प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों, बेल्जियम, अमेरिका और सऊदी अरब का दौरा करेंगे
प्रधानमंत्री मोदी बेल्जियम के प्रधानमंत्री चार्ल्स मिशेल से मुलाकात करेंगे, यूरोपीय संघ के नेतृत्व के साथ 13वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे
प्रधानमंत्री मोदी के बेल्जियम दौरे से व्यापार, निवेश और उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा
पीएम मोदी, बेल्जियम के पीएम भारत-बेल्जियम एरीज (आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट फ़ॉर ऑब्जरवेशनल साइंसेज) टेलीस्कोप का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री मोदी ब्रसेल्स में यूरोपीय संसद के सदस्यों, भारत-विद और बेल्जियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मिलेंगे
प्रधानमंत्री मोदी बेल्जियम में हीरा व्यापारियों के एसोसिएशन के बोर्ड के सदस्यों के साथ वार्ता करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेल्जियम में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाशिंगटन डीसी का दौरा करेंगे, चौथे परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे
प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका में लीगो परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों के साथ वार्ता करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब का दौरा करेंगे, किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद से मुलाकात करेंगे
पीएम मोदी की सऊदी अरब यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी
प्रधानमंत्री मोदी रियाद में व्यापार सम्मेलन में भाग लेंगे
प्रधानमंत्री मोदी रियाद में मेज़्मक किले, 'एलएंडटी वर्कर्स’ आवासीय परिसर और टीसीएस ऑल वीमेन आईटी और आईटीईएस सेंटर का दौरा करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के आज बेल्जियम, अमरीका और सउदी अरब के लिए रवाना होने से पहले के वक्‍तव्‍य का मूल पाठ निम्‍नलिखित है :

‘’30 मार्च को मैं बेल्जियम के प्रधानमंत्री श्री चार्ल्‍स मिशेल से ब्रुसेल्‍स में मुलाकात करूंगा। मेरा यूरोपीय नेताओं के साथ 13वीं भारत-यूरोप शिखर सम्‍मेलन में भी शामिल होने का भी कार्यक्रम है।

बेल्जियम के लोगों की जीवटता और भावना को नमन करने के लिए कोई भी शब्‍द पर्याप्‍त नहीं हैं। ब्रुसेल्‍स मे हुये भयानक हमले के बाद हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और हमले में मारे गये लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं।

बेल्जियम के साथ हमारे प्रगाढ़ संबंध हैं और यह समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। यूरोप में बेल्जियम भारत का दूसरा बड़ा व्‍यापारिक साझेदार है। प्रधानमंत्री के साथ मेरी बैठक का उद्देश्‍य यूरोप के इस महत्‍वपूर्ण सदस्‍य के साथ व्‍यापार, निवेश को बढ़ाना और उच्‍च प्रौद्योगिकी साझेदारी करना है। प्रधानमंत्री चार्ल्‍स मिशेल के साथ मैं भारत-बेल्जियम ऐरिस (आर्य भट्ट अवलोकन विज्ञान अनुसंधान संस्‍थान) टेलीस्‍कोप को रिमोट से संचालित करूंगा।

भारत के लिए यूरोपीय संघ एक महत्‍वपूर्ण व्‍यापारिक साझेदार और सबसे बड़ा निर्यात गंतव्‍य है। इस सम्‍मेलन से पूरे क्षेत्र में हमारे बहुपक्षीय संबंध और बढ़ेंगे।

ब्रुसेल्‍स में, मेरी यूरोपीय संसद सदस्‍यों (एमईपी), विद्वानों, बेल्जियम के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों और बेल्जियम के भारतीय समुदाय के साथ भी मुलाकात होगी। बेल्जियम में हीरा व्‍यापारी एसोसिएशन के बोर्ड मेम्‍बर्स के साथ भी बातचीत होगी।

उसी दिन शाम को सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करने और भारतीय समुदाय से बातचीत करने का कार्यक्रम है।

बेल्जियम के बाद 31 मार्च को मेरा वॉशिंगटन डीसी में चौथे परमाणु सुरक्षा सम्‍मेलन में शामिल होने का कार्यक्रम है, जहां कई राष्‍ट्र और वैश्विक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद होंगे।

सम्‍मेलन में परमाणु सुरक्षा को खतरे के महत्‍वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा की जायेगी। नेतागण वैश्विक परमाणु सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने के तरीकों और उपायों पर चर्चा करेंगे ताकि ‘नॉन स्‍टेट एक्‍टर्स’ की पहुंच परमाणु सामाग्री तक न हो।

सम्‍मेलन से अलग मेरे कई देशों के साथ द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए उनके नेताओं से मुलाकात का भी कार्यक्रम है।

एलआईजीओ परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों के साथ भी बातचीत होगी। महामहिम सुल्‍तान सलमान बिन अब्‍दुल अज़ीज अल सऊद के निमंत्रण पर मैं 2 और 3 अप्रैल को सऊदी अरब जाऊंगा।

भारत के सऊदी अरब के साथ विशेष संबंध हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्‍ठ जुड़ाव हमारे संबंधों का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा हैं। मैं सउदी अरब के नेतृत्‍व के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना और प्रगाढ़ बनाना चाहता हूं। इस दौरान क्षेत्रीय स्थिति पर भी चर्चा होगी।

हमारे आर्थिक संबंध भी बढ़ रहे हैं। सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्‍यापारिक साझेदार है और भारत के लिए कच्‍चे तेल का सबसे बड़ा सप्‍लायर है।

महामहिम सुल्‍तान सलमान बिन अब्‍दुल अज़ीज अल सऊद से मुलाकात के अलावा राज परिवार के अन्‍य महत्‍वपूर्ण सदस्‍यों से भी बातचीत होगी।

हम चाहते हैं कि सऊदी अरब के जाने-माने कारोबारी भारत की विकास उत्‍कृष्‍टता में साझेदार बने। रियाद में होने वाले व्‍यापारिक कार्यक्रम का मुख्‍य उद्देश्‍यों में से एक यह भी होगा।

रियाद में मैं मसमक किले, ‘एल एंड टी कर्मियों’ के रिहायशी परिसर और टीसीएस के महिला आईटी तथा आईटीईएस केंद्र का दौरा भी करूंगा।

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BAPS Swaminarayan Temple in Paris: PM Modi calls pran pratishtha a new era for India-France cultural relations

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स्वामी नारायण मंदिर का उद्घाटन भारत- फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ: पीएम मोदी
September 06, 2026
It is a matter of great joy that BAPS Swaminarayan Hindu Mandir is being inaugurated in Paris: PM
This temple will surely enrich the diversity of France and energize our cultural relations: PM
India-France Strategic Partnership is special as it rests on the strong foundation of old cultural and political bonds: PM

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!