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पुलवामा हमले के बाद हमारे वीरों ने जो पराक्रम दिखाया, वो देश ने देखा है, लेकिन बहुत दुखद है कि हमारे घर में ही सेना के पराक्रम को नीचा दिखाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
महामिलावट के खेल में जुटे इन लोगों को आतंक, भ्रष्टाचार और गरीबी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने वाला मोदी खटक रहा है: पीएम मोदी
कानपुर में गंगा जी में जो घरों की गंदगी और उद्योगों की गंदगी नालों के माध्यम से बह रही थी, उसको बंद करने और नालों के पानी को ट्रीट करने का एक व्यापक अभियान हमने चलाया है: प्रधानमंत्री

बोलो गंगा मईया की जय, गंगा मईया की जय, गंगा मईया की जय।

मेरी बात प्रारंभ करने से पहले मैं तीन बार जयकारा बुलवाऊंगा। भारत माता की जय का जयकारा बुलवाऊंगा और आपसे मेरी अपेक्षा है कि दोनों हाथ ऊपर करके,मुठ्ठी बंद करके सीमा पर खड़े जवान भी इसको सुन पाए ऐसी पूरी ताकत से हम बोलेंगे। मैं तीन बार जयकारा बुलवाता हूं –

पराक्रमी भारत के लिए भारत माता की जय।

विजय भारत के भारत के लिए भारत माता की जय।

वीर जवानों के लिए भारत माता की जय।

मंच पर विराजमान उत्‍तर प्रदेश के राज्‍यपाल श्रीमान राम नाईक जी, उत्‍तर प्रदेश के लोकप्रिय एवं यशस्‍वी ऊर्जामान मुख्‍यमंत्री श्रीमान योगी आदित्‍यनाथ जी,उपमुख्‍यमंत्री संसद में मेरे साथी, हमारे सबके मार्गदर्शक वरिष्‍ठ नेता आदरणीय डॉक्‍टर मुरली मनोहर जोशी जी, यूपी सरकार में मंत्री भाई सतीश जी, सत्‍यदेव जी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष संसद में मेरे साथी डॉक्‍टर महेंद्र पांडे जी, श्रीमान देवेंद्र सिंह जी, मेयर प्रमिला जीऔर बहुत बड़ी संख्‍या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए हुए कानपुर के मेरे प्‍यारे भाईयों और बहनों।

कल मैं नागपुर में मेट्रो की विदाई दे रहा था। आज मैं कानपुर में मेट्रो की शुरूआत कर रहा हूं।

भाईयों-बहनों, गंगा मईया के किनारे पर बसे कानपुर की धरती को मैं नमन करता हूं। कानपुर ने स्‍वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजाद भारत तक अनेक वीर और वीरांगनाओं और सपूतों के जीवन को गढ़ा है। नाना पेशवा, तातिया टोपे और रानी लक्ष्‍मीबाई जैसे अनेक क्रांति वीरों को इसी कानपुर ने प्रेरणा दी है। वहीं पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय जी, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी, वर्तमान राष्‍ट्रपति श्रीमान रामनाथ कोविंद जी, इनके जीवन को भी कानपुर की धरती ने ही दिशा दी है।

साथियों, कानपुर के आप सभी लोगों ने अपनी श्रमशीलता से, अपनी कर्मठता से, इस शहर को देश का अहम औद्योगिक नगर बनाया है। Manchester of East की पहचान दी है। इसी पहचान को और मजबूत करने के लिए कानपुर के सामान्‍य जीवन, यहां के कारोबार को, यहां के उद्यम को शक्ति देने के लिए आज मुझे आपके बीच आने का सौभाग्‍य मिला है। थोड़ी देर पहले ही कानपुर और उत्‍तर प्रदेश के विकास से जुड़ी हजारों करोड़ की परियोजना का लोकार्पण और शिलान्‍यास किया गया है। यह तमाम प्रोजेक्‍ट्स यहां के यातायात, बिजली व्‍यवस्‍था, नये उद्यमों, गंगा जी की साफ-सफाई, शहर की साफ-सफाई, गरीबों को अपने पक्‍के घर देने जैसी अनेक व्‍यवस्‍थाओं से जुड़े हैं। इसके अलावा लखनऊ और आगरा इनकी मेट्रो लाइन का लोकार्पण और शिलान्‍यास भी आज यहीं कानपुर की धरती से किया गया है। विकास के यहां सारे काम उत्‍तर प्रदेश के लोगों को जीवन में बहुत बड़े बदलाव लाने वाले हैं।

भाईयों और बहनों, कानपुर उद्योगों का शहर है और उद्योगों के लिए अच्‍छी बिजलीइसकी व्‍यवस्‍था यह सबसे पहली प्राथमिकता होती है। आप सभी को भलिभांति पता है कि पहले उत्‍तर प्रदेश में बिजली की क्‍या स्थिति थी। अब योगी जी की सरकार ने जिस तरह बिजली पर काम किया है उसने यहां के लोगों और उद्यमियों को पुरानी परेशानियों से मुक्ति दिलाई है बिजली को लेकर कैसे राजनीति की गई इसका उदाहरण पनकी विद्युत परियोजना है। इस परियोजना में एक यूनिट 52 साल पहले लगी थी, कितने साल पहले? जरा कानपुर के लोग भूलिये मत इन चीजों को, कितने साल पहले पहली यूनिट लगी थी? और दूसरी यूनिट लगी थी 43 साल पहले, इतने वर्षों तक काम करते-करते मशीनें भी हाफने लगती हैं। और इसका नतीजा यह हुआ कि एक यूनिट बिजली 10 रुपये की पड़ रही थी और कोयला भी ज्‍यादा खा रही थी, इसी स्थिति को बदला जाना जरूरी था।

साथियों, आज से लगभग छह हजार करोड़ रुपये की लागत से पनकी विद्युत परियोजना के विस्‍तारीकरण का काम शुरू हो जाएगा। इससे जो बिजली बनेगी वो आधे से भी कम कीमत में उपलब्‍ध हो पाएगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। और मेरे कानपुर के भाईयों-बहनों हमारे काम को आप जानते हैं न? जिस काम का शिलान्‍यास हम करते हैं उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि तीन साल के अंदर जब यह कारखाना पूरा हो जाएगा तो उसका उद्घाटन करने के लिए भी.

भाईयों और बहनों, हमारी सरकार उद्योगों के साथ-साथ सामान्‍य लोगों को यूपी के हर जिले में बिजली व्‍यवस्‍था सुधारने पर जोर दे रही है। सौभाग्‍य योजना के तहत अब तक यूपी में करीब-करीब पौने करोड़ लोगों से भी ज्‍यादा लोगों को बिजली का कनेक्‍शन मुफ्त दिया गया है। 75 लाख से भी ज्‍यादा लोगों को। अगर मैं सिर्फ हमारे इस कानपुर क्षेत्र की बात करूं, डेढ़ लाख से ज्‍यादा घरों को बिजली कनेक्‍शन देकर लोगों के जीवन से अंधेरा मिटा दिया गया है। सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों और सामान्‍य जनों को पर्याप्‍त बिजली मिल पाए। मैं तो कई बार हैरान रह जाता हूं कि पहले किस तरह की सरकारें चलाई गई, सोचिए। कानपुर जैसा औद्योगिक नगर, आर्थिक गतिविधि से दौड़ता नगर ऐसे स्‍थान पर डेढ़ लाख घर शाम होते ही अंधेरे में डूब जाते थे। अगर उन सरकारों की नीयत गरीब का भला करने की होती तो यह अंधेरा बहुत पहले दूर हो चुका होता।

साथियों, इनकी नीयत में खोट का एक और प्रमाण, यह कानपुर शहर का ही मैं प्रमाण देता हूं।आपने खुद देखा है, कैसे मां गंगा को साफ और स्‍वच्‍छ करने के नाम हजारों-करोड़ रुपये पता नहीं कहां चले गए, कौन ले गए, पानी में गए कि पॉकेट में गए। लेकिन भाईयों और बहनों तिजौरी तो खाली हो गई, लेकिन मां गंगा की गंदगी में कमी नहीं आई। यह सच्‍चाई है कि नहीं है? हालात तब बदलने शुरू हुए जब 2014 में आपने, खास करके उत्‍तर प्रदेश के लोगों ने, हिन्‍दुस्‍तान के लोगों ने हमें देश की सेवा करने का अवसर दिया, तब हालात सुधरना शुरू हुआ। मां गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए हम गंगौत्री से गंगा सागर तक एक सम्‍पूर्ण सोच के साथ, पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रद्धा और समर्पण भाव से हम दिन-रात जुटे हुए हैं। नमामि गंगे मिशन के तहत देशभर के, देशभर में पौने तीन सौ प्रोजेक्‍ट उस पर काम किया जा रहा है। जिसमें से 50 से अधिक प्रोजेक्‍ट अकेले हमारे यूपी में गंगा के तट पर है।

साथियों, कानपुर में गंगा जी को जो स्थिति थी, उसको देखकर लोग अक्‍सर कहते थेकि स्थिति को बदल पाना नामुमकिन है, लेकिन हमारी सरकार ने देश को यह विश्‍वास दिलाया है कि नामुमकिन भी अब तो मुमकिन है। इसके लिए एक व्‍यापक रणनीति के साथ काम किया गया। कानपुर में गंगा जी में जो घरों की गंदगी और उद्योगों की गंदगी नालों के माध्‍यम से बह रही थी उसको बंद करने और नालों केपानी को treat करने का एक व्‍यापक अभियान हमने चलाया है। एशिया के सबसे बड़े नालों में से एक के गंदे पानी को सीधे गंगा जी में जाने से रोकने का काम पूरा हो चुका है। घरों से निकलने वाले सीवेज को treat करने और घाटों की सफाई और सुंदरीकरण के अनेक प्रोजेक्‍ट्स की, आज उसका भी लोकार्पण और शिलान्‍यास किया गया है।

साथियों, हमारी सरकार ने नमामि गंगे अभियान के तहत यहां के चमड़ा उद्योग के लिए भी एक विशेष योजना बनाई है। इस योजना के तहत आज चमड़ा उद्योग से निकलने वाले पानी को साफ करने के लिए बहुत बड़े प्‍लांट की आधारशिला भी आज रखी गई है। इससे हर दिन दो करोड़ लीटर गंदा पानी गंगा में जाने से रूकेगा।

साथियों, हमारी सरकार पुराने उद्योगों को संरक्षित कर ही रही है, कानपुर और यूपी में नये उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है। यूपी में शुरू हो चुके defense corridor से भी सबसे ज्‍यादा अगर फायदा होगातो कानपुर को होगा, पूरी ताकत कानपुर को मिलने वाली है। यूपी में निवेश का माहौल इसलिए बन पा रहा है क्‍योंकि यहां हमारे योगी जी ने अपराधियों पर लगाम कसी जा रही है और आधुनिक Infrastructure का निर्माण किया जा रहा है। पूरे यूपी में सड़कों, हाईवे, एक्‍सप्रेस वे, रेलवे, एयरवे का जाल बिछाया जा रहा है। वहीं शहरों के भीतर मेट्रो की सुविधाएं तैयार की जा रही है। कानपुर मेट्रो समेत यूपी में अनेक मेट्रो प्रोजेक्‍ट्स को केंद्र सरकार मंजूरी दे चुकी है। जब कानपुर मेट्रो प्रोजेक्‍ट पूरा हो जाएगा, तब यहां की ट्राफिक व्‍यवस्‍था मे अभूतपूर्व बदलाव आएगा।

आज ही, तकनीक के माध्‍यम से लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण का भी लोकार्पण किया गया है। इसके बन जाने से अब लखनऊ में करीब 23 किलोमीटर रूट पर मेट्रो चलनी शुरू हो जाएगी। इसी तरह आगरा में भी मेट्रो ट्रेक बनाने के लिए आज शिलान्‍यास किया गया है। आगरा में मेट्रो ट्रेन बनने से वहां के लोगों का जीवन सुगम होगा और सबसे बड़ी बात है टूरिज्‍म के लिए एक और अधिक नई सुविधा प्राप्‍त होगी।

साथियों, हमारी सरकार कानपुर शहर में हर सुविधा देने का भरपूर प्रयास कर रही है। आज यहां कानपुर के अनेक गरीब परिवारों को अपना पक्‍का घर भी दिया गया है। अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में लगभग डेढ़ करोड़ घर बन चुके हैं, डेढ़ करोड़। पहले की सरकार इतने समय में सिर्फ 25 लाख घर बना पाई थी और यह सरकार डेढ़ करोड़ बना चुकी है। यूपी में भी योगी जी की सरकार बनने के बाद घर बनाने के काम ने तेजी पकड़ी है। वरना उससे पहले तो यूपी की सरकार को हम चिट्ठियां लिख रहे थे। भारत सरकार बार-बार लिखती थी, लेकिन उस समय सरकार चलाने वाले लोग उन्‍हें गरीबों की परवाह ही नहीं थी।

साथियों, आज के इस अवसर पर जब मैं इन परिवारों को घर दे रहा हूं, मैं कानपुर की धरती से देश के सभी गरीबों को देश में जिनके भी पास घर नहीं है, उनको फिर से मैं एक बार मेरा वादा दोहराना चाहता हूं। हमने 2014 में सरकार बनाने के बाद कहा था कि 2022 जब भारत की आजादी के 75 साल होंगे तब तक हिन्‍दुस्‍तान में कोई भी परिवार ऐसा नहीं होगा जिसके सिर पर पक्‍की छत नहीं होगी। मैं आज बड़ी जिम्‍मेदारी के साथ मेरे गरीब भाईयों-बहनों को कहना चाहता हूं कि काम तेजी से किया, उनके 25 लाख के सामने हमने डेढ़ करोड़ घर बनाए, अभी भी घर बन रहे हैं, आगे भी बनने वाले हैं, जिनको आज नहीं मिला है, उनको कल मिलेगा, जिनको कल नहीं मिलेगा, उनको 15 दिन के बाद, महीने के बाद, लेकिन 2022 के पहले सब भरोसा करे ‘मोदी है तो मुमकिन है’ यह घर सबको मिलने वाला है। बातें करने वाली सरकारें बहुत आ करके गई, धरती पर काम करके दिखाने वाली यह सरकार आपके सामने मौजूद है।

साथियों, आज जब मैं कानपुर की धरती पर आया हूं, तो उन वीरों को याद करना भी जरूरी है जिनके बलिदान के कारण देश सुरक्षित है, विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हमारे श्‍याम बाबू और बड़गाम में हेलीकॉप्‍टर हादसे में शहीद हुए हमारे भाई दीपक पांडे को मैं फिर एक बार आज कानपुर की धरती से नमन करता हूं। मैं कहूंगा शहीदों, आप पूरी ताकत से बोलिये, अमर रहे, अमर रहे –

शहीदों, अमर रहे, अमर रहे!

शहीदों, अमर रहे, अमर रहे!

शहीदों, अमर रहे, अमर रहे!

साथियों, पुलवामा हमले के बाद याद है न? पुलवामा हमले के बाद हमारे वीर सेनानियों ने जो पराक्रम दिखाया, आपका सीना चौड़ा हो गया कि नहीं हो गया? आपका माथा गर्व से ऊंचा हुआ कि नहीं हुआ? भारत में भी दम है यह लगता है कि नहीं लगता है? हमारी सेना जो तय करें वो कर सकती है कि नहीं कर सकती है? आप लोग खुश है? आपको हौसला बुलंद है? आपके अंदर वो ही जज्‍़बा है? लेकिन भाईयो-बहनों आप में यह जोश है, उत्‍साह है, जो विश्‍वास है, लेकिन वो दुखद है कि हमारे घर में ही सेना के पराक्रम को नीचा दिखाने का दिन-रात प्रयास किया जा रहा है। ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए कि नहीं आनी चाहिए? आनी चाहिए कि नहीं आनी चाहिए? उनको नहीं आती है। पाकिस्‍तान को जो अच्‍छा लगे, पाकिस्‍तान को जो पसंद आए, ऐसी बातें हिन्‍दुस्‍तान में बैठे हुए लोग करे, क्‍या ऐसे लोगों को माफ कर सकते हैं? कर सकते हैं? क्‍या यह सेना का अपमान है कि नहीं है? वीरों के पराक्रम का अपमान है कि नहीं है?

भाईयों-बहनों, कुछ लोग जो काम जानबूझ करके कर रहे हैं, यह मैं गंभीर आरोप लगा रहा हूं, कानपुर की धरती से लगा रहा हूं, आजादी की जंग में अहम भूमिका अदा करने वाले इस कानपुर की धरती से मैं इन लोगों पर गंभीर आरोप लगा रहा हूं। राजनीति स्‍वार्थ के लिए जिस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं, जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, सरकार पर जिस प्रकार के गंदे आरोप लगा रहे हैं, इससे देश के दुश्‍मनों को ताकत मिल रही है। उनको बल मिल रहा है। अरे, स्‍वार्थ की राजनीति के कारण, मोदी विरोध के कारण हमारे राजनीति विरोधी जो बयानबाजी कर रहे हैं उसका लाभ आतंकियों के सर-परस्‍त उठा रहे हैं। साथियों, अरे, चुनाव तो आएंगे-जाएंगे, लेकिन देश के दुश्‍मन इसका फायदा न उठाए यह जिम्‍मेदारी हर हिन्‍दुस्‍तानी की है, है कि नहीं है? कोई भी दल हो, सभी दलों कि है कि नहीं है? हरेक नेता की है कि नहीं है? लेकिन ऐसी गैरजिम्‍मेदार बातें...

भाईयों और बहनों, आज जब पाकिस्‍तान पर पूरी दुनिया का दबाव है।पाकिस्‍तान आतंकवाद में रंगे हाथों में पकड़ा गया है। पाकिस्‍तान मुंह दिखाने लायक नहीं रहा है, सारी दुनिया पाकिस्‍तान पर दबाव कर रही है ऐसे समय हमारे लोगों के बयान हमारे ही देश में से कुछ लोगों के बयान पाकिस्‍तान को मदद कर रहे हैं। क्‍या उनका ऐसा करना शोभा देता है क्‍या? मत भूलिये आपके बयानों को आधार बनाकर पाकिस्‍तान आप ही के बयानों को दुनिया में बांट रहा है, दिखा रहा है और पूरे विश्‍व में भ्रम फैला रहा है और यह पाप आपके कारण हो रहा है।

मैं देशवासियों को कानपुर की धरती से कहना चाहता हूं सीमा पार आतंकियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के बीच आपने देखा होगा एक के बाद एक हमारी सरकार कदम उठा रही है। उसके कारण आतंकी अपना अंत सामने देख रहे हैं और जब अंत सामने दिख रहा है तो जरा बौखलाहट और बढ़ रही है। यह आतंकियों की बौखलाहट का परिणाम है कि जम्‍मू में कल फिर से इन्‍होंने आतंकी हमला करने का राक्षसी प्रयास किया है। जिस प्रकार हमारी सरकार सख्‍त कार्रवाई कर रही है और यह हमारी कार्रवाई का प्रभाव है कि आतंकी बौखलाएंगे, उनके सर-परस्‍त बौखलाएंगे, उनसे दाना-पानी पाने वाले भी बौखलाएंगे और ऐसी स्थिति में मेरे देशवासियों एक नागरिक के नाते हिन्‍दुस्‍तान के हम सब नागरिकों को सतर्क रहते हुए राष्‍ट्र के प्रति अपनी दायित्‍वों को निभाने की पहले से ज्‍यादा जरूरत है।

साथियों, देश में एकता का नाता बनाए रखना बहुत अहम है। आप मुझे बताइए ये आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जीतनी चाहिए कि नहीं जीतनी चाहिए। आतंकवाद को जड़मूल से उखाड़ फेंकना चाहिए कि नहीं फेंकना चाहिए। इसे कौन फेंक सकता है, इसको कौन खत्‍म कर सकता है।आतंकवाद को कौन नष्‍ट कर सकता है।

भाईयो बहनों मोदी नहीं सवा सौ करोड़ हिन्‍दुस्‍तानी खत्‍म कर सकते हैं। और इसलिए देश में एकता का वातावरण चाहिए, भाईचारा चाहिए, सद्भाव चाहिए और वही ताकत से मोदी फैसला ले पाएगा। और आतंकवाद को कुचल डालेगा भाईयो। मोदी की सबसे बड़ी ताकत देश की एकता है, मोदी की सबसे बड़ी ताकत देश का भाईचारा है, मोदी की सबसे बड़ी ताकत देश में सद्भाव का वातावरण है, और ये बनाने के लिए मुझे आपका साथ चाहिए, साथ मिलेगा आपका साथ मिलेगा, ये लड़ाई जीतनी हैं और भारत जीतेगा ये विश्‍वास रखिए।र्मैं आज हमारे योगी जी की सरकार का अभिनंदन करता हूं। परसों लखनऊ में कुछ सिरफिरे लोगों ने हमारे कश्‍मीरी भाईयों के साथ जो हरकत की थी। उस पर यूपी सरकार ने तत्‍काल कार्यवाही की है और इसके लिए मैं योगी सरकार को बधाई देता हूं।

मैं अन्‍य राज्‍यों से भी आग्रह करूंगा कि जहां भी ऐसी हरकत करने की कोई कोशिश करे उस कठोर से कठोर कार्यवाही की जाए हमें आतंवाद को खत्‍म करना है। हमें आतंकवाद को जड़ से उखाड़ कर फेंकना हैं, एकता के मंत्र को लेकर के चलना हैं।

साथियों, अपने भ्रष्‍टाचार को बचाने के लिए, वंशवाद को बचाने के लिए कुछ लोग महामिलावट की राजनीति कर रहे हैं। ऐसे लोगों को देश के वीर जवानों का, गरीबों का, मध्‍यम वर्ग का, किसानों का, उद्योगों का, गंगा जी का, ये सारी बातें तब याद आती हैं जब वो वोट खोजने के लिए निकलते हैं। महामिलावट के खेल में जुटे इन लोगों को आतंक, भ्रष्‍टाचार और गरीबी के खिलाफ निर्णायकलड़ाई लड़ने वाला मोदी उनको खटक रहा है। इनको किससे परेशानी है भई, ये महामिलावट वाले लोगों को परेशानी किससे है... किससे परेशानी है और इसलिए वो क्‍या कहते हैं.... आओ महामिलावट करें, जो जेलों में हैं उनको भी जोड़ें, जिनको जेल जाना तय है उनको भी जोड़े, जो जमानत पर है उनको भी जोड़े और इसलिए वो कहते हैं आओ महामिलावट करें, और वो क्‍या कहते हैं... आओ मिल करके मोदी को खत्‍म करें। और मैं कहता हूं ... आओ एकजुट होकर के हम आतंक को खत्‍म करें, वो कहते हैं मोदी को खत्‍म करें। हम कहते हैं आतंक को खत्‍म करें।

साथियों, मैं जानता हूं यूपी सहित देश का एक-एक जन देश की एकता, देश के विकास के साथ खड़ा है और एक बार फिर आप सभी को विकास के तमाम प्रोजेक्‍टस के लिए मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और आज कानपूर में इतनी भारी संख्‍या में मेरी नजर जहां पहुंचे लोग ही लोग है आप आशीर्वाद देने के लिए आए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए ... भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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प्रधानमंत्री ने चक्रवात जवाद से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
December 02, 2021
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प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया
सभी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करें और व्यवधान की स्थिति में उनकी शीघ्र बहाली सुनिश्चित करें: प्रधानमंत्री
सभी संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां चक्रवात के प्रभाव से समुचित रूप से निपटने के लिए ​​तालमेल के साथ काम कर रहे हैं
एनडीआरएफ ने नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, 33 टीमों को तैयार रहने (स्टैंडबाय) का निर्देश दिया गया
भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज तथा बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है
वायु सेना और इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां तैनाती के लिए स्टैंडबाय पर हैं
आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट के आसपास स्टैंडबाय पर हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चक्रवात जवाद की संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों तथा संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव उपाय करने का निर्देश दिया कि लोगों को सुरक्षित रूप से निकाला जाए और सभी आवश्यक सेवाओं जैसे बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल आदि का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी व्यवधान की स्थिति में उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने आवश्यक दवाओं और आपूर्ति का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा निर्बाध आवाजाही की योजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे चालू रखने के भी निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र में चक्रवात जवाद के रूप में जोर पकड़ने की उम्मीद है और शनिवार, 4 दिसंबर, 2021 की सुबह हवा की गति अधिकतम 100 किमी/घंटा के साथ इसके आंध्र प्रदेश - ओडिशा के उत्तर तट तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी सभी संबंधित राज्यों को नवीनतम पूर्वानुमान के साथ नियमित बुलेटिन जारी करता है।

कैबिनेट सचिव ने सभी तटीय राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मुख्य सचिवों तथा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ स्थिति एवं तैयारियों की समीक्षा की है।

गृह मंत्रालय चौबीसों घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एसडीआरएफ की पहली किस्त अग्रिम तौर पर जारी कर दी है। एनडीआरएफ ने 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, जो राज्यों में नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं और 33 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गयाहै।

भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। वायु सेना तथा थल सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां, नावों और बचाव उपकरणों के साथ तैनाती के लिए तैयार हैं। निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर तट पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट से लगे स्थानों में स्टैंडबाय पर हैं।

विद्युत मंत्रालय ने आपातकालीन प्रत्युत्तर प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और बिजली की तत्काल बहाली के लिए ट्रांसफॉर्मर, डीजी सेट तथा उपकरण आदि तैयार रखे हैं। संचार मंत्रालय सभी दूरसंचार टावरों और एक्सचेंजों पर लगातार नजर रख रहा है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रत्युत्तर के लिए राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित होने की संभावना के लिए एक चेतावनी जारी की है।

पोत, शिपिंग एवं जलमार्ग मंत्रालय ने सभी शिपिंग जहाजों को सुरक्षित करने के उपाय किए हैं और आपातकालीन जहाजों को तैनात किया है। राज्यों को तट के पास रासायनिक तथा पेट्रोकेमिकल इकाइयों जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सतर्क करने के लिए भी कहा गया है।

एनडीआरएफ संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य एजेंसियों को उनकी तैयारियों में सहायता कर रहा है और चक्रवात की स्थिति से निपटने के लिए लगातार सामुदायिक जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और आईएमडी के महानिदेशक ने बैठक में भाग लिया।