साधु, संतों और मठों ने हमारे देश के विकास में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, हम उनसे काफी प्रेरित हैं: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस के नेता पहले के हर चुनाव में गरीब-गरीब की माला जपते रहते थे, गरीबों की आंखों में धूल झोंकते थे। लेकिन जबसे एक गरीब मां के बेटे को इस देश के गरीबों ने प्रधानमंत्री बना दिया तबसे कांग्रेस पार्टी ने गरीबों का नाम लेना बंद कर दिया: पीएम मोदी
यह सबको पता है कि कांग्रेस ने कृषि क्षेत्र पर कभी ध्यान नहीं दिया: प्रधानमंत्री
कर्नाटक के लोगों को कांग्रेस और जेडी (एस) के बीच गठबंधन को जानने की जरूरत है: प्रधानमंत्री मोदी
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार केवल ‘नामदारों’ के लिए काम कर रही है, ना कि ‘कामगारों’ के लिए: पीएम मोदी
कर्नाटक में कांग्रेस झूठ बोल रही है और समाज को विभाजित कर रही है, हर दिन वे एक नया नाटक करते हैं: प्रधानमंत्री
कांग्रेस ने कर्नाटक में माफिया नेटवर्क स्थापित किया है, वे ‘वसूली’ में उत्कृष्ट हैं: प्रधानमंत्री मोदी
कर्नाटक चुनावों के नतीजे आने के बाद इंडियन नेशनल कांग्रेस PPP कांग्रेस बन जाएगी जिसका मतलब है पंजाब-पुडुचेरी-परिवार कांग्रेस: पीएम मोदी
महादायी नदी के नाम पर कांग्रेस पार्टी लोगों को गुमराह करने में लगी है: प्रधानमंत्री
आधुनिक, गतिशील, प्रगतिशील और विकासशील कर्नाटक हमारा लक्ष्य है: प्रधानमंत्री मोदी
झूठ फैलाना कांग्रेस के लिए एक व्यवसाय बन गया है: पीएम मोदी
कांग्रेस के ‘C’ और Corruption के ‘C’ के बीच कोई अंतर नहीं है: प्रधानमंत्री
कांग्रेस के लिए केवल एक परिवार सबकुछ है, मेरे लिए 125 करोड़ भारतीय मेरे परिवार हैं: प्रधानमंत्री मोदी

भारत माता की जय। भारत माता की जय।

बंधु भगिनी तुमकुरु में मुझे पहले भी आने का सौभाग्य मिला है। लोकसभा चुनाव के समय भी कर्नाटक के अनेक स्थानों पर जाने का सौभाग्य मिला है। लेकिन जो दृश्य मैंने 2014 के लोकसभा चुनाव में भी नहीं देखा। उससे भी अनेक गुना अधिक उत्साह, उससे भी अनेक गुना उमंग इस चुनाव में कर्नाटक में जहां जाता हूं, वहां दिखाई देता है।

तुमकुरु के बंधु भगिनी।

ये तुमकुरु भारत को पोखरण में न्यूक्लीयर टेस्ट के कारण जैसा गौरव मिला। उसके मूल में इसी धरती के संतान डॉ. राजा रमन्ना जैसे प्रसिद्ध वैज्ञानिक, जग्गिदराना जैसे कलाकार, जग्नाचार्य जैसे मूर्तिकारों की धरती को प्रणाम करता हूं।

प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद मुझे इस धरती का वंदन करने का सौभाग्य मिला था। और उसी समय मैं सिद्धागंगा मठ भी गया था जहां शिवकुमार स्वामीजी के दर्शन, उनके आशीर्वाद और उनसे चर्चा करने का सौभाग्य मिला था। समाज के लिए, इस राज्य के लिए सिद्धागंगा मठ का योगदान अतुल्यनीय है। ये कर्नाटक की धरती समाज और देश के लिए दिन-रात सोचने वाले, चिंता करने वाले, समाज हित के लिए खुद को खपाने वाले संतों और महापुरुषों की धरती है।

बंधु भगिनी।

कर्नाटक की ये संत परंपरा, ये मठ, ये मंदिर, ये आस्था के साथ-साथ शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट ऐसे अनेक सामाजिक कामों के लिए जुटे हुए ऐसे अनेक बड़े-बड़े आंदोलन हैं। गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव कैसे आए। उसका जीवन आसान कैसे बने। और इसलिए यहां के संतों ने, महंतों ने, मठों ने और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जो काम किए हैं, वो कार्य पूरे देश के लिए प्रेरणा देने वाले हैं।

बंधु भगिनी।

भारतीय जनसंघ के समय से, जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी को आगे बढ़ाने में जिन्होंने अपना जीवन खपा दिया। ऐसे स्वर्गीय एस मल्लिकार्जुनैया, भाजपा के महासचिव और कर्नाटक के विकास के लिए परिश्रम करने वाले स्वर्गीय जी एम राजाचार्य और किसान नेता स्वर्गीय बोरप्पाजी को आज इस धरती पर आकरके फिर एक बार श्रद्धासुमन देता हूं।

आज जरा ...। कांग्रेस पार्टी पहले के हर चुनाव देख लीजिए। इंदिरा गांधी के जमाने से चुनाव से देख लीजिए। कांग्रेस हर चुनाव में गरीब, गरीब, गरीब, गरीब ..., यही माला जपते रहते थे। गरीबों की आंख में धूल झोंकते थे और चुनाव जीतने के खेल खेलते थे। लेकिन जबसे एक गरीब मां का बेटा ...। इस देश के गरीबों ने उसको प्रधानमंत्री बना दिया। तबसे कांग्रेस पार्टी ने गरीबों का नाम लेना बंद कर दिया। उनको पता चला कि अब गरीबों की आंखों में धूल झोंकना संभव नहीं है। अब कांग्रेस वालों ने ऊपर से नीचे तक, लोकल हो, देशी हो, विदेशी हो, इधर से हो, उधर से हो, समझ हो या ना हो, चने का पेड़ होता है कि पौधा होता है, हरी मिर्च होती है कि लाल मिर्च होती है। इसका भी जिनको ज्ञान नहीं है। जो आलू में सोना पैदा करने कर सोचते हैं, वे आज दिन-रात किसान-किसान-किसान बोलना शुरू किया है।

अब मेरे तुमकुरु के भाइयो बहनो। मेरे कर्नाटक के भाइयो बहनो। देश के किसान भाइयो बहनो।

आप सोचिए। आज दिन-रात कांग्रेस के नेता किसान का कर्ज, किसान का कर्ज, किसान का कर्ज। उस पर राजनीति कर रहे हैं। वोट पाने के लिए नई-नई घोषणाएं कर रहे हैं। लेकिन एक बार ये तो जवाब दो कि आजादी के बाद सत्तर में, सबसे अधिक समय कांग्रेस ने राज किया। उसमें भी एक ही परिवार ने राज किया। आपने ऐसा क्या किया कि मेरे देश का किसान कर्ज में डूब गया। उसको आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 70 साल में जितना समय राज करने का मौका मिला। ये किसानों की तरफ थोड़ी-सी भी नजर की होती तो मेरे किसान भाई बहनों का ये हाल न हुआ होता। आज किसानों की जो मुसीबतें हैं, वो पुरानी कांग्रेस की सरकारों की नीतियों के कारण है, उनकी नीयत के कारण है, उनके कारनामों के कारण है। और वो सारा, सब सरकारों को विरासत में मिलता चला गया है। हम तो उनके पापों को धोने में जुटे हैं। अरे कांग्रेस की सरकारों ने 50 साल 60 साल कम समय नहीं होता है। हमें तो 50 महीना भी नहीं हुआ है। आपको 50 साल काम करने का अवसर मिला, 60 साल काम करने का अवसर मिला। कम से कम हमारे किसानों को खेत में पानी पहुंचा दिया होता तो मेरा किसान मिट्टी में से सोना पैदा करके दे देता। ये ताकत किसानों में है।

आप मुझे बताइए कि आज तुमकुरु के किसानों को अपने खेत में पानी पहुंचाने का काम दिल्ली की कांग्रेस सरकार या कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने पिछले 50 साल, 60 साल में करना चाहिए था या कि नहीं करना चाहिए था ...।

और इसलिए भाइयों बहनों।

ये इसलिए हुआ है कि उनको किसान को पानी पहुंचाने में रूचि नहीं रही। उनको तो इधर से उधर से पैसे इकट्ठा करके मंत्रियों के घर भरने में ही उन्होंने अपनी ताकत लगाई।

जब 2014 में लोकसभा का चुनाव चल रहा था। तब जेडीएस के नेता हमारे देश आदरणीय भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्रीमान देवेगौड़ा जी ने घोषणा की थी कि अगर ये मोदी जीत के आएगा, अगर इसकी सरकार बनेगी तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। वो हमारा घोर विरोध करते थे। उसके बावजूद भी कर्नाटक की धरती पर आकरके उतनी बड़ी लड़ाई चल रही थी हमारी और जेडीएस के बीच। तब भी हमने कहा था कि देवगौड़ा जी आप एक आदरणीय वरिष्ठ नेता हैं। आपको आत्महत्या करने की जरूरत नहीं है। आप सौ साल जीवित रहें और आप भी अपनी तरीके से समाज की सेवा करें। ये बात चुनाव के मैदान में ...। जबकि वो चाहते थे कि नरेन्द्र मोदी की पराजय हो जाए। फिर भी मैंने उनके प्रति आदर और सम्मान का भाव कभी नहीं छोड़ा था।

लेकिन मैं आज कांग्रेस जो हर दिन झूठ बोलती है। कांग्रेस में हर कोई झूठ बोलता है, रोज नया झूठ बोलते हैं, बार-बार झूठ बोलते हैं, जोर जोर से झूठ बोलते हैं। इसका पर्दाफाश करना चाहता हूं।

अब कांग्रेस पार्टी को कोई अगर बचाने का काम कर रहा है तो जेडीएस वाले कर रहे हैं। आपको आश्चर्य होगा मेरी बात पे। लेकिन आप सारे चुनाव के सर्वेक्षण देख लीजिए। जिसको लगता है कि ये भाजपा के धुरविरोधी का सर्वे है, उसका सर्वेक्षण देख लीजिए। जिसको लगता है कि ये भाजपा का समर्थक है। उसका सर्वेक्षण देख लीजिए। निष्पक्ष, न्यूट्रल लोगों का सर्वेक्षण देख लीजिए। सब लोग एक बात कहते हैं कि जेडीएस नंबर तीन पर रहेगा। इसमें कोई दुविधा नहीं है। सब लोग एक बात कहते हैं कि जेडीएस किसी भी हालत में कांग्रेस को हरा नहीं सकती है, सरकार नहीं बना सकती है। अगर सरकार कर्नाटक में कोई बदलता है तो वो सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही बदल सकती है।

अब कोई इस बात से इनकार कर सकता है कि कांग्रेस और जेडीएस। उनके बीच में पर्दे के पीछे साठ-गांठ है वर्ना क्या कारण है कि तुमकुरु में तो कांग्रेस और जेडीएस नूराकुश्ती कर रहे हैं और बैंगलुरू में कांग्रेस से दोस्ती करके कांग्रेस का मेयर बैठा हुआ है। ये बात क्यों छुपाते हो। कांग्रेस में हिम्मत होनी चाहिए जनता के सामने सच बोलने की। और साफ-साफ बता देना चाहिए। हां, ये सही है। उनका जेडीएस के साथ नाता है और बैंगलुरू के म्युनिसिपल कारपोरेशन में वो जेडीएस के सहयोग से ही वहां मेयर बनकर बैठे है। ये तुमकुरू के लोगों को, कर्नाटक के लोगों को, ये मूर्ख बनाना बंद कर दे।

बंधु भगिनी।

मैं आपसे बात कर रहा था कि इतने साल हुए कांग्रेस की सरकारों को किसानों को पानी पहुंचाने की भी परवाह नहीं की। आप जरा मैं पूछना चाहता हूं। अपर भद्रा। ये अपर भद्रा प्रोजेक्ट के लिए यहां का किसान सालों से तरस रहा है। जरा कांग्रेस वाले, जेडीएस वाले बताएं वो पानी कहां है, वो प्रोजेक्ट कहां है। जरा जवाब दो। ये किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले कांग्रेस के नेताओं से मैं पूछना चाहता हूं। जरा ये बताइए। ये हेमवती के नदी का पानी तुमकुरु के किसानों को क्यों नहीं मिला। मैं ये भी पूछना चाहता हूं कांग्रेस के लोगों को। ये ऐटीहोला प्रोजेक्ट, जो यहां के लोगों को पीने के पानी पहुंचाने के लिए ...। वो प्रोजेक्ट की रचना हुई। क्या कारण है कि तुमकुरू के लोगों को पीने के पानी का प्रोजेक्ट भी आपके यहां लटका पड़ा, भटका पड़ा, लटका पड़ा है।

भाइयो बहनो।

काम कैसे होता है। हमारी सरकार मुश्किल से 50 महीना हुआ है। लेकिन हमने इन महीनों के अंदर आते  ही पिछले 30-35 साल से किसानों को पानी पहुंचाने वाले जो प्रोजेक्ट 30-30, 35-35 साल से बंद पड़े थे। उनके पीछे 1 लाख करोड़ रुपये भी ज्यादा खर्च करके 30-35 महीनों में किसानों तक पानी पहुंचाने का बीड़ा उठाया और जो काम चल रहा है जिसमें से जिसमें 5 बड़े प्रोजेक्ट कर्नाटक की धरती पर है।

हम तीन प्रकार से काम में लगे हैं। बारिश आ जाए बूंद-बूंद पानी बचाना कैसे। जल संरक्षण कैसे करना। दूसरा काम है – जल सिंचन कैसे करना। माइक्रो इरिगेशन, ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकल इरिगेशन। आज 24 लाख हेक्टेयर भूमि में ये माइक्रो इरिगेशन के काम को देशभर में आगे बढ़ाया है।

हमारी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए नदियों को जोड़ना अनिवार्य है। अटल बिहारी वाजपेयी जी का वो सपना ...। अटल बिहारी वाजपेयी का जो सपना अधूरा रह गया है, उसको हम पूरा करना चाहते हैं।

और भाइयो बहनो।

हम ईमानदारी के साथ हेमवती और नेत्रावती नदी को जोड़कर पानी पहुंचाने की दिशा में काम पूरा करना चाहते हैं। मेरे किसान भाइयो बहनो। हेमवती और नेत्रावती को जोड़ने का काम होगा तो तुमकुरु और आसपास के 8 जिलों को और लाखों हेक्टेयर भूमि को हमारे लाखों किसानों को सीधा-सीधा लाभ मिलेगा। और ऐसे काम के पीछे हम अपनी ताकत लगाते हैं।

यहां के मेरे किसान भाइयो बहनो।

ये हमारा क्षेत्र कल्पथारू नाडू यानि कोकोनट। इसका सबसे बड़ा उत्पादक है। जो प्रकृति से नहीं लड़ सकता है, ये तो हम समझ सकते हैं। लेकिन प्रकृति की मार को कम करने का काम जरूर कर सकती है लेकिन इस सोई हुई सरकार, उसको इसकी परवाह नहीं है। लेकिन 5 वर्ष से आप देख रहे हो। कोकोनट का जो होना हो हो जाए, किसानों का जो होना है हो जाए लेकिन सरकार के मंत्रियों के घर में तिजोरियां भरती चली जाए, खजाना बढ़ता चला जाए, यही काम चला है।

मेरे किसान भाइयो बहनो।

कल्पवृक्ष से इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प हो सकता है। आज मैं बड़े संतोष के साथ कहना चाहता हूं कि हमारी सरकार आने के बाद हमने कोकोनेट एक्सपोर्ट में जो बढ़ोतरी की है। हमारे पहले की सरकार ने जितना काम किया था, हमने आकरके कोकोनट एक्सपोर्ट को 60 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा दिया है। और इसी के कारण हमारे किसानों को कुछ मिलने की संभावना पैदा हुई है।

मेरे किसान भाइयो बहनो।

2014 में मैं आया था। तुमकुरु के फूड प्रोसेसिंग प्लांट को आगे बढ़ाने के लिए मैंने काम किया था। और हमारे एक साथी उस समय फूड प्रोसेसिंग प्लांट का सारा काम को देखते थे। अगर पुरानी सरकारों ने हमारे खेत में जो पैदा होता है उसका वैल्यू एडिशन पर बल दिया होता, फूड प्रोसेसिंग पर बल दिया होता। दुनिया के बाजार में हमारे उत्तम से उत्तम कृषि उत्पादों को भेजा होता तो आज हमारे किसानों को इस हालत में जाने के लिए मजबूर ना होना पड़ता।

हमने सिर्फ 150 करोड़ का मेगा फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाया। लगभग 6 हजार – साढ़े छह हजार किसान उससे जुड़ गए। 6000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला। और लोग नूडल बनाना, बिस्कुट बनाना, फूड प्रोसेसिंग के काम को कैसे आगे बढ़ाना ...। इस काम में इस इलाके के लोग जुड़ गए। छोटा-सा इनिशिएटिव लेकिन कितना बड़ा परिणाम लाया है, वो आप देख रहे हैं।

फूड प्रोसेंसिग को आगे बढ़ाने के लिए किसानों को छोटी-छोटी मंडलिया बनाकरके आगे आने के लिए हमने किसान संपदा योजना बनाई है। पहले 200, 300, 500 करोड़ रुपए का बजट हुआ करते थे। हमने करीब-करीब 1400 करोड़ रुपए का बजट हमारे किसान को ये फूड प्रोसेसिंग के लिए देने की दिशा में आगे बढ़े हैं।

एक जमाना था। बिजली के उद्योग में अंग्रेजों के जमाने में यह क्षेत्र आगे था। लेकिन ये कांग्रेस ने ऐसी सरकारें चलाई कि आज बिजली के लिए यह क्षेत्र तरस रहा है।

यहां पर जैसे कृषि में ताकत है। यहां के नौजवानों में सामर्थ्य है, उनके टैलेंट में दम है, उनके स्किल में दम है कि स्मॉल स्कैल इंडस्ट्रीज का जाल यहां के पूरे जीवन को, कर्नाटक के जीवन को बदलने की ताकत रखता है लेकिन बैंगलुरू में बैठी हुई कर्नाटक की सरकार को यहां के इस ताकत का परिचय तक नहीं है।

तुमकुरु के विकास के लिए स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट की तरह कर्नाटक में सात स्मार्ट सिटी में से तुमकुरु भी है। और 14 हजार करोड़ रुपये ...। ये स्मार्ट सिटी के लिए बनाने की हमारी योजना है। 836 करोड़ रुपये हम कर्नाटक सरकार को दे चुके हैं लेकिन तुमकुरु की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं आया होगा। 836 करोड़ रुपया दिल्ली के खजाने से कर्नाटक के खजाने में आ गया है। ये सात शहरों के हक का पैसा है। लेकिन ये सोई हुई सरकार, भ्रष्टाचार में डूबी हुई सरकार, खुद का खजाना भरने में लगे हुए मंत्री। इसका परिणाम ये है कि 836 करोड़ में से 12 करोड़ ही खर्च किया है। 824 करोड़ रुपया यूं ही पड़ा हुआ है।

इस क्षेत्र के विकास के लिए, यहां के औद्योगिक विकास के लिए, यहां नौजवानों को रोजगार के लिए हमारी सरकार ने 4 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करके सड़कें चौड़ीकरण कराना, सड़कें नई बनाना, उसका एक बड़ा अभियान चलाया है।

उसी प्रकार से यहां जो इंजीनियरिंग स्किल वाले नौजवान हैं। उनका भाग्य बदलने और देश को सुरक्षा की ताकत देने के लिए दो साल पूर्व यहीं पर आकरके HAL के अंदर हेलिकॉप्टर निर्माण करने के कारखाने का शिलान्यास भी हमने आकर किया था। 

भाइयो बहनो।

भ्रष्टाचार के खिलाफ एक लड़ाई छेड़ी हुई है। काले धन के खिलाफ एक लड़ाई छेड़ी हुई है। हमारे देश में कैसा कारोबार चलता था। जिस बेटी का जन्म नहीं हुआ, सरकारी फाइलों में बेटी पैदा हो जाती थी। फाइलों में बेटी बड़ी भी हो जाती थी, फाइल में बेटी की शादी भी हो जाती थी। फाइल के अंदर बेटी विधवा भी हो जाती थी। और  फिर सरकारी खजाने से विधवा पेंशन के पैसे भी निकलते जाते थे। और कोई पूछने वाले नहीं थे कि विधवा है कहां ...। हमने आधार के साथ Direct Benefit Transfer स्कीम शुरू की।

मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कैसे लड़ाई जीती जाती थी। हमने जो हकदार लोग थे, उनको पैसे सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराना शुरू किया। हकदारों की लिस्ट वैरिफाई की। ये जो झूठे और गलत नामों की सूचियां थी, वो बाहर हो गईं। बिचौलिये बाहर हो गए। रुपयों की चोरी अटक गई। और इसके कारण जिसका हक था, उनको तो मिला लेकिन जो लूट करके ले जाते थे, बंद कर कर दिया। सरकारी खजाने में 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा चोरी होती थी वो अटक गई। ये काम करने की ताकत हम रखते हैं भाइयो।

और इसलिए मेरे प्यारे कर्नाटक के भाइयो बहनो।

मैं आज आपसे आग्रह करने आया हूं। 12 मई को कमल के निशान पर बटन दबा करके भारी मतदान करके येदियुरप्पा जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाइए। अगर इस इलाके के किसानों का कोई भाग्य बदल सकता है तो किसान नेता येदुरप्पा बदल सकते हैं।

और इसलिए मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

मैं पूरे कर्नाटक प्रदेश को आज तुमकुरु की पवित्र धरती से आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं कि इस बार कर्नाटक के उज्ज्वल भविष्य के लिए कांग्रेस पार्टी को सजा देना अनिवार्य है।

बंधु भगिनी।

स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित कर्नाटक निर्मिष होना, बन्नी एलरु कैजोडिसी। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बताइए। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
July 28, 2026
चर्चा किए गए क्षेत्र: वित्त और अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और उद्योग, और प्रौद्योगिकी
न प्रधानमंत्री ने सरकार के भीतर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा घरेलू क्षमताओं के विकास के महत्व पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया
प्रधानमंत्री ने भ्रामक जानकारी का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती और नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए
सचिवों ने प्रमुख पहलों, उभरते अवसरों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।