प्रधानमंत्री मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संयुक्त रूप से भारत-बांग्लादेश पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन किया
भारत-बांग्लादेश पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन पूर्व के लिए हमारा गेटवे है। यह हमारी 'एक्ट ईस्ट' नीति की दिशा में एक कदम है: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी बीबीआईएन सड़क कनेक्टिविटी पर खुशी व्यक्त की

मेरी दृष्टि से यह एक ऐतिहासिक अवसर है। शायद दुनिया में बहुत कम ऐसे अवसर आते होंगे कि आधुनिक विज्ञान के माध्‍यम से दो देश के प्रधानमंत्री एक मुख्‍यमंत्री के साथ मिल करके किसी योजना का लोकार्पण करते हो| इस दृष्टि से यह एक बड़ा यह महत्‍वपूर्ण मैं अवसर मानता हूं। प्रधानमंत्री जी ने अपने अभिभाषण के माध्‍यम से उन्‍होंने इस बात को आगे बढ़ाया, हौसला बढ़ाया मैं इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं।बंगबंधु शेख मुजिबुर रहमान जी का भारत के साथ नाता बड़ा अटूट रहा। आपने भी उन संकट के दिनों में मानवता के उस काम में भारत किस प्रकार से आपके दुख दर्द का भागीदार बना इसको हमेशा याद किया है और भारत के प्रति आभार भी व्‍यक्‍त किया है। आज भी उस भावनाओं को उसी तीव्रता के साथ आप प्रकट कर रही है।

वो दिन थे जब दुख, दर्द और पीड़ा से भरा बंगलादेश था। आज बंगलादेश ऊंचाईयों की ओर जा रहा है। तब भी हम कंधे से कंधा मिला करके आपके साथ चल रहे हैं, आप हमारे साथ चल रहे हैं। हम दोनों मिल करके दुनिया के सामने एक मिसाल रख रहे हैं कि पड़ोसियों के साथ संबंध किस प्रकार के हो सकते हैं। Inter dependent world को साकार करने के उत्‍तम से उत्‍तम मार्ग कौन से हो सकते हैं और मैं देख रहा हूं कि एक के बाद एक सहयात्रा के सहयोग के हमारे प्रयास बहुत ही उत्‍तम प्रकार के परिणाम देने का सामर्थ्‍य रखते हैं। और मैं इस अवसर को उस रूप में देखता हूं और मुझे विश्‍वास है कि ग्‍लोबल community एक छोटे से कमरों में वीडियो कैमरा के द्वारा हो रहे इस कार्यक्रम को एक वैश्विक स्‍तर पर भी इस घटना को देखेगी, ऐसा मुझे पूरा विश्‍वास है।

आज की घटना- बिजली भारत से बंगलादेश जा रही है। एक नई उर्जा, विकास की उर्जा का यह अवसर है। दूसरी तरफ हमारे पास एक ऐसा गेटवे खुल रहा है। क्‍योंकि अब तक हमारा डिजिटल वर्ल्‍ड में एंट्री के जो दो हमारे गेटवे थे, वो एक पश्चिम में था एक दक्षिण में था। लेकिन हमारा पूरब अछूता था। और मैं Act East पॉलिसी को ले करके चल रहा हूं तब मेरे लिए यह पूरब का गेटवे बहुत महत्‍वपूर्ण है। और बंगलादेश के साथ मिल करके डिजिटल वर्ल्‍ड का पूरब का गेटवे खुलना यह अपने आप में, भारत के पूर्वी इलाके में और विशेषकर असम, नॉर्थ ईस्‍ट including त्रिपुरा और सिक्किम यह हमारा जो अष्‍ट लक्ष्‍मी का प्रदेश है। वहां के नौजवानों के लिए यह एक नई चेतना जगाने वाला अवसर बनने वाला है। और आज की दुनिया communication की ताकत पर चलती है। communication की ताकत को बढ़ावा देने का यह अवसर है। और इसलिए आपने हमें जो सहयोग दिया, जो सुविधा दी उसके लिए मैं आपका आभार व्‍यकत करता हूं।

आने वाले दिनों में बिजली के संबंध में भी जो transmission लाइनें डाली जा रही है हमने पहले से ही उसकी capacity ज्यादा रखी है ताकि आने वाले दिनों में जैसी उसकी आवश्यकता पड़े और हम जितना ज्यादा आपके साथ मिलकर के ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर सकें। हमारा निरंतर प्रयास रहेगा और मैं आज के इस अवसर पर, मैं इसको बड़ा महत्वपूर्ण मानता हूं और कुछ दिन पहले हमने Road connectivity का सफल प्रयास आगे बढ़ाया बांग्लादेश, नेपाल, भारत और भूटान। आज हम बिजली के माध्यम से एक नई ऊर्जा दे रहे हैं और हम 21 वीं सदी की महत्वपूर्ण connectivity वो digital connectivity को जोड़ रहे हैं। यानि जल हो, थल हो, नभ हो। अब बांग्लादेश और भारत जुड़ते ही चले जा रहे हैं और कंधे से कंधा मिलाकर के आगे चले जा रहे हैं और जैसा मैंने आकर के कहा था।

अब हमें Space में भी आगे साथ-साथ बढ़ना है। बंग-बंधु Satellite, भारत की दिली इच्छा है कि बंग-बंधु Satellite में भी जैसे Road में भी हम आपके साथ जुड़े हैं, जैसे जल में हम आपके साथ जुड़े हैं, जैसे Digital दुनिया में हम आपके साथ जुड़े हैं, Space में भी आपके साथ जुड़कर के आगे बढ़ना चाहते हैं। मैं फिर एक बार आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं और विशेष रूप से आज भारत होली का उत्सव मना रहा है। होली हमारे यहां एक बड़ा पवित्र त्योहार माना जाता है, बांग्लादेश में भी कुछ भू-भाग है जहां पर होली का त्योहार मनाया जाता है और होली के इस पवित्र त्योहार पर ये अवसर अपने आप में हमारे संबंधों को नए रंगों से भर देगा और एक नई ऊर्जा और नई connectivity का कारण बनेगा।

आज एक और भी महत्वपूर्ण अवसर है और आज वो महत्वपूर्ण अवसर है बांग्लादेश और भारत T-20 का मैच आज है। मैं दोनों टीमों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं और भारत और बांग्लादेश जब खेलते हैं हमारे नौजवान तो sports का जय-पराजय से ऊपर उठकर के संबंधों में sportsman spirit की ताकत पैदा होती है। जैसे बिजली नई ताकत देती है, हमारी sportsman spirit भी नई ताकत देती है। आज उसी sportsman spirit के साथ हमारी दोनों टीमें खेलें और दुनिया के अंदर sportsman spirit का नजारा दिखाएं। मेरी दोनों टीमों को बहुत-बहुत शुभकामना है। आपका भी बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting complete devotion in the service of nation and humanity
February 11, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, shared a Sanskrit Subhashitam highlighting complete devotion in the service of nation and humanity.

"यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः।

यस्येमाः प्रदिशो यस्य बाहू कस्मै देवाय हविषा विधेम॥"

The Subhashitam conveys, "To the nation, whose greatness is sung by the Himalayas, whose glory flows with the rivers to the ocean, and to whom the directions bow like mighty arms, we offer our entire being in dedication."

Shri Modi stated that the pioneer of Antyodaya, Pandit Deendayal Upadhyaya, also dedicated his life with this very spirit to empower every individual in the country.

The Prime Minister wrote on X;

“सर्वस्व समर्पण उस चेतना की अभिव्यक्ति है, जिसमें राष्ट्र और मानवता सर्वोपरि होती है। अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भी इसी भावना से देश के जन-जन को सशक्त बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः।

यस्येमाः प्रदिशो यस्य बाहू कस्मै देवाय हविषा विधेम॥"