प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राजनैतिक दलों के प्रमुखों की एक बैठक की आज नई दिल्ली में अध्‍यक्षता की। बैठक में 21 दलों के प्रमुख शामिल हुए।

बैठक में जिन मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया, उनमें शामिल हैः
· संसद का कामकाज सुधारने के तरीके
· एक देश, एक चुनाव
· आजादी के 75 वर्ष में नए भारत का निर्माण
· महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिये कार्यक्रम और प्रतिबद्धताएं
· आकांक्षापूर्ण जिलों का विकास

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने बैठक का संचालन किया। विभिन्न दलों के प्रमुखों ने बैठक बुलाने के लिये प्रधानमंत्री की पहल की सरहाना की। इन महत्वपूर्ण मसलों पर उनकी राय मांगी गयी।

विभिन्न दलों के प्रमुखों ने संसद के दोनों सदो में अक्सर होने वाले स्थगनों और बाधाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे सदन का कामकाज प्रभावित है और सदस्यों को मुद्दों पर अपने विचार रखने का अवसर नही मिल पाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन में चर्चा का माहौल बना रहना चाहिए। बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने आशा व्यक्त की कि 17वीं लोकसभा में लगभग आधे सदस्य पहली बार सांसद बने है जो सदन में रचनात्मक चर्चा भी भावना को आगे ले जाने का काम करेगे।

 

एक देश, एक चुनाव मुद्दों पर अनेक पार्टियों के प्रमुखों ने एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव का समर्थन किया अनेक दलों का विचार था कि इस प्रस्ताव के सभी पहलुओं का सावधानी पूर्वक अध्ययन किया जाना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि यह किसी अकेले दल का एजेंडा नही है, लेकिन यह राष्ट्रीय महत्व का एक मुद्दा है। तथा सभी दलों के विचारों पर गौर किया जायेगा और उन्हे उचित महत्व दिया जायेगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि एक देश एक चुनाव के मुद्दे के अध्ययन के लिये एक समिति गठित की जायेगी और यह एक नियत समय पर सुझाव लेकर आयेगी।
अनेक दलों की राय थी कि नई पीढ़ी को महात्मा गांधी के आदर्शों और शिक्षाओं से अवगत कराया जाये और महात्मा की 150वीं जयंती इसके लिये एक उपयुक्त अवसर है। विभिन्न दलों का यह भी मानना था कि इस अवसर पर हम देश के विकास के लिये कुछ दृढ़ संकल्प ले सकते हैं और आजादी की 75वीं वर्ष गांठ पर 2022 तक इन उद्देश्यों को पूरा करने का लक्ष्य रख सकते है।

आकांक्षापूर्ण जिलों के विकास के मुद्दों पर, सभी दलों का ठोस विचार था और उन्होने अनेक सुझावा दिए। श्री मोदी ने कहा कि सभी राज्य सरकारों को अपने सबसे पिछड़े जिलों को सबसे अच्छा काम करने वाले जिलो के बराबर लाने के लिये केंद्र के साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होने कहा कि “नए भारत ” के इसी लक्ष्य को 2022 तक हासिल किया जायेगा।
प्रधानमंत्री ने पार्टी प्रमुखों को बैठक में भाग लेने और रचनात्मक सुझाव देने के लिये धन्यवाद दिया। उन्होने कहा कि अगले कुछ वर्ष देश को प्रगति और समृद्धि के रास्ते पर ले जाने के लिये एक ऐतिहासिक अवसर है।

बैठक में शामिल होने वाले अन्य कैबिनेट मंत्रियों में गृह मंत्री श्री अमित शाह, सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री नितिन गडकरी, कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावर चंद गहलोत संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री श्री प्रहलाद जोशी शामिल थे।

 

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प्रधानमंत्री ने ज्ञान के सार को आत्मसात करने पर केंद्रित संस्कृत सुभाषित साझा किया
January 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जो ज्ञान की विशालता के बीच केवल उसके सार पर ध्यान केंद्रित करने की शाश्वत बुद्धिमत्ता पर जोर देता है।

संस्कृत श्लोक-

अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।
यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥

यह सुभाषित इस भाव को व्यक्त करता है कि यद्यपि ज्ञान प्राप्ति के लिए असंख्य शास्त्र और विविध विद्याएँ उपलब्ध हैं, किंतु मानव जीवन समय की सीमाओं और अनेक बाधाओं से बंधा हुआ है। अतः, मनुष्य को उस हंस के समान बनना चाहिए जो दूध और पानी के मिश्रण में से केवल दूध को अलग करने की क्षमता रखता है अर्थात, हमें भी अनंत सूचनाओं के बीच से केवल उनके सार—उस परम सत्य को पहचानना और ग्रहण करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:

“अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।

यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥”