अगर एनडीए की पॉलिसी से किसी समूह को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है, तो वो महिलाएं हैं। महिला सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है: तिरुवल्ला में पीएम मोदी
सबरीमाला रेलवे प्रोजेक्ट पूरे इलाके में नए मौके खोलेगा, सबरीमाला को सीधे भक्तों से जोड़ेगा: पीएम मोदी
केरलम में, हम सरकार बनाएंगे, जीवन की क्वालिटी में सुधार करेंगे, और मछुआरों तथा स्थानीय समुदायों की चिंताओं को दूर करेंगे: पीएम मोदी
16-18 अप्रैल तक, नारी शक्ति वंदन एक्ट पर चर्चा के लिए संसद फिर से शुरू होगी, जिसका लक्ष्य 2029 तक 33% महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है: पीएम

जय केरलम... जय केरलम...

जय विकसिता केरलम... जय विकसिता केरलम

केरलत्तिले एंडे प्रियप्पेट्टा….

सहोदरी सहोदरनमारे, एल्लावर्कम एंडे नमस्कारम।

सर्वप्रथम मैं भगवान श्रीवल्लभन के चरणों में प्रणाम करता हूं।

तिरुवल्ला की इस पवित्र धरती से मैं सबरीमला तीर्थ को, और स्वामी अय्यप्पा को भी प्रणाम करता हूं।

मैं सबसे पहले तो छोटी बिटिया को आशीर्वाद देता हूं जो बढ़िया चित्र बनाकर मुझे भेंट किया है। उधर भी एक नौजवान ने मेरी मां का चित्र मुझे दिया है। मैं इन सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस बेटी को आशीर्वाद देता हूं। मैं अपना भाषण शुरू करूं उससे पहले इस चुनाव में जो कैंडिडेट है उनसे आग्रह करता हूं कि कैंडिडेट सारे आगे आ जाएं। कैंडिडेट वहां खड़ें हो जाएं जरा। मैं एक दो मिनट जाकर के आता हूं आपके पास।

आज तिरुवल्ला में इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति...NDA पर आप लोगों का ये भरोसा... मेरी माताओं-बहनों का ये स्नेह और विश्वास...पूरे केरलम में आज ऐसा ही माहौल दिख रहा है। मुझे निकट से केरलम के चुनाव देखने का अवसर मिला है। मैं पहले भी आया हूं लेकिन इस बार हवा का रूख कुछ और है। लोगों का मिजाज कुछ और है। केरलम में अब सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। 9 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को दशकों के कुशासन का अंत की घोषणा....अब ये पक्का हो चुका है....LDF सरकार के जाने का काउंट डाउन शुरू हो चुका है...केरलम में पहली बार बीजेपी और NDA की सरकार आने वाली है।

इस चुनाव में केरलम का तो फायदा होने वाला है लेकिन मेरा एक निजी नुकसान होने वाला है। आपको लगता होगा ऐसी क्या बात है कि केरलम का फायदा होगा और मोदी का नुकसान होगा। जी मेरा व्यक्तिगत नुकसान होने वाला है। आपके मन में होता होगा क्या है बताऊं... बताऊं आपको। ऐसा है ये जो अनूप लड़ रहा है ना चुनाव आपके यहां.. ये पिछले पांच साल से मेरे साथ काम करता है। और देश भर में घूमकर के चीजें खोज कर के लाता है। यानि एक प्रकार से मेरा डेडिकेटेड साथी रहा है। एक प्रकार से ऐसे कामों के लिए वो मेरा बांया हाथ बन गया है। और कभी भी, शायद यहां भी कई लोगों को पता नहीं होगा कि अनूप मेरे साथ इतने सालों से है। कभी बोलता नही है और मैंने इसकी शक्तियों को जाना है। चूपचाप काम करना। अपने काम के लिए दिन रात जुटे रहना। मैंने ऐसा नौजवान मुझे मिला मेरा बहुत काम हो गया। लेकिन मैंने देखा कि जब केरलम को इस नौजवान की सेवाओं का फायदा होगा तो मैंने कहा मेरा भले ही नुकसान हो जाए लेकिन मैं आज अनूप को आपको सुपुर्द करने के लिए आया हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

तिरुवल्ला केरलम में विकास के नए युग की शुरुआत का केंद्र बनकर उभरा है। मैं इस जनसमर्थन के लिए तिरुवल्ला की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। तिरुवल्ला के लोगों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। तिरुवल्लयिले जनंगलुडे विश्वासमाण्, यंगलुडे एट्टवुं वलिय शक्ति।

एंडे सुहुर्तगले,

अभी दो-तीन दिन पहले जब मैं दिल्ली में था...मेरी केरलम के बीजेपी कार्यकर्ताओं से फोन पर लंबी चर्चा हुई। मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र, इतने छोटे केरलम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र में बीजेपी के एक लाख 25 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मेरे साथ फोन पर जुड़े थे। और तीस-चालीस मिनट इस चर्चा में मैंने देखा, साफ दिखा कि केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली है। इस चुनाव में मेहनत कर रहे सभी बीजेपी-एनडीए कार्यकर्ताओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं, उनका बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं केरलम की ताकत को देख रहा हूं। अभी मेरा हेलीकॉप्टर जहां लैंड हुआ, हेलीपैड से यहां तक मैं आया, जितने लोग यहां हैं ना इससे ज्यादा लोगो वहां रोड शो में खड़े थे। मेरे लिए बड़ा सरप्राइज था... रोड शो का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन पूरे रास्ते भर मैं देख रहा था। लोग ह्यूमन चेन की बात करते हैं लेफ्ट के लोग, आज यहां के लोगों ने ह्यूमल वॉल बनाकर के दिखा दिया।

एंडे सुहुर्तगले,

हमारे केरलम को ईश्वर ने अपार संसाधन और संभावनाएं दी हैं।
यहाँ समंदर में ब्लू इकोनॉमी के असीम अवसर हैं। यहाँ उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में कितना बड़ा potential है। लेकिन फिर भी, केरलम विकास की दौड़ में बाकी राज्यों से लगातार पिछर रहा है..पिछरते-पिछरते जा रहा है।

एंडे सुहुर्तगले,

LDF-UDF की सरकारों ने कभी इस क्षेत्र की परवाह नहीं की।
यहाँ कनेक्टिंग रोड्स का हाल बेहाल है। मुझे आपके ही साथी बता रहे थे कि यहां कई बरसों से एक भी बड़ा पुल नहीं बना है। कोट्टयम में मेडिकल कॉलेज की हालत इतनी खराब है कि उसका वर्णन करना मुश्किल है। जहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी कमी हो, वहां आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ कैसी होगी, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में कभी BJP सरकार नहीं रही। लेकिन, आप सब के आशीर्वाद से, देश की जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से हम केंद्र सरकार के जरिए केरलम के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। जब कांग्रेस दिल्ली में सत्ता में थी.. और एलडीएफ-यूडीएफ दोनों मिलकर के दिल्ली में सरकार चलाते थे, उस समय जो केरलम को मदद मिली.उसकी तुलना में NDA सरकार ने मोदी सरकार ने 5 गुना ज्यादा पैसा केरलम को भेजा है।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी-एनडीए को आपकी Ease of Living और क्वालिटी ऑफ लाइफ, दोनों की चिंता है। हमने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर दिये हैं। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइप से पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। यहां रबर के किसान बड़ी संख्या में रहते हैं...केरलम के किसानों को हमने पीएम-किसान सम्मान निधि के जरिए Around thirteen thousand करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई है। इससे रबर के किसानों को भी मदद मिली है।

साथियों,

नॉर्थ-ईस्ट में ईसाई समाज की संख्या बहुत अधिक है। एक राज्य को छोड़कर के नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में एनडीए की सरकार है और वहां पिछले 50-60 साल में जो काम नही हुआ है वो हमने कर के दिखाया है। गोवा में ईसाई समाज निर्णायक है। गोवा के अंदर लगातार बिजेपी की एनडीए की सरकार है, गोवा विकास के नए ऊंचाइयों को छू रहा है।
केरलम में भी NDA सरकार बनेगी तो विकास की नई ऊंचाइयों को पाएंगे, स्थानीय किसानों और फिशरमेन की हर समस्या का हम समाधान करेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

केंद्र की NDA सरकार ही केरलम में आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर ज़ोर दे रही है। हम यहाँ नेशनल हाइवेज बनाने को गति दे रहे हैं। रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। यहाँ रेलवे लाइनों की डबलिंग का काम भी पूरा हो गया है। कोट्यम से अब हाइस्पीड आधुनिक वंदेभारत ट्रेन भी चलाई जा रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

यहां सबरीमला रेलवे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र में नई संभावनाओं को खोल सकता है। इससे सबरीमला तक सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी... स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी...और मेरे नौजवान मित्रों को मेरे युवा साथियों के लिए रोजगार के नए-नए रास्ते खुलेंगे। लेकिन साथियों, आपको ये बात हमेशा याद रखनी है। यहां प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की जगह उसको लटकाए रखा! तिरुवल्ला को इसका बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार आएगी, तो ऐसी सभी रुकावटें हटेंगी। और ये मोदी की गारंटी है। NDA की राज्य सरकार में केरलम तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
एनडीए सरकारिनु कीड़िल केरलम
कसनत्तिन्टे पातयिल अतिवेगम मुन्नेरुम।

एंडे सुहुर्तगले,

NDA की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ अगर किसी वर्ग को होता है, तो वो मेरी माताएं-बहने महिलाओं को होता है। महिलाओं का सशक्तिकरण, महिलाओं का प्रतिनिधित्व....ये हमारी प्राथमिकता है। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान का प्रयास किया है। हमने घर घर शौचालय बनवाए, जनधन खाते खुलवाए, महिलाओं के नाम उनके घर महिलाओं के नाम पर बनवाए...मुद्रा लोन के जरिए अपना कारोबार शुरू करने वालों में भी बड़ी हिस्सेदारी महिलाओं की है। उनको बैंक से पैसा मिला है। हम वूमन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी लाखों करोड़ रुपए की मदद दे रहे हैं। लखपति दीदी का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। पहले मैंने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी अब मैंने और नाइनटीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। केरलम में बीजेपी सरकार आएगी, तो यहाँ भी डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा लाभ मेरी माताओं, बहनों को, बेटियों को, महिलाओं को मिलने वाला है। आपने देखा होगा, अभी हमने एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। भविष्य में माताओ-बहनों को कैंसर ना हो, इसलिए 13-14 साल की बच्चियों को उनकी जांच करके वैक्सीन लेने की योजना है। ये भविष्य में हमारी माताओ-बहनों को, ये बटियां जब बड़ी हो जाएंगी, वो कैंसर से बच पाएगी। इतना बड़ा काम आज देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए, माताओं के लिए एनडीए-भाजपा सरकार कर रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

ये हमारी ही सरकार है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को thirty three percent reservation दिया है। और आप सभी की जानकारी में है कि बजट सत्र का हमने पूर्णाहुति करने वी बजाए उसका विस्तार किया है। तीन दिन के लिए 16-17 और 18 अप्रैल को संसद फिर से मिलने वाली है। आपको पता है क्यों मिलने वाली है। जो कानून हमने पारित किया है। 33 पर्सेंट महिलाओं के लिए 2029 में लोकसबा के चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए। 33 पर्सेंट बहनें पार्लियामेंट में आकर बैठे। इसके लिए कानून बनाने की जरूरत है। जैसे पार्लियामेंट ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास किया था बैसे ही 16-17 -18 को दो काम करने हैं। केरल हो तमिलनाडु हो और बाकी राज्य हो, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, लोग झूठ फैला रहे हैं कि जनसंख्या कम हो रही हैं तो सीटें कम हो जाएगी। हम इस बार पार्लियामेंट में पक्का करना चाहते हैं कि पार्लियामेंट में कानून में ठप्पा लगाना चाहते हैं कि केरल हो, तमलनाडु हो, कर्नाटक हो, आंध्र हो, गोवा हो, तेलंगाना हो कहीं पर भी लोकसभा की सीटें कम ना हो, इसका ठप्पा लगाने के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी वो अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएं इतना बड़ा फायदा हमारे दक्षिण भारत के राज्य को मिले इसके लिए हम कानून संशोधन के लिए हम सत्र बुला रहे हैं। हमने कांग्रेस के लोगों को मीटिंग के लिए बुलाया। हम आशा करते हैं कि वो हमारी बात मानकर के आएंगे।

हमने इंडिया एलायंस के मित्रों से बात की है। आप ही लोगों को बताइए, कांग्रेस के लोगो को बताइए, एलडीएफ के लोगों को बताएं कि महिलाओं के अधिकार ये कानून निर्विरोध पास होना चाहिए। ये उन से वादा लीजिए आपलोग । और में उनसे भी प्रार्थना करता हूं कि मेरी माताओं-बहनों का ये हक 40 सालों से लटका हुआ है। अब 2029 के चुनाव में फिर से लटकना नहीं चाहिए। इसलिए मैं सभी राजनीतिक दलों पर देश की माताएं-बहनें दबाव डालें। सब संसद में आएं और इस कानून को पारित करें। महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या इस विषय को देखते हुए नारीशक्ति वंदन कानून में संशोधन किया जाएगा। ये आवश्यक है कि ये संशोधन सर्वसम्मति से पास हो ताकि साल 2029 में होने वाले चुनाव में ही इसका लाभ हमारी माताओं -बहनों को मिलना शुरू हो जाए। मैं सभी दलों से आग्रह करूंगा कि ये नारीशक्ति से हित से जुड़ा काम है, इसलिए खुले मन से, कोई भी राजनीतिक हिसाब किए बिना पूर्ण समर्थन कर के माताओं-बहनों का विश्वास जीतने में आप भी भागीदान बनिए।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम में युवाओं का पलायन सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। केरलम में रोजगार के लिए यहाँ इंडस्ट्री लगाने की जरूरत है। रोजगार के लिए जरूरी है कि, यहाँ service sector बढ़े। start-ups को जगह मिले, skill को सही value मिले। लेकिन इन सबके आगे केरलम में सबसे बडी दीवार है- करप्शन और कम्यूनलिज्म। जब यहां करप्शन और कम्यूनलिज्म की दीवार टूटेगी, तभी केरलम का विकास होगा। और इसके लिए आपको LDF-UDF दोनों को हराना होगा।

एंडे सुहुर्तगले,

रोजगार की तलाश में यहाँ से लाखों युवा विदेशों में भी गए हैं। NRI के तौर पर भी वो केरलम की सेवा करते हैं। यहाँ अपनी आय का बड़ा हिस्सा remittance के तौर पर भेजते हैं। इसी का परिणाम है, ये क्षेत्र बैंकिंग कैपिटल बनकर उभरा है। लेकिन कांग्रेस ने आपके और आपके संबंधियों के खिलाफ एक बहुत खतरनाक काम किया है। मैं विस्तार से आपको ये बात बताना चाहता

एंडे सुहुर्तगले,

वेस्ट एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को एक्सपोज कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है... खाड़ी के देशों में कैसे हालात बने हुये हैं। और वहां हमारे लाखों लोग केरल के मेरे भाई-बहन वहां काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं... ऐसे बयान देते हैं... जिनसे वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए ! वहां के लोगों को बीच में अविश्वास पैदा हो जाए। वहां की सरकार ये तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपने ही परिवार मानकर के उनकी रक्षा कर रहे हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसी भाषा बोली जा रही है। ऐसी भड़काव बातें हो रही हैं। मैं उनको कह-कह कर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। ये हमारे लाखों भाई-बहन वहां है ना उनकी सुरक्षा ही मेरा पहला दायित्व है। सबसे बड़ी प्रायरिटी है, कृपा कर के अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ ना हो।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझें...यहां हम कोई गलती कर दे ऐसा कोई बयान कर दे और गल्फ कंट्रीज से भारतीयों को वहां से बाहर निकलने के लिए मूसीबत आ जाए ! इसलिए कांग्रेस...गल्फ कंट्रीज को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे कांग्रेस के लोगो, एलडीएफ के लोगो, यूडीएफ के लोगो, अरे राजनीति अपनी जगह पर है, अरे चुनाव आते जाते रहेंगे, लेकिन मेरे केरलम के लाखों भाई-बहन वहां है मेरे लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए कमिटेड हूं। चुनाव जीतने के लिए, मोदी को गाली देने के लिए....कांग्रेस 1 करोड़ प्रवासियों का जीवन संकट में डालने को तैयार बैठी है। उधर ईरान में हमारा फिशरमैन केरल के हैं तमिलनाडु के हैं, गोवा के हैं आंध्र के हैं, तेलंगाना के हैं, पुड्डुचेरी के हैं। उनकी जिंदगी खतरे में है। हम वहां के संकट में से उनको बाहर ले आ रहे हैं। आज सैकड़ों की तादाद में मेरे मछुआरे भाई-बहन भारत लौटने वाले हैं। हमारे लिए उनकी जिंदगी बचाना ये महत्वपूर्ण है बयानबाजी करने के लिए और बहुत मौके आएंगे अभी तो हमारे लोगों की, हमारे मछुआरे भाई-बहनों को हमें जिंदा वापस लाना है। कांग्रेस को इन सारी चीजों से कोई लेना देना नहीं है। बस चुनाव... चुनाव... चुनाव.. क्या देश के लोगों की चिंता नहीं करोगे... काँग्रेस इस स्वार्थी सियासत के लिए केरलम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। पाप कर रहे हो।

एंडे सुहुर्तगले,

युद्ध की इन परिस्थितियों में मैं आपकी चिंता समझता हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से लगातार संपर्क में हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से मैं लगातार संपर्क में हूं। वहां की सरकारों से हम लगाता बात कर रहे हैं। मैं आप सभी परिजनों को आश्वस्त करता हूँ.... आपका बेटा, आपकी बेटी, आपके परिवारजन भले ही आपसे दूर हों...लेकिन, वो अकेले नहीं हैं। भारत सरकार इन देशों में रह रहे हर भारतीय के साथ है। युद्ध के बीच भी हम भारत के लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में LDF-UDF वालों ने मिलकर एक और propaganda शुरू किया है। लेफ्ट वाले कहते हैं कि, कांग्रेस बीजेपी की B टीम है। और, कांग्रेस कहती है कि लेफ्ट BJP की B टीम है। इन्हें ये इसलिए कहना पड़ रहा है... क्योंकि ये दोनों भी जानते हैं कि इस चुनाव में केरलम में अगर कोई पार्टी A टीम है तो A टीम BJP ही है।

साथियों,

आपने ये भी देखा है कि इस चुनाव में LDF और UDF दोनों मिलकर सिर्फ BJP को गालियां दे रही हैं, उनके निशाने पर सिर्फ बीजेपी है। इसकी एक वजह और भी है जो आपको जरूर नोट करनी चाहिए। दरअसल LDF और UDF की सीक्रेट पार्टनरशिप इतनी पक्की है कि ये एक दूसरे पर आरोप लगाने से बच रहे हैं। असल में ये दोनों एक ही सिक्के दो साइड हैं। इनकी दुश्मनी नकली है... WWWF है। LDF और UDF की दोस्ती एवरग्रीन है! जब दिल्ली में सरकार बनती है दोनों साथ होते हैं। बगल में तमिलनाडु में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस दोनों वोटबैंक के लिए कट्टरपंथी लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाते हैं। मुनंबम जैसी घटनाएं केरलम में आम होती जा रही हैं... वहाँ सैकड़ों ईसाई और हिंदू परिवारों को डराया गया। लेकिन, केरलम सरकार पीड़ितों को सहायता देने की जगह कट्टरपंथी ताकतों के साथ ही खड़ी नज़र आती है। ये एक खतरनाक ट्रेंड है। वोटबैंक के लिए केरलम और देश की सुरक्षा से ये खिलवाड़.... केरलम के देशभक्त लोग इसे कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस का भ्रष्टाचार हो, या उनका तुष्टीकरण... इसका सीधा हमला केरलम की संस्कृति और आस्था पर हो रहा है। पहले इन लोगों ने सबरीमला तीर्थ को बदनाम करने के लिए कैसे-कैसे षड्यंत्र रचे थे! और अब, सबरीमला इनकी लूट और चोरी के निशाने पर भी आ गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

सबरीमला में हुये इस पाप का एक पैटर्न है... ये चोरी LDF की सरकार में हुई। और, इसमें चोरी करने वालों के तार काँग्रेस के शीर्ष नेताओं के जुड़े पाए गए। लेफ्ट वाले तो हमेशा से हिन्दू आस्था पर हमले के लिए जाने जाते हैं। इसीलिए, LDF सरकार मामले की जांच CBI को नहीं सौंप रही है। और, जो काँग्रेस हमेशा मंदिर से जुड़े विषयों को अछूत मानती थी... वो आज हिंदुओं की हितैषी बनने का नाटक कर रही है दिखावा कर रही है। मैं ये साफ-साफ कहना चाहता हूँ... NDA सरकार बनने के बाद LDF-UDF को उनके अपराध की सजा जरूर मिलेगी। और जो लूटा है वो लौटाना पड़ेगा। स्वामी अयप्पा और उनके भक्तों के आक्रोश के आगे ये लोग बच नहीं पाएंगे। ये कांग्रेस वाले ये यूडीएफ वाले, ये एलडीएफ वाले हर चीज में झूठ बोलना ये जैसे उनका स्वभाव बन गया है।

देश को गुमराह करना ये उनका स्वभाव बन गया है। जब सीएए लाए तो देश को इतना झूठ बोला... इतना झूठ बोला आज सीएए लागून हुआ देश को कोई नुकसान नहीं हुआ, झूठ बोलने में माहिर है.. केरलम फाइल्स आई फिल्म तो बोलने लगे कि सब झूठ है... कश्मीर फाइल आई तो बोलने लगे सब झूठ है..धुरंधर फिल्म आई तो बोलने लगे कि झूठ है। कुछ भी करो बता देना... झूठ फैला देना। इन दिनो सीआआर को लेकर भी, ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। यूसीसी के लिए ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में सीसीए आया हुआ है, दशकों से है लेकिन झूठ फैलाना एफसीआरए के लिए झूठ फैलाना, सीएए के लिए झूठ फैलाना, धुरंधर जैसी फिल्म के लिए झूठ फैलाना केरलम फिल्म के लिए झूठ फैलाना, कश्मीर फाइल्स के लिए झूठ फैलाना। झूठ फैलाने का कारोबाल लेकर के बैठे हुए हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम की आस्था, संस्कृति इसकी रक्षा हो... केरलम विकास की नई ऊंचाइयों को छूए... ये हम सभी का संकल्प है। आप भाजपा-एनडीए उम्मीदवार को वोट देकर विकसित केरलम की यात्रा शुरू करिए। मैं आपको निमंत्रण देता हूं आप आइए.. ये मेरी जिम्मेदारी है ये मेरी गारंटी है 50 सालों में केरलम का विकास नहीं हुआ, हम पांच साल में करके देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

कल ईस्टर है। मैं ईस्टर की आपको शुभकामनाएं देता हूं। कुछ ही सप्ताह में सभी मलयाली साथी विशु भी मनाएंगे। मैं विशु की भी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। मैं सबसे पहले तो आप सबसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि मैं मलयालम, मलयाली, ये आपकी बहुत सुंदर भाषा है, मैं बोल नहीं पाता हूं, मुझे हिंदी में बोलना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद भी, एक भी व्यक्ति यहां से हटा नहीं। मैं जानता हूं यहां गांव के लोग आए हैं, हो सकता है मेरी भाषा नहीं समझ पाते हों, लेकिन ये आपके प्यार की ताकत है। ये आपका आशीर्वाद है... एक भी व्य़क्ति हिल नहीं रहा है हट नहीं रहा है। मेरा ये बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं आपका ये कर्ज, मैं आपका प्यार कभी भूलूंगा नहीं, ये मेरे पर आपका कर्ज है... और मैं केरलम के विकास को प्राथमिकता देकर के सवा गुना विकास करके इस कर्ज को चुकाऊंगा ये आज मैं वादा करता हूं।

मैं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए...

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...

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पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा पर भारत-नीदरलैंड का जॉइंट स्टेटमेंट
May 17, 2026

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री श्री रॉब जेटेन के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 16-17 मई 2026 को नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा की। यह प्रधानमंत्री मोदी की नीदरलैंड की दूसरी यात्रा थी।

16 मई की सुबह, नीदरलैंड के महामहिम राजा विलेम अलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा ने हेग स्थित रॉयल पैलेस हुइस टेन बॉश में प्रधानमंत्री मोदी का द्विपक्षीय बैठक के लिए स्वागत किया। महामहिम ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए दोपहर के भोजन का भी आयोजन किया।

प्रधानमंत्री जेटन और प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसके बाद 16 मई की शाम को रात्रिभोज का आयोजन किया गया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक और ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों, गहरे जन-संबंधों और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को याद किया और इन बहुआयामी संबंधों को और अधिक गहरा करने की इच्छा व्यक्त की। इस बावत, दोनों नेताओं ने नियमित बातचीत के ज़रिए, जिसमें उच्चतम राजनीतिक स्तर पर हुई बातचीत और 2023 में भारत की जी20 की अध्यक्षता और फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए सार्थक सहयोग के ज़रिए विभिन्न सहयोग कार्यक्रमों में हाल के वर्षों में हासिल की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और बढ़ती समानताओं को देखते हुए, दोनों नेताओं ने भारत और नीदरलैंड के संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। इस संदर्भ में, उन्होंने एक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप को अपनाने का स्वागत किया, जिसके तहत दोनों पक्ष राजनीतिक, व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, एआई और क्वांटम सिस्टम सहित महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, विज्ञान एवं नवाचार, स्थिरता, स्वास्थ्य, सतत् कृषि एवं खाद्य प्रणालियों, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा संक्रमण, सतत् परिवहन, समुद्री विकास, शिक्षा, संस्कृति एवं दोनों देशों की जनता के बीच संबंधों सहित सभी क्षेत्रों में नियमित और सुनियोजित सहयोग के ज़रिए कार्य करने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने नीति नियोजन के क्षेत्र में आदान-प्रदान की संभावनाओं का पता लगाने पर भी सहमति जताई।

दोनों नेताओं ने इस संबंध में दिसंबर 2025 में विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, जैसे रक्षा, सेमीकंडक्टर और संबंधित उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजिटल और साइबरस्पेस में सहयोग बढ़ाने, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों में सहयोग, संयुक्त व्यापार और निवेश समिति की स्थापना, साथ ही लोथल और एम्स्टर्डम के समुद्री संग्रहालयों के बीच सहयोग पर हुए समझौतों का स्वागत किया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भविष्य के लिए समझौते का उल्लेख किया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप लोकतंत्र, मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा तथा नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था सहित साझा मूल्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की। दोनों सरकारों ने समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी सदस्यता श्रेणियों के विस्तार सहित बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत और सुधारने की अपनी प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया और एक निश्चित समय सीमा के भीतर लिखित वार्ता का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक सुधारित और विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए भारत की स्थायी सदस्यता के लिए निरंतर मिले डच समर्थन के लिए प्रधानमंत्री जेटन को धन्यवाद दिया।

दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई और इस संबंध में इस साल जनवरी में पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता के सफल समापन का स्वागत किया। उन्होंने सहमति जताई कि यह मुक्त व्यापार समझौता, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के दौर में दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा और आर्थिक खुलेपन और नियम-आधारित व्यापार के प्रति संयुक्त प्रतिबद्धता को उजागर करेगा। दोनों नेताओं ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर एक साथ हस्ताक्षर का भी स्वागत किया, जो सुरक्षा और रक्षा पर यूरोपीय संघ और भारत के संवाद और सहयोग को मजबूत करेगा और समुद्री सुरक्षा, साइबर, आतंकवाद-विरोधी और रक्षा औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम देगा।

दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान, नौवहन की स्वतंत्रता और दवाब तथा संघर्षों से परे एक स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व पर सहमति व्यक्त की। इंडो-पैसिफिक पर यूरोपीय संघ की रणनीति का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री जेटन ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) में नीदरलैंड्स के शामिल होने और जर्मनी तथा यूरोपीय संघ के साथ क्षमता निर्माण एवं संसाधन साझाकरण का सह-नेतृत्व करने के निर्णय की घोषणा की।

यूक्रेन के मुद्दे पर, दोनों पक्षों ने जारी युद्ध पर चिंता जताई, जिसमें भारी तादाद में लोगों को कष्ट झेलने पड़ रहे हैं और जिसके वैश्विक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर आधारित संवाद और कूटनीति के माध्यम से यूक्रेन में व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति प्राप्त करने के प्रयासों का समर्थन जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व की स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई और क्षेत्र तथा व्यापक विश्व पर इसके गंभीर प्रभावों का उल्लेख किया, जिनमें भारी मानवीय पीड़ा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क में व्यवधान शामिल हैं। दोनों नेताओं ने 8 अप्रैल 2026 को घोषित युद्धविराम का स्वागत किया। उन्होंने तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के महत्व पर बल दिया और पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व में स्थायी शांति की उम्मीद जताई। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार प्रवाह का आह्वान किया और किसी भी प्रतिबंधात्मक उपाय का विरोध करते हुए इस संबंध में चल रहे प्रयासों और पहलों के प्रति अपना समर्थन दोहराया।

आर्थिक सहयोग, व्यापार एवं निवेश

दोनों नेताओं ने कहा कि नीदरलैंड-भारत आर्थिक साझेदारी, सहयोग का एक आदर्श उदाहरण है, जो स्थिरता, नवाचार और दीर्घकालिक विकास जैसी साझा प्राथमिकताओं से प्रेरित है और दोनों देशों के लिए पारस्परिक समृद्धि का सृजन करती है। उन्होंने कुशल आपूर्ति श्रृंखलाओं और खुले बाजारों के प्रति साझा प्रतिबद्धता द्वारा समर्थित दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि का स्वागत किया। विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क वाला नीदरलैंड, रॉटरडैम बंदरगाह सहित अन्य मार्गों से, भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है। वहीं, भारत डच कंपनियों के लिए एक विशाल और गतिशील बाजार प्रदान करता है, जिन्हें विस्तार के अवसरों, व्यापार-अनुकूल वातावरण और भारत में उपलब्ध कुशल प्रतिभाओं के विशाल भंडार से काफी लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, भारतीय व्यवसाय जल प्रबंधन, सतत् कृषि और स्मार्ट शहरों के क्षेत्र में डच विशेषज्ञता का लाभ उठा सकते हैं।

दोनों देशों के बीच मौजूदा आर्थिक सहयोग पर संतोष व्यक्त करते हुए, नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से उत्पन्न अवसरों को लेकर, विशेष रूप से आगे की वृद्धि की अपार संभावनाओं पर बल दिया। नीदरलैंड भारत के प्रमुख व्यापार और निवेश साझेदारों में से एक बना हुआ है, जो द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों की गहराई और मजबूती को दर्शाता है।

व्यापार और निवेश को और सुगम बनाने के लिए, प्रधानमंत्रियों ने सीमा शुल्क मामलों में पारस्परिक प्रशासनिक सहायता समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, जिससे दोनों देशों के सीमा शुल्क अधिकारियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा और इस प्रकार सीमा शुल्क प्रवर्तन को बढ़ावा मिलेगा तथा भारत और नीदरलैंड के बीच वैध व्यापार को सुगम बनाया जा सकेगा।

दोनों नेताओं ने भारत-नीदरलैंड संयुक्त व्यापार और निवेश समिति और फास्ट ट्रैक तंत्र जैसे अन्य माध्यमों से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने सतत् विकास, रोजगार सृजन और सुदृढ़ मूल्य श्रृंखलाओं को समर्थन देने के लिए निवेश सुगमता बढ़ाने और नवाचार तंत्र को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति जताई।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने स्टार्टअप और नवाचार में सहयोग की प्रबल संभावनाओं पर ज़ोर देते हुए कहा कि भारत और नीदरलैंड में विकसित समाधानों को वैश्विक स्तर पर, जिनमें भारतीय और यूरोपीय संघ के बाजार भी शामिल हैं, लागू किया जा सकता है। उन्होंने दोनों देशों की स्टार्टअप व्यवस्थाओं को और अधिक जोड़ने, आदान-प्रदान को सुगम बनाने और डिजिटल सॉफ्ट-लैंडिंग कार्यक्रमों के साथ-साथ व्यापार मिशनों, नवाचार मिशनों और प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलनों में भागीदारी बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग

दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग को लेकर आशय पत्र पर हस्ताक्षर का स्वागत किया और संबंधित रक्षा मंत्रालयों के बीच नियमित बातचीत और स्टाफ स्तर की वार्ताओं के ज़रिए दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने के महत्व पर बल दिया, ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान, यात्राओं, अनुसंधान, नवाचार और प्रशिक्षण गतिविधियों का बेहतर ढंग से समन्वय किया जा सके। उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग के दायरे को और अधिक विस्तारित करने की दिशा में आगे बढ़ने पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों नेता यूरोपीय संघ के तंत्रों और अन्य साझेदारों के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी एकमत हुए और साथ ही उन्होंने एक रक्षा औद्योगिक रोडमैप स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने पर भी सहमति जताई, जिसमें दोनों देशों के सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सह-विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सह-उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यमों की स्थापना के ज़रिए रक्षा उपकरण, प्रणालियों, घटकों और अन्य प्रमुख क्षमताओं के निर्माण हेतु रक्षा औद्योगिक सहयोग को निर्धारित किया गया है।

दोनों नेताओं ने सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी उपायों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के अन्य पारस्परिक रूप से सहमत मामलों सहित पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा मुद्दों पर दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्रों के बीच नियमित आदान-प्रदान शामिल है।

दोनों नेताओं ने वार्षिक द्विपक्षीय साइबर परामर्शों पर संतोष व्यक्त किया और साथ ही ऑनलाइन साइबर स्कूल के 8वें सत्र के आयोजन को एक खुले, स्वतंत्र और सुरक्षित साइबरस्पेस को सुनिश्चित करने के लिए, दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का साधन बताया। इस संदर्भ में, नेताओं ने साइबरस्पेस में सहयोग बढ़ाने के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, जिसमें बहुपक्षीय मंचों में घनिष्ठ समन्वय और क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान के ज़रिए साइबर खतरों और साइबर अपराध का मुकाबला करने के लिए संयुक्त प्रयास शामिल हैं।

दोनों नेताओं ने एक खुले, स्वतंत्र, सुरक्षित, स्थिर, सुलभ और शांतिपूर्ण सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) वातावरण के महत्व पर जोर दिया, जिसे नवाचार और आर्थिक विकास का प्रवर्तक माना जाता है। इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने 19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में नीदरलैंड की रचनात्मक भागीदारी के लिए उसे धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री जेटन ने अप्रैल 2025 में भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में नागरिकों पर हुए जघन्य और घृणित आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है, के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति नीदरलैंड की एकजुटता और अटूट समर्थन व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने दोषियों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की साफ तौर पर निंदा की। उन्होंने आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया और आतंकवाद का मुकाबला करने में दोहरे मापदंडों को भी अस्वीकार किया।

दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और एफएटीएफ सहित द्विपक्षीय और बहुपक्षीय तंत्रों के ज़रिए व्यापक और सतत् तरीके से आतंकवाद का मुकाबला करने की ज़रुरत पर जोर दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा प्रतिबंधित समूहों और उनके प्रतिनिधियों, सहयोगियों, प्रायोजकों, समर्थकों और वित्तपोषकों सहित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी समूहों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया। दोनों पक्षों ने सभी देशों से आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों और बुनियादी ढांचे को समाप्त करने, आतंकवादी नेटवर्क और उनके वित्तपोषण को बाधित करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आतंकवाद के अपराधियों को शीघ्रता से न्याय के कटघरे में लाने की दिशा में काम जारी रखने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री जेटन ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र व्यापक सम्मेलन (सीसीआईटी) स्थापित करने के भारत के प्रयासों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

दोनों नेताओं ने मानवरहित विमान प्रणालियों, आतंकवादियों द्वारा आभासी संपत्तियों के उपयोग, आतंकवादी संगठनों और सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग से बढ़ते खतरों पर भी चिंता जताई।

आतंकवाद से निपटने और इस संबंध में वैश्विक सहयोग के ढांचे को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को स्वीकार करते हुए, दोनों नेताओं ने सभी देशों द्वारा धन शोधन विरोधी और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

उभरती प्रौद्योगिकियां, नवाचार, विज्ञान और शिक्षा

दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर और संबंधित उभरती प्रौद्योगिकी पर साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, जो निवेश, अनुसंधान और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान सहित सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गहन सहयोग के लिए ढांचा प्रदान करता है।

दोनों नेताओं ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में जारी सहयोग का भी स्वागत किया, जिसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी शुरू करने और सरकारों, व्यवसायों और ज्ञान संस्थानों की विशेषज्ञता को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह सहयोग विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर पहले से सक्रिय संयुक्त कार्य समूह के ज़रिए संयुक्त अनुसंधान और विकास परियोजनाओं, प्रतिभा गतिशीलता और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सुगम बनाता है। दोनों नेताओं ने पिछले वर्षों में संयुक्त रूप से शुरू किए गए लगभग पचास बड़े अनुसंधान और नवाचार कार्यक्रमों पर विचार किया और साझा समाधानों के साथ सामान्य सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के मकसद से प्रमुख सहायक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निरंतर सहयोग के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया।

दोनों नेताओं ने डच सेमीकंडक्टर कॉम्पिटेंस सेंटर को भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) से जोड़ने की पहल का भी स्वागत किया, जिसका मकसद सहयोग, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा विकास के ज़रिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र, खास तौर पर उद्योगों, स्टार्टअप्स, स्केल-अप्स, एसएमई और उनके आपूर्तिकर्ताओं को समर्थन देना और मज़बूत करना है। इसके अलावा, दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-डच सेमीकंडक्टर ऑनलाइन स्कूल और इसके अगले चरण के लिए सराहना की।

दोनों नेताओं ने आइंडहोवेन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और यूनिवर्सिटी ऑफ ट्वेंटे तथा छह प्रमुख भारतीय तकनीकी संस्थानों (आईआईएससी बैंगलोर, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी गांधीनगर, आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी मद्रास) के बीच सेमीकंडक्टर और संबंधित प्रौद्योगिकियों में ब्रेन ब्रिज के लिए सहयोग ज्ञापन को अपनाने का स्वागत किया, जिसमें NXP, ASML, TATA और CG Semi की औद्योगिक भागीदारी है। इससे दोनों पक्षों की अकादमिक और उद्योग भागीदारी के साथ अनुसंधान विकास तथा प्रतिभा विकास को गति मिलेगी।

सतत् नवाचार के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के रणनीतिक महत्व और मज़बूत एवं टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता को पहचानते हुए, दोनों नेताओं ने अन्वेषण, अनुसंधान एवं नवाचार, मूल्य श्रृंखलाओं के एकीकरण, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, चक्रीय प्रक्रिया और ईएसजी मानकों तथा संबंधित आकलन सहित महत्वपूर्ण खनिजों की मूल्य श्रृंखला में सहयोग को और मज़बूत करने में अपनी पारस्परिक रुचि व्यक्त की। इस संदर्भ में, नेताओं ने महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का भी स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने भारत के शिक्षा मंत्रालय और नीदरलैंड के शिक्षा, संस्कृति और विज्ञान मंत्रालय के बीच उच्च शिक्षा पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। इस समझौता ज्ञापन का मकसद दोनों देशों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच उनकी संबंधित शैक्षणिक प्राथमिकताओं और ज़रुरतों के मुताबिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

दोनों नेताओं ने डच और भारतीय विश्वविद्यालयों के बीच चल रहे संस्थागत सहयोग पर भी संतोष जताया, जिसमें हाल ही में हुए सहयोग शामिल हैं, जैसे कि ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय और नालंदा विश्वविद्यालय; डेल्फ़्ट प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और मुंबई महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण; सर्वे ऑफ इंडिया और आईटीसी, ट्वेंटे विश्वविद्यालय; व्रीजे यूनिवर्सिटेट एम्स्टर्डम और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और कई अन्य। दोनों नेताओं ने माना कि भारत-डच शिक्षा एवं अकादमिक नेटवर्क जैसे मंच शैक्षिक और वैज्ञानिक सहयोग को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

दोनों नेताओं ने भारत और नीदरलैंड के बीच खास तौर पर जलवायु परिवर्तन, जल समस्या, खाद्य सुरक्षा और वायु गुणवत्ता जैसी सामाजिक चुनौतियों के समाधान में अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों के उपयोग पर जारी अंतरिक्ष साझेदारी और इसे और अधिक मज़बूत करने की संभावना को स्वीकार किया।

ऊर्जा सुरक्षा और परिवर्तन / चक्रीय अर्थव्यवस्था

जैव ईंधन और जैव रसायन के क्षेत्र में सक्रिय द्विपक्षीय सहयोग को देखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने जी20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान शुरू किए गए वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में नीदरलैंड के शामिल होने का स्वागत किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने जैव अर्थव्यवस्था पर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और भारत और नीदरलैंड द्वारा सह-अध्यक्षता में चलाए गए जैव रिफाइनरी मिशन इनोवेशन प्रोग्राम की सफलता पर विचार-विमर्श किया।

'अपशिष्ट से मूल्य' पर जारी सहयोग को स्वीकार करते हुए, दोनों नेताओं ने कहा कि डच राष्ट्रीय चक्रीय अर्थव्यवस्था कार्यक्रम 2023-2030 का 2025 का अद्यतन और विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (WCEF) 2026 की भारतीय अध्यक्षता, नए क्षेत्रों में साझेदारी के विस्तार का अवसर प्रदान करेगी। इसमें औद्योगिक चक्रीयता, सतत् और जलवायु-परिवर्तनीय शहरी प्रणालियों के लिए ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पायलट और स्केलेबल परियोजनाओं में प्रौद्योगिकी तैनाती, नवाचार की शुरुआत और व्यापार और निवेश प्रोत्साहन के अवसर शामिल हैं, जैसे कि बी2बी साझेदारी के माध्यम से, जिसके लिए डच कंपनियों को संसाधन दक्षता और चक्रीय अर्थव्यवस्था उद्योग गठबंधन (RECEIC) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। सतत् गतिशीलता के क्षेत्र में, स्मार्ट और अंतर-संचालनीय चार्जिंग अवसंरचना, बैटरी प्रौद्योगिकी और सिस्टम एकीकरण, मानकीकरण और खुले प्रोटोकॉल, भारी और मध्यम-भारी शून्य-उत्सर्जन वाहन, स्मार्ट शहरी गतिशीलता प्रणाली और बहुमॉडल एकीकरण और वैकल्पिक ईंधन और सक्रिय गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा किया जा सकता है।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और नीदरलैंड के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से, दोनों नेताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा पर समझौता ज्ञापन के तहत एक संयुक्त कार्य समूह की स्थापना का स्वागत किया। यह समझौता ज्ञापन नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग के विविध एजेंडे के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करता है, जिसमें नवोन्मेषी सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, भंडारण और ऊर्जा परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश शामिल हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा पर सहयोग और द्विपक्षीय निवेश को और मजबूत करने के लिए, दोनों नेताओं ने हरित हाइड्रोजन विकास पर महत्वाकांक्षी भारत-नीदरलैंड रोडमैप का शुभारंभ किया। नेताओं ने सहमति जताई कि यह रोडमैप हरित हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए भारत की महत्वाकांक्षा, विशाल क्षमता और प्रतिस्पर्धी लाभों का समर्थन करने में सहायक होगा, साथ ही दोनों देशों में ऊर्जा के एक स्थायी स्रोत के रूप में हरित हाइड्रोजन को तेजी से अपनाने में योगदान देगा।

इसके अतिरिक्त, नीति आयोग और नीदरलैंड के बीच ऊर्जा परिवर्तन के लिए क्षमता निर्माण पर संयुक्त आशय वक्तव्य का नवीनीकरण ऊर्जा सुरक्षा और परिवर्तन क्षेत्रों में निरंतर सहयोग सुनिश्चित करेगा।

दोनों नेताओं ने अकादमिक सहयोग को मजबूत करने के लिए ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय (आरयूजी) और 19 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का स्वागत किया। उन्होंने भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और आरयूजी के बीच हाइड्रोजन पर पीएचडी फैलोशिप कार्यक्रम की स्थापना का भी स्वागत किया।

जल प्रबंधन

दोनों नेताओं ने भारत की जल संबंधी आवश्यकताओं और नीदरलैंड की विशेषज्ञता एवं अनुभव के बीच तालमेल को और बेहतर करने के लिए जल संबंधी रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने जल एवं नदी प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे संयुक्त प्रयासों की सराहना की, जिनमें नमामि गंगा मिशन में साझेदारी, जलवायु परिवर्तन के दौरान शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं के ज़रिए 'जल का लाभ उठाना', डेल्टा प्रबंधन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग और नई जल प्रौद्योगिकियों का परिचय शामिल है। दोनों नेताओं ने सुरक्षित स्वच्छता प्रबंधन और स्वच्छ जल तक समावेशी पहुंच के महत्व पर जोर दिया और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण और स्वच्छता संबंधी विकासात्मक परियोजनाओं के लिए सतत् वित्तपोषण में नीदरलैंड के योगदान को स्वीकार किया।

दोनों नेताओं ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड सरकार के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन मंत्रालय के सहयोग से जल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का स्वागत किया। नेताओं ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल राज्यों में चल रहे विभिन्न संयुक्त कार्यक्रमों के तहत हुई प्रगति पर भी ग़ौर किया।

दोनों नेताओं ने गुजरात के कल्पसर परियोजना पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की, जहां परियोजना में डच विशेषज्ञता और तकनीकी सहायता जल पर रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

दोनों नेताओं ने भारत के नेतृत्व वाले वैश्विक आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) के शहरी जल अवसंरचना सशक्तिकरण कार्यक्रम में अब तक हुई प्रगति पर भी गौर किया, जिसके ज़रिए नीदरलैंड अपनी सदस्यता के तहत अपनी विशेषज्ञता साझा करता है। दोनों नेता राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ भारतीय शहरों में और वैश्विक स्तर पर 50 से अधिक CDRI सदस्य देशों में विकसित प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

समुद्री विकास

दोनों प्रधानमंत्रियों ने समुद्री सहयोग पर हाल ही में नवीनीकृत समझौता ज्ञापन का ज़िक्र किया और भारत और नीदरलैंड के बीच अक्टूबर 2025 में हस्ताक्षरित आशय पत्र में उल्लिखित रणनीतिक 'हरित और डिजिटल समुद्री गलियारे' के विकास में सहयोग करते हुए, सुरक्षित, संरक्षित और टिकाऊ समुद्री क्षेत्र की दिशा में निरंतर सहयोग के महत्व पर बल दिया। इस संदर्भ में, उन्होंने बंदरगाहों और अंतर्देशीय जलमार्गों के स्मार्ट और टिकाऊ विकास, आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन और हरित बंदरगाहों और जहाजरानी के क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और गहरा और व्यापक बनाने पर सहमति जताई। अगले कदम के रूप में, दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक व्यापक 'हरित और डिजिटल समुद्री गलियारे पर रणनीतिक रोडमैप' विकसित करने की संभावनाओं पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की, जिसका मकसद भारत और नीदरलैंड के बीच पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ, डिजिटल रूप से एकीकृत और आर्थिक रूप से कुशल भविष्य के लिए तैयार समुद्री गलियारे की दिशा में काम करना है।

वैश्विक और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में, साझा हितों को देखते हुए, दोनों प्रधानमंत्रियों ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, जिसमें बंदरगाहों और अंतर्देशीय जलमार्गों में साइबर सुरक्षा और विविध एवं मज़बूत आपूर्ति श्रृंखलाओं (महत्वपूर्ण कच्चे माल, दवा और खाद्य पदार्थ सहित) को बढ़ावा देना शामिल है, के क्षेत्र में संबंधित सरकारी संस्थाओं, व्यवसायों और ज्ञान संस्थानों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की।

स्वास्थ्य क्षेत्र

दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के महत्व पर बल दिया, विशेष रूप से संक्रामक रोगों और रोगाणुरोधी प्रतिरोध जैसे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों के साथ-साथ गैर-संक्रामक रोगों के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए। दोनों नेताओं ने डिजिटल स्वास्थ्य (एआई और साइबर सुरक्षा सहित) और क्षमता निर्माण में और अधिक सहयोग को प्रोत्साहित करने पर भी सहमति जताई। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर समझौता ज्ञापन के नवीनीकरण और महिला स्वास्थ्य, जलवायु और स्वास्थ्य तैयारियों के लिए क्षमता विकास और दोनों देशों में टिकाऊ स्वास्थ्य प्रणालियों पर ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में नई सहयोग पहलों पर विचार करने का स्वागत किया। इस नवीनीकृत समझौता ज्ञापन के आलोक में दोनों नेताओं ने डच राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संस्थान (RIVM) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित आशय पत्र का भी स्वागत किया, जिसमें संक्रामक रोगों, वेक्टर जनित रोगों, एक स्वास्थ्य और रोग निगरानी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

दोनों नेताओं ने इस बात पर भी बल दिया कि भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के तहत उच्च गुणवत्ता वाली, सुलभ, सुरक्षित और टिकाऊ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 2026 में, नव हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के तहत पहली संयुक्त कार्य समूह की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें समझौता ज्ञापन और इसकी कार्य योजना के कार्यान्वयन और आगे के विकास पर चर्चा की जाएगी और शैक्षणिक सहयोग, नियामक सहयोग, व्यावसायिक जुड़ाव और बाजार पहुंच पर ज्ञान के आदान-प्रदान सहित सहयोग के प्रमुख अवसरों की पहचान की जाएगी।

कृषि एवं खाद्य प्रणालियाँ

दोनों नेताओं ने कृषि, खाद्य प्रणालियों और जिम्मेदार मूल्य श्रृंखलाओं के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड के निरंतर सहयोग पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें कृषि पर संयुक्त कार्य समूह के ज़रिए ज्ञान का आदान-प्रदान और अनुभव साझा करना शामिल है। नेताओं ने संरक्षित खेती, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी और मुर्गी पालन के क्षेत्र में भारत में डच कंपनियों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया। नेताओं ने कृषि क्षेत्र, जिसमें कृषि-तकनीक भी शामिल है, से संबंधित भारतीय और डच कंपनियों के बीच सहयोग के अवसरों का लाभ उठाने के महत्व पर जोर दिया।

दोनों नेताओं ने डच विशेषज्ञता के साथ भारत में कृषि संबंधी क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना में हुई प्रगति की समीक्षा की। ये केंद्र उच्च-तकनीकी ग्रीनहाउस कृषि उत्पादन में प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दे रहे हैं, साथ ही छोटे किसानों के लिए बेहतर कृषि उपज और क्षमता निर्माण कर रहे हैं, जिससे अधिक टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता/उत्पादकता प्राप्त हो रही है और पानी और कृषि रसायनों का उपयोग कम हो रहा है।

दोनों नेताओं ने निरंतर सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के ज़रिए केंद्रों के प्रभाव और प्रभावशीलता को और बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य प्रणालियों के विभिन्न पहलुओं में व्यावसायिक शिक्षा में विस्तारित सहयोग की संभावनाओं पर भी सहमति जताई।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय तथा नीदरलैंड के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति मंत्रालय के बीच संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। साथ ही, बेंगलुरु स्थित पशुपालन उत्कृष्टता केंद्र (CEAH) में दुग्ध उत्पादन प्रशिक्षण के लिए एक भारत-डच उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का भी स्वागत किया गया। दोनों पक्षों ने खाद्य प्रसंस्करण सहित दुग्ध उत्पादन और अन्य संबद्ध कृषि क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।

दोनों नेताओं ने भारत में जारी स्वच्छ पौधे कार्यक्रम के तहत स्वच्छ पौधा केंद्रों (सीपीसी) की स्थापना हेतु बागवानी क्षेत्र में भारत-डच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इसका मकसद उच्च मूल्य वाली बागवानी और फलों की फसलों के रोगमुक्त, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की उपलब्धता को बढ़ावा देना है, ताकि भारतीय बागवानी क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और बेहतर हो सके। इस संदर्भ में, नेताओं ने भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड और नक्तुइनबाउ के बीच क्षमता निर्माण एवं समर्थन पर हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत किया।

खाद्य सुरक्षा एवं संरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए, दोनों नेताओं ने नीदरलैंड खाद्य एवं उपभोक्ता उत्पाद सुरक्षा प्राधिकरण (NVWA) और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के बीच हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत किया।

जनसंपर्क एवं संस्कृति

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-नीदरलैंड संबंधों के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले आपसी संबंधों की प्रगाढ़ता को भी स्वीकार किया। प्रधानमंत्री जेटन ने नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय द्वारा डच समाज में किए गए योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने विशेष रूप से युवा, शिक्षाविद, पेशेवर कार्यबल, खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के ज़रिए दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क को और बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराया।

दोनों देशों के बीच निष्पक्ष प्रवासन और आवागमन को सुगम बनाने के महत्व को देखते हुए, दोनों नेताओं ने प्रवासन और आवागमन पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

दोनों पक्षों ने अवैध प्रवासन और मानव तस्करी को रोकने और उससे निपटने तथा उच्च कुशल पेशेवरों के निष्पक्ष आवागमन को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई। यह दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय मानकों द्वारा निर्देशित है, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रवासी श्रमिकों के साथ गरिमा और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाए, जिसमें निष्पक्ष आवागमन, पारदर्शी वीजा प्रक्रिया और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा शामिल है।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने डिजाइन, प्रदर्शन कला, दृश्य कला, संग्रहालय और विरासत सहयोग जैसे क्षेत्रों में आपसी ज्ञान को बढ़ाने के लिए प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक पहलों को बढ़ावा देने सहित, उन्नत सांस्कृतिक सहयोग के ज़रिए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की और सांस्कृतिक सहयोग पर एक संयुक्त कार्य समूह की संभावित स्थापना पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

आपसी सांस्कृतिक सम्मान के महत्व पर जोर देते हुए, दोनों नेताओं ने ड्रेन्ट्स संग्रहालय और राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत ड्रेन्ट्स संग्रहालय में अमृता शेर-गिल की कलाकृतियों की प्रदर्शनी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा में वैन गॉग की एक कलाकृति और अन्य डच कलाकृतियों की वापसी प्रदर्शनी की भी उम्मीद जताई।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने सांस्कृतिक कलाकृतियों की वापसी और पुनर्स्थापन में सहयोग के महत्व पर बल दिया और इस संबंध में लीडेन विश्वविद्यालय से चोल काल की तांबे की प्लेटों की भारतीय अधिकारियों को वापसी का स्वागत किया।

भारत और नीदरलैंड के बीच सदियों पुराने द्विपक्षीय समुद्री इतिहास को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने एम्स्टर्डम के राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय और भारत के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के बीच लोथल (गुजरात) में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) के विकास में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।

वार्ता सौहार्दपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के और विकास तथा भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में बहुआयामी सहयोग की अपार संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री जेटन को उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें यथाशीघ्र भारत आने का निमंत्रण दिया।