देश मजबूर सरकार के लिए नहीं, बुलंद हौसले वाली मजबूत सरकार को चुन रहा है, देश Family First के बजाय India First को चुन रहा है, देश डायनेस्टी के बजाय डेवलपमेंट को चुन रहा है: प्रधानमंत्री मोदी
कांग्रेस की सोच के कारण 1984 के सिख दंगों के मामले में आज तक सभी पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिल पाया, जब इनसे इंसाफ के बारे में पूछा जाता है, तो ये अहंकार में कहते हैं - हुआ तो हुआ: पीएम मोदी
नामदार के परिवार ने, उनके साथियों ने इसी अहंकार के साथ देश पर दशकों तक शासन किया है, जब लाखों करोड़ों के घोटाले होते थे, कांग्रेस सोचती थी - हुआ तो हुआ, जब रेल मंत्री के रिश्तेदार रेलवे भर्तियों में भ्रष्टाचार करते थे, कांग्रेस सोचती थी- हुआ तो हुआ: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

चंडीगढ़ के आप सभी उत्साही लोगों को मेरा नमस्कार, चंडीगढ़ में पहाड़ से लेकर मैदान तक के साथियों का अद्भुत समावेश है। किसान से लेकर जवान तक का संगम यहां मुझे सामने नजर आ रहा है। साथियो, अब मेरी आपसे प्रार्थना है कि मैं लंबे अरसे तक चंडीगढ़ में आपके बीच में रहा हूं, आप जितना मुझे जानते हैं हिंदुस्तान में कोई नहीं जानता है। अगर मैं आज आपको दिखाई नहीं देता हूं तो चिंता मत कीजिए आप बैठिए आपने बहुत देखा है। आप आराम से बैठिए, इन मीडिया वालों को उनका काम करने दीजिए। मीडिया के लोगों को उनका काम करने दीजिए।

भारत माता की जय, साथियो, यूथफूल और एनर्जेटिक चंडीगढ़ में आपका ये जोश बता रहा है कि फिर एक मोदी सरकार, फिर एक बार मोदी सरकार, फिर एक बार मोदी सरकार। इसका कारण साफ है कि देश मजबूर सरकार के लिए नहीं, बुलंद हौसले वाली मजबूत सरकार को चुन रहा है। देश फैमिली फर्स्ट के बजाय इंडिया फर्स्ट को चुन रहा है। देश डायनेस्टी की बजाय डेवलपमेंट को चुन रहा है। देश आतंकी हमलों के बाद दुबकने वालों को नहीं आतंकियों को घर में घुसकर मारने वालों को चुन रहा है।

भाइयो-बहनो, 2014 में चंडीगढ़ सहित पूरे हिंदुस्तान ने जो मैंडेट दिया, जो आदेश आपने प्रधान सेवक को दिया उसको कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथी आज तक बर्दाश्त नहीं कर पाए हैं। इन्होंने बीते पांच वर्ष में मेरे हर फैसले, हर योजना को अपमानित करने की कोशिश की है। जब लाल किले से मैंने स्वच्छ भारत अभियान की घोषणा की तो ये सारे महामिलावटी खड़े हो गए। अरे ये पीएम कैसा है लाल किले पर टॉयलेट की बात करता है। मजाक उड़ाया, भांतिभांति के सवाल उठाए, इस तरह के सवालों ने एक के बाद जैसे मानो मुझ पर बौछार कर दी। जब मैंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ इसकी बात की तो उसको भी इन लोगों ने बदनाम करने की कोशिश की। जब मैंने मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया की बात की तो ये लोग उसके पीछे भी हाथ धो कर पड़ गए। जब मैंने डिजिटल इंडिया का अभियान चलाया तब भी इन्होंने मेरी सोच पर सवाल उठाए। साथियो, आपको याद होगा कांग्रेस और उसके राग दरबारियों का ये वहीं गैंग है जो कहता था कि भारत की जनता अनपढ़ है। ये लोग कहते थे कि भारत में तो बैंक नहीं है। ऐसे में डिजिटल लेन-देन कैसे संभव है। लेकिन इनकी तमाम साजिशों और सवालों के बावजूद हम डटे रहे। आज भारत के पास रुपये क्रेडिट कार्ड और बीम ऐप के रुप में एक बहुत बड़ा नेटवर्क है।

भारत आज डिजिटल का एक बहुत बड़ा डेस्टिनेशन है। और हमारे रुपये कार्ड की इज्जत तो आज सिंगापुर में भी आप भारत के रुपये कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। इस प्रकार से हमारा विस्तार हो रहा है। वहीं इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से देश भर के पोस्ट ऑफिस को अब बैंकिंग सर्विस प्रोवाइडर बनाया जा रहा है। अब पोस्टमैंन स्मार्ट फोन और दूसरे गैजट लेकर गांव गांव में बैंकिंग सर्विस की होम डिलिवरी करने लगा है। इतना ही नहीं हमने एक डिजिटल त्रिशक्ति खड़ी की है। जैम JAM यानि J जन धन बैंक खाते, A से आधार कार्ड, और M से आपका मोबाइल फोन। JAM जैम की त्रिशक्ति से हमने सुनिश्चित किया है कि सरकारी योजनाओं के लाभ सभी लाभार्थियों को ही मिले। सोचिए साथियो, अब तक हमारी सरकार, ऐसे आठ करोड़ फर्जी नामों को कागजों से हटा चुकी है। ये आठ करोड़ वो लोग है जो सरकार की सुविधाएं उनके नाम पर जाते थे। जो पैदा ही नहीं हुई ऐसी बेटी सरकारी दफ्तरों में विधवा के रुप में पेंशन लेती थी। जिसका जन्म नहीं हुआ वो दिव्यांग के रुप में लाभ लेता था। न जिसके पिता है, न माता है, न बच्चा है वो कॉलेज में भर्ती भी हुआ है स्कॉलरशिप भी ले रहा है। ये सारा खेल हमने खत्म किया।

आठ करोड़, दोस्तों, कल्पना कीजिए आठ करोड़ सिर्फ कागजों पर लोग थे। इसको हमने हटाया। ये आठ करोड़ लोगों के नाम गरीबों का राशन, पेंशन, स्कॉलरशिप सब कुछ लूटा जा रहा था। मैं जरा चंडीगढ़ से हिसाब से कहूं, जरा चंडीगढ़ की कुल आबादी उसकी जरा कल्पना कीजिए, और उससे तुलना कीजिए की आठ करोड़ क्या होता है? एक चंडीगढ़ कितने चंडीगढ़ होंगे तब ये आठ करोड़ फर्जी नाम निकलेंगे। ये आंकड़ा कितना बड़ा है इसका आपको अंदाज होगा। और ये काम मैं आज जो इस जनसभा में नौजवान आए हैं, 21वीं सदी में जो पैदा हुए जो पहली बार लोकसभा में वोट देने वाले हैं। मैं उनको कहता हूं जरा दिमाग खपाइए कितना बड़ा आंकड़ा होगा। चंडीगढ़ के टोटल पॉपुलेशन से आठ करोड़ फर्जी नामों का कम्पेयर करके देखिएगा कि हर साल भारत में कितनी बड़ी संख्या में फर्जी लाभार्थियों के पास बिचौलियों के पास टैक्स पेयर्स का ईमानदारी का पैसा जा रहा था।

 साथियो, अब आप मुझे बताइए, आप मुझे बताइए जब इतने सारे बिचौलियों की दुकाने बंद हो गई। आपका प्यार इतना उछल रहा है। इसे आप रोक भी नहीं पा रहे हो। दोस्तो, पका प्यार मेरी सर आंखों पर। दोस्तों आप सोचिए ये आठ करोड़ फर्जी नाम से जो बिचौलिए मलामाल होते थे। आय दिन मलाई खाते थे। मौज-मस्ती मारते थे। इन सबकी दुकानें ये चौकीदार ने बंद कर दी। आप मुझे बताइए ये बिचौलिए मोदी को बर्बाद करने की कोशिश करेंगे कि नहीं करेंगे? करेंगे कि नहीं करेंगे? मोदी के पर गंदे आरोप करेंगे कि नहीं करेंगे? मोदी के खिलाफ झूठ बोलेंग कि नहीं बोलेंगे? तो मोदी की रक्षा कौन करेगा? मोदी की रक्षा कौन करेगा? भाइयो-बहनो, मुझे विश्वास है सवा सौ करोड़ देशवासी चौकीदार की रक्षा करने के लिए चौकीदार बनकर खड़े हैं। साथियो, हमारा DBT क्योंकि हमने आधार और बैंक अकाउंट मोबाइल योजना से बहुत बड़ी मात्रा में DBT स्कीम लागू किया है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, भारती जनता पार्टी सरकार की DBT है डायेरक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, और कांग्रेस उसके महामिलावटियों की भी DBT है लेकिन उनका DBT है डायरेक्ट बिचौलियां ट्रांसफर। भाइयो-बहनो, मैं टेक्नोलॉजी के माध्यम से ट्रांसपेरेंसी लाने की कोशिश कर रहा हूं। नए काननू बनाकर, पुराने कानून खत्म करके सिस्टम में जो कमियां है उसे दूर करने का प्रयास कर रहा हूं। और यही बात इनको खटक रही है। एक चाय वाला एक चाय वाला 21वीं सदी की नेक्स्ट जनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कैसे कर सकता है? इसी से इनको चिढ़ है।

मोदी इंटरनेशनल सोलर एलायंस आज पूरी दुनिया में भारत में नाम कमाया है। दुनिया का हेड क्वार्टर हिंदुस्तान में बनाया है। इंटरनेशनल सोलर एलायंस और हमारा मंत्र है वन सन एक सूरज, वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड। इस विजन की बात ये चाय वाला कैसे कर सकता है इन बातों से इनको चिढ़ है। मोदी वन नेशन वन टैक्स के सपने को कैसे साकार कर सकता है। ये इनको परेशान कर रहा है। मोदी पूरे देश के लिए मोबिलिटी कार्ड यानी वन नेशन वन कार्ड कैसे लागू कर सकता है। इससे इनको दिक्कत है। ये सब कर चुका हूं मैं, इनको इसी की परेशानी है। भाइयो-बहनो, याद कीजिए पहले सर्जिकल स्ट्राइक और फिर एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक को लेकर इन्होंने कैसे-कैसे सवाल उठाए थे। मोदी ने आतंकवादियों को घुसकर मारने की नीति को अपनाया। ये बात इनके समझ नहीं आई। आप मुझे बताइए चंडीगढ़ मेरे प्यारे बहनों, ये घुसकर के मारना ये रास्ता सही है ना। यही करना चाहिए ना? जो लोग आतंकवाद को पालते हैं पोसते हैं उसी धरती पर ठीकाने लगाना चाहिए कि नहीं चाहिए? ये मोदी सही कर रहा है? आपका आशीर्वाद है? मुझे और मजबूत बनाएंगे? साथियो, जिन्होंने पाकिस्तान की गीदड़ भभकियों से डर डरकर देश चलाया हो, उनके पास नेशनल सिक्योरिटी पर कहने के लिए कुछ नहीं है। साथियो, इसी तरह इन्होंने स्पेस में स्ट्राइक करने की क्षमता हमने हासिल की है, उस पर सवाल खड़े किए। हमारे पास दशकों से ये क्षमता थी लेकिन इंटरनेशनल प्रेशर में कांग्रेस के पैर कांपते थे। 

भाइयो-बहनो, आज मोबाइल से लेकर मिसाइल तक जब स्पेस कंट्रोल होता है तो क्या हमारा दायित्व नहीं है कि अपने सेटेलाइटों को सुरक्षित करे, अंतरिक्ष में भी चौकीदारी की क्षमता विकसित करे। साथियो, इन लोगों ने देश की सुरक्षा कैसे की है, ये भी याद रखिए, भाई आपका प्यार मुझे मंजूर भइया, सुन लिया मैंने आपका। आगे बोलूं मैं, आगे बात बढ़ाऊं, आप इजाजत देते हैं तो बढ़ाएंगे। मैं फिर एक बार कहता हूं कि चंडीगढ़ के इतने प्यार को मैं अपने सर आंखों पर चढ़ाता हूं। मैं आपका धन्यवाद करता हूं। चुनाव चल रहा है कि नहीं चल रहा है? आन-बान-शान के साथ चल रहा है कि नहीं चल रहा है? देश में आईपीएल हुआ कि नहीं हुआ? जब चुनाव चल रहा था तो चंडी माता का नवरात्री चलता था कि नही चलता था? चंडी माता का नवरात्री मनाया कि नहीं मनाया? जब चुनाव चल रहा था, आईपीएल चल रहा था, नवरात्र चल रहा था। रामनवमी का मेला आया कि नहीं आया? रामनवमी मनाई कि नहीं मनाई? हनुमान जयंती मनाई कि नहीं मनाई ? ईस्टर मनाया कि नहीं मनाया ? अभी रमजान मना रहे हैं कि नहीं मना रहे हैं। सबकुछ चल रहा है कोई रुकावट नहीं है। इतना ही नहीं, इतने सारे काम के बीच अचानक प्रकृति रुठ गई और बहुत बड़ा साइक्लोन हमारे ईस्टरन पार्टी में आया उसको भी हमने संभाला और पूरी दुनिया ने साइक्लोन के समय भारत ने जो काम किया है उसका जय जयकार किया है भाइयो। अब जरा चंडीगढ़ के लोग पढ़े लिखे हैं। यहां तीन तीन सरकारें बैठती हैं। मैं जरा पूछना चाहता हूं इतना कुछ एक साथ जब भी हो सकता है? और आपने देखा हमने कर के दिखाया तो पहले क्यों नहीं हुआ? साथियो, लोग वहीं हैं, ब्यूरोक्रेसी वहीं हैं, अफसर भी वहीं, दफ्तर भी वहीं। लेकिन पहले क्यों नहीं हुआ? आज क्यों हो रहा है? आज क्यों हो रहा है सबकुछ ? सबकुछ एक साथ क्यों हो रहा है? क्या कारण है ? क्या कारण है ? क्या कारण है ? अरे चंडीगढ़ वालों आपका जवाब गलत है। अरे यार चंडीगढ़ वालों मैं आपके बीच में रहा हूं और आप गलत जवाब देते हो। आपका जवाब गलत हैं ये सब मोदी के कारण नहीं हो रहा है। ये सब आपके एक वोट के कारण हो रहा है। ये आपके वोट की ताकत है। ये आपके वोट की ताकत है जिसने हिंदुस्तान को मजबूत सरकार दी है। और जो मजबूत सरकार एक साथ इतनी सारी चीजें संभालने की ताकत रखती है भाइयो।

भाइयो-बहनो, कांग्रेस की क्या सोच रही है ये भी आपके लिए जानना जरूरी है। कांग्रेस की इसी सोच के कारण 1984 के सिख दंगों के मामले में आज तक सभी पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिल पाया है। जब इनसे इंसाफ के बारे में पूछा जाता है तो ये अहंकार में कहते हैं हुआ तो हुआ? इनका अहंकार बोलता है हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। साथियो, दिल्ली में हजारों सिखों को घर से बाहर निकाल निकाल कर मार दिया गया। लेकिन कांग्रेस कह रही है हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। किसी के पिता को किसी के भाई को किसी के बेटे को गले में टायर डालकर जला दिया गया, लेकिन कांग्रेस कह रही है हुआ तो हुआ। साथियो, जब नामदार, नामदार परिवार का सबसे करीबी व्यक्ति, जब नामदार परिवार का सबसे बड़ा राजदार 84 के सिखों के दंगे के बारे में कहे कि हुआ तो हुआ तो आप समझ सकते हैं कि वो किसकी बोली बोल रहा है। मैं दावे के साथ कहता हूं कि अगर आज पंजाब में चुनाव न होते तो नामदार अपने उस गुरु को एक शब्द भी नहीं कहते। एक शब्द भी बोलने का नाटक नहीं करते। याद रखिए जब गुजरात के चुनाव थे तो इनके खासमखास और उनकी सरकार में बहुत महत्वपूर्ण मंत्री रहे हुए व्यक्ति उन्होंने उस दिन बोल दिया कि मोदी तो नीच है नीच। किसी ने बोल दिया कि ये तो नीच जात का है और गुजरात में तूफान खड़ा हो गया तो उन्होंने ड्रामा किया, उनको पार्टी से निकाल दिया, दिखावा किया और थोड़े दिन बाद फिर से वापस लेकर के फिर से अपने साथ जोड़ लिया। जैसे ही ये पंजाब के चुनाव की सरगर्मी पूरी होगी फिर से वो अपने गुरु को गले लगाकर निकल पड़ेंगे।

भाइयो-बहनो, गुजरात में जिसने गालियां दी थी, मेरे लिए अत्यंत खराब शब्द प्रयोग किए थे। उन्होंने फिर से कल फिर से बोल दिया वहीं बात जो उस समय बोली थी। लेकिन कांग्रेस ने उस समय ड्रामा किया था फिर वापस लिया था। लेकिन उन्होंने जो किया वो गलत किया ये कांग्रेस की सोच नहीं थी। उसी का ये परिणाम है। इतना ही नहीं अब वो ताल ठोककर कहने लगे है कि मुझे जो उन्होंने गाली दी उसमें कुछ गलत नहीं था। साथियो, नामदार के परिवार ने उनके साथियों ने इसी अहंकार के साथ देश पर दशकों तक शासन किया है। जब लाखों-करोड़ों के घोटाले होते थे कांग्रेस की क्या सोच थी? आप मेरे सवाल का जवाब दोगे? सब के सब दोगे? पूरी ताकत से दोगे? मैं जरा पूछता हूं आपको और एक-एक बात चंडीगढ़ याद रखे और घर-घर पहुंचाए। जब लाखों करोड़ों के घोटाले होते थे कांग्रेस सोचती थी हुआ तो हुआ। पूरी ताकत से बोलिए हुआ तो हुआ। जब रेल मंत्री के रिश्तेदार, जब रेल मंत्री के रिश्तेदार भर्तियों में भ्रष्टाचार करते थे कांग्रेस सोचती थी हुआ तो हुआ, हुआ तो हुआ, हुआ तो हुआ। जब योजनाओं को पूरा होने में दशकों लग जाते थे कांग्रेस सोचती थी हुआ तो हुआ, हुआ तो हुआ। वन रैंक वन पेंशन न लागू होने की वजह उसके कारण हमारे फौजी साथी परेशान थे। कांग्रेस सोचती थी हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। जब कालेधन की वजह से गरीब के हाथ से अपने घर का सपना टूट जाता था

कांग्रेस सोचती थी हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। जब छोटे कमरों में 400, 500 सेल कंपनियां चलाई जा रही थी। उनसे हजारों करोड़ का हवाला ट्रांजेक्शन होता था कांग्रेस सोचती थी हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ, हुआ तो हुआ। जब मंहगाई से मिडिल क्लास की कमर टूट रही थी रसोई का खर्चा बेतहाशा बढ़ रहा था कांग्रेस सोचती थी हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। साथियो, कांग्रेस के नामदार ने कहा था उनके नामदार कहते थे और उसको उनके दरबारी गाजे बाजे के साथ दुनिया में फैलाते थे। कांग्रेस के नामदार ने कहा था कि कांग्रेस एक सोच है अब नामदार के गुरु ने बता दिया है कि कांग्रेस की सोच है कि हुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ। भाइयो-बहनो, नामदार के वहीं गुरु हैं जिन्होंने मिडिल क्लास का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा है कि मिडिल क्लास तो सेल्फिश होता है। कांग्रेस का ढोकसला पत्र बनाने वाले इनके यहीं गुरु हैं जो कहते हैं मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ डालेंगे। साथियो, मिडिल क्लास और ईमानदार टैक्स पेयर्स का कांग्रेस ने हमेशा अपमान किया है। जबकी हमारी सरकार ने मिडिल क्लास को सम्मान दिया। इतिहास में पहली बार पांच लाख रुपये तक की इनकम इस इनकम को हमने इनकम टैक्स की प्रक्रिया में जीरो कर दिया है। इसके अलावा अपना घर खरीदने में टैक्स में छूट भी बढ़ाई गई है। पहली बार मिडिल क्लास के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम भी लाई गई हैं। इसके अलावा हमारी सरकार ने सीनियर सिटीजन के लिए टैक्स में अनेक रियायतें दी है। साथ ही नीम प्लांट्स 70 से 80 प्रतिशत सस्ते किए गए हैं।

भाइयो-बहनो, चंडीगढ़ इज ऑफ लिविंग और इज ऑफ डुइंग बिजनेस सुनिश्चित करने के लिए हम निरंतर काम कर रहे हैं। आप चंडीगढ़ वालों को खुशी होगी क्योंकि मैं चंडीगढ़ में रहा हूं तो मुझे मालूम है कि यहां हर घर में बिजली का कनेक्शन ज्यादातर घरों में गैस का चूल्हा उसके बावजूद भी लाखों लीटर केरोसिन भारत सरकार की तरफ से चंडीगढ़ को अलोट होता था। सब्सिडी वाला यहां उसका कोई खरीदार नहीं था, गिने-चुने कुछ परिवार थे जिनको केरोसिन की जरूरत पड़ती थी। लेकिन लाखों लीटर केरोसिन आता था, मैंने जांच करवाई और वो केरोसिन का उपयोग यहां के एनवायरनमेंट को बर्बाद करने के लिए ऑटो रिक्शा में ब्लैक में बेचा जाता था, और जगह में ब्लैक में बेचा ताजा था। हमने कहा सर्वे करो जिन घरों के पास गैस का चूल्हा नहीं उनकी सूची निकालो उन सबको गैस का चूल्हा पहुचाओ, एक बार सबके घर में गैस का चूल्हा आ जाए, बिजली का कनेक्शन आ जाए। और आपको खुशी होगी आज चंडीगढ़ पूरी तरह केरोसिन फ्री बनाने का काम हम कर पाए हैं भाइयो। आप सोचिए कितनी लूट चली होगी और जिनकी कमाई बंद हुई होगी वो चंडीगढ़ में किसको चुनाव लड़ने के लिए रुपये खर्च करते होंगे ये भी आपको मालूम हैं। लेकिन भाइयो-बहनो, मुझे आपकी भलाई के लिए काम करना चाहिए कि नहीं चाहिए? देश की भलाई के लिए काम करना चाहिए कि नही चाहिए? हमारे देश के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करना चाहिए की नहीं चाहिए? उसके लिए गाली पड़े तो भी करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? उसके लिए अनाप-शनाप बोला जाए तो भी करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए? इसके अलावा यहां के सीवर ट्रीटमेंट, ट्रांसपोर्ट सिस्टम, एयरपोर्ट को आधुनिक बनाने के लिए काम। हर क्षेत्र में आज हम काम कर रहे हैं।

साथियो, न्यू इंडिया में और न्यू इंडिया के लिए हमें अपमान और अहंकार की मेनेटिलिटी को हाराना है। और देश को सुरक्षित और समृद्ध बनाना है। और इसके लिए आपका हर वोट कमल के निशान पर पड़ना चाहिए। कमल पर पड़ा हर वोट मोदी के खाते में जाएगा। भाइयो-बहनो आप इतनी बड़ी तादाद में आकर के हम सबको आशीर्वाद दिए। काली दल के नाते भी यहां आएं, मैं उनका भी आभारी हूं, और आप सबका हम सबको आशीर्वाद देने के लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं, लेकिन आग्रह करता हूं कि गर्मी कितनी ही क्यों न ज्यादा हो, चंडीगढ़ ने अपने पुराने मतदान के सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे? आपके मोबाइल फोन के फ्लैश चालू कर के मुझे बताइए? सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे? सबके मोबाइल फोन के फ्लैश चालू कीजिए देखिए कैमरे वाले अब मुझे नहीं आपको रिकॉर्ड कर रहे हैं? शाबाश... ज्यादा से ज्यादा से मतदान कराओगे? ज्यादा से ज्यादा मतदान कराओगे? घर–घर जाओगे? मतदाताओं को मिलोगो? कमल का बटन दबाओगे? भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाओगे? दिल्ली में मजबूत सरकार बनाओगे? पूरी ताकत से काम करोगे? 19 तारीख तक चैन से नहीं बैठोगे? भाइयो-बहनो, आपका बहुत-बहुत आभार, जोर से बोलिए-

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

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PM Modi interacts with Energy Sector CEOs
January 28, 2026
CEOs express strong confidence in India’s growth trajectory
CEOs express keen interest in expanding their business presence in India
PM says India will play decisive role in the global energy demand-supply balance
PM highlights investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government
PM calls for innovation, collaboration, and deeper partnerships, across the entire energy value chain

Prime Minister Shri Narendra Modi interacted with CEOs of the global energy sector as part of the ongoing India Energy Week (IEW) 2026, at his residence at Lok Kalyan Marg earlier today.

During the interaction, the CEOs expressed strong confidence in India’s growth trajectory. They conveyed their keen interest in expanding and deepening their business presence in India, citing policy stability, reform momentum, and long-term demand visibility.

Welcoming the CEOs, Prime Minister said that these roundtables have emerged as a key platform for industry-government alignment. He emphasized that direct feedback from global industry leaders helps refine policy frameworks, address sectoral challenges more effectively, and strengthen India’s position as an attractive investment destination.

Highlighting India’s robust economic momentum, Prime Minister stated that India is advancing rapidly towards becoming the world’s third-largest economy and will play a decisive role in the global energy demand-supply balance.

Prime Minister drew attention to significant investment opportunities in India’s energy sector. He highlighted an investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government. He also underscored the USD 30 billion opportunity in Compressed Bio-Gas (CBG). In addition, he outlined large-scale opportunities across the broader energy value chain, including gas-based economy, refinery–petrochemical integration, and maritime and shipbuilding.

Prime Minister observed that while the global energy landscape is marked by uncertainty, it also presents immense opportunity. He called for innovation, collaboration, and deeper partnerships, reiterating that India stands ready as a reliable and trusted partner across the entire energy value chain.

The high-level roundtable saw participation from 27 CEOs and senior corporate dignitaries representing leading global and Indian energy companies and institutions, including TotalEnergies, BP, Vitol, HD Hyundai, HD KSOE, Aker, LanzaTech, Vedanta, International Energy Forum (IEF), Excelerate, Wood Mackenzie, Trafigura, Staatsolie, Praj, ReNew, and MOL, among others. The interaction was also attended by Union Minister for Petroleum and Natural Gas, Shri Hardeep Singh Puri and the Minister of State for Petroleum and Natural Gas, Shri Suresh Gopi and senior officials of the Ministry.