गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार का पूरा दिन उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों के साथ बिताया
केदारघाटी तक पहुंचकर हवाई निरीक्षण करने वाले प्रथम मुख्यमंत्री
उत्तराखंड के प्रभावितों को तमाम तरह की सहायता करने की गुजरात सरकार की प्रतिबद्धता
गुजरात की उच्च स्तरीय बचाव- राहत संकलन टीम को गुजराती यात्रियों को वापस भेजने और राहत, बचाव कार्य में गति लाने के निर्देश
हरिद्वार में गुजरात सरकार के राहत कैम्पों में जाकर गुजराती परिवारों की व्यथा और आपबीती सुनी
उत्तराखंड की महाविनाशक प्राकृतिक आपदा का शिकार बने व्यक्तियों के लिए किसी का भी हृदय करुणा से द्रवित हो जाए। यह आपदा सिर्फ उत्तराखंड या यहां आए भारतभर के यात्रियों की नहीं है बल्कि समग्र देश इन प्रभावितों के साथ मानवता और करूणा की संवेदना से जुड़ा हुआ है।गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड में विनाशक मेघतांडव से मची तबाही का शिकार बने चारधाम यात्रा के प्रभावित इलाकों का चार घंटे तक हवाई निरीक्षण करने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार भी उत्तराखंड के आपदा पीड़ितों और भारतभर से आए हजारों यात्रियों के तत्काल बचाव और राहत कार्यों, पुन:स्थापन के कार्य में अपनी सम्पूर्ण ताकत से योगदान देने को तैयार है।
श्री मोदी ने आज समग्र दिन उत्तराखंड में आपदा का शिकार हुए पीड़ितों और प्रभावित लोगों के साथ बिताया। हवाई निरीक्षण पूर्ण करने के बाद वह सीधे हरिद्वार पहुंचे जहां उन्होंने गुजरात सरकार के राहत शिविर में जाकर गुजराती यात्रियों से मुलाकात की, उनकी व्यथा सुनी और उनको गुजरात वापस भेजने का तत्काल व्यवस्था के बारे में मार्गदर्शन दिया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने देहरादून में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे राहत कैम्प का दौरा किया और सैंकडों नागरिकों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी की वे इस घड़ी में उनके साथ हैं।
श्री मोदी ने राहत कमिश्नर की अगवानी में आई उच्च प्रशासनिक अधिकारियों की बचाव और राहत टीम के साथ बैठक कर उत्तराखंड के आपदाग्रस्तों और खास तौर पर, गुजराती परिवारों की सार सम्भाल और उन्हें गुजरात वापस पहुंचाने के लिए, तत्काल बचाव- राहत कार्य को गति देने के निर्देश दिए। गुजरात के यात्रियों को गुजरात वापस भेजने के लिए गुजरात सरकार द्वारा लगाई गई विशेष लक्जरी बसों को मुख्यमंत्री ने प्रस्थान करवाया।
श्री मोदी ने आज मौसम खराब होने के बावजूद दोपहर को 12 बजे से शाम 4 बजे तक देहरादून से ऋषिप्रयाग, देवप्रयाग, टिहरीडेम, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चमोली, ओटेश्वर, बद्रीनाथ, गौरीकुंड, अगस्त्य मुनि, गुप्तकाशी, जोषीमठ और केदारकाशी की हिमालय की घाटियों में स्थित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया और विनाशक त्रासदी का मुआयना किया।
उत्तराखंड के हिमालय की घाटियों में स्थित तमाम प्रभावित क्षेत्रों में केदारघाटी तक पहुंचकर दुर्घटना का हवाई निरीक्षण करने वाले श्री मोदी प्रथम मुख्यमंत्री हैं। उत्तराखंड प्रशासन ने दोपहर 12 बजे हवाई निरीक्षण करने की अनुमति दी उसके बाद मुख्यमंत्री ने देहरादून से केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित तमाम यात्राधामों और रास्ते में आने वाले क्षेत्रों में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता और सरकार आपदा पीड़ितों की सम्पूर्ण सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के आम नागरिकों और यात्रियों को हुए जान, माल का नुकसान अकल्पनीय है। सड़क और कम्युनिकेशन नेटवर्क टूट जाने के कारण अभी तक ग्रामीण इलाकों से सम्पर्क हो नहीं पा रहा है। मेघतांडव और तबाही से लोगों को उबारने के लिए राहत और बचाव कार्य का भी श्री मोदी ने हवाई निरीक्षण किया।
शाम को हरिद्वार से लौटकर श्री मोदी की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुण के साथ राहत और बचाव कार्य सम्बधी बैठक आयोजित की गई है।


