"वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रमुख भागीदारों में से एक के रूप में भारत को स्थापित करना, हमारा सामूहिक उद्देश्य है"
"हम डिजिटल तकनीक का उपयोग स्वास्थ्य और कल्याण से लेकर समावेश और सशक्तिकरण तक, शासन के सभी क्षेत्रों में जीवन को बदलने के लिए कर रहे हैं"
"भारत अगली प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व करने का मार्ग प्रशस्त कर रहा है"
"भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ मजबूत आर्थिक विकास की ओर आगे बढ़ रहा है"
"भारत ने व्यवसाय में सुगमता को और आसान बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं"
"हमारे पास सेमीकंडक्टर डिजाइन के लिए असाधारण प्रतिभाएं हैं, जो दुनिया के सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियरों के 20 प्रतिशत के बराबर हैं"
"भारत की सेमीकंडक्टर की अपनी खपत 2026 तक 80 बिलियन डॉलर और 2030 तक 110 बिलियन डॉलर पार कर जाने की उम्मीद है"
"ऐसे समय में जब मानवता सदी में एक बार आने वाली महामारी का मुकाबला कर रही थी, भारत न केवल अपने लोगों के स्वास्थ्य में सुधार कर रहा था, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था की स्थिति को भी बेहतर बना रहा था"
"जब उद्योग जगत कड़ी मेहनत करता है, सरकार को और भी कड़ी मेहनत करनी चाहिए"
"भारत में तकनीक प्राप्ति और जोखिम लेने की अदम्य इच्छा है"
“हमने एक सहायक नीति वातावरण के माध्यम से जहां तक संभव हो सका है, सभी बातों को आपके पक्ष में किया है; हमने दिखाया है कि भारत अपने कार्य, अपने कारोबार के प्रति गंभीर है”

नमस्कार!

नमस्कार बेंगलुरु!

नमस्कार सेमीकॉन इंडिया!

मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर उद्योग के सभी प्रमुख; निवेशक; शिक्षाविद, राजनयिक कोर के सदस्यगण, और साथियों,

आज सेमी-कॉन इंडिया सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर आप सभी का स्वागत करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। मुझे इस बात की खुशी है कि ऐसा सम्मेलन भारत में हो रहा है। सेमीकंडक्टर आज दुनिया में हमारी कल्पना से कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भारत को सेमीकंडक्टर की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करना हमारा सामूहिक लक्ष्य है। हम उच्च तकनीक, उच्च गुणवत्ता और उच्च विश्वसनीयता के सिद्धांत के आधार पर इस दिशा में काम करना चाहते हैं।

साथियों

मुझे भारत के सेमीकंडक्टर से जुड़ी प्रौद्योगिकियों में निवेश का एक आकर्षक गंतव्य होने के छह कारण दिखाई देते हैं।

पहला, हम 1.3 बिलियन से अधिक भारतीयों को आपस में जोड़ने के लिए डिजिटल अवसंरचना का निर्माण कर रहे हैं। आप सभी ने भारत के वित्तीय समावेशन, बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान से जुड़ी क्रांति के बारे में सुना होगा। यूपीआई आज दुनिया की सबसे कुशल भुगतान अवसंरचना है। हम स्वास्थ्य एवं कल्याण से लेकर समावेशन एवं सशक्तिकरण समेत शासन संचालन के सभी क्षेत्रों में बदलाव लाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं। हम प्रति व्यक्ति डेटा के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक हैं। हम इस दिशा में आगे बढ़ते ही जा रहे हैं।

दूसरा, हम भारत द्वारा अगली प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व किए जाने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। हम छह लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने की राह पर अग्रसर हैं। हम 5जी, आईओटी और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्षमता विकसित करने के लिए निवेश कर रहे हैं। हम डेटा, एआई और अन्य प्रौद्योगिकी के मामले में नवाचार की अगली लहर पैदा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

तीसरा, भारत एक सुदृढ़ आर्थिक विकास की ओर अग्रसर है। हमारे पास दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ स्टार्टअप इकोसिस्टम है। हर कुछ हफ्तों के अंतराल पर नए यूनिकॉर्न सामने आ रहे हैं। सेमीकंडक्टर के मामले में भारत की अपनी खपत 2026 तक 80 बिलियन डॉलर और 2030 तक 110 बिलियन डॉलर को पार कर जाने की उम्मीद है।

चौथा, हमने भारत में व्यापार करना और अधिक आसान बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। पिछले साल, हमने 25,000 से अधिक अनुपालनों को समाप्त कर दिया और लाइसेंसों के स्वतः-नवीनीकरण पर जोर दिया। इसी तरह, डिजिटलीकरण की प्रक्रिया नियामक संबंधी ढांचे में भी तेजी और पारदर्शिता ला रही है। आज, हमारे पास दुनिया की सबसे अनुकूल कराधान संरचनाओं में से एक उपलब्ध है।

पांचवां, हम 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप युवा भारतीयों के कौशल निर्माण और प्रशिक्षण में भारी निवेश कर रहे हैं। हमारे पास सेमीकंडक्टर के डिजाइन से जुड़ी असाधारण प्रतिभाओं का विशाल भंडार उपलब्ध है, जो दुनिया के कुल सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियरों की संख्या का 20 प्रतिशत तक है। हमारे देश में लगभग सभी शीर्ष 25 सेमीकंडक्टर डिजाइन कंपनियों के डिजाइन या अनुसंधान एवं विकास के केंद्र मौजूद हैं।

और छठा, हमने भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को बदलने की दिशा में कई उपाय किए हैं। एक ऐसे समय में जब मानवता सदी में एक बार होने वाली महामारी से जूझ रही थी, भारत न सिर्फ अपने लोगों की सेहत, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था की सेहत में भी सुधार कर रहा था।

साथियों,

हमारी “उत्पादन आधारित प्रोत्साहन” योजनाएं 14 प्रमुख क्षेत्रों में 26 बिलियन डॉलर से अधिक के प्रोत्साहन की पेशकश करती हैं। अगले पांच वर्षों में, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में रिकॉर्ड वृद्धि होने की उम्मीद है। हाल ही में, हमने 10 बिलियन डॉलर से अधिक के कुल परिव्यय के साथ सेमी-कॉन इंडिया कार्यक्रम की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले मैन्यूफैक्चरिंग और डिजाइन इकोसिस्टम में निवेश करने वाली कंपनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। हमें मालूम है कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के फलने-फूलने के लिए, सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता सुनिश्चित करना जरूरी है। मुझे अपने दृष्टिकोण को सेमीकंडक्टर की भाषा में ही रखने की अनुमति दें। पहले के जमाने में उद्योग अपना काम करने को तैयार रहते थे, लेकिन सरकार की सोच “नॉट गेट” जैसी थी। जब कोई इनपुट “नॉट गेट” में प्रवाहित होता है, तो वह निष्क्रिय हो जाता है। इतने सारे अनावश्यक अनुपालन और ‘व्यापार करने में आसानी’ के लिए कोई पहल नहीं। लेकिन, हमें मालूम है कि सरकार की सोच “एंड गेट” जैसी होनी चाहिए। उद्योग जगत जहां कड़ी मेहनत करता है, वहीं सरकार को और भी अधिक कठिन मेहनत करनी चाहिए। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम भविष्य में भी उद्योग जगत का समर्थन करना जारी रखेंगे। हमने इस बात का ध्यान रखा है कि सेमी-कॉन इंडिया कार्यक्रम इकोसिस्टम के विभिन्न हिस्सों जैसे सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब, डिजाइन, असेंबली, टेस्ट, सेमीकंडक्टरों की मार्किंग एवं पैकेजिंग पर भी गौर करे।

साथियों,

एक नई विश्व व्यवस्था बन रही है और हमें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। हमने पिछले कुछ वर्षों में विकास को प्रोत्साहित करने वाला वातावरण बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है। भारत में तकनीक और जोखिम लेने की भूख है। हमने एक मददगार नीतिगत वातावरण के माध्यम से जहां तक संभव हुआ बाधाओं को आपके अनुकूल बनाया है। हमने यह दिखाया है कि भारत काम करने में विश्वास रखता है! अब, जिम्मेदारी आपके ऊपर है।

साथियों,

मुझे आप सभी की ओर से इस बात के लिए व्यावहारिक सुझावों की प्रतीक्षा रहेगी कि आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टरों के उत्पादन के मामले में हम भारत को दुनिया का एक प्रमुख केन्द्र बनाने की दिशा में कैसे आगे बढ़ें। इस सम्मेलन के माध्यम से हमारा लक्ष्य डोमेन विशेषज्ञों के साथ जुड़ना है। हम सभी हितधारकों से यह समझने का प्रयास करेंगे कि सेमीकंडक्टरों के एक जीवंत इकोसिस्टम के निर्माण के लिए और क्या किया जा सकता है। मुझे विश्वास है कि इस सम्मेलन में सार्थक विचार-विमर्श होगा जो भारत को एक नए भविष्य की ओर ले जाने में मददगार साबित होगा।

धन्यवाद।

आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

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पूर्वी भारत में विकास और समृद्धि का प्रवेश द्वार बनकर उभर रहा ओडिशा: पहाड़पुर में पीएम मोदी
June 20, 2026
I extend my heartfelt birthday greetings to President Smt. Droupadi Murmu Ji, I wish her long life and excellent health: PM
Pahadpur village will now be rapidly developed as a solar village, that is, solar power will be ensured in every home here: PM
The vision of the Central Government is the development of India through the development of Eastern India: PM
To uplift tribal society, we are connecting tribal youth with opportunities for education and employment: PM
These children should get better facilities for studies; for this, around 500 Eklavya Model Schools have been opened across the country: PM

जॉय जगन्नाथ! जॉय मां किचकेश्वरी! मोर सबू भाई,भौणी,मां,मौसी मानंकु मोर नमोस्कार।

माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, राज्यपाल श्री हरि बाबु जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी, उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव जी, प्रवती परीदा जी, ओडिशा के मंत्री गणेश सिंह खूंटिया जी, कृष्ण चंद्र महापात्र जी, सांसद नबा चरण माझी जी, मनमोहन सामल जी, बैजयंत पांडा जी, अन्य महानुभाव, भाइयों और बहनों।

हमारा ओडिशा इन दिनों उत्सवों के आनंद में डूबा हुआ है। यहाँ का गणपर्व रज, पिछले हफ्ते ही धूमधाम से मनाया गया है। महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की तैयारियां भी पुरजोश चल रही है। मयूरभंज के बारीपदा रथ यात्रा को लेकर भी उत्साह का माहौल है। और, इस सबके बीच ही लोकतन्त्र का विकास का उत्सव भी चल रहा है। ओडिशा की बीजेपी सरकार ने अपने 2 साल भी पूर्ण किए हैं। इस मौके पर, आप सबके बीच आना, मयूरभंज आने का ये सौभाग्य, और इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति, ये अवसर मेरे लिए बहुत खास है। आपका अपनापन मुझे बार-बार यहां खींच लाता है। मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूँ। और ओडिशा की जनता को डबल इंजन सरकार में विकास यात्रा की भी बधाई देता हूँ, शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, इस अवसर पर मैं पंडित रघुनाथ मुर्मू जी, डॉ. दमयंती बेश्रा जी, और श्री चरण हेम्ब्रम जी जैसी विभूतियों को भी नमन करता हूँ। रघुनाथ मुर्मू जी ने संथाली भाषा के लिए ओल चिकी लिपि का निर्माण किया था। हमारी सरकार ने संथाली भाषा में भारत के संविधान को प्रस्तुत किया है। ओडिशा की संतानों को पद्म सम्मान देकर सम्मानित किया है। पिछले 2 वर्षों में ओडिशा सरकार भी इन सभी विभूतियों के सपनों को पूरा करने में दिन रात पुरुषार्थ कर रही है।

साथियों,

आज का ये अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ीं, ओडिशा की बेटी, माननीय राष्ट्रपति जी हमारे बीच उपस्थित हैं। आज उनका जन्मदिन भी है। मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकमानाएं देता हूं, मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। जनगन्नाथ जी भगवान के श्री चरणों में प्रार्थना करता हूं। ओडिशा की बेटी आज देश के इतने बड़े पद पर पहुंची हैं, हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं, ये हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। राष्ट्रपति जी का व्यक्तित्व, उनका उदार और सहृदय स्वभाव, राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए उनका अटल समर्पण, उन्होंने मयूरभंज ही नहीं, पूरे ओडिशा की पहचान सशस्त की है। मैं इस अवसर पर, उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,

ये कार्यक्रम जब बना, तो इसमें मूल कारण तो लॉजिस्टिक था, लंबे अर्से से यहां आने के लिए चर्चा चल रही थी, लेकिन कोई तालमेल नहीं बैठता था। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस कोलकाता में तय हुआ, तो फिर मैंने कहा अच्छा है, आज बंग दिवस भी है, तो क्यों न मैं सुबह मयूरभंज होकर के शाम को फिर कोलकाता के कार्यक्रम में जाऊं। और इसके कारण ये 20 जून तय हुई। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिसकी मंगल कामनाएं ईश्वरआधीन होती हैं, और इसलिए आज एक शुभ मंगल हो गया, कि राष्ट्रपति का जन्मदिन भी, मुझे आज उनके गांव में जाकर के, उनको शुभकामनाएं देने का अवसर मिला।

साथियों,

आज मैं राष्ट्रपति जी के साथ पहाड़पुर भी गया था। मैं इस क्षेत्र के बच्चों के लिए उनके द्वारा बनवाए गए स्कूल भी गया। बच्चों के साथ कुछ यादगार समय बिताने का अवसर मुझे मिला। मैं देख रहा था, बच्चों के चेहरों की चमक, राष्ट्रपति जी की उपस्थिति और आत्मीयता, वहां मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगा, किसी बच्चे को ये लगा हो कि राष्ट्रपति जी आई हैं, हर बच्चे को लगता था उनकी मां आई है। वे बच्चे भी बहुत भाग्यवान हैं, कैसे इस क्षेत्र के गरीब, वंचित और आदिवसी समाज के बच्चों को प्रेरणा मिल रही है, उन्हें देश के लिए कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास मिल रहा है। मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूं कि उन्होंने इन अनुभवों से गुजरने का आज मुझे अवसर दिया। ये मेरा दिन, एक प्रकार से मेरी शिक्षा का दिवस था, कुछ सीखने का अवसर था मेरे लिए।

साथियों,

मैं आपको सरकार का ये निर्णय भी बताना चाहता हूं कि पहाड़पुर गांव को, अब तेजी से सुर्यग्राम, सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी यहां हर घर में सोलर बिजली बने, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। और हम तो बड़ा गर्व के साथ कह सकते हैं कि यही ओडिशा है, जहां कोणार्क में सुर्य मंदिर की एक पहचान है, वैसे ही पहाड़पुर सुर्यग्राम की पहचान बन जाएगा। सुर्यग्राम, से पूरा गांव सोलर विलेज के रूप में पहचाना जाए, इस दिशा में काम तुरंत शुरू हो ऐसा मेरा प्रयास रहेगा। इस अभियान से, पहाड़पुर के लोगों को मुफ्त सोलर बिजली भी मिलेगी और जो ज्यादा बिजली होगी, वो उनकी आय भी बढ़ाएगी।

साथियों,

ओडिशा में डबल इंजन सरकार के 2 साल कई मायनों में ऐतिहासिक रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी के नेतृत्व में, आज ओडिशा तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। आज यहां गरीब कल्याण की योजनाओं से सामान्य मानवी का जीवन बदल रहा है। ओडिशा में आर्थिक गतिविधियाँ निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने का सामर्थ्य आज नज़र आ रहा है। यहाँ रोजगार के नए अवसरों के लिए तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

केंद्र सरकार का विज़न है- पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास। इसीलिए, हम पूर्वोदय की नीति पर काम कर रहे हैं। जिस पूर्वी भारत को काँग्रेस के दौर में पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वो प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है। आज ओडिशा खुद इस बदलाव का साक्षी बन रहा है।

साथियों,

ओडिशा के पास समुद्र है, खनिज संपदा है, कृषि की शक्ति है और सबसे सामर्थ्यवान यहां युवा प्रतिभा है। इस सामर्थ्य का पूरा उपयोग करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं। इसीलिए, आज ओडिशा में रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। नई सड़कें और आर्थिक कॉरिडोर बन रहे हैं। पोर्ट्स का विस्तार हो रहा है। ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक उद्योगों में निवेश आ रहा है। आज भी यहां ओडिशा के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इन परियोजनाओं पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी इन परियोजनाओं से, आप सभी लोगों को बहुत सुविधा होने वाली है। मैं इन परियोजनाओं के लिए ओडिशा के लोगों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारी सरकार ओडिशा के संसाधनों को, ओडिशा की संभावनाओं में बदल रही है। ओडिशा में बड़ा निवेश आए, यहाँ नए उद्योग लगें, इसके लिए उत्कर्ष ओडिशा जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत, अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की अनेक मेगा परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बने, इसके लिए ओडिशा के समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। पावर सेक्टर में 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश हो रहा है। समृद्ध शहर योजना के तहत शहरी विकास को गति दी जा रही है। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों का परिणाम हमें देखने को मिलने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार की बड़ी विशेषता ये है कि वो खुद जनता तक पहुँचती है। हमारा प्रयास है कि सामान्य नागरिक को किसी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम लोगों की अपेक्षाएँ आज पूरी हो रही हैं। आप देखिए, धान खरीद में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल देने का निर्णय लिया गया। सुभद्रा योजना के माध्यम से एक करोड़ से अधिक माताओं और बहनों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। आयुष्मान भारत को लागू करके ओडिशा के परिवारों के लिए देशभर के अस्पतालों में इलाज का रास्ता खोला गया। आदिवासी विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए माधो सिंह हाथ-खर्चा योजना शुरू की गई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए श्रीमंदिर के श्रद्धालुओं के लिए सारे द्वार खोल दिए गए, चारों-चार द्वार खोल दिए गए। डबल इंजन की ताकत मिलने से आज यहां चारों दिशाओं में विकास सुनिश्चित हो रहा है।

साथियों,

यहां बीते दिनों स्वच्छता को लेकर जो विशेष अभियान चला है, उसकी भी मुझे जानकारी मिली है। और मैं देख रहा था सोशल मीडिया में तो सफाई अभियान छाया हुआ है, यानी स्वच्छता से स्वागत, मैं ओडिशा की इस पहल के लिए, यहां के नगारिको का, सरकार का, मुख्यमंत्री जी का, इस प्रशंसनीय पहल के लिए बहुत ही प्रशंसा करता हूं, संतोष व्यक्त करता हूं।

साथियों,

स्वच्छता हमारे जीवन शैली का हिस्सा होनी चाहिए, हर रोज की आदत होनी चाहिए। मैं यहां स्वच्छता अभियान से जुड़े सभी लोगों का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

मैंने अपने जीवन का कुछ महत्वपूर्ण कालखंड जनजातीय क्षेत्रों में एक वालंटियर के रूप में काम करते हुए बिताया है। माननीय राष्ट्रपति जी तो बरसों तक ऐसे क्षेत्रों में चुनौतियां का सामना करती रही हैं। आप और हम जानते हैं कि जनजातीय क्षेत्रों में जीवन की सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंचती थीं। इसलिए, हमारी सरकार ने जनजातीय विकास को बहुत प्राथमिकता दी है। हमने ऐसे इलाकों को सुविधाओं से जोड़ने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, आवास से जुड़े विभाग मिलकर के सर्वागीण विकास के लिए काम कर रहे हैं। ताकि वहां रहने वाले लोगों की कठिनाइयां दूर हो सकें। इसी तरह, पीएम जनमन अभियान तो राष्ट्रपति जी के साथ हुई चर्चाओं का, उनके मार्गदर्शन का ही परिणाम है। ये विशेष रूप से देश के ऐसे जनजातीय समूहों के लिए है, जो जनजातीय समुदाय में भी सबसे पीछे रह गए हैं। ऐसे जनजातीय समुदायों तक अब सरकार स्वयं चलकर उनके गांव, उनके दरवाजे तक पहुंच रही है।

साथियों,

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए हम आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए देश में करीब 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं। करीब साढ़े सात सौ एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक लेवल पर, डेढ़ करोड़ से अधिक आदिवासी बच्चों को सैकड़ों करोड़ रुपए की स्कॉलर्शिप दी गई है। मुझे ये बताते हुए भी खुशी है कि यहां मयूरभंज में एक और नवोदय विद्यालय बनाने के लिए भी स्वीकृति दे दी गई है।

साथियों,

दूर-दराज इलाकों में रहने के कारण, जनजातीय समाज स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयों का भी शिकार रहा है। सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियाँ एक बहुत बड़ी चुनौती रही हैं। हमने इनके खिलाफ देश भर में अभियान चलाया, चार करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बांटे, मुफ्त इलाज के लिए करोड़ों आदिवासी लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिये। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम आज हमें दिख रहा है। आदिवासी समाज दशकों पुरानी कठिनाइयों से बाहर आ रहा है, और, विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है।

साथियों,

आने वाले समय में हमारे सामने दो महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। और, 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। यानी, ओडिशा और देश का लक्ष्य एक ही दिशा में है। ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा। मुझे ओडिशा के सामर्थ्य पर भरोसा है। हमें मिलकर ओडिशा को विकास की बुलंदियों पर पहुंचाना है।

साथियों,

कल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाना है। ज्ञान और योग की धरती ओडिशा, योग यहाँ के संस्कारों का हिस्सा रहा है। मैं ओडिशा की धरती से पूरे देश से, पूरी दुनिया के लोगों से आह्वान करता हूँ, आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में योग दिवस में हिस्सा लें। मैं एक बार फिर आप सभी को आज के अवसर, और विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं माननीय राष्ट्रपति जी का विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूं, कि मुझे उनके साथ उनकी कर्मभूमि को देखने का मौका मिला। एक बार फिर उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।