अगले 25 वर्ष भारत और उसके युवाओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' में बदलना युवाओं की जिम्मेदारी है।
आज, यदि भारत ने व्यापक सुधार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एक मजबूत तथा लचीली अर्थव्यवस्था हासिल की है, तो यह वोट की ताकत का प्रमाण है।
अनुच्छेद 370 समाप्ति, जीएसटी का कार्यान्वयन, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित होना और बड़े पैमाने पर एफडीआई की आवक; यह सब स्थिर सरकार के कारण संभव हो सका है।
अब करप्शन के बजाय क्रेडिबिलिटी और घोटालों की बजाय अभूतपूर्व उपलब्धियों की बात होती है।
भारतीय युवाओं के पास परंपरा और प्रतिभा के साथ-साथ प्रेरणा और नवीनता भी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर गुरुवार को आयोजित नव मतदाता सम्मेलन को संबोधित किया। इसका आयोजन भारतीय जनता पार्टी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा ने किया था। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का बहुत महत्त्व है, मतदान लोकतंत्र की ताकत है। उन्होंने कहा, “हमारे जीवन में युवाओं के साथ संवाद करने का पहला इतना बड़ा अवसर है। दुनिया के किसी राजनेता के लिए भी ये पहला ही अवसर होगा। मुझे अच्छा लगा कि यह नव मतदाताओं को नमन करने का कार्यक्रम है। इस मौके पर मैं सबसे पहले सभी मतदाताओं को भारत का भाग्य निर्माण करने के लिए नमन करता हूं, साथ ही मताधिकार का उपयोग कर अपनी भूमिका निभाने के लिए निमंत्रित करता हूं।” उन्होंने कहा कि 18 से 25 वर्ष का आयुचक्र बहुत से बदलावों का साक्षी बनता है। इन्हीं बदलावों के साथ एक जिम्मेदारी दुनिया की सबसे बड़ी Democracy में भागीदारी निभाने की होती है।

वर्तमान कालचक्र को युवाओं के लिए बेहतर बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह Time Period दो वजहों से अहम है। पहला कि आप ऐसे समय में वोटर बने हैं, जब भारत का अमृतकाल शुरू हुआ है और दूसरा इसलिए कि देश अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा कि अगले 25 साल आप और देश दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इस दौरान आपको ही दोनों का भविष्य तय करना है। पीएम ने कहा कि जिस प्रकार 1947 से 25 साल पहले भारत के नौजवानों पर देश को स्वतंत्र कराने का दारोमदार था, उसी तरह 2047 के पहले के इन 25 सालों में आप पर विकसित भारत के निर्माण की जिम्मेदारी है। अगले कुछ सालों में हम Space, Defence, Manufacturing, Technology, Innovation और ऐसे कई सेक्टर्स में कहां पहुंचेंगे, ये सब आप पर ही निर्भर होगा। हमारी गति, दिशा और अप्रोच कैसी होगी, ये आप ही तय करेंगे। इसका सबसे बड़ा माध्यम मतदान होगा। आपका एक वोट और देश के विकास की दिशा दोनों आपस में जुड़े हैं। आपका एक वोट भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएगा, देश में स्थिर और बड़े बहुमत वाली सरकार लाएगा। आप कल्पना करिए कि आपका एक वोट देश को कहां से कहां लेकर जाएगा।

प्रधानमंत्री ने पूर्ण बहुमत के फायदे की चर्चा करते हुए कहा कि जब ऐसी सरकार होती है तो देश बड़े फैसले लेता है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने का मामला हो, या वन रैंक वन पेंशन लागू करने का मामला। GST जैसी आधुनिक टैक्स व्यवस्था हो या नारीशक्ति वंदन अधिनियम, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाना हो या नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करना। अगर केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार नहीं होती तो आज ये सब संभव नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि केंद्र में स्थिर सरकार होने के कारण ही SC-ST-OBC का हित सुरक्षित रखते हुए गरीब युवाओं को भी 10 परसेंट आरक्षण का प्रावधान सुनिश्चित होने के साथ ही अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा भी संभव हो सकी।

प्रधानमंत्री ने पहले की सरकार के साथ तुलना करते हुए बताया कि 10-12 साल पहले भारत में जिस तरह की परिस्थितियां थीं, उससे देश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय बन गया था। हम आज जिन Possibilities की बात कर रहे हैं, 2014 से पहले की जेनरेशन ने उनकी उम्मीद तक छोड़ दी थी। उस समय आए दिन करप्शन और स्कैम की खबरें छपती थीं। हजारों करोड़ रुपये के घोटाले सामान्य बात थी। देश के नौजवान सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर थे। लेकिन आज संतोष है कि हम उस अंधकारमय स्थिति से देश को बाहर निकाल पाए हैं। आज Corruption की नहीं, Credibility की, Scam की नहीं Success Stories की बात होती है।

युवाओं के सामर्थ्य और देश की आशाओं के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश ही नहीं पूरी दुनिया आप को बड़ी उम्मीद से देख रही है। आपके पास जहां हजारों साल की विरासत है वहीं इंटरनेट एज में फ्यूचर अप्रोच को देखने का सामर्थ्य भी। दुनिया में ऐसी कोई युवा पीढ़ी नहीं है जिसके पास रामायण और गीता की प्रेरणा हो और Artificial Intelligence पर काम करने का स्कोप भी। आज आपके पास Tradition और Talent दोनों की ताकत है। ऐसे में आपके सपने ही मेरे संकल्प हैं और आप ही मेरी प्राथमिकता। तभी तो हमारी सरकार ने आप सभी युवाओं के लिए ड्रोन से लेकर स्पेस सेक्टर तक खोल दिया है। हमने स्टार्टअप नीति बनाकर आपके लिए बिजनेस के नए रास्ते बनाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज भारत का नौजवान, देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों को अच्छी तरह समझ रहा है। इसलिए वो भ्रष्टाचार के खिलाफ है, वो परिवारवाद के खिलाफ है। परिवारवाद एक ऐसी बीमारी है, जो देश के युवाओं को आगे बढ़ने से रोकती है।

पीएम मोदी ने अमृत महोत्सव के दौरान युवाओं की जनभागीदारी की अद्भुत मिसाल कायम करने पर कहा कि देश के युवाओं ने जिस बड़ी सख्या में अमृत महोत्सव में हिस्सा लिया, वो अभूतपूर्व है। युवाओं के लिए देश में एक नया संगठन भी बनाया गया है। उस संगठन का नाम है- मेरा युवा भारत। उन्होंने कहा कि अभी इसे बने तीन महीने भी नहीं हुए, लेकिन इससे एक करोड़ से अधिक युवा जुड़ चुके हैं। पीएम ने सभी युवाओं से इस नए संगठन से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी का घोषणापत्र कैसा होना चाहिए। खासकर युवाओं के लिए उसमें क्या होना चाहिए, इससे जुड़े सुझाव भी आप जरूर भेजें। मैं चाहता हूं कि लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के संकल्प-पत्र में देश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं की भागीदारी हो। भारत के युवा ही बीजेपी के संकल्प-पत्र को गाइड करें।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने युवाओं को अहम संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि हमारी मतदाता सूची एक जीवंत वाइब्रेंट तस्वीर के रूप में हमारे लोकतंत्र की समृद्धि विविधता को रिफ्लेक्ट करती है। उन्होंने विशेषकर शहर के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मतदान कर एक उदाहरण प्रस्तुत करने को कहा है। वाकई, आपका काम समाज को वोट के लिए जागरूक करने का भी है। इस बार आपको Let’s Vote के साथ, Lets make them vote पर भी काम करना है। आप सब एक बड़ी Audience से सीधे कनेक्ट हो सकते हैं। जिनका नाम अब तक वोटर लिस्ट से छूटा हुआ है, उनका नाम भी आप लिस्ट में जरूर शामिल कराएं। आपकी कोशिश होनी चाहिए कि कोई भी वोटर इस चुनाव में छूट ना जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा भारत की अमृत पीढ़ी के सामने तरक्की के जितने अवसर हैं, उतने पहले किसी पीढ़ी के पास नहीं थे। सारा विश्व आज आपकी ओर देख रहा है। जी-20 के सम्मेलन में भारत और भारतीयता की ये शक्ति पूरी दुनिया ने देखी है। हमें इस शक्ति के साथ आगे बढ़ना है और अपनी जिम्मेदारी भी समझनी है।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.