भ्रष्टाचार और परिवारवाद विकास, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के सबसे बड़े दुश्मन हैं: तेलंगाना के बेगमपेट हवाई अड्डे पर पीएम मोदी
विपक्ष के पास जनता की समस्याओं का कोई समाधान नहीं है, वे केवल देश के विकास कर रहे लोगों को गालियां दे रहे हैं: तेलंगाना के बेगमपेट हवाई अड्डे पर पीएम मोदी
हमने पीएम आवास योजना के 3 करोड़ घर देश भर के गरीबों को दिए हैं... लेकिन यहां की सरकार ने तेलंगाना के गरीब लोगों से ये खुशियां भी छीन लीं: पीएम मोदी

नमस्कार ।

भारत माता की...

भारत माता की...

ये मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे तेलंगाना में विकास को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए आपके बीच आने का अवसर मिला है। आज रामागुंडम में फर्टिलाइजर प्लांट के साथ-साथ रेल और रोड से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स के लोकार्पण और शिलान्यास का कार्यक्रम है।लेकिन इसके साथ ही मैं भी आपकी तरह भाजपा का एक छोटा कार्यकर्ता हूं और जब कार्यकर्ता के नाते, हमारे संजय जी ने हुक्म कर दिया कि आप हैदराबाद में कार्यकर्ताओं को मिल कर के जाइए, जो मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि कार्यकर्ता के रूप में आप सब कार्यकर्ताओं के बीच में आने का मुझे अवसर मिला है।

साथियों,
इस कार्यक्रम में आपको बधाई देने आया हूं। मैं वाकई बताता हूं कि मैं तेलंगाना के कार्यकर्ताओं से बहुत प्रभावित हूं। कदम-कदम पर आप लोग मां भारती के लिए समर्पण भाव से, निष्ठा भाव से, जिस प्रकार से डटे हो, हर जुल्म के खिलाफ, सर ऊंचा करके जंग लड़ रहे हो। निराशा के गर्त में डूबी हुई यहां की सरकार जिस प्रकार आप पर जुल्म ढा रही है, अत्याचार कर रही है। लेकिन आप बिना डरे, बिना थके, बिना झुके मां भारती की सेवा में लगे हैं, आपको बहुत-बहुत बधाई है।

भाइयों-बहनों,

मुझे अफसोस है कि तेलंगाना के नाम पर जो लोग फले-फूले, आगे बढ़े, सत्ता पाई, वो खुद तो आगे बढ़ गए लेकिन तेलंगाना को पीछे धकेल दिया। तेलंगाना का जो सामर्थ्य है, तेलंगाना के लोगों का जो टैलेंट है, उसके साथ यहां की सरकार , यहां के नेता लगातार नाइंसाफी करते रहते हैं। जिस दल पर तेलंगाना के लोगों ने सबसे ज्यादा भरोसा किया, उसी दल ने तेलंगाना के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात किया है।

लेकिन साथियों,
जब अंधेरा बहुत बढ़ जाता है, चारो तरफ घना अंधकार हो जाता है, उसी परिस्थिति में कमल का खिलना शुरू हो जाता है। भोर से ठीक पहले, उजियारे से पहले।आज तेलंगाना में भी ऐसे ही कमल खिलता नजर आ रहा है। बीजेपी के परिश्रमी, मेहनती कार्यकर्ताओं की वजह से अब तेलंगाना में अंधेरा छंटने की शुरुआत हो गई है। अभी मुनुगोड़े की जनता ने जिस प्रकार भाजपा पर भरोसा जताया है, वो अभूतपूर्व है।

मैंने देखा कि कैसे बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने पूरी की पूरी तेलंगाना राज्य सरकार को एक विधानसभा सीट पर लाकर खड़ा कर दिया। बड़े आकाओं को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया। ये दिखाता है कि जनता का आप पर आशीर्वाद है और आपकी मेहनत कैसे रंग ला रही है। हर बूथ पर कितनी ईमानदारी और लगन से काम किया है, इसका ये सबूत है भाइयों। बीते कुछ समय से जितने भी उपचुनाव हुए हैं, सभी उपचुनावों का एक ही संदेश है। तेलंगाना में सूर्योदय दूर नहीं है, तेलंगाना का अंधेरा दूर होगा, तेलंगाना में हर तरफ कमल खिलेगा।

साथियों,

बीजेपी का तेलंगाना के साथ बहुत पुराना और गहरा नाता रहा है।1984 में जब हमारी पार्टी को लोकसभा में सिर्फ 2 सीटों पर जीत मिली थी, उनमें से एक इसी राज्य की हनमकोंडा सीट थी। हमारे जंगा रेड्डी जी जीत कर आए थे। तेलंगाना के लोगों ने सबसे मुश्किल समय में हमारे जब बुरे दिन थे तब भी तेलंगाना ने हमारा साथ नहीं छोड़ा था।तेलंगाना के कार्यकर्ताओं ने जो तप किया, उसी के कारण आज बीजेपी लोकसभा में 300 से अधिक सीटों की पार्टी है।
आज तेलंगाना की जनता, बीजेपी को तेलंगाना की सबसे बड़ी पार्टी बनाने के लिए भी मन बना चुकी है।

साथियों,

21वीं सदी का भारत अपनी विरासत को संजोते हुए, आधुनिकता को अपनाते हुए तेज गति से आगे बढ़ रहा है।ये शहर तो इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का किला है किला। जब मैं ये देखता हूं कि इस आधुनिक शहर में अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो बहुत दुख होता है। ऐसा लग रहा है कि तेलंगाना की सरकार ने अंधविश्वास को राजश्रय दिया हुआ है।

यहां तेलंगाना में अंधविश्वास के नाम पर क्या-क्या हो रहा है, ये पूरे देश को लोगों को जानना चाहिए। कहां रहना है, किस दफ्तर में जाना है, किसे मंत्रिमंडल में रखना है, मंत्रिमंडल कब बनाना है, मंत्री में से किसको कब निकालना है। ये सारा अंधविश्वास तय करता है।तेलंगाना का विकास करना है, उसे पिछड़ेपन से निकालना है, तो हमें सबसे पहले यहां से हर तरह के अंधविश्वास को दूर करना होगा।

आज मैं देख रहा हूं, तेलंगाना में सुशासन और तेज़ विकास की आकांक्षा कितनी प्रबल है। अब तेलंगाना के लोग एक परिवार के बजाय, तेलंगाना के हर परिवार के लिए काम करने वाली सरकार चाहते हैं, भाजपा की सरकार चाहते हैं।
तेलंगाना की जनता Family First के बजाय People First की राजनीति चाहती हैं।

साथियों,

इस बार लाल किले से मैंने आह्वान किया है कि भ्रष्टाचार और परिवारवाद, ये विकास के, लोकतंत्र के, सामाजिक न्याय के सबसे बड़े दुश्मन हैं।आज मैं तेलंगाना में भ्रष्टाचार और परिवारवाद के विरुद्ध जो जनाक्रोश, जनता जनार्दन में जो गुस्सा है, नौजवानों में जो गुस्सा है वो आज हिंदुस्तान देख रहा है।और मैं आज तेलंगाना की जनता को आश्वस्त करता हूं- गरीब को लूटने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।

आज आपने देखा होगा कुछ लोग कार्रवाई से बचने के लिए एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं। भ्रष्टाचारियों का गठजोड़ बनाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन तेलंगाना की जनता, देश की जनता ये देख भी रही है, समझ भी रही है।

इसलिए भाजपा भ्रष्टाचार और परिवारवाद, दोनों से ही लगातार मोर्चा ले रही है। भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।आप याद करिए, पहले राशन की दुकानों में कैसे गरीबों का राशन लुट जाता था। हमने जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति का उपयोग करके करोड़ों फर्ज़ी लाभार्थियों को हटा दिया।

अब सरकार का बेनिफिट सीधे गरीब के बैंक खाते में पहुंचता है। अब केंद्र सरकार की अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन हैं। इससे घूसखोरी की आशंका कम हुई है।आज BHIM UPI के कारण देश में कैश लेनदेन की मजबूरी कम हुई है।
जब पेमेंट भी ऑनलाइन होती है, तो भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम हो जाती है।आखिर सरकार और जनता के बीच बिचौलियों की क्या जरूरत है भाई?

सरकार सीधे जनता तक पहुंचे और जनता सीधे सरकार तक, इसलिए हमने टेक्नॉलॉजी का ब्रिज बनाया है।तेलंगाना में भी भाजपा ऐसा ही भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने के लिए तैयार है।मैं बीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं से कहूंगा कि आप तेलंगाना के बूथ-बूथ में जाएं।केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिनको अभी तक नहीं मिल पाया है, उनकी मदद करें।

और एक बात।

तेलंगाना के कार्यकर्ताओं से मेरी व्यक्तिगत प्रार्थना है और मैं विश्वास करता हूं कि आप मेरी बात मानोगे...देखिए कुछ लोग निराशा के कारण, हताशा के कारण, भय के कारण, अंधविश्वास के कारण सुबह शाम मोदी को गालियां देते हैं, भांति-भांति की गालियां देते हैं, सारी डिक्शनरी उन्होंने मोदी को गालियां देने के लिए खपा ली है। मेरी आपसे प्रार्थना है कि ऐसी बातों से आप परेशान मत होना। उनके पास गालियों के सिवा देने के लिए बचा क्या है भाई, आप बिल्कुल परेशान मत हो जाइए और मैं तो पिछले 20-22 साल से वेराइटी-वेराइटी की गालियां खा चुका हूं। मेहरबानी करके इससे जरा भी परेशान मत होइएगा। शाम को उन गालियों पर थोड़ी हंसी मजाक कीजिए, बढ़िया चाय पीजिए और दूसर दिन कमल खिलने वाला है, इस खुशी में आगे बढ़िए। तो दोस्तों आप मुझे बताइए, ये गालियों से आप परेशान नहीं होंगे न, बिल्कुल नहीं होंगे न...शाबास..अरे सीना चौड़ा करके चलिए दोस्तों। देखिए, हमें याद रखना है, राजनीति सामान्य मानवी की सेवा करने और उनकी समस्याएं सुलझाने का माध्यम है।

इसलिए राजनीति में हमारा एजेंडा, हमारा मकसद, हमेशा सकारात्मक होना चाहिए, सेवा भाव से भरा होना चाहिए।लेकिन यहां तेलंगाना में जिन लोगों को सत्ता मिली, उनका सारा ध्यान मोदी को गाली देने और भाजपा को कोसने में लगा रहता है।
मुझे कभी-कभी लोग पूछते हैं आप थकते नहीं हो। अब कल मैं दिल्ली में था सुबह, फिर कर्नाटक में, फिर तमिलनाडु में, फिर रात को आंध्र में और अभी तेलंगाना में, तो लोग मुझे पूछते हैं थकते नहीं हो। तो मैंने उनको समझाया देखो भाइयों मैं डेली 2 किलो, ढाई किलो तीन किलो गाली खाता हूं और परमात्मा ने मेरे भीतर ऐसी रचना कर दी है और ईश्वर ने ऐसे आशीर्वाद दिए हैं कि ये सारी गालियां मेरे अंदर Process होकर Nutrition में Convert हो जाती हैं। एक सकारात्मक ऊर्जा बन जाती हैं। जो जनता की सेवा में काम आती है भाइयों।

भाइयों-बहनों

जो दिन रात मुझे गाली देते हैं, रोज-रोज नई-नई गालियां खोजते रहते हैं। मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि आप मोदी को कितनी ही गाली दीजिए, हम हजम कर जाएंगे। भाजपा को गाली दीजिए हमें कोई समस्या नहीं है, हम तो ऐसे ही बड़े हुए हैं, लेकिन अगर तेलंगाना के लोगों को गाली दी तो लेने के देने पड़ जाएंगे। यहां के लोगों के सपनों से खिलवाड़ किया तो मुकाबला बहुत संगीन हो जाएगा, ये समझ जाइए।

भाइयों-बहनों

मोदी और भाजपा को गाली देने से अगर तेलंगाना का भला होता है, तो देते रहिए, अगर यहां के लोगों की सुख सुविधा बढ़ती है, देते रहिए, ‘Ease of Living’ होता है देते रहिए। मोदी और भाजपा को गाली देकर अगर तेलंगाना के किसान समृद्ध हो रहे हों, तो जरूर दीजिए गाली। आज तेलंगाना के किसानों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है।आप खुद इस बात के साक्षी हैं कि यहां के हल्दी किसानों को सरकार ने किस हाल में छोड़ दिया है। आप इस बात के साक्षी हैं कि यहां विकास के रास्ते में किस तरह लगातार रोड़े अटकाए जा रहे हैं।मैं आज तेलंगाना के लोगों को भरोसा देना चाहता हूं- भाजपा तेलंगाना में पॉजिटीव एजेंडा के साथ आ रही है, हम मिलकर यहां विकास की नई गाथा लिखेंगे।

साथियों,

तेलंगाना, हैदराबाद मेरे लिए बहुत अहमियत रखता है।2013 में मैं यहां ‘नव भारत युवा भेरी’ में शामिल होने आया था।उस वक्त मैं अपनी पार्टी का पीएम उम्मीदवार भी नहीं था। मैं सिर्फ एक सीएम और प्रचार समिति का प्रमुख था।
लेकिन जो स्नेह आप लोगों से मुझे दिया, तेलंगाना ने मुझे दिया, हिंदुस्तान के लिए ये टर्निंग प्वांट बन गया है। और मैं आपके इस प्यार को कभी भूल नहीं सकता हूं और आपके इस प्यार को ब्याज समेत लौटाता रहता हूं, लौटाता रहूंगा। विकास करके लौटाता रहूंगा, भाइयों।

तब मैंने कहा था कि हमारी सरकार India First के विजन और संविधान को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।और सरकार बनाने के बाद हम निरंतर उसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं।बीते 8 वर्षों में देश ने सुशासन का एक नया रूप देखा है। पहली बार देश की जनता को लग रहा है कि गरीब की हर ज़रूरत, सरकार की प्राथमिकता बन गई है। यही कारण है कि जब 100 साल का सबसे बड़ा संकट आया तो केंद्र सरकार ने गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
पूरे देश में गरीब भूखा ना सोए, इसलिए अभी तक केंद्र सरकार 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुकी है।

इससे तेलंगाना के भी लगभग 2 करोड़ साथियों को मुफ्त राशन मिल रहा है। गरीब के जीवन की सुरक्षा हो, इसलिए हज़ारों करोड़ रुपए खर्च करके हमने मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराई।केंद्र सरकार हर लाभार्थी तक पहुंचने की अप्रोच के साथ काम कर रही है, सैचुरेशन के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन आप ये भी जानते हैं कि तेलंगाना में यहां की सरकार को गरीब के लिए होने वाले विकास कार्यों से परेशानी है।

केंद्र सरकार की सारी कोशिशों के बावजूद, यहां की सरकार ने पीएम आवास योजना के घर बनने में रोड़े अटका दिए।देशभर में पीएम आवास योजना के 3 करोड़ घर गरीबों को बनाकर हम दे चुके हैं, उनके सिर पर पक्की छत हो गई है।लेकिन तेलंगाना के गरीबों से ये सुख भी यहां की सरकार ने छीन लिया। कहां ये लोग 2 BHK फ्लैट देने वाले थे, कहां पीएम आवास के घर भी नहीं बनने दिए। मैं जानता हूं तेलंगाना के लोग इस अपराध को कभी माफ नहीं करेंगे।

साथियों,

आज तेलंगाना पॉजिटिविटी चाहता है, प्रोग्रेस चाहता है, जो सिर्फ बीजेपी ही दे सकती है।तेलंगाना के लोग ये समझ रहे हैं इसलिए यहां बीजेपी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है।और आज जो तेलंगाना में सबको दिख रहा है, ये बीते 8 वर्षों में पूरे देश का ट्रेंड है।त्रिपुरा में बीजेपी की गिनती नहीं होती थी। हमारे कार्यर्ताओं ने संघर्ष किया, जनता के मुद्दों को उठाया। आज वहां बीजेपी की मज़बूत सरकार है। इसी तरह असम, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा – इन सभी राज्यों में हम लोगों की सेवा में लगे रहे और जनता जनार्दन ने हमें भरपूर आशीर्वाद दिया।अब तो बीजेपी की सरकारें जहां एक बार बन जाती हैं, वहां बार-बार बीजेपी सरकार बन रही है।

भाइयों और बहनों,

बीजेपी के प्रति ये विश्वास- सुशासन के कारण है। वो सुशासन जिसके मूल में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का प्रण है।बीजेपी वो पार्टी है, जो युवाओं की पार्टी है, गरीब के हित में सरकार चलाती है।
अब तेलंगाना में भी हमें भाजपा को निरंतर मजबूत करना है। तेलंगाना को भ्रष्टाचार और परिवार के शिकंजे से मुक्त करना हमारा कर्तव्य है।मुझे भाजपा के लाखों कार्यकर्ता पर पूरा भरोसा है। और आप का जोश मैं देख रहा हूं, मुझे भी नई ऊर्जा मिलती है।मैं फिर एक बार आपको बहुत-बहुत बधाई देता हूं। बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं और आपकी निष्ठा को नमन करते हुए बोलिए...

भारत माता की....

भारत माता की....

भारत माता की....

बहुत-बहुत धन्यवाद !

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'भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप'
July 10, 2026

खेल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक महत्वपूर्ण पुल की तरह काम करता है, जो समुदायों को जोड़ते हुए सहयोग के नए रास्ते खोलता है।

वर्ष 2023 के खेल सहयोग समझौते के अनुरूप, भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग का रोडमैप हमारे द्विपक्षीय संबंधों की नींव को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यावहारिक और भविष्य-केंद्रित प्राथमिकताओं के साथ नए अवसर प्रस्तुत करता है।

अगले दशक में उपलब्ध अवसरों जैसे अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेल, ब्रिस्बेन में 2032 ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक खेल और भविष्य में ओलंपिक तथा पैरा-ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत की आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए, यह रोडमैप साझा प्राथमिकताओं, संसाधनों और क्षमताओं के आधार पर लक्षित सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करता है।

ऑस्ट्रेलिया और भारत के खेल प्रशासन और खेल विकास में मौजूदा अंतर को स्वीकार करते हुए और विशिष्ट तथा सामुदायिक खेलों को बढ़ावा देने में खेल निकायों, व्यवसायों, राज्य- सरकारों, विश्वविद्यालयों और सामुदायिक समूहों की नेतृत्वकारी भूमिका को समझते हुए हम दोनों देशों में संबंधित संस्थानों के बीच संवाद को सुविधाजनक बनाने और सहयोगपूर्ण कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे विभिन्न स्तरों पर मजबूत खेल साझेदारी का विकास हो सके और दोनों देशों को लाभ मिल सके।

इसका कार्यान्वयन व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित होगा, जिसमें उपलब्ध संसाधनों और प्रमुख आयोजनों की समयसीमा के अनुरूप गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

यह सहयोग जमीनी सहयोगों के माध्यम से प्रदान किया जाएगा, जो लचीली और मांग-आधारित व्यवस्थाओं से समर्थित होगा। संसाधनों की उपलब्धता की जिम्मेदारी मामले के आधार पर तय की जाएगी। इस दृष्टिकोण से व्यावहारिक, टिकाऊ और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम सुनिश्चित होते हैं।

इस रोडमैप के तहत सहयोग के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों को विशेष रूप से पहचाना गया है:

ए. क्षमता निर्माण:

भारत में प्राथमिकता वाले खेलों के लिए उच्च प्रदर्शन खेल केंद्रों की स्थापना और संचालन में सर्वोत्तम नियमों को साझा करने के लिए मिलकर काम करना।

पैरा खेलों को एक प्रमुख प्राथमिकता और सहयोग के अवसर के रूप में मान्यता देना, जिसमें पैरा वर्गीकरण, कोचिंग और प्रदर्शन समर्थन में ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञता शामिल है। इसके साथ ही जहां उपयुक्त हो, भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के बीच संभावित संबंध स्थापित करना।

ऑस्ट्रेलिया के कोच विकास मॉडलों से प्रेरणा लेते हुए, ऐसे दोतरफा आदान-प्रदान को सुगम बनाना जो भारतीय कोचों और कोच प्रशिक्षकों को ऑस्ट्रेलिया लाए और ऑस्ट्रेलियाई कोचों और कोच प्रशिक्षकों को भारत लाकर जहां उपयुक्त हो, वहां ‘ट्रेन द ट्रेनर’ दृष्टिकोण का उपयोग करना।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शारीरिक शिक्षा विनिमय कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है जिसे आपस में सीखने, सर्वोत्तम नियमों को साझा करने और स्कूली खेल, खेल विज्ञान तथा शारीरिक शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

योग और विश्व योगासन के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभों को पहचानते हुए, भारत स्थित योगासन खेल संघ, ऑस्ट्रेलिया में योग में ज्ञान साझा करने, सहयोग को बढ़ावा देने और भागीदारी को प्रोत्साहित करने के अवसरों की पहचान करेंगे।

इंडिया ऑस्ट्रेलिया हाई परफॉर्मेंस कोच डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत चुनिंदा भारतीय कोचों की क्षमता बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई खेल आयोग के साथ मिलकर काम करना।

खेल संगठनों और विश्वविद्यालयों जैसे प्रासंगिक गैर-सरकारी हितधारकों के माध्यम से ऐसे अवसरों का पता लगाना जिनके द्वारा भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित छात्रवृत्ति के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया में उच्च-प्रदर्शन कार्यक्रमों के तहत प्रतिभाशाली युवा भारतीय खिलाड़ियों का समर्थन किया जा सके।

बी. सहयोगात्मक खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान:

भारत और ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों के बीच एथलीट प्रदर्शन विश्लेषण, चोट की रोकथाम, खेल विकास, पहनने योग्य प्रदर्शन प्रौद्योगिकी, रिकवरी तकनीक और पैरा स्पोर्ट्स पर संयुक्त अनुसंधान और विकास परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना।

खेल पाठ्यक्रम के सह-विकास हेतु भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करना।

स्पोर्ट इंटीग्रिटी ऑस्ट्रेलिया और नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी इंडिया, वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) के नेतृत्व वाले क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का समर्थन करके, वाडा एशिया/ओशिनिया कार्यालय के साथ जुड़कर और यूनेस्को के खेल में डोपिंग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (कन्वेंशन) समूहों में प्रतिनिधित्व के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी प्रयासों में योगदान देना।

सी. प्रमुख खेल:

ऑस्ट्रेलियाई राज्यों और क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय खेल संगठनों के साथ सहयोग करके बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिए सर्वोत्तम विधियों का आदान-प्रदान करना।

दोनों देशों में पारस्परिक हित के खेलों (जैसे ऑस्ट्रेलिया में कबड्डी और खो खो, और भारत में ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल लीग और बास्केटबॉल) को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी मैचों और युवा आयोजनों की मेजबानी के अवसरों का पता लगाना।

ओलंपिक, पैरालंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे प्रमुख खेल आयोजनों की तैयारियों का लाभ उठाकर, प्रमुख खेल आयोजनों और उनकी तैयारियों के दौरान साझा सुविधाओं, प्रतियोगिताओं और सहायता नेटवर्क के लिए भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई खेल निकायों के बीच औपचारिक, पारस्परिक व्यवस्था स्थापित करना।

दिसंबर 2026 में चेन्नई में भारत में खेले जाने वाले पहले बिग बैश लीग मैच का स्वागत करते हुए, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को भारत में वार्षिक बीबीएल मैचों की मेजबानी के लिए प्रतिबद्धता की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करना।
डी. खेल उद्योग और निवेश मंच:

खेल उपकरण निर्माण, खेल मीडिया और प्रसारण, इवेंट मैनेजमेंट और खेल स्टार्टअप्स के क्षेत्र में भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिसंबर 2026 में मुंबई में ऑस्ट्रेलिया द्वारा वित्त पोषित खेल उद्योग शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

भारतीय खेल बाजार में ऑस्ट्रेलियाई खेल क्षेत्र के व्यवसायों के लिए और इसके विपरीत भी, सूचना सत्रों के माध्यम से सुविधा प्रदान करना।

भारत द्वारा ऑस्ट्रेलिया को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर खेल के सामानों के निर्यात को बढ़ाना।

उच्च प्रदर्शन वाले खेलों में ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञता का विस्तार करना, जिसमें कोचिंग, कोच विकास, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, एथलीट कल्याण, पोषण और मनोविज्ञान जैसी सेवाएं शामिल हैं।

ई. खेल साझेदारी में महिलाओं की भागीदारी:

ऑस्ट्रेलियाई खेल आयोग के प्रमुख कार्यक्रमों का उपयोग करते हुए, महिला नेतृत्व, स्वास्थ्य, उच्च प्रदर्शन और खेल में भागीदारी को बढ़ावा देने वाली संयुक्त पहल शुरू करना, जिसमें महिला एथलीटों के लिए द्विपक्षीय टूर्नामेंट शामिल हैं, यह मानते हुए कि खेल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, नेतृत्व, स्वास्थ्य और सामाजिक समावेश के लिए एक शक्तिशाली मार्ग है।

खेल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, नेतृत्व, स्वास्थ्य और सामाजिक समावेश के लिए एक प्रभावशाली साधन है। इसी के अनुरूप, ऑस्ट्रेलियाई खेल आयोग के प्रमुख कार्यक्रमों का लाभ उठाकर, महिलाओं के नेतृत्व, स्वास्थ्य, उच्च प्रदर्शन और खेल में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहलों की शुरुआत करना। इसमें महिला खिलाड़ियों के लिए द्विपक्षीय टूर्नामेंट भी शामिल हैं।