आतंकवाद से लड़ाई में भारत बांग्लादेश की हर संभव सहायता के लिए तैयार है: प्रधानमंत्री
मेरा हमेशा से मानना रहा है कि भारत का विकास हमारे सभी पड़ोसी देशों के विकास के साथ जुड़ा हुआ है: प्रधानमंत्री मोदी
पेट्रापोल-बेनापोल को दोनों देशों के जन-सामान्य के लिए समर्पित करने का यह इवेंट एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है: प्रधानमंत्री
पेट्रापोल-बेनापोल भारत-बांग्लादेश संबंधों के विकास में एक अहम भूमिका निभाएगा: प्रधानमंत्री मोदी
मेरा यह मानना है कि आर्थिक विकास तथा कनेक्टिविटी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं: प्रधानमंत्री मोदी

Your Excellency, Sheikh Hasina, Prime Minister of Bangladesh,

Hon’ble Mamata Banerjee, Chief Minister of West Bengal,

बांगलादेश ओ पोश्चिम बंगेर भाई बोनेदर आमार नोमोश्कार

आज थेके आमादेर दुई देशेर मोध्ये आदानप्रदान आरो शोहोज हबे, आमरा आरो काछाकाछि एलाम

एई शुभो ओबोशोरे, शोकोलके जानाई ओभिनोंदोंन

क्योकि यह ईद का महीना है इसलिए सबसे पहले बांग्लादेश में रहने वाले सभी भाइयों और बहनों को मेरी और समस्त भारत की ओर से ईद-उल-फ़ित्र की शुभकामनाएं

यह मेरे लिए, और सभी भारतवासियों के लिए, यह एक अत्यंत पीढ़ा की बात है कि रमजान के पावन महीने में ढाका और किशोरगंज में दर्दनाक आतंकवादी हमला हुआ।

इन आतंकवादी हमलों की हम घोर निंदा करते हैं।

पूरे भारत की प्रार्थनाएं और संवेदनाएं इन हमलों में हताहत हुए निर्दोष लोगों के साथ हैं।

Excellency,

इस परीक्षा की घड़ी में पूरा भारत आपके साथ खड़ा है।

इस कठिन परिस्थिति में प्रधान मंत्री शेख हसीना जी के सुदृढ़ नेतृत्व का मैं अभिनंदन करता हूं। आपका नेतृत्व पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल है।

आतंकवाद के खिलाफ अपनी इस लड़ाई में आप अपने आपको अकेला न समझे। भारत का पूर्ण समर्थन आपके साथ है।

मैं प्रधान मंत्री शेख हसीना को यह भी आश्वासन देता हूं कि आतंकवाद से आपकी इस लड़ाई में भारत आपकी हर संभव सहायता के लिए तैयार है।

Excellency,

हम, आज एक ऐसे मोड़ पर हैं जहां पर न केवल हमारी चुनौतियां एक समान है, बल्कि हमारे विकास के पथ भी जुड़ें हैं।

मेरा हमेशा से मानना रहा है कि भारत का विकास हमारे सभी पड़ोसी देशों के विकास के साथ जुड़ा हुआ है।

भारत और बांग्लादेश, दोनों न केवल विकास की राह पर चल रहे हैं। बल्कि इस यात्रा में हम साथ साथ चल रहे हैं।

इसी कारण आज पेट्रापोल-बेनापोल का दोनों देशों के जन-सामान्य के लिए समर्पित करने का यह event एक बहुत ही महत्वपूर्ण milestone है।

यह न केवल bilateral trade के विकास के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि दोनों देशों की आर्थिक समृद्धी का एक अहम द्वार है।

इसका महत्व एक बात से स्पष्ट है, कि आज दोनों देशों के बीच के कुल व्यापार का 50% trade पेट्रापोल-बेनापोल से होकर गुजरता है। 2015-16 में 15 हजार करोड़ से अधिक का trade पेट्रापोल-बेनापोल से होकर गुजरा है।

हर वर्ष लगभग 15 लाख लोग और डेढ़ लाख trucks यहां से गुज़रते हैं।

पूरे दक्षिण एशिया का यह सबसे बड़ा Land Port है।

पहले पेट्रापोल में सिर्फ़ 15 एकड़ का Land Customs Station था, जिसमें सीमित सुविधाएं उपलब्ध थीं।

मुझे प्रसन्नता है कि लगभग 142 करोड़ की लागत से 100 एकड़ के क्षेत्र में यह Integrated Check Post बन कर तैयार हुआ है, जिससे passengers, cargo और transport के लिए एकीकृत रूप से security, immigration, customs आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

इससे पहले हम अगरतला में Integrated Check Post बनाने का काम पूरा कर चुके हैं। और आने वाले समय में भारत बांग्लादेश सीमा पर ऐसे 8 और Integrated Check Post बनाने का काम भी पूरा करेंगे।

Excellency,

मेरा यह मानना है कि आर्थिक विकास तथा connectivity एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

पेट्रापोल-बेनापोल का अधिक से अधिक प्रयोग न केवल हमारी अर्थव्यवस्थाओं को घनिष्ठ रुप से जोड़ेगा, बल्कि हमारे people to people ties को भी और सुदृढ़ बनायेगा।

मेरा यह विश्वास है कि यह हमारे सांझे विकास तथा समृद्धी का प्रमुख मार्ग बनेगा।

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य मंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति के लिए मैं उनका हार्दिक आभार प्रकट करता हूं। साथ ही साथ भारत-बांग्लादेश के संबंधों में उनकी अहम भूमिका का भी अभिनंदन करता हूं।

अंत में मैं एक बार फिर प्रधान मंत्री शेख हसीना जी के नेतृत्व का, इस event पर उनकी उपस्थिति का और भारत-बांग्लादेश संबंधों के विकास में उनकी प्रमुख भूमिका का अभिनंदन करता हूं।

मुझे विश्वास है कि हम दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास और development के रिश्ते हम दोनों देशों की जनता के लिए अत्यंत लाभकारी होंगे और पेट्रापोल-बेनापोल इन संबंधों के विकास में एक अहम driver रहेगा।

धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और राहत उपायों की समीक्षा के लिए CCS बैठक की अध्यक्षता की
March 22, 2026
आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई
किसानों के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई ताकि भविष्य में इनकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित हो सके
रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई
भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में नए निर्यात स्थलों को विकसित किया जाएगा
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो
मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के साथ पूरी लगन से काम करे: प्रधानमंत्री का निर्देश
क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के परामर्श से काम करें: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा ताकि ज़रूरी वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों कीसमिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की।

कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी खाद की ज़रूरतों का आकलन किया गया। पिछले कुछ वर्षों में खाद का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उनसे समय पर खाद की उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भविष्य में खाद की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।

यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इसी तरह, भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए, जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत पूरी लगन से काम करे। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के साथ परामर्श से काम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। ऐसी स्थिति में, नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें, ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो।