एक्सप्रेसवे से प्रदूषण कम होगा और दिल्ली एनसीआर के लोगों को इसका लाभ मिलेगा और जाम की समस्या में कमी आएगी: प्रधानमंत्री मोदी
125 करोड़ भारतीयों के जीवन को ऊपर उठाने के लिए यह आवश्यक है कि हम आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित करें: पीएम मोदी
हम महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम कर रहे हैं, उज्ज्वला और मुद्रा योजना के माध्यम से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है: प्रधानमंत्री
हम डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर से 5 स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं; हम दलितों और वंचितों को मजबूत कर रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
विपक्ष कमजोर वर्गों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उठाए गए कदमों का मजाक उड़ाते हैं, वे जो लोगों के बीच झूठ फैला रहे है: पीएम मोदी

भारत माता की जय

इतनी विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

चार वर्ष पहले आपने अपार समर्थन के साथ मुझे पूरे देश की सेवा करने का अवसर दिया। मई कि इस गर्मी में और जब दोपहर को सूरज इतना तप रहा है। आपका इतनी बड़ी संख्या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिये आना इस बात का गवाह है कि चार साल में हमारे सरकार देश को सही दिशा में ले जाने में सफल रही। भाइयों और बहनों इतना स्नेह इतना प्यार तब होता है, जब सेवक से उसका विधाता खुश होता है। आज भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के चार साल पूरे होने पर आपका ये प्रधान सेवक फिर आपके सामने नतमस्तक हो कर के सवा सौ करोड़ देशवासियों का अभिवादन करता है। 
साथियों आज बागपत पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर वालों के लिये एक बहुत बड़ा दिवस है। दो बड़ी सड़क परियोजनाओं का आज लोकार्पण किया गया है। एक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का पहला चरण और दूसरा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किये गए। जबकि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के अभी के हिस्से पर लगभग साढ़े 800 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं। ये पूरा प्रोजेक्ट लगभग 5000 करोड़ रुपये का है। आज जब इस नई सड़क पर चलने का मुझे अवसर मिला तो अनुभव किया कि 14 लेन का सफर दिल्ली एनसीआर के लोगों के जीवन को कितना सुगम बनाने वाला है। कहीं कोई रुकावट नहीं। एक से एक आधुनिक टैक्नीक का इस्तेमाल कॉन्क्रीट के साथ हरियाली का भी मेल।

भाइयों और बहनों सिर्फ 18 महीनों में ये काम पूरा हुआ है। आज 14 लेन की 9 किलोमीटर सड़क का लोकार्पण हुआ है। लेकिन इस नौ किलोमीटर का भी कितना महत्व है। वो दिल्ली के पटपड़गंज, मयूर विहार, गाज़ियाबाद, इन्द्रापुरम, वैशाली और नोएडा के लोगों को भली भांति पता है। साथियों जिस रफ्तार से ये 9 किलोमीटर की सड़क बनी है। उसी रफ्तार से मेरठ तक इस पूरे एक्सप्रेस-वे का काम करके जल्द ही दूसरे चरण को भी जनता के लिये समर्पित किया जाएगा। और जब ये पूरा हो जाएगा, तो मेरठ से दिल्ली की दूरी सिर्फ 40-45 मिनट्स रह जाएगी।

साथियों दिल्ली एनसीआर में सिर्फ जाम की ही समस्या नहीं है प्रदूषण की भी एक बहुत बड़ी समस्या है। जो साल दर साल और विकराल रूप लेती जा रही है। प्रदूषण की समस्या का एक कारण दिल्ली में आने जाने वाली गाड़ियां और लम्बे ट्राफिक जाम हैं। हमारी सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली के चारों और एक्सप्रेस-वे से एक घेरा बनाने का बेड़ा उठाया। ये दो चरणों में बनाया जा रहा है। इसमें से एक चरण यानी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का अभी थोड़ी देर पहले मुझे लोकार्पण करने का अवसर मिला। भाइयों बहनों दिल्ली के अंदर आज जितनी गाड़ियां पहुंचती है। उसमें से अब लगभग 30 प्रतिशत की कमी आ जाएगी। वो बाहर से बाहर निकल जाएगी। ना सिर्फ बड़ी गाड़ियां और ट्रक बल्कि 50 हजार से अधिक कारों को भी अब दिल्ली शहर के अंदर प्रवेश करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। ऐसी व्यवस्था इससे निर्माण हुई है। इतना ही नहीं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे अपने आप में देश का पहला एक्सप्रेस –वे है जो एक्सिस कंट्रोल रॉ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस –वे है। ये सड़क सिर्फ 500 दिन में बनकर तैयार हुई है। साथियों ये दोनों जो बड़े प्रोजेक्ट आज आप सभी की सेवा के लिये तैयार हैं। ये पूरी तरह से आधुनिक टेक्नोलोजी से लेस है। बिजली की जरूरत भी यहां सोलर एनर्जी सौर ऊर्जा से पूरी की जाएगी। यानी समय की भी बचत, प्रदूषण भी कम, ईंधन भी कम पश्चिम यूपी से दिल्ली दूध, सब्जी, अनाज पहुंचाना भी अब आसान हो जाएगा।

भाइयों बहनों सवा सौ करोड़ देशवासियों का जीवन स्तर ऊपर उठाने में देश के आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की बहुत बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है और यही सबका साथ सबका विकास का रास्ता है। क्योंकि इन्फ्रास्ट्रक्चर जात-पात, पंथ, सम्प्रदाय, ऊँच-नीच, अमीर-गरीब, ये किसी में भेदभाव नहीं करता है। इससे सबके लिये बराबरी के अवसर पैदा होते हैं। इसलिये हमारी सरकार ने हाईवे, रेलवे, एयरवे बोटरवे हाईवे और बिजली से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सबसे अधिक ध्यान दिया है। साथियों बीते चार वर्षों में तीन लाख करोड़ से अधिक खर्च हमने 28 हजार किलोमीटर से अधिक के नए हाईवे बनाने के लिये किया है। चार वर्ष पहले तक जहां एक दिन में और मैं चाहूंगा कि आप भी इस बात को ध्यान से सुनें और मेरे देश के नागरिक भी सुनें। चार वर्ष पहले तक जहां एक दिन में सिर्फ 12 किलोमीटर हाईवे बनते थे। आज लगभग 27 किलोमीटर हाईवे एक दिन में बनते हैं। इस वर्ष के बजट में भारत माला प्रोजेक्ट के तहत पांच लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत लगभग 35 हजार किलोमीटर हाईवे का निर्माण हो रहा है। हाईवे ही नहीं रेलवे में भी अभूतपूर्व काम हो रहा है। जहां रेलवे की कनेक्टिविटी नहीं थी, वहां तेजी से रेल नेटवर्क बिछाया जा रहा है। सिंगल लाइनों को डबल में बदलना, मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदलना, इस काम को तेज गति से हम कर रहे हैं। ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ाई जा रही है। लगभग साढ़े पांच हजार मानव रहित क्रॉसिंग को बीते चार वर्षों में हमनें हटा दिया है। भाइयों बहनों हवाई सेवा को सस्ता करने और देश में नए हवाई रूट शुरू करने के लिये उड़ान योजना चलाई जा रही है। पिछले वर्ष लगभग दस करोड़ लोगों ने हवाई सफर किया यानी एसी ट्रेन में रेलवे के एयरकंडीशन डिब्बे में जितनों ने यात्रा की उससे ज्यादा लोगों ने हवाई जहाज में यात्रा की ये मैं हिन्दुस्तान की चार साल की कथा बता रहा हूं। हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में जाय ये सपना लेकर के काम कर रहे हैं। देश के जलशक्ति का भी पूरा इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है। देश में सौ से ज्यादा नए वॉटर वेज बनाए जा रहे हैं। यहां यूपी में भी गंगा जी में भी जहाज चलने लगे हैं। गंगा जी के माध्यम से यूपी सीधा – सीधा समुद्र से जुड़ने वाला है। जल्द ही मालवाहक जहाज यूपी में बना सामान बड़े – बड़े पोर्ट तक पहुंचाने के लिये सामर्थ्यवान हो जाएगा। गंगा जी की तरह यमुना जी को लेकर भी एक बाद एक नई योजनाएँ बनाई जा रही हैं।

साथियों जहां-जहां ट्रांस्पोर्ट की ये सुविधा खड़ी की जा रही है। वहां – वहां नए उद्योगों के अवसर भी तैयार किये जा रहे हैं। इसी सोच के साथ इस साल बजट में उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कोरिडोर के निर्माण का भी ऐलान किया गया है। इस कोरिडोर का विस्तार आगरा, अलीगढ़, लखनऊ, कानपूर, झांसी और चित्रकूट तक ये विस्तार होगा। अकेले ये कोरिडोर करीब – करीब ढाई लाख लोगों के लिये रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।

साथियों न्यू इंडिया के तमाम नई व्यवस्थाएँ देश के युवाओं, मध्यम वर्गीय आशाओं अपेक्षाओं के आधार पर खड़ी की जा रही है। देश के हर गांव को इन्टरनेट से जोड़ने के लिये भारत नेट योजना के तहत काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार की रफ्तार का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि कांग्रेस सरकार जहां अपने चार साल में ये भी जैसे मैंने आपको हाईवे निर्माण का आंकड़ा दिया था। ये भी आंकड़ा जरा नोट करने जैसा है। कांग्रेस की यूपीए सरकार अपने चार साल में 59 पंचायतें यानी करीब – करीब 60 पंचायतों में ही ऑप्टिकल फाइबर से उसे जोड़ पाई थी। 59 वहां हमनें एक लाख से अधिक पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ दिया है। कहां चार साल में 60 से भी कम गांव और कहां चार साल में एक लाख गांव। काम कैसे होता है। मेरा देश भली भाँति से अनुभव कर रहा है। मेक इन इंडिया के माध्यम से देश में मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका परिणाम यह हूआ कि चार वर्ष पहले देश में सिर्फ दो मोबाईल फोन बनाने वाली फैक्टरियां थीं। आप अनुमान लगा सकते हैं आज कहां पहुंचे हैं । आपको जानकर के खुशी होगी। उनके जमाने में दो फैक्टरियां मोबाइल फोन बनाती थी। आज 120 फैक्टरी मोबाइल फोन बना रही है। और उसमें तो कई तो यहां एनसीआर में ही हैं। जिनसे अनेक युवाओं को भी रोजगार मिला है। कुछ तो शायद यहां मौजूद भी होंगे।

साथियों रोजगार निर्माण में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग जिन्हें हम एमएसएमई भी कहते हैं। उनका बहुत बड़ा योगदान है। खेती के बाद एमएसएमई सैक्टर में ही रोजगार के सबसे ज्यादा अवसर उपलब्ध होते हैं। और यूपी में तो करीब-करीब 50 लाख छोटे – छोटे लघु उद्योगों का जाल है। इन उद्योगों का और विस्तार हो, इसके लिये केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर के काम कर रही है। केन्द्र सरकार ने एमएसएमई सैक्टर को टैक्स में भी भारी छूट देकर रखी हुई है। उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने एक बड़ा महत्वपूर्ण इनिशिएटिव योगी जी की सरकार ने लिया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है। यूपी सरकार की इस योजना को केन्द्र सरकार के स्किल इंडिया मिशन, स्टैंडअप इंडिया, स्टार्टअप इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के साथ हमनें उसका सहयोग देने का एक पूरा रोड मैप बनाया है। साथियों बेहतर बिजनेस और कारोबार तब होता है जब सुरक्षा व्यवस्था सही हो। यहां पश्चिम उत्तर प्रदेश में तो आप साक्षात गवाह हैं कि पहले क्या स्थिति थी। लेकिन अब योगी जी की नेतृत्व वाली सरकार में अपराधी खुद सरेंडर कर रहे हैं। अब अपराधी खुद आगे से कोई अपराध नहीं करेंगे उसके शपथ लेने लगे हैं। और मैं योगी जी को और मनोहर लाल जी को दोनों एक को इस बात के लिये बधाई देता हूं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच कानून व्यवस्था के मुद्दे पर इतना बढ़िया संकलन किया एक दूसरे को इतना बढ़िया संपर्कसूत्र से जोड़ा है कि पहले क्रिमिनल यहां खेल खेलते थे वहां भाग जाते थे। वहां खेल खेलते थे यहां शरण ले लेते थे। अब उनके सारे रास्ते इन दोनों ने बंद कर दिये हैं। मैं दोनों को बधाई देता हूं।

भाईयों बहनों हम महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण- इस बात को हम प्राथमिकता दे रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत मैंने देश में साढ़े 7 करोड़ शौचालय हो। या फिर उज्ज्वला योजना के तहत दिये गए चार करोड़ गैस कनेक्शन हों। इन्होंने महिलाओं के जीवन को आसान बनाने की बहुत बड़ी सेवा की है। वहीं मुद्रा योजना के तहत जो लगभग 13 करोड़ लोन दिये गए हैं। उनमें 75 प्रतिशत से अधिक महिला उद्यमों को ये लोन मिले हैं। कोई कल्पना कर सकता है। हिन्दुस्तान में मुद्रा योजना की 13 करोड़ लोन में से लोन लेने वाली 75 प्रतिशत मेरे देश की बेटियां हैं, बहनें हैं, माताएं हैं। बीते चार वर्ष में हमनें बेटियों को सम्मान दिया। और उन्हें और सशक्त बनाया। साथियों महिलाओं के साथ-साथ दलितों और पिछड़ों के सशक्तिकरण के और उनके सम्मान के लिये बीते चार वर्ष में हमनें एक के बाद एक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। चाहे वो स्वरोजगार हो या फिर सामाजिक सुरक्षा आज अनेक योजनाएँ इस दिशा में काम कर रही है। मुद्रा योजना के माध्यम से जो लोन दिया गया है उसमें आधे से ज्यादा लोन दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को मिला है। स्टैंडअप इंडिया के जरिये भी दलितों को महिलाओं को उद्यमी की एक नई योजना से लाभ मिला है। ये हमारे सरकार के लिये सौभाग्य की बात है कि हमने बाबासाहेब आम्बेडकर जी से जुड़े पांच स्थान पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया है। साथियों मैं आपको अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि जिनके मन में स्वार्थ है वे सिर्फ घडियाली आंसू बहाने वाली राजनीति करते आए हैं। वो लोकलुभाव राजनीति करते आए हैं। लेकिन जो सही मायनों में दलित, पीड़ित, सोशित, वंचित, उपेक्षित अगर उनके हितों में सोचता है तो वो लोक हित की राजनीति करता है, लोकरंजक राजनीति नहीं करता है। दलित और पिछड़े भाई-बहनों के लिये अवसरों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए भी बीते चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण निर्णय किये गए हैं।

दलितों पर आदिवासियों पर अत्याचार के कानूनों को हमने और कड़ा किया है। दलितों पर होने वाले अत्याचारों की लिस्ट को 22 अलग – अलग अपराधों से बढ़ाकर के 47 तक हमनें उसका विस्तार कर दिया है। दलितों के अत्याचार से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिये स्पेशल कोर्ट का गठन किया जा रहा है।

भाइयों और बहनों सरकार ने पिछड़ी जातियों के सब कैटागराइजेशन के लिये एक कमीशन का गठन करने का निर्णय लिया है। सरकार चाहती है कि ओबीसी समुदाय में जो अति पिछड़े हैं उन्हें सरकार और शिक्षण संस्थाओं में तय सीमा में रहते हुए आरक्षण का और अधिक फायदा प्राप्त हो। और इसलिये ओबीसी समुदाय में सब कैटगरी बनाने के लिये हमने कमीशन का भी निर्माण किया। साथियों सरकार को ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा तक देना चाहती थी। और ओबीसी समाज की ये मांग पिछले बीस पच्चीस साल से चल रही थी। लेकिन वो यूपीए में बैठी हुई सरकार को इसकी परवाह नहीं थी। हमनें उसके लिये कानून लाया। पार्लियामेंट में ओबीसी कमीशन को संविधान अधिकार मिले इसके लिए अहम कानून लाये। लेकिन कांग्रेस पार्टी के लोगों को ये गवारा नहीं था। उनके सहयोगी दलों को गवारा नहीं था। और इसलिये वो रोड़ा बनकर के खड़े हो गए। और उस कानून को अभी तक लटकाए बैठे हैं। लेकिन मैं ओबीसी समाज को विश्वास दिलाता हूं। जो कदम उठाया है उसे मोदी पूरा करके रहने वाला है। भाइयों और बहनों सच्चाई ये है कि गरीबों के लिए, दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों के लिए जो भी कार्य किया जाता है, कांग्रेस और उसके साथ चलने वाले दल या तो उसमें रोड़े अटकाने लगते हैं, इन्हें देश का विकास भी मजाक लगता है। उन्हें स्वच्छ भारत के लिए किया गया काम मजाक लगता है, उन्हें गरीब महिला के लिए बनाया गया शौचालय मजाक लगता है। जब हमारी सरकार गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देती है, तो भी ये उसका मजाक उड़ाते हैं। जब गरीब के लिए बैंक खाते खुलते हैं तो भी ये गरीब विरोधी मानसिकता वाले इसकी भी मजाक उड़ाते हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार में सत्ता देखने के आदी ये लोग गरीब के लिए किए जा रहे हर काम को मजाक समझते हैं। कैबिनेट के दस्तावेज को फाड़कर फेंकने वाले लोग, संसद में पास सर्वसम्मिति से पास कानून की इज्जत भी करना उचित नहीं मानते हैं।

आज देश के लोग देख रहे हैं कि अपने सियासी फायदे के लिए ये लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी खुलेआम झूठ बोलने की हिम्मत करते हैं। ये लोग यह भी नहीं सोचते कि उनके झूठ की वजह से देश में किस तरह की अस्थिरता का माहौल पैदा हो सकता है। चाहे दलितों पर अत्याचार से जुड़े कानून की बात हो या फिर आरक्षण की बात हो, झूठ बोलकर, अफवाह फैलाकर ये लोगों को भ्रमित करने की साजिश करते हैं। मैं तो सुन रहा हूं अब उन्होंने नया झूठ मैदान में उतारा है। और शायद इस इलाकों के लोग तक पहुंच भी गया होगा। और उन्होंने झूठ चलाया है। और वो किसानों के बीच में पहुंचा रहे हैं। और झूठ ऐसा फैलाया जा रहा है कि जो किसान खेत ठेके पर या बंटाई पर देगा, उससे 18 प्रतिशत जीएसटी लिया जाएगा। चुनाव में पराजय हुए लोग राजनीति करने की कुछ तो सीमा करिए। इतना झूठ... मेरे देश के किसान को गुमराह कर रहे हो। आपको पता नहीं आप कितना बड़ा पाप कर रहे हो। मैं अपने किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि ऐसी किसी अफवाह पर ध्यान नहीं दें, बल्कि जो अफवाह फैला रहे हैं उनके खिलाफ शिकायत करें। और मैं आपको वादा करता हूं ऐसे झूठ खेल खेलने वालों को कानून काम करके रहेगा।

साथियों, हमारी सरकार ग्रामोदय से भारत उदय की अवधारणा पर काम कर रही है। जब हम ग्रामोदय की बात करते हैं तो उसका केंद्र बिंदु मेरे देश का अन्नदाता, मेरा किसान है। मेरे गांव का छोटा कारीगर है मेरे गांव का खेत हर मजदूर है। इस वर्ष बजट में गांव और खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 14 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा यूरिया की शत प्रतिशत नीम कोटिंग, प्रधानमंत्री सिंचाई परियोजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में विस्तार से भी किसान को एक गारंटी देता है लाभ पहुंचा है। किसान को लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य भी हमारी सरकार ने सुनिश्चित करना तय किया है। और मैं हमारे दोनों मुख्यमंत्रियों को बधाई देता हूं कि उन्होंने एमएसई के नए नियमों के तहत किसानों से जितना माल खरीद सकते हैं खरीदने के लिये योजना बनाई है और भूतकाल के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। दोनों हमारे किसानों को समर्पित सरकारों को दोनों मुख्यमंत्रियों को मैं बधाई देता हूं।

खेत से निकलकर बाजार तक पहुंचने से पहले किसानों की उपज बर्बाद न हो, इसके लिए 6 हजार करोड़ रुपए के निवेश वाली प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना पर काम किया जा रहा है। ये योजना पश्चिम यूपी के आलू पैदा करने वाले किसान हैं उनको सबसे ज्यादा मदद करने की ताकत रखती है। इस बजट में जिस Operation Green का ऐलान किया गया है, वो भी नई सप्लाई चेन व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। ये फल, फूल और सब्जियां पैदा करने वाले यहां के किसानों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा।

भाइयों और बहनों, ऑर्गैनिक खेती, मधुमक्खी पालन, सोलर फार्म, ऐसे तमाम आधुनिक विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है। खेती के इन सब-सेक्टर्स में काम करने वाले किसानों को कर्ज मिलने में और आसानी हो, इस पर भी विस्तृत रूप से योजनाएं बनाई गई है।

यहां के गन्ना किसानों के लिए भी हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पिछले वर्ष ही हमने गन्ने का समर्थन मूल्य लगभग 11 प्रतिशत बढ़ाया। इससे गन्ने के 5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ हुआ था। इथेनॉल से जुड़ी पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए अब पेट्रोल में इथेनॉल की 10 प्रतिशत ब्लेन्डिंग को भी स्वीकृति दी जा चुकी है। गन्ना किसानों को चीनी मिलों से बकाया मिलने में देरी न हो, इससे जुड़ा एक बड़ा फैसला हाल में लिया गया है। सरकार ने तय किया है कि प्रति क्विंटल गन्ने पर 5 रुपए 50 पैसे की आर्थिक मदद चीनी मिलों को दी जाएगी। लेकिन, लेकिन ये चीनी मिलों के मालिक के हाथ में नहीं जाएगी। इसमें भी किस तरह का खेल होता था ये हमें पता है और इसलिये हमने तय किया कि ये राशि चीनी मिलों को देने की बजाय सीधी सीधी गन्ना किसानों के बैंक अकाउंट में जमा कर दी जाएगी। इससे गन्ना किसानों का पैसा चीनी मिलों में नहीं फंसेगा। मैं यहां के गन्ना किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार उनकी दिक्कतों के प्रति संवेदनशील है और बहुत कड़ाई के साथ गन्ना किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

भाइयों और बहनों, गांव के विकास के साथ-साथ हम हमारे शहरों को भी 21वीं सदी के हिसाब से तैयार कर रहे हैं। स्मार्टसिटी मिशन, अमृत योजना के माध्यम से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। शहरों में रहने वाले गरीब-मध्यम वर्ग के लोगों को अपना घर मिले इसके लिए हम बड़े स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, कांग्रेस की सरकारों की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से ये काम भी हम कर रहे हैं। साल 2004 से लेकर 2014 के 10 वर्षों में कुल साढ़े 13 लाख घर शहरों में निर्माण के लिए मंजूर किए गए, पिछले चार वर्षों में हमने 46 लाख घर स्वीकृत कर दिये हैं। पचास लाख के करीब पहुंच गए हैं। कांग्रेस ने 10 वर्षों में यानि 3 गुना से अधिक काम हमने किया है। कांग्रेस ने 10 वर्षों में साढ़े 5 लाख घरों की चाबियां शहर के लोगों को सौंपी हैं। जबकि हमारी सरकार ने सिर्फ 4 वर्षों के भीतर-भीतर 8 लाख से अधिक शहरी लाभार्थी को रहने के लिये घर की चाबी दे दी।

भाइयों और बहनों, बढ़ती आबादी की चुनौतियों से निपटने के लिए भी शहरी व्यवस्थाओं को तैयार किया जा रहा है। एक परिवार के 38 साल के राज में कैसे शहरों का बे-तरतीब विकास हुआ, बिना योजना के योजना के बढ़ते चले गए, ये देश ने समस्याओं की जड़ कहां है ये भली भांति देखा है।न शहरों से सीवर का पानी निकालने की व्यवस्था, न पानी साफ करने की। हमारी नदियों का काम क्या हो गया शहर की गंदगी को बहाकर समुद्र तक के नदियां ही खींच के ले रही है। विशेषकर हमारी हमारी मां गंगा तो बढ़ती हुई आबादी और बढ़ते हुए औद्यौगिक प्रदूषण से पस्त पड़ रही थीं। इसलिए ही इस सरकार में नमामि-गंगे कार्यक्रम शुरू किया गया। सरकार ने प्राथमिकता सिर्फ गंगा की सफाई को ही नहीं दी, बल्कि अब ये भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि शहरों से निकलने वाली गंदगी भी गंगा में नहीं जानी चाहिए। सरकार द्वारा अब तक लगभग 21 हजार करोड़ की 200 से अधिक परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके अलावा गंगा तट के किनारे बने गांवों को प्राथमिकता के आधार पर खुले में शौच से मुक्त बनाया जा रहा है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल, जिन पाँच राज्यों से गंगाजी होकर गुजरती हैं, वहां गंगा किनारे के कई गांव इस मिशन में बहुत सफल हो चुके हैं।

साथियों, गंगा सफाई पर देश में पहले भी बहुत बड़ी-बड़ी बातें हुई हैं। लेकिन ये सरकार बातों में नहीं, काम करके उसको सिद्ध करने पर रखती है। यही हमारी कार्यसंस्कृति है, यही हमारी पूंजी है। जनता की कमाई का एक एक पैसा जनता पर खर्च हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। इसलिए, हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाये वो ठीक से चले, क्योंकि ये भी एक कांग्रेस कल्चर रहा है कि प्लांट तो बनाये जाते थे, लेकिन न तो वो अपनी क्षमता से काम करते थे और न ही लंबे समय तक चल पाते। गंगा जी से जुड़ी अहम परियोजनाओं से भी अब कांग्रेस कल्चर को हटाने का कार्य किया जा रहा है।

साथियों, अब जो भी प्लांट बनाए जा रहे हैं, उसके साथ - साथ ये भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वो 15 साल के बाद की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर के किया जाए। यानि हमारा जोर सिर्फ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने पर ही नहीं बल्कि उन्हें चलाने पर भी है।

भाइयों और बहनों, जिन्होंने 70 साल देश के साथ, देश के गरीबों के साथ, मध्यम वर्ग, किसानों-नौजवानों के साथ छल किया, उन्हें भ्रम में रखा, उन्हें धोखा दिया, वो अब एनडीए सरकार पर जनता का विश्वास देख काफी बौखलए हैं। उनको परेशानी है कि चार साल के बाद इतनी गर्मी में इतना बड़ा जन सैलाब उनको सोने नहीं देता है। सच्चाई ये है कि इन्हें न कभी देश के लोकतंत्र पर विश्वास रहा है और न ही संविधान के तहत चल रही संस्थाओं पर विश्वास। पिछले 4 साल में बार-बार उनकी ये मानसिकता खुलकर के सामने आई है। देश की सर्वोच्च अदालत पर कैसे इन लोगों ने विश्वास का संकट खड़ा किया, ये देश ने पिछले दिनों देखा।

देश के चुनाव आयोग को, EVM को कैसे इन्होंने शक के दायरे में खड़ा किया, ये भी देश भलीभांति जानता है। देश के रिजर्व बैंक को, उसकी नीतियों पर भी उन्होंने कैसे सवालिया निशान खड़ा किया। विश्वास का संकट पैदा करने का पाप किया ये भी हमने देखा है। देश की जो एजेंसियां, उनके काले कारनामों की जांच कर रही हैं, ये उसे भी कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। और तो और, अब तो उन्हें देश का मीडिया भी पक्षपाती नजर आने लगा है।

भाइयों और बहनों, एक परिवार की पूजा करने वाले कभी लोकतंत्र की पूजा नहीं कर सकते। ये सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली देश की सेना के साहस को भी नकारते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भारत की तारीफ करती हैं, तो ये उन पर भी डंडा लेकर दौड़ पड़ते हैं। देश की जो एजेंसिया इनके समय में विकास के आंकड़े देती थीं, वही एजेंसियां जब, उसी तरीके से नए सरकार के आंकड़े देती है तो कहती हैं कि देश में तेजी से विकास हो रहा है, तो ये उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाने लगते हैं। यहां तक विदेश से आया कोई मेहमान भी इस सरकार की तारीफ में कुछ बोल देता है, तो सारी मर्यादा ताक पर रखते हुए उस पर भी ये लोग सवाल खड़े कर देते हैं आलोचना कर देते हैं।

साथियों, देश की जनता का विश्वास जिन लोगों से उठ चुका हो, वो इतना बौखला जाएंगे, उनके परेशानी का कारण आप भी जानते हैं मैं भी जानता हूं। मोदी के विरोध में देश का विरोध करने लगेंगे, इसकी उम्मीद कम से कम मुझे तो नहीं थी। लेकिन जिसके पास आपका विश्वास हो, आपका आशीर्वाद हो, देश के सवा सौ करोड़ लोगों का विश्वास हो, वो इन लोगों के लाख आक्रमण से भी न कभी डिगता है न कभी रुकता है न कभी थकता है।

साथियों, मेरे देशवासियों आप हर चीज को बराबर तलाश करके देख लीजिये उस तरफ अब कौन लोग हैं इस तरफ कौन लोग हैं। जरा बराबर जांच कर देख लीजिए उस तरफ वो लोग हैं। उनके लिए, उनका परिवार ही देश है, मेरे लिए, मेरा देश ही मेरा परिवार है। देश के सवा सौ करोड़ लोग ही मेरे परिवार के सदस्य हैं। कमाने के लिए मेरे पास सिर्फ आपका आशीर्वाद है आपका प्यार है आपका विश्वास है। करने के लिए मेरे पास सिर्फ और सिर्फ सवा सौ करोड़ देशवासियों की सेवा है। आप सभी के सहयोग से, सवा सौ करोड़ देशवासियों के कंधे से कंधा मिलाकर चलने से एक भारत, श्रेष्ठ भारत का हमारा संकल्प और मजबूत होकर रहेगा। आप भारी संख्या में यहां आए, इसके लिए मैं आपका बहुत बहुत धन्यवाद देता हूं। और आज जिन रोड का लोकार्पण हुआ है। इसका महत्व सिर्फ इस इलाके से नहीं 21वीं सदी का हिन्दुस्तान कैसा हो सकता है। इसका ये सैम्पल है। जो आपके घर के किनारे पर है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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PM Modi interacts with Energy Sector CEOs
January 28, 2026
CEOs express strong confidence in India’s growth trajectory
CEOs express keen interest in expanding their business presence in India
PM says India will play decisive role in the global energy demand-supply balance
PM highlights investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government
PM calls for innovation, collaboration, and deeper partnerships, across the entire energy value chain

Prime Minister Shri Narendra Modi interacted with CEOs of the global energy sector as part of the ongoing India Energy Week (IEW) 2026, at his residence at Lok Kalyan Marg earlier today.

During the interaction, the CEOs expressed strong confidence in India’s growth trajectory. They conveyed their keen interest in expanding and deepening their business presence in India, citing policy stability, reform momentum, and long-term demand visibility.

Welcoming the CEOs, Prime Minister said that these roundtables have emerged as a key platform for industry-government alignment. He emphasized that direct feedback from global industry leaders helps refine policy frameworks, address sectoral challenges more effectively, and strengthen India’s position as an attractive investment destination.

Highlighting India’s robust economic momentum, Prime Minister stated that India is advancing rapidly towards becoming the world’s third-largest economy and will play a decisive role in the global energy demand-supply balance.

Prime Minister drew attention to significant investment opportunities in India’s energy sector. He highlighted an investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government. He also underscored the USD 30 billion opportunity in Compressed Bio-Gas (CBG). In addition, he outlined large-scale opportunities across the broader energy value chain, including gas-based economy, refinery–petrochemical integration, and maritime and shipbuilding.

Prime Minister observed that while the global energy landscape is marked by uncertainty, it also presents immense opportunity. He called for innovation, collaboration, and deeper partnerships, reiterating that India stands ready as a reliable and trusted partner across the entire energy value chain.

The high-level roundtable saw participation from 27 CEOs and senior corporate dignitaries representing leading global and Indian energy companies and institutions, including TotalEnergies, BP, Vitol, HD Hyundai, HD KSOE, Aker, LanzaTech, Vedanta, International Energy Forum (IEF), Excelerate, Wood Mackenzie, Trafigura, Staatsolie, Praj, ReNew, and MOL, among others. The interaction was also attended by Union Minister for Petroleum and Natural Gas, Shri Hardeep Singh Puri and the Minister of State for Petroleum and Natural Gas, Shri Suresh Gopi and senior officials of the Ministry.