दिन: 02 (3 और 4 अगस्‍त 2014)

लोग मिले: राष्‍ट्रपति डा. रामबरन यादव, नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला, संविधान सभा के अध्‍यक्ष नेपाल के विदेश मंत्री महेन्‍द्र बहादुर पांडेय और नेपाली व्‍यवसायिक समुदाय और राजनीतिक दलों के अन्‍य नेता

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने पशुपति नाथ मंदिर में सोमवार, 4 अगस्‍त 2014 को पूजा की

 प्रधानमंत्री ने अपनी दूसरी द्विपक्षीय यात्रा इस क्षेत्र में नेपाल में करते हए सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने की प्रबिद्धता जतायी।

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भारत के पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की दिशा में एक और सकारात्‍मक कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने दो दिवसीय (3 से 4 अगस्‍त 2014) नेपाल यात्रा की। उन्‍हें नेपाल की सरकार ने वार्ताएं आगे बढ़ाने तथा रिश्‍ते मजबूत करने के लिए औपचारिक तौर पर आमंत्रित किया था।  नेपाल की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा, “यह सीता और जनक की भूमि है, नेपाल-भारत संबंध हिमालय और गंगा जितने पुराने हैं।”

इससे पूर्व नेपाल रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने हिमालयी राष्‍ट्र की यात्रा से पूर्व अपने भाव प्रकट किए। उन्‍होंने इस बात पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की कि प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के कुछ ही सप्‍ताह के भीतर उन्‍हें नेपाल की यात्रा का अवसर मिला। यात्रा पर जाने से पहले उन्‍होंने कहा, “मेरी यात्रा हमारी प्रकृति, इतिहास, संस्‍कृति, अध्यात्म और धर्म की साझा विरासत को प्रदर्शित करती है। यह यात्रा नेपाल के साथ हमारे संबंधों की मेरी सरकार की उच्‍च प्राथमिकता और हमारे संबंधों को एक नये स्‍तर पर ले जाने के निश्चय को उजागर करती है।”

किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की बीते 17 साल में यह पहली द्विपक्षीय नेपाल यात्रा है। यात्रा के दौरान अपने विशेष विमान में प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं अपनी यात्रा के दौरान नेपाली नेतृत्‍व के साथ विभिन्‍न मुद्दों पर व्‍यापक विचार विमर्श करूंगा।मैं हमारे दो तेजी से उभरते देशों के बीच नयी सदी में नये संबंधों की शुरुआत के लिए नेपाल के नेतृत्‍व के साथ मिलकर काम करने की उम्‍मीद करता हूं।”

उन्‍होंने कहा, “हम व्‍यापार और निवेश, जलविद्युत, कृषि और कृषि प्रसंस्‍करण, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, संस्‍कृति और खेल सहित प्रमुख क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए कदमों की पहचान करेंगे। मैं नेपाली नेतृत्‍व और उनके व्‍यवासियक नेताओं के साथ इस बात पर भी विचार विमर्श करूंगा कि हम दोनों देशों के युवाओं के लिए नये अवसर सृजित करने और उन्‍हें सशक्‍त बनाने के लिए नए डिजिटल युग का किस तरह पूरी तरह दोहन कर सकते हैं।”

नेपाल की दो दिवसीय यात्रा 

प्रधानमंत्री पहले विदेशी नेता हैं जिन्‍होंने रविवार 3 अगस्‍त 2014 को नेपाल की संविधान सभा-सह-संसद को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के साथ इस अवसर पर राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और विदेश सचिव सुजाता सिंह भी मौजूद थीं।

नेपाल के प्रधानमंत्री श्री सुशील कोइराला जिन्‍होंने अपने भारतीय समकक्ष के शपथ ग्रहण समारोह में पधारकर शोभा बढ़ाई थी, श्री मोदी के स्‍वागत के लिए काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे।

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एक तीर्थयात्री के तौर पर नेपाल की अपनी यात्रा को याद करते हुए उन्‍होंने अपना भाषण हिन्‍दी में शुरु करने से पहले नेपाली भाषा में कहा, “मैं इस देश में मित्र के तौर पर आने पर खुश हूं और मैं यहां प्रधानमंत्री के रूप में आकर खुश हूं।”

उन्‍होंने जैसे ही नेपाली भाषा में संसद को संबोधित करना शुरु किया तो उनके शब्‍द नेपाली लोगों के दिल को छू गए।

अपनी यात्रा के बारे में उन्‍होंने कहा, “जिस दिन से मैं प्रधानमंत्री बना, नेपाल के साथ रिश्‍ते मजबूत करना मेरी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता रही है।”

https://www.rediff.com/news/slide-show/slide-show-1-want-to-make-nepal-a-hit-top-10-quotes-from-modis-speech-in-nepals-parliament/20140803.htm

नेपाली संसद को संबोधित करते हए

नेपाली संसद को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने नेपाल को 10,000 करोड़ रुपये की ऋण सहायता देने की घोषणा की। विकास का हर फार्मूला जानने वाले व्‍यक्ति ने जलविद्युत की अपार क्षमता वाले नेपाल के विकास के लिए HIT फार्मूला दिया। भारतीय प्रधानमंत्री ने HIT का मतलब बताते हुए कहा- H: हाइवे, I: आई-वे और T- ट्रांसवेज। श्री मोदी ने कहा कि इन तीनों का एक साथ मिलन से देश के तीव्र विकास का मार्ग प्रशस्‍त होगा और भारत जल्‍द से जल्‍द यह तोहफा देना चाहता है।

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री कोइराला और विदेश मंत्री महेन्‍द्र बहादुर पांडेय से रविवार को नेपाल में बातचीत की।

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बैठक के बाद नेपाल के विदेश मंत्री महेन्‍द्र बहादुर पांडेय ने कहा, “मोदी परिणामोन्‍मुखी व्‍यक्ति हैं और वह आर्थिक समृद्धि को प्राथमिकता देते हैं। वह नेपाल के साथ संबंध मजबूत करना चाहते हैं।”

नेपाल के प्रधानमंत्री के विदेश नीति सलाहकार, दिनेश भट्टराई के अनुसार प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारतीय और नेपाली सरकार के अधिकारियों की मौजूदगी में कोइराला से कहा,“मेरी यात्रा विकास और दोनों देशों के बीच एक नई शुरुआत पर केंद्रित है।”

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श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री को आश्‍वस्‍त किया कि नेपाल में जारी शांतिवार्ताएं नेपाल की जरूरत के हिसाब से पूरी होंगी क्‍योंकि यह पूरी तरह नेपाल का मामला है।

दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में अधिकारियों ने तीन सहमति पत्रों पर हस्‍ता‍क्षर किए:

  • नेपाल में पर्यटन विकास
  • नेपाल में गोइत्रे नियंत्रण कार्यक्रम
  • सरकारी नियंत्रण वाले टीवी चैनल दूरदर्शन और नेपाल टेलीविजन के बीच परस्‍पर सहयोग

उन्‍होंने पंचेश्‍वर विकास प्राधिकरण के मुद्दे पर भी शर्तों का आदान प्रदान किया।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने हिमालयी राष्‍ट्र को सड़कें और जलविद्युत परियोजनाओं में में मदद के बतौर एक अरब डालर की मदद की घोषणा की।

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने उम्‍मीद जतायी कि भारत-नेपाल संबंध दक्षिण एशिया की साझेदारी और समृद्धि के लिए “आदर्श और प्रेरकबल” का काम करेंगे।

श्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार 4 अगस्‍त, 2014 को प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की 

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मंदिर में दर्शन करने के बाद अपनी प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍होंने कहा, “आज सुबह पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने का आशीर्वाद प्राप्‍त हुआ।”

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उन्‍होंने राष्‍ट्रपति डा. रामबरन यादव से भी मुलाकात की। डा. रामबरन यादव ने नेपाली भाषा में प्रधानमंत्री के भाषण के संबंध में कहा, “आपने कल संसद में अपने भाषण के जरिये हमारा दिल जीत लिया है।”

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नेपाली राजनीतिक दलों और व्‍यवसायिक समुदाय के नेताओं से भी मुलाकात की।

इसके अलावा श्री नरेन्‍द्र मोदी ने यूनीफाइड कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी) के अध्‍यक्ष पुष्‍प कमल दहल से भी मुलाकात की।

नेपाल यात्रा के दौरान जीत बहादुर को उनके बिछुड़े परिवार से मिलाया

श्री मोदी की नेपाल यात्रा व्‍यक्तिगत मामले में भी एक ऐतिहासिक यात्रा थी। नेपाल की उनकी यात्रा के दौरान उनके साथ नेपाल का एक लड़का भी था जिसकी मदद प्रधानमंत्री बीते कई वर्षों से कर रहे हैं। उन सबके लिए यह बेहद भावुक क्षण था।

श्री मोदी ने ट्वीट किया, “… काफी यम पहले मेरी मुलाकात एक असहाय बालक से हुई जिसका नाम जीत बहादुर था। उसे अपने बारे में कुछ भी पता नहीं था और उसे कोई भी भाषा ठीक से समझ नहीं आती थी। भगवान की कृपा से मैने उसके भविष्‍य की चिंता करना शुरु किया। जल्‍द ही उसकी रुचि पढ़ाई में जाग गई और उसने गुजराती भाषा भी समझनी शुरु कर दी।

जीत बहादुर ने कई वर्ष पूर्व अपना घर छोड़ा था। वह किसी भी तरह अहमदाबाद पहुंचा जहां उसकी मुलाकात श्री मोदी से हुई। इसके बाद श्री मोदी ने उसकी शिक्षा की जिम्‍मेदारी संभाली। कुछ साल पहले नेपाल का एक व्‍यवसायी श्री मोदी से मिला। उन्‍होंने व्‍यवसायी को बताया‍ कि अगर इस लड़के के परिवार को पता चल जाये तो वह नेपाल की यात्रा पर अवश्‍य जायेंगे। निश्चित समय में परिवार का पता लगा लिया गया और जीत बहादुर को उसके बिछुड़े परिवार से मिलाया। इस यात्रा के दौरान श्री मोदी को नेपाल यात्रा पर जीत बहादुर को साथ ले जाने और उसके परिवार से मिलने का अवसर प्राप्‍त हुआ।

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भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के स्‍वागत के लिए उत्‍सुक था नेपाल 

नेपाल के लोगों को यह यात्रा शुरु होने से पहले ही काफी उम्‍मीदें थीं। सुशील कोइराला के विदेश संबंध सलाहकार दिनेश भट्टराई ने कहा, “मोदी की यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।”

शहर के प्रमुख रास्‍तों और गलियों में भारत और नेपाल के झंडे लगाए गये थे।

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नेपाल में इस इस यात्रा को लेकर लोग इतने उत्‍साहित थे कि वे श्री मोदीजी की एक झलक पाने को सड़कों पर खड़े हो गये। श्री मोदी ने भी लोगों से जुड़ने के विशेष प्रयास किए। यह बेहद प्‍यारा नजारा था।

श्री नरेन्‍द्र मोदी को विशेष स्‍वागत देते हुए नेपाल के स्‍पीकर सुभाष चंद्र नामबांग ने इलाम से एक विशेष चाय का आर्डर दिया। इलाम, नेपाल में एक जगह है जो विश्‍वस्‍तरीय चाय पैदा करता है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की नेपाल यात्रा को एक महत्‍वपूर्ण राजनियक कदम तथा हिमालयी राष्‍ट्र के साथ रिश्‍ते सुधारने की दिशा में एक सकारात्‍मक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam emphasising on collective strength and resolve for progress and well-being of the nation
March 11, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, shared a Sanskrit Subhashitam emphasising on collective strength and resolve for progress and well-being of the nation:

“स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव।

पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥”

The Prime Minister said that boundless strength of the people of India is the axis of the nation's development. Through our capabilities and mutual trust, we have realized every resolve and will continue to do so in the future.

The Subhashitam conveys that, may we continuously walk on the auspicious path like the sun and the moon. May we move forward together with mutual nonviolence, harmony, and wisdom, and with each others’ support towards progress and well-being.

The Prime Minister wrote on X;

“भारतवासियों की असीम शक्ति ही देश के विकास की धुरी है। अपने सामर्थ्य और परस्पर विश्वास से हम हर संकल्प को साकार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे।

स्वस्ति पन्थामनुचरेम सूर्याचन्द्रमसाविव।

पुनर्ददाताघ्नता जानता सङ्गमेमहि॥”