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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 से 11 मार्च2015 तक सेशेल्स की यात्रा की। यह एक ऐतिहासिक यात्रा थी क्योंकि 33 साल के लंबे अंतराल में श्री नरेन्द्र मोदी सेशल्स का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने!

अपनी यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने कई सारे ट्वीट्स करते हुए लिखा कि भारत सेशेल्स के साथ संबंधों को मजबूत बनाने को सर्वोपरि महत्व देता है। उन्होंने कहा कि आपसी विश्वास और साझे मूल्यों की नींव पर बने सेशेल्स के साथ भारत के संबंध अत्यंत खास हैं।

श्री नरेन्द्र मोदी 10 मार्च की शाम को सेशेल्स हवाई अड्डे पर पहुंचे जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपतिश्री जेम्स माइकल खुद प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उपस्थित थे। हवाई अड्डे पर श्री मोदी की एक झलक पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे भारतीय समुदाय की जबर्दस्त भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर इस अद्भुत पल को सबके साथ साझा किया।

11 मार्च की सुबहश्री नरेन्द्र मोदी का समारोहपूर्ण स्वागत किया गया जिसके बाद वे राज्य सभा गये और आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किये। उन्होंने लिखा कि भारत सेशेल्स को न केवल एक पड़ोसी बल्कि एक रणनीतिक भागीदार भी मानता है।

उसके बादश्री मोदी और राष्ट्रपति माइकल ने बैठकें की और मीडिया को संबोधित करते हुए अपना वक्तव्य दिया। श्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत सरकार को लगातार समर्थन देने के लिए राष्ट्रपति माइकल और उनकी सरकार की सराहना की। पिछले साल दिसंबर में एयर सेशेल्स द्वारा भारत के लिए सीधी हवाई सेवा के शुभारंभ का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने आशा जताई कि भारत और सेशेल्स के बीच संबंध आगे और गहरे होंगे जो सम्मान, समानता, विपुल सद्भाव और सौहार्द का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने हिंद महासागर में स्थित पड़ोसी सेशेल्स की यात्रा करने का मौका मिलने पर अपनी ख़ुशी भी जताई। उन्होंने कहा कि उनकी सेशेल्स की यात्रा छोटी है लेकिन यह अत्यंत ही फलदायी एवं महत्वपूर्ण है। श्री नरेन्द्र मोदी ने गहरी आपसी विश्वास और भरोसे पर स्थापित भारत-सेशेल्स रिश्ते को अद्वितीय और विशेष बताया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेशेल्स में सीएसआरएस भारत-सेशेल्स सहयोग परियोजना के लिए रडार की पट्टिका और प्रचालनात्मक (ऑपरेशनलायज़ेशन) का अनावरण भी किया।

अपनी सेशेल्स यात्रा के समापन से पहले प्रधानमंत्री ने नागरिक स्वागत समारोह में एक विशाल सभा को संबोधित किया। श्री मोदी ने ग्लोबल वार्मिंग को कम करने, अक्षय ऊर्जा और मेक इन इंडिया जैसे क्षेत्रों पर बल दिया। प्रधानमंत्री के संबोधन पर लोगों ने बेहद खुशी प्रकट की। इस समारोह को लोगों ने ख़ूब पसंद किया। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स में अपने समर्थकों को इतनी गर्मजोशी से अपना स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया। 

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प्रधानमंत्री ने चक्रवात जवाद से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
December 02, 2021
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प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया
सभी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करें और व्यवधान की स्थिति में उनकी शीघ्र बहाली सुनिश्चित करें: प्रधानमंत्री
सभी संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां चक्रवात के प्रभाव से समुचित रूप से निपटने के लिए ​​तालमेल के साथ काम कर रहे हैं
एनडीआरएफ ने नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, 33 टीमों को तैयार रहने (स्टैंडबाय) का निर्देश दिया गया
भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज तथा बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है
वायु सेना और इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां तैनाती के लिए स्टैंडबाय पर हैं
आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट के आसपास स्टैंडबाय पर हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चक्रवात जवाद की संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों तथा संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव उपाय करने का निर्देश दिया कि लोगों को सुरक्षित रूप से निकाला जाए और सभी आवश्यक सेवाओं जैसे बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल आदि का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी व्यवधान की स्थिति में उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने आवश्यक दवाओं और आपूर्ति का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा निर्बाध आवाजाही की योजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे चालू रखने के भी निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र में चक्रवात जवाद के रूप में जोर पकड़ने की उम्मीद है और शनिवार, 4 दिसंबर, 2021 की सुबह हवा की गति अधिकतम 100 किमी/घंटा के साथ इसके आंध्र प्रदेश - ओडिशा के उत्तर तट तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी सभी संबंधित राज्यों को नवीनतम पूर्वानुमान के साथ नियमित बुलेटिन जारी करता है।

कैबिनेट सचिव ने सभी तटीय राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मुख्य सचिवों तथा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ स्थिति एवं तैयारियों की समीक्षा की है।

गृह मंत्रालय चौबीसों घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एसडीआरएफ की पहली किस्त अग्रिम तौर पर जारी कर दी है। एनडीआरएफ ने 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, जो राज्यों में नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं और 33 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गयाहै।

भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। वायु सेना तथा थल सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां, नावों और बचाव उपकरणों के साथ तैनाती के लिए तैयार हैं। निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर तट पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट से लगे स्थानों में स्टैंडबाय पर हैं।

विद्युत मंत्रालय ने आपातकालीन प्रत्युत्तर प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और बिजली की तत्काल बहाली के लिए ट्रांसफॉर्मर, डीजी सेट तथा उपकरण आदि तैयार रखे हैं। संचार मंत्रालय सभी दूरसंचार टावरों और एक्सचेंजों पर लगातार नजर रख रहा है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रत्युत्तर के लिए राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित होने की संभावना के लिए एक चेतावनी जारी की है।

पोत, शिपिंग एवं जलमार्ग मंत्रालय ने सभी शिपिंग जहाजों को सुरक्षित करने के उपाय किए हैं और आपातकालीन जहाजों को तैनात किया है। राज्यों को तट के पास रासायनिक तथा पेट्रोकेमिकल इकाइयों जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सतर्क करने के लिए भी कहा गया है।

एनडीआरएफ संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य एजेंसियों को उनकी तैयारियों में सहायता कर रहा है और चक्रवात की स्थिति से निपटने के लिए लगातार सामुदायिक जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और आईएमडी के महानिदेशक ने बैठक में भाग लिया।