प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20-21 नवंबर, 2021 को पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षकों (आईजीपी) के 56वें ​​सम्मेलन में भाग लेंगे।

दो-दिवसीय सम्मेलन संयुक्त प्रारूप में आयोजित किया जाएगा। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख लखनऊ में कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होकर भाग लेंगे, जबकि शेष आमंत्रित व्यक्ति आईबी/एसआईबी मुख्यालय में 37 विभिन्न स्थानों से वर्चुअल तौर पर इसमें भाग लेंगे। सम्मेलन में साइबर अपराध, डेटा गवर्नेंस, आतंकवाद विरोधी चुनौतियों, वामपंथी उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी में उभरते रुझान, जेल सुधार सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री ने 2014 से डीजीपी सम्मेलन में गहरी दिलचस्पी ली है। पहले की प्रतीकात्मक उपस्थिति के विपरीत, वे सम्मेलन के सभी सत्रों में भाग लेकर स्वतंत्र और अनौपचारिक चर्चाओं को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे शीर्ष पुलिस अधिकारियों को देश को प्रभावित करने वाले प्रमुख नीति-निर्धारण और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे प्रधानमंत्री को जानकारी देने का अवसर मिलता है।

प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार, 2014 से वार्षिक सम्मेलन को दिल्ली से बाहर आयोजित किया गया है, जिसे परंपरागत रूप से दिल्ली में आयोजित किया जाता था। इसमें वर्ष 2020 का डीजीपी सम्मेलन एक अपवाद है, जिसे वर्चुअल तौर पर आयोजित किया गया था। सम्मेलन को 2014 में गुवाहाटी में, 2015 में धोर्डो, कच्छ की खाड़ी, 2016 में राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद, 2017 में बीएसएफ अकादमी, टेकनपुर, 2018 में केवड़िया और 2019 में आईआईएसईआर, पुणे में आयोजित किया गया था।

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प्रधानमंत्री ने ज्ञान, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 19, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता जैसे गुण जीवन में सफलता का आधार हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि इन गुणों से संपन्न व्यक्ति कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने और अंततः विजयी होने में सक्षम होता है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-

“शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी।

कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु॥”

यह सुभाषित यह संदेश देता है कि किसी विषय का प्रामाणिक ज्ञान, स्वाभाविक विवेक, निर्भय आत्म-विश्वास, अभ्यास से निखरी हुई प्रभावशाली वाणी, समय की मांग को पहचानने की दूरदर्शिता और निरंतर नई सूझ-बूझ—ये छह गुण मनुष्य के हर कार्य में 'कामधेनु' के समान सिद्ध होते हैं, जो प्रत्येक लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता जैसे सद्गुण जीवन में सफलता का प्रमुख आधार हैं। इनसे समृद्ध व्यक्ति कठिन से कठिन चुनौतियों में भी विजयी होता है।


शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी।

कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु॥”