आवास योजना केवल ईंटों और पत्थर के बारे में नहीं बल्किो यह जीवन में सुधार लाने और सपनों को सच करने के लिए है: प्रधानमंत्री मोदी
हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि 2022 तक हर भारतीय का अपना घर हो: पीएम मोदी
हम आवास क्षेत्र को बिचौलियों और भ्रष्टाचार से पूरी तरह से मुक्त करने के लिए काम कर रहे है ताकी आवास योजना के लाभार्थियों को बिना परेशानी के उनका मकान मिले: प्रधानमंत्री
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से ग्रामीण और शहरी इलाकों में सस्ती दरों पर गरीबों के लिए तेजी से मकान बनाया जा रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री आवास योजना देशवासियों की गरिमा से जुड़ी है: पीएम मोदी

मेरे प्‍यारे भाईयो और बहनों, नमस्‍कार,

मेरा हमेशा प्रयास रहता है कि अलग-अलग योजनाओं से सामान्‍य व्‍यक्ति के जीवन में जो बदलाव आया है। उन अनुभवों को सीधे उन्‍हीं लोगों से बातचीत करते हुए मैं जानता हूं और इसलिए मैं अक्‍सर ऐसे लाभार्थियों से सीधे मुलाकात करने का प्रयास करता हूं। सही हो गलत हो, अच्‍छा हो खराब हो, दिक्‍कतें आई हों, सहूलियतें मिली हों। इन सबके बारे में सीधे आप जैसे लोगों से जानना बहुत ही महत्‍वपूर्ण है।

सरकार में अफसरों द्वारा जो रिपोर्ट तैयार होती हैं। उसका अपना एक महत्‍व है ही लेकिन प्रत्‍यक्ष जीने से लाभ मिला और जिन लोगों को लाभ मिला। उनसे जब संवाद करके नई चीज सुना जैसे उज्‍ज्‍वला योजना, गैस कनेक्‍शन। मैं उस उज्‍ज्‍वला के लिए काफी बातें करता था। लेकिन जब उज्‍ज्‍वला के लाभार्थियों से मिला तो उन्‍होंनें बड़ी मजेदार बताई मेरे को बात, उन्‍होंने कहा हमारा पानी बच गया, मैंने कहा पानी कैसे बच गया? तो पहले बोले लकड़ी के चूल्‍हे से खाना पकाते थे तो सारे बर्तन काले हो जाते थे और दिन में चार चार बार बर्तन साफ करने के लिए बहुत पानी लगता था। अब गैस का चूल्‍हा आ गया तो हमें वो करना नहीं पड़ रहा है। अब ये बात मैं नहीं मानता हूं कि मैं उनसे बात करता तो मुझे समझ आती, ऐसी बहुत सी बाते हैं। जब मैं खुद बात करता हूं और उसी सिलसिले में आज मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना के जो लाभार्थी हैं या वो लोग जिनके सामने घर तैयार हो रहा है। घर बनाने में जुड़े हैं। जिनको कुछ ही समय में घर मिलना निश्चित है। ऐसे सब लोगों से रूबरू होने का, उनसे बातचीत करने का एक अवसर मिला है।

आप जानते हैं हर व्‍यक्ति के मन में एक इच्‍छा हमेशा रहती है कि मेरा खुद का अपना घर हो गरीब से गरीब को भी लगता है कि भाई मेरा अपना घर हो। भले छोटा ही क्‍यों न हो और अपना घर होने की जो सुखद अनुभूति होती है। वो...जिसे घर मिला है वही जानता है और कोई नहीं जानता। और मैं जो आपको टीवी के माध्‍यम से देख रहा हूं। टेक्‍नोलॉजी के माध्‍यम से देख रहा हूं। आपके चेहरे पर जो खुशी है, एक संतोष का भाव है। जीवन जीने का एक नया उमंग पैदा हुआ है। ये ये मैं देख रहा हूं। और जब मैं आपका उत्‍साह और उंमग मैं अपनी आंखों से देखता हूं तो मेरा उत्‍साह और उंमग भी दस गुना बढ़ जाता है। फिर मेरा भी मन करता है और ज्‍यादा काम करूं। आपके लिए और मेहनत करूं। क्‍योंकि आपके चेहरे की खुशी मुझे देखने को मिलती है और वही मेरी खुशी का कारण है। 

किसी भी आवास योजना का अर्थ सिर्फ ये नहीं होता कि लोगों को सिर छुपाने की मात्र जगह देनी है। आवास का मतलब घर से है सिर्फ चारदीवारी और छत से नहीं है। घर यानी वो जगह.. जहां जीवन जीने लायक हो, सारी सुविधाएं उपलब्‍ध हों। जिसमें परिवार की खुशियां हों। जिसमें परिवार के हर व्‍यक्ति के सपनें जुड़े हुए हों। 

प्रधानमंत्री आवास योजना के मूल में भी यही भाव है। अपना घर हर किसी का सपना होता है। गरीब से गरीब व्‍यक्ति के मन में भी ये इच्‍छा रहती है कि उसके पास अपना पक्‍का घर हो लेकिन आजादी के इतने वर्ष बाद भी गरीब की इच्‍छा अधूरी ही है। इस सरकार ने संकल्‍प लिया और तय किया कि 2022, जब हमारी आजादी के 75 साल हो जाएंगे तो कुछ हम, ऐसे अवसर होते है कि जब सबको दौड़ने का मन कर जाता है। चलो भई आजादी के 75 साल हुए हैं चलो कुछ काम करें, ज्‍यादा करें, अच्‍छा करें, सब लोगों की भलाई करें। 

हमनें भी कोशिश की है कि 2022 आजादी के 75 साल हमें ये पांच साल, चार साल जो भी समय मिला है। दौड़ने की हिम्‍मत आ जाए, काम करने की हिम्‍मत आ जाए। और उसने एक सपना लिया है 2022 आजादी के 75 साल हिन्‍दुस्‍तान के हर परिवार के पास गरीब से गरीब हो, गांव हो शहर हो, झुग्‍गी-झोंपड़ी में रहता हो, फुटपाथ पर रहता हो, कहीं पर रहता हो। उस परिवार के पास उसका अपना पक्‍का घर हो। और सिर्फ घर ही नहीं, उसमें बिजली हो, नल हो.. नल में जल हो, गैस का चूल्‍हा हो, सौभाग्‍य की बिजली हो, शौचालय हो, यानी एक प्रकार से उसको लगना चाहिए कि हां अब जिंदगी जीने के योग्‍य बन गई हैं। अब कुछ और करके आगे बढ़ने के रास्‍ते बने, गरीब से गरीब आदमी को भी सिर्फ विश्राम के लिए ही जगह न मिले बल्कि मान-सम्‍मान और परिवार की गरिमा बढ़ाने का भी अवसर मिले। Housing for all सबके लिए घर ये हमारा सपना भी है और संकल्‍प भी है। मतलब आपका सपना, मेरा सपना, आपका सपना देश की सरकार का सपना है।

करोड़ों लोगों के विशाल देश में ये संकल्‍प पूरा करना मामूली काम नहीं है। चुनौती बहुत बड़ी है, कठिन है। और आजादी के इतने सालों का अनुभव कहता है कि ये सब संभव ही नहीं है। लेकिन उसके बावजूद भी ये गरीब की जिंदगी है। बिना घर रहने वालों की जिंदगी है। जिसने मुझे ये निर्णय करने की हिम्‍मत दी है। आपके प्रति प्‍यार ने, आपके प्रति मेरे दिल में जो लगाव है उसके कारण इतना बड़ा निर्णय लिया है। अब निर्णय पूरा करने में सरकारी मशीनरी, बाकि लोग भी मदद में है। काम हो रहा है। लेकिन ये तब होता है, सिर्फ इच्‍छा शक्ति से थोड़े ही हो जाता है। उसके लिए योजना चाहिए, इसके लिए गति चाहिए। जनता का विश्‍वास और समर्थन चाहिए। जनता के लिए समर्पण का भाव चाहिए। इस चुनौती से निपटने के लिए पहले की सरकारों के जो काम-काज है। कैसे काम होता था, कैसे शुरू करते थे। कहां जाकर पहुंचते थे। सब आप लोग जानते हैं।

मैं समझता हूं कि आज उसमें बहुत बड़ा परिवर्तन आया है। आज हमनें कहीं मंदिरों, समुदायों के नाम पर, कहीं झुग्‍गी-झोंपड़ी के नाम पर मकान बनाना, काम शुरू किया, लेकिन बढ़ती आबादी के नाम पर ये प्रयास नाकाफी ही साबित हुआ। बाद में ये योजना व्‍यक्तियों के नाम पर बनने लगी, परिवारों के नाम पर बनने लगी। स्‍वाभाविक तौर पर इनका उद्देश्‍य सामान्‍य मानवी को घर देने के बजाय राजनीतिक हितों को साधने का अधिक हो गया था। बिचौलियों की बहुत बड़ी फौज बन गई थी और ठेकेदार जब माला माल चलता था। हमनें एक अलग approach के साथ इस चुनौती पर काम किया। टुकड़ों में सोचने के बजाय मिशन मोड में काम करने का संकल्‍प ले लिया। हमने तय किया है कि 2022 तक ग्रामीण क्षेत्र में तीन करोड़ और शहरी क्षेत्रों में एक करोड़ घरों का निर्माण करेंगे। जब लक्ष्‍य इतना बड़ा हो तो स्‍वाभाविक है कि उस लक्ष्‍य को पूरा करने के लिए बजट भी बड़ा चाहिए। एक समय था जब बजट आबंटन के अनुरूप लक्ष्‍य निर्धा‍रित किया जाता था। लेकिन अब हम पहले लक्ष्‍य तय करते हैं। देश को किसको पहले जरूरत है, कितनी जरूरत है उसके आधार पर लक्ष्‍य तय करते हैं। फिर उसके अनुसार बजट निर्धा‍रित करते हैं। इसी का परिणाम है कि शहरी क्षेत्रों में अगर मैं बात करूं तो हमारे पहले जो सरकार थी वो गरीबों के नाम पर ही खेल खेलती रहती थी।

यूपीए सरकार के दस वर्षों में जितने घरों को, निर्माण को मंजूरी भी नहीं दी पिछले चार वर्षों में हमने उसका लगभग चार गुना अधिक सैंक्शन किया है। यूपीए सरकार के दस वर्ष में कुल साढ़े तेरह लाख घर सैंक्शन किए गए थे जबकि हमारी सरकार के तहत पिछले चार साल में 47 लाख यानी करीब-करीब 47 लाख, एक प्रकार से 50 लाख के पार पहुंचने के अधिक घर हमनें सैंक्शन कर दिए हैं। इनमें से 7 लाख घर नई टेक्‍नोलॉजी से बनाए जा रहे हैं।

अब housing में नई टेक्‍नोलॉजी को बद देने के लिए Global Housing TechnologyChallenge ये शुरू कर रहे हैं। ताकि Low Cost Housing की नवीनतम टेक्‍नोलॉजी का उपयोग हो सके। इसी तरह यदि गांव की बात करें तो पिछली सरकार के अंतिम चार साल में गांव के अंदर पूरे हिन्‍दुस्‍तान में करीब-करीब साढे 25 लाख घरों का निर्माण किया गया था। वहीं हमारी सरकार ने पिछले चार वर्ष में एक करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया है। यानी सवा तीन सौ प्रतिशत से भी अधिक वृद्धि। पहले मकान बनाने के लिए 18 महीने का समय तय था। लेकिन हमनें इसको घटाकर के इसको महत्‍व समझते हुए, गति तेज करते हुए 18 महीनें का काम 12 महीनें में पूरा करने का संकल्‍प करके हम आगे बढ़़ रहे हैं।

अब स्थिति ये है कि एक वर्ष से भी कम समय में घर बनकर तैयार हो रहा है, आज घरों के निर्माण में तेजी आ रही है, और ये देखिए कैसे आ रही है। सिर्फ ईंट और पत्‍थर तेज गति से हम डाल दें तो घर बन जाता है ऐसा नहीं है। इसके लिए सभी स्‍तरों पर योजनाबद्ध तरीके से ठोस कदम उठाए जाते हैं। स्‍केल ही नहीं, साइज को लेकर भी परिवर्तन किया गया है। गांव में पहले घर बनाने के लिए न्‍यून्‍तम क्षेत्रफल 20 वर्ग मीटर था जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब हम लोगों ने आकर के इसे 20 वर्ग मीटर की जगह 25 वर्ग मीटर कर दिया है। आपको लग रहा होगा कि इस 5 वर्ग मीटर का ही फर्क लेकर जगह बढ़ जाने से क्‍या होगा। सबसे बड़ा फायदा ये है कि एक अलग साफ सुथरा रसोई घर अब इसमें जुड़ गया।

गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पहले 70-75 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी। जिसे अब हमनें बढ़ाकर के सवा लाख रुपये कर दिया है। आज लाभार्थियों को मनरेगा से 90-95 दिनों का मेहनताना मजदूरी के लिए भी उसके खाते में जमा होता है। 

इसके अलावा आज शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। पहले देखने को मिलता था कि बिचौलियों के नेताओं के घर तो बन जाते थे। लेकिन गरीब का घर नहीं बनता था। गरीबों के पैसे में कोई सेंध न मारे, उसे कोई और न ले जाए इसके लिए हमनें पक्‍की व्‍यवस्‍था बनाई है।

आज डीबीटी (Direct Benefit Transfer)के माध्‍यम से बिचौलिये खत्‍म हुए। और लाभार्थियों को सब्सिडी और सहायता राशि सीधे उनके खाते में दी जा रही है। पहले जनधन अकांउट खोला अब रुपया भेजना शुरू किया। प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यक्रम की प्रगति की monitoring के लिए ये जो घर बन रहे हैं, जो आवास बन रहे हैं। उनकी Geo ट्रेकिंगकी व्‍यवस्‍था की है।ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इन कामों को DISHA पोर्टल से भी जोड़ा गया है। जहां ये देखा जा सकता है कि आप monitor कर सकते हैं। मैं मेरे ऑफिस से monitor कर सकता हूं कि कितना काम हुआ है कहां-कहां हुआ है। उसका पूरा detail मैं मेरे दफ्तर में बैठकर के भी देख सकता हूं।

यूपीए के कार्यकाल में लाभार्थियों का चयन जो पूरानी राजनेताओं ने तैयार की हुई बीपीएल सूची से किया जाता था लेकिन आज हम लोगों ने Socio EconomicCaste Census के माध्‍यम से करना शुरू किया उसके कारण पहले जो छूट जाते थे। अब उनको भी हमनें जोड़ दिया है। और इसके कारण अधिक से अधिक लोगों को जोड़ करके उनको लाभ मिला है। हर क्षेत्र, हर वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।

घर सिर्फ जरूरतों से नहीं, घर सम्‍मान से भी जुड़ा होता है, स्‍वाभिमान से जुड़ा होता है। और एक बार अपना घर बन जाता है। तो घर के हर सदस्‍य की सोच भी बदलती है। आगे बढ़ने का नया हौंसला पैदा होता है।

हमारा प्रयास है कि हर परिवार की इस जरूरत को पूरा करना और उसके सम्‍मान को बढ़ाना और इसलिए प्रधानमंत्री आवास योजना का फोकस विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों और महिलाओं पर ही हमनें केंद्रित किया है। आदिवासी हों, दलित हों, पिछड़े हों, एससी, एसटी, ओबीसी, माइनोरटी और हमारें दिव्‍यांग भाई-बहन उनको हम प्राथमिकता दे रहे हैं।

इस तरह योजनाबद्ध तरीके से व्‍यापक स्‍तर पर किए जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है कि आज तेजी से घरों का निर्माण हो रहा है। हम जमीन से जुड़े लोग हैं। सामान्‍य जन की समस्‍याओं को, उनकी पीड़ा को हम भली-भांति जानते हैं, समझते हैं और यही कारण है कि हम लोगों की जरूरतों को ध्‍यान में रखकर के काम कर रहे हैं। सरकारों में ऐसा चलता आया है। कि हर योजना अलग-अलग काम करती है। पहला मंत्रालयों के बीच, दो विभागों के बीच, दो योजनाओं के बीच समन्‍वय ही नहीं होता। 

प्रधानमंत्री आवास योजना में विभिन्‍न सरकारी योजनाओं को एक साथ लाया गया है, जोड़ा गया है। निर्माण और रोजगार के लिए इसे मनेरगा से जोड़ा गया। घर में शौचालय, बिजली, पानी और एलपीजी गैस की सुविधा हो इसका ध्‍यान अलग से रखा गया। घर में शौचालय हो इसके लिए स्‍वच्‍छ भारत मिशन से जोड़ा गया। घर में बिजली की सुविधा हो इसके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्योति  योजना और सौभाग्‍य योजना को इसके साथ लिंक कर दिया गया। पानी की सुविधा के लिए इसे ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम से जोड़ा गया। एलपीजी की व्‍यवस्‍था हो इसके लिए उज्‍ज्‍वला योजना को इससे जोड़ा गया। ये आवास योजना सिर्फ एक घर तक सीमित नहीं है। बल्कि ये सशक्तिकरण का भी माध्‍यम है। शहरों में जिनको मकान का लाभ मिला है। उनमें 70 प्रतिशत महिलाओं के नाम पर है।

आज जब पहले के मुकाबले कहीं ज्‍यादा घर बन रहे हैं तो इससे रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

स्‍थानीय स्‍तर पर ईंट, रेत, सीमेंट से लेकर हर प्रकार की निर्माण साम्रगी का व्‍यापार बढ़ रहा है। स्‍थानीय श्रमिकों, कारीगरों को भी काम मिल रहा है। इसके साथ-साथ गांव में गुणवत्‍तापूर्वक कार्य के लिए सरकार ने एक लाख राज मिस्त्रियों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू किया है, masons का और आपको ये जान करके भी खुशी होगी कि और कई राज्‍यों में राज मिस्‍त्री की तरह रानी मिस्त्रियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। ये महिला सशक्तिकरण की ओर एक बहुत बड़ा कदम है।

शहरी क्षेत्रों में ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को इस योजना के तहत सम्मिलित करने के लिए सरकार ने चार मॉडल पर काम किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में लाभार्थियों को घर बनाने या उसका विस्‍तार करने के लिए प्रतिघर डेढ़ लाख रुपये की सहायता की जा रही है।

लिंक सब्सिडी स्‍कीम के तहत घर बनाने हेतु किए गए लोन पर ब्‍याज में 3 से 6 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। एरिया में redevelopment के लिए सरकार प्रति घर 1 लाख रुपये की सहायता दे रही है। या पब्लिक सेक्‍टर के साथ पार्टनरशिप में किफायती आवास, affordable housing के लिए आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को प्रति घर डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। पहले देखने को मिलता था कि बिल्‍डर्स पैसा तो ले लेते थे। लेकिन सालों तक एक ईंट भी नहीं लगती थी। गरीब और मध्‍यम वर्ग का फायदा हो। घर खरीददारों के हितों की रक्षा की जा सके। मध्‍यम वर्गीय परिवार जिंदगी की सारी कमाई मकान बनवाने के लिए लगाता है उसको कोई लूट न ले जाए। इसके लिए हमने RERA- Real Estate Regulation Act लागू किया। इस कानून से पारदर्शिता आने के साथ-साथ खरीददार को उनका हक मिल रहा है। और बिल्‍डर्स भी खरीददार से किसी भी प्रकार का धोखा करने से डरते हैं।

आज देश में ऐसे कई उदाहरण हैं जिनकी आशाओं और आंकाक्षाओं को इस योजना ने पंख लगाए हैं। घर होने से समृद्धि और सुरक्षा तो बढ़ती ही है। और स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहता है। अपना घर होना सबकी पहली प्राथमिकता होती है, पहले भी होती थी। लेकिन दुर्भाग्‍य की बात थी कि पहले ये सबसे आखिर में पूरी होती थी। और कभी-कभी अधूरी ही रह जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है।

हम सब हमेशा सुनते आए हैं। एक जिंदगी बीत जाती है अपना घर बनाने में। सुनी है ये कहावत, पूरी जिंदगी बीत जाती है अपना घर बनाने में। पर अब ये सरकार दूसरी है। अब कहावत भी बदल रही है, देश बदल रहा है कहावत भी बदल रही है। और कहावत को बदलने का समय आ गया है। अब समय आ गया है जब हमारे अंदर से आवाज उठेगी कि अब जिंदगी बीतती है अपने ही आशियाने में।

मैं मानता हूं कि जब इतनी बड़ी व्‍यवस्‍था है तो अभी भी कुछ लोग होंगे जिनकी पुरानी आदतें बदली नहीं होंगी। और इसलिए मेरी आप लोगों से अपील है कि इस योजना के तहत किसी भी तरह का लाभ पहुंचाने के लिए अगर आपसे कोई पैसा या कोई अनावश्‍यक मांग कर रहा हो। तो आप बेहिचक इसकी शिकायत करे। इसके लिए आप कलेक्‍टर या मिनिस्‍टर के पास अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

मैंने पहले भी कहा है कि भारत के सपने और आंकाक्षाएं इतने भर से ही पूरे नहीं होती। हमनें एक मजबूत जमीन तैयार की है। और हमारे सामने एक असीम आसमान है। सबके लिए घर, सबके लिए बिजली, सबके लिए बैंक, सबके लिए बीमा, सबके लिए गैस कनेक्‍शन, ये इस न्‍यू इंडिया की संम्‍पूर्णता की तस्‍वीर होगी।  

आधुनिक सुविधाओं से जुड़े गांवों और समाज की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। और इसलिए कितनी बड़ी तादाद में भाईयो बहनों से आज मुझे मौका मिला है बात करने का.... एक छोटा सा विडिया मैं आपको दिखाना चाहता हूं। उसके बाद मैं आपको भी सुनना चाहता हूं।

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2047 के विकसित भारत का भविष्य तय करेगा 2024 का लोकसभा चुनाव: मैसूरु में पीएम मोदी
April 14, 2024
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आज कांग्रेस पार्टी 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग की 'सुल्तान' बनकर घूम रही है: मैसूरु में पीएम मोदी
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नीमागेल्ला नन्ना नमस्कारागलु।

आज चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मुझे ताई चामुंडेश्वरी के आशीर्वाद लेने का अवसर मिल रहा है। मैं ताई चामुंडेश्वरी, ताई भुवनेश्वरी और ताई कावेरी के चरणों में प्रणाम करता हूँ। मैं सबसे पहले आदरणीय देवगौड़ा जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आज भारत के राजनीति पटल पर सबसे सीनियर मोस्ट राजनेता हैं। और उनके आशीर्वाद प्राप्त करना ये भी एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने आज जो बातें बताईं, काफी कुछ मैं समझ पाता था, लेकिन हृदय में उनका बहुत आभारी हूं। 

साथियों

मैसुरु और कर्नाटका की धरती पर शक्ति का आशीर्वाद मिलना यानि पूरे कर्नाटका का आशीर्वाद मिलना। इतनी बड़ी संख्या में आपकी उपस्थिति, कर्नाटका की मेरी माताओं-बहनों की उपस्थिति ये साफ बता रही है कि कर्नाटका के मन में क्या है! पूरा कर्नाटका कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

आज का दिन इस लोकसभा चुनाव और अगले five years के लिए एक बहुत अहम दिन है। आज ही बीजेपी ने अपना ‘संकल्प-पत्र’ जारी किया है। ये संकल्प-पत्र, मोदी की गारंटी है। और देवगौड़ा जी ने अभी उल्लेख किया है। ये मोदी की गारंटी है कि हर गरीब को अपना घर देने के लिए Three crore नए घर बनाएंगे। ये मोदी की गारंटी है कि हर गरीब को अगले Five year तक फ्री राशन मिलता रहेगा। ये मोदी की गारंटी है कि- Seventy Year की आयु के ऊपर के हर senior citizen को आयुष्मान योजना के तहत फ्री चिकित्सा मिलेगी। ये मोदी की गारंटी है कि हम Three crore महिलाओं को लखपति दीदी बनाएँगे। ये गारंटी कर्नाटका के हर व्यक्ति का, हर गरीब का जीवन बेहतर बनाएँगी।

साथियों,

आज जब हम Ten Year पहले के समय को याद करते हैं, तो हमें लगता है कि हम कितना आगे आ गए। डिजिटल इंडिया ने हमारे जीवन को तेजी से बदला है। बीजेपी का संकल्प-पत्र, अब भविष्य के और बड़े परिवर्तनों की तस्वीर है। ये नए भारत की तस्वीर है। पहले भारत खस्ताहाल सड़कों के लिए जाना जाता था। अब एक्सप्रेसवेज़ भारत की पहचान हैं। आने वाले समय में भारत एक्सप्रेसवेज, वॉटरवेज और एयरवेज के वर्ल्ड क्लास नेटवर्क के निर्माण से विश्व को हैरान करेगा। 10 साल पहले भारत टेक्नालजी के लिए दूसरे देशों की ओर देखता था। आज भारत चंद्रयान भी भेज रहा है, और सेमीकंडक्टर भी बनाने जा रहा है। अब भारत विश्व का बड़ा Innovation Hub बनकर उभरेगा। यानी हम पूरे विश्व के लिए सस्ती मेडिसिन्स, सस्ती टेक्नोलॉजी और सस्ती गाडियां बनाएंगे। भारत वर्ल्ड का research and development, R&D हब बनेगा। और इसमें वैज्ञानिक रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फंड की भी बड़ी भूमिका होगी। कर्नाटका देश का IT और technology hub है। यहाँ के युवाओं को इसका बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।

साथियों,

हमने संकल्प-पत्र में स्थानीय भाषाओं को प्रमोट करने की बात कही है। हमारी कन्नड़ा देश की इतनी समृद्ध भाषा है। बीजेपी के इस मिशन से कन्नड़ा का विस्तार होगा और उसे बड़ी पहचान मिलेगी। साथ ही हमने विरासत के विकास की गारंटी भी दी है। हमारे कर्नाटका के मैसुरु, हम्पी और बादामी जैसी जो हेरिटेज साइट्स हैं, हम उनको वर्ल्ड टूरिज़्म मैप पर प्रमोट करेंगे। इससे कर्नाटका में टूरिज्म और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

साथियों,

इन सारे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भाजपा जरूरी है, NDA जरूरी है। NDA जो कहता है वो करके दिखाता है। आर्टिकल-370 हो, तीन तलाक के खिलाफ कानून हो, महिलाओं के लिए आरक्षण हो या राम मंदिर का भव्य निर्माण, भाजपा का संकल्प, मोदी की गारंटी होता है। और मोदी की गारंटी को सबसे बड़ी ताकत कहां से मिलती है? सबसे बड़ी ताकत आपके एक वोट से मिलती है। आपका हर वोट मोदी की ताकत बढ़ाता है। आपका हर एक वोट मोदी की ऊर्जा बढ़ाता है।

साथियों,

कर्नाटका में तो NDA के पास एचडी देवेगौड़ा जी जैसे वरिष्ठ नेता का मार्गदर्शन है। हमारे पास येदुरप्पा जी जैसे समर्पित और अनुभवी नेता हैं। हमारे HD कुमारास्वामी जी का सक्रिय सहयोग है। इनका ये अनुभव कर्नाटका के विकास के लिए बहुत काम आएगा।

साथियों,

कर्नाटका उस महान परंपरा का वाहक है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सब कुछ बलिदान करना सिखाता है। यहाँ सुत्तुरू मठ के संतों की परंपरा है। राष्ट्रकवि कुवेम्पु के एकता के स्वर हैं। फील्ड मार्शल करियप्पा का गौरव है। और मैसुरु के राजा कृष्णराज वोडेयर के द्वारा किए गए विकास कार्य आज भी देश के लिए एक प्रेरणा हैं। ये वो धरती है जहां कोडगु की माताएं अपने बच्चों को राष्ट्रसेवा के लिए सेना में भेजने के सपना देखती है। लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी भी है। कांग्रेस पार्टी आज टुकड़े-टुकड़े गैंग की सुल्तान बनकर घूम रही है। देश को बांटने, तोड़ने और कमजोर करने के काँग्रेस पार्टी के खतरनाक इरादे आज भी वैसे ही हैं। आर्टिकल 370 के सवाल पर काँग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर का दूसरे राज्यों से क्या संबंध? और, अब तो काँग्रेस देश से घृणा की सारी सीमाएं पार कर चुकी है। कर्नाटका की जनता साक्षी है कि जो भारत के खिलाफ बोलता है, कांग्रेस उसे पुरस्कार में चुनाव का टिकट दे देती है। और आपने हाल में एक और दृश्य देखा होगा, काँग्रेस की चुनावी रैली में एक व्यक्ति ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगवाए। इसके लिए उसे मंच पर बैठे नेताओं से परमीशन लेनी पड़ी। क्या भारत माता की जय बोलने के लिए परमीशन लेनी पड़े। क्या ऐसी कांग्रेस को देश माफ करेगा। ऐसी कांग्रेस को कर्नाटका माफ करेगा। ऐसी कांग्रेस को मैसुरू माफ करेगा। पहले वंदेमातरम् का विरोध, और अब ‘भारत माता की जय’ कहने तक से चिढ़!  ये काँग्रेस के पतन की पराकाष्ठा है।

साथियों,

आज काँग्रेस पार्टी सत्ता के लिए आग का खेल खेल रही है। आज आप देश की दिशा देखिए, और काँग्रेस की भाषा देखिए! आज विश्व में भारत का कद और सम्मान बढ़ रहा है। बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। दुनिया में भारत का नाम हो रहा है कि नहीं हो रहा है। भारत का गौरव बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। हर भारतीय को दुनिया गर्व से देखती है कि नहीं देखती है। तो काँग्रेस के नेता विदेशों में जाकर देश को नीचा दिखाने के कोई मौके छोड़ते नहीं हैं। देश अपने दुश्मनों को अब मुंहतोड़ जवाब देता है, तो काँग्रेस सेना से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगती है। आतंकी गतिविधियों में शामिल जिस संगठन पर बैन लगता है। काँग्रेस उसी के पॉलिटिकल विंग के साथ काम कर रहा है। कर्नाटका में तुष्टीकरण का खुला खेल चल रहा है। पर्व-त्योहारों पर रोक लगाने की कोशिश हो रही है। धार्मिक झंडे उतरवाए जा रहे हैं। आप मुझे बताइये, क्या वोटबैंक का यही खेल खेलने वालों के हाथ में देश की बागडोर दी जा सकती है। दी जा सकती है।

साथियों, 

हमारा मैसुरु तो कर्नाटका की कल्चरल कैपिटल है। मैसुरु का दशहरा तो पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। 22 जनवरी को अयोध्या में 500 का सपना पूरा हुआ। पूरा देश इस अवसर पर एक हो गया। लेकिन, काँग्रेस के लोगों ने, उनके साथी दलों ने राममंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा जैसे पवित्र समारोह तक पर विषवमन किया! निमंत्रण को ठुकरा दिया। जितना हो सका, इन्होंने हमारी आस्था का अपमान किया। कांग्रेस और इंडी अलायंस ने राममंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का बॉयकॉट कर दिया। इंडी अलांयस के लोग सनातन को समाप्त करना चाहते हैं। हिन्दू धर्म की शक्ति का विनाश करना चाहते हैं। लेकिन, जब तक मोदी है, जब तक मोदी के साथ आपके आशीर्वाद हैं, ये नफरती ताक़तें कभी भी सफल नहीं होंगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

Twenty twenty-four का लोकसभा चुनाव अगले five years नहीं, बल्कि twenty forty-seven के विकसित भारत का भविष्य तय करेगा। इसीलिए, मोदी देश के विकास के लिए अपना हर पल लगा रहा है। पल-पल आपके नाम। पल-पल देख के नाम। twenty-four बाय seven, twenty-four बाय seven for Twenty Forty-Seven.  मेरा ten years का रिपोर्ट कार्ड भी आपके सामने है। मैं कर्नाटका की बात करूं तो कर्नाटका के चार करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। Four lakh fifty thousand गरीब परिवारों को कर्नाटका में पीएम आवास मिले हैं। One crore fifty lakh से ज्यादा गरीबों को मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। नेशनल हाइवे के नेटवर्क का भी यहाँ बड़ा विस्तार किया गया है। मैसुरु से बेंगलुरु के बीच एक्सप्रेसवे ने इस क्षेत्र को नई गति दी है। आज देश के साथ-साथ कर्नाटका में भी वंदेभारत ट्रेनें दौड़ रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत Eight Thousand से अधिक गांवों में लोगों को नल से जल मिलने लगा है। ये नतीजे बताते हैं कि अगर नीयत सही, तो नतीजे भी सही! आने वाले Five Years में विकास के काम, गरीब कल्याण की ये योजनाएँ शत प्रतिशत लोगों तक पहुंचेगी, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

मोदी ने अपने Ten year साल का हिसाब देना अपना कर्तव्य माना है। क्या आपने कभी काँग्रेस को उसके sixty years का हिसाब देते देखा है? नहीं न? क्योंकि, काँग्रेस केवल समस्याएँ पैदा करना जानती है, धोखा देना जानती है। कर्नाटका के लोग इसी पीड़ा में फंसे हुये हैं। कर्नाटका काँग्रेस पार्टी की लूट का ATM स्टेट बन चुका है। खाली लूट के कारण सरकारी खजाना खाली हो चुका है। विकास और गरीब कल्याण की योजनाओं को बंद किया जा रहा है। वादा किसानों को मुफ्त बिजली का था, लेकिन किसानों को पंपसेट चलाने तक की बिजली नहीं मिल रही। युवाओं की, छात्रों की स्कॉलर्शिप तक में कटौती हो रही है। किसानों को किसान सम्मान निधि में राज्य सरकार की ओर से मिल रहे four thousands रुपए बंद कर दिये गए हैं। देश का IT hub बेंगलुरु पानी के घनघोर संकट से जूझ रहा है। पानी के टैंकर की कालाबाजारी हो रही है। इन सबके बीच, काँग्रेस पार्टी को चुनाव लड़वाने के लिए hundreds of crores रुपये ब्लैक मनी कर्नाटका से देशभर में भेजा जा रहा है। ये काँग्रेस के शासन का मॉडल है। जो अपराध इन्होंने कर्नाटका के साथ किया है, इसकी सजा उन्हें Twenty Six  अप्रैल को देनी है। 26 अप्रैल को देनी है।

साथियों,

मैसूरु से NDA के उम्मीदवार श्री यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वोडेयर, चामराजनागर से श्री एस बालाराज, हासन लोकसभा से एनडीए के श्री प्रज्जवल रेवन्ना और मंड्या से मेरे मित्र श्री एच डी कुमार स्वामी,  आने वाली 26 अप्रैल को इनके लिए आपका हर वोट मोदी को मजबूती देगा। देश का भविष्य तय करेगा। मैसुरु की धरती से मेरी आप सभी से एक और अपील है। मेरा एक काम करोगे। जरा हाथ ऊपर बताकर के बताइये, करोगे। कर्नाटका के घर-घर जाना, हर किसी को मिलना और मोदी जी का प्रणाम जरूर पहुंचा देना। पहुंचा देंगे। पहुंचा देंगे।

मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

बहुत बहुत धन्यवाद।