प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 'पुनरुत्थान के लिये शिक्षा पर अकादमिक नेतृत्व' विषय पर दिनांक 28 सितम्बर, 2018 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे जिसमें 350 से अधिक विश्वविद्यालयों के कुलपति/ निदेशक भाग लेने जा रहे हैं । यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय खुला विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एवं श्री गुरु गोविंद सिंह त्रिशताब्दी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है ।
सम्मेलन का विषय भारतीय शिक्षा व्यवस्था के समक्ष चुनौतियों पर चर्चा करना एवं अकादमिक परिणामों व शिक्षा संबंधी नियमनों में बदलाव की प्राप्ति के लिये योजना तैयार करना है ।
सम्मेलन का उद्घाटन आदरणीय प्रधानमंत्री द्वारा सुबह 10:30 बजे किया जा रहा है, जिसके बाद आठ अकादमिक विषयों पर निम्न सत्र शुरु होंगेः
i. शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षण के लिये शिक्षा शास्त्र में बढ़ोतरी करना- अनुकूल शिक्षा प्राप्ति के लिये कृत्रिम बुद्धिमता
ii. रोजगार की खोजबीन से रोजगार की रचना करने की ओर- नवोन्मेष एवं उद्यमिता में वृद्धि
iii. अनुसंधान की गुणवत्ता में वृद्धि- भारत की आवश्यकताओं पर ज़ोर
iv. शैक्षिक संस्थानों के मध्य तालमेल लाना- अकादमिक संसाधनों जैसे पुस्तकालयों का साझाकरण एवं ज्ञान का आदान-प्रदान
v. समावेशी एवं समेकित परिसरों का निर्माण- ऐसी गतिविधियां शुरु करना जो छात्रों में परिसर से भावनात्मक लगाव ला पाए
vi. समावेशी शासन प्रणाली के उदाहरण- शासन व्यवस्था में छात्रों की भागीदारी की सुविधा देना
vii. सुदृढ़ वित्तीय मॉडल की रचना- पूर्व छात्रों एवं कॉरपोरेट घरानों से निधि प्राप्त कर सरकारी संसाधनों का न्यूनतापूरण करना
viii. शिक्षा में सार्वभौमिक मूल्य एवं जीवन संबंधी कौशल लाकर नैतिक शिक्षा को प्रोत्साहन देना
सम्मेलन के समापन सत्र की अध्यक्षता मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे, जिसमें आठ समूहों में से प्रत्येक समूह आगे बढ़ने के बारे में रज़ामंद कदमों पर प्रस्तुतिकरण देगा । इस पर आगे पूर्ण अधिवेशन के दौरान भी चर्चा होगी एवं इस बात की संभावना है कि देश में उच्च शिक्षा के विकास के लिये एक विस्तृत कार्ययोजना निकल कर आए ।


