विकसित भारत एंबेसडर इवेंट के हिस्से के रूप में आयोजित संगीत और ध्यान की एक संध्या, 14 अप्रैल को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में शुरू हुई। इस भव्य कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 30,000 से अधिक लोग शामिल हुए, जिनमें आर्ट ऑफ लिविंग के शिष्य, शिक्षक, पेशेवर और राजनीतिक एवं कॉर्पोरेट क्षेत्रों के सम्मानित अतिथि शामिल थे। माननीय आध्यात्मिक गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी की उपस्थिति से सुशोभित इस समागम में आध्यात्मिक जागरण, सांस्कृतिक उत्सव और राष्ट्र के लिए प्रगतिशील चर्चा का संगम देखने को मिला।

इस आयोजन की गरिमामयी संध्या के मुख्य अतिथि, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने अपने ज्ञान और दूरदृष्टि से उपस्थितजनों को आलोकित किया। इस अवसर पर लोकसभा के दिल्ली भाजपा उम्मीदवारों सहित दिल्ली भाजपा नेतृत्व, महत्वपूर्ण मंत्रालयों के सचिव और उद्योग जगत के वरिष्ठ पेशेवरों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

अपने संबोधन में, श्री श्री रवि शंकर ने वैश्विक शक्तियों द्वारा प्रशंसित, भारत की आर्थिक और आध्यात्मिक, दोनों क्षेत्रों की प्रगति की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से नरेन्द्र मोदी सरकार की पहलों की प्रशंसा की, जिसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और स्टार्ट-अप के विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि लोगों के खातों में डायरेक्ट फंड ट्रांसफर और उद्यमियों के लिए फलता-फूलता इकोसिस्टम, विश्व पटल पर भारत के बढ़ते हुए प्रभुत्व का प्रतीक है।

आध्यात्मिक गुरु ने कहा, "आज, पैसा सीधे लोगों के खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है। साथ ही, इतने सारे स्टार्ट-अप की ग्रोथ को देखना चौंकाने वाला है; दुनिया भारत की ओर बड़ी आशा और उत्साह के साथ देख रही है।"

उन्होंने कहा, "भारत में स्टार्ट-अप की ग्रोथ अद्भुत है। उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स की संख्या में ग्रोथ ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है, जिसके परिणामस्वरूप हर ओर से 'वाह, भारत!' की प्रतिक्रिया मिली है।"

श्री श्री रवि शंकर के संदेश का केंद्र बिंदु, विविधता को अपनाने और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाना था। उन्होंने सनातन धर्म की समावेशी प्रकृति पर बल दिया, जो बिना दूसरों के प्रति कोई द्वेषभाव रखे सभी धर्मों को समाहित करता है। गुलामी की मानसिकता की बेड़ियों को उतारने की आवश्यकता पर बल देते हुए, उन्होंने नागरिकों से अपनी जड़ों और धार्मिक पहचान पर गर्व करने का आग्रह किया।

अन्य धर्मों के आध्यात्मिक स्थलों के साथ भारत के आध्यात्मिक स्थलों की तुलना करते हुए, श्री श्री रवि शंकर ने काशी विश्वनाथ के महत्व को भारत की मान्यताओं के प्रदर्शन के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने भव्य विश्वनाथ धाम के निर्माण को विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा, "काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनरुत्थान, एक विकसित भारत के उदय का संकेत देता है। यद्यपि महात्मा गांधी और इंदिरा गांधी जैसे लीडर्स द्वारा इसका संज्ञान लेने और चिंता व्यक्त करने पर भी मंदिर सात दशकों से इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियों से जूझ रहा था। आज, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, भव्य विश्वनाथ धाम पूरे वैभव के साथ खड़ा है।"

आध्यात्मिक गुरु ने लोगों के व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव का उल्लेख किया, जिसमें उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर गर्व बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, “भारत में एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण चल रहा है, जहां लोग खुले तौर पर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को अपना रहे हैं, अपनी पहचान को गर्व और आत्मविश्वास के साथ स्वीकार कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, “500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद राम जन्मभूमि मंदिर के पूरा होने के साथ, इस रामनवमी का एक ऐतिहासिक महत्व है। भारी व्यस्तताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के, इस परियोजना में व्यक्तिगत रूप से जुड़ाव और बारीकियों पर ध्यान देने के लिए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए। आज, भारत की संस्कृति और विज्ञान दोनों के लिए प्रतिबद्धता अडिग बनी हुई है।"

उन्होंने कहा, “अपनी प्रचुर समृद्धि के बावजूद, तमिल संस्कृति हमारे देश में बहुत से लोगों के लिए अज्ञात ही रही। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में तमिल संस्कृति को प्रदर्शित करने पर दिया गया जोर इस दिशा में पहला गंभीर प्रयास है। आश्चर्यजनक रूप से, तमिल चार देशों की राष्ट्रीय भाषा है, और जापानी भाषा पर 70% तमिल प्रभाव है। यह दुःखद है कि हमने इस तरह की उल्लेखनीय विरासत को अपनाने में संकोच किया है।"

गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने, विशेष रूप से वैश्विक अशांति के दौरान, राजनयिक प्रयासों में भारत की ताकत का प्रदर्शन करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों, खासकर यूक्रेन संकट से निपटने में पीएम मोदी के दृढ़ नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने भारतीय हितों की प्राथमिकता पर जोर देते हुए 'विश्वगुरु भारत' के रूप में भारत के बढ़ते वैश्विक कद पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, "यूक्रेन-रूस गतिरोध में पीएम मोदी के मध्यस्थता के प्रयास, भारत की मजबूत वैश्विक कूटनीति को रेखांकित करते हैं। पक्ष लेने के दबाव के बीच, भारत ने एक दृढ़ रुख बनाए रखा, जब दुनिया, युद्ध के कगार पर थी, तब आशा की किरण जगाई। भारत के लचीलेपन ने अन्य देशों के सामने आने वाले संभावित आर्थिक झटकों को रोक दिया।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक कद काफी ऊंचा हुआ है। हमारे पास एक ऐसे नेता हैं, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को महत्व देते हैं, अपने लोगों को समझते हैं और वैश्विक समुदाय के साथ जुड़ते हैं। सभी के लिए बुनियादी बातों को सुनिश्चित करने वाला राम राज्य का दृष्टिकोण वास्तविकता बन रहा है।”

श्री श्री रविशंकर के संदेश के मूल में आत्मनिर्भरता और गरिमा का आह्वान था। उन्होंने ‘फ्रीबीज’ पर निर्भरता के प्रति आगाह किया और व्यक्तिगत एवं राष्ट्रीय विकास में स्वाभिमान और सत्यनिष्ठा के महत्व पर बल दिया।

उन्होंने कहा, “आत्मसम्मान को प्राथमिकता देने वाले भारतीय आत्मनिर्भरता को महत्व देते हैं। थोड़ी कमाई वाले भी अपने बच्चों की शिक्षा के लिए स्वयं खर्च करने पर जोर देते हैं। आइए, ‘मुफ्त’ के लालच में आने वालों को आत्मनिर्भरता और सकारात्मकता की ओर मार्गदर्शन करें।"

गुरुदेव ने समावेशी विकास की शक्ति पर जोर दिया, जो 'सबका साथ' सिद्धांत का प्रतीक है, जो भारत की परिवर्तनकारी यात्रा को संचालित करता है। उन्होंने राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।

सामाजिक चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, उन्होंने शराब और मादक पदार्थों के सेवन को समाप्त करने की भी वकालत की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित किया तथा राष्ट्र की नियति को आकार देने वाली सामूहिक आवाज में प्रत्येक वोट के योगदान पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, "नई शिक्षा नीति, औपनिवेशिक विरासत को त्यागने की शुरुआत है, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करती है। विकसित भारत' बनने की भारत की यात्रा को रोका नहीं जा सकता।"

इस इवेंट में आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों के अनुरूप, सकारात्मकता और खुशी को बढ़ावा देने के लिए ‘विकसित भारत एंबेसड’र कार्यक्रम के मिशन पर भी प्रकाश डाला गया। सक्रिय नागरिक भागीदारी के माध्यम से, कार्यक्रम 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के पीएम मोदी के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को साकार करना चाहता है।

विकसित भारत एंबेसडर कार्यक्रम का उद्देश्य, पीएम मोदी के विजन के अनुरूप, प्रत्येक नागरिक को 2047 तक, भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के सामूहिक लक्ष्य के लिए प्रेरित करना है। इस तरह की पहल के माध्यम से, आम नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाया जाता है। जैसा कि श्री श्री रविशंकर ने उल्लेख किया है, भारत का वैश्विक महाशक्ति बनना निश्चित है।

विकसित भारत का विजन: 140 करोड़ सपने, एक उद्देश्य

विकसित भारत एंबेसडर अभियान, नागरिकों को भारत के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करता है। विकसित भारत एंबेसडर मीटिंग्स और इवेंट्स के माध्यम से नागरिक, रचनात्मक चर्चाओं में संलग्न हो सकते हैं, विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं और इस नेक काम में योगदान करने में मदद करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों का पता लगा सकते हैं।

NaMo App के माध्यम से विकसित भारत एंबेसडर अभियान का हिस्सा बनें::

https://www.narendramodi.in/ViksitBharatAmbassador

दूरियों को मिटाता NaMo App

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ऐप, NaMo App एक डिजिटल ब्रिज है जो नागरिकों को विकसित भारत एंबेसडर अभियान में भाग लेने के लिए सशक्त बनाता है। NaMo App नागरिकों के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है:

उद्देश्य में भागीदार बनें: साइन अप करें और एक विकसित भारत एंबेसडर बनें तथा 10 अन्य लोगों को बनाएं।
विकास की कहानियों का प्रसार: अभियान से संबंधित अपडेट, न्यूज और रिसोर्सेज तक पहुंच।
इवेंट बनाएं/शामिल हों: लोकल कार्यक्रम, मीटअप और वॉलंटियर्स ऑपर्च्यूनिटीज बनाएं और खोजें।
कनेक्ट/नेटवर्क: समान विचारधारा वाले व्यक्तियों को खोजें और उनके साथ बातचीत करें, जो एक विकसित भारत के विजन को शेयर करते हैं।

NaMo ऐप के ‘वॉलंटियर मॉड्यूल' के 'ऑनग्राउंड टास्क' टैब में 'VBA इवेंट' सेक्शन, यूजर्स को तमाम विकसित भारत एंबेसडर इवेंट के साथ अपडेट रहने में सक्षम बनाता है।

 

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Prime Minister Narendra Modi receives a telephone call from the US Vice President
August 08, 2026
PM and Vice President Vance review progress in the India-U.S. Strategic Partnership.
PM and Vice President Vance exchange views on regional and global developments.
PM warmly congratulates Vice President Vance and Ms. Usha Vance on the birth of their son.

Prime Minister Shri Narendra Modi received a telephone call today from the Vice President of the United States, Mr. J.D. Vance.

Prime Minister and Vice President Vance reviewed progress in the India-U.S. Comprehensive Global Strategic Partnership. They noted the sustained momentum in the high-level engagements and reaffirmed their commitment to further strengthening cooperation in trade, defence, critical and emerging technologies, energy security and critical minerals.

They also exchanged views on regional and global developments of mutual interest.

Prime Minister warmly congratulated Vice President Vance and Ms. Usha Vance on the birth of their son and conveyed best wishes to the family.