महामहिम राष्ट्रपति अशरफ घानी, मीडिया के सदस्य,

मुझे राष्ट्रपति घानी और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत कर खुशी हो रही है।

PM MODI in Joint Press Briefing with Afghan President, Ashraf Ghani (3)

हमारी यह मुलाकात तब हो रही है जब नेपाल भयानक त्रासदी से जूझ रहा है। राष्ट्रपति घानी और मैं, हमारे दोनों देशों, दक्षिण एशिया और विश्व की तरफ से नेपाल के लोगों को कहना चाहता हूँ : आपके साहस और मानवता का दुनिया सम्मान करती है। और, त्रासदी और परीक्षा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं।

हम बचाव और राहत कार्य के लिए जो भी संभव होगा, सब करेंगे। और जब आप अपना जीवन फिर से शुरू कर रहे होंगे, अपने घरों और विरासत का पुनर्निर्माण कर रहे होंगे, हम आपके साथ होंगे।

मैंने और राष्ट्रपति घानी ने उनके देश के पुनर्निर्माण के लिए ऐतिहासिक प्रयासों पर विचार-विमर्श किया है। हम भारत के लोग शांति और समृद्धि से पूर्ण भविष्य के लिए अफगान लोगों के साहस और संकल्प की प्रशंसा करते हैं। वे भारी चुनौतियों से निपटने में सफल रहे हैं।

भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्ता सिर्फ दो देशों या सरकारों के बीच नहीं है। यह मानव मन की एक कालातीत कड़ी है।

हम अफगान लोगों की मित्रता और सद्भावना को दिल से महत्व देते हैं। हर भारतीय के मन में अफगान लोगों के लिए भरपूर स्नेह और सम्मान है।

और इसलिए हम अफगानिस्तान के लोगों के साथ हैं। उन्होंने एक संयुक्त, स्थिर, लोकतांत्रिक और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण किया है।

यह हमारी मैत्रीपूर्ण जिम्मेदारी का फल है। यह क्षेत्रीय शांति और प्रगति के लिए हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है।

चौदह वर्ष पहले, हमने राष्ट्रपति करजई के नेतृत्व में अफगानिस्तान के लिए एक नए युग में, हमारे संबंधों में एक नया अध्याय शुरू किया। भौगोलिक सीमाओं एवं राजनीतिक बाधाओं के बावजूद यह साझेदारी फली-फूली है।

PM MODI in Joint Press Briefing with Afghan President, Ashraf Ghani (1)

हमारी यह मुलाकात तब हो रही है जब नेपाल भयानक त्रासदी से जूझ रहा है। राष्ट्रपति घानी और मैं, हमारे दोनों देशों, दक्षिण एशिया और विश्व की तरफ से नेपाल के लोगों को कहना चाहता हूँ : आपके साहस और मानवता का दुनिया सम्मान करती है। और, त्रासदी और परीक्षा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं।

हम बचाव और राहत कार्य के लिए जो भी संभव होगा, सब करेंगे। और जब आप अपना जीवन फिर से शुरू कर रहे होंगे, अपने घरों और विरासत का पुनर्निर्माण कर रहे होंगे, हम आपके साथ होंगे।

मैंने और राष्ट्रपति घानी ने उनके देश के पुनर्निर्माण के लिए ऐतिहासिक प्रयासों पर विचार-विमर्श किया है। हम भारत के लोग शांति और समृद्धि से पूर्ण भविष्य के लिए अफगान लोगों के साहस और संकल्प की प्रशंसा करते हैं। वे भारी चुनौतियों से निपटने में सफल रहे हैं।

भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्ता सिर्फ दो देशों या सरकारों के बीच नहीं है। यह मानव मन की एक कालातीत कड़ी है।

हम अफगान लोगों की मित्रता और सद्भावना को दिल से महत्व देते हैं। हर भारतीय के मन में अफगान लोगों के लिए भरपूर स्नेह और सम्मान है।

और इसलिए हम अफगानिस्तान के लोगों के साथ हैं। उन्होंने एक संयुक्त, स्थिर, लोकतांत्रिक और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण किया है।

यह हमारी मैत्रीपूर्ण जिम्मेदारी का फल है। यह क्षेत्रीय शांति और प्रगति के लिए हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है।

चौदह वर्ष पहले, हमने राष्ट्रपति करजई के नेतृत्व में अफगानिस्तान के लिए एक नए युग में, हमारे संबंधों में एक नया अध्याय शुरू किया। भौगोलिक सीमाओं एवं राजनीतिक बाधाओं के बावजूद यह साझेदारी फली-फूली है।

PM MODI in Joint Press Briefing with Afghan President, Ashraf Ghani (5)

हम आईसीपी अटारी में अफगान ट्रकों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। हम अफगान पाकिस्तान व्यापार और पारगमन समझौते के बाद के समझौते में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं। इससे दक्षिण एशिया के सबसे पुराने व्यापारिक मार्गों में से एक को फिर से स्थापित करने में मदद मिलेगी। मैंने ईरान में चाह्बहर पोर्ट परियोजना को आगे ले जाने का भी आश्वासन दिया है। हम जल्द ही एक द्विपक्षीय मोटर वाहन करार करेंगे।

हम बुनियादी ढांचे, कृषि, संचार, मानव संसाधन विकास, सामुदायिक परियोजनाओं और मानवीय सहायता जैसी विकास भागीदारी का भी विस्तार करेंगे। हम नए व्यापार और निवेश के अवसरों का भी पता लगाएंगे।

हमने अपने प्रयासों में अफगान बच्चों पर विशेष ध्यान दिया है। आज मैंने काबुल में हबीबिया स्कूल, इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य देखभाल अस्पताल और जन्मजात हृदय रोग से ग्रस्त बच्चों के इलाज हेतु रेड क्रीसेंट सोसायटी फंड के लिए नए सिरे से सहयोग करने का आश्वासन दिया है।

हम अफगान सुरक्षा बलों के क्षमता निर्माण के लिए हमारा सहयोग जारी रखने के लिए तैयार हैं। मुझे ख़ुशी है कि हमने अफगानिस्तान को तीन चीतल हेलीकाप्टर उपलब्ध कराये हैं जो बहादुर अफगान बलों को और सबल बनाएगा।

महामहिम, अफगानिस्तान की सफलता अफगान लोगों की नियति और उनका अधिकार है। साथ-ही-साथ यह दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमारे कठिन समय में यह काफी महत्वपूर्ण रहा है।

PM MODI in Joint Press Briefing with Afghan President, Ashraf Ghani (7)

वैश्विक महत्व वाले इस मिशन में भारत आपके और अफगान लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा।

आपकी यात्रा ने हमारी साझेदारी को एक नई गति प्रदान की है।

धन्यवाद, महोदय, महामहिम धन्यवाद।

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Your Highness,
Excellencies,
नमस्कार!

भारत में आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता people-centric और humanity first approach पर आधारित है। Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ, हमने BRICS सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने पर विशेष बल दिया है।

इसी सोच के साथ साढ़े तीन सौ से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। लगभग तीस शहरों में आपकी टीम्स का स्वागत करने का हमें अवसर मिला। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

इस वर्ष की ब्रिक्स Summit एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की बीसवीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मानव जीवन में बीस वर्ष की आयु, maturity और responsibility के नए चरण का आरंभ होती है। यह वह अवस्था होती है, जब सपनों के साथ जिम्मेदारियाँ जुड़ती हैं, सामर्थ्य को नई दिशा मिलती है।

आज ब्रिक्स भी अपने ‘coming of age’ के क्षण में है। पिछले बीस वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं और consensus से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।

अब समय है, कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें। अगले बीस वर्षों के लिए हमें एक नए और ambitious agenda पर काम करना होगा। इसकी शुरुआत हमें अपने खुद के वर्किंग सिस्टम से करनी होगी।

ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है, किन्तु इसकी वजह से हमारा institutional momentum नहीं रुकना चाहिए। मैं BRICS Continuity and Implementation Mechanism का प्रस्ताव रखता हूँ। इसके तहत Troika के माध्यम से सभी initiatives और outcomes का follow up हो सकेगा।

हम एक secure digital repository बना सकते हैं। इसमें हर निर्णय के साथ nodal point, समय-सीमा और implementation status दर्ज किया जा सकता है।

Friends,

ब्रिक्स को मजबूत करते हुए, हमें global reform की दिशा भी तय करनी होगी। Global Governance का वर्तमान structure, एक pyramid जैसा दिखाई देता है। इसके ऊपरी भाग में power और decision making केंद्रित हैं, और निचले भाग में वे देश हैं जो इन decisions से प्रभावित तो होते हैं, लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते।

Global South आज वैश्विक संकटों की front row में है, लेकिन decision-making की back row में। हमें इस “pyramid of privilege” को “platform of partnership” में बदलना है, जहां हर देश की आवाज़ हो, हर सदस्य का stake हो और हर प्रयास के केंद्र में मानवता का विकास हो।

इस उद्देश्य से मैं प्रस्ताव रखता हूँ कि हम मिलकर global governance reform के दस proposals तैयार करें, जिसे हम अगली Summit तक एक BRICS Reform Roadmap का रूप देने का प्रयास कर सकते हैं।

इस roadmap को बनाने में हमें तीन मुख्य पहलुओं- Representation, Responsiveness and Rule-making का ध्यान रखना होगा।

पहला, Representation के संबंध में मैं कहना चाहूंगा, UN Security Council में reform अब और टाला नहीं जा सकता। इस विषय पर text-based negotiations को निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट परिणाम से जोड़ना होगा।

उसी तरह, financial institutions में voting power, leadership positions और policy priorities आज की इकोनॉमिक रियेलिटीज़ के अनुसार होनी चाहिए। जो देश global economic growth को गति देते हैं, उन्हें global economic governance को दिशा देने में भी उचित भूमिका मिलनी चाहिए।

दूसरा, Responsiveness। वैश्विक संस्थानों में मानवता का विश्वास तभी बनेगा जब वे समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में सक्षम होंगे। हमें collective response के speed, scale और last mile impact पर ध्यान देना होगा।

Seafarers का वैश्विक व्यापार में बहुत बड़ा योगदान है, किन्तु अक्सर मुश्किल समय में उन्हें सहारे की कमी महसूस होती है। मेरा प्रस्ताव है कि क्या हम Seafarers Emergency Support Network बना सकते हैं? इसके माध्यम से संबंधित देशों की Maritime authorities और missions को जोड़ा जाएगा। इससे distress alerts, medical assistance, परिवारों को सूचना तथा evacuation में सहयोग दिया जा सकता है।

और तीसरी मैं कहना चाहता हूँ Rule Making के संबंध में। भविष्य के global rules तय करने में समान भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

AI, cyberspace, outer space, biotechnology और critical technologies, भविष्य के अवसरों के साथ भविष्य के नियम भी तय कर रहे हैं।

हमें ग्लोबल साउथ को rule-taker से rule-shaper बनाने के लिए प्रयास करने होंगे। ब्रिक्स के माध्यम से हम ग्लोबल साउथ के देशों के युवा diplomats और policymakers को negotiations skills, practical training और legal expertise प्रदान कर सकते हैं।

सुखद संयोग से आज United Nations Day for South-South Cooperation है। Global South को समर्पित इस दिन पर ऐसा निर्णय लिया जाना विशेष महत्व रखता है। भारत इस विषय में lead लेने के लिए तैयार है।

Friends,

भारत में आयोजित इस ब्रिक्स समिट का संदेश स्पष्ट होना चाहिए: यदि हमारा भविष्य साझा है, तो उसके निर्माण का अधिकार भी साझा होना चाहिए।

From voice to impact. From privilege to partnership.

यही ब्रिक्स at 20 का संकल्प हो।

बहुत-बहुत धन्यवाद।