Swarnim Gujarat Shala Praveshotsav in urban areas from June 24 to 26

Published By : Admin | June 21, 2010 | 11:25 IST

Even as the eighth statewide annual school enrollment campaign in rural areas, called 'Shala Prveshotsav', concluded on June 19, it will be followed up by a special 'Swarnim Gujarat' 'Shala Praveshotsav' and 'Kanya Kelavni' campaign in the urban areas from June 24-26, 2010.

In all 526,045 children in the 5-plus age group were enrolled in standard one in the primary schools during the campaign from June 17 to 19. They included 252,666 girls and 273,378 girls, in addition to 5,092 children were readmitted who had left school for some reason or the other.

The campaign was launched eight years back, along with 'Kanya Kelavni' special drive to enroll girl-child and 'Gunotsav' under which weaker students were helped to improve their performance.

During the campaign, the state administration, led by Chief Minister Narendra Modi, Education Minister Ramanlal Vora and Minister of State for Education Jaysinh Chauhan, covered 4-5 villages all the three days in the remotest parts of the state. Other IAS, IPS, IFS officers, district level officers and other staff also visited different villages.

The drive also resulted in enrollment of 305,908 tiny tots, including 158,277 girls and 147,631 boys, in the pre-school playgroup called 'Anganwadi-Balmandir'.

In yet another dimension to the campaign as part of public-private participation, individuals and institutions donated Rs.8.95-crore in cash and kind to the 'Kanya Kelavni' Fund, while 'Vidya Laxmi' Bonds were distributed to 77,313 girls.

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परिणामों की सूची: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा
July 09, 2026

क्रमांक

शीर्षक

संक्षिप्त विवरण

1

रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा (जेडीडीएससी)

यह वर्तमान संयुक्त सुरक्षा घोषणा (2009) का नवीनीकरण करती है। इसमें बलों की अंतरसंचालनीयता, क्षमता निर्माण, समुद्री क्षेत्र, रक्षा औद्योगिक सहयोग, साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी, आतंकवाद विरोधी उपाय, रक्षा जोखिम प्रबंधन (एचएडीआर), और यूएनसीएलओएस, एएसईएएन, पीआईएफ, आईओआरए में एकीकृत दृष्टिकोण की सहयोग के क्षेत्रों के रूप में पहचान की गई है।

2

समुद्री सुरक्षा सहयोग प्रारूप (एमएससीआर)

सूचना साझाकरण, क्षमता विकास और परिचालन समन्वय को बढ़ावा देकर समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाता है।

3

ऊर्जा सुरक्षा पर भारत-ऑस्ट्रेलिया का संयुक्त वक्तव्य

भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

4

भारत-ऑस्ट्रेलिया नागरिक परमाणु समझौते की प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप देना

यह विधेयक 2014 में हस्ताक्षरित भारत-ऑस्ट्रेलिया नागरिक परमाणु समझौते को कार्यान्वित करता है और ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति को सक्षम बनाता है।

5

साइबर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया-भारत साझेदारी (पीएसीटीएस)

यह साइबर और साइबर-सक्षम महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहयोग पर 2020 के प्रारूप समझौते पर आधारित है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा को समर्थन देना, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक अनुकूल बनाने के लिए सहयोग को बढ़ावा देना और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल अनुकूलता में सहयोग को मजबूत करना है।

6

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री सीमा कमान (एमबीसी) के बीच समझौता ज्ञापन

आईसीजी और एमबीसी के बीच समुद्री कानून प्रवर्तन, क्षेत्र जागरूकता और समुद्री सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग स्थापित करता है।

7

ऑस्ट्रेलिया ने 2028-29 के लिए ऑस्ट्रेलिया के रक्षा महाविद्यालय में एक भारतीय सैन्य प्रशिक्षक के लिए आमंत्रण भेजा है।

वर्ष 2028-29 में ऑस्ट्रेलिया के रक्षा महाविद्यालय में एक भारतीय सैन्य प्रशिक्षक की तैनाती की घोषणा की गई।

8

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया सरकार के तकनीकी एवं उच्चतर शिक्षा मंत्रालय (टीएएफई) के बीच खनन एवं खनन उपकरण, प्रौद्योगिकी एवं सेवाओं (एमईटीएस) में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) में खनन उपकरण, प्रौद्योगिकी और सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य खनन कार्यों, खान सुरक्षा, खनिज प्रसंस्करण, खान मशीनरी आदि उप-क्षेत्रों में अकादमिक उत्कृष्टता केंद्र विकसित करना है। इससे राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के टीएएफई के बीच छात्रों/प्रशिक्षुओं का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा।

9

फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय को भारत (बेंगलुरु) में अपना परिसर स्थापित करने के लिए आशय पत्र (एलओआई) सौंपना।

इससे बेंगलुरु में फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय का परिसर स्थापित करना संभव हो सकेगा।

10

राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) और ऑस्ट्रेलिया के कौशल गुणवत्ता प्राधिकरण (एएसक्‍यूए) के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर।

यह तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) में गुणवत्ता आश्वासन के महत्व को स्वीकार करता है। यह व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रणालियों में नियामक प्रारूपों को सुदृढ़ बनाएगा, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यावसायिक मानकों के सह-विकास और संरेखण को बढ़ावा देगा और अधिकारियों के क्षमता निर्माण, कर्मचारी आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यशालाओं/अनुसंधान से जुड़ी गतिविधियों को सक्षम बनाएगा।

11

भारतीय कलाकृतियों की वापसी

भारत की 3 प्राचीन वस्तुएं वापस लाई गईं:

a. शिव के वाहन, पवित्र बैल नंदी [विवरण: तमिलनाडु, भारत, 11वीं से 12वीं शताब्दी का ग्रेनाइट]
b. शुभ काली (भद्रकाली) के साथ त्रिशूल [विवरण: तमिलनाडु, भारत, 11वीं शताब्दी का कांस्य]
c. छह सिर वाले स्कंद (कार्तिकेय) [विवरण: तमिलनाडु, भारत, 12वीं शताब्दी का बेसाल्ट]

12

रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग अकादमी का संचालन

यह परियोजना गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल ऊर्जा विश्वविद्यालय में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण एवं जल विभाग (डीसीईईडब्‍ल्‍यू), भारत की हरित रोजगार क्षेत्र कौशल परिषद (एसएससीजीजे) और रि-न्‍यू के सहयोग से स्थापित और संचालित की गई है। इसका उद्देश्य 2000 महिलाओं और युवाओं को सौर तकनीशियन/इंस्टॉलर/सहायक के रूप में प्रशिक्षित करना है। यह माननीय प्रधानमंत्री द्वारा जनवरी 2024 में शुरू की गई पीएम सूर्यघर योजना और भारत की हरित ऊर्जा यात्रा में सहयोग करती है।

13

ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसीआईटीआई) साझेदारी के अंतर्गत समझौता ज्ञापन

ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसीआईटीआई) साझेदारी के अंतर्गत उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार में त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना इसका उद्देश्य है।

14

जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया (जीए) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के बीच समझौता ज्ञापन

यह परियोजना वर्ष 2015 में हस्ताक्षरित वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर आधारित है। इसका उद्देश्य उन्नत अन्वेषण पद्धतियों को अपनाना, क्षमता निर्माण और कौशल विकास करना तथा जीएसआई अवसंरचना के तकनीकी उन्नयन और आधुनिकीकरण को सक्षम बनाना है।

15

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और आईपी ऑस्ट्रेलिया के बीच पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी तक पहुंच समझौता

आईपी ​​ऑस्ट्रेलिया को पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (टीकेडीएल) डेटाबेस तक पहुंच प्रदान करता है।

16

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और मेलबर्न विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन

यह कार्यक्रम भविष्य में सहयोग के लिए दोनों संस्थानों के बीच संबंध स्थापित करता है, जिसमें औषधि लक्ष्य पहचान की दिशा में सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रम, प्रशिक्षु कार्यक्रम और संकाय विनिमय कार्यक्रम शामिल हैं।

17

सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई), कोलकाता और ग्रिफिथ फिल्म स्कूल, साउथ ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू)

सहयोग के लिए एक अनुकूल और खुला ढांचा स्थापित करना, जिसमें संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियां और कार्यशालाएं, सिनेमा और संबद्ध क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं का विकास तथा अल्पकालिक कार्यशालाओं या ग्रीष्मकालीन विद्यालयों पर सहयोग शामिल है।

18

विक्टोरिया विश्वविद्यालय को स्वीकृति पत्र सौंपना

यह विधेयक विक्टोरिया विश्वविद्यालय को गुरुग्राम में अपना परिसर स्थापित करने और संचालित करने की अनुमति देता है।