हमेशा ये मंत्र रहा है कि-‘व्यक्ति से बड़ा दल, दल से बड़ा देश’। ये परंपरा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर आज तक अनवरत चली आ रही है: प्रधानमंत्री मोदी
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान की शक्ति है कि हम वो स्वप्न पूरा कर पाए, आर्टिकल 370 हटाकर कश्मीर को संवैधानिक अधिकार दे पाए: प्रधानमंत्री मोदी
भाजपा का मतलब है- वंशवाद, परिवारवाद की राजनीति से मुक्ति, भाजपा का मतलब है- योग्यता को अवसर, भाजपा का मतलब है- पारदर्शिता, गुड गवर्नेंस, भाजपा यानि- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" : पीएम मोदी
अगर बीजेपी जीतती है तो उसे चुनाव जीतने वाली मशीन माना जाता है, लेकिन अगर दूसरे जीतते हैं तो इसका श्रेय उनकी मेहनत को जाता है: प्रधानमंत्री मोदी
आज गलत नरैटिव बनाए जाते हैं- कभी CAA को लेकर, कभी कृषि कानूनों को लेकर, कभी लेबर लॉ को लेकर, बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता को समझना होगा कि इसके पीछे सोची-समझी राजनीति है : प्रधानमंत्री मोदी

नमस्कार!

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी और विशाल भाजपा परिवार के सभी सदस्य आप सभी को भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की बहुत बहुत बधाई।

पार्टी की इस गौरवशाली यात्रा के आज इकतालीस साल पूरे हो रहे हैं। ये इकतालीस वर्ष, इस बात के साक्षी हैं कि सेवा और समर्पण के साथ कोई पार्टी कैसे काम करती है। ये इकतालीस वर्ष, इस बात के साक्षी हैं कि सामान्य कार्यकर्ता का तप और त्याग, किसी भी दल को कहां पहुंचा सकता है। देश का शायद ही कोई राज्य होगा, कोई जिला होगा जहां पार्टी के लिए 2-2, 3-3 पीढ़ियां न खप गई हों। मैं इस अवसर पर जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक, राष्ट्र सेवा के इस यज्ञ में अपना योगदान देने वाले हर व्यक्ति को आदरपूर्वक नमन करता हूँ। डॉक्टर श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, अटल बिहारी वाजपेयी जी, कुशाभाऊ ठाकरे जी, राजमाता सिंधिया जी, ऐसे अनगिनत महान व्यक्तित्वों को बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता की तरफ से मैं आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूँ, श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ। पार्टी को आकार देने वाले, पार्टी को विस्तार देने वाले हमारे आदरणीय आडवाणी जी, आदरणीय मुरली मनोहर जोशी जी जैसे अनेकों वरिष्ठों का आशीर्वाद भी हमें लगातार मिलता रहा है। पार्टी को अपना जीवन समर्पित करने वाले ऐसे हर वरिष्ठजन को भी मैं प्रणाम करता हूँ।

साथियो,
भारतीय जनता पार्टी के लिए हमेशा ये मंत्र रहा है कि- 'व्यक्ति से बड़ा दल, और दल से बड़ा देश'। ये परंपरा डॉक्टर श्यामाप्रसाद मुखर्जी से लेकर आज तक अनवरत चली आ रही है। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान की शक्ति है कि हम वो स्वप्न पूरा कर पाए, आर्टिकल 370 हटाकर कश्मीर को संवैधानिक अधिकार दे पाए। हम सभी ने देखा है कि कैसे अटल जी ने एक वोट से सरकार गिरना स्वीकार कर लिया, लेकिन पार्टी के आदर्शों से समझौता नहीं किया। आपातकाल में लोकतन्त्र की रक्षा के लिए हमारे कार्यकर्ताओं ने कैसे-कैसे कष्ट सहे, लोकतान्त्रिक नैतिकता के कैसे-कैसे उदाहरण दिए! हमारे देश में राजनीतिक स्वार्थ के लिए दलों के टूटने के अनेकों उदाहरण हैं, लेकिन देशहित में, लोकतंत्र के लिए दल के विलय की घटनाएं शायद ही कहीं नजर मिलेंगी, भारतीय जनसंघ ने यह कर के दिखाया था। जनसंघ से लेकर अभी तक, ये तप, ये तपस्या हमारे कार्यकर्ताओं के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

साथियो,
पिछले साल कोरोना ने पूरे देश के सामने एक अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया था। तब आप सब, अपना सुख-दुःख भूलकर देशवासियों की सेवा में लगे रहे। आपने 'सेवा ही संगठन' का संकल्प लिया, और उसके लिए आप डटे रहे, लगे रहे और लोगों की सेवा करते रहे। जो काम आप गांव-गांव में, शहरों में कर रहे थे, घर-घर पहुंच रहे थे वैसा ही कुछ काम 'अंत्योदय' की प्रेरणा से भाजपा की सरकार चाहे केंद्र हो या राज्य हो अपना दायित्व निभाती रही। 'गरीब कल्याण योजना' से लेकर 'वंदे भारत मिशन तक, हमारे सेवा भाव को देश ने महसूस किया है। यही नहीं, इसी संकटकाल में देश ने नए भारत का खाका खींचा और आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया। आज आत्मनिर्भर भारत अभियान गाँव-गरीब का, किसान का मजदूर का, दलित का, वंचित का, महिलाओं का, युवाओं का, हर किसी का स्वयं का एक प्रकार से अभियान बन गया है। आज भाजपा से गाँव-गरीब का जुड़ाव इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि आज वह पहली बार अंत्योदय को साकार होते देख रहा है। आज 21वीं सदी में जिन युवाओं ने जन्म लिया है, वे आज भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं, भाजपा की नीतियों, भाजपा के प्रयासों के साथ है।

साथियों,
गांधी जी कहते थे कि निर्णय और योजनाएं वो हों जो समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाए। गांधी जी की उसी मूल भावना को चरितार्थ करने के लिए हमने अथक प्रयास किया है। लास्ट माइल डिलीवरी, हमारे यहां कहा जाता था, लेकिन आज देश का सामान्य मानवी, लास्ट माइल डिलीवरी को साक्षात अनुभव कर रहा है। देश के हर गरीब के पास बैंक अकाउंट हो, देश के हर गरीब के पास पक्की छत हो, देश के हर गरीब को शौचालय की सुविधा मिले, हर रसोई में गैस कनेक्शन हो, हर घर में बिजली कनेक्शन हो, हर गरीब को इलाज की सुविधा हो, हर गांव में ऑप्टिकल फाइबर हो, ऐसी अनगिनत बातें जो समाज के आखिरी व्यक्ति हो या देश का आखिरी इलाका हो इसके लिए भाजापा सरकारें, चाहे केंद्र में हो या राज्य में हो, हम सब मिलकर के दिन-रात मेहनत की है, अपने लक्ष्यों को पाकर दिखाया है। और इन निर्णयों के, इन योजनाओं के शुरू करने के पीछे, सबसे बड़ी वजह यही है कि हम संगठन में रहते हुए भी ऐसे ही कार्य करते, करते-करते आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए जब सरकार में आते हैं, तो और तेज गति से इस दिशा में काम करते हैं। हमारी कार्यशैली है- हम किसी से कुछ भी छीनते नहीं हैं और छीने बिना भी दूसरे को हक मिले इसके लिए जागरूक प्रयास करते हैं। हम हर व्यक्ति तक पहुंचते हैं, उसकी आवश्यकता पर पूरी संवेदनशीलता से काम करते हैं।

साथियों,
हमारे देश में 80 प्रतिशत से ज्यादा छोटे किसान हैं, इन किसानों की संख्या 10 करोड़ से भी अधिक है। पहले जो सरकारें थीं उनकी प्राथमिकताओं में ये छोटे किसान, इन छोटे किसानों की जरूरतें कभी नहीं रहीं। लेकिन बीते वर्षों में हमारी सरकार की कृषि से जुड़ी हर योजना के केंद्र में छोटे किसान रहे हैं। चाहे नए कृषि कानून हो, पीएम किसान सम्मान निधि हों किसान उत्पाद संगठन की व्यवस्था हो, फसल बीमा योजना में सुधार करना हो, प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को ज्यादा मुआवजा सुनिश्चित करना हो, हर खेत को पानी की योजना हो या फिर यूरिया की नीमकोटिंग, ऐसे हर निर्णय का सबसे बड़ा लाभ देश के छोटे किसानों को हुआ है।

साथियो
बीते वर्षों में हमारी सरकार के हर काम में, हर योजना में महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। चाहे तीन तलाक के खिलाफ कानून हो, गर्भवती महिलाओं को 26 सप्ताह की छुट्टी हो, घर की रजिस्ट्री में महिलाओं को प्राथमिकता देने की बात हो, स्वच्छ भारत मिशन हो, उज्ज्वला योजना हो, मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी लोन देना हो, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना हो सभी का लाभ प्रमुख रूप से हमारे देश की महिलाओं को, माताओं को, बहनों को मिला है।

साथियो,
हमारे देश में सरकारों का मूल्यांकन, सरकार की शक्ति का आकलन, सरकार के परफॉर्मेंस की बातें, ज्यादातर कौन सरकार कितनी बड़ी घोषणा करती रही है उसके ही आस-पास रही है। लेकिन पहली बार ये मानदंड बदल रहे हैं, अवधारणा बदली है। हमारी सरकार का मूल्यांकन उसके डिलिवरी सिस्टम से हो रहा है। नीतियां भी, नीयत भी और आखिरी इंसान तक उस निर्णय को पहुंचाना, उस सुविधा को पहुंचाना, हकदार को हक पहुंचाना ये हमारी सरकार की विशेषता रही है। ये देश में सरकारों के कामकाज का नया मूलमंत्र रहा है। बावजूद इसके, दुर्भाग्य ये है कि भाजपा अगर चुनाव जीते तो इसे चुनाव जीतने की मशीन कहा जाता है। लेकिन दूसरे जब चुनाव जीतते हैं तो पार्टी की वाहवाही, नेताओं की वाहवाही, ना जाने क्या-क्या कहा जाता है। इस तरह के दो मापदंड हम देख रहे हैं। जो लोग कहते हैं कि बीजेपी चुनाव जीतने की मशीन है, वो एक प्रकार से भारत के लोकतंत्र की जो परिपक्वता है उसको समझ ही नहीं पाते। वो भारत के नागरिकों की जो सूझ-बूझ है, उसका आकलन ही नहीं कर पाते। वो उनके समझ के परे है। वो भारत के नागरिकों की आशाएं, अपेक्षाएं और उनके सपनों उसे कभी भी समझ नहीं पाते। सच्चाई ये है कि बीजेपी चुनाव जीतने की मशीन नहीं, देश और देशवासियों का दिल जीतने वाला एक अविरल-अनवरत अभियान है। हम 5 साल तक ईमानदारी से जनता की सेवा करते हैं, सरकार में हो तब, सरकार में ना हो तब, हर परिस्थिति में हम जनता से जुड़े रहते है। जनता के लिए जीते रहते है, और सच्चाई ये है कि हम कभी गर्व नहीं करते कि हमारा दल जीता। हम हमेशा इस बात का गर्व करते हैं कि देश के लोगों ने हमें जिताया।

साथियो,
अंग्रेजी में एक कहावत होती है- टिप ऑफ द आइसबर्ग। हमारी पार्टी में भी एक टिप ऑफ द आइसबर्ग है। ये अखबारों में, टीवी पर दिखता है। लेकिन इनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है। एक बहुत बड़ी संख्या जो नजर नहीं आती है भाजपा के उन कार्यकर्ताओं की है, जो आम तौर पर दिखाई नहीं देती है, लेकिन वो जमीन पर रहकर काम करते हैं। ये भाजपा को ताकत देते हैं, जनता के बीच काम करते हुए संगठन की शक्ति को और बढ़ाते हैं। अपने जीवन से, अपने आचरण से, अपने प्रयासों से वो जनता का दिल जीतने का काम अविरल करते रहते हैं। इन्हीं के प्रयासों से आज भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। आज आम जनमानस ये महसूस करता है भाजपा सरकार का मतलब है- राष्ट्र निर्माण के लिए सही नीति, साफ नीयत और सटीक निर्णय।
भाजपा आने का मतलब है- 'राष्ट्र प्रथम' नेशन फर्स्ट। भाजपा आने का मतलब है- देशहित से समझौता नहीं, देश की सुरक्षा सर्वोपरि। भाजपा आने का मतलब है- वंशवाद, परिवारवाद की राजनीति से मुक्ति। भाजपा आने का मतलब है- योग्यता को अवसर। भाजपा आने का मतलब है- पारदर्शिता, गुड गवर्नेंस। भाजपा यानि-'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास'। आज भाजपा भारत की विविधता की, अनेकता में एकता की प्रतीक बन गई है। हम हर क्षेत्र, हर भाषा, हर संप्रदाय और हर देशवासी को जोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। आज भाजपा से गरीब भी जुड़ा है, मध्यम वर्ग भी हमारे साथ है। हम शहर में भी हैं और गांव में भी हैं। बीजेपी आज नेशनल इंटरेस्ट की भी पार्टी है और क्षेत्रीय आकांक्षाओं की भी पार्टी है।

साथियो,
हमारे जो संस्कार हैं, हम राजनीतिक छुआछूत में विश्वास नहीं करते। इसलिए हम सरदार पटेल को समर्पित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर गर्व महसूस करते हैं। इसलिए हम बाबा साहब आंबेडकर के लिए पंचतीर्थ का निर्माण कर गर्व करते हैं। हम खुले दिल से भाजपा के घोर विरोधी रहे व्यक्तित्वों का भी सम्मान करते हैं, उन्हें सम्मान देते हैं। भारत रत्न से लेकर पद्म पुरस्कार, इसका उदाहरण है। पद्म पुरस्कारों में हमने जो बदलाव किए हैं, वो तो अपनेआप में पूरी एक गाथा है। वो तस्वीर कौन भूल सकता है। और उस तस्वीर को देखकर के कौन भावुक नहीं हो सकता। जब पैर में जूते नहीं होते हैं, और कोई वृद्ध मां राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करती है। ऐसा हम कैसे कर पाते हैं? Unknown लोगों को जिनके कार्य को पहचानना और इतने बड़े सम्मान से उनको जोड़ना। क्योंकि हम जड़ों से जुड़े रहते हैं। क्योंकि हम जमीन से जुड़े रहते हैं। पद्म पुरस्कार,सरकार का निर्णय तो है ही, लेकिन इस निर्णय के पीछे भाजपा की कार्यशैली और भाजपा के संस्कार है।

साथियो,
ये भाजपा ही है, जहां कार्यकर्ता, अपना तन-मन-धन देकर पार्टी की सेवा करते हैं। सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी के लिए अपना बलिदान दे चुके हैं। सैकड़ों कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतार दिया गया है। केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हमारे कार्यकर्ताओं को धमकियां दी जाती हैं, उन पर हमले होते हैं, उनके परिवार पर हमले होते हैं। लेकिन देश के लिए जीना मरना एक विचारधारा को लेकर अड़े रहना, डटे रहना यही तो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की विशेषता है। वहीं दूसरी तरफ वंशवाद और परिवारवाद का हश्र भी 21वीं सदी का भारत देख रहा है। स्थानीय आकांक्षाओं के सहारे जो स्थानीय पार्टियां खड़ी हुईं, बाद में वो भी एक परिवार की, एक-दो लोगों की पार्टियां बनकर रह गईं। नतीजा आज सामने है। ऐसी पार्टियों ने जो नकली सेकुलरिज़्म का नकाब पहन रखा था, वो भी उतरना शुरू हो गया है। सेकुलरिज़्म का हमारे यहां मतलब बना दिया गया है- कुछ ही लोगों के लिए योजनाएं, कुछ ही लोगों के लिए फ़ेवर, वोट बैंक के हिसाब से नीतियां। जो सब के लिए योजना बनाता है, सब के अधिकार की बात करता है, सब के लिए काम करता है। उसे ये लोग कम्यूनल कहते-कहते थकते नहीं हैं। लेकिन 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र ने आज इन परिभाषाओं को बदलना शुरू कर दिया है।

साथियों,
आज इस अवसर पर मैं बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता का ध्यान एक बहुत ही गंभीर चुनौती की तरफ भी ले जाना चाहता हूं। आपने देखा होगा, एक ऐसे प्रकार का सिलसिला शुरू हुआ है। एक नई प्रकार की व्यूह रचना सार्वजनिक जीवन में आई हो, वो क्या है? आज गलत नैरेटिव बनाए जाते हैं- कभी सीएए को लेकर, कभी कृषि कानूनों को लेकर, कभी लेबर लॉ को लेकर, बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता को समझना होगा कि इसके पीछे सोची-समझी राजनीति है, ये एक बहुत बड़ा षड़यंत्र है। इसका मतलब है देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना। इसलिए देश में तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जाती हैं, भ्रम फैलाए जाते हैं, झूठ फैलाया जाता है। काल्पनिक भय की मायाजाल खड़ी कर दी जाती है। कभी कहा जाता है संविधान बदल दिया जाएगा। कभी कहा जाता है आरक्षण समाप्त कर दिया जाएगा। कभी कहा जाता है, नागरिकता छीन ली जाएगी। कभी कहा जाता है किसानों की जमीन छीन ली जाएगी। ये सब कोरे झूठ होते हैं, लेकिन कुछ लोगों और संगठनों द्वारा इन्हें तेजी से फैलाया जाता है। हमें इस विषय में बहुत अधिक चौकन्ना रहने की जरूरत है। हमें बहुत जानकारी के साथ देशवासियों के बीच जाते रहना होगा, उन्हें जागरूक करते रहना होगा। ये काम कुछ लोग, जो ये अफवाहें फैलाने का काम करते हैं, नैरेटिव बदलने का काम करते हैं। काल्पनिक भय खड़ा करते हैं, ये जो कुछ लोग हैं, ज्यादातर तो वो हैं जो अपनी पराजय को स्वीकार न कर पाने की वजह से करते रहते हैं। कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से करते हैं। कुछ लोगों की भाजपा से जन्मजात दुश्मनी है, इसलिए करते हैं। लेकिन ये लोग ऐसे कार्य कर रहे हैं जो देश को बहुत लंबे समय तक नुकसान पहुंचाएगा। इसलिए बीजेपी के हर कार्यकर्ता को सतर्क रहना है, इन लोगों की सच्चाई से देश की जनता को सावधान करते रहना होगा।

साथियो,
हमारे शास्त्रों में कहा गया है- भवंति नम्रा: तरव: फल उद्गमै:।।
अर्थात्, जब फल आते हैं, तो वृक्ष झुक जाते हैं। यही मंत्र हमारे संगठन और पार्टी का भी है। हमें सत्ता-सफलता के साथ और नम्र होते रहना है और नम्र होना है, और सरल होना है। हमारे लिए सफलता का अर्थ है, नए संकल्पों की शुरुआत। हम कैसे देश के लिए कुछ नया कर सकते हैं, कैसे देश के प्रयासों का हिस्सा बन सकते हैं, इस दिशा में लगातार सोचना है।

साथियो,
आज जब देश आज़ादी के 75 साल पूरे करने जा रहा है, तो हमारी ये ज़िम्मेदारी और भी बड़ी हो जाती है। हमें अमृत महोत्सव को भी देश के प्रत्येक नागरिक तक लेकर जाना है। हर नागरिक को जोड़ना है। आज़ादी का अमृत महोत्सव अगले 25 वर्षों के लिए देश के लक्ष्य तय करने का अवसर भी है। देश के इन लक्ष्यों को पूरा करने में बहुत बड़ी भूमिका भाजपा, उसके कोटि-कोटि कार्यकर्ता, उन्हें विशेष रूप से निभानी ही चाहिए। इसलिए, हमें भी अपने अगले 25 वर्षों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने हैं। व्यक्तिगत भी और पार्टी की इकाई के लिए भी, हमारी पार्टी के भविष्य को, इन लक्ष्यों को पूरा करने की बड़ी ज़िम्मेदारी हमारे युवा कार्यकर्ताओं पर होगी।

साथियो,
भारत का जन-जन और देश का कण-कण हमारे लिए पवित्र है। उनकी सेवा हमारे लिए राष्ट्र सेवा है। सत्ता, हमारे लिए इस पवित्र राष्ट्र सेवा का एक माध्यम है। पद हमारे लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करने का दायित्व है। और हमारे लिए भाजपा कार्यकर्ता होना, सिर्फ दो शब्द नहीं हैं, ये हमारा जीवन मंत्र है।

साथियो,
अपनी बात समाप्त करने से पहले एक और बात, आप सभी को पता है कि
कल शाम को यानि 7 अप्रैल को शाम 7 बजे मैं परीक्षा पर चर्चा करूंगा। आप सभी इस चर्चा का हिस्सा बनें। याद रखिए- 7 अप्रैल, शाम 7 बजे। और मैं चाहूंगा, अधिक से अधिक परिवार, अधिक से अधिक विद्यार्थी-मित्र इस संवाद में जरूर जुड़ें। और उनसे भी मुझे कुछ फीडबैक मिले, आप भी अपने सुझाव भेजिए, ताकि ये परीक्षा पर चर्चा और भी समृद्ध होती रहे, हमारी नई पीढ़ी को ये बातें कुछ काम आती रहे, इसमें मुझे आपकी मदद मिल जाएगी। साथियों आप सभी स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें, इसी तरह देश सेवा करते रहें, इसी विश्वास, इसी शुभकामना के साथ फिर एक बार आज भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हुए आप सब को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।

वंदे मातरम्॥

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अजमेर से शुरू किया गया HPV वैक्सीनेशन अभियान, देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम: राजस्थान में पीएम मोदी
February 28, 2026
हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है : प्रधानमंत्री
आज मुझे अजमेर से राष्ट्रव्यापी HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने, कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने और युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ: प्रधानमंत्री
अजमेर से एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ है, यह अभियान देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है : प्रधानमंत्री
दो इंजन वाली सरकार राजस्थान की विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है : प्रधानमंत्री
हमारी सरकार का शुरू किया गया नदियों को जोड़ने का अभियान राजस्थान को काफी लाभ पहुंचाएगा : प्रधानमंत्री
राजस्थान में सूर्य की रोशनी की कोई कमी नहीं है, यही धूप आम आदमी के लिए बचत और आय का स्रोत बन रही है : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अहम भूमिका निभा रही है, इस योजना में राजस्थान का भविष्य बदलने की क्षमता है : प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।

मेरे साथ बोलिए –

तीर्थराज पुष्कर की जय।

तीर्थराज पुष्कर की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।

भगवान झूलेलाल जी की जय।

मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।

साथियों,

अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।

साथियों,

कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।

साथियों,

भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।

साथियों,

हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।

साथियों,

हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।

साथियों,

गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।

और साथियों,

जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।

साथियों,

जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।

साथियों,

राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।

साथियों,

हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,

आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।

साथियों,

कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।

राजस्थान के मेरे वीरों,

इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।

साथियों,

राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

साथियों,

हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।

साथियों,

भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।

साथियों,

आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।

साथियों,

विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।