प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में 17,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन करेंगे
इसमें सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जल आपूर्ति, कोयला और उद्योग सहित कई क्षेत्रों को प्रमुखता मिलेगी
प्रधानमंत्री लोगों तक सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार की दिशा में एक कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना शुरू करेंगे
इन परियोजनाओं का शुभारंभ मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सामाजिक आर्थिक विकास और जीवन में सुगमता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को जाहिर करता है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 29 फरवरी, 2024 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश' कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में 17,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं में सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जल आपूर्ति, कोयला, उद्योग सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना का भी शुभारंभ करेंगे।

प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में 5500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसनिया बहुउद्देशीय परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं से डिंडोरी, अनुपपुर और मंडला जिलों में 75,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचित किया जा सकेगा और इस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बढ़ेगी और पेयजल का संकट भी खत्म होगा। प्रधानमंत्री राज्य में 800 करोड़ से अधिक की दो छोटी सिंचाई परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें पारसडोह सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और औलिया सूक्ष्म सिंचाई परियोजना शामिल हैं। ये सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं बैतूल और खंडवा जिलों में 26,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई जरूरतों को पूरा करेंगी।

प्रधानमंत्री 2200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित तीन रेलवे परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी - जखलौन एवं धौरा - आगासोड मार्ग पर तीसरी लाइन की परियोजना; न्यू सुमावली-जोरा अलापुर रेलवे लाइन में गॉज परिवर्तन परियोजना; और पोवारखेड़ा-जुझारपुर रेल लाइन फ्लाईओवर की परियोजना शामिल हैं। ये परियोजनाएं रेल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।

मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रधानमंत्री पूरे प्रदेश में लगभग 1000 करोड़ रुपये की कई औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं में रतलाम में बड़ा औद्योगिक पार्क; मुरैना जिले के सीतापुर में मेगा चमड़ा, जूते एवं सहायक उपकरण केंद्र; इंदौर में परिधान उद्योग के लिए प्लग एंड प्ले पार्क; औद्योगिक पार्क मंदसौर (जग्गाखेड़ी चरण-2); और धार जिले में औद्योगिक पार्क पीथमपुर का उन्नयन परियोजना शामिल हैं।

प्रधानमंत्री देश को कोयला क्षेत्र की 1000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं समर्पित करेंगे। इनमें जयंत ओसीपी सीएचपी साइलो, एनसीएल सिंगरौली; और दुधिचुआ ओसीपी सीएचपी-साइलो शामिल है।

मध्य प्रदेश में बिजली क्षेत्र को मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री पन्ना, रायसेन, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिलों में स्थित छह सबस्टेशनों की आधारशिला भी रखेंगे। इन सबस्टेशनों से प्रदेश के ग्यारह जिलों भोपाल, पन्ना, रायसेन, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर, हरदा और सीहोर के लोगों को लाभ मिलेगा। इन सबस्टेशनों से मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों को भी लाभ होगा।

प्रधानमंत्री अमृत 2.0 के तहत लगभग 880 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं और राज्य भर के कई जिलों में जल आपूर्ति प्रणालियों को बढ़ाने और मजबूत करने की अन्य योजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री खरगोन में जल आपूर्ति बढ़ाने की परियोजना भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार की दिशा में मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना बड़ा कदम है। इससे पूर्ण खसरा की बिक्री-खरीद का दाखिल खारिज शुरू से अंत तक कागत रहित और फेसलेस ऑनलाइन निपटान और राजस्व रिकॉर्ड में रिकॉर्ड सुधार सुनिश्चित होगा। यह परियोजना, जो राज्य के सभी 55 जिलों में लागू की गई है, पूरे मप्र के लिए एक एकल राजस्व न्यायालय भी प्रदान करेगी। इसमें आवेदक को अंतिम आदेश की प्रमाणित प्रति भेजने के लिए ईमेल/व्हाट्सएप का भी उपयोग किया जाएगा।

प्रधानमंत्री अन्य परियोजनाओं के अलावा मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

इन परियोजनाओं का शुभारंभ मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सामाजिक आर्थिक विकास और जीवन में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को जाहिर करता है।

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प्रधानमंत्री ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ वार्ता की
June 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता की।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत इस बात पर सम्मानित महसूस करता है कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत को चुना। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि राष्ट्रपति ने बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर भारत में अपने कार्यक्रम की शुरुआत की।

 

वार्ता के दौरान, दोनों राजनेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों की विस्तृत समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

चर्चाओं में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन-संपर्क, धरोहर संरक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के अवसर शामिल थे। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में निकटता से काम करने पर भी सहमति व्यक्त की।

 

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने म्यांमार के साथ भारत के संबंधों के महत्त्व की पुन: पुष्टि की।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

 

“म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक बैठक हुई। भारत में हम सम्मानित महसूस करते हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत को चुना। उतनी ही खुशी की बात यह भी है कि उन्होंने यह यात्रा बोधगया में भगवान बुद्ध का आशीर्वाद लेकर शुरू की। हमने भारत-म्यांमार संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की। म्यांमार भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और भारत-प्रशांत नीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।”

 

“हमारी बातचीत में व्यापार, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन-संपर्क, धरोहर पुनर्स्थापना और क्षमता निर्माण में सहयोग को गहरा करने के तरीके शामिल थे। हमने समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी निकटता से काम करने पर सहमति व्यक्त की।”