सभी नागरिक सेना के जवानों को संदेश भेंजे और उनके पराक्रम को याद रखें: वाराणसी में प्रधानमंत्री
नई पहलों का असली उद्देश्य उचित निष्पादन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है: नरेंद्र मोदी
योजनाओं को समय पर और बजट के भीतर लागू किया जाना चाहिए, इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए: प्रधानमंत्री
हम वैसी सरकार नहीं है जिनका काम केवल शिलान्यास करने से खत्म हो जाता है, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि योजनाएं समय पर पूरी भी हों: प्रधानमंत्री
हमें अपने रेलवे का नवीनीकरण करना है, यह हमारे देश के लिए विकास का इंजन है: प्रधानमंत्री

मैं सबसे पहले काशी वासियों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं, उनका धन्यवाद करना चाहता हूं। जब मैंने टीवी पर देखा, अखबारों में पढ़ा, कुछ यहां के स्थानीय नागरिकों ने मुझे फोन करके बताया कि हम काशी वालों ने छोटी दिवाली मना ली। 29 सितंबर को जब देश की सेना ने पराक्रम किया तो पूरा काशी झूम उठा। काशी वासियों ने देश के सुरक्षा बलों का जो गौरव गान किया, मां गंगा की आरती को जिस प्रकार से समर्पित किया, यहां का सांसद होने के नाते आपके द्वारा सेना का इतना सम्मान हो, गौरव हो तो मेरी खुशियों का कोई पार नहीं रहता।

ये आपने जो छोटी दिवाली मनाई थी उसके लिए मैं आपका ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं। कई वर्षों के बाद सवा सौ करोड़ देश वासी सेना के जवानों को अहसास करवाने में सफल हुए हैं कि आप अकेले नहीं हैं, सवा सौ करोड़ का देश आपके पीछे खड़ा है। अब हम बड़ी दिवाली मनाने जा रहे हैं। हम तो अपने परिवार के साथ दिवाली मनाएंगे, अपनों के बीच खुशियां बांटेंगे, दीये जलाएंगे, अंधेरा हटाएंगे, रोशनी लाएंगे, सब कुछ करेंगे, लेकिन ये तब संभव होता है जब किसी मां का लाल सीमा पर तैनात होकर के हम लोगों के सुख चैन के लिए अपने आप को खपा देता है।

ये छोटी दिवाली मनाकर देश को आपने दिशा दी। मैं काशी वासियों का, उत्तर प्रदेश के नागरिकों का, हिंदुस्तान भर के नागरिकों का, काशी की धरती से आह्वान करता हूं कि इस दिवाली में हम अपनों को जिस प्रकार से शुभकामनाएं देते हैं, उसी प्रकार से हम सेना के अपने जवानों को, हमारे सुरक्षा बलों को, दीपावली का संदेश भेजकर उनके प्रति अपने लगाव का अहसास करवाएंगे। चाहे वो थल सेना में हों, जल सेना में हों, वायु सेना में हों, कोस्ट गार्ड में हों, इंडो-तिब्बतन फोर्स में हों, असम राइफल्स में हों, बीएसएफ में हों, सीआरपीएफ में हों - हर कोई, सवा सौ करोड़ देश वासियों की सुरक्षा के लिए तैनात है। इस दीपावली में हम सब की तरफ से उनको एक संदेश जाना चाहिेए।

भेजेंगे? कैसे भेजेंगे?

आप अपने मोबाइल से 1922 नंबर पर मिस्ड कॉल करना। वहां आपको एक मैसेज आएगा। उस मैसेज से आप नरेंद्र मोदी एप अपने फोन पर डाउनलोड कर सकते हैं। उसमें सेना के जवानों को संदेश भेजने के लिए एक जगह है, उससे आप संदेश भेजेंगे। देश के सुरक्षा बलों को आपके संदेश मिलेंगे।

देश के सुरक्षा बलों को हर पल लगना चाहिए कि हमारी जवानी हम देश के लिए लगा रहे हैं तो देश वासियों को हम पर कितना गौरव है, कितना अभिमान है। उन्हें ये प्रतिपल अनुभव होना चाहिए। सिर्फ बम, बंदूक और गोलियों की आवाज के दरमियान हों ये काफी नहीं है। दुनिया के कई देशों में, अगर सेना के जवान हवाई जहाज में जा रहे होते हैं, रेल से जा रहे है और वहां अन्य यात्री उन्हें देखते हैं तो सब तालियों से उनका गौरव गान करते हैं और वे वहां से गुजरते हैं। ये सामान्य स्वभाव बना हुआ है। हमारे देश में जब विशिष्ट परिस्थिति पैदा होती है, पराक्रम की बात आती है तब तो एकदम से देशभक्ति उमड़ पड़ती है, लेकिन फिर धीरे धीरे सब ठंडा हो जाता है। सेना के साथ, सुरक्षा बलों के साथ, एक आत्मीय, गौरवपूर्ण, सम्मानजनक नाता जोड़ने का कल्चर हमेशा बना रहना चाहिए। विशिष्ट अवसरों पर ही बना रहे ये काफी नहीं है।

इसलिए मैंने इस बार सेना के जवानों को संदेश भेजा है और देशवासियों को भी कहा है कि आप भी मेरे साथ इस संदेश में जुड़िए।

भाइयो-बहनो, आज मैं सबसे पहले इन सारे मंत्रियों का, उनके मंत्रालयों का आभार व्यक्त करता हूं क्योंकि मेरे संसदीय क्षेत्र में आपने इतनी सारी योजनाएं लागू कीं और मेरे यहां के मतदाताओं की सुविधा के लिए आपने इतना बढ़िया-बढ़िया काम किया। मैं पहले आपका आभार व्यक्त करता हूं। मैं रेलवे विभाग के अधिकारियों का अभिनंदन करना चाहता हूं कि आपने मेरे स्वभाव को भली भांति समझ कर के प्रकल्प को समय से पहले पूरा कर दिया। वरना सरकारें ऐसी होती हैं कि शिलान्यास एक सरकार करती है, उद्घाटन दूसरी या तीसरी सरकार के नसीब में आता है। सरकारें आती हैं, जाती हैं, बदल जाती हैं लेकिन वो पत्थर वहीं पड़ा रहता है।

ये ऐसी सरकार है कि शिलान्यास भी हम ही करते हैं और उद्घाटन भी हम ही करना चाहते हैं। योजनाएं समय सीमा में होनी चाहिए। निर्धारित बजट में होनी चाहिए। हो सके तो समय भी बचना चाहिए, धन भी बचना चाहिए और काम उत्तम होना चाहिए। ये कल्चर विकसित करने का प्रयास दिल्ली में जो आपने सरकार बैठाई है वो कोशिश कर रही है और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये हर क्षेत्र में होने वला है।

आपने देखा होगा, हमारे जितने मंत्री यहां बोले, जितनी आपको कार्यक्रम की योजनाएं बताईं उसके साथ-साथ समय भी बताया। क्योंकि मेरा एक आग्रह रहता है, मैं कार्यक्रम पर या किसी फाइल पर साइन करता हूं तो पूछता हूं जरा ये बताओ पूरा कब करोगे? योजनाएं सिर्फ अखबारों में छपने के लिए नहीं होती हैं, सिर्फ अखबारों में वाहवाही के लिए नहीं होती हैं, योजनाएं जनसामान्य के जीवन में बदलाव लाएं इसे कार्यान्वित करने के लिए होती हैं। और इस सरकार का आग्रह है कि हम जो योजनाएं लाएंगे, लागू करके रहेंगे।

अभी आपने यहां देखा, सुकन्या समृद्धि योजना। जिस दिन हमने यह योजना घोषित की होगी, अखबार में भी आई होगी, कुछ लोगों ने जाना, कुछ लोगों ने नहीं जाना और बात आई-गई हो गई लेकिन हम ऐसे नहीं करते, हम पीछे लगे रहते हैं कि बताओ भई कर रहे हो कि नहीं? सभी बच्चियों को लाभ पहुंच रहा है कि नहीं पहुंच रहा है? पीछे लग रहे हो कि नहीं लग रहे हो? तो देखो, कर रहे हैं।

यहां आपने देखा, मुझे कुछ परिवारों को गैस सिलेंडर देने का अवसर मिला। हमें मालूम है गैस सिलेंडर पाना पहले कितनी दिक्कत का काम हुआ करता था। सिफारिश लगानी पड़ती थी। सांसद के अगल-बगल घूमना पड़ता था। बड़े-बड़े अफसर भी एमपी को पकड़ते थे कि साहब मेरी ट्रांसफर यहां हुई है मैं यहां आया हूं जरा गैस का कनेक्शन मिल जाए मुझे, देखिए न बड़ी मुसीबत है। एमपी को 25 कूपन मिला करती थी गैस का कनेक्शन दिलवाने के लिए। और वो एमपी 25 कूपन लेकर घूमता रहता था, उसके पीछे 200-200 लोग घूमते रहते थे कि साहब एक कूपन मुझे भी दीजिए। ये सब चला गया। सरकार सामने से गरीबों को ढूंढ रही है, गरीबों के घर को ढूंढ रही है।

मेरा सपना है कि 3 साल में हिंदुस्तान के गरीब परिवारों के घर में जहां लकड़ी का चूल्हा जलता है, जहां खाना पकाने में हर मां के भीतर बहुत धुंआ जाता है, उन माताओं को धुंए से बचाना है। गरीब के घर में गैस का चूल्हा जलाना है। ये कोशिश कर रहा हूं।

लेकिन इसके साथ-साथ, आज वाराणसी में गैस पाइपलाइन के कार्यक्रम का शिलान्यास हो रहा है। रसोईघर में नल से पानी भी हर घर में आता होगा या नहीं उसका मुझे मालूम नहीं। अभी भी घर से बाहर पानी लेने के लिए लोगों को शायद जाना पड़ता होगा। मेरी कोशिश है और खासकर के काशी की माताएं बहनें मुझे आशीर्वाद दीजिए कि रसोई घर में नल ऑन करने से गैस आ जाएंगी, खाना पकना शुरू हो जाएगा। निर्धारित समय में सैकड़ों करोड़ों रुपया खर्च करके गैस की पाइपलाइन बिछाने की दिशा में आज कार्य आरंभ हो रहा है।

अर्थव्यवस्था में ऊर्जा का बड़ा महत्व होता है। गैस आधारित इकोनॉमी, फर्टिलाइजर के उत्पादन में गैस की जरूरत होती है। उसके लिए जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन का जो काम था वो तो होना ही है लेकिन उसके साथ हमने देश के सात शहरों, विशेष कर पूर्वी हिंदुस्तान में, पाइपलाइन से गैस देना तय किया है। ये शहर हैं वाराणसी, रांची, कटक, पटना, जमशेदपुर भुवनेश्वर, कोलकाता। उसके तहत आज मेरे संसदीय क्षेत्र के घरों में पाइपलाइन से गैस पहुंचाने की दिशा में काम हो रहा है।

यातायात में भी जहां आप पेट्रोल डीजल से गाड़ियां चलाते हैं, अब सीएनजी से गाड़ी चला पाएंगे। पेट्रोल-डीजल से सीनएनजी सस्ता भी पड़ता है, पर्यावरण को भी फायदा करता है। यहां करीब 20 लाख वाहन हैं जिन्हें फायदा मिलेगा जब सीएनजी के स्टेशन लग जाएंगे। और इन सातों शहरों में बहुत बड़ी मात्रा में वाहन हैं, तो पर्यावरण को बहुत बड़ा लाभ होगा। देश को विदेशों से पेट्रोलियम लाना पड़ता है, उसमें भी आर्थिक रूप से देश की बचत होगी। तो एक ऐसी योजना जो जनसुविधा वाली भी है और भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए भी पर्यावरण की रक्षा करने वाली है।

ये मेरा साफ मत रहा है कि अगर हम सोचें भारत का कोई इलाका आगे बढ़ जाए तो देश आगे बढ़ जाएगा ये संभव नहीं है। देश तभी आगे बढ़ेगा जब हिंदुस्तान के हर कोने में विकास हो, विशेषकर हिंदुस्तान के पूर्वी इलाके में विकास हो। चाहे वो पूर्वी उत्तर प्रदेश हो, चाहे बिहार हो, बंगाल हो, झारखंड हो, उड़ीसा हो, पूर्वोत्तर के प्रदेश हों, असम हो - ये सारा क्षेत्र आर्थिक गतिविधि का केंद्र बनाना है तो हमें इस प्रकार की सुविधाओं से उसे जोड़ना होगा।

पिछले दिनों आपने देखा होगा काशी की संगीत की दुनिया को हैरिटेज में स्थान मिला। वो काशी के लिए गौरव का विषय था। ये सर्वविद्या का केंद्र है। संगीत के क्षेत्र में काशी ने देश और दुनिया को बहुत कुछ दिया है। उस विरासत को हैरिटेज के रूप में दुनिया के अंदर स्थान मिला. उसी से प्रेरणा लेकर के आज काशी का पोस्टल स्टैंप .. और मैं चाहूंगा काशी के लोग तो अपनी डाक में काशी का ही ये पोस्टल स्टैंप लगाने की आदत डालें। वो अपने आप में आपका परिचय बढ़ाता है। एक बार पोस्टल स्टैंप जाता है तो दुनिया में टूरिज्म के लिए वो कारण होता है। उससे एक पहचान मिलती है। काशी का गौरव गान होता है। बहुत पहले शहरों की डाक टिकट की कल्पना हुई थी हमारे देश में, लेकिन वो मामला आगे बढ़ा नहीं। हमने काशी को इस काम के लिए चुना। फिर से एक बार शुरुआत हुई है और इसके कारण हमारे इस पुरातन शहर की एक पहचान नए तरीके से दुनिया के सामने पहुंचाने में ये एक काम होगा।

आज यहां किसानों के लिए भी एक बहुत बड़े महत्वपूर्ण राजा तालाब प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है। हमारे किसान बड़े शहरों के अगल बगल में सब्जी पैदा करते हैं। ये राजा तलाब एक ऐसी जगह है जो पूरब, पश्चिम और उत्तर में रोड़ और रेल की कनेक्टिविटी में केंद्र बिंदु है। यही वो इलाका है जहां हमारे किसान सबसे ज्यादा सब्जी, फलों और फूलों की खेती करते हैं। अगर उनको इस प्रकार की सुविधा मिले और उनके लिए बर्बादी बच जाए और परिवहन की सुविधा हो जाए तो हमारे किसान को सबसे ज्यादा फायदा होगा। और ये व्यवस्था ऐसी है कि इस इलाके के किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होने वाली है। वो अपनी मर्जी से जब दाम मिलेगा तो माल बेच सकता है नहीं तो तब तक अपना माल सुरक्षित रख सकता है। सुविधा मिल जाए, व्यवस्था मिल जाए, परिवहन की व्यवस्था से वो जुड़ जाए तो किसान न सिर्फ इस इलाके में बल्कि वो कोलकाता से लेकर दिल्ली तक कहीं पर भी अपनी सब्जियां बेचने के लिए पहुंचा सकता है। यहां की फूलगोभी वगैरह तो बड़ी प्रसिद्ध है। यहां की चीजें बड़ी स्वादिष्ट हैं। मां गंगा का आशीर्वाद है यहां के कृषि उत्पादन पर। उसका एक अनोखा टेस्ट भी है। तो इसके कारण बाजार में उसकी एक पहचान बनेगी।

आज हमारे मनोज सिन्हा जी ने काशी को एक और गौरव दिया। डाक विभाग हमारे यहां की बहुत पुरातन व्यवस्था है। जब तक तकनीकी नहीं आई थी डाकिया हर घर में इंतजार का कारण हुआ करता था। डाक आए या न आए लेकिन हर परिवार राह देखता था कि डाकिया आकर तो नहीं चला गया? अगर बेटा बाहर रहता है तो वो हर दिन डाकिए को याद करते थे। डाक का अपना एक महत्व है।

नए समय में डाक का स्वरूप अब बदल चुका है। हम डाक को बैंकिग क्षेत्र में तब्दील कर रहे हैं। पोस्ट ऑफिस बैंकिग सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। देश में आज जितनी बैंकों की शाखाएं हैं उतनी ही अकेली डाकघरों की शाखाएं हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा। वे सब बैंकिंग का काम करेंगी। वो जब एक नया जोन बनता है तो यहां कि सुविधाओं पर एक विशेष निगरानी बनती है, कुशलता आती है और परिणाम मिलता है। वो काम करने के लिए एक क्षेत्रीय व्यवस्था काशी के आस पास के जिलों को जोड़कर के बनी है। नए जोन का निर्माण किया गया है।

आजकल ई-कॉमर्स का मामला बहुत बढ़ रहा है। लोग ऑनलाइन अपनी चीजें खरीदते हैं। लेकिन वो वक्त दूर नहीं होगा जब पोस्ट ऑफिस डिलीवरी के बहुत बड़े केंद्र बनेंगे। आज मनरेगा के पैसे देने हों, स्कॉलरशिप के पैसे देने हों, पेंशन के पैसे देने हों - बैंकों की शाखा कम हैं। ये सुविधा बढ़ने के कारण जो बुजुर्ग लोग हैं, विद्यार्थी हैं, विधवाएं हैं उनको डाक और बैंक जुड़ने के कारण ये सुविधाएं सरलता से उपलब्ध होंगी। ये होने के कारण व्यापारी वर्ग को भी खासकर छोटे-छोटे व्यापारियों को अपना कारोबार चलाने के लिए एक नई सुविधा उपलब्ध होगी। इस काम को भी आज आपके सामने प्रस्तुत किया है।

रेल हमारे देश की बहुत पुरानी व्यवस्था है। जब संसद में बजट आता और रेल मंत्री हजारों लाखों करोड़ की घोषणाएं कर दें, कोई सांसद उनकी सुनता नहीं था, लेकिन जैसे ही वे बोलना शुरू होते थे कि फलाने शहर से फलाने शहर तक एक डिब्बा जोड़ दिया जाएगा तो तुरंत सांसद तालियां बजानी शुरू करते थे। फलानी जगह पर स्टॉपेज दिया जाएगा, तालियां बजती थीं। फलानी जगह पर नई ट्रेन लगाई जाएगी तो तालियां बजती थीं। रेलवे बजट इसी पर सीमित हो गया कि किस सांसद के कौन से इलाके में ट्रेन रुकेगी या नहीं रुकेगी, जाएगी या नहीं जाएगी। यहां पर रेल सीमित हो गई।

रेल भारत का इतना बड़ा नेटवर्क है लेकिन उसके हाल चाल रूप रंग ढंग पिछली शताब्दी के हैं। हमने सपना देखा है कि रेल को आधुनिक बनाने की आवश्यकता है। रेल की गति बढ़ाने की आवश्यकता है। रेल के इलेक्ट्रिकल कनवर्जन की आवश्यकता है। गेज कनवर्जन की आवश्यकता है। दूर-सुदूर इलाकों से जोड़ने की आवश्यकता है और इसलिए एक बहुत बड़ा प्लान जैसा हमारे रेल मंत्री जी कह रहे थे, आजादी के बाद जितने रूपये खर्च किए गए, जितना काम नहीं हुआ पिछले ढाई साल में और पिछले महीनों में हमने इतना काम किया है। और इसी के तहत ये जब इलाहाबाद डबल लाइन हो जाएगी, नया पुल बन जाएगा, गति भी बढ़ेगी, व्यापार को भी फायदा होगा। एक बार इस प्रकार का गतिशील आधारभूत ढांचा उपलब्ध हो जाता है तो आर्थिक गतिविधि भी तेज हो जाती है। ये सिर्फ पटरियों का खेल नहीं है, ये सिर्फ एक ट्रेन दौड़ने वाला खेल नहीं है, ये पूरी अर्थव्यवस्था को बदल देता है। इस काम के लिए ये बड़ा अहम कदम आज हमने यहां उठाया है। उसका भी लाभ आपको मिलने वाला है।

आज बिजली के लिए भी एक लोकार्पण हुआ। बिजली होती तो है लेकिन ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता कि बिजली के कारखाने में बिजली बनने से बिजली मिलती नहीं है। बिजली का कारखाना भी लग गया, तार भी लग गए तो उससे बिजली नहीं आ जाती। जैसे पानी के बहाव को पहुंचाने कि लिए बांध की जरूरत पड़ती है या ट्यूबवेल से जरिए पानी को ऊपर ले जाकर टंकी में भरने के बाद पानी नीचे पहुंचता है, वैसे बिजली को भी इस प्रकार के सब-स्टेशन की जरूरत पड़ती है जिससे बिजली को आगे पहुंचाने के लिए धक्का लगता है।

ये बड़ा खर्चीला काम होता है लेकिन सब-स्टेशन न हो तो बिजली आती है, जाती है, कभी टीवी जल जाते हैं, कभी मोटर जल जाती है, कभी एसी जल जाता है, स्थिरता नहीं आती। क्वालिटी पावर नहीं मिलता है। इसके लिए बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। लेकिन ज्यादातर सरकारों को इस प्रकार के खर्च करने से डर लगता है। उनको लगता है ठीक है लोग चला लेंगे, बिजली आई न आई वो थोड़े दिन चलाते रहेंगे। नहीं, क्वालिटी बिजली होती है तो आर्थिक विकास का एक बहुत बड़ा सरल रास्ता हो जाता है। उद्योगपति भी पैसे तब लगाते हैं जब क्वालिटी बिजली मिलती है। आती है, जाती है, पूछते हैं, करते हैं, हुआ, नहीं हुआ इन बातों से कभी विकास नहीं होता है। ये जो पावर के सब-स्टेशन डाले गए हैं जिसका उद्घाटन हुआ है वो क्वालिटी पावर की गारंटी देते हैं।

एक प्रकार से आज किसी एक समारोह में करीब-करीब 5000 करोड़ रुपये का काम काशी की धरती को अर्पित हो रहा है।

ये छोटा काम नहीं है। और बड़ी-बड़ी योजनाएं मैं कहूं तो आज सात योजनाएं मेरे काशी वासियों के सामने लोकार्पण के रूप में या शिलान्यास के रूप में मैंने रखी हैं। एक तरह से ये सप्तर्षि है। जैसे आकाश में सप्तर्षि दिशा का काम करते हैं, सप्तर्षि को देखकर के समंदर में नाविक अपनी दिशा तय करता है, पहले के जमाने में जंगलों से गुजरने वाले लोग सप्तर्षि को देख अपना रास्ता तय करते थे। काशी की विकास की राह तैयार करने वाला ये सप्तर्षि आज मुझे यहां की धरती को दने का अवसर मिला है।

काशी का अविरल प्यार मुझे मिलता रहा है। भरपूर प्यार मिलता रहा है। मैं आपका ह्दय से बहुत-बहुत आभारी हूं और मुझे विश्वास है कि विकास की यात्रा तेज गति से पूरे पूर्वी भारत को बदलाने का काम करेगी और काशी अपनी ताकत दिखा कर रहेगी इस विश्वास के साथ आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद।

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2047 के विकसित भारत का भविष्य तय करेगा 2024 का लोकसभा चुनाव: मैसूरु में पीएम मोदी
April 14, 2024
भाजपा का संकल्प-पत्र भविष्य और बड़े बदलावों की तस्वीर है: मैसूरु में पीएम मोदी
आज कांग्रेस पार्टी 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग की 'सुल्तान' बनकर घूम रही है: मैसूरु में पीएम मोदी
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नीमागेल्ला नन्ना नमस्कारागलु।

आज चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुझे ताई चामुंडेश्वरी के आशीर्वाद लेने का अवसर मिल रहा है। मैं ताई चामुंडेश्वरी, ताई भुवनेश्वरी और ताई कावेरी के चरणों में प्रणाम करता हूँ। मैं सबसे पहले आदरणीय देवगौड़ा जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आज भारत के राजनीति पटल पर सबसे सीनियर मोस्ट राजनेता हैं। और उनके आशीर्वाद प्राप्त करना ये भी एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने आज जो बातें बताईं, काफी कुछ मैं समझ पाता था, लेकिन हृदय में उनका बहुत आभारी हूं। 

साथियों

मैसुरु और कर्नाटका की धरती पर शक्ति का आशीर्वाद मिलना यानि पूरे कर्नाटका का आशीर्वाद मिलना। इतनी बड़ी संख्या में आपकी उपस्थिति, कर्नाटका की मेरी माताओं-बहनों की उपस्थिति ये साफ बता रही है कि कर्नाटका के मन में क्या है! पूरा कर्नाटका कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

आज का दिन इस लोकसभा चुनाव और अगले five years के लिए एक बहुत अहम दिन है। आज ही बीजेपी ने अपना ‘संकल्प-पत्र’ जारी किया है। ये संकल्प-पत्र, मोदी की गारंटी है। और देवगौड़ा जी ने अभी उल्लेख किया है। ये मोदी की गारंटी है कि हर गरीब को अपना घर देने के लिए Three crore नए घर बनाएंगे। ये मोदी की गारंटी है कि हर गरीब को अगले Five year तक फ्री राशन मिलता रहेगा। ये मोदी की गारंटी है कि- Seventy Year की आयु के ऊपर के हर senior citizen को आयुष्मान योजना के तहत फ्री चिकित्सा मिलेगी। ये मोदी की गारंटी है कि हम Three crore महिलाओं को लखपति दीदी बनाएँगे। ये गारंटी कर्नाटका के हर व्यक्ति का, हर गरीब का जीवन बेहतर बनाएँगी।

साथियों,

आज जब हम Ten Year पहले के समय को याद करते हैं, तो हमें लगता है कि हम कितना आगे आ गए। डिजिटल इंडिया ने हमारे जीवन को तेजी से बदला है। बीजेपी का संकल्प-पत्र, अब भविष्य के और बड़े परिवर्तनों की तस्वीर है। ये नए भारत की तस्वीर है। पहले भारत खस्ताहाल सड़कों के लिए जाना जाता था। अब एक्सप्रेसवेज़ भारत की पहचान हैं। आने वाले समय में भारत एक्सप्रेसवेज, वॉटरवेज और एयरवेज के वर्ल्ड क्लास नेटवर्क के निर्माण से विश्व को हैरान करेगा। 10 साल पहले भारत टेक्नालजी के लिए दूसरे देशों की ओर देखता था। आज भारत चंद्रयान भी भेज रहा है, और सेमीकंडक्टर भी बनाने जा रहा है। अब भारत विश्व का बड़ा Innovation Hub बनकर उभरेगा। यानी हम पूरे विश्व के लिए सस्ती मेडिसिन्स, सस्ती टेक्नोलॉजी और सस्ती गाडियां बनाएंगे। भारत वर्ल्ड का research and development, R&D हब बनेगा। और इसमें वैज्ञानिक रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फंड की भी बड़ी भूमिका होगी। कर्नाटका देश का IT और technology hub है। यहाँ के युवाओं को इसका बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।

साथियों,

हमने संकल्प-पत्र में स्थानीय भाषाओं को प्रमोट करने की बात कही है। हमारी कन्नड़ा देश की इतनी समृद्ध भाषा है। बीजेपी के इस मिशन से कन्नड़ा का विस्तार होगा और उसे बड़ी पहचान मिलेगी। साथ ही हमने विरासत के विकास की गारंटी भी दी है। हमारे कर्नाटका के मैसुरु, हम्पी और बादामी जैसी जो हेरिटेज साइट्स हैं, हम उनको वर्ल्ड टूरिज़्म मैप पर प्रमोट करेंगे। इससे कर्नाटका में टूरिज्म और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

साथियों,

इन सारे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भाजपा जरूरी है, NDA जरूरी है। NDA जो कहता है वो करके दिखाता है। आर्टिकल-370 हो, तीन तलाक के खिलाफ कानून हो, महिलाओं के लिए आरक्षण हो या राम मंदिर का भव्य निर्माण, भाजपा का संकल्प, मोदी की गारंटी होता है। और मोदी की गारंटी को सबसे बड़ी ताकत कहां से मिलती है? सबसे बड़ी ताकत आपके एक वोट से मिलती है। आपका हर वोट मोदी की ताकत बढ़ाता है। आपका हर एक वोट मोदी की ऊर्जा बढ़ाता है।

साथियों,

कर्नाटका में तो NDA के पास एचडी देवेगौड़ा जी जैसे वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन है। हमारे पास येदुरप्पा जी जैसे समर्पित और अनुभवी नेता हैं। हमारे HD कुमारास्वामी जी का सक्रिय सहयोग है। इनका ये अनुभव कर्नाटका के विकास के लिए बहुत काम आएगा।

साथियों,

कर्नाटका उस महान परंपरा का वाहक है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सब कुछ बलिदान करना सिखाता है। यहाँ सुत्तुरू मठ के संतों की परंपरा है। राष्ट्रकवि कुवेम्पु के एकता के स्वर हैं। फील्ड मार्शल करियप्पा का गौरव है। और मैसुरु के राजा कृष्णराज वोडेयर के द्वारा किए गए विकास कार्य आज भी देश के लिए एक प्रेरणा हैं। ये वो धरती है जहां कोडगु की माताएं अपने बच्चों को राष्ट्रसेवा के लिए सेना में भेजने के सपना देखती है। लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी भी है। कांग्रेस पार्टी आज टुकड़े-टुकड़े गैंग की सुल्तान बनकर घूम रही है। देश को बांटने, तोड़ने और कमजोर करने के काँग्रेस पार्टी के खतरनाक इरादे आज भी वैसे ही हैं। आर्टिकल 370 के सवाल पर काँग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर का दूसरे राज्यों से क्या संबंध? और, अब तो काँग्रेस देश से घृणा की सारी सीमाएं पार कर चुकी है। कर्नाटका की जनता साक्षी है कि जो भारत के खिलाफ बोलता है, कांग्रेस उसे पुरस्कार में चुनाव का टिकट दे देती है। और आपने हाल में एक और दृश्य देखा होगा, काँग्रेस की चुनावी रैली में एक व्यक्ति ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगवाए। इसके लिए उसे मंच पर बैठे नेताओं से परमीशन लेनी पड़ी। क्या भारत माता की जय बोलने के लिए परमीशन लेनी पड़े। क्या ऐसी कांग्रेस को देश माफ करेगा। ऐसी कांग्रेस को कर्नाटका माफ करेगा। ऐसी कांग्रेस को मैसुरू माफ करेगा। पहले वंदेमातरम् का विरोध, और अब ‘भारत माता की जय’ कहने तक से चिढ़!  ये काँग्रेस के पतन की पराकाष्ठा है।

साथियों,

आज काँग्रेस पार्टी सत्ता के लिए आग का खेल खेल रही है। आज आप देश की दिशा देखिए, और काँग्रेस की भाषा देखिए! आज विश्व में भारत का कद और सम्मान बढ़ रहा है। बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। दुनिया में भारत का नाम हो रहा है कि नहीं हो रहा है। भारत का गौरव बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। हर भारतीय को दुनिया गर्व से देखती है कि नहीं देखती है। तो काँग्रेस के नेता विदेशों में जाकर देश को नीचा दिखाने के कोई मौके छोड़ते नहीं हैं। देश अपने दुश्मनों को अब मुंहतोड़ जवाब देता है, तो काँग्रेस सेना से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगती है। आतंकी गतिविधियों में शामिल जिस संगठन पर बैन लगता है। काँग्रेस उसी के पॉलिटिकल विंग के साथ काम कर रहा है। कर्नाटका में तुष्टीकरण का खुला खेल चल रहा है। पर्व-त्योहारों पर रोक लगाने की कोशिश हो रही है। धार्मिक झंडे उतरवाए जा रहे हैं। आप मुझे बताइये, क्या वोटबैंक का यही खेल खेलने वालों के हाथ में देश की बागडोर दी जा सकती है। दी जा सकती है।

साथियों, 

हमारा मैसुरु तो कर्नाटका की कल्चरल कैपिटल है। मैसुरु का दशहरा तो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। 22 जनवरी को अयोध्या में 500 का सपना पूरा हुआ। पूरा देश इस अवसर पर एक हो गया। लेकिन, काँग्रेस के लोगों ने, उनके साथी दलों ने राममंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा जैसे पवित्र समारोह तक पर विषवमन किया! निमंत्रण को ठुकरा दिया। जितना हो सका, इन्होंने हमारी आस्था का अपमान किया। कांग्रेस और इंडी अलायंस ने राममंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का बॉयकॉट कर दिया। इंडी अलांयस के लोग सनातन को समाप्त करना चाहते हैं। हिन्दू धर्म की शक्ति का विनाश करना चाहते हैं। लेकिन, जब तक मोदी है, जब तक मोदी के साथ आपके आशीर्वाद हैं, ये नफरती ताक़तें कभी भी सफल नहीं होंगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

Twenty twenty-four का लोकसभा चुनाव अगले five years नहीं, बल्कि twenty forty-seven के विकसित भारत का भविष्य तय करेगा। इसीलिए, मोदी देश के विकास के लिए अपना हर पल लगा रहा है। पल-पल आपके नाम। पल-पल देख के नाम। twenty-four बाय seven, twenty-four बाय seven for Twenty Forty-Seven.  मेरा ten years का रिपोर्ट कार्ड भी आपके सामने है। मैं कर्नाटका की बात करूं तो कर्नाटका के चार करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। Four lakh fifty thousand गरीब परिवारों को कर्नाटका में पीएम आवास मिले हैं। One crore fifty lakh से ज्यादा गरीबों को मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। नेशनल हाइवे के नेटवर्क का भी यहाँ बड़ा विस्तार किया गया है। मैसुरु से बेंगलुरु के बीच एक्सप्रेसवे ने इस क्षेत्र को नई गति दी है। आज देश के साथ-साथ कर्नाटका में भी वंदेभारत ट्रेनें दौड़ रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत Eight Thousand से अधिक गांवों में लोगों को नल से जल मिलने लगा है। ये नतीजे बताते हैं कि अगर नीयत सही, तो नतीजे भी सही! आने वाले Five Years में विकास के काम, गरीब कल्याण की ये योजनाएँ शत प्रतिशत लोगों तक पहुंचेगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

मोदी ने अपने Ten year साल का हिसाब देना अपना कर्तव्य माना है। क्या आपने कभी काँग्रेस को उसके sixty years का हिसाब देते देखा है? नहीं न? क्योंकि, काँग्रेस केवल समस्याएँ पैदा करना जानती है, धोखा देना जानती है। कर्नाटका के लोग इसी पीड़ा में फंसे हुये हैं। कर्नाटका काँग्रेस पार्टी की लूट का ATM स्टेट बन चुका है। खाली लूट के कारण सरकारी खजाना खाली हो चुका है। विकास और गरीब कल्याण की योजनाओं को बंद किया जा रहा है। वादा किसानों को मुफ्त बिजली का था, लेकिन किसानों को पंपसेट चलाने तक की बिजली नहीं मिल रही। युवाओं की, छात्रों की स्कॉलर्शिप तक में कटौती हो रही है। किसानों को किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार की ओर से मिल रहे four thousands रुपए बंद कर दिये गए हैं। देश का IT hub बेंगलुरु पानी के घनघोर संकट से जूझ रहा है। पानी के टैंकर की कालाबाजारी हो रही है। इन सबके बीच, काँग्रेस पार्टी को चुनाव लड़वाने के लिए hundreds of crores रुपये ब्लैक मनी कर्नाटका से देशभर में भेजा जा रहा है। ये काँग्रेस के शासन का मॉडल है। जो अपराध इन्होंने कर्नाटका के साथ किया है, इसकी सजा उन्हें Twenty Six  अप्रैल को देनी है। 26 अप्रैल को देनी है।

साथियों,

मैसूरु से NDA के उम्मीदवार श्री यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वोडेयर, चामराजनागर से श्री एस बालाराज, हासन लोकसभा से एनडीए के श्री प्रज्जवल रेवन्ना और मंड्या से मेरे मित्र श्री एच डी कुमार स्वामी,  आने वाली 26 अप्रैल को इनके लिए आपका हर वोट मोदी को मजबूती देगा। देश का भविष्य तय करेगा। मैसुरु की धरती से मेरी आप सभी से एक और अपील है। मेरा एक काम करोगे। जरा हाथ ऊपर बताकर के बताइये, करोगे। कर्नाटका के घर-घर जाना, हर किसी को मिलना और मोदी जी का प्रणाम जरूर पहुंचा देना। पहुंचा देंगे। पहुंचा देंगे।

मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

बहुत बहुत धन्यवाद।