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यह चुनाव हिस्ट्री शीटर्स को बाहर रखने के लिए है, नई हिस्ट्री बनाने के लिए है : वर्चुअल जन चौपाल में पीएम मोदी
कोरोना काल में अलीगढ़ में राजा महेन्द्र प्रताप जी के नाम से एक विश्वविद्यालय की स्थापना हुई : पीएम मोदी
विपक्ष ने MSP खत्म होने की अफवाह फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन यूपी में डबल इंजन की सरकार ने 2017 से पहले की अपेक्षा MSP पर खरीद में कई गुणा अधिक वृद्धि की है: पीएम मोदी
समाजवाद के नाम पर पहले की सरकारों ने परिवारवाद को बढ़ावा दिया, जबकि यूपी में डबल इंजन की सरकार ने धरातल पर काम किया: पीएम मोदी

नमस्कार !
धन्यवाद योगी जी। इतनी विस्तार से आपने सारी बातें रखी हैं। उत्तर प्रदेश से नागरिकों के साथ-साथ देश के नागरिकों को भी ये ध्यान आता होगा कि उत्तर प्रदेश में चहुंदिशाओं में विकास कितना तेजी से हो रहा है। हकीकतों के आधार पर आपने विस्तार से उन बातों को बताया है।

भाइयो और बहनो,

आज मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, हापुड़ और नोएडा के सभी नागरिक भाइयों-बहनों को, मुझे वर्चुअली आप सबको नमन करने का, आपसे बात करने का मौका मिला है। इस कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के सभी उम्मीदवार, आपके सुख-दुख के साथी ऐसे हमारे भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ता, आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तब ये पूरा क्षेत्र चौधरी चरण सिंह जी, राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी, मेजर ध्यान चंद जी, जैसे अनेक व्यक्तित्वों की जन्मभूमि और कर्मभूमि रहा है। इस क्षेत्र ने बाबू जी कल्याण सिंह जी के रूप में एक विजनरी, एक समर्पित, गरीबों, दलितों, वंचितों, पिछड़ों के लिए काम करने वाला जनप्रतिनिधि देश को दिया है। आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले इस क्षेत्र को, इस क्षेत्र के लोगों को और जब देश आजादी का 75 वर्ष मना रहा है तब देशवासी आपके प्रति गौरव करते है। मैं आज आप सबको प्रणाम करता हूं। साथियो, कल वसंत पंचमी का बड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। मां सरस्वती के पूजन का दिन है। मैं आप सभी को वसंत पंचमी के इस पावन पर्व के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं।

साथियो,
अभी कोरोना की वजह से हम लोग रूबरू मिलते, समूह में बातें करते, उसका तो हमारा एक लंबा अनुभव है, लेकिन अब वर्चुअल मिलने का एक नया अनुभव ले रहे हैं। एक नए युग में नया अनुभव और डिजिटल व्यवस्था में हम मिल रहे हैं। मुझे याद है, इस साल की शुरुआत में, मेरा पहला दौरा मेरठ का ही हुआ था। उस दिन मौसम खराब था, इसलिए मुझे सड़क मार्ग से आना पड़ा था। लेकिन मेरठ एक्सप्रेसवे की वजह से मैं एक घंटे से भी कम समय में दिल्ली से मेरठ पहुंच गया था। इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करने का सौभाग्य देशवासियों ने मुझे दिया था। ये इस बात का सबूत है कि भाजपा की सरकार, जो कहती है, करके दिखाती है, जो काम शुरू करती है, उसे पूरा करके दिखाती है।

भाइयो और बहनो,
आज़ादी के बाद यूपी ने अनेक चुनाव देखे हैं, अनेक सरकारें बनती-बिगड़ती देखी हैं। लेकिन ये चुनाव सबसे अलग है। ये चुनाव यूपी में शांति के स्थायित्व के लिए है, विकास की निरंतरता के लिए है, प्रशासन में सुशासन के लिए है, यूपी के लोगों के तेज़ विकास के लिए है। ये चुनाव सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि की पहचान को बनाए रखने के लिए है। और, ये चुनाव हिस्ट्री शीटर्स को बाहर रखने के लिए है, नई हिस्ट्री बनाने के लिए है। और मुझे खुशी है कि यूपी के लोगों ने ये मन बना लिया है कि दंगाइयों को, माफियाओं को, पर्दे के पीछे रहकर के यूपी की सत्ता हथियाने नहीं देंगे। आज जिन क्षेत्र के मतदाताओं से मैं बात कर रहा हूं, वो अच्छी तरह समझते हैं कि उद्योगों के लिए, व्यापार-कारोबार के लिए कानून-व्यवस्था का राज होना कितना जरूरी है। कोई सोच नहीं सकता था कि यूपी में कभी अपराधी-माफिया काबू में आएंगे। लेकिन योगी जी ने कानून का राज स्थापित किया है। गुंडागर्दी करने वालों को ये समझ आया है।

भाइयो और बहनो,
21वीं सदी में यूपी को लगातार ऐसी सरकार चाहिए, जो डबल तेजी से काम करे, डबल तेजी से विकास करे। और ये काम डबल इंजन की सरकार ही कर सकती है। 2017 में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद गरीबों के घर बनाने की स्पीड कई गुना बढ़ी है। कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की स्पीड डबल हुई है। मेट्रो कनेक्टिविटी इक्का-दुक्का शहरों से आज उत्तर प्रदेश के 10 शहरों तक पहुंच रही है। LPG गैस कनेक्शन का दायरा जो लगभग आधी आबादी तक ही सीमित था, आज शत-प्रतिशत हो रहा है।

साथियो,
आज हम एक ऐसे संकटकाल से गुजर रहे हैं। पूरा विश्व एक वैश्विक महामारी के संकट के जूझ रहा है। 100 साल में, 100 साल में इतना बड़ा संकट कभी मानव जाति को वैश्विक स्वरूप में नहीं आया। इस संकटकाल में भी यूपी ने डबल इंजन का डबल लाभ देखा है। इसी कोरोना काल में अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी के नाम पर विश्वविद्यालय बनना शुरू हुआ। मेरठ में मेजर ध्यान चंद जी के नाम पर खेल विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का शिलान्यास भी हो चुका है। टीके और मुफ्त राशन से लेकर रोज़गार तक, यूपी में योगी जी की सरकार ने हर क्षेत्र में तेजी से काम किया है।

साथियो,
आज यूपी में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज शत-प्रतिशत लोगों को लग चुकी है। 70 प्रतिशत से अधिक लोगों को दूसरी डोज भी लग चुकी है। अभी योगी जी विस्तार से इसका ब्योरा दे रहे थे। ये यूपी के लोगों का, उन लोगों को करारा जवाब है, जो अफवाहें फैलाकर कभी वैक्सीन पर क्वश्चन मार्क लगा देते थे, प्रश्न चिह्न लगा देते थे, कभी वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को डरा रहे थे। मेरे प्यारे देशवासियों जरा सोचिए, जिन-जिन लोगों ने वैक्सीन के खिलाफ अफवाहें फैलाई, सामान्य मानवी के मन को विचलित किया। आपका मेरी बातों में भरोसा था, आपने मेरी बात को मानकर के वैक्सीन के लिए आगे आए, लेकिन सोच लीजिए, इस प्रकार की विकृत मानसिकता के साथ अगर देश में वैक्सीन के खिलाफ जो बातें बताई गईं थीं, वो लोगों ने मान ली होतीं और वैक्सीन के इतने डोज देश में न लगे होते और तब ओमिक्रॉन जैसा नया वेव आ जाता तो क्या होता। मेरे देश के गरीबों का क्या होता, लेकिन राजनीति की गंदी हरकतों में डूबे हुए लोग मानव के जीवन के साथ खेलने से भी पीछे नहीं रहे और अफवाहें फैला दिए। मैं देशवासियों का आभारी हूं कि आपने इनकी बातों का नहीं माना। वैक्सीन लगवा लिया। मैं आपका हृदय से अभिनंदन करता हूं कि आपने भी वैक्सीन लगवाके देश को बचाने में मदद की है। आप लोगों ने ऐसे लोगों को दो टूक समझा दिया है कि समाजवादी झूठ, एक पल भी टिक नहीं सकता।

भाइयो और बहनो,

एक्सप्रेसवे हों, एयरपोर्ट हों, मेट्रो हों, ग्रामीण सड़कें हों, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना हो, गरीबों के लिए आवास हों, हर घर जल पहुंचाने का अभियान हो, बीते सालों में हर काम, हर काम में अभूतपूर्व तेजी आई है। 2017 से पहले जो सरकार थी, उसने एक्सप्रेसवे के नाम पर कैसी लूट मचाई, ये आप मुझसे ज्यादा जानते हैं। योगी जी की सरकार में पूर्वांचल और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पूरे हो चुके हैं और 5 एक्सप्रेसवे पर तेज़ी से काम चल रहा है। जब प्रयास ईमानदार हों, तो काम ऐसे ही असरदार होता है। आज़ादी के इतने सालों तक राजधानी से इतने नज़दीक होने के बावजूद मेरठ-अलीगढ़ सहित ये पूरा क्षेत्र दिल्ली से कितना दूर था। पहले जब दिल्ली से ग़ाज़ियाबाद, मेरठ या अलीगढ़ जाने की बात भर ही होती थी, तो लोगों के माथे पर पसीना आ जाता था। इनका विकास भी कागज़ी था और ये समाजवादी भी, ये सिद्ध हो चुका है कि ये सिर्फ और सिर्फ परिवारवादी हैं। जबकि डबल इंजन की सरकार ने ज़मीन पर, जमीन पर काम किया और आज दिल्ली से दूरी सिर्फ कुछ मिनटों की रह गई है।


साथियो,
जिस गाज़ियाबाद को यूपी का उसको गेटवे माना जाता है, उसकी कनेक्टिविटी 5 साल पहले क्या थी ये भी आप भली-भांति जानते हैं। गाज़ियाबाद मेट्रो का विस्तार, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का निर्माण, और हिंडन एयरपोर्ट से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी अब बेहतर हुई है। दिल्ली-गाजियाबाद- मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम इसे और मजबूती देगा। अलीगढ़ में जो डिफेंस कॉरिडोर का काम शुरू हुआ है, वो इस क्षेत्र में छोटे उद्योगों को बहुत मदद करेगा। इससे युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर बनेंगे। अलीगढ़ का ताला हो, मेरठ का कैंची उद्योग हो या फिर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, सरकार के प्रयासों से अब और सशक्त हो रही है। इसे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट अभियान से भी मदद मिल रही है।

साथियो,
इस साल के बजट से यूपी के गरीब वर्ग, मध्यम वर्ग, किसान के जीवन में सार्थक बदलाव आने वाला है। जब से बजट आया है तो पूरे देश में इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। ये देश के गरीब की ज़रूरत, मिडिल क्लास और युवा भारत की आकांक्षाओं को बल देने वाला बजट है। गरीब परिवारों, गरीब बहनों के लिए 80 लाख पक्के घर, करीब 4 करोड़ गरीब बहनों के घर नल से जल, देश की पहली राष्ट्रीय डिजिटल यूनिवर्सिटी, ये जितने भी प्रावधान हैं वो गरीबों को, गरीब परिवारों के युवाओं को गरिमा देंगे, आगे बढ़ने की शक्ति देंगे। पानी से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भी एक बहुत बड़ा प्रावधान किया गया है, जो पानी की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे यूपी के अनेक क्षेत्रों को राहत देगा। इस बजट से यूपी के गांवों और शहरों की स्वच्छता के लिए
एक बहुत बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए भी जो बहुत बड़ी राशि रखी गई है, उससे भी यूपी के गांव, गरीब और किसान को सबसे अधिक सुविधा मिलेगी। वाराणसी-कोलकाता एक्स्प्रेसवे हो, गोरखपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर हो, बजट में प्रस्तावित ऐसे हज़ारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट यूपी की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेंगे और ये प्रोजेक्ट साथ में रोजगार भी लाते हैं।

भाइयों और बहनों,

ये कागज़ी समाजवादी, जो शत-प्रतिशत परिवारवादी हैं, और इनके सहयोगी इतने सालों तक सत्ता में रहे, लेकिन खेती की समस्या और किसानों की परेशानी को इन्होंने समझा ही नहीं। दशकों से खेती की जो व्यवस्था चली आ रही थी, जिससे किसान परेशान था, उसको सुधारने का साहस इन्होंने जुटाया ही नहीं। क्योंकि स्थितियों को बदलने में मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए स्थिति ज्यों की त्यों रहे, यही कोशिश इन्होंने की। क्योंकि सोते-सोते सपने देखना, यही तो उनका काम है, लेकिन डबल इंजन की सरकार को खेती और किसान के वर्तमान और भविष्य की चिंता है। इसलिए कृषि का बजट पिछली सरकारों की तुलना में आज छह गुना हो चुका है। पीएम किसान सम्मान निधि के 70 हज़ार करोड़ रुपए में से बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के छोटे किसानों को मिलेगा। अपनी उपज की कीमत के लिए कई-कई महीनों किसानों को इंतज़ार करना पड़ता था, डबल इंजन सरकार अब तुरंत MSP को बैंक खाते में जमा कर रही है। जैसे वैक्सीन की अफवाहें फैलाई ना, वैसे ही इसकी भी अफवाह फैलाई। झूठ बोलो, अफवाह फैलाओ, गुमराह करो, इससे ऊपर इनके पास कोई हथियार ही नहीं बचे हैं। MSP खत्म हो जाएगा, ये अफवाहें फैलाने में इन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन यूपी में डबल इंजन की सरकार ने 2017 से पहले की अपेक्षा MSP पर खरीद में कई गुना अधिक वृद्धि की है। इस वर्ष भी यूपी सहित देश के किसानों को लाखों करोड़ रुपए MSP के रूप में मिलने वाले हैं। अफवाहों की राजनीति करने वाले ये वही दल हैं, वही नेता हैं, जिनकी सरकारों ने यूपी की करीब 2 दर्जन से ज्यादा चीनी मिलों में ताले लगा दिए थे। उनको अलीगढ़ ताले लगाने के लिए याद आया और योगी जी बड़े विस्तार से इसका वर्णन कर रहे थे। गन्ना किसानों का बकाया सालों साल चलता रहता था। योगी जी की सरकार ने बीते 5 सालों में पुराने बकाए सहित डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया है। पिछले सीज़न का भी लगभग पूरा भुगतान हो चुका है और इस बार का भी बकाया तेजी से निपटाया जा रहा है। यही नहीं, योगी सरकार ने नई चीनी मिलें भी बनाईं हैं और अनेक पुरानी चीनी मिलों की क्षमता का विस्तार और आधुनिकीकरण भी किया है। गन्ने से इथेनॉल बनाने की बहुत बड़ी क्षमता अब यूपी में तैयार हो रही है। एक प्रकार से यूपी का इथेनॉल देश को दौड़ाएगा, ये ताकत पैदा कर रही है योगी जी की सरकार। इसलिए तो यूपी के गन्ना किसान भी आज कह रहे हैं कि, फर्क साफ़ है।

साथियो,
एक फरवरी को जो बजट आया है, उसमें यूपी सहित पूरे देश की खेती में पारंपरिकता और आधुनिकता के संगम का भी एक अद्भुत विजन है। एक तरफ गंगा जी के किनारे प्राकृतिक खेती, कैमिकल फ्री खेती, किसानों की लागत कम करने वाली खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ किसानों को ड्रोन और दूसरी आधुनिक टेक्नॉलॉजी के व्यापक उपयोग के लिए मदद का प्रावधान किया जा रहा है। इस बजट में मोटे अनाज से अधिक लाभ का प्रोत्साहन भी है और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों पर अधिक निवेश की प्रतिबद्धता भी है। और जब मोटे अनाज की बात करते हैं तो उसका सीधा संबंध छोटे किसानों से आता है। कठिन से कठिन भूमि पर मेहनत करते छोटा किसान जो पैदा करता है, वो ज्यादातर मोटा धान उगाता है।

साथियो,
5 साल पहले तक ये माफियावादी केंद्र की योजनाओं का लाभ यूपी के गरीब, दलित, पिछड़े तक नहीं पहुंचने देते थे। केंद्र की योजनाओं में उनकी मनमानी नहीं चलती थी, भ्रष्टाचार नहीं चलता था इसलिए ये उन योजनाओं में ब्रेक लगाकर रखते थे। घर की कंपनी बंद हो जाती थी। यूपी के लोगों की सेवा की भावना से काम कर रही योगी जी की सरकार ने, पहले के सारे गलत तरीके बदल दिए। इसलिए आपको इस बार भी बहुत सावधान रहकर के मतदाना के लिए जाना है। आप याद कीजिए, अगर इन्हें मौका मिल गया तो, किसानों को मिल रही हज़ारों करोड़ की मदद ये परिवारवादी, नकली समाजवादी बंद करा देंगे। किसानों के बैंक अकाउंट में जो एमएसपी का पैसा जा रहा है, ये परिवारवादी, समाजवादी नकली समाजवादी उसे भी रोक देंगे। आपको इस कोरोना काल में जो मुफ्त राशन मिल रहा है, ये सिर्फ अपने परिवार का पेट भरने वाले लोग नकली समाजवादी आपको भूखा छोड़ेंगे, ऐसे लोग हैं ये। गरीबों को 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की जो सुविधा हमारी सरकार ने दी, ये परिवार की सुध के लिए जीने वाले लोग उसे भी बंद करा देंगे। गरीबों के, दलितों के, पिछड़ों के बच्चों को जो स्कॉलरशिप मिलती है, ये परिवार का भला देखने वाले लोग आपकी ओर देखेंगे भी नहीं, और पता नहीं स्कॉलरशिप कहां चली जाए। गरीब के कल्याण की सभी योजनाओं पर ये चीनी मिलों की तरह ताला ही लगाने वाले हैं और कुछ वो कर ही नहीं सकते। आप हमेशा याद रखिएगा, ये मध्यम वर्ग की जेब पर डाका डालकर रियल एस्टेट माफिया को दे देंगे। नोएडा-गाजियाबाद के लोगों से बेहतर इन्हें कौन जानेगा? राशन माफिया से लेकर कमीशन माफिया तक, ठेका माफिया से लेकर खनन माफिया तक, नकली कहने के समाजवादी और पूरी तरह परिवारवादी, फिर पुराने अवतार में आने के लिए तैयार बैठे हैं।

भाइयो और बहनो,
माफिया से इस लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी माताएं हैं, हमारी बहनें हैं, हमारी बेटियां हैं। उत्तर प्रदेश की बहनों-बेटियों ने, विशेष रूप से गरीब, दलित, पिछड़े वर्ग और मुस्लिम बहन-बेटियों ने सुशासन के डबल इंजन का अनुभव इन 5 वर्षों में किया है। दंगाइयों और दबंगों को खुली छूट देने वालों की सरकार ने सबसे बड़ा अहित बहनों का-बेटियों का किया है। भाजपा डंके की चोट पर कह रही है कि दबंग और दंगाराज यूपी में नहीं अब नहीं लौट सकेगा। बीते 5 वर्षों में कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिस में लगभग डेढ़ लाख भर्तियां हुई हैं। इससे पहले के 15 सालों में, 15 सालों में सवा लाख से भी कम भर्तियां हुई थीं। इसमें भी अगर बेटियों की भागीदारी देखी जाए, तो 2017 से पहले यूपी में 12 हज़ार से भी कम महिला पुलिसकर्मी थीं। जबकि योगी जी की सरकार ने सिर्फ 5 वर्षों में 20 हज़ार से अधिक बेटियों को पुलिस में भर्ती किया है। नारी की सुरक्षा, सम्मान और अवसर के ऐसे ही अनुभव के कारण यूपी की बहन-बेटियां कह रही हैं कि फर्क साफ है !

भाइयो और बहनो,
जब मैं दंगाइयों को आए दिन बंदूक की नोंक, चाकू की अणी पर खेल खेलने वाले लोग योगी जी की सरकार को सहन नही कर सकते, वे पूरी ताकत लगा देंगे कि योगीजी फिर से न आएं। मैं उत्तर प्रदेश के लोगों को कहना चाहता हूं कि अगर इस प्रकार के तत्व अपना खेल खेलने में थोड़े से भी सफल हुए तो ये देश में उत्तर प्रदेश में पक्का कर लेंगे कि कोई उनको हाथ नहीं लगा सकता है। वे पहले से ज्यादा बेखौफ हो जाएंगे। वे और बर्बादी लेकर आएंगे। ऐसे लोगों को कभी सफल होने नहीं देना है। ऐसी ताकतों को कानून मानने के लिए मजबूर करना ही होगा और इसके लिए योगीजी की सरकार बहुत जरूरी है। यूपी में हर वर्ग, हर सम्प्रदाय की बेटियों को प्रगति के अपने करियर बनाने के अवसरों का एक सिलसिला योगीजी ने शुरू किया है. वो जारी रहेगा। बेटियों की शादी की उम्र को बेटों के बराबर करने के पीछे भी सबसे बड़ी प्रेरणा यही है कि बेटे-बेटी एक समान। यूपी में आज लगभग साढ़े पांच हजार रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं, जिनमें से बहुत सारे स्टार्टअप्स में हमारी बेटियां भी डायरेक्टर हैं। इसी प्रकार मुद्रा योजना से भी जो बिना गारंटी के ऋण मिल रहे हैं, इसमें भी लगभग 60 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं हैं। बीते पांच सालों में यूपी में लाखों बहनें गांव-गांव में बैंकिंग सेवा के जुड़ी हैं। इस बजट में भी महिलाओं के लिए पिछले वर्ष की तुलना में बजट में हमने बहुत बड़ी बढ़ोत्तरी की है।

मैं अपनी बहनों और बेटियों से विशेष तौर पर कहूंगा, बीते पांच साल में जो बदलाव आया है। ये दबाव और दंगाई मानसिकता, ये लोग अगर मौका मिला, पिछले पांच साल में जो कानून हमेशा उनके माथे पर लटकता रहा, उसके कारण उनके जो गोरखधंधों में मुसीबतें आईं, वे उसका बदला उत्तर प्रदेश की बहन-बेटियों से लेना चाहते हैं। इन्होंने कैसे-कैसे लोगों के टिकट दिया है। यानि लोकतंत्र में जो लाज-शरम नाम की जो चीज चाहिए, वो भी छोड़ दी है। ऐसे-ऐसे लोगों को टिकट दिया है, उसी से आपको इनके भावी इरादे का पता चल जाएगा। इसलिए मैं आपसे भारी मतदान करने का आग्रह भी कर रहा हूं। ठंड कितनी ही क्यों न हो, पहले मतदान, फिर जलपान….ये आप जरूर याद रखिएगा। तभी सुरक्षा, सम्मान, समृद्धि सुनिश्चित करने वाली भाजपा सरकार प्रचंड बहुमत के साथ फिर आएगी। आपका एक वोट आपकी आशा, आकांक्षा, अरमान को पूरा करने का, एक नई ताकत के साथ योगी जी की सरकार को काम करने का अवसर देगा। आपका हर वोट कमल के फूल पर पड़ेगा। इसी विश्वास के साथ मैं रू-ब-रू आकर के आपके दर्शन करता, मुझे भी एक नई ऊर्जा मिलती, लेकिन हमें सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय काम करना है और इसी कारण मैं आज वर्चुअली आपके बीच आया हूं। आप भारी मतदान करके 2014 के, 17 के, 19 के सारे रिकॉर्ड तोड़ के, भारी मतदान करके कमल के फूल को खिलाएंगे, ये पूरा विश्वास है। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और योगी जी को अनेक-अनेक शुभकामनाएं।

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PM applauds those who are displaying their products on GeM platform
November 29, 2022
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GeM platform crosses Rs. 1 Lakh crore Gross Merchandise value

The Prime Minister, Shri Narendra Modi has applauded the vendors for displaying their products on GeM platform.

The GeM platform crosses Rs. 1 Lakh crore Gross Merchandise value till 29th November 2022 for the financial year 2022-2023.

In a reply to a tweet by Union Minister, Shri Piyush Goyal, the Prime Minister tweeted;

"Excellent news! @GeM_India is a game changer when it comes to showcasing India’s entrepreneurial zeal and furthering transparency. I laud all those who are displaying their products on this platform and urge others to do the same."