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देश की आर्थिक उन्‍नति, सांस्‍कृतिक समृद्धि, प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता और उसकी पहचान IICC, उसमें हम भली भांति अनुभव कर पाएंगे: प्रधानमंत्री मोदी
हमारी सरकार ने देश के विकास के लिए अभूतपूर्व परियोजनाओं की एक श्रृंखला शुरू की है: पीएम मोदी
हमारी सरकार राष्ट्र हित में साहसिक निर्णय लेने से नहीं हिचकिचाएगी: प्रधानमंत्री
पिछले 4 वर्षों में समावेशी विकास हुआ है क्योंकि राष्ट्र हित हमारे लिए सर्वोच्च है: प्रधानमंत्री मोदी

मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्रीमान सुरेश प्रभुजी, श्रीमान हरदीप सिंह पुरी जी, श्रीमान सी.आर.चौधरी जी, सचिव डीआईपीपी श्री रमेश अभिषेक जी, यहां उपस्थित उद्योग और व्‍यापार जगत से जुड़े मेरे सभी भाइयो और बहनों।

पूरा देश गणपति पूजा में व्‍यस्‍त है। हर किसी के घर में गणपति बाप्‍पा का आगमन हुआ है। और हर शुभ कार्य को मंगल बनाने के लिए भगवान गणेश को स्‍मरण करके आगे बढ़ते हैं। भव्‍य और दिव्‍य भारत के इस बड़े प्रतीक न्‍यू इंडिया के एक अहम सेंटर के निर्माण का आज श्रीगणेश करने का एक बहुत ही उपयुक्‍त अवसर है।

देश की आर्थिक उन्‍नति, सांस्‍कृतिक समृद्धि, प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता और उसकी पहचान India International Convention and Expo Centre यानी IICC, उसमें हम भली भांति अनुभव कर पाएंगे। ये सेवा सवा सौ करोड़ देशवासियों की इस भावना का प्रकटीकरण है जो दुनिया में भारत का आज जो रुतबा बन रहा है, भारत का जो स्‍थान बन रहा है, उससे वो अनुरूप है।

करीब-करीब 26 हजार करोड़ की लागत से होने वाला ये निर्माण इस देश के 80 करोड़ युवाओं के attitude और energy का एक सेंटर बनने वाला है। ये सरकार के उस vision का हिस्‍सा है, जिसके केंद्र में world class infrastructure और ease of doing business है और जैसाकि अभी हमे एक फिल्‍म के माध्‍यम से और बाहर 3D Model के माध्‍यम से भी विस्‍तार से बताया गया कि ये सिर्फ एक Convention Centre, एक Expo Centre ही नहीं है, बल्कि देश और दुनिया के व्‍यापार-कारोबार का एक जीता-जागता Vibrant केंद्र होगा।

एक प्रकार से दिल्‍ली के भीतर ही एक Mini City होगा। एक ही Campus में Convention Hall, Expo Hall, Meeting Hall, Hotels, Market, दफ्तर, Recreation, ऐसी तमाम सुविधाएं एक ही स्‍थान पर विकसित होने वाली हैं।

अब देश की राजधानी में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के बड़े आयोजनों के लिए हमें जो बार-बार सोचना पड़ रहा है कि करें या न करें, दुनियाभर के लोगों को बुलाएं या न बुलाएं; उस उलझन में से हम बाहर आ जाएंगे। यहां बनने वाला ये  Convention Hall एक ऐसी जगह बन रही है जहां 10 हजार लोगों के बैठने की सुविधा होगी। बैठने की capacity के लिहाज से ये दुनिया के Top Five और एशिया के Top Three Convention Hall में गिना जाएगा।

सबसे अहम बात ये है कि बीते चार वर्षों में जो सबसे बड़े काम करने की एक परम्‍परा विकसित हुई है, उसकी कड़ी को ये और विस्‍तार देने वाला है। ये भारत का सबसे बड़ा Convention और Expo Centre होने वाला है।

सा‍थियो, इस सरकार ने देश के विकास के लिए अभूतपूर्व योजनाओं पर कार्य शुरू किया है। सबसे लम्‍बी सुरंग बनाने का काम या सबसे लम्‍बी  गैस पाइप लाइन बिछाने का काम हो, या समंदर पर सबसे लम्‍बा पुल बनाने का काम हो, या सबसे बड़ी Mobile manufacturing unit बनाने का काम हो, देश के हर गांव तक Broadband connectivity का काम हो, देश के हर गांव और हर परिवार तक बिजली पहुंचाने का काम हो, सबसे बड़े financial inclusion का movement हो, ग्रामीण क्षेत्र के सबसे बड़े banking network, India Post Payment Bank को बनाने का काम हो, GST के रूप में सबसे बड़े Indirect tax de-force का काम हो, स्‍वच्‍छ भारत के रूप में सबसे बड़ा जनांदोलन चलाने का काम हो, और अब देश और दुनिया की सबसे बड़ी Health Care Scheme आयुष्‍मान भारत का बीड़ा उठाने का काम इसी सरकार ने किया है।

ये कुछ उदाहरण है सिर्फ देश के physical और social infrastructure को नई दिशा देने वाले प्रोजेक्‍ट ही नहीं हैं बल्कि 21वीं सदी के भारत, New India की Speed, Scale और Skill के प्रतीक हैं।

साथियो, आज देश में, हर हिस्‍से में जो विश्‍वस्‍तरीय व्‍यवस्‍थाएं तैयार की जा रही हैं, उनमें IICC का नाम जुड़ने वाला है। हर आधुनिक technology से लैस पूरे परिसर में देश-दुनिया के business leader के लिए वो तमाम सुविधाएं होंगी जिसकी अपेक्षा वो दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था से करता है।

वो अर्थव्‍यवस्‍था जो 8 प्रतिशत की गति से विकास कर रही है। जो आने वाले 5-7 वर्षों में 5 trillion तो अगले एक-डेढ़ दशक में 10 trillion dollar के लक्ष्‍य को लें करके तेज गति से आगे बढ़ रही है।

मुझे ये जान करके खुशी है कि ये परिसर यातायात की आधुनिक सुविधाओं से well connected होगा। हाई स्‍पीड मेट्रो से ये सीधे एयरपोर्ट से connected होगा। Meeting हो, business incubation centers हों,  Event management service हो, मनोरंजन हो, शॉपिंग हो या फिर टूरिज्‍म से जुड़ी व्‍यवस्‍थाएं; सब एक स्‍थान पर उपलब्‍ध होंगी।

ये प्रोजेक्‍ट सरकार के उस संकल्‍प का हिस्‍सा है, जिसके तहत भारत की growth story से जुड़े हर infrastructure को मजबूत किया जा रहा है। 

भाइयो और बहनों, हम दुनिया में कहीं भी जाएं, अक्‍सर देखने को मिलता है कि छोटे-छोटे देश भी बड़ी-बड़ी conference रखने की क्षमता रखते हैं। इस तरह की आधुनिक व्‍यवस्‍थाओं के निर्माण की वजह से कई देश Conference Tourism के Hub बन चुके हैं। लेकिन हमारे यहां बरसों तक इस दिशा में सोचा ही नहीं गया। बड़ी-बड़ी  Conference को, या हमारे trade fare लगाने हों, तो आमतौर पर घूम-फिर कर एक ही जगह, प्रगति मैदान; बस वहीं पर सब कुछ सीमित हो गया। और वो भी अपनी ऊर्जा खो चुका था। अब ये सोच बदली है। और उसी का परिणाम आज का ये आयोजन है।

देश की राजधानी दिल्‍ली में ही नहीं, बल्कि अन्‍य राज्‍यों में भी IICC जैसे सेंटरों का निर्माण business culture से जुड़े एक अहम पक्ष को मजबूत करेगा। हमारे देश में ConferenceTourism का एक eco system develop करेगा।

अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर की summit, बड़ी-बड़ी कम्‍पनियों के annual general meetings, सरकार के तमाम विभागों के कार्यक्रम, इस तरह के सेंटरों में आसानी से हो सकेंगे। ये आधुनिक Convention Centre कहीं न कहीं ease of living को भी बढ़ाएगा। पंडाल की चिंता नहीं, पानी-बिजली की चिंता नहीं, मौसम का डर नहीं, एक Ready to Use System होगा जो ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को इस्‍तेमाल के लिए आसानी से सुलभ होगा।

Business activity हो, cultural activity हो, जब शहर में इस तरह की गतिविधियों के केंद्र होंगे तो पूरे शहर को उसका लाभ मिलता है। ये Convention Centre शहरों की पहचान भी बनेंगे।

साथियो, IICC, इंडिया की credible story को अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चमक देने वाला एक अच्‍छा माध्‍यम बनेगा। मैं उम्‍मीद करता हूं कि जब ये बन करके तैयार होगा तो ConferenceTourism, MIC यानी meeting incentive conferences and exhibition के अहम destination के रूप में भारत की पहचान को एक नई ताकत मिलेगी।  

IICC के रूप में देश के व्‍यापारियों, उद्यमियों, कारोबारियों को अंतर्राष्‍ट्रीय मार्केट में अपने प्रोडक्‍ट को दिखाने, उसकी पहचान को स्‍थापित करने का आसान साधन भी होगा। विशेष तौर पर देश के छोटे और मझले उद्यमी अपने प्रचार-प्रसार पर उतना खर्च नहीं कर पाते हैं। उनके लिए ये महत्‍वपूर्ण मंच सिद्ध होने वाला है। वो यहां अंतर्राष्‍ट्रीय buyers और sellers से सीधा संवाद कर पाएंगे। अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर की टेक्‍नोलॉजी के बारे में भी वो आसानी से जान पाएंगे और अपने उद्योग को उसी हिसाब से वे operate कर पाएंगे।

ये सुविधा सरकार के उन प्रयासों को बल देगी, जिसके तहत MSME यानी medium and small skill को सशक्‍त किया जा रहा है। इतना ही नहीं, Startup के लिए भी ये बहुत बड़ी सुविधा खड़ी होने वाली है। Startup के लिए सबसे बड़ी समस्‍या अपने Ideas को निवेशकों तक पहुंचाने की होती है। देश के innovative youth के लिए ये बहुत बड़ा platform बनेगा। यहां आइडिया और innovation की चर्चा से लेकर funding और branding की मार्केटिंग तक आसानी से की जा सकेगी।

ये इसलिए भी अहम है क्‍योंकि आज भारत Startup के क्षेत्र में दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा Eco System बन चुका है।

आज हमारे युवा 10 हजार से अधिक Startup पर काम कर रहे हैं। ऐसे में ये आधुनिक व्‍यवस्‍था समाज के हर वर्ग, हर स्‍तर को लाभ पहुंचाएगी। बड़ी बात ये भी है कि ये सेंटर देश के पांच लाख युवा साथियों को रोजगार के अवसर देने वाला है। ये सिर्फ देश की आर्थिक और सांस्‍कृतिक शक्ति के प्रदर्शन का ही नहीं, ये स्‍थान बल्कि ये लाखों गरीब, मध्‍यम वर्ग परिवारों के जीवन को नई दिशा देने वाला प्रोजेक्‍ट है। देश के training institutes, skill centres या फिर किसी स्‍कूल-कॉलेज में पढ़ाई करने वाले नौजवान की आकांक्षाओं को ये बदलने की ताकत रखता है।

भाइयो और बहनों, IICC Infrastructure के उन तमाम बड़े projects का विस्‍तार है जिनको बीच के चार वर्षों में जमीन पर उतारा गया है। ऐसे projects ने लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनाए हैं। सर्विस हो, कृषि हो या फिर manufacturing; हर सेक्‍टर में बड़ी मात्रा में रोजगार पैदा हो रहे हैं। Reports बताती हैं कि देश के IT Sector में भी रोजगार निर्माण में जबरदस्‍त वृद्धि देखने को मिल रही है।

Retail के क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसर बन रहे हैं। अकेला E-commerce sector ही 50 अरब डॉलर से अधिक का revenue generate कर रहा है। जितना ये व्‍यापक हो रहा है, उतना ही अधिक रोजगार भी दे पा रहा है।

साथियो, सर्विस के साथ-साथ manufacturing sector भी आज Make in India की शक्ति से आगे बढ़ रहा है। भारत आज Mobile manufacturing का Hub बन रहा है, जिससे देश के चार-साढ़े चार लाख से भी अधिक युवाओं को बीते चार वर्षों के दौरान रोजगार से जोड़ा गया है। आज स्थिति ये है कि हम mobile export तो कर ही रहे हैं, साथ में 80 प्रतिशत मोबाइल फोन देश में ही बन रहे हैं। इससे विदेशी मुद्रा के रूप में तीन लाख करोड़ रुपए की बचत देश को हुई है।

साथियों, पिछले चार वर्षों में देश में transparent और merit base business का उत्‍तम माहौल तैयार किया गया है। आज देश का telecom sector, 500 वर्ष पहले के अंधेरे से बाहर आ चुका है। आज ये देश के सबसे तेज बढ़ते सेक्‍टर्स में शामिल हो गया है। देश अब 5G network infrastructure की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। पारदर्शी टेंडरिंग व्‍यवस्‍था और डिजिटल इंडिया अभियान से इसको अभूतपूर्व गति मिली है। आज voice  call करीब-करीब फ्री है और एक जीबी 4जी डेटा, 250-300 रुपए से घटकर 19-20 रुपए तक पहुंच गया है। यानी देश के सामान्‍य व्‍यक्ति को इंटरनेट की ताकत मिली है तो इं‍डस्‍ट्री को व्‍यापार के नए अवसर उपलब्‍ध हुए हैं।

टेलिकॉम के साथ-साथ देश का टूरिज्‍म सेक्‍टर भी निरंतर विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। देश में रोजगार के लाखों अवसर निर्मित कर रहा है।

साथियों, देश व्‍यवस्‍था से चलता है, संस्‍थानों से आगे बढ़ता है और ये दो-चार महीने, दो-चार साल में नहीं बनती, ये वर्षों के सतत विकास का परिणाम होती है। और इसमें बहुत महत्‍वपूर्ण होता है कि फैसले समय पर लिए जाएं और इन्‍हें बिना टाले लागू किया जाए।

अब ये छोटे बैकों के merger का फैसला ही लीजिए, दर्जनों सरकारी बैंकों की क्‍या आवश्‍यकता है। इसको लेकर हम सालों से हम debate सुनते आ रहे हैं। करीब ढाई दशक पहले इसके बारे में कदम उठाने की बात शुरू हुई। लेकिन इस दिशा में आगे बढ़ने का साहस, पहले भी चर्चाएं हुईं, किसी ने नहीं जुटाया। लेकिन बीते 50 महीने इसके गवाह हैं कि एनडीए की ये राष्‍ट्र सरकार राष्‍ट्र हित में लिए जाने वाले कठिन फैसले लेने में कभी पीछे नहीं रहती। जो वर्षों से लटके फैसले थे, उनको पूरी शक्ति के साथ जमीन पर उतारा गया है। पहले State bank of India में छोटे बैंकों का merger किया गया और अब तीन और बैंकों को एक ही बैंक में मिलाने का फैसला लिया गया है। और मुझे याद है तीन-चार साल पहले जब reform की चर्चाएं होती थीं तो कुछ लोग बढ़-चढ़ करके लिखते थे, अगर मोदी बैंकों का merger करके दिखा दे तो हम मानेंगे कि मोदी कुछ कर रहा है। अब जब हो गया है तो पता नहीं उनकी कलम को नींद आ गई है, चुप हो गए।

जीएसटी हो, Demonetization हो, बेनामी संपत्ति कानून हो, insolvency code हो, भगौड़े आर्थिक अपराधियों से जुड़ा कानून हो- तीन लाख से अधिक संदिग्‍ध कम्‍पनियों का registration रद्द करना हो, ये सभी फैसले ईमानदार और पारदर्शी business environment के बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के जीते-जागते उदाहरण हैं।

सा‍थियों, देश में पिछले चार वर्षों में चौतरफा विकास इसलिए संभव हो पाया, उन्‍हीं संसाधनों के रहते सरकार बेहतर काम इसलिए कर पाई क्‍योंकि राष्‍ट्र हित को सर्वोपरि रखा गया। व्‍यवस्‍थाओं को सही दिशा की तरफ मोड़ा गया।

साथियो, मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि जनहित में मुश्किल से मुश्किल फैसले लेने का ये सिलसिला जारी रहेगा। आज देश में चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्‍यवस्‍था की नींव दिनोंदिन मजबूत होती चली जा रही है। Fundamentals मजबूत हैं, निर्यात को निरंतर प्रोत्‍साहित किया जा रहा है। आने वाले समय में Global trade को GDP का 40 प्रतिशत तक करने के लिए एक विस्‍तृत योजना पर काम चल रहा है। साल twenty-twenty five तक  GDP  को five trillion dollar तक ले जाने के जिस लक्ष्‍य को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं उसमें एक trillion dollar manufacturing और agriculture का हो, इसकी तरफ भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं।

ये सरकार की कोशिशों का ही अवसर है कि ease of doing business की ranking में भारत ने चार वर्षों में forty two अंकों का सुधार किया है। ये भी अपनी तरह का एक रिकॉर्ड है। अब तो राज्‍यों में भी एक competition शुरू हुआ है कि कौन अपनी ranking तेजी से सुधारता है। ease of doing business की ये स्‍पर्धा लोगों की ease of living को भी बढ़ा रही है।

Reform की हमारी जो यात्रा है, वो अब जिला स्‍तर पर, तहसील स्‍तर पर पहुंचाने की कोशिश है। आज जिला स्‍तर पर भी ease of doing business के पहलुओं पर ध्‍यान दिया जा रहा है। इसके लिए एक पूरे excel plan पर काम हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में जिलों के GDP में 2 से 3 प्रतिशत की वृद्धि कैसे हो, उसके तरीके क्‍या हों, initative क्‍या हो, priority क्‍या हो। सरकार की सोच रही है कि अगर reform को स्‍थाई बनाना है तो जमीन पर उसका असर दिखना चाहिए।

साथियों, हमारा देश जितना बड़ा है, हमारे देश में जितने युवा हैं, उतने ही हमारे देश के बड़े सपने का इसको पूरा अधिकार है, उन सपने देखने का अधिकार है। उन सपनों को शक्‍ल देने का अधिकार है। इनको साकार करने में मदद करने की जिम्‍मेदारी सरकार के साथ-साथ देश के उद्योग जगत की है। आप सभी की भी है।

मुझे विश्‍वास है कि हम सभी मिलकर New India की युवा आकांक्षाओं को बल देने में पूरी शक्ति से काम करेंगे। आने वाले एक-डेढ़ वर्ष के भीतर IICC का पहला चरण पूरा करने का प्रयास है। इसके निर्माण से जुड़ी और उससे जुड़े हुए लोगों को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। और मुझे अभी बताया गया कि अभी इस परिसर में करीब-करीब ढाई हजार लोग already  काम कर रहे हैं, यानी शिलान्‍यास की विधि से पहले काम का पूरा खाका तैयार करके काम को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुझे विश्‍वास है कि जिन सपनों को ले करके हम चले हैं और बदलते हुए विश्‍व में, Global economy के युग में भारत भी हर प्रकार से अपने-आपको न सिर्फ Relevant लेकिन एक leader roll में अपने-आपको प्रस्‍तुत करने का सामर्थ्‍य ले करके आगे बढ़े। इन्‍हीं सपनों के लिए, साथ आगे बढ़ना है तब मैं फिर एक बार इस पूरी टीम को इस काम को समय पर उत्‍तम तरीके से, उत्‍तम निर्माण कार्य के साथ, उत्‍तम गति देते रहें, यही मेरी शुभकामनाएं हैं।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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