प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को देश के नाम अपने ऐतिहासिक संबोधन में आर्थिक सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए 500 और 1000 के नोट पर रोक लगा दी। उन्होंने बताया कि अर्थव्यवस्था पर कालेधन के बढ़ते प्रभाव के कारण 500 और 1000 के नोटों पर रोक लगानी जरूरी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार और काले धन रूपी दीमक से मुक्त कराने के लिए एक और सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है। साथ ही प्रधानमंत्री ने ये भी बताया कि आप अपनी गाढ़ी कमाई को किसी भी नजदीकी बैंक या हेड डाकघर या सब डाकघर में जाकर जमा और बदल सकते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन सभी महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने वर्ष 1930 में आज ही के दिन शुरू हुए दांडी मार्च में भाग लिया था।
प्रधानमंत्री ने सत्य की विजय पर बल देने वाले एक संस्कृत सुभाषितम् को भी साझा किया:
“सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥”
सुभाषितम् का संदेश है कि सत्य की सदैव विजय होती है और असत्य अंततः नष्ट हो जाता है। इसलिए, उसी मार्ग का अनुसरण करना चाहिए जिस पर चलकर ऋषियों ने परमानंद प्राप्त किया और परम सत्य को जाना।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट में लिखा;
“सन् 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण!
सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥”
सन् 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण!
— Narendra Modi (@narendramodi) March 12, 2026
सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः।
येनाक्रमन्त्यृषयो ह्याप्तकामा यत्र तत्सत्यस्य परमं निधानम्॥ pic.twitter.com/8xIDgxvx9y


