डॉ. सिंह का जीवन भावी पीढ़ियों को विपरीत परिस्थितियों से उबरकर ऊंचाइयों को प्राप्त करना सिखाता है: प्रधानमंत्री
डॉ. सिंह को हमेशा एक दयालु व्यक्ति, एक विद्वान अर्थशास्त्री और सुधारों के लिए समर्पित नेता के रूप में याद किया जाएगा: प्रधानमंत्री
डॉ. सिंह का विशिष्ट संसदीय जीवन उनकी विनम्रता, सौम्यता और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण रहा: प्रधानमंत्री
डॉ. सिंह हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों के व्यक्तियों के साथ संपर्क बनाए रखते थे और सभी के लिए आसानी से उपलब्ध रहते थे: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक वीडियो संदेश जारी कर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह का निधन राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है और विभाजन के दौरान भारत आने के बाद बहुत कुछ खोने के बावजूद डॉ. सिंह एक सफल व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह का जीवन भावी पीढ़ियों को सिखाता है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों से ऊपर उठकर ऊंचाइयों को प्राप्त किया जाए।

श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. सिंह को हमेशा एक दयालु व्यक्ति, एक विद्वान अर्थशास्त्री और सुधारों के लिए समर्पित नेता के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने अर्थशास्त्री के रूप में विभिन्न स्तरों पर भारत सरकार में डॉ. सिंह के कई योगदानों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में डॉ. सिंह की भूमिका की भी सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्री पी.वी. नरसिंह राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह ने देश को वित्तीय संकट से निकालकर एक नए आर्थिक मार्ग पर आगे बढ़ाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के रूप में देश के विकास और प्रगति में डॉ. सिंह के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों और देश के विकास के प्रति डॉ. सिंह की प्रतिबद्धता को हमेशा उच्च सम्मान दिया गया।

श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि डॉ. सिंह का जीवन उनकी ईमानदारी और सादगी का प्रतिबिंब था। उन्होंने डॉ. सिंह का विशिष्ट संसदीय करियर उनकी विनम्रता, सौम्यता और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री ने स्‍मरण किया कि इस वर्ष की शुरुआत में राज्यसभा में डॉ. सिंह के कार्यकाल के अंत में भी उन्होंने डॉ. सिंह के समर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्हें सभी के लिए प्रेरणा स्रोत बताया था। अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद डॉ. सिंह ने व्हीलचेयर पर बैठकर महत्वपूर्ण सत्रों में भाग लिया और अपने संसदीय कर्तव्यों का निर्वहन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने और शीर्ष सरकारी पदों पर रहने के बावजूद डॉ. सिंह ने अपनी साधारण पृष्ठभूमि के मूल्यों को कभी नहीं भुलाया। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह हमेशा दलीय राजनीति से ऊपर रहे, सभी दलों के लोगों से संपर्क बनाए रखा और सभी के लिए आसानी से उपलब्ध रहे। श्री मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के समय और बाद में दिल्ली में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर डॉ. सिंह के साथ अपनी स्‍वतंत्र चर्चा को याद किया। उन्होंने डॉ. सिंह के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और देशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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प्रधानमंत्री ने सम्मान और सराहना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 17, 2026

प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करती है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-

“त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌ ।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”

यह सुभाषित संदेश देता है कि जब हमें किसी व्यक्ति द्वारा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है, तो हम अत्यंत गर्व और सौभाग्य का अनुभव करते हैं। यह पूर्णतः सत्य है कि महान व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान किसी व्यक्ति के भीतर उसके स्वयं के गुणों के प्रति आत्मविश्वास को गहराई से जगाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।

त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”