प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति-निर्वाचित महामहिम यून सुक-योल के साथ फोन पर बात की।

प्रधानमंत्री ने महामहिम यून को कोरिया गणराज्य के हाल के राष्ट्रपति चुनावों में मिली उनकी जीत पर बधाई दी।

दोनों राजनेताओं ने विशेष रूप से वर्तमान वैश्विक संदर्भ में भारत-कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक एवं मजबूत करने के महत्व पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की, जिनमें त्वरित द्विपक्षीय सहयोग की संभावना है और दोनों राजनेता इस उद्देश्य के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए।

दोनों राजनेताओं ने अगले साल भारत और कोरिया गणराज्य के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ को संयुक्त रूप से मनाने की अपनी इच्छा पर भी बल दिया।

प्रधानमंत्री ने महामहिम यून को अपनी सुविधानुसार जल्द से जल्द भारत आने के लिए आमंत्रित किया।

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प्रधानमंत्री ने एकता, पारस्परिक सहयोग और सामूहिक संकल्प की शक्ति पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 03, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि जब नागरिक एकता और पारस्परिक सहयोग के सूत्र में बंधे होते हैं, तब राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। श्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प के बल पर देश निरंतर प्रगति की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा:

"जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प से आज देश उन्नति की नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च।

धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥"

जिस प्रकार लकड़ी के टुकड़े अलग-अलग रहने पर अपनी पूरी ऊर्जा प्रदर्शित नहीं कर पाते, लेकिन एक साथ आने पर प्रज्वलित होकर प्रकाश और ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, उसी प्रकार किसी राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि और शक्ति उसके नागरिकों की एकता, पारस्परिक सहयोग तथा सामूहिक संकल्प पर निर्भर करता है।