इसरो के वैज्ञानिकों को उनकी उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई: मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी #MannKiBaat
भारत ने एक साथ 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण करने वाला दुनिया का पहला देश बन इतिहास रच दिया: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
इसरो का सस्ता और प्रभावी स्पेस प्रोग्राम पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन गया है: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
युवाओं में विज्ञान के प्रति रूचि बढ़नी चाहिए। हमें ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिकों की आवश्यकता है: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
लोग डिजिटल करेंसी की ओर बढ़ रहे हैं, डिजिटल ट्रांजेक्शन में भी इजाफा हो रहा है: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
यह जानकर बेहद खुशी हो रही है कि अबतक लकी ग्राहक योजना और लकी-धन योजना के तहत 10 लाख लोगों को ईनाम दिया जा चुका है: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
यह बेहद खुशी की बात है कि किसानों के अथक परिश्रम के वजह से खाद्यान्नों की उपज में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
बाबा साहेब अम्बेडकर को याद करते हुए प्रत्येक भारतीय को कम से कम 125 लोगों को भीम ऐप डाउनलोड करने के बारे में बताना चाहिए: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
सरकार, समाज, संस्थाएं, संगठन और यहां तक की प्रत्येक व्यक्ति स्वच्छता के कुछ न कुछ प्रयास कर रहा है: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
ब्लाइंड टी-20 वर्ल्ड कप जीतने और हमारा मान बढ़ाने के लिए हमारी टीम को शुभकामनाएं: प्रधानमंत्री #MannKiBaat
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब यह सामाजिक शिक्षा का विषय बन गया है: प्रधानमंत्री #MannKiBaat

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | सर्दी का मौसम अब जाने को है | वसन्त के मौसम ने हम सबके जीवन में दस्तक दे दी है | पतझड़ के बाद पेड़ों में नये पत्ते आने लगते हैं | फूल खिलते हैं | बाग़-बगीचे हरे-भरे हो जाते हैं | पक्षियों का कलरव मन को भाने लगता है | फूल ही नहीं, फल भी पेड़ की शाखाओं पर खिली धूप में चमकते नज़र आते हैं | ग्रीष्म ऋतु के फल आम के मंजर वसन्त में ही दिखने लग जाते हैं | वहीं खेतों में सरसों के पीले फूल किसानों को उम्मीदें बंधाते हैं | टेसू या पलाश के सुर्ख फूल होली के आने का संकेत करते हैं | अमीर ख़ुसरो ने मौसम के इस बदलाव के पलों का बड़ा मज़ेदार वर्णन किया है | अमीर ख़ुसरो ने लिखा है:-

“फूल रही सरसों सकल बन,

अम्बवा फूटे, टेसू फूले,

कोयल बोले, डार-डार”

 

जब प्रकृति ख़ुशनुमा होती है, मौसम सुहावना होता है, तो इंसान भी इस मौसम का पूरा लुत्फ़ उठाता है | वसन्त पंचमी, महाशिवरात्रि और होली का त्योहार इंसान के जीवन में ख़ुशियों के रंग डालता है | प्रेम, भाईचारा, मानवता से ओत-प्रोत वातावरण में हम आख़िरी महीने फाल्गुन को विदा करने वाले हैं और नये मास चैत्र का स्वागत करने को तैयार बैठे हैं | वसन्त ऋतु इन्हीं दो महीनों का तो संयोग है |

मैं सबसे पहले तो देश के लाखों नागरिकों का इस बात से आभार व्यक्त करता हूँ कि ‘मन की बात’ के पहले, जब मैं सुझाव माँगता हूँ, ढ़ेर सारे सुझाव आते हैं | NarendraModiApp पर, Twitter पर, Facebook पर, डाक से, मैं इसके लिये सबका आभारी हूँ |

 

मुझे शोभा जालान, उन्होंने NarendraModiApp पर लिखा है कि बहुत सारी public ISRO की उपलब्धियों के बारे में aware नहीं है | और इसलिये उन्होंने कहा है कि मैं 104 satellites के launch और interceptor missile के बारे में कुछ जानकारी दूँ | शोभा जी, आपका बहुत-बहुत आभार कि भारत के गर्व की मिसाल को आपने याद किया | चाहे ग़रीबी से निपटना हो, बीमारियों से बचना हो, दुनिया से जुड़ना हो, ज्ञान, जानकारियाँ पहुँचाना हो - technology ने, विज्ञान ने, अपनी जगह दर्ज़ करा दी है | 15 फ़रवरी, 2017 भारत के जीवन में गौरवपूर्ण दिवस है | हमारे वैज्ञानिकों ने विश्व के सामने भारत का सर गर्व से ऊँचा किया है | और हम सब जानते हैं कि ISRO ने कुछ वर्षों में कई अभूतपूर्व mission सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं | मंगल ग्रह पर ‘Mars Mission’ ‘मंगलयान’ भेजने की कामयाबी के बाद अभी पिछले दिनों ISRO ने अन्तरिक्ष के क्षेत्र में, एक विश्व रिकॉर्ड बनाया | ISRO ने mega mission के ज़रिये एक साथ विभिन्न देशों, जिसमें अमेरिका, इज़राइल, कज़ाकस्तान, नीदरलैंड, स्विट्ज़रलैंड, यू.ए.ई. और भारत भी, 104 satellites अन्तरिक्ष में सफलतापूर्वक launch किए हैं | एक-साथ 104 satellites को अन्तरिक्ष में भेजकर इतिहास रचने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया | और ये भी खुशी की बात है कि यह लगातार 38वाँ PSLV का सफल launch है | यह न केवल ISRO के लिये, बल्कि पूरे भारत के लिये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है | ISRO का यह cost effective efficient space programme सारी दुनिया के लिये एक अजूबा बन गया है और विश्व ने खुले मन से भारत के वैज्ञानिकों की सफलता को सराहा है |

 

भाइयो-बहनो, इन 104 satellites में एक बहुत ही महत्वपूर्ण है - Cartosat 2D - ये भारत का satellite है और इसके माध्यम से खींची हुई तस्वीरों, संसाधनों की mapping, infrastructure, विकास का आकलन, urban development के planning के लिये उसकी बहुत मदद मिलेगी | ख़ास करके मेरे किसान भाई-बहनों को देश में जो सभी जल स्रोत है, वो कितना है, उसका उपयोग कैसे हो सकता है, क्या-क्या ध्यान रखना चाहिए, इन सारे विषयों पर ये हमारा नया satellite Cartosat 2D बहुत मदद करेगा | हमारे satellite ने जाते ही कुछ तस्वीरें भेजी हैं | उसने अपना काम शुरू कर दिया है | हमारे लिये ये भी ख़ुशी की बात है कि इस सारे अभियान का नेतृत्व, हमारे युवा वैज्ञानिक, हमारी महिला वैज्ञानिक, उन्होंने किया है | युवाओं और महिलाओं की इतनी ज़बरदस्त भागीदारी ISRO की सफलता में एक बड़ा गौरवपूर्ण पहलू है | मैं देशवासियों की तरफ़ से ISRO के वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ | आम जनता के लिये, राष्ट्र की सेवा के लिये, अन्तरिक्ष विज्ञान को लाने के अपने objective को, वे सदैव बनाये रखा है और नित नये-नये कीर्तिमान भी वो रचते जा रहे हैं | हमारे इन वैज्ञानिकों को, उनकी पूरी टीम को हम जितनी बधाइयाँ दें, उतनी कम हैं |

शोभा जी ने एक और भी सवाल पूछा है और वो है भारत की सुरक्षा के संबंध में | भारत ने एक बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है, उसके विषय में | इस बात की ज़्यादा अभी चर्चा नहीं हुई है, लेकिन शोभा जी का ध्यान गया है इस महत्वपूर्ण बात पर | भारत ने रक्षा के क्षेत्र में भी Ballistic Interceptor Missile का सफल परीक्षण किया है | interception technology वाले इस missile ने अपने trial के दौरान ज़मीन से क़रीब-क़रीब 100 किलोमीटर की ऊँचाई पर दुश्मन की missile को ढेर करके सफलता अंकित कर दी |  सुरक्षा के क्षेत्र में ये बहुत ही महत्वपूर्ण सिद्धि है | और आपको जान करके ख़ुशी होगी, दुनिया के मुश्किल से चार या पाँच ही देश हैं कि जिन्हें ये महारत हासिल है | भारत के वैज्ञानिकों ने ये करके दिखाया | और इसकी ताक़त ये है कि अगर 2000 किलोमीटर दूर से भी, भारत पर आक्रमण के लिये कोई missile आती है, तो ये missile अन्तरिक्ष में ही उसको नष्ट कर देती है |

जब नई technology देखते हैं, कोई नई वैज्ञानिक सिद्धि होती है, तो हम लोगों को आनंद होता है | और मानव जीवन की विकास यात्रा में जिज्ञासा ने बहुत अहम भूमिका निभाई है | और जो विशिष्ट बुद्धि प्रतिभा रखते हैं, वो जिज्ञासा को जिज्ञासा के रूप में ही रहने नहीं देते, वे उसके भीतर भी सवाल खड़े करते हैं, नई जिज्ञासायें खोजते हैं, नई जिज्ञासायें पैदा करते हैं | और वही जिज्ञासा, नई खोज का कारण बन जाती है | वे तब तक चैन से बैठते नहीं, जब तक उसका उत्तर न मिले | और हज़ारों साल की मानव जीवन की विकास यात्रा का अगर हम अवलोकन करें, तो हम कह सकते हैं कि मानव जीवन की इस विकास यात्रा का कहीं पूर्ण-विराम नहीं है | पूर्ण-विराम असंभव है | ब्रह्मांड को, सृष्टि के नियमों को, मानव के मन को जानने का प्रयास निरंतर चलता रहता है | नया विज्ञान, नयी technology उसी में से पैदा होती है | और हर technology, हर नया विज्ञान का रूप, एक नये युग को जन्म देता है |

 

मेरे प्यारे नौजवानो, जब हम विज्ञान और वैज्ञानिकों के कठिन परिश्रम की बात करते हैं, तो कई बार मैंने ‘मन की बात’ में इस बात को कहा है कि हमारी युवा-पीढ़ी का विज्ञान के प्रति आकर्षण बढ़ना चाहिए | देश को बहुत सारे वैज्ञानिकों की ज़रूरत है | आज का वैज्ञानिक आने वाले युगों में आने वाली पीढ़ियों के जीवन में एक स्थायी  बदलाव का कारण बनता है |

महात्मा गाँधी कहा करते थे – “No science has dropped from the skies in a perfect form. All sciences develop and are built up through experience.”

पूज्य बापू ने ये भी कहा था – “I have nothing but praise for the zeal, industry and sacrifice that have animated the modern scientists in the pursuit after truth.”

विज्ञान जब जन-सामान्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रख करके उन सिद्धांतों का सहज उपयोग कैसे हो, उसके लिए माध्यम क्या हो, technology कौन सी हो, क्योंकि सामान्य मानव के लिये तो वही सबसे बड़ा महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है | पिछले दिनों, नीति आयोग एवं भारत के विदेश मंत्रालय ने 14वें प्रवासी भारतीय दिवस के समय एक बड़ी unique प्रकार की competition की योजना की थी | समाज उपयोगी innovation को invite किया गया | ऐसे innovations को identify करना, showcase करना, लोगों को जानकारी देना और ऐसे innovation जन-सामान्य के लिये कैसे काम आएं, mass production कैसे हो, उसकी commercial utilisation कैसे हो, और मैंने जब उसे देखा, तो मैंने देखा कि कितने बड़े महत्वपूर्ण काम किए हैं | जैसे अभी एक innovation मैंने देखा, जो हमारे ग़रीब मछुआरे भाइयों के लिये बनाया गया है | एक सामान्य Mobile App बनाई है | लेकिन उसकी ताक़त इतनी है कि मछुआरा fishing के लिये जब जाता है, तो कहाँ जाना, सबसे ज्यादा fish zone अच्छा कहाँ पर है, हवा की दिशा क्या है, speed क्या है, लहरों की ऊँचाई कितनी है - यानि एक Mobile App पर सारी जानकारियाँ उपलब्ध और इससे हमारे मछुआरे भाई बहुत ही कम समय में जहाँ अधिक मछलियाँ हैं, वहाँ पहुँच करके अपना अर्थ-उपार्जन कर सकते हैं |

कभी-कभी समस्या भी समाधान के लिये विज्ञान की महत्ता को प्रदर्शित करती है | मुंबई के अन्दर 2005 में बहुत बारिश हुई, flood आया, समंदर में भी भरती आ गई और बहुत परेशानियाँ हुईं | और जब कोई भी प्राकृतिक संकट आता है, तो सबसे पहले संकट ग़रीब को आता है | दो लोगों ने बड़े मन से इसमें काम किया और उन्होंने एक ऐसे मकान की रचना को विकसित किया, जो ऐसे संकट से घर को बचाता है, घर में रहने वालों को बचाता है, जल भराव से भी बचाता है, water borne disease से भी बचा सकता है | ख़ैर, बहुत सारे innovations थे |

कहने का तात्पर्य ये है कि समाज में, देश में इस प्रकार की भूमिका के लोग बहुत होते हैं | और हमारा समाज भी तो technology driven होता जा रहा है | व्यवस्थायें technology driven होती जा रही हैं | एक प्रकार से technology हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन रही है | पिछले दिनों ‘डिजि-धन’ पर बड़ा बल दिखाई दे रहा है | धीरे-धीरे लोग नकद से निकल करके digital currency की तरफ़ आगे बढ़ रहे हैं | भारत में भी digital transaction बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है | ख़ास कर के युवा पीढ़ी अपने mobile phone से ही digital payment की आदी बनती जा रही है | ये शुभ संकेत मानता हूँ मैं | हमारे देश में पिछले दिनों ‘लकी ग्राहक योजना’, ‘डिजि-धन व्यापारी योजना’ उसको भारी समर्थन मिला है | क़रीब-क़रीब दो महीने हो गये हैं, प्रतिदिन 15 हज़ार लोगों को एक हज़ार रुपये का इनाम मिलता है | और इन दोनों स्कीमों के ज़रिये भारत में digital भुगतान को एक जन-आन्दोलन बनाने की एक पहल - पूरे देश में इसका स्वागत हुआ है | और ये ख़ुशी की बात है कि अब तक ‘डिजि-धन योजना’ के तहत दस लाख लोगों को तो इनाम मिल चुका है, पचास हज़ार से ज़्यादा व्यापारियों को इनाम मिल चुका है और क़रीब-क़रीब डेढ़ सौ करोड़ से भी ज्यादा रकम इस इनाम में, इस महान अभियान को आगे बढ़ाने वाले लोगों को मिली है I इस योजना के तहत सौ से ज़्यादा ग्राहक ये हैं, जिनको एक-एक लाख रुपये का इनाम मिला है I चार हज़ार से ज़्यादा व्यापारी वो हैं, जिनको पचास-पचास हज़ार रुपये के इनाम मिले हैं I किसान हों, व्यापारी हों, छोटे उद्यमी हों, पेशेवर हों, घरेलू महिलायें हों, विद्यार्थी हों, हर कोई इसमें बढ़-चढ़ करके हिस्सा ले रहा है, उनको लाभ भी मिल रहा है I जब मैंने उसका analysis पूछा कि भई, देखिये सिर्फ नौजवान ही आते हैं कि बड़ी आयु के लोग भी आते हैं, तो मुझे ख़ुशी हुई कि इनाम प्राप्त करने वालों में 15 साल के युवा भी हैं, तो पैंसठ-सत्तर साल के बुज़ुर्ग भी हैं I

मैसूर से श्रीमान संतोष जी ने हर्ष जताते हुए NarendraModiApp पर लिखा है कि उन्हें ‘लकी ग्राहक योजना’ के तहत एक हज़ार रुपये का reward मिला I लेकिन सबसे बड़ी बात जो उन्होंने लिखी है, जो मुझे लगता है कि मुझे share करना चाहिए I उन्होंने कहा कि मुझे एक हज़ार रुपये का ये reward मिला और उसी समय मेरे ध्यान में आया कि एक ग़रीब वृद्ध महिला के घर में आग लग गई थी, सामान जल गया था, तो मुझे लगा कि जो मुझे इनाम मिला है, शायद इसका हक़ इस ग़रीब वृद्ध माँ का है, तो मैंने हज़ार रुपये उसी को दे दिए I मुझे इतना संतोष मिला I संतोष जी, आपका नाम और आपका काम हम सबको संतोष दे रहा है I आपने एक बहुत बड़ा प्रेरक काम किया I

दिल्ली के 22 वर्षीय कार चालक भाई सबीर, अब वो अपने कामकाज में नोटबंदी के बाद digital कारोबार से जुड़ गए और सरकार की जो ‘लकी ग्राहक योजना’ थी, उसमें वो एक लाख रुपये का इनाम मिल गया I अब आज वो कार चलाते हैं, लेकिन एक प्रकार से इस योजना के ambassador बन गये हैं I सभी पैसेंजरों को पूरा समय ये digital का ज्ञान देते रहते हैं | इतने उत्साह से बातों को बताते रहते हैं, औरों को भी प्रोत्साहित करते हैं I

महाराष्ट्र से एक युवा साथी पूजा नेमाड़े, जो P.G. की छात्रा हैं, उन्होंने भी RuPay Card, e-wallet का उपयोग अपने परिवार में कैसे हो रहा है और इसको करने में कितना आनंद आ रहा है, इसका अपना अनुभव अपने साथियों को share करती रहती हैं I और एक लाख रुपये का इनाम उसके लिये कितना मायने रखता है, लेकिन उसने इसे एक अपने mission mode में ले लिया है और वो भी औरों को इस काम के लिये लगा रही हैं I

मैं देशवासियों से, देश के युवकों से ख़ासकर करके और इस ‘लकी ग्राहक योजना’ या तो ‘डिजि-धन व्यापार योजना’ - उन्हें जो इनाम मिला है, उनसे मैं आग्रह करूँगा कि आप स्वयं इसके ambassador बनिए I इस आंदोलन का आप नेतृत्व कीजिए I आप इसको आगे बढ़ाइए और ये काम एक प्रकार से भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ़ जो लड़ाई है, इसमें बहुत बड़ी अहम भूमिका है इसकी I इस काम में जुड़े हुए हर कोई मेरी दृष्टि से, देश में एक नई anti corruption cadre हैं I एक प्रकार से आप शुचिता के सैनिक हैं I आप जानते हैं कि ‘लकी ग्राहक योजना’ - सौ दिन जब पूरे होंगे I 14 अप्रैल डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म-जयंती का पर्व है I यादगार दिवस है I 14 अप्रैल को एक बहुत बड़ा करोड़ों रुपयों के prize का draw होने वाला है I अभी क़रीब चालीस-पैंतालीस दिन बचे हैं I बाबा साहेब अम्बेडकर को याद रखते हुए क्या आप एक काम कर सकते हैं ? अभी-अभी बाबा साहेब अम्बेडकर की 125वीं जयंती गई है I उनका स्मरण करते हुए आप भी कम-से-कम 125 लोगों को BHIM App download करने का सिखाएँ I उससे लेन-देन कैसे होती है, वो सिखाएँ और ख़ास करके अपने आस-पास के छोटे-छोटे व्यापारियों को सिखाएँ I इस बार की बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती और BHIM App, इसको विशेष महत्व दें और इसलिये मैं कहना चाहूँगा, डॉ. बाबा साहेब ने रखी नींव को हमें मज़बूत बनाना है I घर-घर जाकर सबको जोड़ कर 125 करोड़ हाथों तक BHIM App पहुँचाना है I पिछले दो-तीन महीने से, ये जो movement चला है, उसका असर ये है कि कई township, कई गाँव, कई शहरों में बहुत ही सफलता प्राप्त हुई है I

    मेरे प्यारे देशवासियो, हमारे देश की अर्थव्यवस्था के मूल में कृषि का बहुत बड़ा योगदान है I गाँव की आर्थिक ताक़त, देश की आर्थिक गति को ताक़त देती है I मैं आज एक बहुत ख़ुशी की बात आपको कहना चाहता हूँ I हमारे किसान भाइयों-बहनों ने कड़ी मेहनत करके अन्न के भंडार भर दिए हैं I हमारे देश में किसानों के परिश्रम से इस वर्ष record अन्न उत्पादन हुआ है I सारे संकेत यही कह रहे हैं कि  हमारे किसानों ने पुराने सारे record तोड़ दिये हैं I खेतों में इस बार फ़सल ऐसी लहराई है, हर रोज़ लगने लगा, जैसे पोंगल और बैसाखी आज ही मनाई है I इस वर्ष देश में लगभग दो हज़ार सात सौ लाख टन से भी ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है I हमारे किसानों के नाम जो आख़िरी record अंकित हुआ था, उससे भी ये 8% ज़्यादा है I तो ये अपने-आप में अभूतपूर्व सिद्धि है I मैं विशेष रूप से देश के किसानों का धन्यवाद करना चाहता हूँ I किसानों का धन्यवाद इसलिये भी करना चाहता हूँ कि वे परंपरागत फ़सलों के साथ-साथ देश के ग़रीब को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग दालों की भी खेती करें I क्योंकि दाल से ही सबसे ज़्यादा प्रोटीन ग़रीब को प्राप्त होता है I मुझे ख़ुशी है कि मेरे देश के किसानों ने ग़रीबों की आवाज़ सुनी और क़रीब-क़रीब दो सौ नब्बे लाख हेक्टेयर धरती पर भिन्न-भिन्न दालों की खेती की | ये सिर्फ दाल का उत्पादन नहीं है, किसानों के द्वारा हुई मेरे देश के ग़रीबों की सबसे बड़ी सेवा है I मेरी एक प्रार्थना को, मेरी एक विनती को, मेरे देश के किसानों ने जिस प्रकार से सिर-आँखों पर बिठा करके मेहनत की और दालों का record उत्पादन किया, इसके लिये मेरे किसान भाई-बहन विशेष धन्यवाद के अधिकारी हैं I

    मेरे प्यारे देशवासियो, ये हमारे देश में, सरकार के द्वारा, समाज के द्वारा, संस्थाओं के द्वारा, संगठनों के द्वारा, हर किसी के द्वारा, स्वच्छता की इस दिशा में कुछ-न-कुछ चलता ही रहता है I एक प्रकार से हर कोई किसी-न-किसी रूप में स्वच्छता के संबंध में जागरूक व्यवहार करता नज़र आ रहा है I सरकार निरंतर प्रयास कर रही है I पिछले दिनों Water and Sanitation का जो हमारा भारत सरकार का मंत्रालय है ‘पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय’ | हमारे सचिव के नेतृत्व में 23 राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों का एक कार्यक्रम तेलंगाना में हुआ I और तेलंगाना राज्य के वारंगल में सिर्फ बंद कमरे में seminar नहीं, प्रत्यक्ष स्वच्छता के काम का महत्व क्या है, उसको प्रयोग करके करना I 17-18 फ़रवरी को हैदराबाद में toilet pit emptying exercise का आयोजन किया I छह घर के toilet pits ख़ाली करके उसकी सफ़ाई की गई और अधिकारियों ने स्वयं ने दिखाया कि twin pit toilet के उपयोग हो चुके गड्ढों को, उसे ख़ाली कर पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है I उन्होंने यह भी दिखाया कि यह नई technique के शौचालय कितने सुविधाजनक हैं और इन्हें ख़ाली करने में सफ़ाई को लेकर के कोई असुविधा महसूस नही होती है, कोई संकोच नही होता है, जो psychological barrier होता है, वो भी आड़े नही आता है I और हम भी और सामान्य सफ़ाई करते हैं, वैसे ही एक toilet  के गड्ढे साफ़ कर सकते हैं I और इस प्रयास का परिणाम हुआ, देश के media ने इसको बहुत प्रचारित भी किया, उसको महत्व भी दिया और स्वाभाविक है, जब एक IAS अफ़सर खुद toilet के गड्ढे की सफ़ाई करता हो, तो देश का ध्यान जाना बहुत स्वाभाविक है I और ये जो toilet pit की सफ़ाई है और उसमें से जो जिसे आप-हम कूड़ा-कचरा मानते हैं, लेकिन खाद की दृष्टि से देखें, तो ये एक प्रकार से ये काला सोना होता है I waste से wealth क्या होती है, ये हम देख सकते हैं I और ये सिद्ध हो चुका है | छह सदस्यीय परिवार के लिये एक standard ‘Twin Pit Toilet’ - ये model लगभग पाँच वर्ष में भर जाता है I इसके बाद कचरे को आसानी से दूर कर, दूसरे pit  में redirect किया जा सकता है I छह-बारह महीनों में pit में जमा कचरा पूरी तरह से decompose हो जाता है I यह decomposed कचरा  handle करने में बहुत ही सुरक्षित होता है और खाद की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण खाद ‘NPK’ | किसान भली-भाँति ‘NPK’ से परिचित हैं I Nitrogen, Phosphorous, Potassium - ये पोषक तत्वों से पूर्ण होता है I और यह कृषि क्षेत्र में बहुत ही उत्तम खाद माना जाता है I

जिस प्रकार से सरकार ने ये initiative लिया है, औरों ने भी बहुत initiative ऐसे प्रयोग किए होंगे I और अब तो दूरदर्शन में स्वच्छता समाचार का एक विशेष कार्यक्रम आता है | उसमें ऐसी बातें जितनी उजागर होंगी, उतना लाभ होगा I सरकार में भी अलग-अलग department स्वच्छता पखवाड़ा regular मनाते हैं I मार्च महीने के प्रथम पखवाड़े में महिला और बाल विकास मंत्रालय, उनके साथ जनजाति विकास मंत्रालय - Tribal Affairs Ministry - ये स्वच्छता अभियान को बल देने वाले हैं I और मार्च के दूसरे पखवाड़े में और दो मंत्रालय - Ministry of Shipping पोत परिवहन मंत्रालय और Ministry of Water Resources, River Development and Ganga Rejuvenation - ये मंत्रालय भी मार्च के आख़िरी दो सप्ताह स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने वाले हैं I  

हम जानते हैं कि हमारे देश का कोई भी नागरिक जब भी कुछ अच्छा करता है, तो पूरा देश एक नई ऊर्जा का अनुभव करता है, आत्मविश्वास को बढ़ाता है | Rio Paralympics में हमारे दिव्यांग खिलाड़ियों ने जो प्रदर्शन किया, हम सबने उसका स्वागत किया था | इसी महीने आयोजित Blind T-20 World Cup के final में भारत ने पाकिस्तान को हराते हुए लगातार दूसरी बार world champion बन करके देश का गौरव बढ़ाया | मैं एक बार फिर से टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई देता हूँ | देश को हमारे इन दिव्यांग साथियों की उपलब्धि पर गर्व है | मैं ये हमेशा मानता हूँ कि दिव्यांग भाई-बहन सामर्थ्यवान होते हैं, दृढ़-निश्चयी होते हैं, साहसिक होते हैं, संकल्पवान होते हैं | हर पल हमें उनसे कुछ-न-कुछ सीखने को मिल सकता है |

    बात चाहे खेल की हो या अंतरिक्ष-विज्ञान की - हमारे देश की महिलायें किसी से पीछे नहीं हैं | क़दम से क़दम मिला करके आगे बढ़ रही हैं और अपनी उपलब्धियों से देश का नाम रोशन कर रही हैं | पिछले कुछ दिनों में एशियाई Rugby Sevens Trophy हमारी महिला खिलाड़ियों ने silver medal जीता | उन सभी खिलाड़ियों को मेरी ढेर सारी बधाइयाँ |

8 मार्च पूरा विश्व महिला दिवस मनाता है | भारत में भी बेटियों को महत्व देने, परिवार और समाज में उनके प्रति जागरूकता बढ़े, संवेदनशीलता बढ़े | ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ ये आन्दोलन तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है | आज ये सिर्फ़ सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा है | ये एक सामाजिक संवेदना का, लोकशिक्षा का अभियान बन गया है | विगत दो वर्षों के दौरान इस कार्यक्रम ने आम जनमानस को जोड़ लिया है, देश के प्रत्येक कोने में इस ज्वलंत मुद्दे पर लोगों को सोचने पर मजबूर किया है और बरसों से चले आ रहे पुराने रीति-रिवाज़ों के प्रति लोगों की सोच में बदलाव लाया है | जब ये समाचार मिलते हैं कि बेटी के जन्म पर उत्सव मनाया गया, इतना आनंद आता है | एक प्रकार से बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच सामाजिक स्वीकृति का कारण बन रही है | मैंने सुना है कि तमिलनाडु राज्य के Cuddalore ज़िले ने एक विशेष अभियान के तहत बाल-विवाह पर रोक लगाई | अब तक क़रीब 175 से ज़्यादा बाल-विवाह रोके जा चुके हैं | ज़िला प्रशासन ने ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के अंतर्गत क़रीब-क़रीब 55-60 हज़ार से ज्यादा बेटियों के बैंक अकाउंट खोले हैं | जम्मू-कश्मीर के कठुआ ज़िले में convergence model के तहत समस्त विभागों को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना’ में जोड़ा है और ग्राम-सभाओं के आयोजन के साथ-साथ ज़िला प्रशासन द्वारा अनाथ बच्चियों को गोद लेना, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना, इसके भरपूर प्रयास हो रहे हैं | मध्य प्रदेश में ‘हर घर दस्तक’ के कार्यक्रम अंतर्गत गाँव-गाँव घर-घर बेटियों की शिक्षा के लिये एक अभियान चलाया जा रहा है | राजस्थान ने ‘अपना बच्चा, अपना विद्यालय’ अभियान चला करके जिन बालिकाओं का drop-out हुआ था, उनको पुनः स्कूल में भर्ती कराना, फिर से पढ़ने के लिये प्रेरित करने का अभियान चलाया है | कहने का तात्पर्य ये है कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ इस आंदोलन ने भी अनेक रूप धारण किए हैं | पूरा आंदोलन जन-आंदोलन  बना है | नई-नई कल्पनायें उसके साथ जुड़ी हैं | स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार उसको मोड़ा गया है | मैं इसे एक अच्छी निशानी मानता हूँ | जब हम 8 मार्च को ‘महिला दिवस’ मनाने वाले हैं, तब हमारा एक ही भाव है: -

“महिला, वो शक्ति है, सशक्त है, वो भारत की नारी है,

न ज़्यादा में, न कम में, वो सब में बराबर की अधिकारी है”

    मेरे प्यारे देशवासियो, आप सब को ‘मन की बात’ में समय-समय पर कुछ-न-कुछ संवाद करने का अवसर मिलता है | आप भी सक्रियता के साथ जुड़ते रहते हैं | आप से मुझे बहुत-कुछ जानने को मिलता है | धरती पर क्या चल रहा है, गाँव, ग़रीब के मन में क्या चल रहा है, वो मुझ तक पहुँचता है | आपके योगदान के लिये मैं आपका बहुत आभारी हूँ | बहुत-बहुत धन्यवाद |

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Srinagar Viksit Bharat Ambassadors Unite for 'Viksit Bharat, Viksit Kashmir'
April 20, 2024

Srinagar hosted a momentous gathering under the banner of the Viksit Bharat Ambassador or VBA 2024. Held at the prestigious Radisson Collection, the event served as a unique platform, bringing together diverse voices and perspectives to foster the nation's collective advancement towards development.

Graced by the esteemed presence of Union Minister Shri Hardeep Singh Puri as the Chief Guest, the event saw the attendance of over 400 distinguished members of society, representing influencers, industry stalwarts, environmentalists, and young minds, including first-time voters. Presidents of Chambers of Commerce, Federation of Kashmir Industrial Corporation, House Boat Owners Association, and members of the writers' association were also present.

The VBA 2024 meetup began with an interesting panel discussion on Viksit Kashmir, which focused on the symbiotic relationship between industry growth and sustainable development. This was followed by an interactive session by Minister Puri, who engaged with the attendees through an engaging presentation. Another event highlight was the live doodle capture by a local artist of the discussions.

Union Minister Hardeep Singh Puri discussed how India has changed in the last decade. He said India is on track to become one of the world's top three economies, surpassing Germany and Japan soon.

 

"The country is set to surpass Germany and Japan and will become the world's third-largest economy by 2027-28," he said.

 

According to official estimates, India's economy is projected to reach a remarkable $40 trillion by 2040. Presently, the economy stands at approximately $3.5 trillion.

He also stressed that India's progress is incomplete without a developed Kashmir.

 

"Bharat cannot be Viksit without a Viksit Kashmir," he said.

Hardeep Puri reflected on India's economic journey, noting that in the 1700s, India contributed a significant 25% to the global GDP. However, as experts documented, this figure gradually dwindled to a mere 2% by 1947.

 

He highlighted how India, once renowned as the 'sone ki chidiya' (golden bird), lost its economic strength during British colonial rule and continued to struggle even after gaining independence, remaining categorized under the 'Fragile Five' until 2014.

 

Puri emphasized that the true shift in India's economic trajectory commenced under the Modi government. Over the past decade, the nation has ascended from among the top 11 economies to ranking among the top 5 globally.

The Union Minister also encouraged everyone to participate in the Viksit Bharat 2047 mission, emphasizing that achieving this dream requires the active engagement and coordination of all "ambassadors" of change.

He highlighted India's rapid progress in metro network development, stating that the operational metro network spans approximately 950 kilometres. He expressed confidence that within the next 2-3 years, India's metro network will expand to become the second-largest globally, surpassing that of the United States.

 

Regarding Jammu and Kashmir, he mentioned that through the Smart project, over 68 projects totalling Rs 6,800 crores were conceptualized, with Rs 3,200 crores worth of projects already completed.

 

He further stated that Jammu and Kashmir possesses more potential than Switzerland but has faced setbacks due to man-made crises. He emphasized the Modi government's dedication to the comprehensive development of the region.

The minister highlighted a significant government policy shift from women-centred to women-led development. Drawing from his extensive experience as a diplomat spanning 39 years, he shared that when a country transitions to women-led development, there is typically a substantial GDP increase of 20-30%. 

He mentioned that the government is actively pursuing this objective, citing examples such as the Awas Yojana, where houses are registered in the names of women household members, and the implementation of 33% reservation for women in elected bodies as part of this broader mission. 

He also provided insight into the transformative impact of the Modi government's welfare policies on people's lives. He highlighted the Ujjwala Yojana, noting that 32 crore individuals have received LPG cylinders, a significant increase from the 14 crore connections in 2014. Additionally, he mentioned the expansion of the gas pipeline network, which has grown from 14,000 km to over 20,000 km over the past ten years.

The Vision of Viksit Bharat: 140 crore dreams, 1 purpose 

The Viksit Bharat Ambassador movement aims to encourage citizens to take responsibility for contributing to India's development. VBA meet-ups and events are being organized in various parts of the country to achieve this goal. These events provide a platform for participants to engage in constructive discussions, exchange ideas, and explore practical strategies for contributing to the movement.

Join the movement on the NaMo App: https://www.narendramodi.in/ViksitBharatAmbassador

The NaMo App: Bridging the Gap

Prime Minister Narendra Modi's app, the NaMo App, is a digital bridge that empowers citizens to participate in the Viksit Bharat Ambassador movement. The NaMo App serves as a one-stop platform for individuals to:

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