प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर जर्मनी के संघीय गणराज्य के चांसलर महामहिम श्री ओलाफ स्कोल्ज से मुलाकात की।

दोनों नेताओं के बीच इस वर्ष यह तीसरी मुलाकात थी। पिछली मुलाकातें 2 मई 2022 को छठे भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श के लिए प्रधानमंत्री की बर्लिन यात्रा और उसके बाद चांसलर स्कोल्ज के आमंत्रण पर जी-7 शिखर सम्मेलन के भागीदार देश के रूप में प्रधानमंत्री की जर्मनी में श्लॉस एल्मौ की यात्रा के दौरान हुईं थीं।

दोनों नेताओं ने भारत और जर्मनी के बीच व्यापक द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की, जिसने आईजीसी के दौरान प्रधानमंत्री और चांसलर द्वारा हरित एवं सतत विकास से संबंधित साझेदारी पर हस्ताक्षर के साथ एक नए चरण में प्रवेश किया। दोनों नेता व्यापार एवं निवेश संबंधों को और अधिक गहरा करने तथा रक्षा एवं सुरक्षा, प्रवासन एवं आवागमन व बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए।

दोनों नेता जी-20 और संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग एवं समन्वय बढ़ाने पर सहमत हुए।

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प्रधानमंत्री 15 जनवरी को राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों की 28वीं कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे
January 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर, नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे और इसमें विश्व के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।

यह सम्मेलन समकालीन संसदीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार-विमर्श करेगा, जिसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, संसद सदस्यों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाने के लिए अभिनव कार्यनीतियां और मतदान से परे नागरिक भागीदारी आदि शामिल हैं।