इस बार मनाया जाने वाला सत्तरवां स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त, एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगाः पीएम 
देश को एक नई दिशा और नई प्रेरणा देने के लिए संसद में सभी को एक साथ मिलकर काम करने चाहिएः पीएम

आप सबको नमस्कार। ये 15 अगस्त देश की आजादी के 70वीं साल का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और 15 अगस्त के पूर्व ये सत्र हो रहा है और इसलिए आजादी के लिए जीवन न्यौछावर करने वाले सभी महापुरुषों को स्मरण करते हुए इस सत्र में, इस 70 साल की यात्रा को और एक नई ऊंचाई देने के लिए, देश को एक नई गति देने के लिए बहुत ही उत्तम स्तर की चर्चा हो, बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय हो, तेज गति से देश आगे बढ़े इसके लिए सब मिलकर के, कंधे से कंधा मिलाकर के संसद में देश को दिशा देने का काम हो।

मुझे विश्वास है कि सभी दल, पिछले कई दिनों से सबसे अलग-अलग बात भी हो रही है, सामूहिक बात भी हो रही है और उससे यही भाव प्रकट हो रहा है कि हर किसी का मूड अच्छे से अच्छे निर्णय करने का है, तेज गति से देश को आगे बढ़ाने का है। आप सबको भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने दुनिया की विविध संस्कृतियों के सम्मान पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:

“देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥" 

यह सुभाषितम दर्शाता है कि विश्व की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है और आपसी समझ तथा भाईचारा मजबूत होता है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा:

दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।

देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥