिक माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। साथ ही, यह एक केंद्रीय प्रयोगशाला और आवश्यक सहायक सेवाओं से भी सुसज्जित होगा। इसमें व्यावसायिक चोटों और चिकित्सा आपात स्थितियों के समय पर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए 24/7 आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल की सुविधा भी है। प्रधानमंत्री अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली के तहत बिजली निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए गुजरात में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार सहित महत्वपूर्ण उपयोगिता केन्‍द्रों और औद्योगिक अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री गुजरात सरकार की कई महत्वपूर्ण पहलों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें वलसाड में संशोधित सुधार-आधारित वितरण सेक्‍टर स्‍कीम के तहत आधुनिक बिजली वितरण उन्नयन, दहेज पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (पीसीपीआईआर) और सारिगाम गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) में उन्नत अपशिष्ट निपटान और उपचार अवसंरचना एवं जंबूसर बल्क ड्रग पार्क में आवश्यक लेआउट उपयोगिता केन्‍द्र शामिल हैं।

दमन में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे। ये परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवा, नागरिक उड्डयन, पर्यटन, अवसंरचना, कनेक्टिविटी और जन कल्याण सहित विभिन्न सेक्‍टरों से संबंधित हैं। इनसे दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेशों के समग्र विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री दमन में लगभग 1,340 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें नामो हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन और नामो अस्पताल शामिल हैं। नया हवाई अड्डा टर्मिनल क्षेत्रीय हवाई संपर्क को अत्‍यधिक सुदृढ़ करेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा। दमन जिले का जिला अस्पताल नामो अस्पताल प्रतिदिन लगभग 1,500 ओपीडी रोगियों की देखभाल के लिए विकसित किया गया है। इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

प्रधानमंत्री लगभग 1,630 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रमुख परियोजनाओं में आइकॉनिक ब्रिज, दमन कन्वेंशन सेंटर और दमन स्थित एनआईएफटी परिसर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

प्रधानमंत्री लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं में कलपेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय घाटों के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों के लिए साल भर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित एवं कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी। साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ आपूर्ति और नाव मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहल समुद्री कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।