"PM Narendra Modi has a successful visit to France"
"PM Modi addresses the members of UNESCO"
"Shri Narendra Modi meets top French leaders and business heads"
"PM Modi pays a visit to Airbus facility in Toulouse"
"Shri Narendra Modi pays respects to martyrs of World War I at Neuve Chapelle"
"PM Modi reaches out to the diaspora in Paris, pitches for India's membership in the U.N. Security Council"
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन देशों के दौरे का पहला चरण समाप्त"
"प्रधानमंत्री मोदी ने यूनेस्को के सदस्यों को संबोधित किया"
"श्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के शीर्ष नेताओं और व्यापार प्रमुखों से मुलाकात की "
"प्रधानमंत्री मोदी ने तुलूस में एयरबस सुविधा की यात्रा की"
"श्री नरेन्द्र मोदी ने नव शपैल में प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों को श्रद्धाजलि दी "
"प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता की मांग की"

9 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटलांटिक के नजदीकी देशों, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा की अपनी तीन देशों की यात्रा पर निकले। उन्हें सबसे पहले फ्रांस जाना था। श्री मोदी 10 एवं 11 अप्रैल को वहां दो दिनों तक रहे। अपनी यात्रा से पहले श्री नरेन्द्र मोदी ने ट्विटर के माध्यम से इस यात्रा पर अपनी खुशी व्यक्त की थी।

— Narendra Modi (@narendramodi) March 28, 2015

रक्षा और परमाणु ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में फ्रांस लंबे समय से भारत का भागीदार रहा है। इसके अलावा फ्रांस लगातार परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता का भी समर्थन करता रहा है। पहले ही दिन भारतीय प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से समारोहपूर्ण स्वागत किया गया। अपने दो दिनों के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के कई नेताओं और व्यापार प्रतिनिधियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रपति फ्रेंकवा ओलांद से मुलाकात की और इस मुलाकात को अत्यंत उपयोगी बताया।

— Narendra Modi (@narendramodi) April 10, 2015

प्रधानमंत्री ने यूनेस्को की महानिदेशक सुश्री इरीना बोकोवा और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति श्री निकोलस सरकोजी से भी मुलाकात की।

राष्ट्रपति ओलांद और प्रधानमंत्री मोदी ने सीन नदी में नौका यात्रा की। फ्रांस के राष्ट्रपति ने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के समृद्ध इतिहास और फ्रांस की परंपराओं के बारे में बताया।

 

Thank you President Hollande for the boat ride on the Seine. #France #Paris

A photo posted by Narendra Modi (@narendramodi) on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनेस्को के सदस्यों को भी संबोधित किया। श्री मोदी ने यूनेस्को की 70वीं वर्षगांठ पर सदस्यों से बात करने का मौका मिलने पर अपनी ख़ुशी जताई। उन्होंने दुनिया की सांस्कृतिक विरासत और भविष्य में इसे और मजबूत बनाने की दिशा में यूनेस्को की पहल और इसके प्रयासों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यूनेस्को के लिए महात्मा गांधी के संदेश को भी याद किया जिसमें गाँधी ने स्थायी शांति बनाने के लिए शिक्षा की जरूरतों पर तत्काल काम करने की मांग की थी। श्री मोदी ने कहा कि सभी देशों का सामूहिक लक्ष्य पूरी दुनिया के लिए एक सामंजस्यपूर्ण और समृद्ध भविष्य की तलाश करना है। उन्होंने भारत में शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में यूनेस्को के निरंतर सहयोग के लिए अपना आभार जताया।

भारत-फ्रांस आर्थिक मंच पर दोनों देशों के बीच 17 महत्वपूर्ण समझौते हुए। श्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस को भारत के सबसे महत्वपूर्ण मित्रों में से एक बताया और ‘मेक इन इंडिया’ पहल का समर्थन करने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। भारत-फ्रांस फोरम में भारत-फ्रांस संबंधों पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ओलांद ने भारत-फ्रांस सहयोग के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में टिकटें भी जारी की।

अपने फ्रांस दौरे के दूसरे दिन, श्री नरेन्द्र मोदी ने तुलूस में एयरबस सुविधा, सीएनईएस और नव शपैल की यात्रा की। एयरबस सुविधा में, श्री मोदी ने वहां की बुनियादी सुविधाएँ देखीं और विमानन उद्योग में नवीनतम आविष्कारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। सीएनईएस में प्रधानमंत्री ने कुछ युवा शोधकर्ताओं से मुलाकात की। उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने नव शपैल का दौरा किया जहाँ उन्होंने प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

 

We remember the courage & sacrifice of all Indian soldiers martyred in World War 1. #NeuveChapelle #Tributes #India #France

A photo posted by Narendra Modi (@narendramodi) on

A photo posted by Narendra Modi (@narendramodi) on Apr 11, 2015 at 6:57am PDT

शाम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस के कैरुसल ड्यू लुव्र में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति देख कर वे अत्यंत खुश हुए। प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत और फ्रांस के बीच साझा मूल्यों पर प्रकाश डाला। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के योगदान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति का प्रचारक रहा है। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों का जिक्र किया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता की दृढ़ता से मांग की।

अपनी यात्रा के समापन से पहले, श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति ओलांद को ‘ट्री ऑफ़ लाइफ’ पेंटिंग भेंट की।

— Narendra Modi (@narendramodi) April 12, 2015

श्री नरेन्द्र मोदी ने दो दिनों में उनकी हार्दिक मेजबानी करने के लिए फ्रांस को धन्यवाद दिया। उन्होंने यह उम्मीद जताई कि रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सामरिक भागीदारी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने फ्रेंच में ट्वीट भी किया और यह उम्मीद भी जताई कि भारत और फ्रांस आने वाले समय में कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।

— Narendra Modi (@narendramodi) April 12, 2015

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।