प्रधानमंत्री 79,150 करोड़ रूपए से अधिक के कुल परिव्यय के साथ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ करेंगे
प्रधानमंत्री 40 एकलव्य स्कूलों का उद्घाटन करेंगे और 25 एकलव्य स्कूलों की आधारशिला भी रखेंगे
प्रधानमंत्री-जनमन के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2 अक्टूबर 2024 को झारखंड का दौरा करेंगे। दोपहर करीब 2 बजे वह झारखंड के हजारीबाग में 83,300 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

देश भर में जनजातीय समुदायों के व्यापक और समग्र विकास को सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री 79,150 करोड़ रुपए से अधिक के कुल परिव्यय के साथ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों और 2,740 ब्लॉकों में 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभान्वित करते हुए लगभग 63,000 गांवों को शामिल करेगा। इसका उद्देश्य भारत सरकार के विभिन्न 17 मंत्रालयों और विभागों द्वारा कार्यान्वित 25 हस्तक्षेपों के माध्यम से सामाजिक बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल को दूर करना है।

जनजातीय समुदायों के लिए शैक्षिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री 40 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) का उद्घाटन करेंगे और 2,800 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 25 ईएमआरएस की आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत 1360 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसमें 1380 किलोमीटर से अधिक सड़कें, 120 आंगनवाड़ी, 250 बहुउद्देश्यीय केंद्र और 10 स्कूल छात्रावास शामिल हैं। इसके अलावा, वह पीएम जनमन के तहत कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का भी अनावरण करेंगे, जिसमें लगभग 3,000 गांवों में 75,800 से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के घरों का विद्युतीकरण, 275 मोबाइल मेडिकल इकाइयों का संचालन, 500 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन, 250 वन धन विकास केंद्रों की स्थापना और 5,550 से अधिक पीवीटीजी गांवों को 'नल से जल' का लाभ प्रदान करना शामिल है।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Tax Bill 2026 clears tax hurdles for electronics manufacturing and boosts India's global supply chain competitiveness

Media Coverage

Tax Bill 2026 clears tax hurdles for electronics manufacturing and boosts India's global supply chain competitiveness
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.