वियतनाम का मेरा दौरा हमारे समाजों और देशों के बीच रिश्तों को पोषित करने वालाः पीएम मोदी
हमारे लोगों को सुख-समृद्ध बनाने की हमारी प्रबल और साझा इच्छा ने भारत में हमारे सम्बन्धों का निर्माण किया हैः पीएम मोदी
हमारे सहयोग के भारी प्रभाव का जीवंत उदाहरण है The Cuu Long Delta Rice Research Institute: वियतनाम में पीएम मोदी
हमनें जो सामरिक भागीदारी से व्यापक सामरिक भागीदारी पर अपग्रेड करने का फैसला किया, बड़े पैमाने पर संतोष प्रदान करने वालाः पीएम
भारत-वियतनाम की मज़बूत भागीदारी से हमारे लोगों और देशों के लिए आएगी समृद्धि, विकास, शांति और स्थिरताः पीएम

महामहिम प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक,

विशिष्ट अथितिगण,

जिन चाओ

मुझे और मेरे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए वियतनाम सरकार और उसके नेतृत्व के लिए मैं गहरा आभार व्यक्त करना चाहता हूं।

मित्रों,

मेरी वियतनाम यात्रा हमारे दो समाजों और राष्ट्रों के बीच संबंध को मजबूती देने के लिए है। हमारे दोनों देशों के बीच संबंध की जड़ें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तौर पर काफी गहरी हैं जो करीब दो हजार साल पुराना है। ये सांस्कृतिक संबंध कई मायनों में खुद को दर्शाते हैं। इनमें सबसे प्रमुख है बौद्ध धर्म और हिंदू चाम सभ्यता के स्मारकों के साथ संबंध। हाल के दशकों में प्रगति और समृद्धि के लिए हमारे लोगों की साझा और प्रबल इच्छा ने हमारे संबंधों को आकार दिया है। भारत में, हम अपने ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता को अन्य विकासशील देशों के साथ बांटने में भरोसा करते हैं। पिछले चार दशकों से वियतनाम के साथ हमारे बहुमुखी द्विपक्षीय सहयोग की सफलता से बेहतर इसका कोई अन्य उदाहरण नहीं हो सकता। कू लांग डेल्टा राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट हमारे सहयोग के व्यापक प्रभाव का प्रमुख उदाहरण है। भारत ने मेकांग डेल्टा में संस्थान स्थापित करने में मदद की है। इसके लिए वह कृषि विशेषज्ञों को भेज रहा है और शिक्षकों को भारत में प्रशिक्षण दे रहा है। आज वियतनाम विश्व का तीसरा सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश बन चुका है। वियतनाम को प्रमुख चावल उत्पादक और निर्यातक देश के तौर पर उभरने में सहयोग करते हुए हमें खुशी हो रही है।

मित्रों,

दो साझेदारों के तौर पर हमें संयुक्त रूप से क्षेत्रीय चुनौतियों का मुकाबला और नए अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। यह काफी संतोष की बात है कि अब हमने अपने संबंधों को ‘व्यापक सामरिक साझेदारी’ के तहत बेहतर बनाने का निर्णय लिया है। अगले साल हम दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना का पैंतालिसवीं (45वीं) सालगिरह और सामरिक साझेदारी की स्थापना का दसवीं (10वीं) सालगिरह मनाएंगे। अब से कुछ महीने बाद संयुक्त रूप से हम उन पड़ावों तक पहुंच जाएंगे।

मित्रों,

मैं समझता हूं कि भारत और वियतनाम के बीच मजबूत साझेदारी से हमारे लोगों के लिए और इस व्यापक क्षेत्र में समृद्धि, विकास, शांति और स्थायित्व लाने में मदद मिलेगी। वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट नीति का एक प्रमुख स्तंभ है। हमारे द्विपक्षीय संबंध मजबूत आपसी विश्वास एवं समझ और विभिन्न क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों की समानता पर आधारित हैं।

महामहिम, देवियों और सज्जनों,

अपने साथ भोजन में शामिल होने के लिए आपको आमंत्रित करते हुए मुझे काफी खुशी हो रही है:-

• सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के महामहिम प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक और यहां उपस्थित आप सभी के बेहतर स्वास्थ्य और प्रशन्नता के लिए;

• वियतनाम के लोगों और नेतृत्व की भलाई और समृद्धि के लिए; और

• भारत एवं वियतनाम के बीच चिरस्थायी दोस्ती के लिए।

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Prime Minister speaks with the King of Jordan
March 02, 2026

Prime Minister Narendra Modi spoke with His Majesty King Abdullah II, the King of Jordan.

The Prime Minister conveyed deep concern at the evolving situation in the region. He reaffirmed support for the peace, security, and well-being of the people of Jordan.

The Prime Minister also thanked His Majesty for taking care of the Indian community in Jordan in this difficult hour.

The Prime Minister shared on X;

"Spoke with His Majesty King Abdullah II, the King of Jordan. Conveyed our deep concern at the evolving situation in the region. We reaffirm our support for peace, security and the well-being of the people of Jordan. I thanked him for taking care of the Indian community in Jordan in this difficult hour."