रिपब्लिक बांग्ला- मोदी जी, रिपब्लिक बांग्ला में पहली बार बहुत बहुत स्वागत है।

पीएम मोदी-सबको नमस्कार

रिपब्लिक बांग्ला- बहुत बहुत शुक्रिया मोदी जी। मोदी जी, ये जो पूरा माहौल है यहां जो हजारों में लोग आए हैं, क्या कुछ नहीं हुआ, ये प्रोग्राम को बंद करने के लिए, लोगों को रोका गया, 144, वन फोर्टीफोर इस्यू कर दिया गया बहुत सारे जगहों पर, रोक नहीं पाए, ममता बनर्जी को मोदी से इतना डर क्यों है?

पीएम मोदी- उनको मुझसे डर नहीं है, वो स्वंय से डरती हैं। उनको लगता है कि उन्होंने जो झूठी मायाजाल खड़ी की हुई है, वो गुब्बारा फूट चुका है। बंगाल की जनता, उनके कुकर्मों को भलीभांति समझ गई है और बंगाल के नागरिकों का, बंगाल की भावी पीढ़ी का औऱ बंगाल का वो भारी नुकसान कर रही हैं। ये अब बंगाल के लोगों के मन में कनविन्स हो चुका है। औऱ इसलिए वो बचने के लिए रास्ते खोज रहीं हैं।

रिपब्लिक बांग्ला- क्या लग रहा है मोदी जी बहुत ही बेहतरीन इस बार रिजल्ट बंगाल से होगा? बार बार आप बोल रहे हैं।

पीएम मोदी-मैंने पूरे देश के चुनाव में भ्रमण किया है, मैंने 2014 का चुनाव भी देखा था, 2019 का चुनाव भी देखा और मैं कह सकता हूं चुनाव 14 का हो या 19 का, ये चुनाव उससे बहुत अलग है। ये चुनाव अपार विश्वास का चुनाव है। और एक प्रकार से यह चुनाव पूरी तरह देशवासी इस चुनाव को लीड कर रहे हैं। देशवासियों के पुरूषार्थ से चुनाव आगे बढ़ रहा है। हमलोग तो निमित्त हैं। और सामान्य मानवी का संकल्प बन गया है विकसित भारत का, ये इस कैंपेन की बहुत बडी एचीवमेंट है।

रिपब्लिक बांग्ला- मोदी जी, 21 दिन हो गए, तीन हफ्ते, हुमायूं कबीर जो तृणमूल के एमएलए हैं उसने बोला था, हिन्दुओं को काटकर भागीरथ में बहा देंगे। उसके बाद ममता बनर्जी ने तो ना नहीं बोला, उसके ऊपर रामकृष्ण मिशन भारत सेवाश्रम को इंसल्ट किया और इसके बाद बोला रामायण, महाभारत सबकुछ खत्म हो जाएंगे, कुरान-वुरान, लेकिन विकास का जो मेरा कहानी है वो खत्म नहीं होगा। ऐसा क्यों कर रही हैं ममता जी?

पीएम मोदी- देखिए, ममता जी की राजनीति इसी पर निर्भर है। वोट बैंक की राजनीति के लिए वोट जिहाद के लिए, वो लगातार रामनवमी पर प्रतिबंध लगाना, दुर्गा विसर्जन पर प्रतिबंध लगाना, कोई जयश्रीराम बोले तो लड़ाई लड़ लेना औऱ वो परंपरा उनकी अपनी पार्टी के हर व्यक्ति में आय़ी है। औऱ इसलिए सभी हिन्दुओं को डूबो देने की, बहा देने की, बोलने की हिम्मत कर रहे हैं। इससे बड़ा देश का कोई दुर्भाग्य नहीं हो सकता है। और नेशनल मीडिया जो आए दिन, जो खान मार्केट गैंग है, वो ऐसे-ऐसे विषयों को उछालती है, उनके ध्यान में ये नहीं आता है कि ये इतना गंभीर मुद्दा है कि देशवासियों को गंगा में बहा देने की बातें हो रही हैं। ममता जी तो चुप हैं, उनकी पूरी गैंग चुप है।

रिपब्लिक बांग्ला-मोदी जी, बंगाल जहां पर हम खडे हैं एक टाइम इंडिया का कैपिटल हुआ करता था, हमलोग का क्या कुछ नहीं था, इंडस्ट्री, ट्रेड कल्चर हमलोग का सबकुछ था। अभी हमलोगो का जो ग्लोरी है वो है नही। आप ये गारंटी दे सकते हैं क्या, जिस फैक्टरी को आप सिंगूर से टाटा का फैक्ट्री सांणद में लेकर गए थे, अगर यहां पर डबल इंजन सरकार हो तो सिंगूर में फैक्ट्री होगा, नंदीग्राम में फैक्ट्री होगा, भावोर में, डायमंड हार्बर में सब जगह फैक्ट्री होगा औऱ हम मुबंई दिल्ली के साथ टक्कर देंगे, विकास में?

पीएम मोदी- मेरा गुजरात का अनुभव है। गुजरात एक ऐसा राज्य है जहां दस साल में सात साल अकाल होता है। गुजरात के पास कोई मिनरल्स नहीं है,जो बंगाल के पास है। ज्यादा से ज्यादा हमारे पास नमक है, औऱ कुछ नहीं है। उसके बावजूद भी हमने धीरे-धीरे मेहनत करके उसको एक इंडस्ट्रियल स्टेट बना दिया। बंगाल का तो पूरा हिस्ट्री इंडस्ट्री का है। बंगाल के पास बहुत बड़े प्राकृतिक संसाधन है। लेकिन पहले यहां वाम वालों ने लाल झंडे के जूलूस निकाल-निकाल करके, सारी इंडस्ट्री को ताला लगा दिया, लोग भाग-भाग कर कहीं औऱ चले गए। अब बाद में सोचा था कि शायद टीएमसी आएगी तो सुधार करेगी, अब वो इंनवेस्टमेंट समिट कर रही है। लेकिन किसी भी इंनवेस्टर को जो सुरक्षा चाहिए, जो विश्वास चाहिए कि यहां कि पॉलिसी में स्टैबिलिटी रहेगी, वो जब तक नहीं आता है कौन इंडस्ट्रिलिस्ट आएगा। औऱ इसलिए बंगाल के विकास के लिए, बंगाल के नौजवानों के भविष्य के लिए, इस सरकार को हटाना सबसे बड़ी प्राइरोरटी होनी चाहिए।

रिपब्लिक बांग्ला- मोदी जी-मोदी जी आप खुद अगर डबल इंजन सरकार हो,you have been one of the experts in bringing business in Gujarat, बंगाल के लिए वो क्या करेंगे आप?

पीएम मोदी- मैंने उनको पहले भी एडवाइज दी है कि आपको ये ये करना चाहिए औऱ मैं हिन्दुस्तान के हर राज्य को, क्योंकि हमने जी20 अलग-अलग राज्यों में क्यों किया, इसलिए किया कि उन राज्यों का प्रोजेक्शन हो। वे अपने राज्य को फोकस करें, ताकि दुनिया का ध्यान जाए। मेरी तरफ से जो भी मदद चाहिए, मैं बढ़ चढ़कर मदद देना चाहूंगा।

रिपब्लिक बांग्ला-मोदी जी बहुत बहुत धन्यवाद रिपब्लिक बांग्ला के सभी दर्शकों की तरफ से, ये जो चीज है इससे शायद बहुत कुछ पता चल रहा है। इस बार क्या यहां पर भी मोदी सरकार?

पीएम मोदी- मैं मानता हूं कि पूरे देश में हमारा बेस्ट परफारमेंस बंगाल के लोकसभ के चुनाव में रहने वाला है।

रिपब्लिक बांग्ला-बहुत बहुत धन्यवाद सर

पीएम मोदी-बहुत बहुत धन्यवाद नमस्कार

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।