श्रीनगर में ‘विकसित भारत एंबेसडर’ (VBA 2024) के बैनर तले एक भव्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘रेडिसन कलेक्शन’ में आयोजित यह इवेंट एक अनूठा मंच बना, जो राष्ट्र के विकास की दिशा में सामूहिक उन्नति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विचारों और दृष्टिकोणों को एक साथ लाया।

केंद्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामय उपस्थिति से इस आयोजन को सुशोभित किया। इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री लीडर्स, पर्यावरणविदों, फर्स्ट टाइम्स वोटर्स और युवा दिमागों सहित विभिन्न क्षेत्रों के 400 से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस अवसर पर चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, फेडरेशन ऑफ कश्मीर इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन, हाउस बोट ओनर्स एसोसिएशन के प्रेजिडेंट और राइटर्स एसोसिएशन के सदस्य भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुआत विकसित कश्मीर पर एक रोचक पैनल चर्चा के साथ हुई, जो इंडस्ट्री डेवलपमेंट और सतत विकास के बीच सहजीवी संबंध पर केंद्रित थी। इसके बाद मंत्री पुरी द्वारा एक इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया, जिसमें वे एक आकर्षक प्रजेंटेशन के माध्यम से उपस्थित लोगों से जुड़े। एक स्थानीय कलाकार द्वारा चर्चाओं का लाइव डूडल कैप्चर, इस आयोजन का एक और बड़ा आकर्षण रहा।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले दशक में भारत की बदलावकारी यात्रा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही जर्मनी और जापान को पछाड़कर दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है।

 

उन्होंने कहा, "देश जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ने के लिए तैयार है और 2027-28 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।"

 

आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था 2040 तक 40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वर्तमान में यह लगभग 3.5 ट्रिलियन डॉलर है।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विकसित कश्मीर के बिना भारत की प्रगति अधूरी है।

 

उन्होंने कहा, ''विकसित कश्मीर के बिना भारत विकसित नहीं हो सकता।''

हरदीप पुरी ने भारत की आर्थिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 17वीं सदी में, भारत ने ग्लोबल GDP में 25% का महत्वपूर्ण योगदान दिया था। हालांकि, जैसा कि विशेषज्ञों ने डॉक्यूमेंटेड किया है, 1947 तक यह आंकड़ा धीरे-धीरे घटकर मात्र 2% रह गया।

 

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे भारत, जो कभी 'सोने की चिड़िया' के रूप में जाना जाता था, ने ब्रिटिश शासन के दौरान अपनी आर्थिक ताकत खो दी और स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भी संघर्षग्रस्त रहा एवं 2014 तक इसकी गिनती ‘कमजोर पांच’ देशों में होती रही।

 

पुरी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के आर्थिक विकास की राह में वास्तविक बदलाव मोदी सरकार के तहत शुरू हुआ। पिछले दशक में, देश विश्व स्तर पर शीर्ष 11 अर्थव्यवस्थाओं में से शीर्ष 5 में शामिल हो गया है।

केंद्रीय मंत्री ने सभी को विकसित भारत-2047 मिशन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, और इस बात पर जोर दिया कि इस सपने को हासिल करने के लिए बदलाव के सभी "एंबेसडर्स" की सक्रिय भागीदारी और समन्वय की आवश्यकता है।

उन्होंने मेट्रो नेटवर्क डेवलपमेंट में भारत की तीव्र प्रगति पर प्रकाश डाला और कहा कि ऑपरेशनल मेट्रो नेटवर्क लगभग 950 किलोमीटर तक फैला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले 2-3 वर्षों के भीतर, भारत का मेट्रो नेटवर्क अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन जाएगा।

 

जम्मू-कश्मीर के बारे में उन्होंने उल्लेख किया कि स्मार्ट प्रोजेक्ट के माध्यम से, कुल 6,800 करोड़ रुपये के 68 से अधिक प्रोजेक्ट्स की परिकल्पना की गई थी, जिनमें से 3,200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पहले ही पूरे हो चुके हैं।

 

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्विट्जरलैंड से भी अधिक संभावनाएं हैं लेकिन मानव निर्मित संकटों के कारण उसे असफलताओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने क्षेत्र के व्यापक विकास के लिए मोदी सरकार के समर्पण पर जोर दिया।

मंत्री ने महिला-केंद्रित से महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर एक महत्वपूर्ण सरकारी नीति बदलाव पर प्रकाश डाला। एक डिप्लोमैट के रूप में अपने 39 वर्षों के व्यापक अनुभव का लाभ उठाते हुए, उन्होंने साझा किया कि जब कोई देश महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ता है, तो आम तौर पर GDP में 20-30% की पर्याप्त वृद्धि होती है।

उन्होंने उल्लेख किया कि सरकार, आवास योजना जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए सक्रिय रूप से इस उद्देश्य को आगे बढ़ा रही है, जहां आवास, घर की महिला सदस्यों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं, और इस व्यापक मिशन के हिस्से के रूप में निर्वाचित निकायों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की व्यवस्था है। 

उन्होंने लोगों के जीवन पर मोदी सरकार की कल्याणकारी नीतियों के व्यापक प्रभाव के बारे में भी जानकारी प्रदान की। उन्होंने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि 32 करोड़ लोगों को एलपीजी सिलेंडर मिले हैं जो 2014 में 14 करोड़ कनेक्शनों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख किया, जो पिछले दस वर्षों में 14,000 किमी से बढ़कर 20,000 किमी से अधिक हो गया है।

विकसित भारत का विजन: 140 करोड़ सपने, एक उद्देश्य

विकसित भारत एंबेसडर अभियान, नागरिकों को भारत के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करता है। विकसित भारत एंबेसडर मीटिंग्स और इवेंट्स के माध्यम से नागरिक, रचनात्मक चर्चाओं में संलग्न हो सकते हैं, विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं और इस नेक काम में योगदान करने में मदद करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों का पता लगा सकते हैं।

NaMo App के माध्यम से विकसित भारत एंबेसडर अभियान का हिस्सा बनें: https://www.narendramodi.in/ViksitBharatAmbassador

दूरियों को मिटाता NaMo App

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ऐप, NaMo App एक डिजिटल ब्रिज है जो नागरिकों को विकसित भारत एंबेसडर अभियान में भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है। NaMo App नागरिकों के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है:

उद्देश्य में भागीदार बनें: साइन अप करें और एक विकसित भारत एंबेसडर बनें तथा 10 अन्य लोगों को बनाएं।

विकास की कहानियों का प्रसार: अभियान से संबंधित अपडेट, न्यूज और रिसोर्सेज तक पहुंच।

इवेंट बनाएं/शामिल हों: लोकल कार्यक्रम, मीटअप और वॉलंटियर्स ऑपर्च्यूनिटीज बनाएं और खोजें।.

कनेक्ट/नेटवर्क: समान विचारधारा वाले व्यक्तियों को खोजें और उनके साथ बातचीत करें, जो एक विकसित भारत के विजन को शेयर करते हैं।

NaMo ऐप के ‘वॉलंटियर मॉड्यूल' के 'ऑनग्राउंड टास्क' टैब में 'VBA इवेंट' सेक्शन, यूजर्स को तमाम विकसित भारत एंबेसडर इवेंट के साथ अपडेट रहने में सक्षम बनाता है।

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और राहत उपायों की समीक्षा के लिए CCS बैठक की अध्यक्षता की
March 22, 2026
आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई
किसानों के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई ताकि भविष्य में इनकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित हो सके
रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई
भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में नए निर्यात स्थलों को विकसित किया जाएगा
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो
मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के साथ पूरी लगन से काम करे: प्रधानमंत्री का निर्देश
क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के परामर्श से काम करें: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा ताकि ज़रूरी वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों कीसमिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की।

कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी खाद की ज़रूरतों का आकलन किया गया। पिछले कुछ वर्षों में खाद का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उनसे समय पर खाद की उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भविष्य में खाद की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।

यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इसी तरह, भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए, जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत पूरी लगन से काम करे। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के साथ परामर्श से काम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। ऐसी स्थिति में, नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें, ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो।