"महात्मा गांधी के आदर्श आज और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं"
"खादी में ये उछाल बड़े पैमाने पर उत्पादन की क्रांति नहीं है बल्कि जनता द्वारा उत्पादन की क्रांति है"
"शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच का अंतर तब तक स्वीकार्य है जब तक कि कोई असमानता न हो"
“तमिलनाडु स्वदेशी आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र था; ये एक बार फिर आत्मनिर्भर भारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा”
"तमिलनाडु हमेशा से राष्ट्रीय चेतना का केन्द्र रहा है"
"काशी तमिल संगमम, एक भारत श्रेष्ठ भारत का कारगर उदाहरण है"
"आज स्नातक करने वाले युवाओं के लिए मेरा संदेश है- आप ही नए भारत के निर्माता हैं। अमृत ​​काल में अगले 25 वर्षों तक भारत का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी आप पर है।"

तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आर एन रवि जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम के स्टालिन जी, चांसलर डॉ के एम अन्नामलाई जी, कुलपति प्रोफेसर गुरमीत सिंह जी, गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान के कर्मचारी और सहायक कर्मचारी, मेधावी छात्रों और उनके गौरवान्वित अभिभावकों

वणक्कम!

आज स्नातक होने वाले सभी युवा मेधावियों को बधाई। मैं विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी बधाई देता हूं। आपके बलिदानों ने इस दिन को संभव बनाया है। शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैं।

दोस्तों,

यहां एक दीक्षांत समारोह में आना मेरे लिए बहुत ही प्रेरणादायक अनुभव है। गांधीग्राम का उद्घाटन स्वयं महात्मा गांधी ने किया था। प्राकृतिक सौंदर्य, संतुलित ग्रामीण जीवन, सरल लेकिन बौद्धिक वातावरण, महात्मा गांधी के ग्रामीण विकास के विचारों की भावना को यहाँ देखा जा सकता है। मेरे युवा मित्रों, आप सभी एक बहुत ही महत्वपूर्ण समय पर स्नातक हो रहे हैं। गांधीवादी मूल्य बहुत प्रासंगिक होते जा रहे हैं। चाहे वह संघर्षों को समाप्त करने के बारे में हो, या जलवायु संकट के बारे में, महात्मा गांधी के विचारों में आज के कई ज्वलंत मुद्दों के उत्तर हैं। गांधीवादी जीवन शैली के छात्रों के रूप में, आपके पास एक अहम प्रभाव डालने का बड़ा अवसर है।

दोस्तों,

महात्मा गांधी को सबसे अच्छी श्रद्धांजलि उनके प्रिय विचारों पर काम करना है। खादी को लंबे समय से उपेक्षित और भुला दिया गया था। लेकिन 'खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन ' के आह्वान के बाद यह बहुत लोकप्रिय हो गया है। पिछले 8 वर्षों में, खादी क्षेत्र की बिक्री में 300 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई। खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने पिछले साल 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड कारोबार किया है। अब, यहां तक कि वैश्विक फैशन ब्रांड भी खादी को अपना रहे हैं। क्योंकि यह पर्यावरण के लिए अनुकूल है, और ग्रह के लिए अच्छा है। यह बड़े पैमाने पर उत्पादन की क्रांति नहीं है। यह आम लोगों के द्वारा उत्पादन की क्रांति है। महात्मा गांधी ने खादी को गांवों में आत्मनिर्भरता के साधन के रूप में देखा। गांवों की आत्मनिर्भरता में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के बीज देखे। उनसे प्रेरित होकर हम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में काम कर रहे हैं। तमिलनाडु स्वदेशी आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र था। यह एक बार फिर आत्मनिर्भर भारत में अहम भूमिका निभाएगा।

दोस्तों,

महात्मा गांधी के ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण को समझना महत्वपूर्ण है। वह चाहते थे कि गांवों का विकास हो। साथ ही वे चाहते थे कि ग्रामीण जीवन के मूल्यों का संरक्षण किया जाए। ग्रामीण विकास की हमारी सोच उनसे प्रेरणा लेती है। हमारा दृष्टिकोण है,

“आत्मा गांव की, सुविधा शहर की”

या

“ग्रामत्तिन् आण्‍मा, नगरत्तिन् वसदि”

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग होना स्वीकार्य है। अंतर होना ठीक है। विषमता ठीक नहीं है। लंबे समय तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच असमानता बनी रही। लेकिन आज देश इसे सुधार रहा है। पूर्ण ग्रामीण स्वच्छता का विस्तार, 6 करोड़ से अधिक घरों में नल का पानी, 2.5 करोड़ बिजली कनेक्शन, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सड़कें, विकास को लोगों के घरों तक ले जा रही हैं। स्वच्छता की अवधारणा महात्मा गांधी को बहुत प्रिय थी। स्वच्छ भारत के माध्यम से इसमें क्रांति आई है। लेकिन हम केवल मूल बातें प्रदान करने से नहीं रुक रहे हैं। आज आधुनिक विज्ञान और तकनीक का लाभ भी गांवों तक पहुंच रहा है। लगभग 2 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए 6 लाख किलोमीटर ऑप्टिक फाइबर केबल बिछाई गई है। इंटरनेट डेटा की कम लागत से ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ हुआ है। अध्ययनों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट का उपयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। यह अवसरों की दुनिया खोलता है। स्वामित्व योजना के तहत हम भूमि का मानचित्रण करने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं। हम लोगों को संपत्ति कार्ड भी प्रदान करते हैं। किसान कई एप से जुड़ रहे हैं। उन्हें करोड़ों मृदा स्वास्थ्य कार्ड की मदद मिल रही है। बहुत कुछ किया गया है लेकिन अभी और भी बहुत कुछ किया जाना है। आप युवा, उज्जवल पीढ़ी हैं। आप इस नींव पर निर्माण करने में अत्यधिक सक्षम हैं।

दोस्तों,

जब ग्रामीण विकास की बात आती है, तो हमें निरंतरता का ध्यान रखना चाहिए। युवाओं को इसमें नेतृत्व प्रदान करने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों के भविष्य के लिए लंबे समय तक चलने योग्य कृषि महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक खेती के लिए, रसायन मुक्त खेती के लिए काफी उत्साह है। यह उर्वरक आयात पर देश की निर्भरता को कम करता है। यह मिट्टी की सेहत और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है। हमने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। हमारी जैविक खेती की योजना चमत्कार कर रही है, खासकर पूर्वोत्तर में। पिछले साल के बजट में हम प्राकृतिक खेती से जुड़ी नीति लेकर आए थे। गांवों में प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता पैदा करने में आप अहम भूमिका निभा सकते हैं।

दोस्तों

लंबे समय तक चलने योग्य खेती के संबंध में, एक और महत्वपूर्ण बिंदु है जिस पर युवाओं को ध्यान देना चाहिए। कृषि को मोनोकल्चर से बचाने का समय आ गया है। अनाज, बाजरा और अन्य फसलों की कई देशी किस्मों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। संगम युग में भी कई प्रकार के बाजरा का उल्लेख मिलता है। तमिलनाडु में प्राचीन काल में लोग इन्हें पसंद करते थे। ये पौष्टिक और जलवायु के अनुकूल हैं। इसके अलावा, फसल विविधीकरण से मिट्टी और पानी को बचाने में मदद मिलती है। आपका अपना विश्वविद्यालय अक्षय ऊर्जा का उपयोग करता है। पिछले 8 वर्षों में सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता लगभग 20 गुना बढ़ गई है। अगर गांवों में सौर ऊर्जा का प्रसार हो जाए तो भारत ऊर्जा के मामले में भी आत्मनिर्भर हो सकता है।

दोस्तों ,

एक बार गांधीवादी विचारक विनोबा भावे ने एक विचार सामने रखा था। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तरीय निकायों के चुनाव बांट देते हैं। समुदाय और यहां तक ​​कि परिवार भी इसकी वजह से टूट जाते हैं। गुजरात में इसका मुकाबला करने के लिए हमने समरस ग्राम योजना की शुरुआत की थी। सर्वसम्मति से नेता चुनने वाले गांवों को कुछ प्रोत्साहन दिए गए। इसने सामाजिक संघर्षों को बहुत कम कर दिया। युवा लोग पूरे भारत में समान तंत्र विकसित करने के लिए ग्रामीणों के साथ काम कर सकते हैं। अगर गांव संगठित हों, तो वे अपराध, नशीली दवा और असामाजिक तत्वों जैसी समस्याओं से लड़ सकते हैं।

दोस्तों,

महात्मा गांधी ने एक अखंड और स्वतंत्र भारत के लिए लड़ाई लड़ी। गांधीग्राम अपने आप में भारत की एकता की कहानी है। यहीं पर हजारों की संख्या में ग्रामीण ट्रेन में गांधी जी की एक झलक पाने के लिए आए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि वह कहां से है। महत्वपूर्ण बात यह थी कि गांधी जी और ग्रामीण दोनों भारतीय थे। तमिलनाडु हमेशा से राष्ट्रीय चेतना का घर रहा है। यहां पश्चिम से लौटने पर स्वामी विवेकानंद को एक नायक की तरह स्वागत मिला था। पिछले साल भी, हमने 'वीरा वणक्कम' के नारे सुने। जिस तरह से तमिल लोगों ने जनरल बिपिन रावत के प्रति अपना सम्मान दिखाया, वह बहुत ही मार्मिक था। इस बीच, काशी तमिल संगम जल्द ही काशी में होगा। यह काशी और तमिलनाडु के बीच के बंधन का जश्न मनाएगा। काशी के लोग तमिलनाडु की भाषा, संस्कृति और इतिहास का जश्न मनाने के लिए उत्सुक हैं। यह एक भारत श्रेष्ठ भारत का असर है। एक दूसरे के लिए यही प्यार और सम्मान ही हमारी एकता का आधार है। मैं यहां स्नातक करने वाले युवाओं से एकता को प्रोत्साहित करने पर विशेष रूप से ध्यान देने की अपील करता हूं।

दोस्तों,

आज मैं एक ऐसे क्षेत्र में हूं जिसने नारी शक्ति का सामर्थ्य देखा है। यहीं पर रानी वेलु नचियार रुकी थीं जब वे अंग्रेजों से लड़ने की तैयारी कर रही थीं। मैं यहां की युवा महिलाओं को सबसे बड़े बदलाव लाने वालों के रूप में देखता हूं। आप ग्रामीण महिलाओं को सफल होने में मदद करेंगे। उनकी सफलता देश की सफलता है।

दोस्तों,

ऐसे समय में जब दुनिया ने एक सदी के सबसे मुश्किल संकट का सामना किया, भारत ऐसी स्थिति में भी मजबूत बना रहा। चाहे वह दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन अभियान हो, सबसे गरीब लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा हो, या दुनिया का विकास इंजन हो, भारत ने अपनी क्षमता दिखाई है। दुनिया भारत से बड़े काम करने की उम्मीद करती है। क्‍योंकि भारत का भविष्‍य युवाओं की हर काम संभव कर सकने वाली पीढ़ी के हाथों में है।

दोस्तों

युवा जो न केवल चुनौतियों को स्वीकार करते हैं, बल्कि उनका आनंद भी लेते हैं, युवा, जो न केवल प्रश्न करते हैं, बल्कि उत्तर भी ढूंढते हैं, युवा, जो न केवल निडर हैं, बल्कि अथक भी हैं, युवा, जो न केवल आकांक्षा रखते हैं, बल्कि हासिल भी करते हैं। तो आज स्नातक होने वाले युवाओं के लिए मेरा संदेश है कि आप नए भारत के निर्माता हैं. अगले 25 वर्षों के अमृत काल में भारत का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी आप पर है। एक बार फिर आप सभी को बधाई।

और शुभकामनाएं!

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नीमागेल्ला नन्ना नमस्कारागलु।

आज चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुझे ताई चामुंडेश्वरी के आशीर्वाद लेने का अवसर मिल रहा है। मैं ताई चामुंडेश्वरी, ताई भुवनेश्वरी और ताई कावेरी के चरणों में प्रणाम करता हूँ। मैं सबसे पहले आदरणीय देवगौड़ा जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आज भारत के राजनीति पटल पर सबसे सीनियर मोस्ट राजनेता हैं। और उनके आशीर्वाद प्राप्त करना ये भी एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने आज जो बातें बताईं, काफी कुछ मैं समझ पाता था, लेकिन हृदय में उनका बहुत आभारी हूं। 

साथियों

मैसुरु और कर्नाटका की धरती पर शक्ति का आशीर्वाद मिलना यानि पूरे कर्नाटका का आशीर्वाद मिलना। इतनी बड़ी संख्या में आपकी उपस्थिति, कर्नाटका की मेरी माताओं-बहनों की उपस्थिति ये साफ बता रही है कि कर्नाटका के मन में क्या है! पूरा कर्नाटका कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

आज का दिन इस लोकसभा चुनाव और अगले five years के लिए एक बहुत अहम दिन है। आज ही बीजेपी ने अपना ‘संकल्प-पत्र’ जारी किया है। ये संकल्प-पत्र, मोदी की गारंटी है। और देवगौड़ा जी ने अभी उल्लेख किया है। ये मोदी की गारंटी है कि हर गरीब को अपना घर देने के लिए Three crore नए घर बनाएंगे। ये मोदी की गारंटी है कि हर गरीब को अगले Five year तक फ्री राशन मिलता रहेगा। ये मोदी की गारंटी है कि- Seventy Year की आयु के ऊपर के हर senior citizen को आयुष्मान योजना के तहत फ्री चिकित्सा मिलेगी। ये मोदी की गारंटी है कि हम Three crore महिलाओं को लखपति दीदी बनाएँगे। ये गारंटी कर्नाटका के हर व्यक्ति का, हर गरीब का जीवन बेहतर बनाएँगी।

साथियों,

आज जब हम Ten Year पहले के समय को याद करते हैं, तो हमें लगता है कि हम कितना आगे आ गए। डिजिटल इंडिया ने हमारे जीवन को तेजी से बदला है। बीजेपी का संकल्प-पत्र, अब भविष्य के और बड़े परिवर्तनों की तस्वीर है। ये नए भारत की तस्वीर है। पहले भारत खस्ताहाल सड़कों के लिए जाना जाता था। अब एक्सप्रेसवेज़ भारत की पहचान हैं। आने वाले समय में भारत एक्सप्रेसवेज, वॉटरवेज और एयरवेज के वर्ल्ड क्लास नेटवर्क के निर्माण से विश्व को हैरान करेगा। 10 साल पहले भारत टेक्नालजी के लिए दूसरे देशों की ओर देखता था। आज भारत चंद्रयान भी भेज रहा है, और सेमीकंडक्टर भी बनाने जा रहा है। अब भारत विश्व का बड़ा Innovation Hub बनकर उभरेगा। यानी हम पूरे विश्व के लिए सस्ती मेडिसिन्स, सस्ती टेक्नोलॉजी और सस्ती गाडियां बनाएंगे। भारत वर्ल्ड का research and development, R&D हब बनेगा। और इसमें वैज्ञानिक रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फंड की भी बड़ी भूमिका होगी। कर्नाटका देश का IT और technology hub है। यहाँ के युवाओं को इसका बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।

साथियों,

हमने संकल्प-पत्र में स्थानीय भाषाओं को प्रमोट करने की बात कही है। हमारी कन्नड़ा देश की इतनी समृद्ध भाषा है। बीजेपी के इस मिशन से कन्नड़ा का विस्तार होगा और उसे बड़ी पहचान मिलेगी। साथ ही हमने विरासत के विकास की गारंटी भी दी है। हमारे कर्नाटका के मैसुरु, हम्पी और बादामी जैसी जो हेरिटेज साइट्स हैं, हम उनको वर्ल्ड टूरिज़्म मैप पर प्रमोट करेंगे। इससे कर्नाटका में टूरिज्म और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

साथियों,

इन सारे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भाजपा जरूरी है, NDA जरूरी है। NDA जो कहता है वो करके दिखाता है। आर्टिकल-370 हो, तीन तलाक के खिलाफ कानून हो, महिलाओं के लिए आरक्षण हो या राम मंदिर का भव्य निर्माण, भाजपा का संकल्प, मोदी की गारंटी होता है। और मोदी की गारंटी को सबसे बड़ी ताकत कहां से मिलती है? सबसे बड़ी ताकत आपके एक वोट से मिलती है। आपका हर वोट मोदी की ताकत बढ़ाता है। आपका हर एक वोट मोदी की ऊर्जा बढ़ाता है।

साथियों,

कर्नाटका में तो NDA के पास एचडी देवेगौड़ा जी जैसे वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन है। हमारे पास येदुरप्पा जी जैसे समर्पित और अनुभवी नेता हैं। हमारे HD कुमारास्वामी जी का सक्रिय सहयोग है। इनका ये अनुभव कर्नाटका के विकास के लिए बहुत काम आएगा।

साथियों,

कर्नाटका उस महान परंपरा का वाहक है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सब कुछ बलिदान करना सिखाता है। यहाँ सुत्तुरू मठ के संतों की परंपरा है। राष्ट्रकवि कुवेम्पु के एकता के स्वर हैं। फील्ड मार्शल करियप्पा का गौरव है। और मैसुरु के राजा कृष्णराज वोडेयर के द्वारा किए गए विकास कार्य आज भी देश के लिए एक प्रेरणा हैं। ये वो धरती है जहां कोडगु की माताएं अपने बच्चों को राष्ट्रसेवा के लिए सेना में भेजने के सपना देखती है। लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी भी है। कांग्रेस पार्टी आज टुकड़े-टुकड़े गैंग की सुल्तान बनकर घूम रही है। देश को बांटने, तोड़ने और कमजोर करने के काँग्रेस पार्टी के खतरनाक इरादे आज भी वैसे ही हैं। आर्टिकल 370 के सवाल पर काँग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर का दूसरे राज्यों से क्या संबंध? और, अब तो काँग्रेस देश से घृणा की सारी सीमाएं पार कर चुकी है। कर्नाटका की जनता साक्षी है कि जो भारत के खिलाफ बोलता है, कांग्रेस उसे पुरस्कार में चुनाव का टिकट दे देती है। और आपने हाल में एक और दृश्य देखा होगा, काँग्रेस की चुनावी रैली में एक व्यक्ति ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगवाए। इसके लिए उसे मंच पर बैठे नेताओं से परमीशन लेनी पड़ी। क्या भारत माता की जय बोलने के लिए परमीशन लेनी पड़े। क्या ऐसी कांग्रेस को देश माफ करेगा। ऐसी कांग्रेस को कर्नाटका माफ करेगा। ऐसी कांग्रेस को मैसुरू माफ करेगा। पहले वंदेमातरम् का विरोध, और अब ‘भारत माता की जय’ कहने तक से चिढ़!  ये काँग्रेस के पतन की पराकाष्ठा है।

साथियों,

आज काँग्रेस पार्टी सत्ता के लिए आग का खेल खेल रही है। आज आप देश की दिशा देखिए, और काँग्रेस की भाषा देखिए! आज विश्व में भारत का कद और सम्मान बढ़ रहा है। बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। दुनिया में भारत का नाम हो रहा है कि नहीं हो रहा है। भारत का गौरव बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। हर भारतीय को दुनिया गर्व से देखती है कि नहीं देखती है। तो काँग्रेस के नेता विदेशों में जाकर देश को नीचा दिखाने के कोई मौके छोड़ते नहीं हैं। देश अपने दुश्मनों को अब मुंहतोड़ जवाब देता है, तो काँग्रेस सेना से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगती है। आतंकी गतिविधियों में शामिल जिस संगठन पर बैन लगता है। काँग्रेस उसी के पॉलिटिकल विंग के साथ काम कर रहा है। कर्नाटका में तुष्टीकरण का खुला खेल चल रहा है। पर्व-त्योहारों पर रोक लगाने की कोशिश हो रही है। धार्मिक झंडे उतरवाए जा रहे हैं। आप मुझे बताइये, क्या वोटबैंक का यही खेल खेलने वालों के हाथ में देश की बागडोर दी जा सकती है। दी जा सकती है।

साथियों, 

हमारा मैसुरु तो कर्नाटका की कल्चरल कैपिटल है। मैसुरु का दशहरा तो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। 22 जनवरी को अयोध्या में 500 का सपना पूरा हुआ। पूरा देश इस अवसर पर एक हो गया। लेकिन, काँग्रेस के लोगों ने, उनके साथी दलों ने राममंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा जैसे पवित्र समारोह तक पर विषवमन किया! निमंत्रण को ठुकरा दिया। जितना हो सका, इन्होंने हमारी आस्था का अपमान किया। कांग्रेस और इंडी अलायंस ने राममंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का बॉयकॉट कर दिया। इंडी अलांयस के लोग सनातन को समाप्त करना चाहते हैं। हिन्दू धर्म की शक्ति का विनाश करना चाहते हैं। लेकिन, जब तक मोदी है, जब तक मोदी के साथ आपके आशीर्वाद हैं, ये नफरती ताक़तें कभी भी सफल नहीं होंगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

Twenty twenty-four का लोकसभा चुनाव अगले five years नहीं, बल्कि twenty forty-seven के विकसित भारत का भविष्य तय करेगा। इसीलिए, मोदी देश के विकास के लिए अपना हर पल लगा रहा है। पल-पल आपके नाम। पल-पल देख के नाम। twenty-four बाय seven, twenty-four बाय seven for Twenty Forty-Seven.  मेरा ten years का रिपोर्ट कार्ड भी आपके सामने है। मैं कर्नाटका की बात करूं तो कर्नाटका के चार करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। Four lakh fifty thousand गरीब परिवारों को कर्नाटका में पीएम आवास मिले हैं। One crore fifty lakh से ज्यादा गरीबों को मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। नेशनल हाइवे के नेटवर्क का भी यहाँ बड़ा विस्तार किया गया है। मैसुरु से बेंगलुरु के बीच एक्सप्रेसवे ने इस क्षेत्र को नई गति दी है। आज देश के साथ-साथ कर्नाटका में भी वंदेभारत ट्रेनें दौड़ रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत Eight Thousand से अधिक गांवों में लोगों को नल से जल मिलने लगा है। ये नतीजे बताते हैं कि अगर नीयत सही, तो नतीजे भी सही! आने वाले Five Years में विकास के काम, गरीब कल्याण की ये योजनाएँ शत प्रतिशत लोगों तक पहुंचेगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

मोदी ने अपने Ten year साल का हिसाब देना अपना कर्तव्य माना है। क्या आपने कभी काँग्रेस को उसके sixty years का हिसाब देते देखा है? नहीं न? क्योंकि, काँग्रेस केवल समस्याएँ पैदा करना जानती है, धोखा देना जानती है। कर्नाटका के लोग इसी पीड़ा में फंसे हुये हैं। कर्नाटका काँग्रेस पार्टी की लूट का ATM स्टेट बन चुका है। खाली लूट के कारण सरकारी खजाना खाली हो चुका है। विकास और गरीब कल्याण की योजनाओं को बंद किया जा रहा है। वादा किसानों को मुफ्त बिजली का था, लेकिन किसानों को पंपसेट चलाने तक की बिजली नहीं मिल रही। युवाओं की, छात्रों की स्कॉलर्शिप तक में कटौती हो रही है। किसानों को किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार की ओर से मिल रहे four thousands रुपए बंद कर दिये गए हैं। देश का IT hub बेंगलुरु पानी के घनघोर संकट से जूझ रहा है। पानी के टैंकर की कालाबाजारी हो रही है। इन सबके बीच, काँग्रेस पार्टी को चुनाव लड़वाने के लिए hundreds of crores रुपये ब्लैक मनी कर्नाटका से देशभर में भेजा जा रहा है। ये काँग्रेस के शासन का मॉडल है। जो अपराध इन्होंने कर्नाटका के साथ किया है, इसकी सजा उन्हें Twenty Six  अप्रैल को देनी है। 26 अप्रैल को देनी है।

साथियों,

मैसूरु से NDA के उम्मीदवार श्री यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वोडेयर, चामराजनागर से श्री एस बालाराज, हासन लोकसभा से एनडीए के श्री प्रज्जवल रेवन्ना और मंड्या से मेरे मित्र श्री एच डी कुमार स्वामी,  आने वाली 26 अप्रैल को इनके लिए आपका हर वोट मोदी को मजबूती देगा। देश का भविष्य तय करेगा। मैसुरु की धरती से मेरी आप सभी से एक और अपील है। मेरा एक काम करोगे। जरा हाथ ऊपर बताकर के बताइये, करोगे। कर्नाटका के घर-घर जाना, हर किसी को मिलना और मोदी जी का प्रणाम जरूर पहुंचा देना। पहुंचा देंगे। पहुंचा देंगे।

मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

बहुत बहुत धन्यवाद।