वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई
स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत एकीकृत पर्यटक पास प्रणाली का शुभारंभ किया
"जब काशी के नागरिकों के काम की प्रशंसा होती है तो मैं गर्वान्वित अनुभव करता हूं "
"जब काशी समृद्ध होती है तो यूपी समृद्ध होता है और जब यूपी समृद्ध होता है तो देश समृद्ध होता है"
"काशी सहित पूरा देश विकसित भारत के संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है"
"मोदी की गारंटी की गाड़ी सुपरहिट है क्योंकि सरकार नागरिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, न कि नागरिक सरकार तक"
"इस साल बनास डेयरी ने उत्तर प्रदेश के किसानों को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक को भुगतान किया है"
"पूर्वाचल का ये पूरा क्षेत्र दशकों से उपेक्षित रहा है लेकिन महादेव के आशीर्वाद से अब मोदी आपकी सेवा में लीन हैं"

नम: पार्वती पतये… हर हर महादेव!

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जी, उप मुख्यमंत्री श्रीमान केशव प्रसाद मौर्य, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और बनास डेयरी के चेयरमैन और आज विशेष रूप से किसानों को भेंट, सौगात देने के लिए आए हुए श्रीमान शंकर भाई चौधरी, राज्य के मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायकगण, अन्य महानुभाव, औऱ बनारस के मेरे परिवारजनों।

बाबा शिव के पावन धरती पर आप सब काशी के लोगन के हमार प्रणाम बा।

मेरी काशी के लोगों के इस जोश ने, सर्दी के इस मौसम में भी गर्मी बढ़ा दी है। का कहल जाला बनारस में ...जिया रजा बनारस !!! अच्छा, शुरुआत में हम्मे एक ठे शिकायत ह… काशी के लोगन से। कहीं हम आपन शिकायत ? ए साल हम देव दीपावली पर इहां ना रहली, और ऐदा पारी देव दीपावली पर, काशी के लोग सब मिलकर रिकॉर्ड तोड़ देहलन।

 

आप सब सोच रहे होंगे कि जब सब अच्छा हुआ तो मैं शिकायत क्यों कर रहा हूं। मैं शिकायत इसलिए कर रहा हूं क्योंकि दो साल पहले जब मैं देव दीपावली पर यहां आया था तो आपने उस समय के रिक़ॉर्ड को भी तोड़ दिया। अब घर का सदस्य होने के नाते मैं तो शिकायत करूंगा ही, क्योंकि आपकी ये मेहनत देखने के लिए मैं इस बार यहां था नहीं। इस बार जो लोग देव दीपावली के अद्भुत दृष्य को देखकर आए...विदेश के मेहमान भी आए थे, उन्होंने दिल्ली में मुझे पूरा हाल बताया था। जी-20 में आए मेहमान हों या बनारस आने वाला कोई भी अतिथि...जब वो बनारस के लोगों की प्रशंसा करते हैं, तो मेरा भी माथा ऊंचा हो जाता है। काशीवासियों ने जो काम कर दिखाया है, जब दुनिया उसका गौरवगान करती है, तो सबसे ज्यादा खुशी मुझे होती है। महादेव की काशी की मैं जितनी भी सेवा कर पाउं...वो मुझे कम ही लगता है।

मेरे परिवारजनों,

जब काशी का विकास होता है, तो यूपी का विकास होता है। और जब यूपी का विकास होता है, तो देश का विकास होता है। इसी भाव के साथ आज भी यहां करीब 20 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। बनारस के गांवों में पीने के पानी की सप्लाई हो, BHU ट्रॉमा सेंटर में क्रिटिकल केयर यूनिट हो, सड़क, बिजली, गंगा घाट, रेलवे, एयरपोर्ट, सौर ऊर्जा और पेट्रोलियम जैसे अनेक क्षेत्रों से जुड़े प्रोजेक्ट हों...ये इस क्षेत्र के विकास की गति को और तेज करेंगे। कल शाम ही मुझे काशी-कन्याकुमारी तमिल संगमम ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाने का अवसर मिला था। आज वाराणसी से दिल्ली के लिए एक और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरु हुई है। आज से मऊ-दोहरीघाट ट्रेन भी शुरू हो रही है। ये लाइन चालू हो जाने से दोहरीघाट के साथ ही बड़हलगंज, हाटा, गोला- गगहा तक सभी लोगों को फायदा होने वाला है। इन सभी विकास कार्यों के लिए मैं आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

मेरे परिवारजनों,

आज काशी समेत सारा देश विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। विकसित भारत संकल्प यात्रा हजारों गांवों, हज़ारों शहरों में पहुंच चुकी है। करोड़ों लोग इस यात्रा से जुड़ रहे हैं। यहां काशी में मुझे भी विकसित भारत संकल्प यात्रा का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। इस यात्रा में जो गाड़ी चल रही है- उसको देशवासी मोदी की गारंटी वाली गाड़ी बुला रहे हैं। आप सब लोग मोदी क गारंटी जाने ला.. ना ? हमारा प्रयास है कि भारत सरकार ने गरीब कल्याण की, जन-कल्याण की जो भी योजनाएं बनाई हैं, उनसे कोई भी लाभार्थी वंचित न रहे। पहले गरीब, सरकार के पास सुविधाओं के लिए चक्कर लगाता था। अब मोदी ने कह दिया है कि सरकार खुद चलकर गरीबों के पास जाएगी। और इसलिए, मोदी की गारंटी वाली गाड़ी, एकदम सुपरहिट हो गई है। काशी में भी हज़ारों नए लाभार्थी सरकारी योजनाओं से जुड़े हैं, जो पहले वंचित थे। किसी को आयुष्मान कार्ड मिला है, किसी को मुफ्त राशन वाला कार्ड मिला है, किसी को पक्के आवास की गारंटी मिली है, किसी को नल से जल का कनेक्शन मिला है, किसी को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है, हमारी कोशिश है कि कोई भी लाभार्थी वंचित ना रहे, सबको उसका हक मिले। और इस अभियान से सबसे बड़ी चीज जो लोगों को मिली है...वो है विश्वास। जिन्हें योजनाओं का लाभ मिला है, उन्हें ये विश्वास मिला है कि उनका जीवन अब और बेहतर होगा। जो वंचित थे, उन्हें ये विश्वास मिला है कि एक ना एक दिन उन्हें भी जरूर योजनाओं का लाभ मिलेगा। इस विश्वास ने, देश के इस विश्वास को भी बढ़ाया है कि साल 2047 तक भारत विकसित होकर रहेगा।

और नागरिकों को तो लाभ जो होता है, होता है, मुझे भी लाभ होता है। मैं 2 दिन से ये संकल्प यात्रा में जा रहा हूं और मेरा जो नागरिकों से मिलना होता है, कल मैं जहां पर गया स्कूल के बच्चों से मिलने का मौका मिला, क्या आत्मविश्वास था, कितनी बढ़िया कविताएं बोल रही थी बच्चियां, पूरा विज्ञान समझा रही थी और इतने बढ़िया तरीके से आंगनबाडी के बच्चे गीत गाकर के स्वागत कर रहे थे। मुझे इतना सुख मिलता था देखकर के और आज अभी यहीं एक बहन हमारी चंदा देवी का मैंने भाषण सुना, इतना बढ़िया भाषण था, यानि मैं कहता हूं बड़े-बड़े लोग भी ऐसा भाषण नहीं कर सकते। सारी चीजें इतनी बारिक से वो बता रही थी और मैंने कुछ सवाल पूछे, उन सवालों का जवाब भी और वो हमारी लखपति दीदी है। और जब मैंने उनको कहा आप लखपति दीदी बन गई तो उसने कहा कि साहब ये तो मुझे बोलने का मौका मिला है, लेकिन हमारे समूह में तो और भी 3-4 बहनें लखपति हो चुकी हैं। और सबको लखपति बनाने का संकल्प किया है। यानि इस संकल्प यात्रा से मुझे और मेरे सभी साथियों को समाज के भीतर कैसी शक्ति पड़ी हुई है, एक से एक बढ़कर सामर्थ्यवान हमारी माताएं, बहनें, बेटियां, बच्चे कितने सामर्थ्य से भरे हुए हैं, खेल-कूद में कितने होशियार हैं, ज्ञान की स्पर्धाओं में कितने तेज हैं। ये सारी बातें खुद ही देखने की, समझने की, जानने की, अनुभव करने की, ये सबसे बड़ा अवसर मुझे संकल्प यात्रा ने दिया है। और इसलिए सर्वाजनिक जीवन में काम करने वाले हर एक को मैं कहता हूं, ये विकसित भारत संकल्प यात्रा, ये हम जैसे लोगों के लिए एजुकेशन की चलती-फिरती यूनिवर्सिटी है। हमें सीखने को मिलता है, मैं 2 दिन में इतना सीखा हूं, इतनी चीजें समझा हूं, आज तो मेरा जीवन धन्य हो गया है।

मेरे परिवारजनों,

कहल जाला: काशी कबहु ना छाड़िए, विश्वनाथ दरबार। हमारी सरकार काशी में रिहाइश आसान बनाने के साथ ही काशी को जोड़ने के लिए भी उतनी ही मेहनत कर रही है। यहां गांव हों या फिर शहरी क्षेत्र, कनेक्टिविटी की बेहतरीन सुविधाएं बन रही हैं। आज जिन प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण यहां हुआ है, इससे काशी के विकास को और गति मिलेगी। इनमें यहां आसपास के गांवों को जोड़ने वाली अनेक सड़कें भी हैं। शिवपुर-फुलवरिया-लहरतारा मार्ग और रोड-ओवरब्रिज के निर्माण से समय और ईंधन, दोनों की बचत होगी। इस परियोजना से शहर के दक्षिणी हिस्से से बाबतपुर एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को भी बहुत मदद मिलेगी।

मेरे परिवारजनों,

आधुनिक कनेक्टिविटी और सुंदरीकरण से क्या बदलाव आता है, ये हम काशी में देख रहे हैं। आस्था और आध्यात्म के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काशी का गौरव दिन-प्रतिदिन बुलंद होता जा रहा है। यहां पर्यटन का भी लगातार विस्तार हो रहा है और पर्यटन से काशी में रोजगार के हज़ारों नए अवसर भी बन रहे हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम का भव्य स्वरूप सामने आने के बाद से, अब तक 13 करोड़ लोग बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। बनारस आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। और जब पर्यटक आता है ना तो कुछ ना कुछ देकर के जाता है। हर पर्यटक 100 रूपया, 200 रूपया, 500 रूपया, हजार, पांच हजार जिसकी जितनी ताकत, वो काशी में खर्च करता है। वो पैसा आप ही के जेब में जाता है। आपको याद होगा, लाल किले से मैंने कहा था कि हमें पहले अपने देश में कम से कम 15 शहरों में घूमना चाहिए, 15 जगह पर जाना चाहिए और फिर कहीं और के बारे में सोचना चाहिए। मुझे अच्छा लगा कि जो लोग पहले सिंगापुर या दुबई जाने की सोचते थे, वो अब अपना देश देखने के लिए जा रहे हैं, बच्चों को कह रहे हैं, भई जाओ अपना देश देखकर के आओ। जो पैसा वो विदेश में खर्च करते थे, वो अब अपने ही देश में खर्च हो रहा है।

और भाइयों और बहनों,

जब पर्यटन बढ़ता है, तो हर कोई कमाता है। बनारस में भी टूरिस्ट आ रहे हैं तो होटल व्यवसाई कमा रहे हैं। बनारस में आने वाला हर टूरिस्ट, यहां के टूर-टैक्सी ऑपरेटर को, हमारे नाविकों को, हमारे रिक्शा वालों को कोई न कोई कमाई करा देता है। यहां टूरिज्म बढ़ने से छोटे-बड़े सभी दुकानदारों को जबरदस्त फायदा मिला है। अच्छा एक बात बतावा, एक बात बतावा, गदौलिया से लंका तक टूरिस्टन का संख्या बढ़ल हौ की नाहीं ?

साथियों,

काशी के लोगों की आय बढ़ाने के लिए, यहां पर पर्यटकों को अधिक सुविधाएं देने के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। आज वाराणसी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत यूनीफाइड टूरिस्ट पास सिस्टम- काशी दर्शन का भी शुभारंभ किया गया है। इससे अब यहां अलग-अलग जगहों में जाने के लिए पर्यटकों को अलग-अलग टिकट लेने की ज़रूरत नहीं होगी। एक पास से ही हर जगह एंट्री संभव हो पाएगी।

साथियों,

काशी में कहां क्या देखना है, काशी में खाने-पीने की मशहूर जगहें कौन सी है, यहां मनोरंजन और ऐतिहासिक महत्व की जगह कौन सी है, ऐसी हर जानकारी, देश और दुनिया को देने के लिए वाराणसी की टूरिस्ट वेबसाइट - काशी को भी लॉन्च किया गया है। अब जे बाहर से आवैला..ओके थोड़ी पता ह...कि ई मलइयो के मौसम हौ। जाड़ा के धूप में, चूड़ा मटर क आनंद...कोई बहरी कइसे जान पाई ? गोदौलिया क चाट होए या रामनगर क लस्सी, ई सब जानकारी... अब काशी वेबसाइट पर मिल जाई।

साथियों,

आज गंगाजी पर अनेक घाटों के नवीनीकरण का काम भी शुरु हुआ है। आधुनिक बस शेल्टर हों या फिर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन में बन रही आधुनिक सुविधाएं, इससे वाराणसी आने वालों का अनुभव और बेहतर होगा।

मेरे परिवारजनों,

आज काशी सहित, देश की रेल कनेक्टिविटी के लिए भी बहुत बड़ा दिन है। आप जानते हैं कि देश में रेलवे की गति बढ़ाने के लिए बहुत बड़ा अभियान चल रहा है। मालगाड़ियों के लिए ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर बन जाने से रेलवे की तस्वीर ही बदल जाएगी। इसी कड़ी में आज पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और न्यू भाऊपुर जंक्शन के बीच के खंड का लोकार्पण हुआ है। इससे पूर्वी भारत से यूपी के लिए कोयला और दूसरा कच्चा माल आना और आसान हो जाएगा। इससे काशी क्षेत्र के उद्योगों में बने सामान को, किसानों की उपज को, पूर्वी भारत और विदेशों में भेजने में भी बहुत मदद मिलेगी।

साथियों,

आज बनारस रेल इंजन कारख़ाने में निर्मित, 10 हज़ारवें इंजन का भी संचालन हुआ है। ये मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सशक्त करता है। यूपी के अलग-अलग हिस्सों में औद्योगीकरण को बल मिले, इसके लिए सस्ती और पर्याप्त बिजली और गैस, दोनों की उपलब्धता ज़रूरी है। मुझे खुशी है कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यूपी, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेज़ गति से प्रगति कर रहा है। चित्रकूट में 800 मेगावॉट क्षमता का सौर ऊर्जा पार्क, यूपी में पर्याप्त बिजली देने की हमारी प्रतिबद्धता को सशक्त करेगा। इससे रोजगार के भी अनेक अवसर बनेंगे और आस-पास के गांवों के विकास को भी गति मिलेगी। और सौर ऊर्जा के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में पेट्रोलियम से जुड़ा सशक्त नेटवर्क भी बनाया जा रहा है। देवरिया और मिर्जापुर में, जो ये सुविधाएं बन रही हैं, इससे पेट्रोल-डीज़ल, बायो-सीएनजी, इथेनॉल की प्रोसेसिंग में भी मदद मिलेगी।

मेरे परिवारजनों,

विकसित भारत के लिए देश की नारीशक्ति, युवा शक्ति, किसान और हर गरीब का विकास होना बहुत जरुरी है। मेरे लिए तो यही चार जातियां ही सबसे बड़ी जातियां हैं। ये चार जातियां सशक्त हो गईं, तो पूरा देश सशक्त हो जाएगा। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से, देश के हर किसान के बैंक खाते में अब तक 30 हजार रुपए जमा कराए जा चुके हैं। जिन छोटे किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड नहीं था, उन्हें भी ये सुविधा दी जा रही है। हमारी सरकार प्राकृतिक खेती पर बल देने के साथ ही किसानों के लिए आधुनिक व्यवस्था भी बना रही है। अभी जो विकसित भारत संकल्प यात्रा चल रही है, उसमें सभी किसान ड्रोन को देखकर बहुत उत्साहित हो रहे हैं। ये ड्रोन, हमारी कृषि व्यवस्था का भविष्य गढ़ने वाला है। इससे दवा हो, फर्टिलाइज़र हो, इनका छिड़काव औऱ आसान हो जाएगा। इसके लिए सरकार ने नमो ड्रोन दीदी अभियान भी शुरू किया है, गांव में लोग उसको नमो दीदी बोलते हैं। इस अभियान के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। वो दिन दूर नहीं जब काशी की बहन-बेटियां भी ड्रोन की दुनिया में धूम मचाने वाली हैं।

साथियों,

आप सभी के प्रयासों से बनारस में आधुनिक बनास डेयरी प्लांट, जिसको अमूल भी कहते है का निर्माण बहुत तेजी से चल रहा है और मुझे शंकर भाई बता रहे थे एक-आध महीने में काम शायद पूरा भी हो जाएगा। बनारस में बनास डेयरी 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश कर रही है। ये डेयरी यहां गौ-संवर्धन का भी अभियान चला रही है ताकि दूध का उत्पादन और बढ़े। बनास डेयरी, किसानन बदे वरदान साबित भईल हौ लखनऊ और कानपुर में बनास डेयरी के प्लांट पहले से चल रहे हैं। इस साल बनास डेयरी ने यूपी के 4 हजार से ज्यादा गांवों के किसानों को एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है। यहां इस कार्यक्रम में और एक बड़ा काम हुआ। लाभांश के तौर पर बनास डेयरी ने, आज यूपी के डेयरी किसानों के बैंक खातों में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा कराए हैं। मैं ये लाभ पाने वाले सभी किसानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

मेरे परिवारजनों,

विकास की ये अमृतधारा जो काशी में बह रही है वो इस पूरे क्षेत्र को नई ऊंचाई पर ले जाएगी। दशकों से पूर्वांचल का ये पूरा इलाका बहुत उपेक्षित रहा है। लेकिन महादेव के आशीर्वाद से अब मोदी आपकी सेवा में जुटा है। अब से कुछ महीने बाद ही देश भर में चुनाव हैं। और मोदी ने देश को गारंटी दी है कि वो अपनी तीसरी पारी में भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाऐंगे। ये गारंटी अगर आज मैं देश को दे रहा हूं, तो इसका कारण आप सभी हैं, काशी के मेरे स्वजन हैं। आप हमेशा मेरे साथ खड़े रहते हैं, मेरे संकल्पों को सशक्त करते हैं।

आइए- एक बार दुनौ हाथ उठाकर फिर से बोला। नम: पार्वती पतये....हर हर महादेव।

बहुत-बहुत बधाई।

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बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब बनेगी: असम के सिलचर में पीएम मोदी
March 14, 2026
Today, North-East India is the center of India’s Act East Policy; It is becoming a bridge that connects India with South-East Asia: PM
बराक वैली के किसानों और चाय बागान श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है; डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है: प्रधानमंत्री
हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं; कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था, इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!